
मंदाकिनी की लव स्टोरी: तिब्बती साधु से कैसे हुई मुलाकात?
अस्सी के दशक की मशहूर अभिनेत्री मंदाकिनी ने अपने पति से पहली मुलाकात का दिलचस्प खुलासा किया है। उनके पति मनाली से हैं और शादी के समय हिंदी नहीं जानते थे। वे करीब 20 वर्षों तक तिब्बती साधु रहे थे और उन्होंने बाद में वाराणसी में हिंदी सीखी थी।
खबर का निचोड़
अस्सी के दशक की मशहूर अभिनेत्री मंदाकिनी ने अपने पति से पहली मुलाकात का दिलचस्प खुलासा किया है। उनके पति मनाली से हैं और शादी के समय हिंदी नहीं जानते थे। वे करीब 20 वर्षों तक तिब्बती साधु रहे थे और उन्होंने बाद में वाराणसी में हिंदी सीखी थी।
शूटिंग के दौरान हुई थी जान-पहचान
मंदाकिनी ने एक इंटरव्यू में बताया कि जब उनकी शादी हुई थी, तब उनके पति को हिंदी भाषा का बिल्कुल ज्ञान नहीं था। उनके पति मूल रूप से मनाली के रहने वाले हैं। दोनों की शुरुआती जान-पहचान तब हुई जब मनाली में 'हम तो चले परदेश' फिल्म की शूटिंग चल रही थी। उस दौरान उनके पति का परिवार भी वहीं पर मौजूद था।
दोस्ती और मुलाकातों का सिलसिला
फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में हुई उस मुलाकात के दौरान मंदाकिनी और उनके पति के परिवार के बीच बहुत अच्छी दोस्ती हो गई थी। परिवार से नजदीकियां बढ़ने के बाद काफी दिनों के अंतराल पर मंदाकिनी की उनके पति से दोबारा मुलाकात हुई थी। यह अपने आप में एक अनोखा संयोग था जो धीरे-धीरे रिश्ते में बदल गया।
तिब्बती साधु से गृहस्थ जीवन का सफर
अभिनेत्री ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उनके पति ने अपने जीवन के शुरुआती 20 साल एक तिब्बती साधु के रूप में बिताए थे। साधु का जीवन जीने के बाद उन्होंने सामान्य दुनिया में कदम रखा। वाराणसी प्रवास के दौरान उन्होंने हिंदी भाषा सीखी, जिससे आगे का संवाद और जीवन सहज हो गया। साधु जीवन से लेकर अभिनेत्री मंदाकिनी के साथ वैवाहिक बंधन तक की यह यात्रा बेहद अनूठी रही है।

युगांडा की सड़क पर गूंजा गोलगप्पे का जादू, अफ्रीकी युवक का वीडियो वायरल
ट्रैवल व्लॉगर अदिति ने युगांडा से एक अनोखा वीडियो साझा किया है जिसमें एक अफ्रीकी युवक ठेठ भारतीय अंदाज़ में गोलगप्पे बेचता नज़र आ रहा है. सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर जमकर प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.
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ट्रैवल व्लॉगर अदिति ने युगांडा से एक अनोखा वीडियो साझा किया है जिसमें एक अफ्रीकी युवक ठेठ भारतीय अंदाज़ में गोलगप्पे बेचता नज़र आ रहा है. सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर जमकर प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.
युगांडा की सड़कों पर भारत का स्वाद
सोशल मीडिया की दुनिया में कब क्या देखने को मिल जाए, इसका अंदाज़ लगाना मुश्किल है. हाल ही में इंटरनेट पर एक ऐसा ही वीडियो छाया हुआ है जो हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है. अफ्रीकी देश युगांडा के लुगेजी शहर से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने भारतीय खाने के शौकीनों को हैरान कर दिया है. यहाँ एक अफ्रीकी युवक ठेले पर गोलगप्पे बेचता हुआ दिखाई दे रहा है. इस अनोखे नज़ारे को कैमरे में कैद करने वाली ट्रैवल व्लॉगर अदिति ने इसे इंस्टाग्राम पर शेयर किया है.
