Delight News Logo
Latest सामान्य ख़बरें सरकारी नौकरी करेंट अफेयर्स परीक्षा ज्ञान
बॉक्स ऑफिस पर अक्षय कुमार का तूफान, 'वेलकम टू द जंगल' ने 4 दिन में कूटे ₹100 करोड़

बॉक्स ऑफिस पर अक्षय कुमार का तूफान, 'वेलकम टू द जंगल' ने 4 दिन में कूटे ₹100 करोड़

Delight News
📅 30 Jun2026

खिलाड़ी कुमार यानी अक्षय कुमार की मल्टीस्टारर फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया है। रिलीज के महज 4 दिनों के भीतर फिल्म ने दुनियाभर में ₹100 करोड़ का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है। चौथे दिन ₹8.50 करोड़ की शानदार कमाई के साथ फिल्म का भारतीय नेट कलेक्शन ₹72.25 करोड़ पहुंच गया है, वहीं वर्ल्डवाइड यह ₹106.48 करोड़ का आंकड़ा छू चुकी है।

बॉक्स ऑफिस पर अक्षय कुमार का तूफान, 'वेलकम टू द जंगल' ने 4 दिन में कूटे ₹100 करोड़
खिलाड़ी कुमार यानी अक्षय कुमार की मल्टीस्टारर फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया है। रिलीज के महज 4 दिनों के भीतर फिल्म ने दुनियाभर में ₹100 करोड़ का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है। चौथे दिन ₹8.50 करोड़ की शानदार कमाई के साथ फिल्म का भारतीय नेट कलेक्शन ₹72.25 करोड़ पहुंच गया है, वहीं वर्ल्डवाइड यह ₹106.48 करोड़ का आंकड़ा छू चुकी है।
जंगल में 'मंज़िल' की ओर अक्षय की रफ्तार
अक्षय कुमार की कॉमेडी फिल्मों का फैंस को हमेशा इंतजार रहता है, और जब बात 'वेलकम' फ्रेंचाइजी की हो, तो उम्मीदें दोगुनी हो जाती हैं। 'वेलकम टू द जंगल' ने दर्शकों की इन उम्मीदों पर खरे उतरते हुए बॉक्स ऑफिस पर अपनी धाक जमा ली है। सिनेमाघरों में रिलीज होते ही फिल्म को दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है। वीकेंड के बाद भी कामकाजी दिन (वर्किंग डे) होने के बावजूद फिल्म की रफ्तार धीमी नहीं पड़ी है।
चौथे दिन भी जारी रहा कमाई का दबदबा
ओपनिंग वीकेंड पर धमाकेदार प्रदर्शन करने के बाद, फिल्म ने अपने पहले सोमवार यानी चौथे दिन भी बॉक्स ऑफिस पर मजबूत पकड़ बनाए रखी। देश भर के सिनेमाघरों में फिल्म ने चौथे दिन ₹8.50 करोड़ का तगड़ा कलेक्शन किया। यह आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि फिल्म को लेकर दर्शकों का क्रेज केवल वीकेंड तक सीमित नहीं है, बल्कि वीकडेज में भी लोग सपरिवार इस फैमिली एंटरटेनर का लुत्फ उठाने थियेटर्स पहुंच रहे हैं।
घरेलू बाजार में ₹75 करोड़ के बेहद करीब
भारतीय बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की कमाई के आंकड़े बेहद मजबूत नजर आ रहे हैं। महज 4 दिनों के सफर में इस फिल्म ने भारत में ₹72.25 करोड़ का कुल नेट कलेक्शन कर लिया है। जिस तेजी से यह फिल्म आगे बढ़ रही है, उसे देखकर यह साफ है कि घरेलू बाजार में ₹100 करोड़ का पड़ाव पार करना इसके लिए बेहद आसान होने वाला है। ट्रेड पंडितों का मानना है कि आने वाले दिनों में कमाई के इस ग्राफ में और उछाल देखने को मिल सकता है।
विदेशों में भी बजा डंका, वर्ल्डवाइड कलेक्शन ₹100 करोड़ पार
'वेलकम टू द जंगल' का जादू सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि विदेशी सरजमीं पर भी सिर चढ़कर बोल रहा है। ओवरसीज मार्केट से मिल रहे शानदार रिस्पॉन्स की बदौलत फिल्म ने वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर सेंचुरी लगा दी है। दुनिया भर में फिल्म का कुल कलेक्शन ₹106.48 करोड़ हो चुका है। इंटरनेशनल मार्केट में अक्षय कुमार की स्टार वैल्यू और फिल्म की तगड़ी स्टारकास्ट का फायदा इसे साफ तौर पर मिल रहा है।
पुणे हत्याकांड: सिया गोयल के माता-पिता का यू-टर्न और सियासत

