
NEET धांधली पर सड़कों पर उतरे छात्र, दिल्ली में पुलिस से झड़प के बाद मचा बवाल
संसद मार्च के दौरान NEET पेपर लीक और शिक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार के खिलाफ छात्रों का आक्रोश फुटपाथों पर छलक पड़ा। पुलिस के साथ हुई भीषण झड़प में कई प्रदर्शनकारी बेहोश हो गए, जबकि कई छात्र रोते-बिलखते नज़र आए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियोज़ देश की भावी पीढ़ी के इस संघर्ष और दर्द को बयां कर रहे हैं।
संसद मार्च के दौरान NEET पेपर लीक और शिक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार के खिलाफ छात्रों का आक्रोश फुटपाथों पर छलक पड़ा। पुलिस के साथ हुई भीषण झड़प में कई प्रदर्शनकारी बेहोश हो गए, जबकि कई छात्र रोते-बिलखते नज़र आए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियोज़ देश की भावी पीढ़ी के इस संघर्ष और दर्द को बयां कर रहे हैं।
जब देश का भविष्य सड़कों पर रो पड़ा
सोमवार को राजधानी दिल्ली की सड़कें एक अभूतपूर्व और दिल दहला देने वाले मंज़र की गवाह बनीं। CJP (सिटीज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस) के नेतृत्व में हज़ारों छात्र NEET-UG परीक्षा में हुई धांधली और शिक्षा व्यवस्था में पनपते भ्रष्टाचार के विरोध में संसद भवन की ओर बढ़े। जो हाथ कल तक किताबों के पन्ने पलट रहे थे, आज वे इंसाफ की मांग तख्तियों पर लिखे सड़कों पर खड़े थे। लेकिन यह मार्च जैसे ही आगे बढ़ा, माहौल तनावपूर्ण होता चला गया।
बैरिकेड्स पर टूटी उम्मीदें और बिखरी चप्पलें
संसद की तरफ बढ़ते छात्रों के हुजूम को रोकने के लिए पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए थे। बैरिकेड्स पर जैसे ही प्रदर्शनकारियों और पुलिस बल का आमना-सामना हुआ, स्थिति बेकाबू हो गई। तीखी झड़पों और धक्का-मुक्की के बीच सड़कों का दृश्य किसी युद्धक्षेत्र जैसा प्रतीत होने लगा।
भागदौड़ के बीच ज़मीन पर बिखरी सैकड़ों चप्पलें उस अफरा-तफरी की गवाही दे रही थीं, जो वहां कुछ ही पलों में पैदा हो गई। कई युवा छात्र-छात्राएं अपनी मांगों को लेकर रोते हुए दिखे, तो वहीं कुछ प्रदर्शनकारी धक्का-मुक्की और भीषण गर्मी के कारण बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़े।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई बेबस चेहरों की चीख
घटनास्थल के वीडियो जंगल की आग की तरह सोशल मीडिया पर फैल गए। इन वीडियोज़ में पुलिस कर्मियों और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच हाथापाई, चीख-पुकार और बेबसी साफ देखी जा सकती है। इंटरनेट पर वायरल हो रहे ये दृश्य सिर्फ एक प्रदर्शन की तस्वीरें नहीं हैं, बल्कि यह उन लाखों युवाओं के गुस्से का प्रतीक हैं जो महीनों-साल कड़ी मेहनत के बाद भी धांधली और पेपर लीक के दंश को झेलने पर मजबूर हैं।
भ्रष्टाचार के खिलाफ उठती एक सख्त आवाज़
छात्रों का साफ तौर पर कहना है कि जब तक परीक्षा प्रणाली पारदर्शी नहीं होती और NEET घोटाले के दोषियों को सख्त सजा नहीं मिलती, उनका संघर्ष थमने वाला नहीं है। दिल्ली के इस संसद मार्च ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग अब महज़ एक बहस नहीं, बल्कि सड़कों पर उतर चुका एक बड़ा जनाक्रोश बन चुकी है।

दिल्ली में गर्माया माहौल: अभिजीत दीपके की नई शर्त, बातचीत के लिए जंतर-मंतर आए सरकार
नीट और पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े सीजेपी मुखिया अभिजीत दीपके ने सरकार के सामने नई शर्त रखी है। दिल्ली में प्रदर्शन के बीच उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर सरकार या पुलिस बातचीत चाहती है, तो अधिकारियों को खुद जंतर-मंतर आना होगा।
खबर का निचोड़
