
हरियाणा: बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से गुरुग्राम के उद्योगों को ₹10,000 करोड़ का नुकसान
हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हालिया हड़ताल के कारण गुरुग्राम के उद्योगों को लगभग ₹10,000 करोड़ का भारी नुकसान उठाना पड़ा है। उद्योग संगठन PFTI के अनुसार, इस बिजली संकट से उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ और जनरेटर का इस्तेमाल करने से लागत दोगुनी होकर 22 से 23 रुपये प्रति यूनिट तक पहुंच गई। हालांकि, अब यह हड़ताल खत्म हो चुकी है।
उत्पादन पर पड़ा गहरा असर
उद्योग संगठन PFTI (पीएफटीआई) की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, बिजली संकट गहराने की वजह से औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन का कार्य बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ग्रिड की बिजली न मिलने के कारण उद्योगों को अपने संयंत्र चलाने के लिए जनरेटर का भारी मात्रा में सहारा लेना पड़ा।
लागत में हुई भारी बढ़ोतरी
जनरेटर से बिजली का विकल्प अपनाने के कारण उद्योगों की उत्पादन लागत में भारी उछाल आया है। जनरेटर से बिजली प्राप्त करने पर लागत लगभग दोगुनी होकर 22 से 23 रुपये प्रति यूनिट तक पहुंच गई, जिससे कारोबारियों की आर्थिक स्थिति पर काफी दबाव पड़ा। हालांकि, राहत की बात यह है कि बिजली कर्मचारियों की यह हड़ताल अब समाप्त हो चुकी है और स्थिति सामान्य होने की ओर बढ़ रही है।

रास्ते पर बैरिकेड लगा दिया, कहीं यमुना में नेवी न तैनात कर दें: अभिजीत दीपके
सीजेपी के अभिजीत दीपके ने नेताओं की हिरासत पर सरकार पर जोरदार तंज कसा है। उन्होंने कहा कि वे फ्लाइट और सड़क से हिरासत में लिए जा चुके हैं, अब बस नाव से गिरफ्तार होना बाकी है। दीपके ने तंज कसते हुए कहा कि रास्ते पर बैरिकेड्स लगा दिए हैं, पता नहीं यमुना में कहीं नेवी न तैनात कर दें।
सरकार की कार्रवाई पर तीखा कटाक्ष
अभिजीत दीपके ने सरकार के रवैये पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे और उनके साथी नेताओं को फ्लाइट और सड़क के रास्ते से पहले ही हिरासत में लिया जा चुका है। अब केवल नाव के जरिए गिरफ्तार होना ही बाकी रह गया है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन की ओर से की गई भारी घेराबंदी को लेकर तंज कसा।
'यमुना में नेवी तैनात न कर दें'
दीपके ने आगे कहा कि सड़कों पर जिस तरह से बैरिकेड्स लगाकर आवाजाही को रोका गया है, उसे देखकर ऐसा लगता है कि कहीं सरकार यमुना नदी में नेवी (नौसेना) की तैनाती न कर दे। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि केवल एक विरोध प्रदर्शन (प्रोटेस्ट) को लेकर प्रशासन के भीतर इतना ज्यादा डर बना हुआ है, जिसके लिए इतनी बड़ी तादाद में सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है।