ठेठ भारतीय अंदाज़ में पानीपूरी का कमाल
वायरल हो रहे इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे वह अफ्रीकी युवक किसी भारतीय ठेले वाले की तरह ही पूरी मुस्तैदी से गोलगप्पे तैयार कर रहा है. उसके हाथ की सफाई और ग्राहकों को गोलगप्पे परोसने का तरीका बिल्कुल वैसा ही है जैसा भारत की गलियों में देखने को मिलता है. व्लॉगर अदिति ने जब इसका लुत्फ उठाया, तो वीडियो इंटरनेट पर सनसनी बन गया. गोलगप्पे के प्रति दीवानगी सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि अब इसकी गूंज अफ्रीका तक पहुंच चुकी है.
सोशल मीडिया पर मजेदार प्रतिक्रियाओं की बाढ़
जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर आया, इस पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई. लोग इस वीडियो को न केवल पसंद कर रहे हैं बल्कि इस पर मजेदार चुटकी भी ले रहे हैं. एक यूज़र ने मजाकिया लहजे में लिखा कि यह युवक कभी भारत आया होगा और यहीं से रेसिपी सीखकर अपने देश ले गया. वहीं एक अन्य यूज़र ने इस अनोखे स्टॉल को नाम देते हुए लिखा कि यह असली 'अफ़्रीका पानीपूरी' है. ग्लोबलाइजेशन के इस दौर में भारतीय स्ट्रीट फूड का ऐसा जलवा देखकर हर भारतीय का चेहरा खिल उठा है.

बीजेपी का विरोध करने वाली सायनी घोष, अब उसी पार्टी के लिए मांग सकती हैं वोट
पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कभी बीजेपी का विरोध करने वाली सांसद सायनी घोष अब उसी पार्टी के पक्ष में प्रचार करती नजर आ सकती हैं। इस सियासी घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है।
पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कभी बीजेपी का विरोध करने वाली सांसद सायनी घोष अब उसी पार्टी के पक्ष में प्रचार करती नजर आ सकती हैं। इस सियासी घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है।
सियासी समीकरणों में आया नाटकीय बदलाव
राजनीति की दुनिया में कब कौन सा पासा पलट जाए, इसका अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल होता है। पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों कुछ ऐसा ही दिलचस्प और हैरान करने वाला नजारा देखने को मिल रहा है। एनसीपी ने राज्य की दो महत्वपूर्ण सीटों यानी नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी के समर्थन में प्रचार करने का खुला ऐलान कर दिया है। इस घोषणा के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
सामने आ रही रिपोर्ट्स के अनुसार, कभी बीजेपी की मुखर विरोधी और सांसद के रूप में अपनी पहचान रखने वाली सायनी घोष अब बदली हुई परिस्थितियों में इसी पार्टी के पक्ष में वोट मांगती हुई दिखाई दे सकती हैं। यह बदलाव विश्लेषकों और आम जनता दोनों के लिए ही चौंकाने वाला है, क्योंकि दोनों राजनीतिक दलों के बीच वैचारिक दूरियां जगजाहिर रही हैं।
उपचुनाव की तारीखें और चुनावी हलचल
चुनावी आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए आगामी 6 अक्टूबर को मतदान संपन्न होगा। इसके ठीक तीन दिन बाद यानी 9 अक्टूबर को वोटों की गिनती की जाएगी और परिणामों की घोषणा होगी। तारीखों के नजदीक आने के साथ ही सभी राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
इस बीच, राजनीतिक हलकों में यह कयास भी लगाए जा रहे थे कि क्या इस समर्थन के पीछे कोई बड़ा राजनीतिक गठबंधन आकार ले रहा है। हालांकि, इन तमाम अटकलों और चर्चाओं के बीच भारतीय जनता पार्टी ने साफ तौर पर किसी भी तरह के राजनीतिक गठबंधन की संभावना से पूरी तरह इनकार कर दिया है। पार्टी के रुख से यह स्पष्ट होता है कि चुनावी मैदान में मुकाबला अपने दम पर लड़ा जाएगा, भले ही बाहरी समर्थन के समीकरण कुछ भी क्यों न बन रहे हों।

जैकलीन फर्नांडिस को मिली बड़ी राहत, मकोका केस में कोर्ट का फैसला
