
सीजेपी प्रदर्शन पर पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ पीएम आवास पहुंचे राहुल-प्रियंका, मांगा इस्तीफा
सीजेपी (CJP) प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस पार्टी का शीर्ष नेतृत्व सड़कों पर उतर आया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और केसी वेणुगोपाल समेत वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और पीएम नरेंद्र मोदी व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
खबर का निचोड़
सीजेपी (CJP) प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस पार्टी का शीर्ष नेतृत्व सड़कों पर उतर आया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और केसी वेणुगोपाल समेत वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और पीएम नरेंद्र मोदी व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
दिल्ली की सड़कों पर सियासी तपिश: पीएम आवास के बाहर गूंजे नारे
राजधानी दिल्ली में मंगलवार को राजनीतिक हलचल अचानक बढ़ गई, जब कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता प्रधानमंत्री आवास का घेराव करने पहुंच गए। सीजेपी (CJP) प्रोटेस्ट के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई से आक्रोशित कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सड़क पर बैठकर नेताओं ने कड़ा विरोध जताया और केंद्र सरकार की नीतियों तथा पुलिस प्रशासन के रवैये की तीखी आलोचना की।
कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व एक साथ सड़क पर
इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल जैसे कद्दावर नेताओं ने की। नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक प्रदर्शनकारियों के अधिकारों की रक्षा नहीं होती और पुलिसिया कार्रवाई के जिम्मेदार लोगों पर एक्शन नहीं लिया जाता, तब तक वे चुप बैठने वाले नहीं हैं।
वरिष्ठ नेताओं के एक साथ सड़क पर उतरने से पुलिस प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के हाथ-पांव फूल गए। पीएम आवास के आसपास सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया गया और इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया।
'मोदी तेरी गुंडागर्दी नहीं चलेगी'—नारेबाजी से गूंजा परिसर
प्रदर्शन के दौरान माहौल पूरी तरह से गर्मा गया। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत तमाम नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां थीं और उनके नारों में तीखा आक्रोश झलक रहा था।
विरोध के दौरान 'नरेंद्र मोदी इस्तीफा दो', 'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो' और 'मोदी तेरी गुंडागर्दी नहीं चलेगी' जैसे तीखे नारे गूंजते रहे। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह से असंवैधानिक है और सरकार जनता की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
पुलिसिया कार्रवाई पर तीखे सवाल
कांग्रेस नेताओं ने इस मामले पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। सीजेपी प्रदर्शनकारियों पर जिस तरह से बल प्रयोग किया गया, उसने सरकार के तानाशाही रवैये को उजागर कर दिया है।
पार्टी का कहना है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए और प्रधानमंत्री को भी इस पूरी कार्रवाई पर जवाब देना होगा।

NEET पेपर लीक महापाप: पीएम मोदी का दोषियों पर सख्त एक्शन का ऐलान
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। एनडीए संसदीय दल की बैठक में उन्होंने इसे 'घोर पाप' करार देते हुए 13 आरोपियों के गैंग को सख्त सजा दिलाने की बात कही। पीएम ने सभी हितधारकों के साथ मिलकर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने का भी संकल्प लिया।
खबर का निचोड़:
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। एनडीए संसदीय दल की बैठक में उन्होंने इसे 'घोर पाप' करार देते हुए 13 आरोपियों के गैंग को सख्त सजा दिलाने की बात कही। पीएम ने सभी हितधारकों के साथ मिलकर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने का भी संकल्प लिया।
एनडीए बैठक में गरमाया पेपर लीक का मुद्दा
देशभर के लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़े NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले ने अब देश के शीर्ष राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। मंगलवार को आयोजित एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी बात रखी। पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि छात्रों की मेहनत से खिलवाड़ करने वाली यह हरकत किसी महापाप से कम नहीं है।
13 आरोपियों के गैंग पर गिरेगी गाज
प्रधानमंत्री ने इस धांधली में शामिल 13 आरोपियों के गिरोह का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने साफ किया कि जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की परतें खोल रही हैं और कानून के तहत इन दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। पीएम का संदेश स्पष्ट था कि देश की परीक्षा प्रणाली की साख और युवाओं के भरोसे को तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सीजेपी के संसद मार्च के बाद बढ़ा राजनीतिक तापमान
