
एनकाउंटर से पहले भरत तिवारी की आखिरी इच्छा, वीडियो वायरल
भोजपुर पुलिस एनकाउंटर में मारे गए अपराधी भरत तिवारी का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में भरत तिवारी मौत से पहले अपनी आखिरी इच्छा जाहिर करते हुए अपने शरीर को मेडिकल छात्रों और इंडियन आर्मी के शोध के लिए दान करने की बात कह रहा है।
भोजपुर पुलिस एनकाउंटर में मारे गए अपराधी भरत तिवारी का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में भरत तिवारी मौत से पहले अपनी आखिरी इच्छा जाहिर करते हुए अपने शरीर को मेडिकल छात्रों और इंडियन आर्मी के शोध के लिए दान करने की बात कह रहा है।
मौत से पहले की वो आखिरी ख्वाहिश
बिहार के भोजपुर में पुलिस मुठभेड़ के दौरान ढेर हुए भरत तिवारी की मौत के बाद एक नया मोड़ सामने आया है। सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर भरत तिवारी का एक पुराना वीडियो जबरदस्त तरीके से शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में वो बातें कही गई हैं, जिसने इस पूरे मामले को एक नई चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया है। एनकाउंटर के बाद इस तरह के वीडियो का सामने आना इलाके में कौतूहल का विषय बन गया है।
'इंडियन आर्मी को मिले पहली प्राथमिकता'
वायरल हो रहे इस वीडियो में भरत तिवारी बेहद गंभीर मुद्रा में अपनी आखिरी वसीयत या इच्छा बयां करता नजर आ रहा है। वह कैमरे के सामने साफ तौर पर कह रहा है कि उसके जाने के बाद उसके शरीर का इस्तेमाल समाज और देश के काम आना चाहिए। वीडियो में भरत तिवारी ने कहा, "मेरी इच्छा है कि मेरे बलिदान के बाद मेरे शरीर को मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए दान कर दिया जाए।"
हैरान करने वाली बात यह है कि उसने इस दान के लिए प्राथमिकताओं को भी तय किया था। वीडियो के अनुसार, भरत तिवारी ने आगे कहा कि इस देहदान में पहली प्राथमिकता इंडियन आर्मी को दी जानी चाहिए, ताकि उनके मेडिकल विंग को शोध में मदद मिल सके। इसके बाद उसने दूसरी प्राथमिकता के तौर पर स्थानीय प्रशासन और आम मेडिकल कॉलेजों का नाम लिया।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
इस वीडियो के वायरल होने के बाद इंटरनेट पर यूजर्स के बीच एक नई बहस छिड़ गई है। एक तरफ जहां भरत तिवारी पर कई आपराधिक मामले दर्ज थे और वह पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया, वहीं दूसरी तरफ वीडियो में दिख रही उसकी इस राष्ट्रभक्ति और समाज सेवा वाली सोच ने लोगों को हैरान कर दिया है। लोग इस बात को लेकर हैरान हैं कि अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले किसी शख्स की ऐसी भी सोच हो सकती है।
प्रशासन के सामने नई चुनौती
इस वीडियो के सामने आने के बाद अब स्थानीय प्रशासन और पुलिस के सामने भी एक अजीब स्थिति पैदा हो गई है। एनकाउंटर की कानूनी प्रक्रिया और पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंपा जाता है। ऐसे में भरत तिवारी की इस वायरल इच्छा पर कानूनन क्या कदम उठाए जा सकते हैं, यह आने वाले समय में ही साफ हो पाएगा। फिलहाल, यह वीडियो भोजपुर और आसपास के जिलों में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है।

ट्रंप से विवाद के बीच समर्थकों ने मेलोनी पर लुटाया प्यार, गालों पर किया 'किस'
