
5 साल में 4 गुना रिटर्न, BofA ने कहा- खरीदो यह शेयर
रियल एस्टेट दिग्गज फीनिक्स मिल्स के शेयर ने बीते 5 सालों में निवेशकों की संपत्ति 4 गुना से ज्यादा बढ़ा दी है। अब वैश्विक ब्रोकरेज फर्म बैंक ऑफ अमेरिका (BOFA) सिक्योरिटीज ने इस शेयर पर 'बाय' रेटिंग देते हुए ₹2,300 का टारगेट प्राइस तय किया है, जो मौजूदा स्तर से 24% तक की तेजी का संकेत देता है।
खबर का निचोड़
रियल एस्टेट दिग्गज फीनिक्स मिल्स के शेयर ने बीते 5 सालों में निवेशकों की संपत्ति 4 गुना से ज्यादा बढ़ा दी है। अब वैश्विक ब्रोकरेज फर्म बैंक ऑफ अमेरिका (BOFA) सिक्योरिटीज ने इस शेयर पर 'बाय' रेटिंग देते हुए ₹2,300 का टारगेट प्राइस तय किया है, जो मौजूदा स्तर से 24% तक की तेजी का संकेत देता है।
BofA की 'बाय' रेटिंग और दमदार टारगेट
दिग्गज वैश्विक ब्रोकरेज फर्म बैंक ऑफ अमेरिका (BOFA) सिक्योरिटीज ने फीनिक्स मिल्स के शेयर पर अपनी कवरेज की शुरुआत कर दी है। ब्रोकरेज ने कंपनी के मजबूत बिजनेस मॉडल और रिटेल एसेट पोर्टफोलियो पर भरोसा जताते हुए इसे 'बाय' (Buy) रेटिंग दी है। BofA ने इस शेयर के लिए ₹2,300 का टारगेट प्राइस निर्धारित किया है। बुधवार के क्लोजिंग प्राइस की तुलना में यह टारगेट निवेशकों के लिए लगभग 24% की शानदार संभावित तेजी का रास्ता साफ करता है।
5 सालों में निवेशकों को मिला बंपर रिटर्न
फीनिक्स मिल्स का पिछला प्रदर्शन इसके निवेशकों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हुआ है। लंबी अवधि के दांव ने बाजार में नए कीर्तिमान रचे हैं। बीते 5 वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस शेयर ने अपने शेयरधारकों के पैसे को चार गुना से भी ज्यादा कर दिया है। रिटेल और कमर्शियल रियल एस्टेट क्षेत्र में लगातार मजबूत पकड़ बनाए रखने के कारण कंपनी का मार्केट कैप और शेयर वैल्यूएशन तेजी से ऊपर चढ़ा है, जिससे रिटेल निवेशकों को मल्टीबैगर रिटर्न मिला है।
क्यों दांव लगा रहे हैं बड़े निवेशक?