पुणे हत्याकांड: सिया गोयल के माता-पिता का यू-टर्न और सियासत

Delight News
📅 30 Jun2026

पुणे के सनसनीखेज केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया मोड़ आ गया है। मुख्य आरोपी सिया गोयल के माता-पिता अपने बयानों से मुकर गए हैं, जबकि सांसद चंद्रशेखर आजाद ने पीड़ित परिवार से मिलकर न्याय का संकल्प लिया है। पुलिस अब चेतन चौधरी की शिनाख्त के लिए 'गेट एनालिसिस' जैसी आधुनिक तकनीक का सहारा ले रही है।

पुणे हत्याकांड: सिया गोयल के माता-पिता का यू-टर्न और सियासत
सारांश
पुणे के सनसनीखेज केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया मोड़ आ गया है। मुख्य आरोपी सिया गोयल के माता-पिता अपने बयानों से मुकर गए हैं, जबकि सांसद चंद्रशेखर आजाद ने पीड़ित परिवार से मिलकर न्याय का संकल्प लिया है। पुलिस अब चेतन चौधरी की शिनाख्त के लिए 'गेट एनालिसिस' जैसी आधुनिक तकनीक का सहारा ले रही है।
प्रेम-प्रसंग का खूनी अंत
पुणे में केतन अग्रवाल की हत्या ने न केवल शहर बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। केतन को अपनी मंगेतर सिया गोयल के किसी अन्य के साथ प्रेम संबंध होने का गहरा शक था। यही शक धीरे-धीरे खूनी रंजिश में बदल गया, जिसने एक हंसते-खेलते युवा की जान ले ली। इस मामले ने अब एक बेहद जटिल और विवादास्पद मोड़ ले लिया है।
पलटी बाजी: सबूतों की मांग
सिया गोयल, जो इस मामले की मुख्य आरोपी है, के माता-पिता ने जांच की दिशा ही बदल दी है। अब तक सहयोग कर रहे उनके माता-पिता अचानक अपने पुराने बयानों से पलट गए हैं। उन्होंने न केवल अपने बयानों को नकारा है, बल्कि जांच एजेंसियों से ठोस सबूतों की मांग भी की है। इस रवैये ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं और मामले को कानूनी दांव-पेच में उलझा दिया है।
सियासत की एंट्री
इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब राजनीतिक हस्तक्षेप भी दिखने लगा है। सांसद चंद्रशेखर आजाद ने केतन अग्रवाल के परिवार से मुलाकात की और उन्हें हर संभव न्याय दिलाने का भरोसा दिया है। इस मुलाकात के बाद से ही मामले ने राजनीतिक रंग लेना शुरू कर दिया है। पीड़ित परिवार को मिल रहे इस राजनीतिक समर्थन के बाद से जांच एजेंसी पर दबाव और अधिक बढ़ गया है।
'गेट एनालिसिस' से खुलेगा सच
पुलिस अब आरोपी चेतन चौधरी को सजा दिलाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है। मामले में वैज्ञानिक साक्ष्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में पुलिस 'गेट एनालिसिस' (Gait Analysis) तकनीक का इस्तेमाल कर रही है, जिससे आरोपी के चलने के तरीके और उसके शारीरिक हाव-भाव की तुलना मौके पर मौजूद फुटेज से की जाएगी। यह तकनीक आरोपी की पहचान पुख्ता करने में निर्णायक साबित हो सकती है।
फिल्म निर्देशक का सोशल मीडिया से किनारा
इस पूरी घटनाक्रम के बीच एक और अजीब वाकया सामने आया है। फिल्म निर्देशक राहुल रविंद्रन का नाम जैसे ही इस केस से जुड़ा, उन्होंने सोशल मीडिया से अपनी दूरी बना ली है। उन्होंने अचानक अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स से संन्यास लेने का फैसला किया है, जिसने इस केस को और अधिक रहस्यमयी बना दिया है। वहीं दूसरी तरफ, लोहगढ़ किले पर पर्यटकों की बढ़ती भीड़ ने भी स्थानीय प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि लोग इस केस से जुड़ी जगहों को देखने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
उर्फी जावेद का धर्म परिवर्तन? एक्ट्रेस ने खुद सामने आकर खोली अफवाहों की पोल