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के साथ जारी तनातनी के बीच इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का उनके देश में जोरदार स्वागत हुआ है। समर्थकों ने मेलोनी को गले लगाया और उनके गालों पर किस करके अपना समर्थन जताया। यह वाकया ट्रंप के उस दावे के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि G7 समिट में मेलोनी ने उनके साथ फोटो के लिए 'भीख' मांगी थी।
खबर का निचोड़:
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के साथ जारी तनातनी के बीच इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का उनके देश में जोरदार स्वागत हुआ है। समर्थकों ने मेलोनी को गले लगाया और उनके गालों पर किस करके अपना समर्थन जताया। यह वाकया ट्रंप के उस दावे के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि G7 समिट में मेलोनी ने उनके साथ फोटो के लिए 'भीख' मांगी थी।
मेलोनी के समर्थन में उमड़ा जनसैलाब
अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बयानों के तीर चलना आम बात है, लेकिन जब बात देश के स्वाभिमान पर आती है, तो जनता अपने नेता के पीछे चट्टान की तरह खड़ी हो जाती है। कुछ ऐसा ही नजारा इटली में देखने को मिला, जहां प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का उनके समर्थकों ने भावुक और गर्मजोशी से भरा स्वागत किया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने इस समय पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस वीडियो में मेलोनी के चाहने वाले उन्हें घेरकर खड़े हैं, उन्हें गले लगा रहे हैं और उनके गालों पर किस करके हौसला बढ़ा रहे हैं। समर्थकों का यह अंदाज साफ तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को एक कड़ा संदेश है।
ट्रंप के 'भीख' वाले दावे से भड़का विवाद
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के एक विवादित बयान से हुई। ट्रंप ने हाल ही में दावा किया कि G7 समिट के दौरान इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी उनके साथ एक तस्वीर खिंचवाने के लिए बेताब थीं। ट्रंप के शब्दों में कहें तो, मेलोनी ने उनके साथ फोटो के लिए एक तरह से 'भीख' मांगी थी। ट्रंप का यह बयान सामने आते ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनसनी फैल गई और इसे इटली की प्रधानमंत्री के अपमान के तौर पर देखा जाने लगा। इटली की जनता और मेलोनी के समर्थकों को ट्रंप का यह अहंकार भरा रवैया रास नहीं आया।
वायरल वीडियो में दिखा समर्थकों का जोश
ट्रंप के इस तीखे और अपमानजनक दावे के बाद उम्मीद की जा रही थी कि मेलोनी बैकफुट पर आ सकती हैं, लेकिन जमीन पर इसका बिल्कुल उलटा असर देखने को मिला। मेलोनी जब अपने देश में जनता के बीच पहुंचीं, तो वहां का माहौल पूरी तरह बदल गया। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मेलोनी मुस्कुराते हुए लोगों से मिल रही हैं। इसी दौरान समर्थक बेहद भावुक हो जाते हैं और प्रोटोकॉल की परवाह किए बिना उन्हें गले लगा लेते हैं। कई महिला और पुरुष समर्थकों ने मेलोनी के गालों पर चूमकर यह जताया कि पूरी जनता इस विवाद में उनके साथ खड़ी है। मेलोनी के चेहरे का आत्मविश्वास बता रहा था कि उन्हें इन विवादों से कोई फर्क नहीं पड़ता।
कूटनीतिक गलियारों में गरमाया माहौल
