
इंडियन आर्मी में मेडिकल ऑफिसर के 120 पदों पर भर्ती
आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल सर्विसेज (AFMS) ने शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत मेडिकल ऑफिसर के 120 पदों पर भर्ती निकाली है। इनमें 90 पद पुरुषों और 30 पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। एमबीबीएस डिग्रीधारक 9 से 18 नवंबर तक आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं।
पदों का विवरण और योग्यता
जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, कुल 120 पदों में से 90 पद पुरुष उम्मीदवारों के लिए और 30 पद महिला उम्मीदवारों के लिए निर्धारित किए गए हैं। इन पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास मान्यता प्राप्त संस्थान से एमबीबीएस की डिग्री होना अनिवार्य है।
आवेदन प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियां
योग्य और इच्छुक उम्मीदवार 9 नवंबर से 18 नवंबर के बीच आधिकारिक वेबसाइट join.afms.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, इस भर्ती को लेकर दिसंबर 2026 में नई दिल्ली में इंटरव्यू आयोजित किए जाने की उम्मीद जताई गई है।

कोर्ट में पेश न होने पर नोरा फतेही को फटकार
दिल्ली की एक अदालत ने 200 करोड़ रुपये के ठग सुकेश चंद्रशेखर मामले में अभिनेत्री नोरा फतेही को अदालत में पेश न होने पर फटकार लगाई है। कोर्ट ने उनका बर्ताव ठीक न बताते हुए चेतावनी दी कि कोर्ट को हल्के में न लें और उन्हें 6 नवंबर को पेश होने के लिए नया समन जारी किया है।
अदालत की कड़ी फटकार और नाराजगी
निर्धारित शेड्यूल के अनुसार नोरा फतेही को आज यानी 2 नवंबर को बतौर गवाह अदालत में पेश होना था। हालांकि, उनके अदालत में उपस्थित न होने पर न्याय प्रक्रिया में बाधा आई, जिस पर कोर्ट का गुस्सा फूट पड़ा। अदालत ने नाराजगी जताते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका यह बर्ताव बिल्कुल भी ठीक नहीं है और किसी को भी न्यायपालिका या कोर्ट को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
नया समन और आगामी पेशी
अदालत की अवमानना और सुनवाई से गैर-हाजिर रहने के बाद कोर्ट ने अब कड़ा कदम उठाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने नोरा फतेही को आगामी 6 नवंबर को अनिवार्य रूप से पेश होने के लिए नया समन जारी किया है। इस सख्त रुख के बाद अब सबकी नजरें 6 नवंबर की सुनवाई पर टिकी हुई हैं।

तुकाराम मुंडे ने हाथ से लड्डू मसलकर दी क्लीन चिट
महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने पुणे मर्चेंट्स चैंबर की दिवाली खाद्य बिक्री में लड्डुओं की गुणवत्ता की खुद जांच की. उन्होंने हाथ से लड्डू मसलकर परखा और पाया कि रंग या ज्यादा तेल नहीं होने तथा बनावट संतोषजनक होने के कारण उन्होंने लड्डुओं को क्लीन चिट दे दी.
हाथ से मसलकर परखी गुणवत्ता
निरीक्षण के दौरान तुकाराम मुंडे ने औपचारिकता निभाने के बजाय खुद अपने हाथों से लड्डू को मसलकर उसकी बनावट और गुणवत्ता को परखा. इस दौरान उन्होंने यह देखा कि लड्डू की क्वालिटी मानकों पर खरी उतरती है या नहीं.
सामने आई जांच की वजह
जांच के बाद मुंडे ने स्पष्ट किया कि लड्डू से उनके हाथ पर किसी भी प्रकार का कृत्रिम रंग नहीं लगा और न ही उसमें आवश्यकता से अधिक तेल महसूस हुआ. उन्होंने लड्डुओं की बनावट को भी पूरी तरह से संतोषजनक पाया, जिसके बाद इन्हें हरी झंडी दे दी गई.