NEET परीक्षा में हुई अनियमितताओं को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। सीजेपी (CJP) द्वारा किए गए संसद मार्च के तुरंत बाद प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी सामने आई है। संसद से लेकर सड़कों तक इस मुद्दे पर जारी घमासान के बीच पीएम मोदी के इस बयान को सरकार के कड़े और स्पष्ट रुख के रूप में देखा जा रहा है।
भविष्य के लिए मजबूत और पारदर्शी सिस्टम की तैयारी
केवल दोषियों को सजा देना ही इस समस्या का अंतिम समाधान नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया कि भविष्य में किसी भी प्रतिस्पर्धी परीक्षा का पेपर लीक न हो, इसके लिए एक मजबूत और अभेद्य व्यवस्था तैयार करनी होगी। उन्होंने सभी हितधारकों (स्टेकहोल्डर्स), शिक्षाविदों और प्रशासनिक अधिकारियों को एकजुट होकर एक ऐसा फुलप्रूफ तंत्र बनाने का आह्वान किया, जिससे परीक्षाओं की पारदर्शिता और पवित्रता पूरी तरह सुरक्षित रहे।
> NEET-UG परीक्षा की तैयारी में छात्र सालों की कड़ी मेहनत और समर्पण लगाते हैं। इस तरह की धांधली न केवल उनके सपनों पर पानी फेरती है, बल्कि पूरी प्रशासनिक प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। सरकार अब इस पूरे ढांचे को पारदर्शी बनाने के लिए निर्णायक कदम उठा रही है।
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दिल्ली पुलिस मुख्यालय की सुरक्षा बढ़ाई गई, कार्यकर्ताओं की हिरासत पर छिड़ा विवाद
दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर अचानक बढ़ाई गई सुरक्षा ने सियासी गलियारों से लेकर आम लोगों के बीच हलचल तेज कर दी है। यह पूरा मामला एक तीखे दावे और उसके तुरंत बाद आए खंडन के बाद गर्माया है, जिससे राजधानी में तनाव का माहौल बन गया है।
दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर अचानक बढ़ाई गई सुरक्षा ने सियासी गलियारों से लेकर आम लोगों के बीच हलचल तेज कर दी है। यह पूरा मामला एक तीखे दावे और उसके तुरंत बाद आए खंडन के बाद गर्माया है, जिससे राजधानी में तनाव का माहौल बन गया है।
CJP का सनसनीखेज दावा और पुलिस का पलटवार
हाल ही में सिटिज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) संगठन की ओर से एक बड़ा दावा सामने आया। संगठन ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने उनके कई कार्यकर्ताओं को बिना किसी ठोस कारण के हिरासत में ले रखा है। इस दावे के सामने आते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए तुरंत प्रभाव से दिल्ली पुलिस मुख्यालय की सुरक्षा को कई गुना कड़ा कर दिया गया। मुख्यालय के चारों ओर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई और आने-जाने वाले हर व्यक्ति पर कड़ी नजर रखी जाने लगी।
हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस दावे पर बिल्कुल भी देर नहीं लगाई और पूरी दृढ़ता के साथ इसका खंडन किया। पुलिस अधिकारियों का साफ तौर पर कहना है कि CJP के किसी भी कार्यकर्ता को न तो हिरासत में लिया गया है और न ही पुलिस थाने में बैठाया गया है। पुलिस का यह भी दावा है कि संगठन की ओर से फैलाए जा रहे ये आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद और स्थिति को भड़काने वाले हैं।
क्या है इस पूरे विवाद के पीछे की असल वजह?
राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही संवेदनशील मानी जाती है, ऐसे में किसी संगठन द्वारा पुलिस पर इस तरह के गंभीर आरोप लगाना और उसके बाद मुख्यालय की सुरक्षा का अचानक बढ़ा-बढ़ा जाना कई बड़े सवाल खड़े करता है। एक तरफ जहां CJP अपने कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर चिंतित दिखाई दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस अपनी साख बचाने और कानून-व्यवस्था को नियंत्रित रखने के लिए पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही है।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि राजधानी में ज़रा सी अफवाह या सनसनीखेज दावा किस तरह प्रशासनिक तंत्र में हलचल पैदा कर सकता है। फिलहाल, दिल्ली पुलिस मुख्यालय के आसपास स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन इस तीखी बयानबाजी के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव अभी भी बना हुआ है।

AAP ने की CJP प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा, हेल्पलाइन नंबर किया जारी
संसद भवन की ओर मार्च कर रहे CJP प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज पर आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने तीखा हमला बोला है। AAP ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए पीड़ितों के लिए कानूनी और मेडिकल मदद की खातिर हेल्पलाइन नंबर 85-888-33548 जारी किया है।
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संसद भवन की ओर मार्च कर रहे CJP प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज पर आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने तीखा हमला बोला है। AAP ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए पीड़ितों के लिए कानूनी और मेडिकल मदद की खातिर हेल्पलाइन नंबर 85-888-33548 जारी किया है।
दिल्ली की सड़कों पर हंगामा: संसद मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में टकराव