इस घटना ने न केवल सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरी हैं, बल्कि कूटनीतिक हलकों में भी बहस छेड़ दी है। ट्रंप और मेलोनी दोनों ही अपने-अपने देशों के कद्दावर दक्षिणपंथी नेता माने जाते हैं, लेकिन इस ताजा विवाद ने दोनों के रिश्तों में कड़वाहट ला दी है। मेलोनी के समर्थकों का यह कदम दिखाता है कि वे ट्रंप के एकतरफा दावों को खारिज करते हैं और अपनी प्रधानमंत्री के वैश्विक कद को कम नहीं होने देना चाहते। फिलहाल यह वायरल वीडियो इंटरनेट पर तेजी से शेयर किया जा रहा है और लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

यही टेम्परामेंट स्टार बनाएगा': वैभव सूर्यवंशी के मुरीद हुए आनंद महिंद्रा
भारतीय क्रिकेट के नए सनसनी, 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने मैदान पर अपने बल्ले से ऐसा गदर मचाया कि दिग्गज उद्योगपति आनंद महिंद्रा भी उनके कायल हो गए। पिछले मैच के विवाद को पीछे छोड़ते हुए वैभव ने महज 11 गेंदों में तूफानी अर्धशतक जड़ दिया। आनंद महिंद्रा ने उनके इस खास रवैये (टेम्परामेंट) को ही उनकी असली ताकत बताया है।
खबर का निचोड़
भारतीय क्रिकेट के नए सनसनी, 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने मैदान पर अपने बल्ले से ऐसा गदर मचाया कि दिग्गज उद्योगपति आनंद महिंद्रा भी उनके कायल हो गए। पिछले मैच के विवाद को पीछे छोड़ते हुए वैभव ने महज 11 गेंदों में तूफानी अर्धशतक जड़ दिया। आनंद महिंद्रा ने उनके इस खास रवैये (टेम्परामेंट) को ही उनकी असली ताकत बताया है।
वैभव सूर्यवंशी का धमाका: जब 11 गेंदों में बदला इतिहास
क्रिकेट के मैदान पर जब कोई युवा खिलाड़ी उतरता है, तो दबाव का होना स्वाभाविक है। लेकिन 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने इस दबाव को हवा में उड़ाते हुए सिर्फ 11 गेंदों पर अर्धशतक ठोक दिया। उनकी इस आतिशी पारी ने न सिर्फ स्टेडियम में बैठे दर्शकों को हैरान किया, बल्कि सोशल मीडिया पर भी एक नई बहस छेड़ दी है। इतनी कम उम्र में ऐसा आत्मविश्वास और टाइमिंग बड़े-बड़े दिग्गजों में भी विरली ही देखने को मिलती है। वैभव की इस पारी ने साबित कर दिया कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य बेहद सुरक्षित हाथों में है।
आनंद महिंद्रा ने की तारीफ: 'प्रतिभा गिफ्ट है, टेम्परामेंट एक चुनाव'
वैभव सूर्यवंशी की इस हैरतअंगेज पारी पर मशहूर उद्योगपति आनंद महिंद्रा की नजर पड़ी और वह खुद को इस युवा खिलाड़ी की तारीफ करने से नहीं रोक पाए। आनंद महिंद्रा ने वैभव के खेल की सराहना करते हुए एक बेहद गहरी बात कही। उन्होंने कहा कि प्रतिभा एक गिफ्ट (उपहार) है, लेकिन टेम्परामेंट (मानसिक दृढ़ता या रवैया) एक चुनाव है। महिंद्रा का मानना है कि मैदान पर सही मानसिक संतुलन और दबाव से निपटने की क्षमता ही किसी खिलाड़ी को महान बनाती है, और वैभव ने इस मैच में ठीक यही कर दिखाया।
विवादों को पीछे छोड़ बल्ले से दिया करारा जवाब
आनंद महिंद्रा ने वैभव की तारीफ में एक बेहद महत्वपूर्ण पहलू पर ध्यान आकर्षित किया। पिछले मैच के दौरान मैदान पर वैभव की एक झड़प हो गई थी, जिसे लेकर वह काफी चर्चा में थे। अक्सर युवा खिलाड़ी ऐसे विवादों का बोझ अपने दिमाग पर ले लेते हैं, जिससे उनका अगला खेल प्रभावित होता है। महिंद्रा ने इसी बात को रेखांकित करते हुए कहा कि वैभव पिछले मैच की कड़वाहट को इस मैच में भी ढो सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इसके बजाय, उन्होंने अपने बल्ले को बोलने दिया और आलोचकों को मैदान पर ही करारा जवाब दिया।
क्यों खास है वैभव का यह अंदाज?
