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महाराष्ट्र की सियासत में भूचाल: उद्धव ठाकरे को लग सकता है बड़ा झटका

महाराष्ट्र की सियासत में भूचाल: उद्धव ठाकरे को लग सकता है बड़ा झटका

Delight News
📅 26 Jun2026

महाराष्ट्र की राजनीति में उठापटक का दौर जारी है। शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने दावा किया है कि उद्धव ठाकरे गुट के कई अन्य नेता जल्द ही एकनाथ शिंदे के खेमे में शामिल हो सकते हैं। ठाकरे के जनाधार खोने की बात कहते हुए इस दावे ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।

महाराष्ट्र की सियासत में भूचाल: उद्धव ठाकरे को लग सकता है बड़ा झटका
खबर का निचोड़
महाराष्ट्र की राजनीति में उठापटक का दौर जारी है। शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने दावा किया है कि उद्धव ठाकरे गुट के कई अन्य नेता जल्द ही एकनाथ शिंदे के खेमे में शामिल हो सकते हैं। ठाकरे के जनाधार खोने की बात कहते हुए इस दावे ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।
ठाकरे के किले में बढ़ती दरार
महाराष्ट्र की सियासत एक बार फिर से गर्मा गई है। शिवसेना (यूबीटी) के मुखिया उद्धव ठाकरे के लिए आने वाले दिन और भी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। हाल ही में शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने एक बड़ा बयान देकर राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। उनके मुताबिक, ठाकरे का प्रभाव कम होता जा रहा है और उनकी पार्टी के कई नेता अब अपना भविष्य एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में देख रहे हैं।
आधार खो चुकी है यूबीटी?
श्रीकांत शिंदे ने सीधे तौर पर उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि अब उनके पास न तो जनता का समर्थन बचा है और न ही पार्टी पर वैसी पकड़। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ठाकरे का जनाधार पूरी तरह से खिसक चुका है। यही वजह है कि पार्टी के भीतर घबराहट और असंतोष का माहौल है। शिंदे के अनुसार, कई नेता अब वर्तमान उप-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के काम करने के तरीके और उनकी नीतियों से प्रभावित होकर उनके साथ जुड़ने को तैयार बैठे हैं।
सत्ता का गणित और बदलता समीकरण
यह दावा इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि इसके पहले भी यूबीटी के 6 सांसद पाला बदलकर शिंदे गुट का दामन थाम चुके हैं। राजनीति के जानकार मानते हैं कि अगर ये दावा हकीकत में बदलता है, तो आगामी चुनावों से पहले उद्धव ठाकरे की पार्टी और अधिक कमजोर हो जाएगी। एकनाथ शिंदे गुट लगातार अपनी संख्या बल को बढ़ा रहा है, जिससे महाराष्ट्र की सत्ता में उनकी स्थिति और अधिक मजबूत होती नजर आ रही है।
क्या ठाकरे रोक पाएंगे 'पलायन'?
राजनीतिक गलियारों में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर उद्धव ठाकरे इस स्थिति को कैसे संभालेंगे? पार्टी के भीतर टूट की खबरों के बीच अब नेतृत्व के लिए अपने वफादार नेताओं को साथ बनाए रखना सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा है। जहां एक तरफ शिंदे गुट पूरी आत्मविश्वास के साथ यह दावा कर रहा है कि और भी नेता उनके संपर्क में हैं, वहीं ठाकरे के खेमे के लिए अपनी जमीन बचाए रखना दिन-ब-दिन मुश्किल होता जा रहा है। आने वाले कुछ सप्ताह महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बेहद निर्णायक साबित हो सकते हैं।
NEET और अपराधों पर भड़कीं देवोलीना: 'ऐसी सरकार का क्या मतलब?'

NEET और अपराधों पर भड़कीं देवोलीना: 'ऐसी सरकार का क्या मतलब?'

