
आमिर खान की तीसरी शादी: 'दुआएं दें कि हम खुश रहें'
अभिनेता आमिर खान 5 जुलाई को अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट के साथ शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। एक हालिया इवेंट में आमिर ने खुद इस खबर की पुष्टि करते हुए इसे बेहद निजी पारिवारिक समारोह बताया। इस खास मौके पर उनके बड़े बेटे जुनैद खान भी उनके साथ मौजूद थे।
अभिनेता आमिर खान 5 जुलाई को अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट के साथ शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। एक हालिया इवेंट में आमिर ने खुद इस खबर की पुष्टि करते हुए इसे बेहद निजी पारिवारिक समारोह बताया। इस खास मौके पर उनके बड़े बेटे जुनैद खान भी उनके साथ मौजूद थे।
नए सफर की शुरुआत
बॉलीवुड के 'मिस्टर परफेक्टनिस्ट' यानी आमिर खान एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में हैं। अपनी बेहतरीन अदाकारी और सधे हुए किरदारों से दर्शकों का दिल जीतने वाले आमिर अब अपनी जिंदगी का एक नया अध्याय शुरू करने जा रहे हैं। वह अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट के साथ शादी करने जा रहे हैं, जिसकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। लंबे समय से चल रही कयासबाजियों पर विराम लगाते हुए खुद अभिनेता ने इस बात पर पक्की मुहर लगा दी है।
घर पर ही होगी बेहद प्राइवेट वेडिंग
एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान आमिर खान ने अपनी शादी की योजनाओं को खुलकर साझा किया। उन्होंने बताया कि यह विवाह समारोह पूरी तरह से निजी और सादगी से भरपूर होगा। किसी बड़े आलीशान वेन्यू या डेस्टिनेशन वेडिंग के बजाय, यह शादी घर पर ही संपन्न की जाएगी। आमिर का मानना है कि यह उनके जीवन का बेहद भावुक और महत्वपूर्ण पल है, जिसे वह बेहद करीबी लोगों के बीच ही रखना चाहते हैं।
अपनों का साथ और दुआओं की चाह
इस शादी में दोनों परिवारों के सदस्य और कुछ चुनिंदा दोस्त ही शिरकत करेंगे। अपनी खुशी जाहिर करते हुए आमिर ने फैंस और शुभचिंतकों से एक खास अपील भी की। उन्होंने कहा कि यह दिन हमारे लिए बहुत खास है। बस आप सभी दुआएं दें कि हम अपनी इस नई पारी में हमेशा खुश रहें। आमिर जब मीडिया के सामने अपनी जिंदगी के इस बड़े फैसले का जिक्र कर रहे थे, तब उनके बड़े बेटे जुनैद खान भी वहां मौजूद थे, जो अपने पिता के इस फैसले में उनके साथ खड़े नजर आए।
जिंदगी को दूसरा मौका
यह आमिर खान की तीसरी शादी है। इससे पहले रीना दत्ता और किरण राव के साथ उनके रिश्ते एक मोड़ पर आकर खत्म हो चुके हैं, लेकिन दोनों ही पूर्व पत्नियों के साथ आमिर के संबंध आज भी बेहद सौहार्दपूर्ण हैं। अक्सर पारिवारिक आयोजनों में सभी को एक साथ देखा जाता रहा है। अब गौरी स्प्रैट के रूप में आमिर की जिंदगी में एक नए हमसफर का आगमन हो रहा है। फैंस को उम्मीद है कि आमिर खान की जिंदगी का यह नया सफर उनके लिए ढेर सारी खुशियां और सुकून लेकर आएगा।

खामेनेई के जनाजे पर बमबारी का बयान: लॉरा लूमर के ट्वीट से अंतरराष्ट्रीय हड़कंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की प्रमुख सहयोगी और दक्षिणपंथी कार्यकर्ता लॉरा लूमर ने ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के जनाजे के दौरान एकत्रित भीड़ पर बम गिराने की वकालत की है। 'जिहादियों पर हमले' वाले इस तीखे और आक्रामक बयान ने सोशल मीडिया से लेकर वैश्विक राजनयिक हलकों में भारी विवाद खड़ा कर दिया है।
खबर का निचोड़:
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की प्रमुख सहयोगी और दक्षिणपंथी कार्यकर्ता लॉरा लूमर ने ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के जनाजे के दौरान एकत्रित भीड़ पर बम गिराने की वकालत की है। 'जिहादियों पर हमले' वाले इस तीखे और आक्रामक बयान ने सोशल मीडिया से लेकर वैश्विक राजनयिक हलकों में भारी विवाद खड़ा कर दिया है।
एक ट्वीट और वैश्विक राजनीति में उबाल
अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बयानों के तीर अक्सर चलते हैं, लेकिन कुछ बयान सीधे बारूद का काम करते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की कट्टर समर्थक और मुखर दक्षिणपंथी नेता लॉरा लूमर ने एक बार फिर ऐसा ही कुछ किया है। ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के निधन के बाद उनके जनाजे की तस्वीरों को लेकर लूमर ने एक बेहद संवेदनशील और आक्रामक टिप्पणी की है। लूमर ने खुले तौर पर जनाजे में जुटी भीड़ को निशाना बनाने की बात कहकर वैश्विक स्तर पर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।
'मौका चूकना नहीं चाहिए'—लॉरा लूमर का आक्रामक रुख
अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान ईरान की सड़कों पर लाखों लोगों का हुजूम उमड़ा था। इसी भीड़ की एक तस्वीर को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लॉरा लूमर ने लिखा कि जब भी 'जिहादियों' पर बम गिराने का ऐसा कोई मौका मिले, तो उसे बिल्कुल नहीं चूकना चाहिए। लूमर का इशारा साफ तौर पर जनाजे में शामिल लाखों लोगों की तरफ था, जिन्हें उन्होंने चरमपंथी और अमेरिकी हितों का दुश्मन करार दिया। इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया दो धड़ों में बंट गया और उनकी इस भाषा की तीव्र आलोचना शुरू हो गई।
ट्रंप प्रशासन और लूमर के रिश्तों पर उठते सवाल
लॉरा लूमर कोई साधारण सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नहीं हैं, बल्कि उन्हें अमेरिकी राजनीति में राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के बेहद करीबी और वफादार सहयोगियों में गिना जाता है। ऐसे में उनके इस बयान को महज एक व्यक्तिगत टिप्पणी मानकर खारिज नहीं किया जा सकता। विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयानों से मध्य पूर्व में अमेरिका की विदेश नीति और राजनयिक संबंधों पर बेहद नकारात्मक असर पड़ सकता है। हालांकि, ट्रंप खेमे की ओर से अभी तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या दूरी बनाने जैसी कोशिश नहीं देखी गई है।
मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने की आशंका
ईरान और अमेरिका के रिश्ते पहले ही बेहद नाजुक दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे समय में ईरान के सबसे बड़े धार्मिक और राजनीतिक नेता के जनाजे को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति की सहयोगी द्वारा दी गई यह धमकी आग में घी डालने जैसी है। ईरान के भीतर इस बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, और इसे ईरानी संप्रभुता तथा जनभावनाओं पर सीधा हमला माना जा रहा है। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी से दोनों देशों के बीच सैन्य मोर्चे पर तनाव और अधिक गहरा सकता है।
खामेनेई के जनाजे पर बमबारी का बयान: लॉरा लूमर के ट्वीट से अंतरराष्ट्रीय हड़कंप
खबर का निचोड़:
