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पुणे में दरिंदगी: मंगेतर को 350 फीट नीचे फेंक मनाया बर्थडे

पुणे में दरिंदगी: मंगेतर को 350 फीट नीचे फेंक मनाया बर्थडे

Delight News
📅 24 Jun2026

महाराष्ट्र के पुणे स्थित ऐतिहासिक लोहागढ़ किले में 24 वर्षीय केतन अग्रवाल की 350 फीट गहरी खाई में गिरने से हुई मौत ने हर किसी को झकझोर दिया है। जिसे शुरुआत में महज एक हादसा समझा जा रहा था, वह असल में केतन की मंगेतर और उसके प्रेमी की खौफनाक साजिश निकली। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।

पुणे में दरिंदगी: मंगेतर को 350 फीट नीचे फेंक मनाया बर्थडे
खबर का निचोड़:
महाराष्ट्र के पुणे स्थित ऐतिहासिक लोहागढ़ किले में 24 वर्षीय केतन अग्रवाल की 350 फीट गहरी खाई में गिरने से हुई मौत ने हर किसी को झकझोर दिया है। जिसे शुरुआत में महज एक हादसा समझा जा रहा था, वह असल में केतन की मंगेतर और उसके प्रेमी की खौफनाक साजिश निकली। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
हादसे के पीछे छिपा था खौफनाक सच
पुणे के प्रसिद्ध लोहागढ़ किले की वादियों में जब 24 साल के केतन अग्रवाल की लाश मिली, तो हर किसी की रूह कांप गई। शुरुआती जांच और परिस्थितियों को देखकर ऐसा लग रहा था कि पैर फिसलने के कारण केतन इस गहरी खाई में गिर गए और उनकी जान चली गई। पुलिस और प्रशासन इसे एक सामान्य ट्रैकर्स दुर्घटना मानकर चल रहे थे। लेकिन जैसे-जैसे इस मामले की परतें खुलीं, उसने कानून के रखवालों के भी होश उड़ा दिए। इंदौर के चर्चित सोनम रघुवंशी कांड की यादें अभी ताजा ही थीं कि पुणे की इस वारदात ने रिश्तों पर से भरोसा ही उठा दिया है।
साजिश के ताने-बाने और बर्थडे का खूनी खेल
जांच में जो सच सामने आया है, वह किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से भी ज्यादा भयानक है। केतन की मौत कोई हादसा नहीं, बल्कि उनकी मंगेतर और उसके प्रेमी द्वारा रची गई एक सोची-समझी हत्या थी। मंगेतर ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर केतन को रास्ते से हटाने का पूरा प्लान तैयार किया था। इसके लिए लोहागढ़ किले जैसी सुनसान और ऊंचाई वाली जगह को चुना गया, ताकि इसे एक दुर्घटना का रूप दिया जा सके। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद मंगेतर ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपना जन्मदिन भी मनाया, जो उनकी संवेदनहीनता की पराकाष्ठा को दर्शाता है।
लोहागढ़ किले से 350 फीट नीचे धकेला
प्लान के मुताबिक, केतन को किले के एक ऐसे हिस्से पर ले जाया गया जहां सुरक्षा बेहद कम थी और खाई की गहराई डराने वाली थी। मौका मिलते ही मंगेतर और उसके साथी ने केतन को 350 फीट नीचे गहरी खाई में धकेल दिया। इतनी ऊंचाई से गिरने के कारण केतन को संभलने का मौका तक नहीं मिला और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी बड़ी चालाकी से वहां से निकल गए और सबूतों को मिटाने की कोशिश की।
पुलिस जांच में खुला राज
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। हालांकि, केतन के परिजनों के संदेह और कॉल डिटेल्स के आधार पर जब पुलिस ने मंगेतर से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसकी बातों के अंतर्विरोध सामने आने लगे। कड़ियों से कड़ियां जुड़ती गईं और आखिरकार इस खूनी खेल का पर्दाफाश हो गया। मंगेतर और उसके प्रेमी के बीच के अवैध संबंधों और केतन को रास्ते से हटाने की इस खौफनाक साजिश की पूरी हकीकत अब कानून के सामने है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
IPL का महा-ट्रेड: ऋषभ पंत की दिल्ली कैपिटल्स में घर वापसी, कुलदीप यादव अब लखनऊ के नवाब

