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दिशा सालियन मामला: सीबीआई को मिला नया वीडियो सबूत

दिशा सालियन मामला: सीबीआई को मिला नया वीडियो सबूत

Delight News
📅 26 Sep2026

दिशा सालियन के पिता सतीश सालियन ने सीबीआई को एक पेन ड्राइव सौंपी है, जिसमें उनकी बेटी की मौत से जुड़ा कथित वीडियो सबूत और एक चश्मदीद का बयान शामिल है। इस खुलासे से मामले में नया मोड़ आ गया है।

दिशा सालियन मामला: सीबीआई को मिला नया वीडियो सबूत
दिशा सालियन के पिता सतीश सालियन ने सीबीआई को एक पेन ड्राइव सौंपी है, जिसमें उनकी बेटी की मौत से जुड़ा कथित वीडियो सबूत और एक चश्मदीद का बयान शामिल है। इस खुलासे से मामले में नया मोड़ आ गया है।
पिता का गंभीर दावा और पेन ड्राइव
दिशा सालियन की मौत के मामले में उनके पिता सतीश सालियन ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को एक पेन ड्राइव सौंपी है। उनका दावा है कि इस पेन ड्राइव में एक चश्मदीद का बयान और वीडियो सबूत मौजूद है, जो इस पूरे घटनाक्रम पर नए सवाल खड़े करता है। परिवार का आरोप है कि इस मामले की तह तक जाकर सच्चाई सामने आनी चाहिए ताकि न्याय मिल सके।
चश्मदीद की मौजूदगी और वकीलों का पक्ष
सतीश सालियन के वकीलों के अनुसार, पेन ड्राइव में जिस चश्मदीद का जिक्र किया गया है, वह कथित तौर पर घटनाथल पर मौजूद था। वकीलों का कहना है कि यह चश्मदीद उस रात की कई अहम कड़ियों को जोड़ सकता है। इस नए डिजिटल सबूत के सामने आने के बाद जांच एजेंसियों के लिए दिशा सालियन की मौत की गुत्थी को सुलझाना और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।
ताकतवर लोगों पर लगाए गए बड़े आरोप
सतीश सालियन ने खुलकर यह दावा किया है कि कुछ 'ताकतवर लोगों' ने दिशा के साथ रेप के बाद उसकी हत्या की थी। परिवार की ओर से लगाए गए इन गंभीर आरोपों के बाद से राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। पिता द्वारा सौंपे गए इस वीडियो सबूत और पेन ड्राइव को अब जांच का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है।
आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच
सीबीआई अब इस पेन ड्राइव में मौजूद वीडियो और बयानों की गहनता से तकनीकी जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वीडियो में मौजूद तथ्य कितने पुख्ता हैं और चश्मदीद के बयान की क्या प्रामाणिकता है। इस नए सबूत के मिलने से अदालत और जांच एजेंसियों की आगामी कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
PM मोदी ने दिल्ली में अनोखे 'भजन क्लबिंग' कार्यक्रम में लिया हिस्सा

PM मोदी ने दिल्ली में अनोखे 'भजन क्लबिंग' कार्यक्रम में लिया हिस्सा

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📅 26 Sep2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर दिल्ली के एक पार्क में आयोजित 'भजन क्लबिंग' कार्यक्रम में शिरकत की. इस दौरान उन्होंने इस आधुनिक शैली की सराहना करते हुए कहा कि संगीत का रूप बदलने पर भी इसकी मूल भावना हमेशा वही रहती है.

