
सुप्रीम कोर्ट से उठा भरोसा: कपिल सिब्बल का बड़ा बयान
सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने बयान दिया है कि उनका सुप्रीम कोर्ट से भरोसा उठ गया है और वहां बार-बार जाने का कोई फायदा नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि इस मुश्किल दौर में संविधान को बचाने की असली ताकत देश के सुप्रीम कोर्ट के पास ही है।
खबर का निचोड़
सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने बयान दिया है कि उनका सुप्रीम कोर्ट से भरोसा उठ गया है और वहां बार-बार जाने का कोई फायदा नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि इस मुश्किल दौर में संविधान को बचाने की असली ताकत देश के सुप्रीम कोर्ट के पास ही है।
सुप्रीम कोर्ट से भरोसा उठने का दावा
देश के जाने-माने और अनुभवी सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने न्यायपालिका और मौजूदा हालातों को लेकर एक बहुत ही तीखा व स्पष्ट बयान दिया है। उन्होंने खुलकर कहा है कि अब उनका देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट से भरोसा पूरी तरह उठ चुका है। सिब्बल के इस तरह के तीखे बयानों से कानूनी और राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर से भारी बहस छिड़ गई है।
बार-बार अदालत जाने से निराशा
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कपिल सिब्बल ने कहा कि वह बार-बार सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे पर जाकर अब पूरी तरह थक चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह अपनी व्यक्तिगत राय रख रहे हैं और उन्हें अब ऐसा बिल्कुल नहीं लगता कि वहां जाने से किसी को कोई फायदा मिलने वाला है। अदालत की कार्यप्रणाली और वर्तमान परिस्थितियों पर उनका यह अविश्वास काफी चर्चा का विषय बन गया है।
उम्मीदों पर विराम और कड़वी सच्चाई
वरिष्ठ वकील ने अपनी निराशा जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें अब सुप्रीम कोर्ट से किसी भी तरह की बड़ी उम्मीद नहीं बची है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए यह भी जोड़ा कि अब जो कुछ भी देश में होना है, वह होकर रहेगा। उनके इस रुख से साफ झलकता है कि व्यवस्था की मौजूदा स्थिति से उनकी अपेक्षाएं किस हद तक धूमिल हो चुकी हैं।
संविधान बचाने की आखिरी उम्मीद
एक तरफ जहां उन्होंने अदालत से भरोसा उठने की बात कही, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने यह भी माना कि मौजूदा दौर में अगर कोई एकमात्र संस्था इस देश के संविधान को बचा सकती है, तो वह भारत का सुप्रीम कोर्ट ही है। विरोधाभासी लगने वाले इन बयानों के जरिए उन्होंने एक तरफ जहां न्याय प्रणाली की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, वहीं दूसरी तरफ संवैधानिक संस्था की मूल जिम्मेदारी की ओर भी बड़ा इशारा किया है।

ध्रुव राठी ने पुलिस हिरासत को बताया किडनैपिंग, बताई यह बड़ी वजह
यूट्यूबर ध्रुव राठी ने स्पष्ट किया है कि वह पुलिस हिरासत को किडनैपिंग क्यों मानते हैं। उन्होंने कहा कि न तो उन्हें फोन इस्तेमाल करने दिया गया और न ही गिरफ्तारी का कोई वॉरंट दिया गया था।
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यूट्यूबर ध्रुव राठी ने स्पष्ट किया है कि वह पुलिस हिरासत को किडनैपिंग क्यों मानते हैं। उन्होंने कहा कि न तो उन्हें फोन इस्तेमाल करने दिया गया और न ही गिरफ्तारी का कोई वॉरंट दिया गया था।
पुलिस हिरासत पर ध्रुव राठी का बयान
लोकप्रिय यूट्यूबर ध्रुव राठी ने हाल ही में अपनी पुलिस हिरासत को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने खुलकर यह बात सामने रखी कि आखिर क्यों वह इस पूरी कार्रवाई को हिरासत या गिरफ्तारी न कहकर 'किडनैपिंग' की संज्ञा दे रहे हैं। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
फोन का इस्तेमाल न करने देने का आरोप