उर्फी जावेद का धर्म परिवर्तन? एक्ट्रेस ने खुद सामने आकर खोली अफवाहों की पोल

Delight News
📅 30 Jun2026

सोशल मीडिया सेंसेशन उर्फी जावेद एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनके अतरंगी कपड़े नहीं बल्कि उनके धर्म परिवर्तन का दावा है। मीता चौधरी नाम की एक महिला ने दावा किया कि उर्फी ने इस्लाम छोड़कर हिंदू धर्म अपना लिया है और अपना नया नाम 'रीता भारद्वाज' रख लिया है। हालांकि, उर्फी ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि उन्होंने कभी अपना नाम या धर्म नहीं बदला है।

उर्फी जावेद का धर्म परिवर्तन? एक्ट्रेस ने खुद सामने आकर खोली अफवाहों की पोल
सोशल मीडिया सेंसेशन उर्फी जावेद एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनके अतरंगी कपड़े नहीं बल्कि उनके धर्म परिवर्तन का दावा है। मीता चौधरी नाम की एक महिला ने दावा किया कि उर्फी ने इस्लाम छोड़कर हिंदू धर्म अपना लिया है और अपना नया नाम 'रीता भारद्वाज' रख लिया है। हालांकि, उर्फी ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि उन्होंने कभी अपना नाम या धर्म नहीं बदला है।
नाम और धर्म बदलने के दावे पर उर्फी का करारा जवाब
इंटरनेट पर आए दिन किसी न किसी सेलिब्रिटी को लेकर अफवाहें उड़ती रहती हैं, लेकिन जब बात उर्फी जावेद की हो, तो मामला पल भर में वायरल हो जाता है। हाल ही में सोशल मीडिया पर मीता चौधरी नाम की एक महिला का पोस्ट तेजी से फैला, जिसमें यह दावा किया गया कि उर्फी जावेद अब मुस्लिम से हिंदू बन चुकी हैं। इस पोस्ट में आगे यह भी कहा गया कि धर्म बदलने के बाद एक्ट्रेस ने अपना नाम बदलकर रीता भारद्वाज कर लिया है।
जैसे ही यह खबर जंगल की आग की तरह फैली, हमेशा बेबाकी से अपनी बात रखने वाली उर्फी जावेद ने इस पर चुप्पी तोड़ी। उर्फी ने इन दावों को पूरी तरह से बकवास और मनगढ़ंत करार दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस तरह की बातों में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है और उन्होंने कभी भी अपना नाम या धर्म नहीं बदला है।
'अपने शब्दों को लेकर भी नंगी होती हूं'
अपने अनोखे फैशन सेंस के लिए पहचानी जाने वाली उर्फी जावेद अपने बयानों को लेकर भी उतनी ही सुर्खियां बटोरती हैं। इस अफवाह पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में जवाब दिया। उर्फी ने कहा, "मैंने कभी अपना नाम या धर्म नहीं बदला। मैं सिर्फ कपड़ों को लेकर नहीं बल्कि अपने शब्दों को लेकर भी नंगी होती हूं, लेकिन आज मेरा मूड नहीं है।"
उर्फी का यह बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह ट्रोलर्स या अफवाह फैलाने वालों को हल्के में नहीं लेतीं। जहां लोग उनके इस बेबाक अंदाज की तारीफ कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे हमेशा की तरह उनका पब्लिसिटी स्टंट मान रहे हैं।
अफवाहों का बाजार और सोशल मीडिया की हकीकत
यह पहली बार नहीं है जब उर्फी जावेद को लेकर इस तरह की झूठी खबरें सामने आई हैं। इससे पहले भी उनके लुक्स, पर्सनल लाइफ और बयानों को लेकर कई तरह की अफवाहें उड़ाई जा चुकी हैं। सोशल मीडिया के इस दौर में किसी भी बिना सिर-पैर की बात को सच मान लेना बेहद आम हो गया है।
मीता चौधरी के इस दावे के पीछे की वजह क्या थी, यह तो साफ नहीं हो पाया है, लेकिन उर्फी के सीधे और तीखे जवाब ने इस पूरे विवाद पर पूरी तरह से पूर्णविराम लगा दिया है। एक्ट्रेस ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह जैसी हैं, वैसी ही रहेंगी और किसी भी तरह की झूठी खबर उनके वजूद को नहीं बदल सकती। फिलहाल, इस स्पष्टीकरण के बाद उन सभी दावों पर पानी फिर गया है जो उनके रीता भारद्वाज बनने की कहानी बुन रहे थे।
अजय देवगन की फिल्म 'चौहान' पर विवाद: क्षत्रिय परिषद ने लगाए गंभीर आरोप

