
CJP तिरंगा मार्च: दिल्ली पुलिस की अपील, केवल 11 लोगों को इजाजत
दिल्ली पुलिस ने 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में प्रस्तावित CJP के तिरंगा मार्च में आम जनता से शामिल न होने की अपील की है। पुलिस के अनुसार, क्षेत्र में धारा 163 लागू होने के कारण केवल 11 लोगों के समूह को ही निर्धारित स्थान पर तिरंगा फहराने और राष्ट्रगान गाने की सुविधा दी जाएगी।
राजधानी दिल्ली के हृदय स्थल कनॉट प्लेस में आयोजित होने वाले एक सार्वजनिक कार्यक्रम को लेकर दिल्ली पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। 16 अक्टूबर को सिटिजंस फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) द्वारा कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में एक तिरंगा मार्च और प्रदर्शन का प्रस्ताव रखा गया था। सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए पुलिस ने आम जनता से इस कार्यक्रम में शामिल न होने की स्पष्ट अपील जारी की है।
धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित इलाके में सुरक्षा कारणों से धारा 163 के तहत कड़े प्रतिबंध लागू किए गए हैं। इसी वजह से किसी भी बड़े जनसमूह या विशाल रैली के आयोजन की अनुमति नहीं दी जा सकती। पुलिस ने साफ किया है कि कानून-व्यवस्था को बनाए रखने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला लिया गया है।
केवल 11 लोगों के समूह को मंजूरी
हालांकि, पुलिस प्रशासन ने कार्यक्रम के सांकेतिक स्वरूप को ध्यान में रखते हुए सीमित ढील दी है। पुलिस की ओर से कहा गया है कि वह केवल 11 लोगों के एक छोटे समूह को उपयुक्त स्थान पर तिरंगा लेकर राष्ट्रगान गाने की सुविधा और अनुमति दे सकती है। इस तय संख्या से अधिक लोगों के जुटने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में किसी भी तरह की अप्रिय घटना या अव्यवस्था से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस मुस्तैद है। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और सुरक्षा नियमों का पालन करने का आग्रह किया है। 16 अक्टूबर को होने वाले इस सांकेतिक प्रदर्शन के दौरान इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की जाएगी।

सबने करप्शन कर रखा है: बॉलीवुड पर ध्रुव राठी का हमला
मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी ने बॉलीवुड हस्तियों की चुप्पी पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने एक इंटरव्यू में दावा किया कि सरकार के खिलाफ फिल्मी हस्तियों को डराकर रखा गया है। राठी के अनुसार, इन सितारों ने छोटे-मोटे करप्शन और बेनामी संपत्ति बना रखी है, जिससे इन्हें जेल जाने का डर सताता है।
डर का माहौल और इनसाइडर्स का दावा
ध्रुव राठी ने एक इंटरव्यू के दौरान खुलासा किया कि बॉलीवुड के कई इनसाइडर्स ने उनसे इस मुद्दे पर बात की है। उन्होंने बताया कि इनसाइडर्स के अनुसार, पूरी इंडस्ट्री को एक तरह के डर के साए में रखा गया है। राठी का कहना है कि फिल्मी सितारे किसी भी राजनीतिक या सामाजिक मुद्दे पर खुलकर बोलने से बचते हैं क्योंकि उन्हें प्रशासनिक या सरकारी कार्रवाई का भारी डर रहता है।
बेनामी संपत्ति और छोटे-मोटे करप्शन का मुद्दा
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए ध्रुव राठी ने कहा कि ज्यादातर बॉलीवुड हस्तियों ने कहीं न कहीं छोटे-मोटे करप्शन कर रखे हैं। कई लोगों के पास बेनामी संपत्ति या वित्तीय अनियमितताएं हैं। इस वजह से वे हमेशा इस डर में जीते हैं कि अगर वे सरकार के खिलाफ आवाज उठाएंगे तो उनके पुराने कारनामों की जांच शुरू हो सकती है और उन्हें जेल तक जाना पड़ सकता है।
आर्यन खान के मामले का दिया हवाला
अपनी दलीलों को मजबूत करने के लिए ध्रुव राठी ने बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख़ खान के बेटे आर्यन खान के मामले का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि आर्यन खान के साथ जो हुआ, उससे पूरी फिल्म इंडस्ट्री में एक कड़ा संदेश गया है। इस तरह की घटनाओं ने सितारों के मन में यह डर बैठा दिया है कि कोई भी कदम उनके या उनके परिवार के खिलाफ भारी पड़ सकता है।
चुप्पी पर उठते गंभीर सवाल
ध्रुव राठी के इस बयान ने एक बार फिर बॉलीवुड की चुप्पी और देश के ज्वलंत मुद्दों पर उनकी भागीदारी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां आम जनता अक्सर यह उम्मीद करती है कि बड़े सितारे सामाजिक और राजनीतिक मामलों पर अपनी राय रखें, वहीं राठी के इस बयान ने यह स्पष्ट करने का प्रयास किया है कि क्यों ये सितारे किसी भी तरह के विवाद से दूरी बनाए रखना ही अपने लिए बेहतर समझते हैं।

