
NICL में AO के 321 पदों पर बंपर भर्ती, लाख रुपये से अधिक मिलेगी सैलरी
नैशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (NICL) ने एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर (AO) स्केल-1 के 321 पदों पर सीधी भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके तहत जर्नलिस्ट और स्पेशलिस्ट कैडर के पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। योग्य उम्मीदवार 8 से 28 अक्टूबर तक आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
खबर का निचोड़
नैशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (NICL) ने एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर (AO) स्केल-1 के 321 पदों पर सीधी भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके तहत जर्नलिस्ट और स्पेशलिस्ट कैडर के पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। योग्य उम्मीदवार 8 से 28 अक्टूबर तक आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
सरकारी नौकरी का शानदार मौका
सरकारी क्षेत्र में एक बेहतरीन करियर और सम्मानजनक पद की तलाश कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। देश की प्रतिष्ठित सरकारी बीमा कंपनियों में शामिल नैशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (NICL) ने एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर (AO) स्केल-1 के पदों पर बंपर वैकेंसी निकाली है। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए कुल 321 खाली पदों को भरा जाएगा। सरकारी बीमा क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए यह एक स्वर्णिम अवसर है।
पदों का विवरण और कैडर विभाजन
NICL द्वारा जारी इस भर्ती अभियान में पदों को दो प्रमुख श्रेणियों में बांटा गया है। कुल 321 पदों में से 200 पद 'जर्नलिस्ट' (Generalist) कैडर के लिए तय किए गए हैं, जबकि शेष 121 पद विभिन्न 'स्पेशलिस्ट' (Specialist) क्षेत्रों के लिए आरक्षित हैं। अलग-अलग विषयगत योग्यता रखने वाले उम्मीदवारों के लिए अपनी विशेषज्ञता के अनुसार आवेदन करने का यह बेहतरीन अवसर है।
वेतन और भत्ते
इस भर्ती का सबसे बड़ा आकर्षण इसका शानदार सैलरी पैकेज है। एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर स्केल-1 के पद पर अंतिम रूप से चयनित होने वाले उम्मीदवारों को शुरुआती बेसिक पे के रूप में ₹82,485 प्रतिमाह दिए जाएंगे। इसके अलावा कंपनी के नियमों के तहत मिलने वाले सभी सरकारी भत्तों, जैसे महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता और अन्य सुविधाओं को मिलाकर कुल शुरुआती सकल वेतन (Gross Salary) लगभग ₹1,14,000 प्रति माह तक होगा।
महत्वपूर्ण तिथियां और आवेदन प्रक्रिया
इस भर्ती के लिए आवेदन की खिड़की खुल चुकी है। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार 8 अक्टूबर से अपने ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं। फॉर्म भरने और शुल्क भुगतान करने की अंतिम तिथि 28 अक्टूबर निर्धारित की गई है। अंतिम दिनों में वेबसाइट पर होने वाली संभावित तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते अपना आवेदन पत्र ध्यानपूर्वक भरकर सबमिट कर दें।
चयन और तैयारी
NICL एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर के इन पदों पर उम्मीदवारों का चयन निर्धारित प्रतियोगी परीक्षा और साक्षात्कार के चरणों के आधार पर किया जाएगा। देश की प्रमुख इंश्योरेंस कंपनियों में से एक होने के नाते इस भर्ती में प्रतिस्पर्धा काफी मजबूत रहने की उम्मीद है। इसलिए उम्मीदवारों को अभी से अपनी तैयारी की रणनीति बनाकर पढ़ाई में जुट जाना चाहिए।

लव यू बाला: नाना पाटेकर के निधन पर भावुक हुए तुकाराम मुंढे
महाराष्ट्र FDA प्रमुख तुकाराम मुंढे ने अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुंढे ने सोलापुर में अपनी पहली मुलाकात से शुरू हुए दशक पुराने रिश्ते को याद किया। उन्होंने बताया कि आठ दिन पहले हुई बातचीत में नाना के आखिरी शब्द 'लव यू बाला' थे।
महाराष्ट्र FDA प्रमुख तुकाराम मुंढे ने अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुंढे ने सोलापुर में अपनी पहली मुलाकात से शुरू हुए दशक पुराने रिश्ते को याद किया। उन्होंने बताया कि आठ दिन पहले हुई बातचीत में नाना के आखिरी शब्द 'लव यू बाला' थे।
सोलापुर से शुरू हुआ अटूट रिश्ता
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और महाराष्ट्र एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख जताया है। मुंढे ने कहा कि उन्होंने न केवल एक महान कलाकार बल्कि अपना एक बेहद करीबी दोस्त खो दिया है। दोनों के बीच का यह अनूठा रिश्ता साल 2015 में शुरू हुआ था, जब मुंढे सोलापुर में जिला कलेक्टर के पद पर तैनात थे। सोलापुर में हुई उस पहली मुलाकात के बाद दोनों के बीच एक ऐसा आत्मीय संबंध बना, जो समय के साथ और गहरा होता चला गया।
तबादले पर पूछते थे- 'मेरे इलाके में कब आओगे?'
