
टेक दिग्गज का बड़ा फैसला: दो महीने में Apple की दूसरी छंटनी
ग्लोबल टेक दिग्गज एप्पल ने दो महीनों के भीतर दूसरी बार कर्मचारियों की छंटनी की है। हाल ही में कंपनी ने अपनी 'फिटनेस' टीम के कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया है। इससे पहले अगस्त में भी सिरी और विजन प्रो जैसी मुख्य टीमों से 200 से अधिक कर्मियों को हटाया गया था।
खबर का निचोड़
ग्लोबल टेक दिग्गज एप्पल ने दो महीनों के भीतर दूसरी बार कर्मचारियों की छंटनी की है। हाल ही में कंपनी ने अपनी 'फिटनेस' टीम के कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया है। इससे पहले अगस्त में भी सिरी और विजन प्रो जैसी मुख्य टीमों से 200 से अधिक कर्मियों को हटाया गया था।
Apple का नया झटका: फिटनेस टीम पर गिरी गाज
दुनिया की सबसे मूल्यवान टेक कंपनियों में शुमार एप्पल (Apple) के गलियारों से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। कंपनी ने दो महीने से भी कम समय के भीतर दूसरी बार छंटनी का कदम उठाया है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार एप्पल ने अपनी 'फिटनेस' डिविजन में काम कर रहे कई कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। इस अचानक फैसले ने टेक जगत में फिर से हलचल मचा दी है।
अगस्त में भी हुई थी बड़े पैमाने पर कटौती
यह पहला मौका नहीं है जब एप्पल ने अपने कर्मचारियों को इस तरह का झटका दिया है। इससे ठीक पहले अगस्त के महीने में भी कंपनी ने एक बड़ा पुनर्गठन किया था। उस दौरान 'सिरी' (Siri), 'विजन प्रो' (Vision Pro) और 'इंटेलिजेंट सिस्टम्स एक्सपीरियंस' (Intelligent Systems Experience) जैसी एडवांस तकनीकों पर काम कर रही टीमों से 200 से अधिक कुशल कर्मचारियों को बाहर कर दिया गया था। महज आठ हफ्तों के भीतर लगातार दूसरी बार हुई इस कटौती से कर्मचारियों के बीच अनिश्चितता का माहौल है।
रीस्ट्रक्चरिंग और बदलती प्राथमिकताएं
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि एप्पल का यह कदम उसकी आंतरिक रणनीतियों और प्राथमिकताओं में हो रहे बड़े बदलावों की ओर इशारा करता है। टेक इंडस्ट्री में जहां एक तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नेक्स्ट-जनरेशन हार्डवेयर पर भारी निवेश हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ कंपनियां अपने गैर-ज़रूरी या कम प्रदर्शन करने वाले प्रोजेक्ट्स पर खर्च कम कर रही हैं। फिटनेस टीम में हुई छंटनी को भी इसी रीस्ट्रक्चरिंग प्रोसेस का हिस्सा माना जा रहा है।
वैश्विक टेक सेक्टर में छंटनी का दौर
एप्पल जैसी स्थिर मानी जाने वाली कंपनी में बार-बार हो रही छंटनी यह साबित करती है कि वैश्विक आर्थिक दबाव और टेक सेक्टर का संकट अभी पूरी तरह टला नहीं है। भले ही एप्पल अन्य बड़ी टेक कंपनियों की तुलना में बड़े पैमाने पर छंटनी से बचती रही हो, लेकिन हालिया फैसलों से साफ है कि अब वह भी संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर बेहद सख्त रुख अपना रही है। यह देखना अहम होगा कि आने वाले समय में कंपनी अपनी प्रोजेक्ट प्राथमिकताओं को किस तरह री-डिजाइन करती है।

5 दिन बंद रह सकते हैं बैंक, SBI ने जारी की एडवाइज़री
सितंबर के अंत में लगातार 5 दिनों तक बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस की 3-दिवसीय हड़ताल और वीकेंड के कारण 26 से 30 सितंबर तक बैंक शाखाएं बंद रहने की संभावना है। स्थिति को देखते हुए देश के सबसे बड़े बैंक SBI ने ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण एडवाइज़री जारी की है।