Delight News
📅 25 Jun2026

मशहूर अभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्जी ने देश में बढ़ते अपराधों और NEET परीक्षा लीक मामले को लेकर व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने केतन-सिया, भरत तिवारी और पेपर लीक जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए बिना नाम लिए सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि बताया।

NEET और अपराधों पर भड़कीं देवोलीना: 'ऐसी सरकार का क्या मतलब?'
खबर का निचोड़
मशहूर अभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्जी ने देश में बढ़ते अपराधों और NEET परीक्षा लीक मामले को लेकर व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने केतन-सिया, भरत तिवारी और पेपर लीक जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए बिना नाम लिए सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि बताया।
देवोलीना का फूटा गुस्सा, व्यवस्था को घेरा
टेलीविजन जगत की जानी-मानी अभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्जी अपनी बेबाक राय के लिए जानी जाती हैं। देश के समसामयिक मुद्दों और संवेदनशील मामलों पर वे अक्सर अपनी आवाज बुलंद करती रही हैं। इस बार देवोलीना का गुस्सा देश की मौजूदा कानून-व्यवस्था और हाल ही में हुए परीक्षा घोटालों पर फूटा है। सोशल मीडिया से लेकर सार्वजनिक मंचों तक उनके इस बयान की जमकर चर्चा हो रही है, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर शासन की जवाबदेही पर उंगली उठाई है।
केतन-सिया, भरत तिवारी और NEET का जिक्र
हाल के दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों से आई झकझोर देने वाली घटनाओं ने हर नागरिक को सोचने पर मजबूर कर दिया है। केतन-सिया और भरत तिवारी से जुड़े मामलों ने जहां कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े किए, वहीं NEET परीक्षा में हुई कथित धांधली और पेपर लीक मामले ने लाखों छात्रों के भविष्य को अधर में लटका दिया है। देवोलीना ने इन्हीं मुद्दों को आधार बनाकर बिना किसी का नाम लिए सत्ता और प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया है। उनका यह बयान उन आम नागरिकों के दर्द को बयां करता है जो न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
'तो फिर सरकार का मतलब क्या है?'
देवोलीना भट्टाचार्जी ने बेहद तीखे और सीधे शब्दों में सरकार के अस्तित्व और उसके कर्तव्यों को लेकर कुछ बुनियादी सवाल दागे हैं। उन्होंने देश की सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि अगर कोई सरकार अपने ही नागरिकों को सुरक्षित महसूस नहीं करा सकती, तो उसकी सार्थकता पर सवाल उठना लाजिमी है। उन्होंने पूछा कि जब बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाना मुश्किल साबित हो रहा हो, पीड़ितों को समय पर न्याय न मिल रहा हो और कानून का शासन सभी के लिए समान रूप से लागू न हो पा रहा हो, तो फिर जनता ऐसी व्यवस्था से क्या उम्मीद रखे? ऐसी स्थिति में सरकार होने का आखिर क्या मतलब रह जाता है?
जनता के हक और सुरक्षा की मांग
अभिनेत्री का यह रुख साफ करता है कि देश में महिलाओं, युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर अब सिर्फ लीपापोती से काम नहीं चलने वाला। परीक्षा लीक जैसी घटनाएं न केवल युवाओं का भरोसा तोड़ती हैं, बल्कि उनके सालों की मेहनत पर भी पानी फेर देती हैं। वहीं दूसरी ओर, गंभीर अपराधों के मामलों में त्वरित कार्रवाई न होना अपराधियों के हौसले बुलंद करता है। देवोलीना का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर अपनी तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। आम जनता भी उनके सुर में सुर मिलाते हुए जवाबदेही की मांग कर रही है।
हॉलीवुड में संघर्ष, बॉलीवुड में राज: प्रियंका चोपड़ा का बड़ा कबूलनामा

हॉलीवुड में संघर्ष, बॉलीवुड में राज: प्रियंका चोपड़ा का बड़ा कबूलनामा

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📅 25 Jun2026

ग्लोबल आइकॉन प्रियंका चोपड़ा ने कान लायंस कॉन्फ्रेंस में अपने करियर को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला बयान दिया है। प्रियंका का मानना है कि हॉलीवुड के मुकाबले उनका बॉलीवुड सफर कहीं अधिक सफल और शानदार रहा है। उन्होंने साफ कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वह अभी भी खुद को साबित करने के संघर्ष से गुजर रही हैं।

