
गूगल-फ्लिपकार्ट डील: अब एआई चैट में ही होगी शॉपिंग
गूगल भारत में अपने एआई मोड और जेमनाई के ज़रिए फ्लिपकार्ट से सीधे खरीदारी की टेस्टिंग कर रहा है। यूज़र्स बिना चैटबॉट से बाहर निकले सीधे चेकआउट पेज पर पहुँचकर शॉपिंग कर सकेंगे। यह नया फीचर भारतीय ई-कॉमर्स और सर्च के पारंपरिक तरीके को पूरी तरह बदलने का दम रखता है।
खबर का निचोड़
गूगल भारत में अपने एआई मोड और जेमनाई के ज़रिए फ्लिपकार्ट से सीधे खरीदारी की टेस्टिंग कर रहा है। यूज़र्स बिना चैटबॉट से बाहर निकले सीधे चेकआउट पेज पर पहुँचकर शॉपिंग कर सकेंगे। यह नया फीचर भारतीय ई-कॉमर्स और सर्च के पारंपरिक तरीके को पूरी तरह बदलने का दम रखता है।
एआई चैट से सीधे ई-कॉमर्स चेकआउट तक
भारत के विशाल डिजिटल बाज़ार पर पकड़ मज़बूत करने के लिए गूगल ने एक बड़ा कदम उठाया है। टेक दुनिया की यह दिग्गज कंपनी अब फ्लिपकार्ट के साथ मिलकर जेमनाई और अपने नए एआई मोड में डायरेक्ट शॉपिंग फीचर की टेस्टिंग कर रही है। टेकक्रंच की रिपोर्ट के मुताबिक, इस टेस्टिंग के तहत यूज़र्स को गूगल के एआई इंटरफेस के भीतर ही फ्लिपकार्ट के चुनिंदा प्रोडक्ट्स के साथ 'बाय' (Buy) बटन दिखाई देगा।
बिना ऐप बदले पूरा होगा शॉपिंग का सफर
आमतौर पर जब कोई यूज़र गूगल या जेमनाई पर किसी प्रोडक्ट के बारे में जानकारी ढूंढता है, तो उसे संबंधित ई-कॉमर्स वेबसाइट या ऐप पर रिडायरेक्ट किया जाता है। लेकिन इस नई तकनीक के ज़रिए यूज़र को एआई चैट छोड़ कर कहीं जाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। 'बाय' बटन पर क्लिक करते ही यूज़र सीधे फ्लिपकार्ट के सुरक्षित चेकआउट प्रोसेस पर पहुँच जाएगा। यह प्रोसेस शॉपिंग के समय को घटाने और यूज़र एक्सपीरियंस को बेहद सहज बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
भारतीय ई-कॉमर्स सेक्टर में नए दौर की शुरुआत
भारत में गूगल और फ्लिपकार्ट का यह गठजोड़ एआई-संचालित शॉपिंग (Agentic Commerce) की दिशा में एक क्रांतिकारी बदलाव माना जा रहा है। सर्च इंजन अब केवल जानकारी देने का साधन नहीं रहे, बल्कि वे खुद एक शॉपिंग प्लेटफॉर्म में तब्दील हो रहे हैं। टेक विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रयोग सफल रहा तो आने वाले समय में अन्य ई-कॉमर्स कंपनियां भी गूगल के इस एआई इकोसिस्टम से जुड़ने के लिए आगे आएंगी।
यूज़र्स और टेक इंडस्ट्री के लिए इसके मायने
फिलहाल यह फीचर सीमित यूज़र्स के साथ टेस्टिंग फेज में है। गूगल इस बात का आकलन कर रहा है कि एआई इंटरफेस के ज़रिए शॉपिंग का यह अनुभव यूज़र्स को कितना पसंद आता है। यदि यह टेस्टिंग पूरी तरह सफल रहती है, तो आने वाले दिनों में इसे सभी भारतीय यूज़र्स के लिए रोलआउट किया जा सकता है। इससे यूज़र्स को एक ही प्लेटफॉर्म पर प्रोडक्ट रिसर्च करने, समीक्षाएं देखने और तुरंत खरीदारी करने की सुविधा मिलेगी।

असम में CJP नेता आशुतोष रांका हिरासत में, वकीलों से मिलने पर भी रोक
असम में सरकारी स्कूलों की बदहाली का निरीक्षण करने पहुंचे 'सिटीज़ंस फॉर जस्टिस एंड पीस' (CJP) के प्रतिनिधि आशुतोष रांका और उनके सहयोगियों को असम पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस उन्हें वकीलों से भी मिलने नहीं दे रही, जिससे विवाद गहरा गया है।
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असम में सरकारी स्कूलों की बदहाली का निरीक्षण करने पहुंचे 'सिटीज़ंस फॉर जस्टिस एंड पीस' (CJP) के प्रतिनिधि आशुतोष रांका और उनके सहयोगियों को असम पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस उन्हें वकीलों से भी मिलने नहीं दे रही, जिससे विवाद गहरा गया है।