5 दिन बंद रह सकते हैं बैंक, SBI ने जारी की एडवाइज़री
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सितंबर के अंत में लगातार 5 दिनों तक बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस की 3-दिवसीय हड़ताल और वीकेंड के कारण 26 से 30 सितंबर तक बैंक शाखाएं बंद रहने की संभावना है। स्थिति को देखते हुए देश के सबसे बड़े बैंक SBI ने ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण एडवाइज़री जारी की है।
बैंकिंग सेवाओं पर मंडराया संकट
अगर आप इस महीने के अंत में बैंक शाखा जाकर कोई ज़रूरी काम निपटाने की योजना बना रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। सितंबर के आखिरी दिनों में देशभर के बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप रह सकता है। बैंक कर्मचारियों के संगठन 'यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस' (UFBU) ने 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। हड़ताल से ठीक पहले शनिवार और रविवार पड़ने की वजह से 26 से 30 सितंबर तक लगातार 5 दिनों के लिए बैंक शाखाएं बंद रह सकती हैं।
SBI की ग्राहकों को सलाह
लगातार 5 दिनों तक शाखाएं बंद रहने की आशंका के बीच भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने करोड़ों ग्राहकों के लिए एक विशेष एडवाइज़री जारी की है। बैंक ने अपने ग्राहकों से अपील की है कि वे चेक क्लीयरेंस, ड्राफ्ट बनवाने या शाखा से जुड़े अन्य सभी ज़रूरी काम 25 सितंबर से पहले ही पूरे कर लें। इसके साथ ही, नकदी की किल्लत से बचने के लिए समय रहते ज़रूरी कैश का इंतज़ाम करने का सुझाव दिया गया है।
डिजिटल सेवाओं पर निर्भरता बढ़ेगी
SBI ने स्पष्ट किया है कि शाखाएं बंद रहने के दौरान भी बैंक की डिजिटल सेवाएं चालू रहेंगी। ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे लेनदेन के लिए UPI, इंटरनेट बैंकिंग, YONO ऐप और ATMs का इस्तेमाल करें। हालांकि, लगातार पांच दिनों की बंदी के कारण ATMs में कैश खत्म होने की चुनौती पैदा हो सकती है। ऐसे में बैंक ने अपनी तकनीकी टीमों को डिजिटल चैनलों और ATMs को सुचारू रूप से संचालित रखने का निर्देश दिया है।
हड़ताल की मुख्य वजहें
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस, जो कई बैंक यूनियनों का एक संयुक्त मंच है, लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज़ उठा रहा है। 5-डे बैंकिंग (सप्ताह में दो दिन छुट्टी), पेंशन में सुधार, रिक्त पदों पर नई भर्तियां और वेतन पुनरीक्षण की लंबित मांगों को लेकर कर्मचारी हड़ताल पर जा रहे हैं। यूनियनों का कहना है कि सरकार और प्रबंधन के साथ कई दौर की बातचीत बेनतीजा रहने के बाद उन्हें हड़ताल का यह कड़ा रास्ता चुनना पड़ा है।
आम जनता की बढ़ेगी परेशानी
महीने के आखिरी दिनों में बैंक बंद रहने से आम जनता के साथ-साथ कारोबारियों को भी बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। व्यापारिक लेनदेन रुकने, चेक क्लीयरेंस में देरी होने और बड़े नकद भुगतानों पर सीधा असर पड़ेगा। 25 सितंबर तक यदि सरकार या बैंक प्रबंधन के साथ यूनियनों की वार्ता सफल नहीं होती है, तो यह देशव्यापी हड़ताल तय मानी जा रही है।

ज़हीर खान बने CSK के नए हेड कोच, फ्लेमिंग की जगह संभालेंगे कमान
चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने IPL-2027 के लिए पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज ज़हीर खान को अपना नया हेड कोच नियुक्त किया है। ज़हीर दिग्गज स्टीफन फ्लेमिंग की जगह लेंगे, जिन्होंने 5 खिताब जिताने के बाद जुलाई में इस्तीफा दिया था। इससे पहले ज़हीर लखनऊ सुपर जायंट्स के मेंटॉर की भूमिका निभा चुके हैं।
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चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने IPL-2027 के लिए पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज ज़हीर खान को अपना नया हेड कोच नियुक्त किया है। ज़हीर दिग्गज स्टीफन फ्लेमिंग की जगह लेंगे, जिन्होंने 5 खिताब जिताने के बाद जुलाई में इस्तीफा दिया था। इससे पहले ज़हीर लखनऊ सुपर जायंट्स के मेंटॉर की भूमिका निभा चुके हैं।
चेन्नई सुपर किंग्स में नए युग का आगाज
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की सबसे सफल टीमों में से एक चेन्नई सुपर किंग्स ने अपने कोचिंग स्टाफ में एक ऐतिहासिक बदलाव का ऐलान किया है। आगामी IPL-2027 सीजन से पहले फ्रैंचाइजी ने भारत के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज ज़हीर खान को टीम का नया हेड कोच नियुक्त किया है। यह फैसला CSK के प्रशंसकों के लिए बेहद खास है, क्योंकि लंबे समय बाद टीम की कमान किसी भारतीय कोच के हाथों में सौंपी गई है।
स्टीफन फ्लेमिंग के शानदार सफर का अंत
ज़हीर खान की यह नियुक्ति स्टीफन फ्लेमिंग के पद छोड़ने के बाद हुई है। फ्लेमिंग साल 2009 से लगातार CSK के हेड कोच के रूप में सेवाएं दे रहे थे। उनके सफल मार्गदर्शन में चेन्नई ने 5 बार IPL ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। लगभग डेढ़ दशक तक टीम को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के बाद फ्लेमिंग ने बीते जुलाई महीने में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके जाने के बाद से ही नए हेड कोच के नाम को लेकर क्रिकेट गलियारों में काफी चर्चाएं थीं।
ज़हीर खान का अनुभव और नई चुनौती
ज़हीर खान केवल अपनी बेहतरीन गेंदबाजी ही नहीं, बल्कि अपने रणनीतिक दिमाग के लिए भी जाने जाते हैं। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट का विशाल अनुभव रखने वाले ज़हीर IPL में प्रबंधन और मेंटरशिप का अच्छा-खासा अनुभव रखते हैं। IPL-2025 में वे लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के मेंटॉर की भूमिका में थे, जहां उनकी रणनीतियों की काफी सराहना हुई थी।
अब चेन्नई सुपर किंग्स जैसी दिग्गज फ्रैंचाइजी के साथ जुड़ना उनके करियर का एक नया और बड़ा अध्याय है। CSK अपनी निरंतरता और अनुशासित खेल संस्कृति के लिए जानी जाती है। ऐसे में ज़हीर खान के सामने फ्लेमिंग की विरासत को आगे ले जाने और युवा गेंदबाजों के साथ-साथ पूरी टीम को एक नई दिशा देने की अहम जिम्मेदारी होगी।
प्रशंसकों में नए सीजन को लेकर उत्साह
CSK द्वारा इस निर्णय की घोषणा के बाद से ही फैंस में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। भारतीय क्रिकेट के सबसे चतुर तेज गेंदबाजों में गिने जाने वाले ज़हीर खान और धोनी-ऋतुराज की जोड़ी मिलकर क्या नई रणनीतियां बनाती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी। IPL-2027 के इस नए दौर में चेन्नई की पीली जर्सी में ज़हीर खान का यह नया अवतार मैदान पर क्या जादू चलाता है, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा।

कौन हैं स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि? विवादों में घिरे