नीट और पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े सीजेपी मुखिया अभिजीत दीपके ने सरकार के सामने नई शर्त रखी है। दिल्ली में प्रदर्शन के बीच उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर सरकार या पुलिस बातचीत चाहती है, तो अधिकारियों को खुद जंतर-मंतर आना होगा।
विरोध का केंद्र बना जंतर-मंतर
देश भर में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के मामलों ने छात्रों और युवाओं के आक्रोश को भड़का दिया है। राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर बड़े आंदोलन का गवाह बन रहा है। सेंट्रल फॉर जस्टिस एंड प्रोग्रेस (सीजेपी) के कार्यकर्ता और छात्र संगठन पिछले कई दिनों से सड़कों पर उतरकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस राष्ट्रव्यापी विरोध के बीच माहौल तब और तनावपूर्ण हो गया जब सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन के सामने अपनी बात रखी।
'वार्ता चाहिए तो मंच पर आएं अफसर'
अभिजीत दीपके ने दो टूक शब्दों में कहा है कि वे अब बंद कमरों या प्रशासनिक दफ्तरों में कोई बातचीत नहीं करेंगे। यदि सरकार, प्रशासन या पुलिस का कोई भी प्रतिनिधि आंदोलनकारियों से संवाद स्थापित करना चाहता है, तो उन्हें खुद जंतर-मंतर पर उपस्थित होना पड़ेगा। दीपके का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पुलिस प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने और आंदोलन को समाप्त कराने की कोशिशों में जुटा है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा सीजेपी
सीजेपी का स्पष्ट मानना है कि बार-बार होते पेपर लीक और परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की सीधी जिम्मेदारी केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की है। छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है और जब तक शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक यह लड़ाई थमने वाली नहीं है। दीपके ने चेतावनी दी है कि बातचीत का रास्ता खुला है, लेकिन उसकी जगह और शर्तें अब छात्र तय करेंगे।
प्रशासन के सामने बढ़ी चुनौती
जंतर-मंतर पर जुट रही भीड़ और दीपके के इस आक्रामक रुख ने दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था चुस्त कर दी गई है और पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार दीपके की इस शर्त को मानकर जंतर-मंतर पर अपना प्रतिनिधि भेजेगी या फिर यह गतिरोध और लंबा खिंचेगा।

छात्रों पर लाठीचार्ज तानाशाही की निशानी: ममता बनर्जी का केंद्र पर तीखा हमला
दिल्ली में सीजेपी (CJP) के संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए सवाल उठाया कि आखिर सरकार अपने ही देश के युवाओं और छात्रों से क्यों डर रही है।
खबर का निचोड़
दिल्ली में सीजेपी (CJP) के संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए सवाल उठाया कि आखिर सरकार अपने ही देश के युवाओं और छात्रों से क्यों डर रही है।
संसद मार्च में बवाल: छात्रों पर पुलिस का एक्शन
देश की राजधानी दिल्ली में उस वक्त सियासत गरमा गई जब ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन और अन्य छात्र संगठनों से जुड़े युवाओं ने अपनी मांगों को लेकर संसद की ओर मार्च निकालना शुरू किया। शांतिपूर्ण प्रदर्शन का दावा कर रहे छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने सख्त रुख अपनाया। देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए और पुलिस को लाठीचार्ज के साथ-साथ आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े। इस घटना में कई छात्रों के घायल होने की खबर है, जिसके बाद से ही राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी का दौर तेज हो गया है।
"सवाल पूछने पर लाठी और आंसू गैस क्यों?"