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बहुचर्चित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े दो सौ करोड़ रुपये के रंगदारी मामले में अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस और लीपाक्षी एलावाड़ी को एक बड़ी राहत प्रदान की है। अदालत ने इन दोनों को अतिरिक्त आरोपी के रूप में तलब करने की याचिका को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बहुचर्चित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े दो सौ करोड़ रुपये के रंगदारी मामले में अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस और लीपाक्षी एलावाड़ी को एक बड़ी राहत प्रदान की है। अदालत ने इन दोनों को अतिरिक्त आरोपी के रूप में तलब करने की याचिका को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
राहत का पूरा सच और अदालत का फैसला
सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े मकोका केस में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने यह अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि सह-आरोपी पिंकी ईरानी के बयानों से इस मामले में जैकलीन फर्नांडिस और लीपाक्षी एलावाड़ी की संलिप्तता या भूमिका साबित नहीं होती है। इस स्पष्टीकरण के बाद दोनों अभिनेत्रियों के लिए यह कानूनी रूप से एक बड़ी राहत माना जा रहा है।
किसने दायर की थी खारिज हुई याचिका
न्यायालय के समक्ष यह याचिका सुकेश चंद्रशेखर के करीबी सहयोगी नवास कक्कट द्वारा दाखिल की गई थी। इस याचिका के जरिए मांग की गई थी कि जैकलीन फर्नांडिस और लीपाक्षी एलावाड़ी को इस मामले में अतिरिक्त आरोपी बनाया जाए। हालांकि, कोर्ट ने सुनवाई के बाद इस मांग को खारिज कर दिया, जिससे याचिकाकर्ता को झटका लगा है।

सीएम धामी का राहुल गांधी पर तीखा हमला, संस्कारों पर उठाए सवाल
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माता का उपहास उड़ाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि राहुल पूरी तरह सेंसलेस हो चुके हैं और उनके परिवार ने उन्हें सही संस्कार नहीं दिए हैं।
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माता का उपहास उड़ाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि राहुल पूरी तरह सेंसलेस हो चुके हैं और उनके परिवार ने उन्हें सही संस्कार नहीं दिए हैं।
सीएम धामी की तीखी प्रतिक्रिया
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के खिलाफ बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। एक सार्वजनिक मंच से बोलते हुए उन्होंने राहुल गांधी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माता का अपमान करने का सीधा आरोप लगाया। मुख्यमंत्री का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है और दोनों दलों के बीच का तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है।
संस्कारों और गरिमा पर सवाल
मुख्यमंत्री धामी ने राहुल गांधी के बयानों को लेकर उनके संस्कारों पर ही सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि राहुल गांधी बिल्कुल सेंसलेस हो गए हैं और उनकी मां तथा बहन ने उन्हें ऐसे संस्कार नहीं दिए हैं कि वे देश के प्रधानमंत्री और उनकी मां का सम्मान कर सकें। धामी के इस बयान ने राजनीतिक बहसों को एक बेहद व्यक्तिगत और तीखा मोड़ दे दिया है।
प्रधानमंत्री के कद और योगदान का जिक्र
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक कद और उनके लंबे अनुभव का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी उम्र और अनुभव दोनों ही मामलों में राहुल गांधी से काफी बड़े हैं। इसके साथ ही उन्होंने देश के प्रति प्रधानमंत्री के अमूल्य योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्र को बहुत कुछ दिया है और इस तरह का उपहास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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