अपनी बात को स्पष्ट करते हुए ध्रुव राठी ने बताया कि हिरासत के दौरान उन्हें मोबाइल फोन का इस्तेमाल तक नहीं करने दिया गया। उन्होंने कहा कि सामान्य तौर पर डिटेंशन के दौरान फोन इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाती है, लेकिन इस मामले में उन्हें ऐसा नहीं करने दिया गया।
गिरफ्तारी के वॉरंट पर सवाल
आगे बोलते हुए उन्होंने कानूनी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। ध्रुव का कहना है कि जब किसी व्यक्ति को अरेस्ट किया जाता है, तो उसे गिरफ्तारी का आधिकारिक वॉरंट दिया जाता है। चूंकि इस प्रक्रिया में ऐसा कुछ भी नहीं किया गया, इसलिए इसे कानूनी रूप से गिरफ्तारी भी नहीं कहा जा सकता है।
इसी वजह से करार दिया किडनैपिंग
इन्हीं तमाम वजहों और नियमों के अभाव का हवाला देते हुए यूट्यूबर ने इसे सीधे तौर पर 'किडनैपिंग' करार दिया है। उनके इस तीखे और बेबाक बयान के बाद से प्रशासन की कार्रवाई और इस पूरे घटनाक्रम पर बहस और अधिक तेज हो गई है।

'24 घंटे में दें प्रदर्शन की तारीख', हिरासत से छूटे CJP नेताओं का पुलिस को अल्टीमेटम
दिल्ली पुलिस की हिरासत से रिहा होने के बाद CJP नेताओं ने पुलिस प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की तारीख नहीं बताई, तो वे स्वयं इसकी घोषणा करेंगे।
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दिल्ली पुलिस की हिरासत से रिहा होने के बाद CJP नेताओं ने पुलिस प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की तारीख नहीं बताई, तो वे स्वयं इसकी घोषणा करेंगे।
हिरासत से छूटने के बाद कड़ा रुख
दिल्ली पुलिस की हिरासत से बाहर आने के बाद CJP नेताओं ने अपने तेवर और अधिक कड़े कर दिए हैं। प्रशासन के रवैये के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने साफ शब्दों में 24 घंटे का समय सीमा वाला अल्टीमेटम जारी किया है। इस चेतावनी के बाद राजधानी की राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
संसद मार्ग पुलिस स्टेशन जाने का ऐलान
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए CJP ने बताया कि उनके नेता आगामी कल सुबह 10 बजे संसद मार्ग पुलिस स्टेशन जाएंगे। इस दौरान वे अधिकारियों के समक्ष उपस्थित होकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए एक उचित तारीख की मांग करेंगे।
खुद प्रदर्शन की घोषणा करने की चेतावनी
CJP नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि दिल्ली पुलिस आगामी 24 घंटे के भीतर प्रदर्शन के लिए कोई आधिकारिक तारीख नहीं बताती है, तो वे खुद ही विरोध प्रदर्शन की तारीख का ऐलान कर देंगे। वे किसी भी स्थिति में अपने लोकतांत्रिक अधिकारों से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
बढ़ता टकराव और तनातनी का माहौल
प्रशासन और CJP के बीच चल रहा यह गतिरोध अब और अधिक गहराता हुआ नजर आ रहा है। नेताओं के इस आक्रामक और स्पष्ट रुख से यह संकेत मिलते हैं कि आने वाले समय में राजधानी का राजनीतिक और सामाजिक माहौल और अधिक गरमा सकता है।

सवाल पूछना कोई अपराध नहीं: हुमा कुरैशी
अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने CJP प्रोटेस्ट के दौरान लोगों को हिरासत में लिए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है और सवाल पूछना कोई अपराध नहीं है। यह जनता का बुनियादी हक है।
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अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने CJP प्रोटेस्ट के दौरान लोगों को हिरासत में लिए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है और सवाल पूछना कोई अपराध नहीं है। यह जनता का बुनियादी हक है।
लोकतंत्र में विरोध का अधिकार
