Delight News Logo
Latest सामान्य ख़बरें सरकारी नौकरी करेंट अफेयर्स परीक्षा ज्ञान
​TRAI Digital Connectivity Rating Platform: आधुनिक डिजिटल बुनियादी ढांचे की नई पहल

​TRAI Digital Connectivity Rating Platform: आधुनिक डिजिटल बुनियादी ढांचे की नई पहल

Delight News
📅 27 Sep2026

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) द्वारा शुरू किया गया डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग प्लेटफॉर्म आवासीय, वाणिज्यिक और सरकारी परिसरों की डिजिटल कनेक्टिविटी का मूल्यांकन और रेटिंग करने वाला एक एकीकृत डिजिटल मंच है, जिसका उद्देश्य भविष्य के लिए तैयार स्मार्ट संपत्तियों का निर्माण करना है।

TRAI Digital Connectivity Rating Platform: आधुनिक डिजिटल बुनियादी ढांचे की नई पहल
सारांश
भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) द्वारा शुरू किया गया डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग प्लेटफॉर्म आवासीय, वाणिज्यिक और सरकारी परिसरों की डिजिटल कनेक्टिविटी का मूल्यांकन और रेटिंग करने वाला एक एकीकृत डिजिटल मंच है, जिसका उद्देश्य भविष्य के लिए तैयार स्मार्ट संपत्तियों का निर्माण करना है।
परिचय एवं पृष्ठभूमि
भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण द्वारा डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया गया है। यह मंच देश भर की संपत्तियों में डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका मुख्य उद्देश्य संपत्ति प्रबंधकों को डिजिटल रूप से सुसज्जित और भविष्य के लिए तैयार स्मार्ट संपत्तियों का निर्माण करने के लिए प्रेरित करना है। इसके माध्यम से यह आकलन किया जाता है कि विभिन्न परिसर मजबूत डिजिटल और दूरसंचार बुनियादी ढांचे से युक्त हैं या नहीं।
प्रमुख विशेषताएं एवं हितधारक
यह मंच संपत्ति प्रबंधकों, पंजीकृत डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसियों और उपभोक्ताओं को एक साझा डिजिटल इंटरफेस पर लाता है। इसके तहत संपत्ति प्रबंधक अपनी संपत्तियों को सार्वजनिक, सरकारी, वाणिज्यिक और निजी श्रेणियों में पंजीकृत कर सकते हैं। वे रेटिंग आवेदन जमा करने, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने और अपनी पसंद की रेटिंग एजेंसी का चयन करने की सुविधा प्राप्त करते हैं। यह मंच निर्मित और निर्माणाधीन दोनों प्रकार की संपत्तियों का समर्थन करता है।
रेटिंग प्रक्रिया और कार्यप्रणाली
पंजीकृत डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसियां आवंटित आवेदनों का आकलन करती हैं। वे परीक्षण परिणामों और टिप्पणियों को दर्ज करती हैं, तथा निर्धारित फ्रेमवर्क के अनुसार पूरी रेटिंग प्रक्रिया को पूरा करती हैं। मैदानी या फील्ड असेसमेंट के लिए एक समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन की व्यवस्था की गई है, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित होती है।
उपभोक्ता हित और सार्वजनिक इंटरफेस
इस मंच पर उपभोक्ताओं के लिए एक सार्वजनिक इंटरफेस उपलब्ध कराया गया है। इसके जरिए उपभोक्ता संपत्ति के नाम, प्रमाण पत्र आईडी या स्थान के आधार पर रेटिंग प्राप्त संपत्तियों की खोज कर सकते हैं। साथ ही, वे संपत्तियों के डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित रेटिंग प्रमाण पत्र को देख सकते हैं और उस पर दिए गए क्यूआर कोड के माध्यम से उसकी प्रामाणिकता की जांच भी कर सकते हैं।
यूपीआई भुगतानों पर नया बदलाव: व्यापारियों और ग्राहकों के लिए क्या बदला?