कनॉट प्लेस का सेंट्रल Park 2 दिन के लिए बंद, CJP का 'लहरा दो तिरंगा' अभियान
दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर के लिए प्रशासनिक कारणों से बंद कर दिया गया है। एनडीएमसी (NDMC) द्वारा यह नोटिस कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'लहरा दो तिरंगा' कार्यक्रम से ठीक पहले जारी किया गया है।
खबर का निचोड़
दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर के लिए प्रशासनिक कारणों से बंद कर दिया गया है। एनडीएमसी (NDMC) द्वारा यह नोटिस कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'लहरा दो तिरंगा' कार्यक्रम से ठीक पहले जारी किया गया है।
एनडीएमसी ने जारी किया प्रशासनिक नोटिस
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क को आगामी दो दिनों यानी 16 और 17 अक्टूबर के लिए पूरी तरह से बंद रखने का निर्णय लिया गया है। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए गुरुवार को इस संबंध में आधिकारिक नोटिस जारी किया है। इस अचानक लिए गए फैसले से इलाके में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।
कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यक्रम से जुड़ा है मामला
प्रशासन की तरफ से उठाया गया यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह कार्रवाई शुक्रवार को सेंट्रल पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित किए जाने वाले 'लहरा दो तिरंगा' कार्यक्रम से ठीक पहले सामने आई है। कार्यक्रम के आयोजन से ठीक पहले पार्क को बंद किए जाने के बाद से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।

अंकिता भंडारी मामले में राहुल गांधी का राष्ट्रपति को पत्र, पूछा- वह VIP कौन था?
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर दुष्यंत गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि 19-वर्षीय अंकिता भंडारी ने एक VIP के लिए अपनी गरिमा से समझौता करने से इनकार किया था, जिसके कारण उसकी हत्या हुई और यह सवाल आज भी बना हुआ है कि वह VIP कौन था।
खबर का निचोड़
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर दुष्यंत गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि 19-वर्षीय अंकिता भंडारी ने एक VIP के लिए अपनी गरिमा से समझौता करने से इनकार किया था, जिसके कारण उसकी हत्या हुई और यह सवाल आज भी बना हुआ है कि वह VIP कौन था।
राष्ट्रपति को पत्र लिखकर नियुक्ति पर पुनर्विचार की मांग
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक आधिकारिक पत्र भेजा है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने दुष्यंत गौतम को सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्त किए जाने के फैसले पर गंभीर चिंता जताई है और इस पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि संवैधानिक पदों पर नियुक्ति को लेकर जनता के बीच विश्वास होना अनिवार्य है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड और अनसुलझा वीआईपी सवाल
अपने पत्र में राहुल गांधी ने उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड का विशेष रूप से उल्लेख किया है। उन्होंने लिखा कि 19 वर्षीय अंकिता भंडारी ने एक वीआईपी गेस्ट के लिए अपनी गरिमा से समझौता करने से साफ इनकार कर दिया था, जिसके चलते उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। राहुल गांधी ने सवाल उठाया है कि चार साल बीत जाने के बाद भी यह रहस्य बना हुआ है कि वह वीआईपी आखिर कौन था।
सीबीआई जांच और राज्यपाल की नियुक्ति पर सवाल
पत्र में आगे यह भी जिक्र किया गया है कि उत्तराखंड में हुए व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद राज्य सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी थी, जिसकी प्रक्रिया अभी भी धीमी गति से चल रही है। राहुल गांधी ने कई लोगों और अंकिता के परिवार के हवाले से आरोप लगाया है कि इस नियुक्ति से जांच प्रभावित हो सकती है, क्योंकि राज्यपाल के पद पर रहते हुए किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू या जारी नहीं रखी जा सकती है।

'दफा हो जाओ': दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जोरदार हंगामा
दिल्ली में सीजेपी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और आइसा (AISA) प्रमुख नेहा बोरा की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जमकर हंगामा हुआ। कुछ लोगों ने 'बंद करो, दफा हो जाओ' के नारे लगाए, जिस पर दीपके ने तंज कसते हुए कहा कि इन्हें ₹50-100 का नोट देकर बाहर निकालिए।
खबर का निचोड़
दिल्ली में सीजेपी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और आइसा (AISA) प्रमुख नेहा बोरा की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जमकर हंगामा हुआ। कुछ लोगों ने 'बंद करो, दफा हो जाओ' के नारे लगाए, जिस पर दीपके ने तंज कसते हुए कहा कि इन्हें ₹50-100 का नोट देकर बाहर निकालिए।
दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मचा घमासान
राजधानी दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कुछ लोगों ने अचानक नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया। यह पीसी (Press Conference) 'लहरा दो तिरंगा' कार्यक्रम के आयोजन से पहले बुलाई गई थी। इस दौरान हॉल में मौजूद कुछ प्रदर्शनकारियों ने चिल्लाते हुए 'बंद करो, दफा हो जाओ' के नारे लगाने शुरू कर दिए, जिससे माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।
₹50-100 देकर बाहर निकालो: अभिजीत दीपके का तंज
प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामे के बीच सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने उपद्रवियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने माइक पर बोलते हुए कहा कि इन लोगों को ₹50-100 का नोट देकर बाहर कर दीजिए, क्योंकि वे केवल इसी के लिए यहां आए हैं। दीपके के इस बयान ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान खींचा और विवाद को और बढ़ा दिया।
आइसा प्रमुख नेहा बोरा की आयोजकों से अपील
इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद आइसा (AISA) प्रमुख नेहा बोरा ने भी इस व्यवधान पर कड़ी आपत्ति जताई। स्थिति को बिगड़ता देख बोरा ने तुरंत कार्यक्रम के प्रबंधकों और आयोजकों से हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने प्रबंधकों से नारेबाजी कर रहे उपद्रवियों को तुरंत हॉल से बाहर निकालने को कहा ताकि प्रेस कॉन्फ्रेंस को सुचारू रूप से आगे बढ़ाया जा सके।
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