फीनिक्स मिल्स भारत के प्रमुख शहरों में लग्जरी शॉपिंग मॉल्स, एंटरटेनमेंट जोन और प्रीमियम कमर्शियल स्पेस के निर्माण और प्रबंधन के लिए जानी जाती है। देश में प्रीमियम रिटेल स्पेस की बढ़ती मांग और कंज्यूमर स्पेंडिंग में उछाल का सीधा फायदा कंपनी को मिल रहा है। प्रमुख लोकेशनों पर स्थित इसके 'फीनिक्स मार्केटसिटी' और 'पैलैडियम' जैसे मॉल्स लगातार बेहतर रेंटल इनकम और ऑक्यूपेंसी रेट दर्ज कर रहे हैं। यही वजह है कि बड़े संस्थागत निवेशक और ब्रोकरेज हाउस इस स्टॉक को लेकर काफी सकारात्मक रुख अपना रहे हैं।
बाजार में शेयर की मजबूत स्थिति
ब्रोकरेज की इस रिपोर्ट के बाद दलाल स्ट्रीट पर फीनिक्स मिल्स के शेयरों में हलचल तेज हो गई है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी का कैश फ्लो और नए प्रोजेक्ट्स का पाइपलाइन आने वाले समय में इसके रेवेन्यू को और मजबूती देगा। रियल एस्टेट सेक्टर में सुदृढ़ बैलेंस शीट और प्रीमियम रिटेल एसेट्स के दम पर फीनिक्स मिल्स लगातार दूसरे कॉम्पिटिटर्स से आगे निकल रही है। BofA का यह नया टारगेट इस बात को पुख्ता करता है कि शेयर में आगे भी बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।

राम मंदिर फैसले पर स्वरा भास्कर ने खान तिगड़ी से क्यों मांगी माफी? जानिए पूरा मामला
बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने राम जन्मभूमि मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान से माफी मांगी थी। हाल ही में एक पॉडकास्ट में इसका खुलासा करते हुए उन्होंने कहा कि एक हिंदू होने के नाते वह इस फैसले से शर्मिंदा थीं और अपने मुस्लिम दोस्तों के सामने अपनी संवेदनाएं व्यक्त करना चाहती थीं।
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बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने राम जन्मभूमि मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान से माफी मांगी थी। हाल ही में एक पॉडकास्ट में इसका खुलासा करते हुए उन्होंने कहा कि एक हिंदू होने के नाते वह इस फैसले से शर्मिंदा थीं और अपने मुस्लिम दोस्तों के सामने अपनी संवेदनाएं व्यक्त करना चाहती थीं।
स्वरा भास्कर का नया खुलासा
अपने बेबाक और मुखर अंदाज के लिए मशहूर बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान उन्होंने साल 2019 में राम जन्मभूमि मामले पर आए सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले से जुड़ा एक बेहद निजी और राजनीतिक किस्सा साझा किया। स्वरा ने खुलासा किया कि इस फैसले के आने के तुरंत बाद उन्होंने हिंदी सिनेमा के तीनों बड़े सुपरस्टार्न—शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान को व्यक्तिगत संदेश भेजकर माफी मांगी थी।
'एक हिंदू होने के नाते मुझे शर्मिंदगी महसूस हुई'
स्वरा भास्कर ने बातचीत के दौरान अपने इस कदम के पीछे की वजह को खुलकर स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के बाद वह काफी परेशान हो गई थीं। एक नागरिक और हिंदू पहचान रखने वाले व्यक्ति के तौर पर उन्हें लगा कि इस फैसले ने देश के अल्पसंख्यक समुदाय, विशेषकर मुसलमानों के मन में असुरक्षा और बेगानेपन की भावना को जन्म दिया है। स्वरा के अनुसार, वह अपने मुस्लिम दोस्तों को यह अहसास कराना चाहती थीं कि देश में बहुसंख्यक समाज का हर व्यक्ति इस घटनाक्रम से सहमत नहीं है और कोई ऐसा भी है जो उनके दर्द को समझता है।
खान तिगड़ी को भेजा व्यक्तिगत संदेश