यूपीआई भुगतानों पर नया बदलाव: व्यापारियों और ग्राहकों के लिए क्या बदला?

Delight News
📅 26 Sep2026

​भारतीय डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में एक बड़ा मोड़ आने वाला है। अब मर्चेंट यूपीआई भुगतानों पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी एमडीआर लागू होने जा रहा है। सरकार और वित्त मंत्रालय की ओर से स्पष्ट कर दिया गया है कि यह नया नियम ग्राहकों की जेब पर कोई असर नहीं डालेगा।

यूपीआई भुगतानों पर नया बदलाव: व्यापारियों और ग्राहकों के लिए क्या बदला?
UPI भुगतान प्रणाली में बड़े बदलाव की तैयारी
₹2,000 से अधिक के ट्रांजैक्शन पर MDR का नियम
लोन रीपेमेंट और सैमसंग यूजर्स के लिए नए फीचर्स
यूपीआई पेमेंट्स में क्या है नया बदलाव
भारतीय डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में एक बड़ा मोड़ आने वाला है। अब मर्चेंट यूपीआई भुगतानों पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी एमडीआर लागू होने जा रहा है। सरकार और वित्त मंत्रालय की ओर से स्पष्ट कर दिया गया है कि यह नया नियम ग्राहकों की जेब पर कोई असर नहीं डालेगा। यानी आम यूजर्स को यूपीआई से भुगतान करने पर किसी भी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। यह पूरी व्यवस्था व्यापारियों और पेमेंट गेटवे के बीच की प्रक्रिया से जुड़ी है।
व्यापारियों पर असर और ऑटोपे की स्थिति
नया नियम उन व्यापारियों के लिए है जो अपने बिजनेस अकाउंट पर डिजिटल भुगतान स्वीकार करते हैं। 15 अक्टूबर से ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट यूपीआई भुगतानों पर यह शुल्क लागू होगा। हालांकि, व्यापारियों में इसको लेकर असमंजस और विरोध की स्थिति भी दिख रही है। व्यापारी संगठनों ने अपनी नाराजगी जताते हुए 2 अक्टूबर को 'नो यूपीआई डे' मनाने का ऐलान किया है। दूसरी ओर, राहत की खबर यह है कि ऑटोपे यानी ऑटोमैटिक सब्सक्रिप्शन और भुगतानों पर यह नियम लागू नहीं होगा।
लोन रीपेमेंट और बैंकिंग सुरक्षा के कड़े नियम
केवल मर्चेंट पेमेंट ही नहीं, बल्कि लोन रीपेमेंट और ईएमआई के मोर्चे पर भी बदलाव तय किए गए हैं। ईएमआई या लोन रीपेमेंट पर ₹5 का फ्लैट एमडीआर लगाया जाएगा। अच्छी बात यह है कि इस शुल्क का बोझ ग्राहकों को नहीं उठाना पड़ेगा, बल्कि संबंधित बैंक या एनबीएफसी इसे खुद वहन करेंगे। इसके अलावा, लोग नए नियमों से बचने के लिए हथकंडे भी अपना सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि कोई ₹10,000 के बिल को छोटे-छोटे किस्तों में चुकाकर एमडीआर से बचने की कोशिश करता है, तो बैंक की उन्नत सुरक्षा प्रणाली इसे तुरंत असामान्य गतिविधि के रूप में चिन्हित कर सकती है।
सैमसंग यूजर्स के लिए नया पेमेंट फीचर
तकनीकी मोर्चे पर यूजर्स के लिए सुविधा भी बढ़ाई जा रही है। अब सैमसंग स्मार्टफोन यूजर्स को और अधिक सुरक्षा और सहजता मिलने वाली है। ये यूजर्स ₹10,000 तक के यूपीआई पेमेंट सीधे अपने फिंगरप्रिंट की मदद से आसानी से कर सकेंगे। इससे बार-बार यूपीआई पिन दर्ज करने की झंझट से मुक्ति मिलेगी और डिजिटल लेनदेन की गति और सुरक्षा दोनों में इजाफा होगा।
​ज्ञानेश कुमार पर एसआईआर विवाद: इस्तीफे की मांग और महाभियोग की तैयारी