असम में जमीनी निरीक्षण के दौरान पुलिस की कार्रवाई
असम के दूर-दराज इलाकों में शिक्षा व्यवस्था और सरकारी स्कूलों की जमीनी हकीकत का जायजा लेने पहुंचे सीजेपी (Citizens for Justice and Peace) के प्रमुख कार्यकर्ता आशुतोष रांका को असम पुलिस ने अचानक हिरासत में ले लिया। आशुतोष रांका अपनी टीम के साथ स्थानीय स्कूलों का निरीक्षण कर रहे थे और वहां की बुनियादी सुविधाओं और प्रशासनिक स्थिति की समीक्षा में जुटे थे।
इस अचानक हुई कार्रवाई से मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों में भारी रोष है। पुलिस द्वारा दी गई इस दबिश के कारणों पर फिलहाल कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर इसे प्रशासनिक खामियों को उजागर होने से रोकने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
वकीलों से मुलाकात पर रोक और मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप
घटना के तुरंत बाद कार्यकर्ता अभिजीत दीपके ने असम पुलिस की इस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। दीपके ने आरोप लगाया है कि पुलिस न केवल रांका और उनके सहयोगियों को गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में रखे हुए है, बल्कि उन्हें उनके कानूनी अधिकारों से भी वंचित कर रही है।
उन्होंने बताया कि हिरासत में लिए गए प्रतिनिधियों से उनके वकीलों को मिलने की अनुमति तक नहीं दी जा रही है। किसी भी नागरिक को उसके कानूनी प्रतिनिधि से न मिलने देना बुनियादी मानवाधिकारों और संवैधानिक अधिकारों का सीधा उल्लंघन है। इस रवैये ने पुलिस प्रशासन की मंशा पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुंबई में बड़े प्रदर्शन की तैयारी और बढ़ता तनाव
यह पूरी घटना ऐसे समय में हुई है जब सीजेपी पहले से ही एक बड़े राष्ट्रीय मुद्दे को लेकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सीजेपी 2 अक्टूबर से मुंबई में एक विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन करने जा रही है।
मुंबई आंदोलन से ठीक पहले असम में हुई इस कार्रवाई को संगठन एक राजनीतिक प्रतिशोध और दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देख रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रशासन चाहे जितने भी हथकंडे अपना ले, न तो असम में शिक्षा के अधिकार की आवाज दबेगी और न ही मुंबई में होने वाला प्रदर्शन रुकेगा। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर पूर्वोत्तर से लेकर महाराष्ट्र तक राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

28 दिन के झंझट से मुक्ति, अब मिलेंगे पूरे 30 दिन वाले प्लान
टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन संशोधन रेगुलेशंस के तहत अब मोबाइल यूज़र्स को 28 दिन के बजाय पूरे 30 दिनों की वैलिडिटी वाले प्रीपेड प्लान मिलेंगे। इस फैसले से ग्राहकों को साल में 13 बार रिचार्ज कराने से मुक्ति मिलेगी और उनके पैसे बचेंगे। साथ ही, सिर्फ वॉयस-एसएमएस इस्तेमाल करने वालों के लिए अलग से किफायती प्लान उपलब्ध होंगे।
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टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन संशोधन रेगुलेशंस के तहत अब मोबाइल यूज़र्स को 28 दिन के बजाय पूरे 30 दिनों की वैलिडिटी वाले प्रीपेड प्लान मिलेंगे। इस फैसले से ग्राहकों को साल में 13 बार रिचार्ज कराने से मुक्ति मिलेगी और उनके पैसे बचेंगे। साथ ही, सिर्फ वॉयस-एसएमएस इस्तेमाल करने वालों के लिए अलग से किफायती प्लान उपलब्ध होंगे।