स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई अपनी व्यंग्यात्मक टिप्पणियों के कारण विवादों के घेरे में आ गए हैं। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो वायरल होने के बाद से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। बढ़ते विरोध और सुरक्षा कारणों के चलते उनके कई आगामी शोज भी रद्द कर दिए गए हैं।
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स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई अपनी व्यंग्यात्मक टिप्पणियों के कारण विवादों के घेरे में आ गए हैं। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो वायरल होने के बाद से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। बढ़ते विरोध और सुरक्षा कारणों के चलते उनके कई आगामी शोज भी रद्द कर दिए गए हैं।
कॉमेडी से खड़ा हुआ नया विवाद
देश के स्टैंड-अप कॉमेडी जगत में एक बार फिर राजनीतिक व्यंग्य और अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर बहस छिड़ गई है। इस बार विवादों के केंद्र में हैं युवा स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि। अपने बेबाक अंदाज और तीखे व्यंग्य के लिए जाने जाने वाले पुलकित का एक हालिया शो उनके लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। इस शो के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की नीतियों पर चुटीले अंदाज में तंज कसा था।
जैसे ही इस शो की क्लिप्स सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हुईं, वैसे ही यह मामला गरमा गया। इंटरनेट पर लोगों के दो गुट बन गए हैं—एक तरफ जहां उनके समर्थक इसे महज 'कॉमेडी और आर्ट' बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री पर की गई टिप्पणी से नाराज लोग कॉमेडियन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
मिल रही धमकियां और शोज पर ब्रेक
वीडियो वायरल होने के बाद से ही पुलकित मणि को सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया जा रहा है। बात सिर्फ ऑनलाइन ट्रोलिंग तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्हें लगातार फोन और मैसेज के जरिए धमकियां भी मिल रही हैं। सुरक्षा चिंताओं और संभावित विरोध-प्रदर्शनों के डर से कई आयोजकों ने कदम पीछे खींच लिए हैं।
देश के अलग-अलग शहरों में आयोजित होने वाले उनके आगामी स्टैंड-अप शोज को आयोजकों द्वारा एक-एक करके रद्द किया जा रहा है। जिन वेन्यूज पर उनके कार्यक्रम प्रस्तावित थे, वहां भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आयोजक कोई जोखिम नहीं उठाना चाहते। इस स्थिति ने पुलकित मणि के करियर पर फिलहाल के लिए एक बड़ा ब्रेक लगा दिया है।
कौन हैं पुलकित मणि?
पुलकित मणि भारतीय स्टैंड-अप कॉमेडी सीन का एक उभरता हुआ नाम हैं। वे अपने ओपन माइक शोज और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हुए हैं। उनकी कॉमेडी का मुख्य हिस्सा समकालीन मुद्दों, युवा जीवनशैली और राजनीतिक व्यंग्य के इर्द-गिर्द घूमता है। वे अक्सर समाज और राजनीति के ज्वलंत विषयों पर चुटकी लेते रहे हैं, लेकिन इस बार का विवाद उनके अब तक के करियर का सबसे बड़ा संकट बन चुका है।
कला और अभिव्यक्ति की सीमा पर बहस
यह पहली बार नहीं है जब किसी स्टैंड-अप कॉमेडियन को अपने राजनीतिक व्यंग्य के कारण इस तरह के विरोध का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले भी कई मशहूर कॉमेडियन्स अपने बयानों और एक्ट्स के चलते कानूनी पचड़ों, शोज के कैंसिलेशन और धमकियों का सामना कर चुके हैं। पुलकित मणि के इस मामले ने एक बार फिर इस बहस को जिंदा कर दिया है कि कॉमेडी में सीमा कहां तय होनी चाहिए और राजनीतिक तंज पर इस तरह का विरोध कितना सही है। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम पर पुलकित मणि की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

