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जहां परवान चढ़ा प्यार, वहीं खत्म हुई ज़िंदगी: लखनऊ अग्निकांड की दर्दनाक दास्तां

जहां परवान चढ़ा प्यार, वहीं खत्म हुई ज़िंदगी: लखनऊ अग्निकांड की दर्दनाक दास्तां

Delight News
📅 24 Jun2026

लखनऊ के भीषण अग्निकांड में कई हंसते-खेलते परिवार पल भर में तबाह हो गए। जान गंवाने वाले 15 लोगों में नीलेश कुमार और अनामिका सामंत भी शामिल थे, जिनकी जल्द ही शादी होने वाली थी। दोनों इसी प्रभावित इमारत के एनिमेशन सेंटर में काम करते थे। शादी की खुशियां मनाने आया परिवार अब दोनों की अर्थी उठते देखने को मजबूर है।

जहां परवान चढ़ा प्यार, वहीं खत्म हुई ज़िंदगी: लखनऊ अग्निकांड की दर्दनाक दास्तां
लखनऊ के भीषण अग्निकांड में कई हंसते-खेलते परिवार पल भर में तबाह हो गए। जान गंवाने वाले 15 लोगों में नीलेश कुमार और अनामिका सामंत भी शामिल थे, जिनकी जल्द ही शादी होने वाली थी। दोनों इसी प्रभावित इमारत के एनिमेशन सेंटर में काम करते थे। शादी की खुशियां मनाने आया परिवार अब दोनों की अर्थी उठते देखने को मजबूर है।
शहनाई बजने से पहले छा गया मातम
कुछ ही दिनों बाद जिस घर से डोली उठने वाली थी, वहां से एक साथ दो अर्थियां निकलने की तैयारी हो रही है। लखनऊ के हालिया अग्निकांड ने न केवल 15 मासूम जिंदगियों को लील लिया, बल्कि कई सुनहरे सपनों को भी हमेशा के लिए दफन कर दिया। इस हादसे की सबसे दर्दनाक और झकझोर देने वाली कहानी नीलेश कुमार और अनामिका सामंत की है। यह जोड़ा एक-दूसरे के साथ सात फेरे लेकर जिंदगी की नई शुरुआत करने की दहलीज़ पर खड़ा था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
जहां हुआ था प्यार, वहीं थम गईं सांसें
नीलेश और अनामिका लखनऊ की इसी बदकिस्मत इमारत में स्थित एक एनिमेशन सेंटर में साथ काम करते थे। रोज़मर्रा के काम के बीच शुरू हुआ उनका सफर धीरे-धीरे प्यार में बदला और फिर दोनों ने हमेशा के लिए एक-दूसरे का हाथ थामने का फैसला कर लिया। उनके साथियों का कहना है कि दोनों अपने काम को लेकर जितने गंभीर थे, अपने रिश्ते को लेकर भी उतने ही समर्पित थे। लेकिन किसे पता था कि जिस जगह पर उनका प्यार परवान चढ़ा, वही जगह उनकी ज़िंदगी का आखिरी पड़ाव बन जाएगी।
पश्चिम बंगाल से तैयारियों के लिए आया था परिवार
इस शादी को लेकर दोनों ही परिवारों में भारी उत्साह था। अनामिका के माता-पिता पिछले हफ्ते ही शादी की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए पश्चिम बंगाल से विशेष रूप से लखनऊ आए थे। कपड़ों की खरीदारी, वेन्यू का चयन और मेहमानों की लिस्ट तैयार की जा रही थी। घर में हर तरफ हंसी-खुशी का माहौल था। माता-पिता की आंखों में अपनी बेटी को लाल जोड़े में देखने का अरमान था, जो पल भर में आंसुओं के समंदर में बह गया।
धुएं के गुबार में खो गए सारे सपने
हादसे वाले दिन भी नीलेश और अनामिका रोज़ की तरह अपने ऑफिस में काम कर रहे थे। अचानक इमारत में लगी आग और उससे उठे जहरीले धुएं ने चंद मिनटों में सब कुछ खत्म कर दिया। जब तक राहत और बचाव कार्य की टीमें उन तक पहुंचतीं, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल के बाहर खड़े परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जो कुछ दिन पहले तक शादी के कार्ड बांटने की योजना बना रहे थे, वे आज अपने बच्चों के शवों की शिनाख्त करने को मजबूर हैं। इस त्रासदी ने पूरे इलाके को सन्नाटे में डाल दिया है।
किले से मंगेतर को दिया धक्का, परफेक्ट मर्डर की साजिश ऐसे हुई बेनकाब