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की प्रमुख सहयोगी और दक्षिणपंथी कार्यकर्ता लॉरा लूमर ने ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के जनाजे के दौरान एकत्रित भीड़ पर बम गिराने की वकालत की है। 'जिहादियों पर हमले' वाले इस तीखे और आक्रामक बयान ने सोशल मीडिया से लेकर वैश्विक राजनयिक हलकों में भारी विवाद खड़ा कर दिया है।
एक ट्वीट और वैश्विक राजनीति में उबाल
अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बयानों के तीर अक्सर चलते हैं, लेकिन कुछ बयान सीधे बारूद का काम करते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की कट्टर समर्थक और मुखर दक्षिणपंथी नेता लॉरा लूमर ने एक बार फिर ऐसा ही कुछ किया है। ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के निधन के बाद उनके जनाजे की तस्वीरों को लेकर लूमर ने एक बेहद संवेदनशील और आक्रामक टिप्पणी की है। लूमर ने खुले तौर पर जनाजे में जुटी भीड़ को निशाना बनाने की बात कहकर वैश्विक स्तर पर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।
'मौका चूकना नहीं चाहिए'—लॉरा लूमर का आक्रामक रुख
अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान ईरान की सड़कों पर लाखों लोगों का हुजूम उमड़ा था। इसी भीड़ की एक तस्वीर को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लॉरा लूमर ने लिखा कि जब भी 'जिहादियों' पर बम गिराने का ऐसा कोई मौका मिले, तो उसे बिल्कुल नहीं चूकना चाहिए। लूमर का इशारा साफ तौर पर जनाजे में शामिल लाखों लोगों की तरफ था, जिन्हें उन्होंने चरमपंथी और अमेरिकी हितों का दुश्मन करार दिया। इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया दो धड़ों में बंट गया और उनकी इस भाषा की तीव्र आलोचना शुरू हो गई।
ट्रंप प्रशासन और लूमर के रिश्तों पर उठते सवाल
लॉरा लूमर कोई साधारण सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नहीं हैं, बल्कि उन्हें अमेरिकी राजनीति में राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के बेहद करीबी और वफादार सहयोगियों में गिना जाता है। ऐसे में उनके इस बयान को महज एक व्यक्तिगत टिप्पणी मानकर खारिज नहीं किया जा सकता। विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयानों से मध्य पूर्व में अमेरिका की विदेश नीति और राजनयिक संबंधों पर बेहद नकारात्मक असर पड़ सकता है। हालांकि, ट्रंप खेमे की ओर से अभी तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या दूरी बनाने जैसी कोशिश नहीं देखी गई है।
मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने की आशंका
ईरान और अमेरिका के रिश्ते पहले ही बेहद नाजुक दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे समय में ईरान के सबसे बड़े धार्मिक और राजनीतिक नेता के जनाजे को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति की सहयोगी द्वारा दी गई यह धमकी आग में घी डालने जैसी है। ईरान के भीतर इस बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, और इसे ईरानी संप्रभुता तथा जनभावनाओं पर सीधा हमला माना जा रहा है। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी से दोनों देशों के बीच सैन्य मोर्चे पर तनाव और अधिक गहरा सकता है।

उसे पता है वह बच जाएगी': पुलिस कस्टडी में आरोपी सिया की इस हरकत पर भड़का सोशल मीडिया
केतन अग्रवाल हत्याकांड की मुख्य आरोपी सिया गोयल को जब पुलिस निगरानी में ले जाया जा रहा था, तब उसने कैमरे की तरफ 'मिडल फिंगर' (अश्लील इशारा) दिखाई। इस घटना का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। यूजर्स का कहना है कि आरोपी को अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है और वह हमारे कानून सिस्टम को खुलेआम चुनौती दे रही है।
