
रेलवे भर्ती बोर्ड ने स्नातक पास के लिए निकाली 3548 पदों पर भर्ती
रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने नॉन-टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरीज (NTPC) ग्रेजुएट लेवल के 3548 पदों पर सीधी भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 08 अक्टूबर 2026 से शुरू हो चुके हैं और उम्मीदवार 06 नवंबर 2026 तक अपना फॉर्म जमा कर सकते हैं।
आवेदन से जुड़ी महत्वपूर्ण तिथियां
इस भर्ती अभियान के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करने की प्रक्रिया 08 अक्टूबर 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 06 नवंबर 2026 तक अपना आवेदन पूरा कर सकते हैं। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते अपना आवेदन फॉर्म भर लें, ताकि सर्वर या तकनीकी समस्या से बचा जा सके।
पात्रता और आयु सीमा की शर्तें
RRB NTPC ग्रेजुएट लेवल पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) होना अनिवार्य है। आयु सीमा की बात करें तो न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 33 वर्ष तय की गई है। आयु सीमा की गणना 01 जनवरी 2027 को आधार मानकर की जाएगी।
कैसे करें आवेदन
योग्य उम्मीदवार रेलवे भर्ती बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से सीधे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पत्र भरने से पहले भर्ती से संबंधित सभी नियम, पात्रता मानदंड और दिशा-निर्देशों की जांच आधिकारिक नोटिफिकेशन में ध्यानपूर्वक कर लें।

रेलवे भर्ती बोर्ड ने 1688 पदों पर निकाली बंपर भर्ती
रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने नॉन-टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरीज (NTPC) 10+2 अंडरग्रेजुएट स्तर के 1688 पदों पर भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया 15 अक्टूबर 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक व योग्य उम्मीदवार 13 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियां
इस भर्ती प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत 15 अक्टूबर 2026 से हो चुकी है। उम्मीदवारों के पास फॉर्म भरने और अपनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए 13 नवंबर 2026 तक का समय रहेगा। जो उम्मीदवार इस अवसर का लाभ उठाना चाहते हैं, उन्हें अंतिम तिथि से पहले अपनी आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी जाती है ताकि अंतिम समय में किसी तकनीकी समस्या का सामना न करना पड़े।
आयु सीमा और पात्रता नियम
इस भर्ती में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है। वहीं, अधिकतम आयु सीमा 30 से 35 वर्ष के बीच रखी गई है। आयु सीमा की गणना 01 जनवरी 2027 को आधार मानकर की जाएगी। 10+2 यानी इंटरमीडिएट उत्तीर्ण कर चुके युवा इन पदों के लिए आवेदन करने के पात्र हैं।
ऐसे करें आवेदन प्रक्रिया पूरी
रेलवे भर्ती बोर्ड के अनुसार, सभी योग्य अभ्यर्थी RRB की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन पत्र भरने से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन में दिए गए सभी निर्देशों और दिशा-निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ लें। सही और सटीक विवरण के साथ भरा गया फॉर्म ही स्वीकार किया जाएगा।

UPSSSC ने निकाली 12वीं पास के लिए 1784 पदों पर भर्ती
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने इंटरमीडिएट (12वीं) स्तर के 1784 पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया 10 नवंबर 2026 से शुरू होकर 01 दिसंबर 2026 तक चलेगी। इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन तिथियाँ और महत्वपूर्ण समय-सीमा
आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने की प्रक्रिया 10 नवंबर 2026 से शुरू होगी। अभ्यर्थियों के पास आवेदन करने और शुल्क जमा करने के लिए 01 दिसंबर 2026 तक का समय रहेगा। योग्य और इच्छुक उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते अपना आवेदन पूरा कर लें।
आयु सीमा और योग्यता मानदंड
इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु पद के अनुसार 18 से 21 वर्ष निर्धारित की गई है। वहीं अधिकतम आयु सीमा 30 से 40 वर्ष तय की गई है। आयु की गणना 01 जुलाई 2026 को आधार मानकर की जाएगी। शैक्षणिक योग्यता और पदवार अन्य अनिवार्य शर्तों की विस्तृत जानकारी के लिए उम्मीदवार UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी विस्तृत अधिसूचना देख सकते हैं।
युवाओं के लिए रोजगार का सुनहरा अवसर
इंटरमीडिएट स्तर की इस भर्ती से राज्य के 12वीं उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को सरकारी क्षेत्र में अपना करियर बनाने का बड़ा मौका मिलेगा। परीक्षा पैटर्न, चयन प्रक्रिया और पाठ्यक्रम से जुड़ी विस्तृत जानकारी आयोग के पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है, जिसे ध्यान में रखकर अभ्यर्थी अपनी तैयारी शुरू कर सकते हैं।