क्रिकेट जगत में तकनीकी रूप से सक्षम खिलाड़ियों की कमी नहीं है, लेकिन जो चीज एक साधारण खिलाड़ी को स्टार बनाती है, वह है उसका माइंडसेट। 15 साल की उम्र में जब खिलाड़ी अपनी तकनीक को सुधारने में लगे होते हैं, तब वैभव सूर्यवंशी ने मानसिक परिपक्वता का एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। आनंद महिंद्रा के अनुसार, वैभव का यही रवैया और खुद पर नियंत्रण रखने की क्षमता आने वाले समय में उन्हें खेल की दुनिया का एक बड़ा स्टार बनाएगी। भारतीय क्रिकेट प्रेमी अब इस युवा खिलाड़ी को भविष्य के एक बड़े मैच-विनर के रूप में देख रहे हैं।

ट्रंप की दो टूक चेतावनी से बिगड़ी बात, स्विट्जरलैंड में अमेरिका-ईरान शांति वार्ता अधर में लटकी
स्विट्जरलैंड में चल रही अमेरिका-ईरान शांति वार्ता डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनियों के बाद अचानक ठप हो गई है। ट्रंप द्वारा हिज्बुल्लाह पर लगाम लगाने और होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने की शर्त पर ईरानी दल ने कड़ा विरोध जताया और वॉकआउट कर दिया, जिससे वैश्विक कूटनीतिक तनाव गहरा गया है।
खबर का निचोड़:
स्विट्जरलैंड में चल रही अमेरिका-ईरान शांति वार्ता डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनियों के बाद अचानक ठप हो गई है। ट्रंप द्वारा हिज्बुल्लाह पर लगाम लगाने और होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने की शर्त पर ईरानी दल ने कड़ा विरोध जताया और वॉकआउट कर दिया, जिससे वैश्विक कूटनीतिक तनाव गहरा गया है।
बातचीत की मेज पर बनी सहमति, फिर पलटी बाजी
स्विट्जरलैंड की शांत वादियों में दुनिया को उम्मीद थी कि शायद अमेरिका और ईरान के बीच दशकों पुराना तनाव कुछ कम होगा। शुरुआत सकारात्मक रही। दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने लेबनान में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक विशेष 'डी-कॉन्फ्लिक्शन सेल' बनाने पर सहमति जता दी थी। इतना ही नहीं, अगले 60 दिनों के भीतर एक अंतिम और स्थायी समझौते तक पहुंचने के लिए बकायदा एक व्यापक रोडमैप तैयार करने पर भी दोनों पक्ष राजी हो चुके थे। लेकिन कूटनीति की इस बिसात पर जैसे ही अमेरिका की तरफ से सख्त शर्तें सामने आईं, माहौल पूरी तरह बदल गया।
ट्रंप के तीखे तेवर और ईरान का वॉकआउट
इस बातचीत में गतिरोध तब पैदा हुआ जब डोनाल्ड ट्रंप की ओर से बेहद कड़े और सीधे निर्देश सामने आए। ट्रंप ने ईरान को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि उसे न केवल हिज्बुल्लाह पर अपना पूरा नियंत्रण स्थापित करना होगा और उसकी आक्रामक गतिविधियों को रोकना होगा, बल्कि व्यापार के लिए बेहद संवेदनशील माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को हर हाल में खुला रखना होगा।
ईरानी प्रतिनिधिमंडल के लिए ये शर्तें उनकी संप्रभुता पर सीधे प्रहार जैसी थीं। ट्रंप की इस आक्रामक और दबाव बनाने वाली रणनीति का ईरानी राजनयिकों ने तीखा विरोध किया। बातचीत को आगे बढ़ाने के बजाय ईरानी दल ने तुरंत टेबल छोड़ दी और स्विट्जरलैंड वार्ता से बाहर निकल गया। इसके साथ ही महीनों की कूटनीतिक मेहनत पर एक ही झटके में पानी फिर गया।
युद्ध के मुहाने पर सेनाएं, बढ़ा वैश्विक तनाव
वार्ता टूटने का असर केवल बातचीत के कमरे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर तुरंत सीमाओं पर दिखने लगा है। वार्ता विफल होते ही ईरान ने अपनी सेनाओं को हाई-अलर्ट पर रहने और युद्धक तैयारियों को तेज करने के साफ संकेत दे दिए हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य, जहां से दुनिया का एक-तिहाई तेल गुजरता है, वहां तनाव बढ़ने से वैश्विक बाजार और सुरक्षा विशेषज्ञों की चिंताएं चरम पर पहुंच गई हैं। अमेरिका और ईरान के बीच पैदा हुए इस ताजा गतिरोध ने मध्य-पूर्व (Middle East) में एक बार फिर बड़े सैन्य टकराव की आशंका को जन्म दे दिया है, जिसने पूरी दुनिया को संकट में डाल दिया है।

जब सुनील पाल ने समय रैना को आईना दिखाया: कॉमेडी या जुबानी जंग?