केतन अग्रवाल हत्याकांड की मुख्य आरोपी सिया गोयल को जब पुलिस निगरानी में ले जाया जा रहा था, तब उसने कैमरे की तरफ 'मिडल फिंगर' (अश्लील इशारा) दिखाई। इस घटना का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। यूजर्स का कहना है कि आरोपी को अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है और वह हमारे कानून सिस्टम को खुलेआम चुनौती दे रही है।
कैमरे के सामने बेखौफ अंदाज, भड़के लोग
केतन अग्रवाल हत्याकांड ने पहले ही पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है, लेकिन इस मामले में नया मोड़ तब आया जब पुलिस गिरफ्त में मौजूद आरोपी सिया गोयल के चेहरे पर शिकन की जगह एक अलग ही धमक देखने को मिली। पुलिस की कस्टडी में कोर्ट या जांच के लिए ले जाए जाने के दौरान, सिया ने मीडिया और आम जनता के कैमरों की तरफ देखते हुए सरेआम मिडल फिंगर दिखा दी।
इस हरकत की तस्वीर और वीडियो जैसे ही इंटरनेट पर वायरल हुए, समाज के हर वर्ग में नाराजगी फैल गई। एक गंभीर अपराध की आरोपी का यह बेखौफ और असंवेदनशील रवैया लोगों को हजम नहीं हो रहा है।
'उसे पता है कि वह बच जाएगी': सिस्टम पर उठते सवाल
सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर बहस छिड़ गई है। यूजर्स का मानना है कि आरोपी का यह इशारा केवल जनता के प्रति नहीं, बल्कि पूरी कानूनी व्यवस्था के प्रति उसकी लापरवाही को दर्शाता है। एक यूजर ने इस पर टिप्पणी करते हुए लिखा, "वह खुलेआम हमारे सिस्टम को चुनौती दे रही है। उसे कानून का कोई डर नहीं है।"
इंटरनेट पर लोग इस बात को लेकर भी चिंता जता रहे हैं कि अपराधियों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं। एक बड़े वर्ग का कहना है कि सिया के इस हाव-भाव से साफ है कि उसे न्याय व्यवस्था की कमजोरियों का अहसास है, इसीलिए लोग लिख रहे हैं— "उसे पूरा भरोसा है कि वह किसी न किसी रास्ते बच जाएगी।"
पछतावे की जगह अकड़, विक्टिम कार्ड खेलने की आशंका
आमतौर पर संगीन मामलों में पकड़े जाने के बाद आरोपियों के चेहरों पर डर या पछतावा देखा जाता है, लेकिन सिया गोयल के मामले में ऐसा कुछ भी नजर नहीं आया। सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा, "इसके चेहरे पर दूर-दूर तक कोई पछतावा नहीं है। यह एक गंभीर अपराधी की मानसिकता को दिखाता है।"
वहीं, कुछ विश्लेषकों और यूजर्स ने यह अंदेशा भी जताया है कि कोर्ट रूम और कानूनी प्रक्रिया के दौरान यही आरोपी खुद को बेकसूर साबित करने के लिए 'विक्टिम कार्ड' खेलने की कोशिश करेगी। एक अन्य यूजर ने लिखा, "आज जो लड़की कैमरे पर उंगली दिखा रही है, कल को वह अदालत में खुद को पीड़ित साबित करने का पूरा नाटक करेगी।"
क्या है पूरा मामला?
केतन अग्रवाल की बेरहमी से हुई हत्या ने समाज को हिलाकर रख दिया था। इस मामले में पुलिस ने तफ्तीश के बाद सिया गोयल को मुख्य साजिशकर्ता और आरोपी के रूप में नामजद किया। पुलिस इस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है और सबूत इकट्ठा करने में जुटी है। लेकिन जांच के बीच आरोपी की इस ताजा हरकत ने कानून-व्यवस्था, पुलिस की मुस्तैदी और अपराधियों के मन में कानून के खौफ को लेकर एक नई बहस को जन्म दे दिया है।

सोशल मीडिया पर फंसी 'अल्फा', सेना और रॉ के चित्रण पर भड़के लोग