जमीन की किल्लत से सुस्त पड़ी 'विंड्स' मौसम नेटवर्क परियोजना
कृषि मंत्रालय की महत्वाकांक्षी 'विंड्स' (WINDS) परियोजना जमीन की कमी के कारण बेहद धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रही है। इस राष्ट्रीय पहल का उद्देश्य ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर स्वचालित मौसम केंद्र और रेन गेज स्थापित करके सटीक मौसम डेटा उपलब्ध कराना है, जिससे किसानों और फसल बीमा दावों को मजबूती मिल सके।
क्या है विंड्स पहल और इसका मुख्य उद्देश्य
विंड्स योजना 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' (PMFBY) के तहत देशव्यापी मौसम डेटा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का एक बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसका निष्पादन महालनोबिस राष्ट्रीय फसल पूर्वानुमान केंद्र (MNCFC) द्वारा किया जा रहा है। इस पहल का मुख्य लक्ष्य ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर 'ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन' (AWS) और 'ऑटोमैटिक रेन गेज' (ARG) का नेटवर्क तैयार करना है। यह प्रणाली भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), राज्य सरकारों और निजी-सार्वजनिक तकनीकी संस्थाओं के आंकड़ों को एक ही केंद्रीकृत पोर्टल पर एकत्रित करती है।
सटीक मौसम डेटा से कृषि और बीमा को मजबूती
इस नेटवर्क के माध्यम से वर्षा, तापमान, आर्द्रता और हवा की गति जैसी स्थानीय मौसम परिस्थितियों का सटीक डेटा जुटाया जाता है। यह हाइपर-लोकल डेटा किसानों को बुआई, सिंचाई और कटाई के सही समय पर त्वरित निर्णय लेने में मदद करता है। इसके अलावा, फसल बीमा के दावों के सटीक और पारदर्शी मूल्यांकन के लिए भी इस डेटा का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाना तय किया गया है, ताकि नुकसान की स्थिति में किसानों को पारदर्शी तरीके से उनका हक मिल सके।
जमीन की कमी और दिशा-निर्देशों ने बढ़ाई चुनौती
परियोजना की सुस्त चाल के पीछे मुख्य कारण राज्यों द्वारा जमीन आवंटन में देरी और मौसम स्टेशनों के लिए उपयुक्त स्थान न मिल पाना है। कई राज्यों में प्रस्तावित साइटों के खारिज होने और गाइडलाइन्स में बदलाव के कारण प्राइवेट पार्टनर्स को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। फिर भी, यदि इस जमीनी अड़चन को जल्द दूर कर लिया जाता है, तो यह प्रणाली देश की पूरी कृषि व्यवस्था और जोखिम प्रबंधन के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी।

भारत की रक्षा शक्ति मजबूत: वरुणअस्त्र और सैटेलाइट के बड़े सौदे
रक्षा मंत्रालय ने भारतीय नौसेना और वायुसेना को अधिक ताकतवर बनाने के लिए 4,106 करोड़ रुपये के रक्षा सौदों पर हस्ताक्षर किए हैं। इसमें स्वदेशी 'वरुणअस्त्र' भारी वजनी टॉरपीडो और 'जीसैट-7सी' संचार उपग्रह का अधिग्रहण शामिल है, जो 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
मारक क्षमता और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम
वरुणअस्त्र एक अत्याधुनिक, जहाज से लॉन्च किए जाने वाला और बिजली से चलने वाला भारी-वजनी एंटी-सബ്मरीन टॉरपीडो है। इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह गहरे और उथले दोनों तरह के पानी में आसानी से दुश्मन की चुपचाप चलने वाली पनडुब्बियों को भी निशाना बना सकता है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के विशाखापत्तनम स्थित नौसैनिक विज्ञान और तकनीकी प्रयोगशाला (NSTL) द्वारा विकसित यह हथियार 40 नॉट से अधिक की रफ्तार और 40 किलोमीटर तक की मारक क्षमता रखता है।
उन्नत मार्गदर्शन प्रणाली और विध्वंसक क्षमता
इस स्वदेशी टॉरपीडो की सबसे बड़ी खासियत इसकी सटीक नेविगेशन और गाइडिंग तकनीक है। यह एक्टिव-पैसिव एकॉस्टिक होमिंग, वायर गाइडेंस और जीपीएस/नाविक सैटेलाइट गाइडेंस सिस्टम से लैस है। इसमें लगे कॉनफॉर्मल एरे ट्रांसड्यूसर इसे सामान्य टॉरपीडो की तुलना में बहुत अधिक चौड़े कोण पर टारगेट को ट्रैक करने की क्षमता देते हैं। इसके अलावा, यह 250 किलोग्राम के उच्च विस्फोटक वॉरहेड को ले जाने में सक्षम है और 600 मीटर की गहराई तक प्रभावी रूप से ऑपरेशन कर सकता है।
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता कदम
यह नया अनुबंध केवल हथियारों की खरीद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह घरेलू रक्षा विनिर्माण और तकनीक में देश के बढ़ते दम को भी दर्शाता है। भारत सरकार के 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत ऐसे स्वदेशी रक्षा उपकरणों का शामिल होना देश को रक्षा उत्पादन के मामले में वैश्विक मानचित्र पर एक नई पहचान दिला रहा है।
Delight News
निष्पक्ष पत्रकारिता, सटीक विश्लेषण
Delight News परिवार से जुड़ें
ताजा खबरों के सबसे तेज नोटिफिकेशन और शानदार यूज़र इंटरफेस के साथ देश-दुनिया के लाइव अपडेट्स सीधे अपने mobile पर पाने के लिए हमारा Delight News Android App डाउनलोड करें।
📥 Download Android App