इसी भावना के तहत स्वरा ने फिल्म उद्योग के तीनों दिग्गज अभिनेताओं—शाहरुख, सलमान और आमिर को मेसेज किया। हालांकि, स्वरा ने यह साफ नहीं किया कि इन तीनों अभिनेताओं की तरफ से उनके इस मेसेज का क्या जवाब आया था, लेकिन उनका यह कदम उनके निजी रुख और सामाजिक दृष्टिकोण को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। स्वरा का मानना है कि उस वक्त अपने दोस्तों और सहयोगियों के साथ खड़े होना और अपनी संवेदना जाहिर करना उनके लिए नैतिक रूप से बेहद आवश्यक था।
सोशल मीडिया और सार्वजनिक जीवन में तीखी प्रतिक्रिया
स्वरा भास्कर का यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। अपनी राजनीतिक राय और सामाजिक मुद्दों पर बेबाकी से बोलने के कारण स्वरा अक्सर आलोचकों के निशाने पर रहती हैं। जहां एक वर्ग उनके इस कदम को व्यक्तिगत संवेदनशीलता और भाईचारे की मिसाल मान रहा है, वहीं दूसरा वर्ग इसे महज़ ध्यान खींचने का जरिया बताकर उनकी आलोचना कर रहा है। इसके बावजूद, स्वरा अपने विचारों पर अडिग नजर आती हैं।

कबाड़ से कुबेर: सरकार ने पुरानी फाइलें और कबाड़ बेचकर कमाए ₹5,100 करोड़
सरकार ने कबाड़ बेचकर पिछले 5 साल में कमाए ₹5,100 करोड़
केंद्र सरकार ने बताया है कि पिछले 5 वर्षों में कबाड़ बेचकर ₹5,102 करोड़ कमाए गए हैं। इस दौरान लगभग 1,000 लाख वर्ग फीट ऑफिस स्पेस खाली कराए गए और 24 लाख से ज़्यादा जगहों पर सफाई अभियान चलाए गए। साथ ही रिकॉर्ड मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के लिए 5 वर्षों में लगभग 2 करोड़ फाइलों को हटाया गया।
खबर का निचोड़
केंद्र सरकार ने कबाड़ प्रबंधन और सफाई अभियानों के जरिए पिछले 5 सालों में ₹5,102 करोड़ की रिकॉर्ड कमाई की है। इस महा-अभियान के दौरान 2 करोड़ अनावश्यक फाइलों को हटाकर लगभग 1,000 लाख वर्ग फीट दफ्तरी जगह खाली कराई गई और 24 लाख से अधिक स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाया गया।
सरकारी दफ्तरों से निकला खजाना
सरकारी महकमों में सालों से धूल फांक रही पुरानी फाइलों और कबाड़ को लेकर अक्सर लोग चुटकियां लेते थे, लेकिन केंद्र सरकार ने इसी कबाड़ को कमाई का बड़ा जरिया बना दिया है। पिछले 5 वर्षों के दौरान चलाए गए विशेष अभियानों के तहत बेकार पड़े सामान, पुराने वाहनों और अनुपयोगी उपकरणों की नीलामी करके ₹5,102 करोड़ की भारी-भरकम राशि जुटाई गई है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि अगर सही प्रबंधन और इच्छाशक्ति हो, तो बेकार समझी जाने वाली चीजें भी देश के खजाने में बड़ा योगदान दे सकती हैं।
खाली हुई 1,000 लाख वर्ग फीट जगह
कबाड़ हटाने का यह फैसला केवल आर्थिक कमाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने सरकारी कार्यालयों का नक्शा ही बदल दिया। बेकार पड़ी फाइलों, टूटे फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक कचरे को हटाने से लगभग 1,000 लाख वर्ग फीट ऑफिस स्पेस खाली हुआ है। इतनी बड़ी जगह का दोबारा उपयोग अब कामकाज के बेहतर संचालन, नए विभागों की स्थापना और कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था सुधारने के लिए किया जा रहा है। जो जगह कभी कबाड़खाना बनी हुई थी, वहां अब साफ-सुथरा और आधुनिक कार्य माहौल तैयार हो चुका है।
2 करोड़ फाइलों का निपटारा और डिजिटल क्रांति