किले से मंगेतर को दिया धक्का, परफेक्ट मर्डर की साजिश ऐसे हुई बेनकाब

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📅 24 Jun2026

पुणे में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक मंगेतर ने ही अपने भावी जीवनसाथी को मौत के घाट उतार दिया। उद्योगपति के बेटे केतन अग्रवाल की किले से गिरकर हुई मौत को शुरुआत में एक हादसा माना जा रहा था। खुद मंगेतर सिया ने पुलिस को फोन कर इसे पैर फिसलने की घटना बताया था। लेकिन पुलिस की सूझबूझ, गवाहों के बयान और तकनीकी कड़ियों ने इस तथाकथित हादसे के पीछे छिपी सोची-समझी हत्या की खौफनाक साजिश का पर्दाफाश कर दिया है।

किले से मंगेतर को दिया धक्का, परफेक्ट मर्डर की साजिश ऐसे हुई बेनकाब
पुणे में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक मंगेतर ने ही अपने भावी जीवनसाथी को मौत के घाट उतार दिया। उद्योगपति के बेटे केतन अग्रवाल की किले से गिरकर हुई मौत को शुरुआत में एक हादसा माना जा रहा था। खुद मंगेतर सिया ने पुलिस को फोन कर इसे पैर फिसलने की घटना बताया था। लेकिन पुलिस की सूझबूझ, गवाहों के बयान और तकनीकी कड़ियों ने इस तथाकथित हादसे के पीछे छिपी सोची-समझी हत्या की खौफनाक साजिश का पर्दाफाश कर दिया है।
हादसे की झूठी कहानी और पहली कॉल
पुणे के एक प्रतिष्ठित उद्योगपति के बेटे केतन अग्रवाल और उनकी मंगेतर सिया एक ऐतिहासिक किले की सैर पर निकले थे। कुछ ही घंटों बाद, शांत माहौल चीख-पुकार में बदल गया जब सिया ने घबराते हुए पुलिस को फोन किया। उसने रोते हुए पुलिस को बताया कि केतन का पैर अचानक फिसल गया और वह गहरी खाई में जा गिरे। शुरुआत में यह मामला ट्रैकिंग के दौरान होने वाले आम हादसों जैसा ही नजर आ रहा था। पुलिस ने भी त्वरित कार्रवाई करते हुए शव को बरामद किया और मामले की जांच शुरू की।
अनुभवी ट्रैकर होने पर गहराया शक
मामले में पहला बड़ा मोड़ तब आया जब पुलिस ने केतन के बैकग्राउंड की जांच की। रिश्तेदारों और करीबी दोस्तों से पूछताछ में यह बात सामने आई कि केतन कोई नौसिखिए नहीं, बल्कि एक बेहद अनुभवी ट्रैकर थे। वे कठिन से कठिन रास्तों पर बिना किसी चूक के ट्रैकिंग करने के लिए जाने जाते थे। ऐसे में एक जाने-पहचाने और सुरक्षित किले के रास्ते पर उनका संतुलन बिगड़ जाना और सीधे खाई में गिर जाना, पुलिस के गले नहीं उतरा। यहीं से जांच की सुई मंगेतर सिया की तरफ घूमने लगी।
बयानों के अंतर्विरोध और गवाहों की एंट्री
पुलिस ने जब सिया से दोबारा घटनाक्रम को लेकर पूछताछ की, तो उसके बयानों में कई विसंगतियां पाई गईं। वह बार-बार अपने ही दिए बयानों को बदल रही थी। जांच टीम ने उस दिन किले पर मौजूद अन्य पर्यटकों और स्थानीय गाइडों से भी संपर्क साधा। चश्मदीदों और सूत्रों से मिले इनपुट ने सिया के दावों की हवा निकाल दी। गवाहों के बयानों से साफ होने लगा कि केतन के गिरने से ठीक पहले दोनों के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हो रही थी, जिसने बाद में हिंसक रूप ले लिया।
तकनीकी सबूतों ने खोली पोल
इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाने में सबसे बड़ी भूमिका तकनीकी सबूतों (टेक्निकल सर्विलांस) ने निभाई। पुलिस ने दोनों के मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड्स और घटना से ठीक पहले की गतिविधियों का बारीकी से विश्लेषण किया। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स और तकनीकी जांच से जो तथ्य सामने आए, उन्होंने सिया के 'पैर फिसलने' वाले ड्रामे को पूरी तरह खारिज कर दिया। पुख्ता सबूतों के आगे सिया की चालाकी टिक नहीं सकी और आखिरकार यह साफ हो गया कि केतन गिरे नहीं थे, बल्कि उन्हें पूरी प्लानिंग के साथ किले से धक्का दिया गया था। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी मंगेतर को अपनी गिरफ्त में ले लिया है।
फर्श से अर्श तक: डिलीवरी बॉय से ग्लोबल हेड बनने की अनकही दास्तां

