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शेख हसीना की वतन वापसी: गिरफ्तारी या कानूनी लड़ाई, क्या होगा आगे?

शेख हसीना की वतन वापसी: गिरफ्तारी या कानूनी लड़ाई, क्या होगा आगे?

Delight News
📅 30 Jun2026

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की स्वदेश वापसी को लेकर सियासी गलियारों में हलचल तेज है। अगर वह वतन लौटती हैं, तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जा सकता है। उनके खिलाफ पहले से तय सजाएं और कई लंबित मामले इस कार्रवाई का मुख्य आधार बनेंगे, जिसे उनकी कानूनी टीम अदालतों में चुनौती देने की तैयारी करेगी।
बांग्लादेश की राजनीति में लंबे समय तक एकछत्र राज करने वाली पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की स्वदेश वापसी की अटकलें इस समय सबसे बड़ा सवाल बनी हुई हैं। सत्ता परिवर्तन के बाद देश से बाहर गईं शेख हसीना अगर वापस लौटती हैं, तो उनके सामने चुनौतियों का एक बड़ा पहाड़ खड़ा है। राजनीतिक विश्लेषकों और कानूनी जानकारों का मानना है कि उनकी वापसी के साथ ही देश की सियासत में एक नया मोड़ आ सकता है।

शेख हसीना की वतन वापसी: गिरफ्तारी या कानूनी लड़ाई, क्या होगा आगे?
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की स्वदेश वापसी को लेकर सियासी गलियारों में हलचल तेज है। अगर वह वतन लौटती हैं, तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जा सकता है। उनके खिलाफ पहले से तय सजाएं और कई लंबित मामले इस कार्रवाई का मुख्य आधार बनेंगे, जिसे उनकी कानूनी टीम अदालतों में चुनौती देने की तैयारी करेगी।
बांग्लादेश की राजनीति में लंबे समय तक एकछत्र राज करने वाली पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की स्वदेश वापसी की अटकलें इस समय सबसे बड़ा सवाल बनी हुई हैं। सत्ता परिवर्तन के बाद देश से बाहर गईं शेख हसीना अगर वापस लौटती हैं, तो उनके सामने चुनौतियों का एक बड़ा पहाड़ खड़ा है। राजनीतिक विश्लेषकों और कानूनी जानकारों का मानना है कि उनकी वापसी के साथ ही देश की सियासत में एक नया मोड़ आ सकता है।
कदम रखते ही गिरफ्तारी का संकट
शेख हसीना के बांग्लादेश की धरती पर कदम रखते ही जो सबसे पहला और संभावित कदम होगा, वह है उनकी गिरफ्तारी। वर्तमान प्रशासन उनके आते ही उन्हें हिरासत में लेने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह उनके खिलाफ पहले से आ चुके अदालती फैसले और सजाएं हैं। इसके अलावा, उन पर दर्जनों ऐसे मामले भी लंबित हैं, जिनमें उनकी सीधी संलिप्तता के आरोप हैं। ऐसे में कानून प्रवर्तन एजेंसियां बिना कोई वक्त गंवाए उन्हें जेल भेज सकती हैं।
कानूनी टीम की जवाबी रणनीति
गिरफ्तारी की इस आशंका के बीच शेख हसीना की लीगल टीम भी शांत बैठने वाली नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, उनके वकीलों ने एक मजबूत कानूनी ढांचा तैयार कर लिया है। जैसे ही उन पर कोई कार्रवाई होगी, उनकी टीम अदालती फैसलों को चुनौती देने के लिए ऊपरी अदालतों का दरवाजा खटखटाएगी। इन अपीलों के जरिए न सिर्फ पुरानी सजाओं पर रोक लगाने की मांग की जाएगी, बल्कि लंबित मामलों में फिर से सुनवाई (Re-trial) की गुहार भी लगाई जाएगी, ताकि उन्हें कानूनी राहत मिल सके।
सड़कों से लेकर अदालत तक का घमासान
शेख हसीना की वापसी सिर्फ एक कानूनी लड़ाई तक सीमित नहीं रहेगी। अवामी लीग के समर्थक और उनके विरोधी, दोनों ही इस घटनाक्रम पर नजरें गड़ाए हुए हैं। एक तरफ जहां उनके विरोधी सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनकी पार्टी इसे एक राजनीतिक प्रतिशोध के रूप में देख रही है। अदालत के भीतर चलने वाली इस लंबी कानूनी जद्दोजहद का सीधा असर बांग्लादेश की सड़कों और वहां की कानून-व्यवस्था पर भी दिखना तय माना जा रहा है।
भारत की ऐतिहासिक हार और आयरिश कोच का चौंकाने वाला विदाईनामा

