
पूर्णिया में भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव पर फेंकी गई चप्पल
बिहार के पूर्णिया में खुरदा महोत्सव के दौरान भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव पर एक लड़के ने चप्पल फेंक दी। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद, जहाँ खेसारी ने तंज कसते हुए कहा कि वह बहुत आगे जाएगा, वहीं सांसद पप्पू यादव ने आरोपी को न बख्शने की चेतावनी दी है।
वायरल वीडियो और खेसारी की प्रतिक्रिया
घटना के बाद वायरल हुए वीडियो में भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव बड़े शांत और तंज भरे अंदाज में नजर आए। उन्होंने उस लड़के पर गुस्सा जाहिर करने के बजाय कहा कि "बहुत अच्छा बेटा...बहुत आगे जाएगा"। इसके साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि उस लड़के की इस तरह की हरकतों और गलतियों से दुनिया सीखेगी। उनका यह अंदाज सोशल मीडिया पर काफी चर्चा का विषय बन गया है।
सांसद पप्पू यादव की कड़ी चेतावनी
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने आरोपी लड़के की पहचान करने की बात कही और कड़ी चेतावनी देते हुए साफ किया कि इस हरकत के लिए आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

मल्लिकार्जुन खर्गे की पीएम मोदी के पिता पर टिप्पणी पर गरमाई राजनीति
पटना में कांग्रेस के एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में भारी विवाद छिड़ गया है, और नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।
तीखी झड़प और विवादित बयान
कार्यक्रम के दौरान जब मल्लिकार्जुन खर्गे अपना संबोधन दे रहे थे, तभी भीड़ में से एक व्यक्ति ने टोकते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कहीं नहीं जाएंगे। इस बात पर खर्गे आपा खो बैठे और उन्होंने चिल्लाते हुए बेहद आपत्तिजनक लहजे में जवाब दिया कि मोदी का बाप भी जाएगा। यह बयान सामने आते ही कार्यक्रम स्थल का माहौल गर्मा गया और विपक्षी दलों को कांग्रेस पर हमला करने का एक बड़ा मौका मिल गया।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और घमासान
इस घटना के बाद से भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग और अधिक तीव्र हो गई है। भाजपा नेताओं ने इस बयान को अमर्यादित और राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ करार दिया है। उनका कहना है कि शीर्ष पदों पर बैठे नेताओं द्वारा इस तरह की भाषा का प्रयोग देश की राजनीतिक संस्कृति को कलंकित करता है। दूसरी ओर, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।

भारत और श्रीलंका का साझा बौद्ध विरासत को सहेजने का बड़ा कदम
भारत और श्रीलंका ने कोलंबो के प्रसिद्ध गंगातरामया मंदिर में 'सामहिता' (SAMHiTA) प्रोजेक्ट की शुरुआत करके अपनी साझा बौद्ध विरासत और सांस्कृतिक सहयोग को और मजबूत किया है। यह परियोजना दक्षिण एशियाई प्राचीन पांडुलिपियों को डिजिटल रूप से सहेजने और उनका एक वैश्विक डेटाबेस तैयार करने की अनूठी पहल है।
क्या है सामहिता प्रोजेक्ट?
संस्कृत भाषा में 'सामहिता' शब्द का अर्थ 'संग्रह' या 'संकलन' होता है। सामहिता (South Asian Manuscript Histories and Textual Archive) प्रोजेक्ट मुख्य रूप से भारत और व्यापक दक्षिण एशिया से जुड़ी उन पांडुलिपियों का एक डिजिटल डेटाबेस और ऑनलाइन आर्काइव तैयार करने की पहल है, जो भारत के बाहर विभिन्न पुस्तकालयों, अभिलेखागारों और संस्थानों में सुरक्षित हैं। इसका मुख्य उद्देश्य बिखरी हुई ऐतिहासिक जानकारियों को एक साझा मंच पर लाकर शोधकर्ताओं और आम लोगों के लिए सुलभ बनाना है।
PANDiT डेटाबेस से जुड़ाव
इस परियोजना के तहत एकत्र की गई तमाम महत्वपूर्ण जानकारियों को 'पंडित' (PANDiT: Prosopographical Database of Indic Texts and Records) पर साझा किया जाएगा। यह दक्षिण एशियाई बौद्धिक इतिहास से जुड़ा एक प्रतिष्ठित डेटाबेस है। इस पूरी पहल को नई दिल्ली स्थित 'इंडिया इंटरनेशनल सेंटर' (India International Centre) द्वारा भारत सरकार की अनुदान सहायता और विदेश मंत्रालय (MEA) के समर्थन से क्रियान्वित किया जा रहा है।
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संरक्षण का प्रयास
यह अपनी तरह का पहला ऐसा प्रयास है, जिसके तहत भारत और दक्षिण एशिया से बाहर मौजूद पांडुलिपि भंडारों को एक ही डिजिटल मंच पर एकजुट किया जा रहा है। इसका उद्देश्य प्राचीन पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण करना और उनमें छिपे ऐतिहासिक, धार्मिक तथा सांस्कृतिक ज्ञान को सुरक्षित रखकर भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना है, जिससे दोनों देशों की साझा सांस्कृतिक विरासत को और अधिक मजबूती मिल सके।

