
'बर्गर वाले' विजेता दहिया का तंज: दीपके और ध्रुव राठी की गिरफ्तारी पर वायरल रिएक्शन
जुलाई 2026 में सीजीपी प्रदर्शन के दौरान बर्गर खाते दिखने के बाद संगठन से निकाले गए विजेता दहिया का शनिवार को एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में उन्होंने प्रदर्शन से पहले अभिजीत दीपके और ध्रुव राठी समेत कई लोगों को हिरासत में लिए जाने पर चुटकी लेते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है।
खबर का निचोड़
जुलाई 2026 में सीजीपी प्रदर्शन के दौरान बर्गर खाते दिखने के बाद संगठन से निकाले गए विजेता दहिया का शनिवार को एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में उन्होंने प्रदर्शन से पहले अभिजीत दीपके और ध्रुव राठी समेत कई लोगों को हिरासत में लिए जाने पर चुटकी लेते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है।
विजेता दहिया का तंज और वायरल वीडियो
देश की राजधानी दिल्ली में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों और पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई के बीच एक बार फिर 'बर्गर वाले' के नाम से चर्चित हुए विजेता दहिया चर्चा में आ गए हैं। शनिवार को जब पुलिस ने एहतियातन कई बड़े चेहरों और नेताओं को हिरासत में लेना शुरू किया, तो विजेता दहिया ने इस पर अपना रिएक्शन देते हुए एक वीडियो शेयर किया। उनका यह अंदाज अब इंटरनेट पर खूब सुर्खियां बटोर रहा है।
पुलिस कार्रवाई पर तंज कसने का अंदाज़
वायरल हो रहे वीडियो में विजेता दहिया कैमरे के सामने अजीबोगरीब मुद्रा में जीभ चिढ़ाते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने इस दौरान तंज कसते हुए कहा कि अब तो सब लोग डिटेन हो चुके हैं और केवल वही बाहर बचे हैं। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में यह भी कह दिया कि वे भी वहां जाकर बस प्रोटेस्ट वाली कविता पढ़ेंगे और एक-दो नारे लगाएंगे।
पहले भी सुर्खियों में रहे हैं दहिया
गौरतलब है कि विजेता दहिया जुलाई 2026 के दौरान हुए सीजीपी के एक प्रदर्शन के वक्त बर्गर खाते हुए कैमरे में कैद हो गए थे। उस घटना के बाद उन्हें संगठन से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। अब एक बार फिर जब जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में धरपकड़ का दौर चल रहा है, तो उनका यह नया वीडियो सोशल मीडिया यूजर्स के बीच चर्चा और मनोरंजन का विषय बन गया है।

अंतरराष्ट्रीय साजिश का आरोप: सीजीपी पर बरसीं कंगना रनौत *
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजीपी) के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि देश-विरोधी तत्व, आतंकवादी ताकतें और अंतरराष्ट्रीय साजिशें देश के लिए चिंता का विषय बन गई हैं तथा नागरिकों को परेशान करने के लिए तरह-तरह के षड्यंत्र रचे जा रहे हैं।
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कॉकरोच जनता पार्टी (सीजीपी) के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि देश-विरोधी तत्व, आतंकवादी ताकतें और अंतरराष्ट्रीय साजिशें देश के लिए चिंता का विषय बन गई हैं तथा नागरिकों को परेशान करने के लिए तरह-तरह के षड्यंत्र रचे जा रहे हैं।
जंतर-मंतर प्रदर्शन पर कंगना का करारा हमला
राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजीपी) द्वारा किए जा रहे विरोध-प्रदर्शन को लेकर भारतीय जनता पार्टी की सांसद और प्रख्यात अभिनेत्री कंगना रनौत ने सख्त रुख अपनाया है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को देश की शांति और व्यवस्था को भंग करने का एक प्रयास करार दिया।
अंतरराष्ट्रीय साजिशों और देश-विरोधी ताकतों का जिक्र
अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कंगना रनौत ने कहा कि वर्तमान समय में देश-विरोधी तत्व, आतंकवादी ताकतें और अंतरराष्ट्रीय साजिशें भारत की संप्रभुता के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे प्रदर्शनों के जरिए देश की साख को बट्टा लगाने की कोशिश की जाती है और इसके पीछे बड़ी साजिशें काम कर रही होती हैं।
नागरिकों को परेशान करने का आरोप
सांसद कंगना रनौत ने आगे कहा कि देश और उसके निर्दोष नागरिकों को परेशान करने के मकसद से किसी न किसी बहाने से रोज तरह-तरह के षड्यंत्र रचे जा रहे हैं। राजनीतिक व सामाजिक माहौल को खराब करने की ऐसी कोशिशों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि आम लोगों की दिनचर्या और देश का विकास बाधित न हो।

10 अक्टूबर प्रदर्शन: नेहा बोरा भी पुलिस हिरासत में
सीजेपी के 10 अक्टूबर के प्रदर्शन के दौरान मार्च कर रहीं आईसा प्रमुख नेहा बोरा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। प्रदर्शन से पहले उन्होंने कहा था कि पहले राजधानी को पूरी तरह बंद किया गया और अब यहां के नागरिकों तथा आने वाले लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है। इससे पहले अभिजीत दीपके और ध्रुव राठी को भी हिरासत में लिया गया था।
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सीजेपी के 10 अक्टूबर के प्रदर्शन के दौरान मार्च कर रहीं आईसा प्रमुख नेहा बोरा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। प्रदर्शन से पहले उन्होंने कहा था कि पहले राजधानी को पूरी तरह बंद किया गया और अब यहां के नागरिकों तथा आने वाले लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है। इससे पहले अभिजीत दीपके और ध्रुव राठी को भी हिरासत में लिया गया था।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई
राजधानी दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। इसी कड़ी में मार्च निकाल रही आईसा (AISA) प्रमुख नेहा बोरा को पुलिस ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है। प्रदर्शन स्थल और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बलों की भारी तैनाती के कारण स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है।
नेहा बोरा का तीखा बयान
हिरासत में लिए जाने से ठीक पहले नेहा बोरा ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने मीडिया और समर्थकों से बात करते हुए कहा था कि पहले राजधानी को पूरी तरह से बंद कर दिया गया और अब यहां शांतिपूर्ण तरीके से आ रहे नागरिकों तथा प्रदर्शनकारियों को लगातार हिरासत में लिया जा रहा है।
सिलसिलेवार गिरफ्तारियों का दौर
इस विरोध-प्रदर्शन से पहले ही कई अन्य जाने-माने चेहरों को भी पुलिस ने डिटेन कर लिया था। इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई के तहत सबसे पहले अभिजीत दीपके और लोकप्रिय यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी हिरासत में लिया जा चुका है। एक के बाद एक हो रही इन गिरफ्तारियों से यह आंदोलन और अधिक व्यापक रूप लेता जा रहा है।

सीजेपी नेताओं का संपर्क टूटा: अज्ञात जगह ले जाए जाने का दावा
सीजेपी (CJP) ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि हिरासत में लिए जाने के बाद अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास को किसी अज्ञात जगह पर ले जाया गया है। संगठन के मुताबिक, उन्हें वकीलों से मिलने नहीं दिया जा रहा और उनका सभी से संपर्क काट दिया गया है।
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सीजेपी (CJP) ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि हिरासत में लिए जाने के बाद अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास को किसी अज्ञात जगह पर ले जाया गया है। संगठन के मुताबिक, उन्हें वकीलों से मिलने नहीं दिया जा रहा और उनका सभी से संपर्क काट दिया गया है।
अज्ञात स्थान पर ले जाए जाने का सनसनीखेज दावा