भारत की ऐतिहासिक हार और आयरिश कोच का चौंकाने वाला विदाईनामा

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📅 30 Jun2026

आयरलैंड क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी जीत का जश्न अभी थमा भी नहीं था कि खेल जगत को एक बड़ा झटका लगा है। भारत के खिलाफ टी20 सीरीज में 2-0 की ऐतिहासिक फतह दर्ज करने के ठीक बाद, आयरिश पुरुष टीम के मुख्य कोच हेनरिक मलान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। 2027 तक के अनुबंध के बावजूद उनका यह फैसला हर किसी को हैरान कर रहा है।

भारत की ऐतिहासिक हार और आयरिश कोच का चौंकाने वाला विदाईनामा
आयरलैंड क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी जीत का जश्न अभी थमा भी नहीं था कि खेल जगत को एक बड़ा झटका लगा है। भारत के खिलाफ टी20 सीरीज में 2-0 की ऐतिहासिक फतह दर्ज करने के ठीक बाद, आयरिश पुरुष टीम के मुख्य कोच हेनरिक मलान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। 2027 तक के अनुबंध के बावजूद उनका यह फैसला हर किसी को हैरान कर रहा है।
शिखर पर पहुंचकर छोड़ दिया साथ: मलान का चौंकाने वाला फैसला
क्रिकेट के मैदान पर अक्सर देखा जाता है कि खराब प्रदर्शन के बाद कोच गाज गिरने से पहले ही हट जाते हैं, लेकिन हेनरिक मलान ने इसके उलट कहानी लिखी। टीम को कामयाबी के सातवें आसमान पर पहुंचाने के बाद उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया। भारत जैसी दिग्गज टीम को टी20 सीरीज में 2-0 से धूल चटाना कोई मामूली बात नहीं है। इस ऐतिहासिक जीत के तुरंत बाद मलान का यह कदम प्रशंसकों और क्रिकेट पंडितों दोनों के गले नहीं उतर रहा है। 45 वर्षीय मलान का कार्यकाल साल 2027 तक निर्धारित था, मगर उन्होंने बीच सफर में ही टीम को अलविदा कह दिया।
सुनहरे दौर का अंत: मलान का बेमिसाल सफर
साल 2022 में जब हेनरिक मलान ने आयरलैंड टीम की कमान संभाली थी, तब टीम के सामने कई चुनौतियां थीं। उन्होंने न सिर्फ टीम को एक मजबूत इकाई में बदला, बल्कि आयरिश क्रिकेट को वो मुकाम दिया जिसकी कल्पना कुछ साल पहले तक नामुमकिन लगती थी। मलान के ही मार्गदर्शन में आयरलैंड ने लगातार तीन टी20 विश्व कप के लिए क्वॉलिफाई करने का गौरव हासिल किया। इतना ही नहीं, खेल के सबसे लंबे और कठिन प्रारूप यानी टेस्ट क्रिकेट में आयरलैंड ने जो शुरुआती तीन जीत दर्ज कीं, वो भी मलान की रणनीतियों का ही नतीजा थीं।
एक नए युग की दहलीज पर आयरिश क्रिकेट
मलान के जाने से आयरलैंड क्रिकेट में एक बड़े शून्य की स्थिति पैदा हो गई है। उन्होंने टीम में जो आक्रामकता और आत्मविश्वास भरा था, उसी की बदौलत आज यह टीम बड़ी से बड़ी चुनौती से टकराने का माद्दा रखती है। भारत के खिलाफ मिली यह सीरीज जीत इस बात का गवाह है कि मलान ने पीछे एक ऐसी विरासत छोड़ी है, जो आने वाले समय में प्रतिद्वंद्वियों को डराती रहेगी। अब क्रिकेट बोर्ड के सामने सबसे बड़ी चुनौती मलान का विकल्प ढूंढने की होगी, जो इस विजयी रथ को आगे बढ़ा सके और 2027 के दृष्टिकोण को पूरा कर पाए। खिलाड़ियों के लिए भी इस बड़े झटके से उबरकर आगे की सीरीज पर ध्यान लगाना आसान नहीं होगा।
वैभव सूर्यवंशी का इंतजार बढ़ा, कोच टेन डोशेट ने दिया बड़ा बयान

वैभव सूर्यवंशी का इंतजार बढ़ा, कोच टेन डोशेट ने दिया बड़ा बयान

Delight News
📅 30 Jun2026

भारतीय क्रिकेट टीम के सहायक कोच रायन टेन डोशेट ने स्पष्ट किया है कि युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज़ में डेब्यू के लिए अभी इंतजार करना होगा। डोशेट के मुताबिक, मौजूदा ओपनर्स के शानदार फॉर्म के चलते उन्हें बाहर नहीं किया जा सकता और सूर्यवंशी को भी बाकी खिलाड़ियों की तरह तय प्रक्रिया से गुजरना होगा।