कॉमेडी की दुनिया में तब भूचाल आ गया जब मशहूर कॉमेडियन सुनील पाल ने युवा स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना पर तीखा पलटवार किया। 'द ग्रेट इंडियन कपिल शो' में समय रैना द्वारा की गई एक टिप्पणी का जवाब देते हुए सुनील पाल ने मर्यादा और कॉमेडी की सीमाओं पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
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कपिल शर्मा के शो से सुलगी चिंगारी
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब लोकप्रिय ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाले 'द ग्रेट इंडियन कपिल शो' में समय रैना बतौर मेहमान पहुंचे थे। शो के दौरान हंसी-मजाक के सिलसिले में समय रैना ने सुनील पाल को लेकर एक विवादित टिप्पणी कर दी। समय ने मजाकिया लहजे में कहा था, 'तुम दांत क्यों नहीं साफ करते?' हालांकि शो के माहौल में इसे एक पंचलाइन की तरह लिया गया, लेकिन यह बात सीनियर कॉमेडियन सुनील पाल को बिल्कुल रास नहीं आई।
सुनील पाल का करारा पलटवार
सुनील पाल ने समय रैना की इस टिप्पणी पर बेहद सख्त और धारदार प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने समय के पर्सनल अटैक का जवाब सीधे उनके व्यवहार और भाषा शैली पर वार करके दिया। सुनील पाल ने कहा, "तुम तो ब्रश करते हो न?... फिर तुम्हारे मुंह से इतनी गंदगी क्यों निकलती है? गंदगी निकालना बंद करो यदि ब्रश करते हो तो।" सुनील पाल का यह बयान सोशल मीडिया से लेकर मनोरंजन जगत की गलियों में तेजी से चर्चा का विषय बन गया है।
कॉमेडी की गिरती मर्यादा पर उठे सवाल
सुनील पाल लंबे समय से आज के दौर की स्टैंड-अप कॉमेडी और उसमें इस्तेमाल होने वाली भाषा पर अपनी असहमति जताते रहे हैं। समय रैना पर किया गया यह हमला सिर्फ एक व्यक्तिगत प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि यह उस हताशा को भी दर्शाता है जो पुराने दौर के कलाकार आधुनिक कॉमेडी के बदलते तौर-तरीकों को लेकर महसूस कर रहे हैं। सुनील पाल का मानना है कि कॉमेडी के नाम पर किसी के व्यक्तिगत रूप-रंग का मजाक उड़ाना या अभद्र भाषा का प्रयोग करना सही नहीं है।
सोशल मीडिया पर बंटी जनता की राय
इस जुबानी जंग के बाद इंटरनेट पर भी बहस छिड़ गई है। जहां एक तरफ समय रैना के फैंस इसे महज शो के फॉर्मेट का हिस्सा और एक हल्का-फुल्का मजाक बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ नेटिजन्स का एक बड़ा वर्ग सुनील पाल के समर्थन में खड़ा दिख रहा है। लोगों का कहना है कि स्क्रीन पर किसी वरिष्ठ कलाकार का सम्मान बनाए रखना जरूरी है और कॉमेडी की आड़ में किसी पर व्यक्तिगत कीचड़ उछालने से बचा जाना चाहिए। अब देखना यह है कि सुनील पाल के इस तीखे तीर पर समय रैना की तरफ से क्या प्रतिक्रिया आती है।
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