
ऐश्वर्या राय ने मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में दिया था यह जवाब
वर्ष 1994 में मिस वर्ल्ड का खिताब जीतने से पहले ऐश्वर्या राय से पूछा गया था कि एक मिस वर्ल्ड में कौन से गुण होने चाहिए। इसके जवाब में उन्होंने कहा था कि अब तक की सभी मिस वर्ल्ड दयावान स्वभाव की रही हैं, जिनमें बड़ों के साथ-साथ उन लोगों के प्रति भी दया होती है जिनके पास कुछ नहीं है।
एक्ट्रेस ऐश्वर्या राय के जीवन से जुड़ा एक दिलचस्प और ऐतिहासिक किस्सा सामने आया है, जब उन्होंने वर्ष 1994 में मिस वर्ल्ड का ताज अपने नाम किया था। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के दौरान उनसे एक ऐसा सवाल पूछा गया था, जिसने उनके विजन और समझ को दुनिया के सामने रखा।
ऐश्वर्या राय से पूछा गया था यह खास सवाल
प्रतियोगिता के दौरान ऐश्वर्या राय से सवाल किया गया था कि एक सफल मिस वर्ल्ड में आखिर कौन से मुख्य गुण होने चाहिए। इस सवाल का उन्होंने बेहद संवेदनशीलता और परिपक्वता के साथ उत्तर दिया, जिसने सभी का दिल जीत लिया।
ऐश्वर्या राय का दिल जीतने वाला जवाब
इस सवाल का जवाब देते हुए ऐश्वर्या राय ने कहा था कि अब तक उन्होंने जितनी भी मिस वर्ल्ड को देखा और जाना है, वे सभी दयावान स्वभाव की रही हैं। उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि उनमें केवल अपनों या बड़ों के लिए ही दया नहीं होती, बल्कि उनके भीतर उन लोगों के प्रति भी सच्ची करुणा होती है जिनके पास जीवन में कुछ नहीं है। उनके इस शानदार और मानवीय उत्तर ने उन्हें विजेता बनने की राह में एक मजबूत पहचान दिलाई।

राहुल गांधी ने पीएम मोदी को दी खुली बहस की चुनौती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरों और बयानों पर तंज कसने के बाद, राहुल गांधी ने उन्हें खुली बहस की चुनौती दी है। पीएम मोदी ने परोक्ष रूप से सवाल उठाया था कि विदेश में कौन किससे मिल रहा है और भारत के दुश्मनों की भाषा बोल रहा है। इस पर राहुल गांधी ने पलटवार करते हुए कहा कि वह इस मुद्दे पर बहस करने को तैयार हैं।
देश की राजनीति में एक बार फिर बयानों का दौर तेज हो गया है, जहाँ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधी और खुली बहस की चुनौती दे डाली है। यह पूरा घटनाक्रम प्रधानमंत्री के उस परोक्ष बयान के बाद सामने आया है जिसमें उन्होंने देश के नेताओं के विदेशी दौरों और वहां की गतिविधियों पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।
प्रधानमंत्री मोदी का विदेश दौरों और गुप्त मुलाकातों पर निशाना
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बयान में परोक्ष रूप से राहुल गांधी के विदेश दौरों का जिक्र किया था। प्रधानमंत्री ने तंज कसते हुए सवाल उठाया था कि विदेश में चुपके से कौन किससे मिल रहा है और कौन भारत के दुश्मनों की भाषा बोल रहा है, जिसे देश की जनता को पहचानना होगा। इस प्रकार के बयानों से राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी बढ़ गई।
राहुल गांधी की खुली चुनौती: अगर हिम्मत है तो आइए
प्रधानमंत्री के इस तीखे कटाक्ष का जवाब देते हुए राहुल गांधी ने आक्रामक रुख अपनाया है। राहुल गांधी ने पलटवार करते हुए कहा कि आप विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बने हैं। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को खुली चुनौती देते हुए कहा कि वह इस विषय पर खुली बहस करने को तैयार हैं और अगर हिम्मत है तो वे सामने आएं।