दलेर मेहंदी के साथ हुए बर्ताव पर छलके मीका सिंह के आंसू
गायक मीका सिंह ने खुलासा किया है कि जब उन्होंने दलेर मेहंदी को फोन किया, तो वे बच्चे की तरह रोने लगे थे। उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा दलेर मेहंदी पर शराब पीकर परफॉर्म करने का आरोप लगाया गया था, जिसके बाद उनके साथ हुए इस व्यवहार से मीका सिंह को काफी दुख हुआ।
मीका सिंह का दर्दनाक खुलासा
मीका सिंह ने एक बातचीत में बताया कि जब किसी ने दलेर मेहंदी से बेहद खराब तरीके से बात की, तो उन्हें इस बात का बहुत बुरा लगा। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए जब मीका ने अपने पाजी (दलेर मेहंदी) को फोन मिलाया, तो फोन उठाते ही वे कुछ कह नहीं पाए और दलेर मेहंदी एक छोटे बच्चे की तरह फफक-फफक कर रोने लगे।
शराब पीकर परफॉर्म करने का आरोप
पूरे विवाद की शुरुआत उत्तराखंड से जुड़ी एक घटना से हुई थी। उत्तराखंड सरकार के मंत्री सुबोध उनियाल की तरफ से दलेर मेहंदी पर यह गंभीर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने मंच पर शराब पीकर परफॉर्म किया था। इसी आरोप और उसके बाद हुए अपमानजनक बर्ताव ने दलेर मेहंदी को अंदर से तोड़ कर रख दिया, जिसे लेकर उनके भाई मीका सिंह ने खुलकर अपना गुस्सा और दुख जाहिर किया है।

भारत 2028 तक लॉन्च करेगा अपना मोबाइल फोन
केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि भारत 23 अक्टूबर 2028 तक अपना खुद का मोबाइल फोन ब्रांड लॉन्च करेगा। एनडीटीवी वर्ल्ड समिट 2026 में उन्होंने बताया कि ये फोन पूरी तरह भारत में डिजाइन और निर्मित होंगे, जिनका मुख्य उद्देश्य इसे दुनिया का सबसे ज्यादा बिकने वाला डिवाइस बनाना है।
आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम
इस खास पहल के तहत लॉन्च होने वाले सभी मोबाइल फोन भारत में ही पूरी तरह से डिजाइन और निर्मित किए जाएंगे। एनडीटीवी वर्ल्ड समिट 2026 के दौरान मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि इस स्वदेशी ब्रांड का लक्ष्य इन डिवाइसेज को दुनिया भर में सबसे ज्यादा बिकने वाले उत्पाद के रूप में स्थापित करना है।
बौद्धिक संपदा अधिकार भारत के पास
इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इन फोन्स से जुड़े सभी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (बौद्धिक संपदा अधिकार) पूरी तरह से भारत के पास ही रहेंगे। इससे देश की तकनीकी आत्मनिर्भरता को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत पहचान मिलेगी और वैश्विक मोबाइल बाजार में भारत का दबदबा और अधिक बढ़ेगा।

अमेरिका में पकड़ा गया भारत का वांटेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ
भारत के सबसे वांछित गैंगस्टरों में से एक हिमांशु भाऊ को अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। हत्या, वसूली और अपहरण जैसे गंभीर मामलों में आरोपी हिमांशु दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब में सक्रिय रहा है। वह लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ का कट्टर दुश्मन माना जाता है।
आपराधिक गतिविधियों का दायरा
हिमांशु भाऊ का नाम कई सनसनीखेज वारदातों से जुड़ा हुआ है। उस पर हत्या, जबरन वसूली और अपहरण जैसे कई गंभीर आपराधिक मामलों में आरोप दर्ज हैं। उसका आपराधिक नेटवर्क मुख्य रूप से दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब के इलाकों में फैला हुआ था, जहां उसके नाम से अपराधी आतंक फैलाते रहे हैं।
लॉरेंस बिश्नोई से पुरानी दुश्मनी
अपराध जगत में हिमांशु भाऊ की पहचान लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गिरोह के कट्टर दुश्मन के रूप में है। इन दोनों गुटों के बीच वर्चस्व की जंग और पुरानी रंजिश जगजाहिर रही है। एफबीआई द्वारा हिमांशु की गिरफ्तारी के बाद अब दोनों गैंग्स के समीकरणों पर भी असर पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
भारत लाने की कवायद
अमेरिकी एजेंसी द्वारा पकड़े जाने के बाद अब भारतीय सुरक्षा और जांच एजेंसियां हरकत में आ गई हैं। एजेंसियां कानूनी प्रक्रियाओं के जरिए हिमांशु भाऊ को जल्द से जल्द भारत वापस लाने की कोशिश में जुटी हुई हैं, ताकि देश में उस पर दर्ज मुकदमों की कड़ी कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा सके।
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