​ज्ञानेश कुमार पर एसआईआर विवाद: इस्तीफे की मांग और महाभियोग की तैयारी

Delight News
📅 26 Sep2026

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार एसआईआर प्रक्रिया को लेकर गंभीर विवादों के घेरे में आ गए हैं। कांग्रेस पार्टी ने उनके इस्तीफे की मांग करते हुए जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया है। वहीं, विपक्ष इस मामले पर महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है और अन्य राजनीतिक दलों का समर्थन जुटाने में जुटा हुआ है।

ज्ञानेश कुमार पर एसआईआर विवाद: इस्तीफे की मांग और महाभियोग की तैयारी
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार एसआईआर प्रक्रिया को लेकर गंभीर विवादों के घेरे में आ गए हैं। कांग्रेस पार्टी ने उनके इस्तीफे की मांग करते हुए जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया है। वहीं, विपक्ष इस मामले पर महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है और अन्य राजनीतिक दलों का समर्थन जुटाने में जुटा हुआ है।
विपक्ष का आक्रामक रुख और सियासी घेराबंदी
संसद से लेकर सड़कों तक सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस और विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता की कमी है, जिससे निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। स्थिति को भांपते हुए विपक्ष अब एक कड़ा कदम उठाने की योजना बना रहा है। महाभियोग प्रस्ताव के जरिए चुनाव आयोग के शीर्ष नेतृत्व को घेरने की रणनीति पर काम चल रहा है, जिसके लिए विपक्षी खेमा आम सहमति बनाने में जुटा है।
एनडीए सहयोगियों की चिंता और स्थिति स्पष्ट करने की मांग
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि सत्ताधारी गठबंधन एनडीए के भीतर से भी आवाजें उठने लगी हैं। चिराग पासवान, उपेंद्र कुशवाहा और चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी (TDP) ने चुनाव आयोग से अपील की है कि वह जल्द से जल्द स्थिति स्पष्ट करे। इन दलों का मानना है कि जनता के मन में उठ रहे संदेहों को दूर करना बेहद जरूरी है ताकि चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर कोई आंच न आए।
सुप्रीम कोर्ट की दहलीज पर मामला
राजनीतिक सरगर्मी के बीच यह पूरा विवाद अब देश की सर्वोच्च अदालत तक पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को लेकर याचिका दायर की जा चुकी है, जिस पर जल्द सुनवाई होने की संभावना है। अदालत के इस दखલ से इस बात की उम्मीद बढ़ गई है कि इस कानूनी और संवैधानिक पेचीदगी पर स्थिति और अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
आगे की राह और चुनौतियां
चुनाव आयोग के सामने इस समय साख बचाने की सबसे बड़ी चुनौती है। एक तरफ जहां पूरा विपक्ष हमलावर है, वहीं सहयोगी दलों के तेवर भी असहज करने वाले हैं। अदालत के फैसले और चुनाव आयोग के अगले कदम पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं। यह विवाद भारतीय लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।
UPI से EMI भुगतान पर नया नियम: जानिए गणित

UPI से EMI भुगतान पर नया नियम: जानिए गणित

Delight News
📅 26 Sep2026

15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के UPI लोन रीपेमेंट और EMI भुगतानों पर 5 रुपये का MDR चार्ज लागू होगा। यह मर्चेंट डिस्काउंट रेट ग्राहकों को नहीं, बल्कि बैंक, लेंडर या कलेक्शन एजेंसियों को चुकाना होगा। UPI ऑटोपे से जुड़े भुगतानों पर यह चार्ज लागू नहीं होगा।