वैभव सूर्यवंशी का इंतजार बढ़ा, कोच टेन डोशेट ने दिया बड़ा बयान
खबर का निचोड़ (Summary)
भारतीय क्रिकेट टीम के सहायक कोच रायन टेन डोशेट ने स्पष्ट किया है कि युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज़ में डेब्यू के लिए अभी इंतजार करना होगा। डोशेट के मुताबिक, मौजूदा ओपनर्स के शानदार फॉर्म के चलते उन्हें बाहर नहीं किया जा सकता और सूर्यवंशी को भी बाकी खिलाड़ियों की तरह तय प्रक्रिया से गुजरना होगा।
बेंच पर ही रहेगा युवा तुर्क, प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना आसान नहीं
भारतीय क्रिकेट फैंस जिस युवा खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर देखने के लिए बेताब थे, उसे फिलहाल अपनी बारी के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा। आयरलैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज़ में युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू की अटकलें तेज थीं, लेकिन टीम मैनेजमेंट ने साफ कर दिया है कि भारतीय टीम की कैप (Cap) हासिल करने का रास्ता इतना सीधा नहीं है। सहायक कोच रायन टेन डोशेट ने इस फैसले के पीछे की बड़ी वजह को सामने रखा है।
मौजूदा ओपनर्स का जलवा, जगह खाली करना मुमकिन नहीं
टीम के सहायक कोच रायन टेन डोशेट ने साफ लहजे में कहा कि इस समय जो ओपनर्स टीम के लिए खेल रहे हैं, उनके प्रदर्शन को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। मौजूदा सलामी बल्लेबाजों ने अपने खेल से टीम में अपनी जगह को बेहद मजबूत कर लिया है। ऐसे में किसी नए खिलाड़ी को मौका देने के लिए स्थापित और फॉर्म में चल रहे खिलाड़ियों को प्लेइंग इलेवन से ड्रॉप करना बिल्कुल भी सही फैसला नहीं होगा। टीम का मौजूदा संतुलन ही सूर्यवंशी के डेब्यू की राह में सबसे बड़ी वजह बनकर उभरा है।
'प्रोसेस' से नहीं होगा कोई समझौता, कोच की दो टूक
रायन टेन डोशेट ने भारतीय क्रिकेट के उस 'सिस्टम' और 'प्रोसेस' की अहमियत पर जोर दिया, जिसने पिछले कुछ सालों में देश को कई मैच-विजेता खिलाड़ी दिए हैं। डोशेट का कहना है कि वैभव सूर्यवंशी बेहद प्रतिभाशाली हैं, लेकिन उन्हें भी उसी तय प्रक्रिया और घरेलू क्रिकेट के रास्तों से होकर गुजरना होगा, जिससे बाकी खिलाड़ी सीनियर टीम तक पहुंचे हैं। भारतीय टीम में एंट्री के लिए किसी भी खिलाड़ी के लिए कोई शॉर्टकट नहीं हो सकता, चाहे उसकी प्रतिभा कितनी भी असाधारण क्यों न हो।
धैर्य और समय ही है सफलता की कुंजी
मैनेजमेंट ने इस युवा बल्लेबाज को संदेश दिया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कदम रखने के लिए केवल आक्रामक बल्लेबाजी ही काफी नहीं होती, बल्कि सही समय का इंतजार करना भी आना चाहिए। कोच डोशेट ने सूर्यवंशी को सलाह दी है कि वे फिलहाल धैर्य रखें, परिस्थितियों को समझें और समय लें। भारतीय ड्रेसिंग रूम का हिस्सा होना और सीनियर खिलाड़ियों के साथ वक्त बिताना भी उनके लिए सीखने का एक बेहतरीन अनुभव साबित होगा, जो भविष्य में उनके बेहद काम आने वाला है।
केतन मर्डर केस के बाद लोहगढ़ किले में उमड़े पर्यटक, 25% बढ़ी भीड़

केतन मर्डर केस के बाद लोहगढ़ किले में उमड़े पर्यटक, 25% बढ़ी भीड़

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📅 30 Jun2026

लोहगढ़ किले में केतन अग्रवाल हत्याकांड के बाद पर्यटकों की आमद में अचानक 25 प्रतिशत का उछाल आया है। आरोपी मंगतेर सिया और उसके प्रेमी द्वारा केतन को किले से धक्का देने की सनसनीखेज घटना के बाद, अब लोग इस ऐतिहासिक स्थल पर दुर्घटना वाली सटीक जगह को देखने के लिए उत्सुक हैं। सुरक्षाकर्मियों से लगातार इस घटना से जुड़े सवाल पूछे जा रहे हैं।