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना की पुरजोर शब्दों में निंदा की है। पुलिस की इस कार्रवाई को 'बर्बरता' करार देते हुए उन्होंने सरकार की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े किए।
ममता बनर्जी ने तीखा प्रहार करते हुए कहा, "यह कैसी सरकार है जो अपने ही छात्रों से डरती है? लोकतंत्र में जनता और छात्रों को अपनी आवाज उठाने का पूरा अधिकार है। लेकिन यह कैसा लोकतंत्र है जहां बातचीत के जरिए मसले सुलझाने के बजाय, युवाओं के जायज सवालों का जवाब लाठियों और आंसू गैस से दिया जा रहा है?"
लोकतंत्र की नींव पर चोट
ममता बनर्जी का मानना है कि छात्र देश का भविष्य हैं और उनकी आवाज को दबाना सीधे तौर पर लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार को अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करना चाहिए और तानाशाही रवैया छोड़कर युवाओं के साथ संवाद कायम करना चाहिए।
छात्र प्रदर्शन पर हुई इस सख्त कार्रवाई के बाद देश के अन्य विपक्षी नेताओं ने भी सरकार की नीतियां और दिल्ली पुलिस के रवैये पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। राजधानी में हुई इस घटना ने अब एक बड़े राष्ट्रीय और राजनीतिक मुद्दे का रूप ले लिया है।

प्रोटेस्ट से हल नहीं निकलेगा': NEET-UG लीक पर हेमा मालिनी
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच भाजपा सांसद हेमा मालिनी का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने से समाधान नहीं निकलेगा, बल्कि बातचीत ही सही रास्ता है। साथ ही उन्होंने मोदी सरकार द्वारा युवाओं के हित में लगातार काम करने का भरोसा दिया।
खबर का निचोड़
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच भाजपा सांसद हेमा मालिनी का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने से समाधान नहीं निकलेगा, बल्कि बातचीत ही सही रास्ता है। साथ ही उन्होंने मोदी सरकार द्वारा युवाओं के हित में लगातार काम करने का भरोसा दिया।
नीट विवाद के बीच हेमा मालिनी की नसीहत
देश के सबसे बड़े मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 में सामने आई कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों ने लाखों छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मुद्दे को लेकर पूरे देश में छात्रों और युवाओं का आक्रोश देखने को मिल रहा है। जगह-जगह विरोध प्रदर्शन और सड़कों पर उतरकर जवाब मांगने का सिलसिला जारी है।
इसी गर्माए माहौल के बीच मथुरा से भारतीय जनता पार्टी की सांसद और अभिनेत्री हेमा मालिनी की प्रतिक्रिया आई है, जिसने इस बहस को एक नया मोड़ दे दिया है।
"सड़क पर उतरने के बजाय संवाद का रास्ता चुनें"
NEET-UG परीक्षा में धांधली के खिलाफ जारी प्रदर्शनों पर अपनी बात रखते हुए हेमा मालिनी ने साफ़ कहा कि आंदोलनों और प्रोटेस्ट से किसी भी समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। उनका मानना है कि जब भी कोई विवाद या समस्या उत्पन्न होती है, तो उसके लिए मेज पर बैठकर सार्थक चर्चा की जानी चाहिए।
> "अगर कोई समस्या है, तो प्रोटेस्ट करने के बजाय अच्छी तरह बातचीत करनी चाहिए।" — हेमा मालिनी
>
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल विरोध जताने से परिस्थितियां नहीं बदलतीं, बल्कि सही मंच पर अपनी बात रखकर समाधान निकाला जा सकता है।
युवा और सरकार का भरोसा
देशभर के छात्रों में फैलते असंतोष के बीच बीजेपी सांसद ने केंद्र सरकार का पक्ष भी मजबूती से रखा। उन्होंने युवाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार हमेशा देश के छात्रों और युवाओं के साथ खड़ी रही है। सरकार युवाओं की चिंताओं को समझती है और उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
हेमा मालिनी के इस बयान के बाद राजनीति और छात्र संगठनों के बीच चर्चाएं और तेज हो गई हैं। एक तरफ जहां छात्र लगातार पारदर्शी जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सत्ता पक्ष की ओर से शांति और बातचीत के जरिए राह निकालने का सुझाव दिया जा रहा है।

नीट लीक मामला: धर्मेंद्र प्रधान के बचाव में उतरे आठवले, सोनम वांगचुक से अनशन तोड़ने की अपील
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने स्पष्ट किया है कि नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की कोई आवश्यकता नहीं है। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जा चुकी है। इसके साथ ही आठवले ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अपना अनशन समाप्त करने का आग्रह भी किया।
खबर का निचोड़
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने स्पष्ट किया है कि नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की कोई आवश्यकता नहीं है। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जा चुकी है। इसके साथ ही आठवले ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अपना अनशन समाप्त करने का आग्रह भी किया।
कार्रवाई पूरी, फिर इस्तीफा क्यों?
नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में जारी राजनीतिक घमासान के बीच केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले का बड़ा बयान सामने आया है। विपक्ष द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की लगातार की जा रही मांग को आठवले ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
आठवले ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस पूरे मामले में सरकार ने त्वरित और कड़ा कदम उठाया है। जब धांधली और गड़बड़ी में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा चुकी है, तो ऐसे में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का कोई औचित्य नहीं बनता। सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं गया है।
भविष्य में रुकेगी धांधली: सरकार का भरोसा
देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक में हुई इस गड़बड़ी से लाखों परीक्षार्थियों का भविष्य दांव पर लग गया था। इस मुद्दे पर सरकार की मंशा साफ करते हुए केंद्रीय मंत्री ने भरोसा जताया कि केंद्र सरकार भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठा रही है।
परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और फुलप्रूफ बनाने के लिए आवश्यक सुधार किए जा रहे हैं, ताकि किसी भी होनहार छात्र के हक पर डाका न डाला जा सके।
सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील
अपने बयान में रामदास आठवले ने लद्दाख के प्रमुख पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के मुद्दे पर भी बात की। वांगचुक द्वारा अपनी मांगों को लेकर किए जा रहे अनशन का जिक्र करते हुए आठवले ने उनसे अपना आंदोलन समाप्त करने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि सरकार देश के हर नागरिक और क्षेत्र की समस्याओं के प्रति गंभीर है। बातचीत और सकारात्मक संवाद के जरिए सभी मुद्दों का हल निकाला जा सकता है, इसलिए वांगचुक को अपना अनशन खत्म कर देना चाहिए।
राजनीतिक सरगर्मी तेज
आठवले का यह बयान ऐसे समय में आया है जब नीट पेपर लीक मुद्दे पर संसद से लेकर सड़कों तक विपक्ष सरकार को घेरने में जुटा है। शिक्षा मंत्रालय पर उठ रहे सवालों के बीच सत्ता पक्ष के मंत्रियों का खुलकर बचाव में आना यह दर्शाता है कि सरकार अपनी कार्रवाई से पूरी तरह आश्वस्त है। आठवले के इस बयान के बाद अब इस मामले में राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
Delight News
निष्पक्ष पत्रकारिता, सटीक विश्लेषण
Delight News परिवार से जुड़ें
ताजा खबरों के सबसे तेज नोटिफिकेशन, निर्बाध वीडियो स्ट्रीमिंग और शानदार यूज़र इंटरफेस के साथ देश-दुनिया के लाइव अपडेट्स सीधे अपने mobile पर पाने के लिए हमारा Delight News Android App डाउनलोड करें।
हमारा आधिकारिक एंड्रॉइड एप्लिकेशन Google Play Store पर बहुत जल्द लाइव होने जा रहा है। अपडेट मिलते ही डाउनलोड लिंक यहाँ उपलब्ध करा दी जाएगी।