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📅 24 Jun2026

आर्थिक तंगहाली और पिता का बिजनेस ठप होने के बाद महज 14 वर्ष की उम्र में संघर्ष की राह चुनने वाले कुणाल शाह आज सफलता की नई मिसाल बन चुके हैं। कभी डिलीवरी बॉय, मेहंदी कोन विक्रेता और साइबर कैफे ऑपरेटर के रूप में काम करने वाले कुणाल को वॉट्सऐप का नया ग्लोबल हेड नियुक्त किया गया है।

फर्श से अर्श तक: डिलीवरी बॉय से ग्लोबल हेड बनने की अनकही दास्तां
खबर का निचोड़
आर्थिक तंगहाली और पिता का बिजनेस ठप होने के बाद महज 14 वर्ष की उम्र में संघर्ष की राह चुनने वाले कुणाल शाह आज सफलता की नई मिसाल बन चुके हैं। कभी डिलीवरी बॉय, मेहंदी कोन विक्रेता और साइबर कैफे ऑपरेटर के रूप में काम करने वाले कुणाल को वॉट्सऐप का नया ग्लोबल हेड नियुक्त किया गया है।
संघर्ष की भट्टी में तपा बचपन
सफलता कभी भी थाली में परोसी हुई नहीं मिलती, इसके लिए संघर्ष की भट्टी में तपना पड़ता है। वॉट्सऐप के नए ग्लोबल हेड कुणाल शाह की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। जब एक उम्र में बच्चे खेल-कूद और पढ़ाई की दुनिया में व्यस्त होते हैं, तब कुणाल के कंधों पर पारिवारिक जिम्मेदारियों का बोझ आ गया था। पिता का स्थापित बिजनेस अचानक तबाह हो गया, जिसने पूरे परिवार को आर्थिक संकट में धकेल दिया। इस नाजुक मोड़ पर हार मानने के बजाय महज 14-15 साल के एक किशोर ने डटकर परिस्थितियों का सामना करने का फैसला किया।
मेहंदी के कोन से लेकर पायरेटेड सीडी तक का सफर
पारिवारिक संकट को दूर करने के लिए कुणाल ने किसी भी काम को छोटा या बड़ा नहीं समझा। उन्होंने अपनी जरूरतों को पूरा करने और परिवार को सहारा देने के लिए हर संभव रास्ता अपनाया। इस दौरान उन्होंने डिलीवरी बॉय के रूप में गलियों के चक्कर काटे, तो वहीं डेटा ऑपरेटर बनकर घंटों कंप्यूटर स्क्रीन के सामने समय बिताया। इतना ही नहीं, उन्होंने बाजार में मेहंदी के कोन बेचने से लेकर साइबर कैफे ऑपरेटर और पायरेटेड सीडी बेचने जैसे बेहद छोटे और जमीनी स्तर के काम भी किए।
16 की उम्र में हासिल की वित्तीय आत्मनिर्भरता
यह कुणाल शाह की कड़ी मेहनत, लगन और कभी न हार मानने वाले जज्बे का ही नतीजा था कि वह सिर्फ 16 साल की उम्र तक आते-आते वित्तीय तौर पर पूरी तरह सक्षम हो गए थे। छोटे-मोटे कामों से मिली रकम और अनुभवों ने उनके भीतर एक मजबूत व्यावसायिक समझ विकसित कर दी। बचपन के इन थपेड़ों ने उन्हें सिखाया कि विपरीत परिस्थितियों में किस तरह रास्ते बनाए जाते हैं। चुनौतियों को अवसरों में बदलने की इसी कला ने उन्हें भविष्य के बड़े फैसलों के लिए तैयार किया।
ग्लोबल लीडरशिप की नई मिसाल
आज वही लड़का दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म वॉट्सऐप के ग्लोबल हेड के रूप में पूरी दुनिया के सामने है। कुणाल शाह का यह सफर सिर्फ एक पद हासिल करने की कहानी नहीं है, बल्कि यह उन लाखों युवाओं के लिए एक प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों या विपरीत हालातों से जूझ रहे हैं। जमीनी हकीकत को करीब से देखने और हर छोटे काम से तजुर्बा हासिल करने का यह हुनर आज उन्हें कॉर्पोरेट जगत के सबसे ऊंचे पायदान पर ले आया है।
अय्याशी के लिए 26 साल का बेटा मार दिया': पुणे मर्डर पर पिता का छलका दर्द