अजय देवगन की फिल्म 'चौहान' पर विवाद: क्षत्रिय परिषद ने लगाए गंभीर आरोप

Delight News
📅 30 Jun2026

अजय देवगन की आगामी फिल्म 'चौहान' रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है। क्षत्रिय परिषद ने फिल्म पर राजपूत विरासत का इस्तेमाल सांप्रदायिक और विभाजनकारी राजनीति के लिए करने का आरोप लगाया है। परिषद का कहना है कि यह फिल्म इतिहास की गलत समझ पर आधारित है और भाईचारे को नुकसान पहुंचाती है।

अजय देवगन की फिल्म 'चौहान' पर विवाद: क्षत्रिय परिषद ने लगाए गंभीर आरोप
खबर का निचोड़:
अजय देवगन की आगामी फिल्म 'चौहान' रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है। क्षत्रिय परिषद ने फिल्म पर राजपूत विरासत का इस्तेमाल सांप्रदायिक और विभाजनकारी राजनीति के लिए करने का आरोप लगाया है। परिषद का कहना है कि यह फिल्म इतिहास की गलत समझ पर आधारित है और भाईचारे को नुकसान पहुंचाती है।
विरासत पर सियासत: क्यों भड़की क्षत्रिय परिषद?
बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन की नई फिल्म 'चौहान' को लेकर मनोरंजन जगत और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। फिल्म अभी पर्दे पर आई भी नहीं है कि इस पर ऐतिहासिक तथ्यों को मरोड़ने और समाज में विभाजन पैदा करने के गंभीर आरोप लगने लगे हैं। क्षत्रिय परिषद ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए सोमवार को एक तीखा बयान जारी किया है। परिषद का साफ तौर पर कहना है कि फिल्म में राजपूतों के गौरवशाली इतिहास को एक खास राजनीतिक एजेंडे के तहत पेश करने की कोशिश की जा रही है, जो बेहद चिंताजनक है।
'विभाजनकारी राजनीति का टूल न बने इतिहास'
क्षत्रिय परिषद ने अपने आधिकारिक बयान में फिल्म के निर्माताओं और अजय देवगन को आड़े हाथों लिया। परिषद का आरोप है कि 'चौहान' के जरिए राजपूत विरासत को सांप्रदायिक राजनीति के अखाड़े में घसीटा जा रहा है। आज के दौर की 'विभाजनकारी राजनीतिक बहस' को हवा देने के लिए सिनेमाई स्वतंत्रता के नाम पर इतिहास के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। परिषद के पदाधिकारियों का मानना है कि ऐसी फिल्में न केवल समाज के ताने-बाने को कमजोर करती हैं, बल्कि युवा पीढ़ी के सामने इतिहास की एक गलत और अधूरी तस्वीर भी पेश करती हैं।