IPL का महा-ट्रेड: ऋषभ पंत की दिल्ली कैपिटल्स में घर वापसी, कुलदीप यादव अब लखनऊ के नवाब

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📅 24 Jun2026

आईपीएल इतिहास के सबसे बड़े ट्रेड डील के तहत स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज़ ऋषभ पंत ने लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) का साथ छोड़कर अपनी पुरानी फ्रेंचाइजी दिल्ली कैपिटल्स (DC) में वापसी कर ली है। इस सौदे के तहत दिल्ली के चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव अब लखनऊ की टीम में शामिल हो गए हैं। इस अदला-बदली में पंत ने ₹12 करोड़ की भारी कटौती स्वीकार की है।

IPL का महा-ट्रेड: ऋषभ पंत की दिल्ली कैपिटल्स में घर वापसी, कुलदीप यादव अब लखनऊ के नवाब
खबर का निचोड़ (Summary)
आईपीएल इतिहास के सबसे बड़े ट्रेड डील के तहत स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज़ ऋषभ पंत ने लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) का साथ छोड़कर अपनी पुरानी फ्रेंचाइजी दिल्ली कैपिटल्स (DC) में वापसी कर ली है। इस सौदे के तहत दिल्ली के चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव अब लखनऊ की टीम में शामिल हो गए हैं। इस अदला-बदली में पंत ने ₹12 करोड़ की भारी कटौती स्वीकार की है।
दिल पर पत्थर रखकर घर लौटे पंत: ₹12 करोड़ का बड़ा बलिदान
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के आगामी सीजन से पहले क्रिकेट गलियारों में एक ऐसा बड़ा धमाका हुआ है, जिसने फैंस और खेल समीक्षकों को हैरान कर दिया है। आईपीएल इतिहास के सबसे बड़े और चौंकाने वाले ट्रेड सौदों में से एक को अंजाम देते हुए ऋषभ पंत ने एक बार फिर दिल्ली कैपिटल्स का हाथ थाम लिया है। पंत ने लखनऊ सुपर जायंट्स का साथ छोड़ दिया है, लेकिन इस घर वापसी की कीमत उन्होंने अपनी भारी-भरकम सैलरी का एक बड़ा हिस्सा गंवाकर चुकाई है।
लखनऊ सुपर जायंट्स में ₹27 करोड़ की मोटी सैलरी पाने वाले ऋषभ पंत ने दिल्ली कैपिटल्स में आने के लिए ₹12 करोड़ की भारी कटौती को हंसते-हंसते स्वीकार कर लिया। अब दिल्ली कैपिटल्स की जर्सी में खेलते हुए उन्हें ₹15 करोड़ की सैलरी मिलेगी। पंत का अपनी पुरानी टीम के प्रति यह समर्पण दिखाता है कि उनके लिए पैसे से बढ़कर वह फ्रेंचाइजी है, जिसने उन्हें पहचान दी।
कुलदीप यादव बने लखनऊ के नए 'नवाब'
इस मेगा ट्रेड डील का दूसरा पहलू भी उतना ही दिलचस्प है। दिल्ली कैपिटल्स के मुख्य स्पिनर और भारतीय टीम के स्टार चाइनामैन गेंदबाज़ कुलदीप यादव अब लखनऊ सुपर जायंट्स की फिरकी की कमान संभालेंगे। ऋषभ पंत को अपनी टीम में शामिल करने के बदले दिल्ली कैपिटल्स को अपने इस मैच-विनर खिलाड़ी को छोड़ना पड़ा है।
कुलदीप यादव की वित्तीय स्थिति में हालांकि कोई बदलाव नहीं हुआ है। लखनऊ सुपर जायंट्स में भी उनकी ₹13.5 करोड़ की मौजूदा सैलरी पूरी तरह बरकरार रहेगी। लखनऊ की पिचों पर कुलदीप यादव की फिरकी विरोधी बल्लेबाजों के लिए कितनी घातक साबित होगी, यह देखना बेहद दिलचस्प होने वाला है। लखनऊ की टीम को एक ऐसा स्पिनर मिल गया है जो बीच के ओवरों में मैच का रुख पलटने का माद्दा रखता है।
फ्रेंचाइजी क्रिकेट की बदली रणनीति
इस अदला-बदली ने यह साफ कर दिया है कि आईपीएल में टीमें अब सिर्फ कागज़ पर मजबूत टीम बनाने के बजाय सही संतुलन और खिलाड़ियों की इच्छा को प्राथमिकता दे रही हैं। दिल्ली कैपिटल्स को जहां अपने पुराने कप्तान और आक्रामक मध्यक्रम बल्लेबाज़ की वापसी से मजबूती मिली है, वहीं लखनऊ सुपर जायंट्स ने अपनी गेंदबाजी इकाई को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ स्पिनरों में से एक को शामिल करके अभेद्य बना लिया है।
यह ट्रेड डील आने वाले सीजन के समीकरणों को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखती है। ऋषभ पंत का दिल्ली में वापस आना भावुक पल तो है ही, साथ ही दिल्ली के फैंस के लिए यह किसी बड़ी खुशखबरी से कम नहीं है। अब देखना यह होगा कि मैदान पर यह बदलाव दोनों टीमों की किस्मत को कितनी दूर तक ले जाता है।
अक्षय कुमार से ₹1 ज़्यादा की मांग, और संजीव कपूर ने ठुकरा दिया 'मास्टरशेफ'

