
अयोध्या जाकर भी राम मंदिर क्यों नहीं जा रहे अखिलेश यादव?
सपा प्रमुख अखिलेश यादव पूर्व-विधायक पवन पांडे के निवास पर धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने अयोध्या पहुंचे हैं। कुछ दिन पहले अखिलेश ने बताया था कि केदारेश्वर मंदिर (इटावा) के उद्घाटन के बाद वह राम मंदिर जाएंगे। सावन में मंदिर का उद्घाटन होना था लेकिन अब तक नहीं हुआ है। कयास लगाए जा रहे हैं कि अखिलेश राम मंदिर नहीं जाएंगे।
खबर का निचोड़ (Summary)
सपा प्रमुख अखिलेश यादव पूर्व-विधायक पवन पांडे के निवास पर धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने अयोध्या पहुंचे हैं। कुछ दिन पहले अखिलेश ने बताया था कि केदारेश्वर मंदिर (इटावा) के उद्घाटन के बाद वह राम मंदिर जाएंगे। सावन में मंदिर का उद्घाटन होना था लेकिन अब तक नहीं हुआ है। कयास लगाए जा रहे हैं कि अखिलेश राम मंदिर नहीं जाएंगे।
अयोध्या दौरा और धार्मिक अनुष्ठान
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव हाल ही में पूर्व विधायक पवन पांडे के आवास पर आयोजित एक धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने के लिए विशेष रूप से अयोध्या पहुंचे हैं। उनके इस दौरे के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
केदारेश्वर मंदिर के उद्घाटन से जुड़ी शर्त
इससे पहले अखिलेश यादव ने खुद यह स्पष्ट किया था कि इटावा स्थित केदारेश्वर मंदिर के उद्घाटन संपन्न होने के बाद ही वह राम मंदिर दर्शन के लिए जाएंगे। मूल योजना के अनुसार सावन के महीने में इस मंदिर का उद्घाटन होना तय था।
उद्घाटन टलने से अटकलों का दौर
तय समय पर केदारेश्वर मंदिर का उद्घाटन न हो पाने के कारण अब यह स्थिति बनी हुई है। इसी वजह से राजनीतिक हलकों में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या अखिलेश यादव का राम मंदिर जाने का कार्यक्रम अब और आगे टल सकता है या वह वहां नहीं जाएंगे।

प्रेमानंद जी कह दें कि कोहली ने रुपए नहीं लिए तो मैं चरणों में बैठकर माफी मांगूंगा: फलाहारी
प्रेमानंद महाराज के आश्रम पर कई आरोप लगाने वाले दिनेश शर्मा फलाहारी ने अब कहा है कि अगर प्रेमानंद महाराज यह कह दें कि विराट कोहली ने पहली बार रुपए नहीं लिए थे तो वह उनके चरणों में बैठकर माफी मांगेंगे。 उन्होंने कहा कि कोहली अब प्रेमानंद महाराज के भक्त हैं और आश्रम में साधुओं की सेवा करते हैं。
खबर का निचोड़ (Summary)
प्रेमानंद महाराज के आश्रम पर कई आरोप लगाने वाले दिनेश शर्मा फलाहारी ने अब कहा है कि अगर प्रेमानंद महाराज यह कह दें कि विराट कोहली ने पहली बार रुपए नहीं लिए थे तो वह उनके चरणों में बैठकर माफी मांगेंगे。 उन्होंने कहा कि कोहली अब प्रेमानंद महाराज के भक्त हैं और आश्रम में साधुओं की सेवा करते हैं。
फलाहारी की खुली चुनौती और माफी की बात
प्रेमानंद महाराज के आश्रम पर लगातार गंभीर आरोप लगाने वाले दिनेश शर्मा फलाहारी ने एक नया बयान दिया है。 उन्होंने कहा है कि यदि स्वयं प्रेमानंद महाराज यह बात स्पष्ट कर दें कि विराट कोहली ने पैसे नहीं लिए थे, तो वह उनके चरणों में बैठकर माफी मांगने को तैयार हैं。
कोहली के भक्त बनने और सेवा का दावा
अपने बयानों के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए फलाहारी ने यह भी दावा किया है कि मौजूदा समय में क्रिकेटर विराट कोहली प्रेमानंद महाराज के सच्चे भक्त बन चुके हैं。 इसके साथ ही वह आश्रम में आकर साधु-संतों की सेवा भी करते हैं。
पहले भी सामने आए थे बड़े दावे
गौरतलब है कि इससे पहले भी फलाहारी की तरफ से विराट कोहली और आश्रम के बीच आर्थिक लेन-देन को लेकर कई तरह के दावे किए जाते रहे हैं, जिन पर विवाद लगातार बना हुआ है。

