
करवाचौथ से पहले गाजियाबाद में जिम ट्रेनर का खूनी खेल
गाजियाबाद के वसुंधरा इलाके में पोस्टल विभाग के सीनियर अकाउंटेंट पर उनकी पत्नी के जिम ट्रेनर प्रेमी ने घर में घुसकर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी ने शख्स पर 12 बार चाकू से वार किया, जिसके बाद पुलिस ने महिला और उसके प्रेमी दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
घर में घुसकर किया गया जानलेवा हमला
मिली जानकारी के अनुसार, महिला का अफेयर एक जिम ट्रेनर के साथ चल रहा था। योजनाबद्ध तरीके से जिम ट्रेनर ने महिला के घर में प्रवेश किया और उसके पति पर ताबड़तोड़ चाकू से वार कर दिए। आरोपी ने बेरहमी से उस शख्स के शरीर पर करीब 12 जगह चाकू से गहरे वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हालत में गिर पड़े।
अस्पताल में भर्ती पीड़ित और पुलिस की कार्रवाई
इस भयानक हमले के बाद पीड़ित पति को तुरंत गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही हरकत में आई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी जिम ट्रेनर और उसकी प्रेमिका यानी पीड़ित की पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस इस मामले के हर पहलू की गहराई से छानबीन कर रही है।

₹200 के लकी ड्रॉ में बच्चे ने जीती ₹50 लाख की फॉर्च्यूनर
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में महज ₹200 के गरबा कूपन से 6 साल के मेदांश ने ₹50 लाख की फॉर्च्यूनर कार जीत ली है। मेदांश के दादा-दादी ने उसके नाम पर कूपन खरीदा था, जिससे परिवार का दो पीढ़ियों का सपना सच हो गया है।
200 रुपये के कूपन से जीती लग्जरी कार
बुरहानपुर में आयोजित एक गरबा कार्यक्रम के दौरान ₹200 का लकी ड्रॉ कूपन बेचा जा रहा था। 6 वर्षीय मासूम मेदांश के दादा-दादी ने अपने पोते के नाम पर यह कूपन खरीदा था। लकी ड्रॉ के नतीजे घोषित होते ही परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा, क्योंकि मेदांश का नाम ₹50 लाख की ब्रांड न्यू फॉर्च्यूनर कार के विजेता के रूप में निकला।
दो पीढ़ियों का सपना हुआ पूरा
मेदांश की दादी ने बेहद भावुक होकर बताया कि उनके पति और बेटे (मेदांश के दादा और पिता) लंबे समय से एक फॉर्च्यूनर कार खरीदने का सपना देख रहे थे। हालांकि, बजट और पारिवारिक परिस्थितियों के कारण यह सपना अब तक अधूरा ही था। लेकिन 6 साल के मासूम के भाग्य से पूरे परिवार की दो पीढ़ियों की यह पुरानी ख्वाहिश पल भर में पूरी हो गई है।

टाटा की बादशाहत खत्म! रिलायंस बना सबसे मूल्यवान कॉरपोरेट घराना
जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में शानदार लिस्टिंग के बाद रिलायंस ग्रुप भारत का सबसे मूल्यवान कॉरपोरेट घराना बन गया है। जियो का शेयर ₹1,417.35 पर बंद हुआ, जिससे रिलायंस का कुल मार्केट कैप टाटा ग्रुप से आगे निकल गया है।
जियो की लिस्टिंग और रिलायंस का नया मुकाम
शेयर बाजार में कारोबार के दौरान जियो का शेयर ₹1,417.35 के स्तर पर बंद हुआ। इस बेहतरीन प्रदर्शन के साथ ही अकेले जियो प्लेटफॉर्म्स का मार्केट कैप बढ़कर ₹13.05-लाख करोड़ तक पहुंच गया है। इस बड़ी छलांग से रिलायंस समूह की कुल 13 लिस्टेड कंपनियों का सम्मिलित मार्केट कैप ₹28-लाख करोड़ से भी अधिक हो गया है।
टाटा ग्रुप को पीछे छोड़ा
रिलायंस समूह की इस जबरदस्त बढ़त के आगे अब टाटा ग्रुप का मार्केट कैप पीछे छूट गया है। वर्तमान में टाटा ग्रुप का कुल मार्केट कैप करीब ₹26-लाख करोड़ के आसपास है। इस प्रकार जियो की सफल शुरुआत और मजबूत बाजार मूल्यांकन के दम पर रिलायंस ने भारतीय उद्योग जगत में अपनी बादशाहत कायम कर ली है।