PM मोदी ने दिल्ली में अनोखे 'भजन क्लबिंग' कार्यक्रम में लिया हिस्सा
खबर का निचोड़:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर दिल्ली के एक पार्क में आयोजित 'भजन क्लबिंग' कार्यक्रम में शिरकत की. इस दौरान उन्होंने इस आधुनिक शैली की सराहना करते हुए कहा कि संगीत का रूप बदलने पर भी इसकी मूल भावना हमेशा वही रहती है.
आयोजन और मुख्य आकर्षण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय जनसंघ के नेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर राजधानी दिल्ली में एक विशेष कार्यक्रम में हिस्सा लिया. दिल्ली के एक पार्क में आयोजित इस अनूठे 'भजन क्लबिंग' इवेंट ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा. इस दौरान प्रधानमंत्री का एक अलग और ऊर्जावान अंदाज देखने को मिला, जहाँ वे खुद हाथ में वाद्य यंत्र लिए नजर आए.
संगीत और आध्यात्मिकता का अनूठा संगम
कार्यक्रम के दौरान माहौल पूरी तरह से भक्तिमय और उत्साह से भरा हुआ था. 'भजन क्लबिंग' के इस नए और आधुनिक चलन की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री ने इसके महत्व को रेखांकित किया. उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही आज मंच आधुनिक हो चुके हैं और संगीत की प्रस्तुति का तरीका अलग हो सकता है, लेकिन इसके पीछे की मूल भावना और श्रद्धा हमेशा अपरिवर्तित रहती है.
युवाओं के बीच बढ़ता आकर्षण
आज के दौर में पारंपरिक संस्कृति को युवाओं से जोड़ने के लिए इस तरह के आधुनिक प्रयोग बेहद असरदार साबित हो रहे हैं. दिल्ली के इस पार्क में हुए आयोजन ने यह साबित कर दिया कि कैसे आधुनिकता के साथ अपनी जड़ों को जोड़ा जा सकता है. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री की मौजूदगी ने न केवल उपस्थित लोगों का उत्साह बढ़ाया, बल्कि इस अनूठी पहल को एक नई राष्ट्रीय पहचान भी दी है.
मोहम्मद शमी के खिलाफ चुनाव लड़ने का हसीना जहां का बड़ा ऐलान

मोहम्मद शमी के खिलाफ चुनाव लड़ने का हसीना जहां का बड़ा ऐलान

Delight News
📅 26 Sep2026

क्रिकेटर मोहम्मद शमी के राजनीतिक मैदान में उतरने की अटकलों के बीच उनकी पत्नी हसीना जहां ने सनसनीखेज बयान दिया है। उन्होंने ऐलान किया है कि शमी या उनके भाई जहां से भी चुनाव लड़ेंगे, वह वहीं से उनके खिलाफ चुनावी मैदान में उतरेंगी। हालांकि, शमी परिवार की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

मोहम्मद शमी के खिलाफ चुनाव लड़ने का हसीना जहां का बड़ा ऐलान
खबर का निचोड़ (Summary):
क्रिकेटर मोहम्मद शमी के राजनीतिक मैदान में उतरने की अटकलों के बीच उनकी पत्नी हसीना जहां ने सनसनीखेज बयान दिया है। उन्होंने ऐलान किया है कि शमी या उनके भाई जहां से भी चुनाव लड़ेंगे, वह वहीं से उनके खिलाफ चुनावी मैदान में उतरेंगी। हालांकि, शमी परिवार की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
राजनीति में एंट्री की सुगबुगाहट
भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी इन दिनों अपनी खेल के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में लगातार यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि शमी जल्द ही चुनावी राजनीति में अपनी नई पारी की शुरुआत कर सकते हैं। इन चर्चाओं ने खेल प्रेमियों और राजनीतिक विश्लेषकों दोनों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
हसीना जहां का खुला चैलेंज
शमी के चुनाव लड़ने की इन खबरों के बीच उनकी पत्नी हसीना जहां ने एक तीखा और बड़ा बयान देकर सियासी पारा और बढ़ा दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि मोहम्मद शमी या उनके बड़े भाई हसीना जहां से भी चुनावी मैदान में उतरते हैं, तो वह चुप नहीं बैठेंगी। उन्होंने खुले तौर पर घोषणा की है कि वह उसी सीट से शमी के खिलाफ खुद चुनाव लड़ेंगी।
परिवार की चुप्पी और सस्पेंस
एक तरफ जहां हसीना जहां के इस आक्रामक ऐलान ने राजनीतिक सरगर्मी को तेज कर दिया है, वहीं दूसरी ओर मोहम्मद शमी या उनके परिवार की तरफ से अभी तक चुनाव लड़ने को लेकर कोई भी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। परिवार की इस चुप्पी के कारण इस पूरे मामले पर सस्पेंस लगातार बना हुआ है।
आगे का सियासी समीकरण
यह पूरा घटनाक्रम आने वाले दिनों में एक दिलचस्प मोड़ ले सकता है। यदि शमी राजनीति में कदम रखते हैं और हसीना जहां उनके खिलाफ उतरती हैं, तो यह मुकाबला देश का सबसे हाई-प्रोफाइल और चर्चित चुनावी मुकाबला बन सकता है। फिलहाल सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि शमी परिवार की तरफ से इस पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है।
भारत-फ्रांस द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास 'वरुण' का 24वां संस्करण आयोजित