BJP ने पूरे देश में अघोषित इमर्जेंसी लगा रखी है: कांग्रेस
यूपी कांग्रेस प्रभारी राजपाल गौतम ने कहा है, "आज बीजेपी ने पूरे देश में अघोषित आपातकाल लागू कर दिया है। अखबार में खबर छपी है कि जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन के लिए कम-से-कम 10-दिन पहले आवेदन देना होगा। उन्होंने कहा, "क्या मौलिक अधिकारों के प्रयोग के लिए...10 दिन पहले अनुमति लेनी पड़ेगी? संविधान हमें शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करने का अधिकार देता है।
खबर का निचोड़ (Summary)
यूपी कांग्रेस प्रभारी राजपाल गौतम ने कहा है, "आज बीजेपी ने पूरे देश में अघोषित आपातकाल लागू कर दिया है। अखबार में खबर छपी है कि जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन के लिए कम-से-कम 10-दिन पहले आवेदन देना होगा। उन्होंने कहा, "क्या मौलिक अधिकारों के प्रयोग के लिए...10 दिन पहले अनुमति लेनी पड़ेगी? संविधान हमें शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करने का अधिकार देता है।
देश में अघोषित आपातकाल का आरोप
उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजपाल गौतम ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कड़े शब्दों में आरोप लगाया है कि मौजूदा समय में बीजेपी ने पूरे देश के भीतर अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति लागू कर रखी है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के नए नियम
राजपाल गौतम ने मीडिया में आई खबरों का हवाला देते हुए कहा कि अब जंतर-मंतर पर किसी भी तरह के विरोध-प्रदर्शन के लिए कम से कम 10 दिन पहले आवेदन देना अनिवार्य कर दिया गया है।
मौलिक अधिकारों और संविधान पर सवाल
कांग्रेस नेता ने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि क्या देश के नागरिकों को अपने मौलिक अधिकारों का प्रयोग करने के लिए भी 10 दिन पहले अनुमति लेनी पड़ेगी? उन्होंने जोर देकर कहा कि देश का संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से विरोध-प्रदर्शन करने का पूरा अधिकार प्रदान करता है।

GST काउंसिल ने किया नए सुधारों का ऐलान, खत्म की जीएसटी अधिकारियों की गिरफ्तार करने की शक्ति
जीएसटी काउंसिल ने जीएसटी अधिकारियों की गिरफ्तार करने की शक्ति खत्म करने और अभियोजन की सीमा ₹1-करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ करने का फैसला लिया है। न्यूनतम सज़ा हटाकर जुर्माना, जेल या दोनों का फैसला न्यायिक विवेक पर छोड़ा जाएगा और सामान्य पेन्ल्टी घटकर ₹10,000 होगी। देरी, गलती या भुगतान में कमी पर रिकवरी, ब्याज और आनुपातिक पेन्ल्टी ही लगेगी।
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जीएसटी काउंसिल ने जीएसटी अधिकारियों की गिरफ्तार करने की शक्ति खत्म करने और अभियोजन की सीमा ₹1-करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ करने का फैसला लिया है। न्यूनतम सज़ा हटाकर जुर्माना, जेल या दोनों का फैसला न्यायिक विवेक पर छोड़ा जाएगा और सामान्य पेन्ल्टी घटकर ₹10,000 होगी। देरी, गलती या भुगतान में कमी पर रिकवरी, ब्याज और आनुपातिक पेन्ल्टी ही लगेगी।
जीएसटी अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति खत्म
जीएसटी काउंसिल की तरफ से हाल ही में टैक्स प्रणाली में बड़े सुधारों का ऐलान किया गया है। इसके तहत अब जीएसटी अधिकारियों के पास से टैक्स मामलों में सीधे गिरफ्तार करने की शक्ति को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है।
अभियोजन सीमा और कानूनी प्रावधान
काउंसिल ने अभियोजन (प्रॉसिक्यूशेन) शुरू करने की सीमा को ₹1 करोड़ से बढ़ाकर सीधे ₹5 करोड़ कर दिया है। इसके साथ ही न्यूनतम सजा के प्रावधान को हटाकर अब जुर्माना, जेल या दोनों का निर्णय पूरी तरह से न्यायिक विवेक पर छोड़ दिया गया है।
पेन्ल्टी और रिकवरी नियमों में राहत
नए बदलावों के अनुसार अब सामान्य पेन्ल्टी की राशि को घटाकर ₹10,000 कर दिया गया है। वहीं किसी भी तरह की देरी, मामूली गलती या टैक्स भुगतान में कमी होने पर केवल नियमानुसार रिकवरी, ब्याज और आनुपातिक पेन्ल्टी ही वसूली जाएगी।

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का दूसरे दिन का विरोध प्रदर्शन
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने मंगलवार के बाद बुधवार को भी एसआईआआर और विधानसभा चुनावों के मामले को लेकर सीसीए ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया。 कांग्रेस ने राहुल की तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, "लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई जारी है, पिक्चर अभी बाकी है。" पार्टी ने गुरुवार को देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन का ऐलान किया है。
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने मंगलवार के बाद बुधवार को भी एसआईआआर और विधानसभा चुनावों के मामले को लेकर सीसीए ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया。 कांग्रेस ने राहुल की तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, "लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई जारी है, पिक्चर अभी बाकी है。" पार्टी ने गुरुवार को देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन का ऐलान किया है。
लगातार दूसरे दिन कांग्रेस का प्रदर्शन
कांग्रेस के शीर्ष नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में पार्टी ने मंगलवार के बाद बुधवार को भी एसआईआआर और विधानसभा चुनावों से जुड़े मामलों को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी रखा。 यह पूरा विरोध प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त (सीसीसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया जा रहा है。
सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा कर हुंकार
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस पार्टी की तरफ से राहुल गांधी की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की गईं。 पार्टी ने इन तस्वीरों के साथ कैप्शन में लिखा कि देश में लोकतंत्र को बचाने की यह लड़ाई अभी जारी है और पिक्चर अभी बाकी है。
गुरुवार को देशव्यापी आंदोलन का एलान
इस पूरे विवाद और विरोध के बीच कांग्रेस पार्टी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए आगामी गुरुवार को पूरे देश में राष्ट्रव्यापी विरोध-प्रदर्शन करने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है。
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