टाटा की बादशाहत खत्म! रिलायंस बना सबसे मूल्यवान कॉरपोरेट घराना
जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में शानदार लिस्टिंग के बाद रिलायंस ग्रुप भारत का सबसे मूल्यवान कॉरपोरेट घराना बन गया है। जियो का शेयर ₹1,417.35 पर बंद हुआ, जिससे रिलायंस का कुल मार्केट कैप टाटा ग्रुप से आगे निकल गया है।
जियो की लिस्टिंग और रिलायंस का नया मुकाम
शेयर बाजार में कारोबार के दौरान जियो का शेयर ₹1,417.35 के स्तर पर बंद हुआ। इस बेहतरीन प्रदर्शन के साथ ही अकेले जियो प्लेटफॉर्म्स का मार्केट कैप बढ़कर ₹13.05-लाख करोड़ तक पहुंच गया है। इस बड़ी छलांग से रिलायंस समूह की कुल 13 लिस्टेड कंपनियों का सम्मिलित मार्केट कैप ₹28-लाख करोड़ से भी अधिक हो गया है।
टाटा ग्रुप को पीछे छोड़ा
रिलायंस समूह की इस जबरदस्त बढ़त के आगे अब टाटा ग्रुप का मार्केट कैप पीछे छूट गया है। वर्तमान में टाटा ग्रुप का कुल मार्केट कैप करीब ₹26-लाख करोड़ के आसपास है। इस प्रकार जियो की सफल शुरुआत और मजबूत बाजार मूल्यांकन के दम पर रिलायंस ने भारतीय उद्योग जगत में अपनी बादशाहत कायम कर ली है।

रोते रहो: ब्लूमबर्ग रिपोर्ट पर अश्विनी वैष्णव का करारा जवाब
ब्लूमबर्ग की इस रिपोर्ट पर कि भारत का चीन जैसा मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग मॉडल विफल हो जाएगा, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 'रोते रहो' कहकर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने मोबाइल पीएलआई योजना के आंकड़े साझा करते हुए कहा कि इस सेक्टर में 25 लाख लोगों को रोजगार मिला है और भारी टैक्स कलेक्शन हुआ है।
केंद्रीय मंत्री का करारा और सीधा जवाब
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के सामने आने के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया के माध्यम से उस पर तंज कसते हुए केवल 'रोते रहो' कहा है। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में भारत की मोबाइल पीएलआई (PLI) योजना के आधिकारिक आंकड़े भी जनता के सामने रखे हैं।
मोबाइल पीएलआई योजना के शानदार आंकड़े
अश्विनी वैष्णव द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, सरकार ने अब तक 19,000 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी है। इसके मुकाबले देश को 25,000 करोड़ रुपये का डायरेक्ट टैक्स-कलेक्शन और 3,00,000 करोड़ रुपये का जीएसटी संग्रह प्राप्त हुआ है। इसके अलावा, अकेले इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 25,00,000 लोगों को रोजगार मिला है, जिसमें सिर्फ मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 12,00,000 लोग कार्यरत हैं।
Delight News
निष्पक्ष पत्रकारिता, सटीक विश्लेषण
Delight News परिवार से जुड़ें
ताजा खबरों के सबसे तेज नोटिफिकेशन और शानदार यूज़र इंटरफेस के साथ देश-दुनिया के लाइव अपडेट्स सीधे अपने mobile पर पाने के लिए हमारा Delight News Android App डाउनलोड करें।
📥 Download Android App