देशभर में चल रहे प्रदर्शनों और हालिया गिरफ्तारियों के बीच जानी-मानी हस्तियों ने भी अपनी मुखर प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी है। CJP प्रोटेस्ट के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नागरिकों को हिरासत में लिए जाने की घटना पर अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने तीखा विरोध दर्ज कराया है। उनका कहना है कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के भीतर अपनी बात रखना और विरोध जताना नागरिकों का मौलिक अधिकार है।
सवाल पूछना कोई अपराध नहीं
हुमा कुरैशी ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि सरकार से सवाल पूछना या व्यवस्था पर अपनी असहमति जताना कोई कानूनी अपराध की श्रेणी में नहीं आता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब लोग शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाते हैं, तो उन्हें दबाने या पुलिस हिरासत में लेने के बजाय उनकी चिวंताओं को समझा जाना चाहिए।
दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र
अपने बयान को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। एक लोकतांत्रिक देश की असली ताकत उसकी जनता की आवाज, स्वतंत्रता और वैचारिक अभिव्यक्ति में निहित होती है। यदि नागरिकों से शांतिपूर्वक अपनी बात रखने का अधिकार छीना जाने लगे, तो लोकतांत्रिक ढांचे की मूल भावना ही आहत होती है।
जवाबदेही की मांग हमारा हक
हुमा कुरैशी ने स्पष्ट रूप से कहा कि शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार और प्रशासन से जवाबदेही की मांग करना पूरी तरह से बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकार हैं। यह किसी भी स्थिति में सत्ता में बैठे लोगों की तरफ से दी गई कोई मेहरबानी या खैरात नहीं है। जनता अपने संवैधानिक अधिकारों के तहत ही शासन प्रणाली से पारदर्शिता की उम्मीद रखती है और अपने हक के लिए सवाल करती है।

बिग बॉस 20 में दूसरे वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट के रूप में नकुल धुल की एंट्री
बिग बॉस 20 में दूसरे वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट के तौर पर सोशल मीडिया स्टार नकुल धुल उर्फ मीट्टू डॉन की एंट्री हो गई है। फरीदाबाद के रहने वाले नकुल अपने इंस्टाग्राम पर 10 लाख फॉलोअर्स रखते हैं। इससे पहले मनीष गोयल ने वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट के रूप में प्रवेश किया था।
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बिग बॉस 20 में दूसरे वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट के तौर पर सोशल मीडिया स्टार नकुल धुल उर्फ मीट्टू डॉन की एंट्री हो गई है। फरीदाबाद के रहने वाले नकुल अपने इंस्टाग्राम पर 10 लाख फॉलोअर्स रखते हैं। इससे पहले मनीष गोयल ने वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट के रूप में प्रवेश किया था।
बिग बॉस 20 में नया वाइल्ड कार्ड
लोकप्रिय रियलिटी शो बिग बॉस 20 में रोमांच बढ़ाने के लिए मेकर्स लगातार नए कदम उठा रहे हैं। इसी कड़ी में शो में दूसरे वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट के रूप में एक और दमदार चेहरे की एंट्री हो चुकी है। इस बार घर के अंदर जाने वाले प्रतियोगी सोशल मीडिया की दुनिया से ताल्लुक रखते हैं।
नकुल धुल उर्फ मीट्टू डॉन की एंट्री
शो में प्रवेश करने वाले नए कंटेस्टेंट सोशल मीडिया स्टार नकुल धुल हैं, जिन्हें लोग 'मीट्टू डॉन' के नाम से भी जानते हैं। मूल रूप से फरीदाबाद के रहने वाले नकुल अपनी बेबाक बयानबाजी और शानदार फिटनेस के लिए खासे पहचाने जाते हैं। इंटरनेट पर उनकी मजबूत फैन फॉलोइंग है और उनके इंस्टाग्राम पर 10 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं।
पहले आ चुके हैं मनीष गोयल
नकुल धुल से पहले शो में मनीष गोयल ने पहले वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट के तौर पर एंट्री ली थी। अब नकुल के घर में आने से खेल का समीकरण पूरी तरह बदलने की उम्मीद जताई जा रही है। उनकी यह एंट्री शो के अंदर मौजूदा प्रतियोगियों के बीच मुकाबला और अधिक कड़ा कर देगी।
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