इतिहास के पन्नों से परिषद का तर्क
अपनी बात को मजबूती से रखने के लिए क्षत्रिय परिषद ने भारत के वास्तविक और साझे इतिहास का हवाला दिया है। बयान में कहा गया है कि फिल्म में जिस तरह के टकराव दिखाए जाने की चर्चा है, वह भारतीय इतिहास की अधूरी और कमजोर समझ को दर्शाता है। परिषद ने याद दिलाया कि इतिहास में ऐसे अनगिनत और ठोस उदाहरण मौजूद हैं जब अफगान और राजपूत योद्धाओं ने एक साथ मिलकर साझा लड़ाइयां लड़ी हैं। इतिहास सिर्फ दो समुदायों के टकराव का नाम नहीं है, बल्कि इसमें आपसी तालमेल और वफादारी के भी कई सुनहरे अध्याय शामिल हैं, जिन्हें अक्सर ऐसी फिल्मों में नजरअंदाज कर दिया जाता है।
अजय देवगन की फिल्मों और विवादों का नाता
यह कोई पहली बार नहीं है जब अजय देवगन की किसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि वाली फिल्म पर सवाल उठे हों। इससे पहले भी उनकी कई बड़ी फिल्मों को लेकर अलग-अलग संगठनों ने आपत्तियां दर्ज कराई हैं। हालांकि, सिनेमाई गलियारों में इसे रचनात्मक स्वतंत्रता और मनोरंजन का हिस्सा माना जाता है, लेकिन जब बात ऐतिहासिक महापुरुषों और किसी समाज की अस्मिता से जुड़ जाती है, तो विवाद अक्सर गहरा जाता है। फिलहाल 'चौहान' को लेकर उठे इस नए विवाद ने फिल्म की रिलीज से पहले ही मेकर्स के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। अब देखना यह होगा कि इस विरोध पर फिल्म की टीम की तरफ से क्या प्रतिक्रिया आती है।
12वीं में फेल, पर इरादों में पास: सिया ने घर की रसोई से खड़ा किया बेकिंग बिजनेस

12वीं में फेल, पर इरादों में पास: सिया ने घर की रसोई से खड़ा किया बेकिंग बिजनेस

Delight News
📅 30 Jun2026

पढ़ाई में मन न लगने और 12वीं की परीक्षा पास न कर पाने के बावजूद सिया गोयल ने हार नहीं मानी। उन्होंने लीक से हटकर अपनी रुचि को पहचाना और घर से ही केक-बेकिंग का एक सफल कारोबार शुरू कर दिया। सिया की मां पूजा गोयल ने इस सफर और बेटी की लगन को खुलकर साझा किया है।