साल में 13 बार रिचार्ज का खेल खत्म
देश के करोड़ों प्रीपेड मोबाइल यूज़र्स के लिए राहत की बड़ी खबर आई है। लंबे समय से 28 दिनों की वैलिडिटी के नाम पर ग्राहकों की जेब पर पड़ने वाला अतिरिक्त बोझ अब खत्म होने जा रहा है। नए टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन नियमों के तहत अब देश की सभी प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों को पूरे 30 दिन की वैधता वाले प्लान पेश करने होंगे।
अब तक कंपनियां 1 महीने के नाम पर 28 दिन का ही रिचार्ज प्लान देती थीं। इसका सीधा असर यह होता था कि हर महीने 2 से 3 दिन कट जाते थे और साल के अंत तक यूज़र्स को 12 की जगह 13 बार रिचार्ज कराना पड़ता था। यह व्यवस्था लंबे समय से यूज़र्स की शिकायत का कारण बनी हुई थी, जिस पर अब लगाम लग गई है।
आम यूज़र्स को कैसे होगा बड़ा फायदा
नए नियम लागू होने के बाद ग्राहकों को सीधे तौर पर एक महीने के रिचार्ज का आर्थिक फायदा होगा। हर महीने की एक निश्चित तारीख पर रिचार्ज कराने की सुविधा मिलने से तारीखें याद रखने का झंझट भी खत्म हो जाएगा। कंपनियों को अब कम से कम एक ऐसा प्लान वाउचर, स्पेशल टैरिफ वाउचर और कॉम्बिनेशन वाउचर पोर्टफोलियो में रखना होगा, जिसकी वैलिडिटी पूरे 30 दिनों की हो। इसके अलावा, कंपनियों को हर महीने की समान तारीख पर रिन्यू होने वाले प्लान भी ऑफर करने होंगे।
सिर्फ कॉलिंग वाले ग्राहकों के लिए भी खुशखबरी
इस नए फैसले में उन यूज़र्स का भी विशेष ध्यान रखा गया है जो इंटरनेट डेटा का उपयोग नहीं करते हैं। बुजुर्गों और बेसिक फीचर फोन इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को ध्यान में रखते हुए केवल वॉयस कॉलिंग और एसएमएस वाले प्लान पेश करने का निर्देश दिया गया है।
अब तक ग्राहकों को न चाहते हुए भी डेटा पैक का भुगतान करना पड़ता था। नए वॉयस-ओनली प्लान्स के आने से ऐसे यूज़र्स का मोबाइल खर्च काफी हद तक कम हो जाएगा और उन्हें अपनी ज़रूरत के हिसाब से ही पैसे चुकाने होंगे।
टेलीकॉम सेक्टर में बदलाव की नई बयार
इस कदम से टेलीकॉम मार्केट में पारदर्शिता आएगी और यूज़र्स को अपनी पसंद का प्लान चुनने की वास्तविक आजादी मिलेगी। 28 दिन के चक्र से बाहर निकलकर 30 दिन की पूर्ण वैलिडिटी व्यवस्था लागू होने से करोड़ों मोबाइल यूज़र्स के चेहरों पर खुशी लौट आई है।

विराट कोहली ने तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड, जड़े 9 छक्के
पूर्व भारतीय कप्तान विराट कोहली ने तिरुवनंतपुरम में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे मैच में अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए एक पारी में 9 छक्के जड़े हैं। इसके साथ ही उन्होंने एक वनडे मैच में सर्वाधिक छक्के लगाने का अपना ही पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
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पूर्व भारतीय कप्तान विराट कोहली ने तिरुवनंतपुरम में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे मैच में अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए एक पारी में 9 छक्के जड़े हैं। इसके साथ ही उन्होंने एक वनडे मैच में सर्वाधिक छक्के लगाने का अपना ही पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
तिरुवनंतपुरम में विराट कोहली का तूफानी प्रदर्शन