UPI से EMI भुगतान पर नया नियम: जानिए गणित
खबर का निचोड़
15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के UPI लोन रीपेमेंट और EMI भुगतानों पर 5 रुपये का MDR चार्ज लागू होगा। यह मर्चेंट डिस्काउंट रेट ग्राहकों को नहीं, बल्कि बैंक, लेंडर या कलेक्शन एजेंसियों को चुकाना होगा। UPI ऑटोपे से जुड़े भुगतानों पर यह चार्ज लागू नहीं होगा।
UPI से लोन की किस्त या रीपेमेंट करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा अपडेट सामने आया है। 15 अक्टूबर से लागू होने वाले नए नियमों के तहत 2,000 रुपये से अधिक के कुछ खास UPI लोन रीपेमेंट और EMI ट्रांजैक्शन पर 5 रुपये का मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाया जाएगा। अगर आप सोच रहे हैं कि इस फैसले से आपकी जेब ढीली होगी, तो राहत की बात यह है कि इस शुल्क का सीधा बोझ ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा।
चार्ज का गणित और भुगतान की जिम्मेदारी
इस नए नियम के तहत 5 रुपये का MDR चार्ज किसी भी परिस्थिति में कर्ज़दार यानी आम ग्राहक को नहीं देना है। यह शुल्क भुगतान स्वीकार करने वाले बैंक, संबंधित लेंडर या कलेक्शन एजेंसी के खाते में जाएगा। इसका सीधा मतलब यह है कि जब आप अपने लोन की EMI का भुगतान करेंगे, तो आपके खाते से केवल तय किस्त की राशि ही कटेगी, कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं।
UPI ऑटोपे पर राहत
जो ग्राहक अपनी EMI के लिए UPI ऑटोपे (Auto-pay) सुविधा का उपयोग करते हैं, उन्हें इस नए नियम से पूरी तरह बाहर रखा गया है। ऑटोपे के जरिए होने वाले स्वचालित EMI भुगतानों पर किसी भी प्रकार का MDR लागू नहीं होगा। इस व्यवस्था से न सिर्फ ग्राहकों की EMI राशि पर कोई असर नहीं पड़ेगा, बल्कि ऑटोपे का इस्तेमाल करने वाले लोगों को बिना किसी झंझट के समय पर भुगतान की सुविधा मिलती रहेगी।
क्यों लिया गया यह फैसला
डिजिटल भुगतान के बढ़ते दायरे को देखते हुए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्विस नेटवर्क को मजबूत बनाना बेहद जरूरी हो गया है। बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स के बीच ट्रांजैक्शन लागत के संतुलन को बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। चूंकि वित्तीय संस्थान और कलेक्शन एजेंसियां बड़े पैमाने पर रीपेमेंट स्वीकार करती हैं, इसलिए MDR का भार उन्हीं के व्यावसायिक खर्चों का हिस्सा बनाया गया है।
डिजिटल बैंकिंग को पारदर्शी बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आम उपभोक्ता पर बिना कोई वित्तीय दबाव डाले पेमेंट इकोसिस्टम को और अधिक सुचारू बनाया जा सके।
सोने की तेजी ने तोड़ी 4 दिन की गिरावट, जानें नया रेट

सोने की तेजी ने तोड़ी 4 दिन की गिरावट, जानें नया रेट

Delight News
📅 26 Sep2026

सोने की कीमतों ने 4 दिन के बाद मारी पलटी

दिल्ली में शुक्रवार को सोने की कीमतों में लगातार चार दिन से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया। सोने के दाम ₹200 बढ़कर ₹1,52,600/10 ग्राम हो गए जबकि चांदी की कीमतें ₹2.37 लाख/किलोग्राम पर स्थिर रहीं। विदेशी बाज़ारों में स्पॉट गोल्ड की कीमत $27.73 (लगभग 1%) बढ़कर $4,301.40/औंस हो गई जबकि चांदी की कीमत 1.4% बढ़कर $64.72/औंस हो गई।