केतन मर्डर केस के बाद लोहगढ़ किले में उमड़े पर्यटक, 25% बढ़ी भीड़
खबर का निचोड़
लोहगढ़ किले में केतन अग्रवाल हत्याकांड के बाद पर्यटकों की आमद में अचानक 25 प्रतिशत का उछाल आया है। आरोपी मंगतेर सिया और उसके प्रेमी द्वारा केतन को किले से धक्का देने की सनसनीखेज घटना के बाद, अब लोग इस ऐतिहासिक स्थल पर दुर्घटना वाली सटीक जगह को देखने के लिए उत्सुक हैं। सुरक्षाकर्मियों से लगातार इस घटना से जुड़े सवाल पूछे जा रहे हैं।
खौफनाक वारदात के बाद बढ़ा रोमांच, ऐतिहासिक किले में उमड़ी भारी भीड़
ऐतिहासिक और शांत रहने वाले लोहगढ़ किले में इन दिनों पर्यटकों की चहल-पहल अचानक काफी बढ़ गई है। अमूमन इतिहास और प्राकृतिक खूबसूरती के लिए पहचाने जाने वाले इस किले में इस बार सैलानियों के आने की वजह थोड़ी अलग और हैरान करने वाली है। हाल ही में हुए चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस के बाद से यहां आने वाले लोगों की संख्या में सीधे 25 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अपराध की इस खौफनाक दास्तान ने लोगों के भीतर एक अजीब तरह की उत्सुकता जगा दी है, जो उन्हें इस पहाड़ी किले तक खींच ला रही है।
क्राइम स्पॉट देखने की होड़: सुरक्षाकर्मियों से हो रहे अजीब सवाल
किले के प्रवेश द्वार से लेकर मुख्य ऊंचाइयों तक, इस समय पर्यटकों के बीच केवल एक ही चर्चा आम है। यहां आने वाले नए और पुराने मुसाफिर किले की वास्तुकला को देखने के बजाय उस बदनाम जगह की तलाश कर रहे हैं, जहां से केतन को नीचे फेंका गया था। किले की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मी और स्थानीय गाइड इन दिनों पर्यटकों के अजीबोगरीब सवालों से घिरे हुए हैं। हर दूसरा सैलानी उनसे पूछता नजर आ रहा है कि "वह जगह कहां है जहां से केतन को धक्का दिया गया था?" या "घटना के वक्त वहां क्या स्थिति थी?"
क्या है पूरा मामला? त्रिकोणीय प्रेम और हत्या की साजिश
इस पूरे मामले की जड़ें एक गहरी और खौफनाक साजिश से जुड़ी हैं। पुलिस जांच और रिपोर्टों के मुताबिक, केतन अग्रवाल की मौत कोई हादसा नहीं बल्कि एक सोची-समझी हत्या थी। इस वारदात को अंजाम देने का आरोप केतन की ही परिचित मंगतेर सिया और उसके प्रेमी पर लगा है। आरोप है कि दोनों ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया और इसके लिए लोहगढ़ किले की सुनसान ऊंचाई को चुना। आरोपियों ने केतन को किले के एक ऊंचे और खतरनाक हिस्से पर ले जाकर वहां से सीधे गहरी खाई में धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
डार्क टूरिज्म का नया केंद्र बनता लोहगढ़ किला
इस घटना के बाद से लोहगढ़ किले में 'डार्क टूरिज्म' (ऐसी जगहें जहां कोई त्रासदी या अपराध हुआ हो, वहां घूमने जाना) जैसा नजारा देखने को मिल रहा है। वीकेंड पर तो हालात यह हैं कि सुरक्षा संभालना मुश्किल हो रहा है। सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों पर इस मर्डर केस की कड़ियों के खुलने के बाद, युवाओं और ट्रैवलर्स के बीच इस जगह को लाइव देखने का क्रेज तेजी से बढ़ा है। प्रशासन अब इस बढ़ती भीड़ को देखते हुए किले के खतरनाक मोड़ों और ऊंचाइयों पर सुरक्षा बढ़ाने पर विचार कर रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय घटना या दुर्घटना को रोका जा सके।
आयरलैंड से हारे, तो याद आए 15 साल के वैभव सूर्यवंशी: फैंस भड़के