राजधानी दिल्ली में संसद तक शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे CJP प्रदर्शनकारियों पर पुलिस का कड़ा रुख देखने को मिला। अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने बल प्रयोग किया और उन पर लाठीचार्ज कर दिया। अचानक हुए इस घटनाक्रम के बाद मौके पर भगदड़ मच गई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस के इस कदम के बाद राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी तेज हो गई है और सरकार व पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
"आप हमारे बच्चे हैं": केजरीवाल ने बढ़ाया मदद का हाथ
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस कार्रवाई की कड़े शब्दों में आलोचना की। प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए केजरीवाल ने उन्हें हिम्मत बंधाई और एक अभिभावक की तरह खड़े होने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा, "आप सब हमारे बच्चे हैं। आपको घबराने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं है। इस कठिन समय में हम पूरी तरह आपके साथ हैं।"
केजरीवाल के इस बयान से स्पष्ट है कि पार्टी इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच आक्रामक रुख अपनाने के मूड में है और प्रदर्शनकारियों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए उनके साथ खड़ी है।
कानूनी और मेडिकल सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
प्रदर्शन के दौरान घायल हुए लोगों और पुलिस कार्रवाई का सामना कर रहे युवाओं को तत्काल राहत पहुँचाने के लिए आम आदमी पार्टी ने एक विशेष हेल्पलाइन सेवा शुरू की है। पार्टी की ओर से 85-888-33548 नंबर सार्वजनिक किया गया है।
इस हेल्पलाइन के माध्यम से प्रभावित प्रदर्शनकारियों को दो मुख्य क्षेत्रों में त्वरित मदद मुहैया कराई जाएगी:
मेडिकल सहायता: लाठीचार्ज में घायल हुए लोगों को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य सुविधाओं और इलाज में सहयोग।
कानूनी मदद: हिरासत में लिए गए या पुलिस कार्रवाई का सामना कर रहे प्रदर्शनकारियों को वकीलों की टीम द्वारा कानूनी सलाह और सहायता।
लोकतंत्र में असहमति की आवाज दबाने का आरोप
आम आदमी पार्टी ने पुलिस की इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और बल प्रयोग करके जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। दिल्ली पुलिस द्वारा उठाए गए इस सख्त कदम ने एक बार फिर राजधानी में नागरिकों के प्रदर्शन करने के अधिकार और पुलिस प्रशासन की जवाबदेही पर बड़ी बहस छेड़ दी है।

अब कोई मार्च नहीं निकालेंग'': अभिजीत दीपके का बड़ा एलान, बताई यह वजह
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भविष्य में कोई भी प्रदर्शन या मार्च न निकालने की घोषणा की है। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर 'संसद मार्च' के दौरान छात्रों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग और बर्बरता का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दोबारा मार्च निकालने से निर्दोष युवाओं पर फिर पुलिसिया कार्रवाई होगी।
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कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भविष्य में कोई भी प्रदर्शन या मार्च न निकालने की घोषणा की है। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर 'संसद मार्च' के दौरान छात्रों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग और बर्बरता का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दोबारा मार्च निकालने से निर्दोष युवाओं पर फिर पुलिसिया कार्रवाई होगी।
विरोध प्रदर्शन पर लगा विराम
हालिया 'संसद मार्च' के बाद उपजे विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि उनका संगठन अब आगे से किसी भी तरह का मार्च या जन-प्रदर्शन आयोजित नहीं करेगा। इस घोषणा के साथ ही संगठन के आंदोलन की दिशा को लेकर उठ रहे सवालों पर फिलहाल विराम लग गया है।
पुलिसिया बर्बरता का आरोप
अभिजीत दीपके ने अपने इस फैसले के पीछे का कारण बताते हुए पुलिस प्रशासन की मंशा और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सोमवार को आयोजित 'संसद मार्च' के दौरान पुलिस ने छात्रों और युवाओं पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया। दीपके के मुताबिक, शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे युवाओं पर पुलिस ने जिस तरह की बर्बरता दिखाई, वह बेहद चिंताजनक है।
युवाओं की सुरक्षा प्राथमिकता
संगठन के भविष्य के कदमों पर बात करते हुए दीपके ने स्पष्ट किया कि वे अपने समर्थकों और युवाओं को दोबारा किसी खतरे में नहीं डालना चाहते। उनका मानना है कि यदि संगठन फिर से कोई मार्च निकालता है, तो पुलिस एक बार फिर युवाओं को अपना निशाना बनाएगी और उनके साथ मारपीट करेगी। युवाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ही आंदोलन के इस रास्ते को रोकने का फैसला किया गया है।
आगे का रुख और सवाल
संसद मार्च में हुए घटनाक्रम के बाद से ही क्षेत्र में तनाव और चर्चा का माहौल है। अभिजीत दीपके के इस बयान ने अब पुलिस की कार्रवाई और प्रशासन के रवैये पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि संगठन ने सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराने का रास्ता बंद कर दिया है, लेकिन देखना यह होगा कि अपनी मांगों को उठाने के लिए कॉकरोच जनता पार्टी अब कौन सी नई रणनीति अपनाती है।
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