हॉलीवुड में संघर्ष, बॉलीवुड में राज: प्रियंका चोपड़ा का बड़ा कबूलनामा
खबर का निचोड़
ग्लोबल आइकॉन प्रियंका चोपड़ा ने कान लायंस कॉन्फ्रेंस में अपने करियर को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला बयान दिया है। प्रियंका का मानना है कि हॉलीवुड के मुकाबले उनका बॉलीवुड सफर कहीं अधिक सफल और शानदार रहा है। उन्होंने साफ कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वह अभी भी खुद को साबित करने के संघर्ष से गुजर रही हैं।
बॉलीवुड की 'क्वीन' का हॉलीवुड में संघर्ष
ग्लोबल मंचों पर भारत का परचम लहराने वाली प्रियंका चोपड़ा जोनास ने एक बार फिर अपनी बेबाकी से सबको हैरान कर दिया है। हाल ही में कान लायंस इंटरनेशनल फेस्टिवल ऑफ क्रिएटिविटी में शामिल हुईं प्रियंका ने अपने फिल्मी सफर पर खुलकर बात की। उन्होंने बेहद ईमानदारी से स्वीकार किया कि जब काम की संतुष्टि और सफलता की बात आती है, तो उनका बॉलीवुड करियर हॉलीवुड की तुलना में मीलों आगे है।
अक्सर माना जाता है कि पश्चिम का रुख करने के बाद कलाकार अपने पुराने दिनों को पीछे छोड़ देते हैं, लेकिन प्रियंका ने इसके उलट जाकर हिंदी सिनेमा के प्रति अपना आभार और सम्मान जताया है।
"अभी तक कुछ खास नहीं किया"
कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रियंका ने एक ऐसा बयान दिया जिसने उनके फैंस को सोचने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा कि एक ग्लोबल स्टार के रूप में देखे जाने के बावजूद, उन्हें व्यक्तिगत तौर पर ऐसा महसूस होता है कि उन्होंने अभी तक अपने करियर में कुछ खास नहीं किया है। यह आत्ममंथन उस अभिनेत्री की तरफ से आया है जिसने 'क्वांटिको' और 'सिटाडेल' जैसे बड़े अमेरिकी प्रोजेक्ट्स में मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। प्रियंका का यह बयान दिखाता है कि वह हॉलीवुड में मिलने वाले किरदारों और अपनी मौजूदा स्थिति से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं।
पहचान बनाने की वैश्विक चुनौतियां
प्रियंका चोपड़ा ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि हॉलीवुड में एक दक्षिण एशियाई कलाकार के रूप में अपनी पहचान बनाना आज भी एक बेहद कठिन काम है। बॉलीवुड में 'बर्फी', 'मैरी कॉम' और 'बाजीराव मस्तानी' जैसी फिल्मों में अपनी अदाकारी का लोहा मनवाने के बाद, हॉलीवुड में उन्हें दोबारा जमीन से शुरुआत करनी पड़ी। प्रियंका के मुताबिक, पश्चिम के बाजार में पैर जमाने और वहां के मेकर्स को अपनी काबिलियत का अहसास कराने के लिए उन्हें आज भी लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
दोनों कश्तियों की सवारी और अनुभवों का अंतर
प्रियंका ने दोनों फिल्म इंडस्ट्रीज के काम करने के तरीके और वहां मिले सम्मान के अंतर को साफ रेखांकित किया। जहां भारत में उन्होंने अपनी अभिनय क्षमता के दम पर एक दशक से ज्यादा समय तक राज किया और हर तरह के कल्ट किरदार निभाए, वहीं हॉलीवुड में उन्हें अभी भी वैसी विविधता और गहराई वाले किरदारों की तलाश है। उनका यह बयान फिल्म इंडस्ट्री में चल रहे नेपोटिज्म, आउटसाइडर्स के संघर्ष और ग्लोबल सिनेमा में डायवर्सिटी (विविधता) की असल सच्चाई को भी बयां करता है।
युवराज संग रणजी खेलने वाला पार्षद कैसे बना खूंखार सीरियल रेपिस्ट? एनकाउंटर में ढेर

युवराज संग रणजी खेलने वाला पार्षद कैसे बना खूंखार सीरियल रेपिस्ट? एनकाउंटर में ढेर