अक्षय कुमार से ₹1 ज़्यादा की मांग, और संजीव कपूर ने ठुकरा दिया 'मास्टरशेफ'

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📅 24 Jun2026

अक्षय कुमार से ₹1 अधिक फीस न मिलने के कारण 'मास्टरशेफ इंडिया' ठुकरा दिया थाः शेफ संजीव कपूर

सेलिब्रिटी शेफ संजीव कपूर ने बताया है कि उन्होंने 'मास्टरशेफ इंडिया' सीज़न-1 में जज बनने से इनकार किया था क्योंकि निर्माताओं ने उनकी मांग नहीं मानी थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने निर्माताओं से अक्षय कुमार से ₹1 अधिक फीस देने को कहा था। उन्होंने कहा, "निर्माता नहीं माने... सीज़न 3 तक वे बोले कि 'शो चल नहीं रहा... हम वही करेंगे जो... आप कहेंगे'।"

अक्षय कुमार से ₹1 ज़्यादा की मांग, और संजीव कपूर ने ठुकरा दिया 'मास्टरशेफ'
मशहूर सेलिब्रिटी शेफ संजीव कपूर ने टीवी इंडस्ट्री से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि स्टार प्लस के मशहूर कुकिंग रियलिटी शो 'मास्टरशेफ इंडिया' के पहले सीज़न में उन्हें जज बनने का ऑफर मिला था। हालांकि, उन्होंने इस शो को सिर्फ इसलिए ठुकरा दिया क्योंकि मेकर्स उन्हें बॉलीवुड सुपरस्टार अक्षय कुमार से महज 1 रुपया अधिक फीस देने के लिए तैयार नहीं थे।
स्वाभिमान की बात: क्यों अड़ गए थे शेफ संजीव कपूर?
टेलीविजन की दुनिया में जब 'मास्टरशेफ इंडिया' की शुरुआत हो रही थी, तब मेकर्स इस शो को बड़े पैमाने पर लॉन्च करना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने बॉलीवुड के 'खिलाड़ी' अक्षय कुमार को होस्ट के तौर पर साइन किया। इसी दौरान शो में बतौर मुख्य जज शामिल होने के लिए भारत के सबसे लोकप्रिय शेफ संजीव कपूर से संपर्क किया गया।
संजीव कपूर ने मेकर्स के सामने एक अनोखी शर्त रख दी। उन्होंने भारी-भरकम फीस की मांग करने के बजाय मेकर्स से कहा कि उन्हें जो भी रकम दी जाए, वह अक्षय कुमार की फीस से कम से कम 1 रुपया ज्यादा होनी चाहिए। संजीव कपूर का मानना था कि चूंकि यह खाना पकाने और शेफ से जुड़ा शो है, इसलिए इस क्षेत्र के विशेषज्ञ का महत्व किसी भी फिल्मी सितारे से कम नहीं होना चाहिए। यह मांग पैसे की नहीं, बल्कि अपने पेशे के सम्मान और ब्रांड वैल्यू की थी।