अक्सर सरकारी फाइलों के जाल में काम अटकने की शिकायतें सामने आती थीं, लेकिन रिकॉर्ड मैनेजमेंट में सुधार लाते हुए प्रशासन ने पिछले 5 सालों में लगभग 2 करोड़ पुरानी और अनावश्यक फाइलों को हमेशा के लिए हटा दिया है। फाइलों के इस व्यवस्थित छंटनी अभियान से न केवल कागजी बोझ कम हुआ है, बल्कि डिजिटलीकरण की प्रक्रिया को भी नई रफ्तार मिली है। महत्वपूर्ण दस्तावेजों को डिजिटल रूप में सुरक्षित किया गया है, जिससे फाइलों की खोज और प्रशासनिक फैसलों में लगने वाला समय काफी घट गया है।
24 लाख जगहों पर चला स्वच्छता का चाबुक
देशव्यापी स्तर पर चलाए गए इस विशेष स्वच्छता अभियान का दायरा बहुत व्यापक रहा। देश भर के केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और उनसे जुड़े लगभग 24 लाख से अधिक स्थानों पर व्यापक सफाई की गई। इस पहल ने न केवल दफ्तरों की कार्यशैली में अनुशासन और पारदर्शिता को बढ़ावा दिया है, बल्कि सरकारी विभागों के प्रति जनता के दृष्टिकोण को भी बदला है। स्वच्छता और बेहतर प्रबंधन का यह मॉडल अब भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था की नई पहचान बनता जा रहा है।

EMI नहीं भरी तो रिकवरी एजेंट नहीं छीन पाएंगे गाड़ी, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
बैंक या फाइनेंस कंपनियां लोन डिफॉल्ट होने पर जबरन वाहन नहीं छीन सकतीं। सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के एक मामले में चोलमंडलम फाइनेंस को रिकवरी के नाम पर गुंडागर्दी करने के लिए फटकार लगाई और पीड़ित को ₹10 लाख का मुआवजा देने का ऐतिहासिक आदेश दिया। कोर्ट ने साफ किया कि रिकवरी कानून के दायरे में होगी, दादागिरी से नहीं।
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बैंक या फाइनेंस कंपनियां लोन डिफॉल्ट होने पर जबरन वाहन नहीं छीन सकतीं। सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के एक मामले में चोलमंडलम फाइनेंस को रिकवरी के नाम पर गुंडागर्दी करने के लिए फटकार लगाई और पीड़ित को ₹10 लाख का मुआवजा देने का ऐतिहासिक आदेश दिया। कोर्ट ने साफ किया कि रिकवरी कानून के दायरे में होगी, दादागिरी से नहीं।
बैंक और रिकवरी एजेंटों की मनमानी पर सुप्रीम कोर्ट का चाबुक
अगर आपने कार या बाइक लोन पर ली है और किसी कारणवश किस्त रुक गई है, तो बैंक के रिकवरी एजेंट आपके घर के बाहर आकर गुंडागर्दी नहीं कर सकते। सुप्रीम कोर्ट ने एक बेहद अहम और कड़ा फैसला सुनाते हुए साफ कर दिया है कि लोन चुकाने में चूक होने पर बैंक को गाड़ी वापस लेने का अधिकार जरूर है, लेकिन इसके लिए कानून को ताक पर रखकर जबरदस्ती या दादागिरी नहीं की जा सकती।
यूपी का मामला: 10 लाख रुपये का लगा भारी जुर्माना
यह पूरा मामला उत्तर प्रदेश का है, जहां चोलमंडलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंटों ने लोन डिफॉल्ट होने पर पीड़ित की गाड़ी को जबरन जब्त कर लिया था। पीड़ित ने फाइनेंस कंपनी की इस दबंगई के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने फाइनेंस कंपनी की कार्यप्रणाली पर सख्त नाराजगी जताई और कंपनी को पीड़ित को ₹10 लाख का भारी मुआवजा देने का सख्त आदेश सुनाया।
कानून का दायरा: वसूली के नाम पर गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं
अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि लोन की किश्त न मिलने पर वित्तीय संस्थाओं को अपनी बकाया राशि वसूलने की कानूनी अनुमति है, लेकिन इसके नाम पर किसी नागरिक की गरिमा और उसके अधिकारों का हनन नहीं किया जा सकता। रिकवरी के नाम पर बल प्रयोग, धमकी देना या जबरन सड़क से वाहन उठा लेना सरासर गैर-कानूनी है। बैंकों और एनबीएफसी (NBFC) को रिकवरी की प्रक्रिया केवल कानूनी नोटिस और उचित अदालती प्रक्रियाओं के माध्यम से ही पूरी करनी होगी।