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📅 25 Jun2026

क्रिकेट के मैदान पर युवराज सिंह जैसे दिग्गजों के साथ रणजी खेलने वाला और बाद में चंडीगढ़ नगर निगम में पार्षद बना सतिंदर सिंह उर्फ 'सत्तू' अपराध के दलदल में ऐसा धंसा कि उसका अंत बेहद खौफनाक रहा। जेल से फरार होकर 6 लड़कियों के अपहरण और बलात्कार को अंजाम देने वाले इस सीरियल रेपिस्ट को मुजफ्फरनगर में पुलिस ने एक एनकाउंटर में ढेर कर दिया है।

युवराज संग रणजी खेलने वाला पार्षद कैसे बना खूंखार सीरियल रेपिस्ट? एनकाउंटर में ढेर
खबर का निचोड़:
क्रिकेट के मैदान पर युवराज सिंह जैसे दिग्गजों के साथ रणजी खेलने वाला और बाद में चंडीगढ़ नगर निगम में पार्षद बना सतिंदर सिंह उर्फ 'सत्तू' अपराध के दलदल में ऐसा धंसा कि उसका अंत बेहद खौफनाक रहा। जेल से फरार होकर 6 लड़कियों के अपहरण और बलात्कार को अंजाम देने वाले इस सीरियल रेपिस्ट को मुजफ्फरनगर में पुलिस ने एक एनकाउंटर में ढेर कर दिया है।
खेल के मैदान से जरायम की दुनिया तक
एक वक्त था जब सतिंदर सिंह उर्फ सत्तू के हाथों में क्रिकेट का बल्ला हुआ करता था। वह खेल के मैदान पर अपनी किस्मत आजमा रहा था और उसने प्रथम श्रेणी क्रिकेट यानी रणजी ट्रॉफी में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी। इस दौरान उसने भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी युवराज सिंह के साथ भी मैदान साझा किया। खेल में नाम कमाने के बाद उसने राजनीति का रुख किया और साल 2007 में चंडीगढ़ नगर निगम का पार्षद चुनकर सत्ता के गलियारों में कदम रखा। लेकिन किसे पता था कि सफेदपोश और खिलाड़ी की छवि के पीछे एक खूंखार अपराधी छिपा है।
जेल से फरारी और दहशत का नया दौर
सत्तू का अतीत जितना चमकदार नजर आता था, उसका वर्तमान उतना ही स्याह हो चुका था। गंभीर अपराधों के आरोप में वह सलाखों के पीछे दिन काट रहा था, लेकिन इसी साल फरवरी के महीने में वह पुलिस को चकमा देकर जेल से फरार हो गया। जेल की चहारदीवारी से बाहर आते ही उसने मुजफ्फरनगर और आसपास के इलाकों में खौफ का दूसरा नाम बनने की ठान ली। उसने एक के बाद एक कई संगीन वारदातों को अंजाम देकर कानून व्यवस्था को खुली चुनौती दी।
6 मासूमों का अपहरण और अस्मत पर डाका
जेल से भागने के बाद सत्तू ने अपनी हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। वह एक सीरियल रेपिस्ट के रूप में तब्दील हो चुका था। उसने कथित तौर पर 6 लड़कियों को अपनी हवस का शिकार बनाया। वारदात का तरीका इतना खौफनाक था कि वह पहले लड़कियों का अपहरण करता और फिर बंदूक की नोंक पर उनके साथ बलात्कार करता था। इन वारदातों के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था और पुलिस लगातार उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी।
मुजफ्फरनगर में खाकी का एक्शन, एनकाउंटर में अंत
सत्तू की तलाश में जुटी मुजफ्फरनगर पुलिस को आखिरकार उसकी सटीक लोकेशन हाथ लगी। पुलिस की विशेष टीम ने उसे चारों तरफ से घेरकर आत्मसमर्पण करने को कहा, लेकिन खुद को फंसता देख इस शातिर अपराधी ने पुलिस टीम पर ही फायरिंग झोंक दी। आत्मरक्षार्थ में पुलिस की तरफ से भी जवाबी कार्रवाई की गई। दोनों ओर से हुई इस मुठभेड़ में गोलियां लगने के कारण सीरियल रेपिस्ट सत्तू गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस एनकाउंटर के साथ ही खेल और राजनीति से शुरू होकर अपराध के खूनी रास्ते पर खत्म होने वाली एक खौफनाक दास्तान का अंत हो गया।
मनी लॉन्डरिंग केस: जैकलीन फर्नांडिस को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत

मनी लॉन्डरिंग केस: जैकलीन फर्नांडिस को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत

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📅 25 Jun2026

ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्डरिंग मामले में बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस को सुप्रीम कोर्ट से अपनी विशेष अनुमति याचिका (SLP) वापस लेने की मंजूरी मिल गई है। पटियाला हाउस कोर्ट के आरोप तय करने के आदेश को चुनौती देने वाली इस याचिका पर अब सुनवाई नहीं होगी, जिससे अभिनेत्री की कानूनी मुश्किलें बरकरार हैं।

मनी लॉन्डरिंग केस: जैकलीन फर्नांडिस को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत
खबर का निचोड़ (Summary)
ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्डरिंग मामले में बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस को सुप्रीम कोर्ट से अपनी विशेष अनुमति याचिका (SLP) वापस लेने की मंजूरी मिल गई है। पटियाला हाउस कोर्ट के आरोप तय करने के आदेश को चुनौती देने वाली इस याचिका पर अब सुनवाई नहीं होगी, जिससे अभिनेत्री की कानूनी मुश्किलें बरकरार हैं।
मुख्य आर्टिकल
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस की कानूनी राहें एक बार फिर मुश्किलों से घिर गई हैं। देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान अभिनेत्री को अपनी विशेष अनुमति याचिका (SLP) वापस लेने की अनुमति दे दी है। यह याचिका दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ दायर की गई थी, जिसमें मनी लॉन्डरिंग के गंभीर मामले में उनके खिलाफ आरोप तय किए गए थे। अदालत के इस फैसले के बाद अब जैकलीन को निचली अदालत में ही अपनी बेगुनाही साबित करनी होगी।
पटियाला हाउस कोर्ट का रुख और आरोप
यह पूरा मामला महाठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के हाई-प्रोफाइल जबरन वसूली रैकेट से संबंधित है। बीते 30 मई को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट के विशेष प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्डरिंग एक्ट (PMLA) कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जैकलीन फर्नांडिस के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय कर दिए थे। अदालत का मानना था कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा पेश किए गए सबूतों के आधार पर अभिनेत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने के पर्याप्त आधार मौजूद हैं।
जांच एजेंसियों के रडार पर अभिनेत्री
प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस पूरे मामले में जैकलीन फर्नांडिस की भूमिका की गहराई से जांच कर रहा है। जांच एजेंसी का आरोप है कि जैकलीन को मुख्य आरोपी सुकेश चंद्रशेखर की आपराधिक गतिविधियों और ठगी के साम्राज्य के बारे में पूरी जानकारी थी। इसके बावजूद उन्होंने सुकेश से महंगे तोहफे, लग्जरी गाड़ियां, हीरे के आभूषण और भारी-भरकम धनराशि स्वीकार की। ED ने अपनी चार्जशीट में जैकलीन को इस मनी लॉन्डरिंग मामले में सीधे तौर पर आरोपी बनाया है, जिसके बाद से उनकी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।
जैकलीन फर्नांडिस का पक्ष और आगे की राह
दूसरी ओर, जैकलीन फर्नांडिस और उनकी कानूनी टीम लगातार इन आरोपों को सिरे से खारिज करती रही है। अभिनेत्री का दावा है कि वह खुद सुकेश चंद्रशेखर की चालबाजी और साजिश का शिकार हुई हैं और उनका इस ठगी रैकेट से कोई सीधा लेना-देना नहीं है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट से याचिका वापस लेने के बाद अब इस केस की पूरी लड़ाई दिल्ली की विशेष PMLA अदालत में ही लड़ी जाएगी। आने वाले दिनों में कोर्ट की कार्यवाही और गवाहों के बयानों पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी, जो यह तय करेंगे कि बॉलीवुड की इस मशहूर अदाकारा का कानूनी भविष्य क्या मोड़ लेता है।

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