तुकाराम मुंढे अपने कड़े प्रशासनिक फैसलों और त्वरित तबादलों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने पुरानी यादों को साझा करते हुए बताया कि जब भी उनका किसी नए जिले या विभाग में तबादला होता था, तो नाना पाटेकर का फोन जरूर आता था। नाना अक्सर चुटकी लेते हुए और अपनापन जताते हुए उनसे पूछते थे, "मेरे इलाके में कब आओगे?" यह सवाल सिर्फ एक बातचीत का हिस्सा नहीं था, बल्कि दोनों के बीच मौजूद गहरी दोस्ती और परवाह को दर्शाता था।
आखिरी बातचीत के वो तीन शब्द
नाना पाटेकर के साथ अपनी अंतिम बातचीत को याद करते हुए मुंढे भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि महज आठ दिन पहले ही उनकी नाना से फोन पर बात हुई थी। बातचीत खत्म करते समय नाना ने उनसे बड़े प्यार से कहा था, "लव यू बाला"। मुंढे ने कहा कि उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि ये शब्द नाना के साथ उनकी आखिरी बातचीत साबित होंगे।
एक अपूरणीय क्षति
नाना पाटेकर का जाना न केवल सिनेमा जगत के लिए बल्कि उन तमाम लोगों के लिए एक व्यक्तिगत क्षति है, जो उनके सहज और बेबाक व्यक्तित्व से जुड़े थे। प्रशासनिक हलकों में सख्त छवि रखने वाले तुकाराम मुंढे के लिए नाना एक ऐसे दोस्त थे, जिनसे वह अपने मन की बात खुलकर कह सकते थे। इस खबर के बाद से ही दोनों के प्रशंसक और शुभचिंतक इस गहरी दोस्ती के किस्सों को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

क्रिकेट छोड़ बिजनेस करने की मिली थी सलाह, पार्थिव पटेल का बड़ा खुलासा
पूर्व भारतीय क्रिकेटर पार्थिव पटेल ने एक बेहद दिलचस्प किस्सा साझा किया है। 2010 में एक चयनकर्ता ने उन्हें क्रिकेट छोड़कर बिजनेस शुरू करने की सलाह दी थी। इस चुनौती को स्वीकार करते हुए पार्थिव ने दो साल में वापसी की और लगातार 5 प्रथम श्रेणी पारियों में 500+ रन बनाकर रिकॉर्ड भी रचा।
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पूर्व भारतीय क्रिकेटर पार्थिव पटेल ने एक बेहद दिलचस्प किस्सा साझा किया है। 2010 में एक चयनकर्ता ने उन्हें क्रिकेट छोड़कर बिजनेस शुरू करने की सलाह दी थी। इस चुनौती को स्वीकार करते हुए पार्थिव ने दो साल में वापसी की और लगातार 5 प्रथम श्रेणी पारियों में 500+ रन बनाकर रिकॉर्ड भी रचा।
पूर्व सेलेक्टर की अनोखी सलाह
पूर्व भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज पार्थिव पटेल ने सालों पुराने एक वाकये को याद करते हुए बड़ा खुलासा किया है। पार्थिव ने बताया कि साल 2010 के दौरान भारतीय टीम के एक पूर्व चयनकर्ता ने उनसे कहा था कि उन्हें अब क्रिकेट छोड़कर बिजनेस में किस्मत आजमानी चाहिए। सेलेक्टर की इस सलाह ने उन्हें निराश करने के बजाय और ज्यादा मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।
सेलेक्टर को दी थी वापसी की खुली चुनौती
पार्थिव पटेल ने हार मानने के बजाय उस पूर्व सेलेक्टर को सीधे चुनौती दे डाली। उन्होंने कहा था कि वे अगले दो सालों के भीतर दोबारा भारतीय टीम में वापसी करके दिखाएंगे। अपने इस आत्मविश्वासी और आक्रामक रुख को उन्होंने केवल बातों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि घरेलू क्रिकेट के मैदान पर अपनी बल्लेबाजी से साबित भी किया।