मेकर्स का इनकार और तीसरे सीज़न में वापसी
जब संजीव कपूर ने ₹1 अधिक की यह मांग रखी, तो शो के निर्माता असमंजस में पड़ गए। उस वक्त टीवी इंडस्ट्री के समीकरणों और स्टार पावर को देखते हुए मेकर्स इस शर्त को मानने के लिए तैयार नहीं हुए। नतीजा यह हुआ कि संजीव कपूर ने बिना किसी हिचकिचाहट के पहले सीज़न का हिस्सा बनने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद 'मास्टरशेफ इंडिया' का पहला सीज़न संजीव कपूर के बिना ही आगे बढ़ा।
हालांकि, समय का पहिया घूमा और कहानी में एक बड़ा ट्विस्ट आया। संजीव कपूर ने बताया कि पहले दो सीज़न्स के बाद शो की टीआरपी और लोकप्रियता वैसी नहीं रही जैसी उम्मीद की गई थी। तीसरे सीज़न तक आते-आते निर्माताओं को यह अहसास हो गया कि संजीव कपूर के बिना इस शो में वो बात नहीं आ पा रही है।
"जो आप कहेंगे, हम वही करेंगे"
संजीव कपूर के मुताबिक, तीसरे सीज़न के दौरान निर्माता खुद उनके पास लौटकर आए। उन्होंने शेफ से कहा कि शो उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रहा है और वे शो को बचाने के लिए उनकी हर शर्त मानने को तैयार हैं। मेकर्स ने संजीव कपूर से कहा, "आप जो कहेंगे, हम वही करेंगे।" आखिरकार, संजीव कपूर अपनी शर्तों पर तीसरे सीज़न में बतौर महाजज (ग्रैंड मास्टरशेफ) शामिल हुए और शो को एक नई ऊंचाइयों पर ले गए।
जहां परवान चढ़ा प्यार, वहीं खत्म हुई ज़िंदगी: लखनऊ अग्निकांड की दर्दनाक दास्तां

जहां परवान चढ़ा प्यार, वहीं खत्म हुई ज़िंदगी: लखनऊ अग्निकांड की दर्दनाक दास्तां

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📅 24 Jun2026

लखनऊ के भीषण अग्निकांड में कई हंसते-खेलते परिवार पल भर में तबाह हो गए। जान गंवाने वाले 15 लोगों में नीलेश कुमार और अनामिका सामंत भी शामिल थे, जिनकी जल्द ही शादी होने वाली थी। दोनों इसी प्रभावित इमारत के एनिमेशन सेंटर में काम करते थे। शादी की खुशियां मनाने आया परिवार अब दोनों की अर्थी उठते देखने को मजबूर है।