13 करोड़ की रोल्स रॉयस में दिखीं मैथिली ठाकुर, उठीं संपत्ति पर उंगलियां
बिहार की विधायक और मशहूर गायिका मैथिली ठाकुर मुंबई में 13 करोड़ रुपये की रोल्स रॉयस कार में नजर आईं, जिसके बाद नया विवाद छिड़ गया है। 4 करोड़ रुपये की घोषित संपत्ति के मुकाबले इतनी महंगी कार दिखने पर वाशी RTO रजिस्ट्रेशन और पारदर्शिता को लेकर बीजेपी सांसद कंगना रनौत समेत कई नेताओं ने सवाल खड़े किए हैं।
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बिहार की विधायक और मशहूर गायिका मैथिली ठाकुर मुंबई में 13 करोड़ रुपये की रोल्स रॉयस कार में नजर आईं, जिसके बाद नया विवाद छिड़ गया है। 4 करोड़ रुपये की घोषित संपत्ति के मुकाबले इतनी महंगी कार दिखने पर वाशी RTO रजिस्ट्रेशन और पारदर्शिता को लेकर बीजेपी सांसद कंगना रनौत समेत कई नेताओं ने सवाल खड़े किए हैं।
विवाद की वजह
लोकप्रिय गायिका और बिहार की विधायक मैथिली ठाकुर एक बार फिर से सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका कोई लोकगीत नहीं बल्कि एक लग्जरी कार है। 15 सितंबर 2026 को मुंबई की सड़कों पर मैथिली ठाकुर को लगभग 13 करोड़ रुपये की चमचमाती रोल्स रॉयस कार में देखा गया। इस घटना का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होते ही राजनीतिक और आम गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
4 करोड़ की संपत्ति और 13 करोड़ की कार
विवाद की मुख्य वजह मैथिली ठाकुर द्वारा चुनावी हलफनामे में घोषित की गई उनकी कुल संपत्ति है। आधिकारिक दस्तावेजों के मुताबिक, उनकी कुल घोषित संपत्ति करीब 4 करोड़ रुपये है। ऐसे में 13 करोड़ रुपये की अति-लग्जरी कार में उनका दिखना कई सवाल खड़े कर रहा है। लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि 4 करोड़ की संपत्ति वाली विधायक इतनी महंगी गाड़ी की मालिक कैसे हो सकती हैं। फिलहाल यह पूरी तरह साफ नहीं हो पाया है कि यह कार मैथिली ठाकुर की निजी संपत्ति है, किराए पर ली गई है या फिर किसी शुभचिंतक की है।
वाशी RTO रजिस्ट्रेशन और राजनीतिक बयानबाजी
मामले की जांच-पड़ताल में यह बात सामने आई है कि इस रोल्स रॉयस कार का रजिस्ट्रेशन नवी मुंबई के वाशी RTO (क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय) से जुड़ा हुआ है। कार के मालिकाना हक को लेकर संशय बना हुआ है, जिससे कयासों का बाजार और गर्म हो गया है। इस पूरे घटनाक्रम पर भारतीय जनता पार्टी की सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। कंगना ने जनसेवा में सादगी को पूरी तरह अनिवार्य तो नहीं माना, लेकिन उन्होंने जनप्रतिनिधियों की संपत्ति और उनके जीवन स्तर में पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
सादगी बनाम लग्जरी की बहस
एक तरफ जहां मैथिली ठाकुर के समर्थक इसे उनकी गायकी और मेहनत से अर्जित सफलता से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं आलोचक एक जनप्रतिनिधि के इस तरह के प्रदर्शन पर सवाल उठा रहे हैं। भारतीय राजनीति में नेताओं की सादगी और उनके आय के स्रोतों को लेकर हमेशा से कड़े मानदंड रहे हैं। अब देखना यह होगा कि इस बढ़ते विवाद पर मैथिली ठाकुर या उनकी टीम की तरफ से क्या आधिकारिक सफाई आती है।
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