अय्याशी के लिए 26 साल का बेटा मार दिया': पुणे मर्डर पर पिता का छलका दर्द

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📅 24 Jun2026

पुणे में कारोबारी केतन अग्रवाल की उनकी मंगेतर और उसके बॉयफ्रेंड द्वारा खाई में धकेलकर हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इकलौते बेटे की मौत से टूटे पिता ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि अगर शादी नहीं करनी थी तो मना कर देती, लेकिन चंद दिनों की अय्याशी के लिए उनके 26 साल के मासूम बेटे की जान ले ली गई।

'अय्याशी के लिए 26 साल का बेटा मार दिया': पुणे मर्डर पर पिता का छलका दर्द
खबर का निचोड़:
पुणे में कारोबारी केतन अग्रवाल की उनकी मंगेतर और उसके बॉयफ्रेंड द्वारा खाई में धकेलकर हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इकलौते बेटे की मौत से टूटे पिता ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि अगर शादी नहीं करनी थी तो मना कर देती, लेकिन चंद दिनों की अय्याशी के लिए उनके 26 साल के मासूम बेटे की जान ले ली गई।
विश्वासघात और खौफनाक साजिश
रिश्तों में धोखे और लालच की एक ऐसी खौफनाक दास्तान सामने आई है, जिसने पूरे पुणे को झकझोर कर रख दिया है। एक नामी कारोबारी परिवार का इकलौता चिराग, 26 वर्षीय केतन अग्रवाल, उस साजिश का शिकार हो गया जिसे उसकी अपनी होने वाली मंगेतर ने अपने कथित बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर बुना था। जिस लड़की के साथ केतन अपनी नई जिंदगी की शुरुआत करने जा रहा था, वही उसकी मौत की पटकथा लिख रही थी। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने केतन को रास्ते से हटाने के लिए उसे एक गहरी खाई में धकेल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
'इंकार कर देती, जान लेने की क्या जरूरत थी?'
इस दिल दहला देने वाली वारदात के बाद केतन के पिता का दर्द आंसुओं के रूप में छलक पड़ा है। बेटे को खोने के गम में डूबे पिता ने रुंधे गले से अपनी बेबसी और गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने कहा, "अगर उस लड़की को यह शादी मंजूर नहीं थी, या वह किसी और को पसंद करती थी, तो वह साफ मना कर सकती थी। शादी से इनकार करने के लिए कोई मनाही नहीं थी।" पिता का यह सवाल आज हर उस शख्स को झकझोर रहा है जो इस घटना के बारे में सुन रहा है। एक सीधा सा इनकार एक हंसते-खेलते नौजवान की जिंदगी बचा सकता था।
चंद दिनों की अय्याशी और एक हंसता-खेलता परिवार तबाह
मृतक के पिता ने आरोपियों की मानसिकता पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि इन लोगों ने इतना बड़ा और घिनौना कदम उठाने से पहले एक बार भी नहीं सोचा। उन्होंने सवाल उठाया, "आखिर कोई इस हद तक कैसे गिर सकता है कि अपनी थोड़ी सी अय्याशी और लालच के लिए किसी के 26 साल के जवान बेटे को मौत के घाट उतार दे?" केतन के पिता के मुताबिक, आरोपियों ने अपनी ऐश-ओ-आराम की जिंदगी और अनैतिक संबंधों को बेरोकटोक जारी रखने के लिए इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया।
पुलिसिया कार्रवाई और न्याय की गुहार
इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद पुणे पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मंगेतर और उसके साथी को हिरासत में ले लिया है। शुरुआती जांच में यह बात साफ हो चुकी है कि वारदात को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था ताकि इसे महज़ एक हादसा दिखाया जा सके। पीड़ित परिवार अब कानून से सख्त से सख्त सजा की मांग कर रहा है। बूढ़े माता-पिता की आंखों के सामने अब सिर्फ अपने बेटे की यादें और इंसाफ की उम्मीद बची है।
वेंस का 'पाक प्रेम' देख भड़के अमेरिकी नेता, याद दिलाया लादेन का सच

वेंस का 'पाक प्रेम' देख भड़के अमेरिकी नेता, याद दिलाया लादेन का सच

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📅 24 Jun2026

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस द्वारा पाकिस्तान के प्रति नरम रुख दिखाने पर अमेरिका में ही सियासी घमासान शुरू हो गया है। रिपब्लिकन पार्टी के दो वरिष्ठ सांसदों, रिक स्कॉट और टिम सीही ने वेंस के इस रुख की तीखी आलोचना की है। उन्होंने पाकिस्तान द्वारा ओसामा बिन लादेन को छिपाने और आतंकवादियों को पनाह देने के इतिहास को याद दिलाते हुए वेंस को जमकर घेरा है।