12वीं में फेल, पर इरादों में पास: सिया ने घर की रसोई से खड़ा किया बेकिंग बिजनेस
खबर का निचोड़:
पढ़ाई में मन न लगने और 12वीं की परीक्षा पास न कर पाने के बावजूद सिया गोयल ने हार नहीं मानी। उन्होंने लीक से हटकर अपनी रुचि को पहचाना और घर से ही केक-बेकिंग का एक सफल कारोबार शुरू कर दिया। सिया की मां पूजा गोयल ने इस सफर और बेटी की लगन को खुलकर साझा किया है।
डिग्री नहीं, हुनर से लिखी कामयाबी की कहानी
पारंपरिक पढ़ाई और डिग्रियों के इस दौर में सिया गोयल ने साबित कर दिया है कि सफलता का रास्ता सिर्फ परीक्षा के नतीजों से होकर नहीं गुजरता। 12वीं कक्षा में असफल होने के बाद जहां अमूमन युवा निराशा के भंवर में डूब जाते हैं, वहीं सिया ने अपनी कमज़ोरी को अपनी ताकत बना लिया। पढ़ाई में कभी रुचि न होने की बात को स्वीकार करते हुए उन्होंने उस रास्ते को चुना, जिसमें उनका दिल बसता था—यानी बेकिंग की कला।
मां का मिला साथ, सच से शुरू हुआ नया सफर
सिया की मां पूजा गोयल ने हाल ही में अपनी बेटी के इस पूरे सफर पर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि सिया का मन कभी भी किताबी ज्ञान में नहीं रमा, जिसके चलते वह 12वीं की दहलीज भी पार नहीं कर सकी थीं। लेकिन एक मां के तौर पर उन्होंने सिया के भीतर छिपे हुनर को पहचाना। जब सिया की सगाई तय होने की बात आई, तब भी परिवार ने किसी तरह का पर्दा नहीं रखा। पूजा गोयल ने सगाई से पहले ही केतन अग्रवाल के परिवार को सिया की पढ़ाई और उसकी असफलता के बारे में पूरी सच्चाई साफ-साफ बता दी थी। रिश्तों की बुनियाद सच पर टिकी और इसे सामने वाले परिवार ने भी सहर्ष स्वीकार किया।
घर की रसोई बनी बेकिंग का स्टार्टअप
सच्चाई सामने आने और परिवार के मिले भरोसे ने सिया के हौसलों को नई उड़ान दी। उन्होंने घर की चारदीवारी और अपनी रसोई को ही कर्मभूमि बना लिया। सिया ने घर से ही केक और बेकिंग से जुड़े प्रोडक्ट्स का बिजनेस शुरू किया। आज वह अपने हाथ के बने बेहतरीन और स्वादिष्ट केक के दम पर अपनी एक अलग पहचान बना रही हैं। उनका यह बिजनेस न सिर्फ उनके हुनर को मंच दे रहा है, बल्कि समाज के उस नजरिए को भी बदल रहा है जो केवल स्कूली नंबरों के आधार पर किसी के भविष्य का फैसला कर देता है।
केतन अग्रवाल के परिवार के सामने रखी मिसाल
यह मामला केवल एक बिजनेस शुरू करने का नहीं है, बल्कि सामाजिक ताने-बाने में ईमानदारी की एक बड़ी मिसाल भी है। केतन अग्रवाल के परिवार के सामने शादी से पहले लड़की की शैक्षणिक स्थिति को स्पष्ट करना और फिर उस लड़की का अपने पैरों पर खड़े होकर दिखाना, यह दर्शाता है कि आधुनिक दौर में हुनर और ईमानदारी को सबसे ऊपर रखा जा रहा है। सिया का यह बेकिंग बिजनेस आज तेजी से आगे बढ़ रहा है और वह हर दिन नए ऑर्डर्स के साथ अपने काम को विस्तार दे रही हैं।

Delight News

निष्पक्ष पत्रकारिता, सटीक विश्लेषण

Delight News एक प्रमुख डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म है जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और जनता तक बिल्कुल सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय हिंदी खबरें पहुंचाना है। हम बिना किसी पक्षपात के राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राजनीति, खेल, शिक्षा, सरकारी नौकरी और करंट अफेयर्स से जुड़ी हर छोटी-बड़ी ताजा खबरें आप तक सबसे पहले पहुंचाते हैं। पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना and अफवाहों से दूर सिर्फ सत्यापित तथ्य परोसना ही हमारा मुख्य संकल्प है।
📬 हमसे संपर्क करें
delightnews.in@gmail.com Official YouTube Channel Official Instagram Profile

Delight News परिवार से जुड़ें

📱 और भी बेहतर अनुभव के लिए!

ताजा खबरों के सबसे तेज नोटिफिकेशन, निर्बाध वीडियो स्ट्रीमिंग और शानदार यूज़र इंटरफेस के साथ देश-दुनिया के लाइव अपडेट्स सीधे अपने mobile पर पाने के लिए हमारा Delight News Android App डाउनलोड करें।

🚀 COMING SOON...

हमारा आधिकारिक एंड्रॉइड एप्लिकेशन Google Play Store पर बहुत जल्द लाइव होने जा रहा है। अपडेट मिलते ही डाउनलोड लिंक यहाँ उपलब्ध करा दी जाएगी।

📍 अपनी लोकेशन Set करें



Privacy Policy & Terms