आम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत
अक्सर देखने में आता है कि लोन डिफॉल्ट होते ही प्राइवेट रिकवरी एजेंट ग्राहकों को डराने-धमकाने लगते हैं और बिना किसी पूर्व सूचना के वाहन खींचकर ले जाते हैं। शीर्ष अदालत के इस फैसले से देश के करोड़ों वाहन लोन लेने वाले ग्राहकों को बड़ी राहत मिली है। अब कोई भी फाइनेंस कंपनी या बैंक मनमाने तरीके से रिकवरी एजेंटों के जरिए जबरदस्ती गाड़ी नहीं छीन पाएगा। अगर कोई संस्था ऐसा करती है, तो उसे कानूनी कार्रवाई और भारी मुआवजे का सामना करना पड़ेगा।

भारत और न्यू जीलैंड के बीच व्यापारिक रिश्तों में ऐतिहासिक नया अध्याय
न्यू जीलैंड की संसद ने भारत के साथ एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लागू करने के लिए महत्वपूर्ण कानून पारित किया है। इस रणनीतिक कदम से दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग, निर्यात के नए अवसर और द्विपक्षीय व्यापार को अभूतपूर्व गति मिलने की पूरी उम्मीद है।
न्यू जीलैंड की संसद ने भारत के साथ एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लागू करने के लिए महत्वपूर्ण कानून पारित किया है। इस रणनीतिक कदम से दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग, निर्यात के नए अवसर और द्विपक्षीय व्यापार को अभूतपूर्व गति मिलने की पूरी उम्मीद है।
भारत-न्यू जीलैंड व्यापार समझौता: नए युग की शुरुआत
दक्षिण प्रशांत महासागर की गोद में बसा खूबसूरत द्वीपीय देश न्यू जीलैंड इन दिनों वैश्विक कूटनीति के केंद्र में है। हाल ही में न्यू जीलैंड की संसद ने भारत के साथ होने वाले मुक्त व्यापार समझौते को अमली जामा पहनाने के लिए आवश्यक कानून को मंजूरी दे दी है। यह कदम दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए मील का पत्थर साबित होने जा रहा है, जिससे व्यापारिक बाधाएं कम होंगी और आपसी संबंधों को एक नई मजबूती मिलेगी।
भौगोलिक स्थिति और भू-भाग का अनूठा स्वरूप
ओशिनिया क्षेत्र का यह प्रमुख हिस्सा ऑस्ट्रेलिया के दक्षिण-पूर्व में स्थित है। यह देश मुख्य रूप से दो बड़े भू-भागों—उत्तर द्वीप और दक्षिण द्वीप में बंटा हुआ है, जिनके बीच कुक जलडमरूमध्य (Cook Strait) स्थित है। इसकी राजधानी वेलिंगटन है। यह क्षेत्र पैसिफिक रिंग ऑफ फायर का हिस्सा होने के कारण अपनी अनूठी भौगोलिक और प्राकृतिक बनावट के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है, जहां अक्सर भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियां दर्ज की जाती हैं।
प्रकृति की गोद में बसी असीम खूबियां और संपदा
न्यू जीलैंड की जलवायु उत्तर में गर्म उपोष्णकटिबंधीय से लेकर दक्षिण में ठंडे शीतोष्ण कटिबंध तक बेहद विविधतापूर्ण है। यहां का भूगोल प्राकृतिक चमत्कारों से भरा हुआ है। 12,316 फीट की ऊंचाई वाला माउंट कुक इस देश की सबसे ऊंची चोटी है, जबकि माउंट रुआपेहू एक सक्रिय ज्वालामुखी के रूप में जाना जाता है। देश का सबसे बड़ा तस्मान ग्लेशियर और सबसे बड़ी प्राकृतिक झील 'झील ताउपो' इसकी सुंदरता में चार चांद लगाते हैं। इसके अलावा, प्राकृतिक संसाधनों के मामले में भी यह देश काफी समृद्ध है, जहां स्वर्ण, रजत, आयरन सैंड, फॉस्फेट और चूना पत्थर जैसे महत्वपूर्ण खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
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