भारत-फ्रांस द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास 'वरुण' का 24वां संस्करण आयोजित

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📅 26 Sep2026

भारतीय नौसेना और फ्रांसीसी नौसेना के बीच द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास 'वरुण' का 24वां संस्करण फ्रांस के टूलॉन में आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच अंतरसंचालनीयता को बढ़ाना, सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना और सामरिक सहयोग को सुदृढ़ करना है।

शीर्षक (Title): भारत-फ्रांस द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास 'वरुण' का 24वां संस्करण आयोजित
सारांश (Summary): भारतीय नौसेना और फ्रांसीसी नौसेना के बीच द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास 'वरुण' का 24वां संस्करण फ्रांस के टूलॉन में आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच अंतरसंचालनीयता को बढ़ाना, सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना और सामरिक सहयोग को सुदृढ़ करना है।
विस्तृत विश्लेषण (Detailed Analysis):
परिचय एवं पृष्ठभूमि
भारतीय नौसेना और फ्रांसीसी नौसेना के मध्य द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास 'वरुण' का 24वां संस्करण फ्रांस के टूलॉन में संपन्न हो रहा है। इस अभ्यास के माध्यम से दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच पारंपरिक और आधुनिक समुद्री सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए रणनीतिक समन्वय को सुदृढ़ किया जाता है। यह अभ्यास दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक रक्षा और सामरिक साझेदारी का एक प्रमुख स्तंभ है।
अभ्यास के चरण एवं गतिविधियाँ
इस संस्करण के अंतर्गत बंदरगाह और समुद्र दोनों चरणों में व्यापक व्यावसायिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इनमें क्रॉस-डेक विजिट, सामरिक अंतःक्रियाएं और खेल गतिविधियां शामिल हैं। ये गतिविधियां दोनों देशों के नौसेना कर्मियों को एक-दूसरे के अनुभवों और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने तथा आपसी समझ को प्रगाढ़ करने का अवसर प्रदान करती हैं।
भारत-फ्रांस सामरिक सहयोग और अन्य अभ्यास
भारत और फ्रांस के बीच रक्षा कूटनीति के तहत कई अन्य महत्वपूर्ण सैन्य अभ्यास भी नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं। इनमें थल सेना के लिए 'फ्रिंजएक्स' (FRINJEX) और वायु सेना के लिए 'गरुड़' (GARUDA) अभ्यास शामिल हैं। ये सभी अभ्यास तीनों सेनाओं के स्तर पर भारत और फ्रांस के बीच बढ़ते सैन्य विश्वास और रक्षा सहयोग को प्रदर्शित करते हैं।
आईएनएस त्रिशूल की भूमिका
इस अभ्यास में भाग लेने के लिए भारतीय नौसेना के फ्रंट-लाइन तलवार-श्रेणी के गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट 'आईएनएस त्रिशूल' ने फ्रांस के टूलॉन बंदरगाह की यात्रा की। वर्ष 2003 में भारतीय नौसेना बेड़े में शामिल यह युद्धपोत बहु-आयामी समुद्री अभियानों के लिए पूरी तरह सुसज्जित है। लगभग 3,700 टन की वहन क्षमता वाले इस पोत की शीर्ष गति 30 नॉट से अधिक और समुद्र में सहनशक्ति 30 दिन की है।
प्रमुख आयुध प्रणालियां
आईएनएस त्रिशूल ने अपनी मारक क्षमता के अंतर्गत कई मील के पत्थर स्थापित किए हैं। यह पोत आठ-सेल केकेएसएम 3एस-14एनई वर्टिकल लॉन्चर को शामिल करने वाला दूसरा भारतीय युद्धपोत बना। इसके अतिरिक्त, यह भारत और रूस द्वारा संयुक्त रूप से डिजाइन की गई सुपरसोनिक ब्रह्मोस (PJ-10) एंटी-शिप क्रूज मिसाइल को अपलोड करने वाला पहला युद्धपोत था।
रक्षा प्रौद्योगिकी विकास निधि योजना और सामरिक आत्मनिर्भरता