आलिया भट्ट और शरवरी वाघ की आगामी फिल्म 'अल्फा' अपनी रिलीज से पहले ही सोशल मीडिया पर भारी विवादों में घिर गई है। टीज़र और शुरुआती झलकियों के सामने आने के बाद दर्शकों का एक बड़ा वर्ग फिल्म में भारतीय सेना और देश की खुफिया एजेंसी 'रॉ' (RAW) को कमजोर और असमर्थ दिखाए जाने पर कड़ी आपत्ति जता रहा है।
खबर का निचोड़:
आलिया भट्ट और शरवरी वाघ की आगामी फिल्म 'अल्फा' अपनी रिलीज से पहले ही सोशल मीडिया पर भारी विवादों में घिर गई है। टीज़र और शुरुआती झलकियों के सामने आने के बाद दर्शकों का एक बड़ा वर्ग फिल्म में भारतीय सेना और देश की खुफिया एजेंसी 'रॉ' (RAW) को कमजोर और असमर्थ दिखाए जाने पर कड़ी आपत्ति जता रहा है।
स्पाई यूनिवर्स की नई फिल्म पर उठा सवालों का बवंडर
यशराज फिल्म्स के चर्चित स्पाई यूनिवर्स की पहली फीमेल-लीड फिल्म 'अल्फा' को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह था। आलिया भट्ट और शरवरी स्टारर इस हाई-ऑक्टेन एक्शन फिल्म से उम्मीद थी कि यह देश की सुरक्षा एजेंसियों के शौर्य को एक नए स्तर पर दिखाएगी। हालांकि, इसके कथानक और कुछ दृश्यों की लीक हुई जानकारियों ने सोशल मीडिया पर एक अलग ही बहस छेड़ दी है। फिल्म की कहानी में भारतीय सेना और खुफिया एजेंसी 'रॉ' के प्रस्तुतीकरण को लेकर दर्शक काफी आक्रामक नजर आ रहे हैं और इंटरनेट पर फिल्म की आलोचनाओं का दौर शुरू हो चुका है।
"असमर्थ और कमजोर दिखाया गया" – दर्शकों का फूटा गुस्सा
फिल्म के कंटेंट को लेकर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। दर्शकों का आरोप है कि फिल्म की मुख्य नायिकाओं को बड़ा और मसीहा दिखाने के चक्कर में पूरी व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र को लाचार और नाकारा साबित कर दिया गया है। सोशल मीडिया पर एक यूजर ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा, "फिल्म की कहानी भारतीय सेना और रॉ को काफी असमर्थ दिखाती है। ऐसा लगता है कि जैसे देश का इतना बड़ा सुरक्षा ढांचा दो किरदारों के बिना काम ही नहीं कर सकता।"
पाकिस्तान से हो रही है तुलना
विवाद की गहराई का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि नेटिजन्स इसकी तुलना सीमा पार के नैरेटिव से करने लगे हैं। एक अन्य यूजर ने फिल्म के दृश्यों और कथानक पर तंज कसते हुए लिखा, "यह 'धुरंधर' का पाकिस्तान वाला जवाब लगता है।" इस तरह की टिप्पणियां दर्शाती हैं कि दर्शक अब राष्ट्रभक्ति और सेना से जुड़ी फिल्मों में देश की छवि को लेकर बेहद संवेदनशील हो चुके हैं। वे किसी भी कीमत पर अपनी सेना और खुफिया एजेंसियों की साख से समझौता बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं।
क्रिएटिव लिबर्टी बनाम राष्ट्रीय अस्मिता की बहस
यह पहली बार नहीं है जब बॉलीवुड की किसी बड़ी फिल्म पर सेना या खुफिया एजेंसियों की छवि को धूमिल करने के आरोप लगे हों। अक्सर फिल्ममेकर्स 'क्रिएटिव लिबर्टी' यानी रचनात्मक स्वतंत्रता का हवाला देकर अपने किरदारों को स्क्रीन पर चमकाने की कोशिश करते हैं। लेकिन 'अल्फा' के मामले में यह प्रयोग उलटा पड़ता दिख रहा है। क्रिटिक्स और दर्शकों का मानना है कि मुख्य किरदारों को 'लार्जर दैन लाइफ' दिखाने के लिए देश की असल ताकत यानी हमारी सेना की रीढ़ को कमजोर दिखाना कहीं से भी न्यायसंगत नहीं है। फिलहाल इस विवाद ने फिल्म के मेकर्स के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

सलमान के घर फायरिंग: गैंगस्टर लॉरेंस का भाई अनमोल बिश्नोई करेगा सरेंडर!