बल्ले से रचा ऐतिहासिक भारतीय रिकॉर्ड
राष्ट्रीय टीम में वापसी के जुनून के साथ पार्थिव ने घरेलू क्रिकेट में जमकर पसीना बहाया। उन्होंने लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए प्रथम श्रेणी (First-Class) क्रिकेट की लगातार पांच पारियों में 500 से अधिक रन बनाए, जो एक नया भारतीय रिकॉर्ड बन गया। उनके इस ऐतिहासिक और निरंतर शानदार प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं को एक बार फिर उनका चयन करने पर मजबूर कर दिया था।
मेहनत और जुनून की मिसाल
पार्थिव पटेल का यह किस्सा किसी भी एथलीट या व्यक्ति के लिए प्रेरणास्रोत है। जब करियर में भारी अनिश्चितता थी और लोग खेल छोड़ने की सलाह दे रहे थे, तब उन्होंने अपने खेल और कड़ी मेहनत के दम पर न केवल रिकॉर्ड बनाया बल्कि राष्ट्रीय टीम में दोबारा जगह भी बनाई। उनका यह वाकया क्रिकेट प्रेमियों के बीच खूब सराहा जा रहा है।

'संजू सैमसन को मिले लगातार मौके': चेतेश्वर पुजारा ने किया खुलकर सपोर्ट
पूर्व भारतीय क्रिकेटर चेतेश्वर पुजारा ने संजू सैमसन का समर्थन करते हुए टीम मैनेजमेंट से उन्हें पर्याप्त मौके देने की वकालत की है। पुजारा के अनुसार, संजू को 2-3 पारियां खेलने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को सही समय आने पर मौका मिलेगा, पर जल्दबाजी में फैसले नहीं लेने चाहिए।
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पूर्व भारतीय क्रिकेटर चेतेश्वर पुजारा ने संजू सैमसन का समर्थन करते हुए टीम मैनेजमेंट से उन्हें पर्याप्त मौके देने की वकालत की है। पुजारा के अनुसार, संजू को 2-3 पारियां खेलने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को सही समय आने पर मौका मिलेगा, पर जल्दबाजी में फैसले नहीं लेने चाहिए।
संजू सैमसन के समर्थन में उतरे पुजारा
भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी और पूर्व बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन का खुलकर समर्थन किया है। टीम में जगह को लेकर चल रही बहसों के बीच पुजारा ने कहा कि संजू को टीम मैनेजमेंट की ओर से पूरा बैकअप और भरोसा मिलना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी खिलाड़ी को खुद को साबित करने के लिए लगातार मौके मिलने जरूरी हैं।
खराब फॉर्म में भी 2-3 पारियों के मौके की मांग
पुजारा का मानना है कि भले ही संजू सैमसन हाल के दिनों में खराब फॉर्म से जूझ रहे हों, फिर भी उन्हें एकाएक बाहर करने के बजाय कम से कम 2 से 3 पारियों में खेलने का मौका दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन आत्मविश्वास बनाए रखने के लिए प्रबंधन का सहयोग बेहद आवश्यक होता है।
वैभव सूर्यवंशी और जल्दबाजी में बदलाव पर राय
युवा और उभरते बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर पूछे गए सवाल पर पुजारा ने बेहद परिपक्व प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैभव में काफी प्रतिभा है और सही समय आने पर उन्हें भारतीय टीम में मौका जरूर मिलेगा। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि टीम कॉम्बिनेशन में जल्दबाजी में बदलाव करने से बचना चाहिए और खिलाड़ियों में स्थिरता का माहौल बनाए रखना चाहिए।