सोने की तेजी ने तोड़ी 4 दिन की गिरावट, जानें नया रेट
खबर का निचोड़
दिल्ली सर्राफा बाजार में चार दिनों से जारी सोने की गिरावट पर शुक्रवार को ब्रेक लग गया। ₹200 की बढ़त के साथ सोना ₹1,52,600 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, वैश्विक बाजारों में आई मजबूती के बीच चांदी की घरेलू कीमतें ₹2.37 लाख प्रति किलोग्राम पर स्थिर बनी रहीं।
सोना फिर चमका: 4 दिन बाद लगा गिरावट पर ब्रेक
सर्राफा बाजार में पिछले चार दिनों से बना सुस्ती का माहौल आखिरकार शुक्रवार को खत्म हो गया। भारतीय बाजार में सोने की कीमतों ने एक बार फिर वापसी करते हुए सकारात्मक रुख दिखाया है। दिल्ली के स्थानीय सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोने के भाव में ₹200 की तेजी दर्ज की गई। इस बढ़त के साथ 10 ग्राम सोने की कीमत ₹1,52,600 के स्तर पर पहुंच गई।
लगातार चार दिनों की गिरावट के बाद आई इस तेजी ने निवेशकों और आभूषण खरीदारों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूती और स्थानीय स्तर पर खरीदारी का समर्थन मिलने से भारतीय बाजार में कीमती धातुओं को सहारा मिला है।
चांदी की चाल स्थिर, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उछाल
एक तरफ जहां सोने के तेवर चढ़े दिखे, वहीं चांदी ने घरेलू स्तर पर अपना रुख संतुलित बनाए रखा। दिल्ली में चांदी की कीमतें ₹2.37 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर बिना किसी बड़े बदलाव के स्थिर दर्ज की गईं।
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मंच पर चांदी का प्रदर्शन काफी मजबूत देखने को मिला। विदेशी बाजारों में चांदी 1.4 प्रतिशत की बढ़त के साथ $64.72 प्रति औंस के भाव पर कारोबार करती नजर आई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दर्ज की गई यह तेजी भविष्य में घरेलू बाजार पर भी अपना असर दिखा सकती है।
वैश्विक संकेतों से बदला सर्राफा बाजार का मूड
भारतीय सर्राफा बाजार में आई इस तेजी के पीछे विदेशी बाजारों का बड़ा हाथ रहा। वैश्विक स्तर पर स्पॉट गोल्ड (Spot Gold) की कीमतों में जोरदार उछाल देखा गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $27.73 (लगभग 1%) की तेजी के साथ $4,301.40 प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया।
वैश्विक अर्थव्यवस्था के घटनाक्रमों और कीमती धातुओं की वैश्विक मांग में आए इस उछाल ने भारतीय बाजार के सेंटिमेंट को सीधे तौर पर प्रभावित किया। बीते चार दिनों से लगातार लाल निशान में कारोबार कर रहे सोने को विदेशी संकेतों से नया बल मिला और घरेलू बाजार में कीमतें दोबारा ऊपर की तरफ मुड़ गईं।

Delight News

निष्पक्ष पत्रकारिता, सटीक विश्लेषण

Delight News एक प्रमुख डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म है जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और जनता तक बिल्कुल सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय हिंदी खबरें पहुंचाना है। हम बिना किसी पक्षपात के राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राजनीति, खेल, शिक्षा, सरकारी नौकरी और करंट अफेयर्स से जुड़ी हर छोटी-बड़ी ताजा खबरें आप तक सबसे पहले पहुंचाते हैं।
📬 हमसे संपर्क करें
delightnews.in@gmail.com Official YouTube Channel Official Instagram Profile

📍 अपनी लोकेशन Set करें



Privacy Policy & Terms

Delight News परिवार से जुड़ें

📱 और भी बेहतर अनुभव के लिए!

ताजा खबरों के सबसे तेज नोटिफिकेशन और शानदार यूज़र इंटरफेस के साथ देश-दुनिया के लाइव अपडेट्स सीधे अपने mobile पर पाने के लिए हमारा Delight News Android App डाउनलोड करें।

📥 Download Android App