'मोदी जी कहीं नहीं जाएंगे' नारे पर भड़के सौरभ दास
कॉकरोच जनता पार्टी के सौरभ दास ने बीजेपी के नारे 'मोदी जी कहीं नहीं जाएंगे' को अहंकार का प्रतीक बताया है. उन्होंने स्मृति ईरानी का एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि यह किसी राजनेता द्वारा खुद को लेकर दिखाया गया सबसे बड़ा अहंकार है, जो हमेशा सत्ता में बने रहने की जिद और डर को दर्शाता है.
अहंकार और सत्ता की ललक पर सवाल
सौरभ दास ने अपनी बात को पुख्ता करने के लिए केंद्रीय नेता स्मृति ईरानी के एक सोशल मीडिया पोस्ट का सहारा लिया. उन्होंने उस पोस्ट को शेयर करते हुए तीखी टिप्पणी की और कहा कि यह किसी भी राजनेता की तरफ से खुद को लेकर दिखाया गया सबसे बड़ा अहंकार हो सकता है. उनके मुताबिक, इस तरह की बयानबाजी जनता को बिल्कुल भी पसंद नहीं आती है और लोग इसे स्वीकार नहीं करते हैं.
हमेशा सत्ता में बने रहने की छटपटाहट
अपने बयान को आगे बढ़ाते हुए सौरभ दास ने कहा कि इस तरह के नारे केवल गहरी निराशा, भारी डर और हर हाल में हमेशा सत्ता में बने रहने की दबी हुई इच्छा को उजागर करते हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सत्ता का यह मोह और खुद को अपरिहार्य साबित करने की जिद लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे बयान आने वाले दिनों में सियासी माहौल को और अधिक तीखा कर सकते हैं.

भारत का नया तकनीकी युग: एआई और सेमीकंडक्टर की नई उड़ान
भारत अब केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि इसका वैश्विक निर्माता बनने की राह पर है। सेमीकंडक्टर निर्माण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में देश के तेजी से बढ़ते कदम भविष्य की तस्वीर बदल रहे हैं। घरेलू स्तर पर हो रहे इन बड़े बदलावों से तकनीकी आत्मनिर्भरता मजबूत हो रही है और दुनिया भर के निवेशकों का ध्यान भारत की ओर आकर्षित हो रहा है।
तकनीकी आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम
भारत सरकार की महत्वाकांक्षी सेमीकंडक्टर प्रोत्साहन योजनाओं का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। देश के विभिन्न राज्यों में चिप निर्माण संयंत्रों (Fab Units) की स्थापना तेजी से हो रही है। दशकों तक जिस तकनीक के लिए भारत पूरी तरह विदेशों पर निर्भर था, अब वह अपने ही घरेलू कारखानों में तैयार होने की ओर बढ़ रहा है। यह बदलाव न केवल भारतीय उद्योगों को सुरक्षित करेगा, बल्कि ऑटोमोबाइल, स्मार्टफोन और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को भी एक अभूतपूर्व गति देगा।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और युवा प्रतिभा
सिर्फ हार्डवेयर ही नहीं, बल्कि सॉफ्टवेयर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के मोर्चे पर भी भारत ने अपनी धाक जमा ली है। देश के युवा डेवलपर्स और स्टार्टअप्स वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। जनरेटिव एआई और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में हो रहे नए प्रयोग इस बात का प्रमाण हैं कि भारत आने वाले समय में ग्लोबल एआई हब बनने की पूरी क्षमता रखता है। डेटा सेंटर्स के विस्तार और क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश से इस रफ्तार को और अधिक बल मिला है।
वैश्विक बाजारों में मजबूत होती स्थिति
इन तमाम बदलावों का सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। आज दुनिया की बड़ी तकनीकी कंपनियां भारत को एक सुरक्षित, भरोसेमंद और विशाल बाजार के रूप में देख रही हैं। 'मेक इन इंडिया' और 'डिजिटल इंडिया' जैसी पहलों ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) में भारत की स्थिति को बेहद अहम बना दिया है। घरेलू स्तर पर तैयार हो रहा यह तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा कर रहा है और देश के युवाओं के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोल रहा है।
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