जहां परवान चढ़ा प्यार, वहीं खत्म हुई ज़िंदगी: लखनऊ अग्निकांड की दर्दनाक दास्तां
लखनऊ के भीषण अग्निकांड में कई हंसते-खेलते परिवार पल भर में तबाह हो गए। जान गंवाने वाले 15 लोगों में नीलेश कुमार और अनामिका सामंत भी शामिल थे, जिनकी जल्द ही शादी होने वाली थी। दोनों इसी प्रभावित इमारत के एनिमेशन सेंटर में काम करते थे। शादी की खुशियां मनाने आया परिवार अब दोनों की अर्थी उठते देखने को मजबूर है।
शहनाई बजने से पहले छा गया मातम
कुछ ही दिनों बाद जिस घर से डोली उठने वाली थी, वहां से एक साथ दो अर्थियां निकलने की तैयारी हो रही है। लखनऊ के हालिया अग्निकांड ने न केवल 15 मासूम जिंदगियों को लील लिया, बल्कि कई सुनहरे सपनों को भी हमेशा के लिए दफन कर दिया। इस हादसे की सबसे दर्दनाक और झकझोर देने वाली कहानी नीलेश कुमार और अनामिका सामंत की है। यह जोड़ा एक-दूसरे के साथ सात फेरे लेकर जिंदगी की नई शुरुआत करने की दहलीज़ पर खड़ा था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
जहां हुआ था प्यार, वहीं थम गईं सांसें
नीलेश और अनामिका लखनऊ की इसी बदकिस्मत इमारत में स्थित एक एनिमेशन सेंटर में साथ काम करते थे। रोज़मर्रा के काम के बीच शुरू हुआ उनका सफर धीरे-धीरे प्यार में बदला और फिर दोनों ने हमेशा के लिए एक-दूसरे का हाथ थामने का फैसला कर लिया। उनके साथियों का कहना है कि दोनों अपने काम को लेकर जितने गंभीर थे, अपने रिश्ते को लेकर भी उतने ही समर्पित थे। लेकिन किसे पता था कि जिस जगह पर उनका प्यार परवान चढ़ा, वही जगह उनकी ज़िंदगी का आखिरी पड़ाव बन जाएगी।
पश्चिम बंगाल से तैयारियों के लिए आया था परिवार
इस शादी को लेकर दोनों ही परिवारों में भारी उत्साह था। अनामिका के माता-पिता पिछले हफ्ते ही शादी की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए पश्चिम बंगाल से विशेष रूप से लखनऊ आए थे। कपड़ों की खरीदारी, वेन्यू का चयन और मेहमानों की लिस्ट तैयार की जा रही थी। घर में हर तरफ हंसी-खुशी का माहौल था। माता-पिता की आंखों में अपनी बेटी को लाल जोड़े में देखने का अरमान था, जो पल भर में आंसुओं के समंदर में बह गया।
धुएं के गुबार में खो गए सारे सपने
हादसे वाले दिन भी नीलेश और अनामिका रोज़ की तरह अपने ऑफिस में काम कर रहे थे। अचानक इमारत में लगी आग और उससे उठे जहरीले धुएं ने चंद मिनटों में सब कुछ खत्म कर दिया। जब तक राहत और बचाव कार्य की टीमें उन तक पहुंचतीं, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल के बाहर खड़े परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जो कुछ दिन पहले तक शादी के कार्ड बांटने की योजना बना रहे थे, वे आज अपने बच्चों के शवों की शिनाख्त करने को मजबूर हैं। इस त्रासदी ने पूरे इलाके को सन्नाटे में डाल दिया है।
किले से मंगेतर को दिया धक्का, परफेक्ट मर्डर की साजिश ऐसे हुई बेनकाब

किले से मंगेतर को दिया धक्का, परफेक्ट मर्डर की साजिश ऐसे हुई बेनकाब

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📅 24 Jun2026

पुणे में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक मंगेतर ने ही अपने भावी जीवनसाथी को मौत के घाट उतार दिया। उद्योगपति के बेटे केतन अग्रवाल की किले से गिरकर हुई मौत को शुरुआत में एक हादसा माना जा रहा था। खुद मंगेतर सिया ने पुलिस को फोन कर इसे पैर फिसलने की घटना बताया था। लेकिन पुलिस की सूझबूझ, गवाहों के बयान और तकनीकी कड़ियों ने इस तथाकथित हादसे के पीछे छिपी सोची-समझी हत्या की खौफनाक साजिश का पर्दाफाश कर दिया है।