बॉलीवुड स्टार सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट पर हुई फायरिंग के मामले में एक बड़ा मोड़ आ गया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में मुख्य आरोपियों में से एक और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई ने अदालत में अर्जी दाखिल कर आत्मसमर्पण (सरेंडर) करने की इच्छा जताई है। अनमोल ने मुंबई कोर्ट के सामने शारीरिक रूप से पेश होने के लिए औपचारिक निर्देशों की मांग की है।
खबर का निचोड़ (Summary)
बॉलीवुड स्टार सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट पर हुई फायरिंग के मामले में एक बड़ा मोड़ आ गया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में मुख्य आरोपियों में से एक और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई ने अदालत में अर्जी दाखिल कर आत्मसमर्पण (सरेंडर) करने की इच्छा जताई है। अनमोल ने मुंबई कोर्ट के सामने शारीरिक रूप से पेश होने के लिए औपचारिक निर्देशों की मांग की है।
बॉलीवुड में सनसनी और बिश्नोई गैंग का नया दांव
मुंबई के बांद्रा स्थित सलमान खान के घर पर हुई गोलीबारी की घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। इस मामले में पुलिस लगातार कड़ियां जोड़ने में जुटी है, लेकिन अब इस पूरी कहानी में सबसे बड़ा ट्विस्ट खुद आरोपी की तरफ से आया है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बेहद सक्रिय और कुख्यात सदस्य अनमोल बिश्नोई ने कानूनी तौर पर सरेंडर करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस कदम ने जांच एजेंसियों से लेकर कानूनी गलियारों तक हलचल तेज कर दी है।
कोर्ट में अर्जी: क्या है अनमोल बिश्नोई की मजबूरी?
अनमोल बिश्नोई ने मुंबई की विशेष अदालत में एक आधिकारिक अर्जी दायर की है। इस अर्जी में उसने साफ तौर पर कहा है कि वह सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग के मामले में आत्मसमर्पण करना चाहता है। हालांकि, इस सरेंडर की राह में एक तकनीकी पेंच फंसा हुआ है। अनमोल के मुताबिक, वह पहले से ही न्यायिक हिरासत में चल रहा है। ऐसे में जब तक अदालत की तरफ से कोई औपचारिक निर्देश या प्रोडक्शन वारंट जारी नहीं होता, तब तक उसका मुंबई कोर्ट के सामने शारीरिक (फीज़िकली) रूप से पेश होना मुमकिन नहीं है। उसने अदालत से गुहार लगाई है कि उसे पेश होने के लिए जरूरी कानूनी निर्देश जारी किए जाएं।
सलमान खान फायरिंग केस और अनमोल का कनेक्शन
यह पूरा मामला पिछले दिनों तब सुर्खियों में आया जब सुबह-सुबह सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। इस घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई थी, जिसमें इस हमले की जिम्मेदारी अनमोल बिश्नोई ने ली थी। मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस मामले में मकोका (MCOCA) के तहत मामला दर्ज किया है और अनमोल को इस साजिश के मास्टरमाइंड के रूप में नामजद किया है। पुलिस का मानना है कि अनमोल ने ही शूटरों को हथियार और पैसे मुहैया कराए थे।
आगे क्या होगा: जांच एजेंसियों की रणनीति
अनमोल बिश्नोई के इस सरेंडर वाले दांव के बाद अब गेंद पूरी तरह से अदालत और मुंबई पुलिस के पाले में है। कानूनी जानकारों का मानना है कि अदालत जल्द ही इस अर्जी पर सुनवाई कर सकती है और जेल प्रशासन को अनमोल को मुंबई लाने के निर्देश दे सकती है। मुंबई पुलिस के लिए अनमोल की कस्टडी बेहद अहम है, क्योंकि उससे पूछताछ के बाद ही इस बात का पूरी तरह खुलासा हो सकेगा कि सलमान खान को डराने के पीछे बिश्नोई गैंग का असली मकसद और आगे का प्लान क्या था।
Delight News
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