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज और पूर्व कप्तान विराट कोहली ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उनका बल्ला जब बोलता है, तो बड़े-बड़े रिकॉर्ड धराशायी हो जाते हैं। रविवार को खेले गए एक मुकाबले के दौरान उन्होंने अपनी शानदार बल्लेबाजी का मुजाहिरा करते हुए वेस्टइंडीज के गेंदबाजों की जमकर खबर ली। तिरुवनंतपुरम के मैदान पर खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में कोहली ने विपक्षी गेंदबाजों पर पूरी तरह से दबाव बनाए रखा और मैदान के चारों और बेहतरीन शॉट लगाते हुए कुल 9 गगनचुंबी छक्के जड़े।
पुराना रिकॉर्ड पीछे छूट, नया कीर्तिमान स्थापित
इस धमाकेदार पारी के साथ ही विराट कोहली ने एक वनडे मैच में सबसे ज्यादा छक्के लगाने के अपने ही पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। इससे पहले उनका एक वनडे पारी में सर्वाधिक 8 छक्के जड़ने का रिकॉर्ड था, जो उन्होंने साल 2023 में तिरुवनंतपुरम के इसी मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले में बनाया था। अब इस नए रिकॉर्ड के जुड़ने के साथ ही वनडे क्रिकेट में उनके नाम एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हो गई है, जिससे उनके फैंस में भारी उत्साह का माहौल है।

मुंबई पुलिस ने सीजेपी के दीपके को दिया झटका, प्रोटेस्ट की अनुमति नहीं
मुंबई पुलिस ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ 2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क में प्रस्तावित प्रोटेस्ट की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके ने चेतावनी दी है कि यदि अनुमति नहीं मिली तो 'जेल भरो आंदोलन' किया जाएगा।
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मुंबई पुलिस ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ 2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क में प्रस्तावित प्रोटेस्ट की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके ने चेतावनी दी है कि यदि अनुमति नहीं मिली तो 'जेल भरो आंदोलन' किया जाएगा।
शिवाजी पार्क में प्रोटेस्ट की इजाजत से इनकार
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहे सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके को मुंबई पुलिस की ओर से बड़ा झटका लगा है। अभिजीत दीपके द्वारा आगामी 2 अक्टूबर को मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में एक विरोध प्रदर्शन करने का प्रस्ताव रखा गया था। हालांकि, स्थानीय पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और नियमों का हवाला देते हुए इस प्रोटेस्ट के आयोजन के लिए अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया है। पुलिस ने अपने फैसले के पीछे हाई कोर्ट के साल 2013 के एक आदेश का हवाला दिया है, जिसके तहत शिवाजी पार्क क्षेत्र को साइलेंस ज़ोन घोषित किया गया था।
अनुमति न मिलने पर 'जेल भरो आंदोलन' की चेतावनी
प्रशासन द्वारा प्रोटेस्ट की इजाजत खारिज किए जाने के बाद सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके और उनके समर्थकों में नाराजगी देखने को मिल रही है। इस सख्ती के जवाब में अभिजीत दीपके ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि यदि उन्हें शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाती है, तो वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि ऐसी स्थिति में उनकी तरफ से 'जेल भरो आंदोलन' का आगाज किया जाएगा। पुलिस के इस इनकार के बाद अब इस मामले में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर सरगर्मी काफी बढ़ गई है।
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