रक्षा प्रौद्योगिकी विकास निधि योजना और सामरिक आत्मनिर्भरता

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📅 26 Sep2026

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन द्वारा प्रौद्योगिकी विकास निधि (TDF) योजना के तहत पहले उच्च-मूल्य वाले डीप टेक प्रोजेक्ट समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह पहल 'मेक इन India' के अंतर्गत एमएसएमई और स्टार्टअप्स को स्वदेशी रक्षा विनिर्माण और अत्याधुनिक तकनीकों में वित्तीय सहायता प्रदान कर रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देती है।

रक्षा प्रौद्योगिकी विकास निधि योजना और सामरिक आत्मनिर्भरता
सारांश
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन द्वारा प्रौद्योगिकी विकास निधि (TDF) योजना के तहत पहले उच्च-मूल्य वाले डीप टेक प्रोजेक्ट समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह पहल 'मेक इन India' के अंतर्गत एमएसएमई और स्टार्टअप्स को स्वदेशी रक्षा विनिर्माण और अत्याधुनिक तकनीकों में वित्तीय सहायता प्रदान कर रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देती है।
उद्देश्य और नोडल मंत्रालय
यह योजना रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीकी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करती है। इसका मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक एवं निजी उद्योगों, विशेषकर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों तथा स्टार्टअप्स की भागीदारी को प्रोत्साहित करना है। इस योजना का संचालन रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन द्वारा किया जाता है।
वित्तीय सहायता और परियोजना अवधि
इस योजना के तहत प्रत्येक अनुमोदित परियोजना के लिए अधिकतम 50 करोड़ रुपये तक की लागत पर विचार किया जाता है। कुल परियोजना लागत का 90 प्रतिशत तक वित्तीय अनुदान के रूप में प्रदान किया जाता है। इसके विकास की अधिकतम अवधि चार वर्ष निर्धारित की गई है, जिससे लंबी अवधि की शोध और विकास पहलों को पूरा करने का पर्याप्त समय मिलता है।
पात्रता मानदंड और शर्तें
योजना के तहत आवेदन करने वाले संस्थान भारतीय कानूनों के तहत पंजीकृत होने चाहिए तथा उनका स्वामित्व एवं नियंत्रण भारतीय नागरिकों के पास होना चाहिए। जिन संस्थाओं में विदेशी निवेश 49 प्रतिशत से अधिक है, वे इसके पात्र नहीं हैं। स्टार्टअप्स के लिए उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) द्वारा मान्यता प्राप्त होना अनिवार्य है। साथ ही, स्टार्टअप्स को किसी अन्य सरकारी योजना के तहत समान तकनीक के लिए पूर्व में कोई अनुदान प्राप्त नहीं होना चाहिए।

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