आयरलैंड से हारे, तो याद आए 15 साल के वैभव सूर्यवंशी: फैंस भड़के

Delight News
📅 29 Jun2026

आयरलैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज़ में भारतीय टीम की अप्रत्याशित हार ने क्रिकेट गलियारों में खलबली मचा दी है। इस करारी शिकस्त के बाद फैंस का गुस्सा सातवें आसमान पर है और उन्होंने टीम मैनेजमेंट के फैसलों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। फैंस सोशल मीडिया पर 15 वर्षीय युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखने को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।

आयरलैंड से हारे, तो याद आए 15 साल के वैभव सूर्यवंशी: फैंस भड़के
खबर का निचोड़:
आयरलैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज़ में भारतीय टीम की अप्रत्याशित हार ने क्रिकेट गलियारों में खलबली मचा दी है। इस करारी शिकस्त के बाद फैंस का गुस्सा सातवें आसमान पर है और उन्होंने टीम मैनेजमेंट के फैसलों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। फैंस सोशल मीडिया पर 15 वर्षीय युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखने को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।
शर्मनाक हार के बाद सवालों के घेरे में टीम मैनेजमेंट
आयरलैंड जैसी टीम के सामने भारतीय टीम का सरेंडर फैंस को बिल्कुल रास नहीं आ रहा है। टी20 सीरीज़ में मिली इस शिकस्त ने टीम की रणनीतियों और चयन प्रक्रिया की कमियों को उजागर कर दिया है। मैच खत्म होने के तुरंत बाद से ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैंस ने मोर्चा खोल दिया। फैंस का मानना है कि जब सीनियर खिलाड़ी फ्लॉप हो रहे थे, तो युवा और आक्रामक खिलाड़ियों को आजमाने में संकोच क्यों किया गया? इस बहस के केंद्र में हैं बिहार के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी, जिन्हें पूरी सीरीज़ के दौरान बेंच पर बैठे रहना पड़ा।
15 साल के वैभव को क्यों नहीं मिला डेब्यू का मौका?
वैभव सूर्यवंशी ने घरेलू क्रिकेट और जूनियर स्तर पर अपने बल्ले से जो तबाही मचाई है, उसके बाद हर किसी को उम्मीद थी कि इस दौरे पर उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने का मौका मिलेगा। महज 15 साल की उम्र में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से दिग्गजों को प्रभावित करने वाले वैभव को बाहर रखना फैंस की समझ से परे है। फैंस का गुस्सा इस बात पर है कि जब टीम के नियमित सलामी बल्लेबाज रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे, तब इस युवा प्रतिभा को प्लेइंग इलेवन में शामिल करके एक साहसिक फैसला क्यों नहीं लिया गया।
सोशल मीडिया पर फूटा फैंस का गुस्सा
इंटरनेट पर क्रिकेट प्रेमियों ने टीम के इस फैसले के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली है। एक्स (पहले ट्विटर) और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर वैभव सूर्यवंशी का नाम ट्रेंड करने लगा है। फैंस लगातार मैनेजमेंट को आड़े हाथों ले रहे हैं। एक निराश फैन ने लिखा, "अगर सूर्यवंशी प्लेइंग इलेवन में होते तो भारत को यह दिन नहीं देखना पड़ता और हम सीरीज़ नहीं हारते।" वहीं कई अन्य यूज़र्स का कहना है कि भारतीय क्रिकेट को अब रूढ़िवादी सोच से बाहर निकलकर वैभव जैसे निडर बल्लेबाजों को मौका देना होगा, जो पहली ही गेंद से मैच का रुख बदलने का माद्दा रखते हैं।
युवा प्रतिभाओं को दरकिनार करने की भारी कीमत
क्रिकेट पंडितों और प्रशंसकों का एक बड़ा वर्ग इस बात से सहमत है कि आयरलैंड जैसी टीम के खिलाफ सीरीज हमेशा नए प्रयोगों और युवाओं को तराशने के लिए सबसे सही मंच होती है। ऐसे में वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी को पूरे दौरे पर सिर्फ टीम बस की यात्रा और ड्रिंक्स ले जाने तक सीमित रखना उनके टैलेंट के साथ नाइंसाफी है। फैंस का स्पष्ट कहना है कि अगर भारतीय टीम को टी20 फॉर्मेट में अपनी बादशाहत कायम रखनी है, तो उसे उम्र के ढर्रे को छोड़कर फॉर्म और बेखौफ अंदाज को तवज्जो देनी होगी। फिलहाल, इस हार और वैभव को न खिलाने के फैसले ने टीम इंडिया के थिंक टैंक को बैकफुट पर धकेल दिया है।

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