रूस की नई घातक मिसाइल 'फिलिन': यूक्रेन का बड़ा खुलासा
यूक्रेन की रक्षा खुफिया एजेंसी (HUR) ने रूस की एक नई, कम लागत वाली क्रूज मिसाइल 'फिलिन' (Filin) के बारे में चौंकाने वाला खुलासा किया है। एजेंसी ने इस मिसाइल के 3D मॉडल के साथ-साथ इसमें इस्तेमाल किए गए आधुनिक कंपोनेंट्स और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की विस्तृत जानकारी जारी की है।
निर्माण और डिजाइन की विशेषताएं
'फिलिन' एक कम लागत वाली, जमीन से दागी जाने वाली और जेट इंजन से संचालित होने वाली क्रूज मिसाइल है। इसका निर्माण रूस की मशहूर 'टैक्टिकल मिसाइल्स कॉर्पोरेशन' का हिस्सा 'एनपीओ मोल्निया' (NPO Molniya) द्वारा किया गया है। इस मिसाइल की लंबाई लगभग 3.5 मीटर और पंखों का फैलाव (Wingspan) लगभग 3 मीटर है। मिसाइल के बॉडी फ्रेम (Fuselage) में कार्बन फाइबर और ग्लास फाइबर से बने मजबूत कंपोजिट मैटेरियल्स का इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा, इसके कई हिस्सों का निर्माण 3D प्रिंटिंग तकनीक से किया गया है।
लॉन्चिंग और उड़ान क्षमता
यह मिसाइल जमीन पर मौजूद लॉन्चर से सॉलिड-प्रोपेलेंट बूस्टर की मदद से दागी जाती है, जिसके बाद इसका मुख्य R500 टर्बोजेट इंजन चालू हो जाता है। 'फिलिन' मिसाइल 800 किमी प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार हासिल कर सकती है और इसकी मारक क्षमता (रेंज) 1,200 किलोमीटर तक है। इसे रडार से बचने के लिए बेहद कम ऊंचाई पर उड़ने के लिए डिजाइन किया गया है, हालांकि जरूरत पड़ने पर यह लगभग 6 किलोमीटर की ऊंचाई तक भी जाने में सक्षम है। यह मिसाइल अपने साथ 50 किलोग्राम या 100 किलोग्राम तक का छोटा वारहेड (विस्फोटक) ले जा सकती है।
उन्नत नेविगेशन और इलेक्ट्रॉनिक्स
मिसाइल के सटीक निशाने के लिए इसमें चीनी निर्मित इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम का उपयोग किया गया है। इसके साथ ही इसमें 16-चैनल वाला 'कोमेटा' (Kometa) सैटेलाइट नेविगेशन मॉड्यूल भी लगाया गया है, जो एंटी-जैमिंग तकनीक के साथ आता है और विपरीत परिस्थितियों में भी मिसाइल को सही रास्ते पर बनाए रखता है।
सुरक्षा और सामरिक प्रभाव
रूस द्वारा कम लागत में 3D प्रिंटिंग और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करके बनाई गई यह मिसाइल उसकी लंबी दूरी की हमले की क्षमता को बढ़ाती है। यूक्रेन द्वारा इस मिसाइल के कंपोनेंट्स का विश्लेषण करने से यह साफ होता है कि आधुनिक युद्ध में हाई-टेक हथियारों की मैन्युफैक्चरिंग किस दिशा में आगे बढ़ रही है।

दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित वानुअतु में 6.9 तीव्रता का भूकंप
दक्षिण प्रशांत महासागर के द्वीपीय देश वानुअतु के तट के पास 6.9 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, भूकंप के तुरंत बाद इस क्षेत्र में सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी, जिसे बाद में वापस ले लिया गया। किसी भी बड़े नुकसान की फिलहाल कोई खबर नहीं है।
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