राजधानी दिल्ली में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच गिरफ्तारियों का सिलसिला और अधिक गंभीर होता जा रहा है। इस बीच सीजेपी (CJP) की तरफ से एक नया और चौंकाने वाला बयान सामने आया है, जिसमें संगठन ने दावा किया है कि पुलिस हिरासत में लिए गए अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास को किसी अज्ञात जगह पर शिफ्ट कर दिया गया है।
वकीलों से मिलने पर रोक और कटा संपर्क
संगठन की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, इन नेताओं को कानूनी सहायता से भी वंचित रखा जा रहा है। स्थिति यह है कि उन्हें अपने वकीलों से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है और बाहरी दुनिया से उनका पूरी तरह संपर्क काट दिया गया है। प्रशासनिक सख्ती के इस दौर में इस तरह की पाबंदियों से समर्थकों और परिजनों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।
आपातकाल जैसे हालात पर खड़े किए गए सवाल
इस पूरी कार्रवाई और प्रशासनिक रवैये पर तीखा रोष व्यक्त करते हुए सीजेपी ने सोशल मीडिया पर कड़े शब्दों में लिखा है कि ऐसे हालातों में देश में 'आपातकाल' ही क्यों नहीं घोषित कर दिया जाता? लगातार सामने आ रहे इन घटनाक्रमों के कारण राजधानी का राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमाया हुआ है और हर कोई इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली कड़ी पर नजर बनाए हुए है।

हरियाणा में भारी हंगामा: डिटेन करने पहुंची पुलिस को ही ग्रामीणों ने बनाया बंधक
हरियाणा के रोहतक में डिटेन करने पहुंची पुलिस टीम को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया है। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा शेयर किए गए वीडियो में पुलिसकर्मी ग्रामीणों से घिरे दिखे। ग्रामीणों ने साफ कहा कि दिल्ली में प्रदर्शन रोकने आई पुलिस को बड़े अधिकारियों के आने पर ही छोड़ा जाएगा।
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हरियाणा के रोहतक में डिटेन करने पहुंची पुलिस टीम को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया है। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा शेयर किए गए वीडियो में पुलिसकर्मी ग्रामीणों से घिरे दिखे। ग्रामीणों ने साफ कहा कि दिल्ली में प्रदर्शन रोकने आई पुलिस को बड़े अधिकारियों के आने पर ही छोड़ा जाएगा।
रोहतक में पुलिस और ग्रामीणों के बीच तनाव
हरियाणा के रोहतक से एक बेहद ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां विरोध-प्रदर्शन से जुड़े लोगों को डिटेन करने पहुंची पुलिस टीम को खुद ही विपरीत स्थिति का सामना करना पड़ा। दिल्ली में होने वाले प्रदर्शनों को रोकने के उद्देश्य से पहुंची पुलिस टीम को स्थानीय ग्रामीणों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा, जिसके बाद गांव के माहौल में भारी तनाव व्याप्त हो गया।
दीपेंद्र हुड्डा ने शेयर किया वीडियो
इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ा एक वीडियो कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिसकर्मियों को ग्रामीणों ने चारों तरफ से घेर रखा है और वे वहीं बैठे हुए हैं। वीडियो में एक स्थानीय व्यक्ति यह कहता सुनाई दे रहा है कि दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस वाले सुबह-सुबह ही लोगों के घरों पर पहुंच गए थे।
बड़े अधिकारियों के आने तक छोड़ने से इनकार
ग्रामीणों ने सख्त रुख अपनाते हुए पुलिसकर्मियों को जाने से रोक दिया है और उन्हें बंधक बना रखा है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि जब तक पुलिस विभाग के उच्च अधिकारी खुद मौके पर आकर बात नहीं करते, तब तक इन पुलिसकर्मियों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। इस घटना के बाद से क्षेत्र में पुलिस प्रशासन और ग्रामीणों के बीच गतिरोध बना हुआ है।
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