2028 से पहले नीट परीक्षा कंप्यूटर पर होने की संभावना नहीं
नीट-यूजी परीक्षा को लेकर एक बड़ी अपडेट सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, 2027 में भी यह परीक्षा पेन-और-पेपर मोड में ही आयोजित की जाएगी और 2028 से पहले इसके कंप्यूटर-आधारित यानी सीबीटी फॉर्मेट में बदलने की कोई संभावना नहीं है। केंद्र सरकार ने परीक्षा सुधार कार्य बल का कार्यकाल भी जनवरी 2027 तक बढ़ा दिया है.
देशभर के मेडिकल उम्मीदवारों के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। अगले कुछ सालों तक नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा के ऑनलाइन या कंप्यूटर आधारित होने की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह प्रतिष्ठित प्रवेश परीक्षा फिलहाल पारंपरिक पेन-और-पेपर मोड में ही जारी रहेगी, जिससे उन लाखों छात्रों को राहत मिली है जो डिजिटल परीक्षा के बजाय ऑफलाइन मोड के अभ्यस्त हैं।
पेन-और-पेपर मोड रहेगा जारी
सामने आई जानकारी के अनुसार, आगामी वर्ष 2027 में भी नीट-यूजी परीक्षा का आयोजन पेन-और-पेपर फॉर्मेट में ही किया जाएगा। जानकारों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में एक साथ देश भर में छात्रों का परीक्षा देना और तकनीकी ढांचे को पूरी तरह बदलना एक जटिल प्रक्रिया है। यही वजह है कि वर्ष 2028 से पहले इस परीक्षा को पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित (CBT) फॉर्मेट में शिफ्ट करने की योजना पर फिलहाल मुहर नहीं लग सकी है।
परीक्षा सुधार कार्य बल का कार्यकाल बढ़ा
इस पूरी प्रक्रिया और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार लाने के लिए गठित किए गए 'परीक्षा सुधार कार्य बल' (एग्जामिनेशन रिफॉर्म टास्क फोर्स) को लेकर भी अहम अपडेट है। केंद्र सरकार ने नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता वाले इस विशेष कार्य बल का कार्यकाल बढ़ाकर जनवरी 2027 तक कर दिया है। यह टास्क फोर्स परीक्षा की गुणवत्ता, पारदर्शिता और सुरक्षा को पुख्ता करने के उपायों पर लगातार मंथन कर रही है, ताकि भविष्य की परीक्षाओं को और अधिक सुचारू बनाया जा सके।
छात्रों के लिए आगे की तैयारी
परीक्षा के पैटर्न में तुरंत बदलाव न होने से छात्रों को अपनी तैयारी की रणनीति तय करने में आसानी होगी। जो उम्मीदवार ओएमआर शीट (OMR Sheet) आधारित परीक्षा की शैली के अनुसार अभ्यास कर रहे हैं, वे बिना किसी तकनीकी असमंजस के अपनी पढ़ाई पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। सरकार और संबंधित एजेंसियां छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए ही परीक्षा प्रणाली में कोई भी बड़ा कदम उठाएंगी।

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चौकीदार के पदों पर बंपर भर्ती
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ परिसर में चौकीदार के 22 पदों पर भर्ती निकाली है। इसके लिए 8वीं से 12वीं पास उम्मीदवार 21 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। चयन प्रक्रिया 50 अंकों के इंटरव्यू के आधार पर होगी।
8वीं पास युवाओं के लिए सुनहरा मौका
इस भर्ती के तहत कुल 22 पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो 8वीं से लेकर 12वीं पास तक के उम्मीदवार इसप्रक्रिया में भाग लेने के लिए पात्र हैं। योग्य एवं इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित अंतिम तिथि यानी 21 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन माध्यम से अपना आवेदन दर्ज करा सकते हैं।
आयु सीमा और आवेदन शुल्क
इस भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 35 वर्ष निर्धारित की गई है। आवेदन शुल्क की बात करें तो सामान्य वर्ग के लिए ₹700 और आरक्षित वर्ग के लिए ₹600 शुल्क रखा गया है।
चयन प्रक्रिया की मुख्य बातें
उम्मीदवारों के चयन के लिए किसी प्रकार की लिखित परीक्षा नहीं होगी, बल्कि 50 अंकों का सीधा इंटरव्यू आयोजित किया जाएगा। इंटरव्यू में प्रदर्शन के आधार पर ही फाइनल मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी।

तुकाराम मुंडे का पतंजलि पर एक्शन, ज़ब्त हुआ घी
आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंडे के नेतृत्व वाले महाराष्ट्र एफडीए ने छत्रपति संभाजीनगर में पतंजलि के सुपर डिस्ट्रीब्यूटर के यहाँ से 20.20 लाख रुपये का 2,279.7 लीटर गाय का घी ज़ब्त किया है। यह कार्रवाई मिसब्रैंडिंग और मिलावट के संदेह के आधार पर की गई है।
पतंजलि के स्टॉक पर एफडीए की बड़ी कार्रवाई
महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की टीम ने छत्रपति संभाजीनगर में स्थित पतंजलि के सुपर डिस्ट्रीब्यूटर के परिसर में छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने लगभग 2,279.7 लीटर गाय का घी अपने कब्जे में ले लिया है। ज़ब्त किए गए इस कुल घी की बाजार में कीमत करीब 20.20 लाख रुपये आंकी गई है।
मिसब्रैंडिंग और मिलावट का संदेह
एफडीए अधिकारियों के मुताबिक, यह पूरा स्टॉक मिसब्रैंडिंग और मिलावट के पुख्ता संदेह के घेरे में था। सुरक्षा मानकों की अनदेखी और जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ की आशंका को देखते हुए इस स्टॉक को तुरंत ज़ब्त कर लिया गया।
राज्यभर में अन्य जगहों पर भी ताबड़तोड़ छापे
सिर्फ यही नहीं, बल्कि इस व्यापक अभियान के तहत राज्यभर के 114 विभिन्न प्रतिष्ठानों से कुल 9 करोड़ रुपये की खाद्य सामग्री भी ज़ब्त की गई है। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
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