वेंस का 'पाक प्रेम' देख भड़के अमेरिकी नेता, याद दिलाया लादेन का सच
खबर का निचोड़:
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस द्वारा पाकिस्तान के प्रति नरम रुख दिखाने पर अमेरिका में ही सियासी घमासान शुरू हो गया है। रिपब्लिकन पार्टी के दो वरिष्ठ सांसदों, रिक स्कॉट और टिम सीही ने वेंस के इस रुख की तीखी आलोचना की है। उन्होंने पाकिस्तान द्वारा ओसामा बिन लादेन को छिपाने और आतंकवादियों को पनाह देने के इतिहास को याद दिलाते हुए वेंस को जमकर घेरा है।
वेंस के बयान से भड़का अमेरिकी सियासी गलियारा
अमेरिका की आंतरिक राजनीति में इस समय एक नया विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने हाल ही में पाकिस्तान के प्रति अपने सकारात्मक और सहयोगात्मक रुख का प्रदर्शन किया था। वेंस के इस 'पाक प्रेम' ने अमेरिका के भीतर ही उनके विरोधियों और सहयोगियों दोनों को चौंका दिया है। इस बयान के सामने आते ही अमेरिकी संसद में पाकिस्तान की भूमिका और उसके पुराने रिकॉर्ड को लेकर बहस एक बार फिर गर्म हो गई है। रिपब्लिकन पार्टी के ही कद्दावर नेताओं ने अपनी सरकार के इस रुख के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
रिक स्कॉट का कड़ा प्रहार: 'आतंक को पनाह देने का है लंबा इतिहास'
जेडी वेंस के इस बयान पर प्रतिक्रिया देने में रिपब्लिकन सांसद रिक स्कॉट सबसे आगे रहे। उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के सीधे तौर पर पाकिस्तान की पुरानी नीतियों पर सवाल उठाए। स्कॉट ने साफ तौर पर कहा कि कतर और पाकिस्तान जैसे देशों का आतंकवादियों को पनाह देने का एक लंबा और विवादित इतिहास रहा है। उन्होंने वैश्विक मंच पर पाकिस्तान की विश्वसनीयता को कटघरे में खड़ा करते हुए संकेत दिया कि ऐसे देशों के प्रति किसी भी तरह की नरमी बरतना अमेरिकी हितों और वैश्विक सुरक्षा के खिलाफ जा सकता है। स्कॉट के इस तेवर ने साफ कर दिया कि अमेरिकी सीनेट में पाकिस्तान को लेकर गुस्सा अभी शांत नहीं हुआ है।
टिम सीही की दो टूक: 'मत भूलिए, लादेन को पाकिस्तान ने छिपाया था'
विवाद में एक और बड़ा मोड़ तब आया जब रिपब्लिकन सांसद टिम सीही ने अमेरिका के सबसे गहरे जख्म को हरा कर दिया। सीही ने वेंस को आड़े हाथों लेते हुए बेहद आक्रामक अंदाज में इतिहास की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि अमेरिकी नेतृत्व को यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि 9/11 हमले के मुख्य मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान ने एक दशक तक अपने यहाँ छिपा कर रखा था। सीही का इशारा साफ था कि जो देश अमेरिका के सबसे बड़े दुश्मन का मददगार रहा हो, उसके प्रति अचानक उमड़ा यह प्रेम किसी भी लिहाज से तर्कसंगत नहीं ठहराया जा सकता।
कूटनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल
अमेरिकी रिपब्लिकन सांसदों के इन बयानों ने जेडी वेंस को रक्षात्मक स्थिति में ला दिया है। अमेरिका में हमेशा से ही आतंकवाद के मुद्दे पर बेहद सख्त रुख अपनाया जाता रहा है, और ऐसे में लादेन का जिक्र आना वेंस के लिए बड़ी राजनीतिक चुनौती बन सकता है। सांसदों के इस कड़े विरोध के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अमेरिकी प्रशासन पाकिस्तान को लेकर अपनी नीतियों की समीक्षा करता है या फिर वेंस अपने इस रुख पर कायम रहते हैं। इस बयानबाजी ने अमेरिकी विदेश नीति और घरेलू राजनीति के बीच के तनाव को एक बार फिर सतह पर ला दिया है।

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