किले से मंगेतर को दिया धक्का, परफेक्ट मर्डर की साजिश ऐसे हुई बेनकाब
पुणे में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक मंगेतर ने ही अपने भावी जीवनसाथी को मौत के घाट उतार दिया। उद्योगपति के बेटे केतन अग्रवाल की किले से गिरकर हुई मौत को शुरुआत में एक हादसा माना जा रहा था। खुद मंगेतर सिया ने पुलिस को फोन कर इसे पैर फिसलने की घटना बताया था। लेकिन पुलिस की सूझबूझ, गवाहों के बयान और तकनीकी कड़ियों ने इस तथाकथित हादसे के पीछे छिपी सोची-समझी हत्या की खौफनाक साजिश का पर्दाफाश कर दिया है।
हादसे की झूठी कहानी और पहली कॉल
पुणे के एक प्रतिष्ठित उद्योगपति के बेटे केतन अग्रवाल और उनकी मंगेतर सिया एक ऐतिहासिक किले की सैर पर निकले थे। कुछ ही घंटों बाद, शांत माहौल चीख-पुकार में बदल गया जब सिया ने घबराते हुए पुलिस को फोन किया। उसने रोते हुए पुलिस को बताया कि केतन का पैर अचानक फिसल गया और वह गहरी खाई में जा गिरे। शुरुआत में यह मामला ट्रैकिंग के दौरान होने वाले आम हादसों जैसा ही नजर आ रहा था। पुलिस ने भी त्वरित कार्रवाई करते हुए शव को बरामद किया और मामले की जांच शुरू की।
अनुभवी ट्रैकर होने पर गहराया शक
मामले में पहला बड़ा मोड़ तब आया जब पुलिस ने केतन के बैकग्राउंड की जांच की। रिश्तेदारों और करीबी दोस्तों से पूछताछ में यह बात सामने आई कि केतन कोई नौसिखिए नहीं, बल्कि एक बेहद अनुभवी ट्रैकर थे। वे कठिन से कठिन रास्तों पर बिना किसी चूक के ट्रैकिंग करने के लिए जाने जाते थे। ऐसे में एक जाने-पहचाने और सुरक्षित किले के रास्ते पर उनका संतुलन बिगड़ जाना और सीधे खाई में गिर जाना, पुलिस के गले नहीं उतरा। यहीं से जांच की सुई मंगेतर सिया की तरफ घूमने लगी।
बयानों के अंतर्विरोध और गवाहों की एंट्री
पुलिस ने जब सिया से दोबारा घटनाक्रम को लेकर पूछताछ की, तो उसके बयानों में कई विसंगतियां पाई गईं। वह बार-बार अपने ही दिए बयानों को बदल रही थी। जांच टीम ने उस दिन किले पर मौजूद अन्य पर्यटकों और स्थानीय गाइडों से भी संपर्क साधा। चश्मदीदों और सूत्रों से मिले इनपुट ने सिया के दावों की हवा निकाल दी। गवाहों के बयानों से साफ होने लगा कि केतन के गिरने से ठीक पहले दोनों के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हो रही थी, जिसने बाद में हिंसक रूप ले लिया।
तकनीकी सबूतों ने खोली पोल
इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाने में सबसे बड़ी भूमिका तकनीकी सबूतों (टेक्निकल सर्विलांस) ने निभाई। पुलिस ने दोनों के मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड्स और घटना से ठीक पहले की गतिविधियों का बारीकी से विश्लेषण किया। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स और तकनीकी जांच से जो तथ्य सामने आए, उन्होंने सिया के 'पैर फिसलने' वाले ड्रामे को पूरी तरह खारिज कर दिया। पुख्ता सबूतों के आगे सिया की चालाकी टिक नहीं सकी और आखिरकार यह साफ हो गया कि केतन गिरे नहीं थे, बल्कि उन्हें पूरी प्लानिंग के साथ किले से धक्का दिया गया था। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी मंगेतर को अपनी गिरफ्त में ले लिया है।

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