टीम मैनेजमेंट के रुख पर टिकी नजरें
चेतेश्वर पुजारा के इस बयान के बाद क्रिकेट जगत में टीम चयन और खिलाड़ियों को दिए जाने वाले मौकों पर नई बहस शुरू हो गई है। अब यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि आने वाले मुकाबलों में टीम प्रबंधन संजू सैमसन पर कितना भरोसा जताता है और युवाओं को किस रणनीति के तहत मौका देता है।

'शैतान रुक ही नहीं रहा था': नाना पाटेकर पर तनुश्री दत्ता का फिर विवादित बयान
अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने अभिनेता नाना पाटेकर पर एक बार फिर विवादित बयान देकर सनसनी फैला दी है। उन्होंने नाना के निधन को 'इविल डेड' करार देते हुए कहा कि वह अपने आरोपों पर आज भी कायम हैं। तनुश्री ने आरोप लगाया कि उनका केस जबरन बंद करवाया गया था और 'ईश्वर ने इसके प्राण हर लिए'।
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अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने अभिनेता नाना पाटेकर पर एक बार फिर विवादित बयान देकर सनसनी फैला दी है। उन्होंने नाना के निधन को 'इविल डेड' करार देते हुए कहा कि वह अपने आरोपों पर आज भी कायम हैं। तनुश्री ने आरोप लगाया कि उनका केस जबरन बंद करवाया गया था और 'ईश्वर ने इसके प्राण हर लिए'।
तनुश्री दत्ता का एक और तीखा और विवादित हमला
बॉलीवुड अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर को लेकर एक बार फिर बेहद कड़ा और विवादित बयान दिया है। भारत में MeToo आंदोलन की शुरुआत करने वाली तनुश्री ने नाना पाटेकर के संदर्भ में टिप्पणी करते हुए उन्हें 'शैतान' तक कह डाला। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया और फिल्म जगत में एक बार फिर नया विवाद खड़ा हो गया है।
'अपने आरोपों पर आज भी कायम हूं'
तनुश्री दत्ता ने स्पष्ट किया कि वह अपने द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से एक इंच भी पीछे नहीं हटी हैं। उन्होंने कहा कि अगर वह 10 जन्म भी ले लें, तो भी जो सच है वह सच ही रहेगा। तनुश्री ने नाना पाटेकर के संदर्भ में 'इविल डेड' शब्द का प्रयोग करते हुए कहा कि "ईश्वर ने इसके प्राण हर लिए... यह शैतान रुक ही नहीं रहा था"।
केस बंद करवाने और दबाव बनाने का आरोप
अपने बयान में अभिनेत्री ने यह भी दावा किया कि उनके द्वारा दर्ज कराए गए कानूनी केस को प्रशासनिक और राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करके बंद करवा दिया गया था। तनुश्री ने आरोप लगाया कि उन पर केस वापस लेने का लगातार दबाव बनाया गया और यहां तक कि उनकी गाड़ी के ब्रेक तक काट दिए गए थे। उनके अनुसार, उन्हें चुप कराने के लिए हर संभव हथकंडे अपनाए गए थे।
सोशल मीडिया पर छिड़ी तीखी बहस
तनुश्री दत्ता की इस टिप्पणी के सामने आते ही इंटरनेट पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। जहां कुछ लोग उनके पुराने संघर्ष और उत्पीड़न के आरोपों का समर्थन कर रहे हैं, वहीं कई यूजर्स इस तरह के कठोर शब्दों के इस्तेमाल को लेकर उनकी आलोचना भी कर रहे हैं। इस बयान के बाद दोनों कलाकारों के बीच बरसों पुराना यह विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
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