
ब्रिक्स 2026: भारतीय कूटनीति के सामने झुका चीन, घटी सेना
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के बाद भारत की मजबूत कूटनीति रंग लाई है। गलवान घाटी हिंसा के लगभग सात साल बाद चीन ने लद्दाख सीमा पर अपनी सैन्य मौजूदगी में भारी कटौती की है। चीनी सेना अब महज 10 कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड तक सीमित हो गई है, जबकि भारत ने अपनी आक्रामक पकड़ बनाए रखी है।
खबर का निचोड़
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के बाद भारत की मजबूत कूटनीति रंग लाई है। गलवान घाटी हिंसा के लगभग सात साल बाद चीन ने लद्दाख सीमा पर अपनी सैन्य मौजूदगी में भारी कटौती की है। चीनी सेना अब महज 10 कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड तक सीमित हो गई है, जबकि भारत ने अपनी आक्रामक पकड़ बनाए रखी है।
लद्दाख सीमा पर बदला शक्ति संतुलन
वर्ष 2026 के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के तुरंत बाद पूर्वी लद्दाख में कूटनीतिक और सामरिक परिदृश्य पूरी तरह बदल गया है। भारत के अडिग रुख और कुशल कूटनीति के सामने बीजिंग को अपने कदम पीछे खींचने पर मजबूर होना पड़ा है। साल 2020 की गलवान घाटी हिंसा के लगभग सात साल बाद यह पहला मौका है जब वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी का दबाव इतना कम हुआ है।
10 कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड तक सिमटी चीनी सेना
रक्षा मंत्रालय की नई रिपोर्ट के अनुसार, चीनी सेना ने लद्दाख से सटे इलाकों में अपनी मौजूदगी घटाकर केवल 10 कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड तक सीमित कर दी है। इससे पहले चीन ने सीमा पर भारी तादाद में बख्तरबंद वाहन, तोपखाने और हजारों सैनिक तैनात कर रखे थे। चीन की इस वापसी के विपरीत भारतीय सेना ने सीमा पर अपनी आक्रामक तैनाती और सतर्कता को पूरी तरह बरकरार रखा है, जिससे बीजिंग पर सामरिक दबाव साफ नजर आ रहा है।
'ऑपरेशन सिंदूर' और वायुसेना का पराक्रम
सीमा पर बने इस नए संतुलन में भारतीय वायु सेना की भूमिका भी निर्णायक साबित हुई है। रक्षा मंत्रालय ने अपने बयानों में 'ऑपरेशन सिंदूर' का विशेष उल्लेख करते हुए वायु सेना के पराक्रम और उसकी मजबूत एयर डिफेंस क्षमताओं को रेखांकित किया है। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय वायु सेना ने अत्याधुनिक मिसाइल प्रणालियों, राडार नेटवर्क और उच्च ऊंचाई वाले हवाई गश्त के जरिए सीमाओं पर अभेद्य सुरक्षा घेरा तैयार किया, जिसने चीनी वायुसेना की गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगा दिया।
गलवान हिंसा के 7 साल बाद मिली ऐतिहासिक कूटनीतिक जीत
गलवान घाटी की घटना के बाद से ही भारत ने वैश्विक मंचों पर स्पष्ट कर दिया था कि सीमा पर शांति स्थापित हुए बिना संबंधों का सामान्य होना असंभव है। ब्रिक्स 2026 के मंच पर भारत ने अपने आर्थिक और कूटनीतिक प्रभाव का ऐसा इस्तेमाल किया कि चीन को अपनी आक्रामक रणनीति बदलने के लिए बाध्य होना पड़ा। थलसेना की जमीनी मजबूती और वायुसेना की एयर डिफेंस क्षमताओं ने इस कूटनीतिक जीत का ठोस आधार तैयार किया है।

अभिषेक शर्मा का तूफान: भारत की अफगानिस्तान पर धमाकेदार जीत
भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में 7 विकेट से धमाकेदार जीत दर्ज की। अभिषेक शर्मा की 32 गेंदों में 82 रनों की तूफानी पारी और ईशान किशन के साथ 121 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी के दम पर भारत ने आसानी से लक्ष्य हासिल किया। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम ने 1-0 की बढ़त बना ली है।
खबर का निचोड़:
भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में 7 विकेट से धमाकेदार जीत दर्ज की। अभिषेक शर्मा की 32 गेंदों में 82 रनों की तूफानी पारी और ईशान किशन के साथ 121 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी के दम पर भारत ने आसानी से लक्ष्य हासिल किया। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम ने 1-0 की बढ़त बना ली है।
अभिषेक शर्मा का तूफान और विश्व रिकॉर्ड
भारतीय क्रिकेट टीम ने अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के पहले मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 विकेट से एकतरफा जीत हासिल की। इस मुकाबले में भारत के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का बल्ला जमकर गरजा। उन्होंने अपनी आक्रामक और बेखौफ बल्लेबाजी से विरोधी गेंदबाजों को पूरी तरह से बैकफुट पर धकेल दिया। अभिषेक ने महज 32 गेंदों पर 82 रनों की आतिशी पारी खेली, जिसमें कई गगनचुंबी छक्के और शानदार चौके शामिल थे।
अपनी इस विस्फोटक पारी के दौरान अभिषेक शर्मा ने टी20 क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया। वह इस छोटे प्रारूप में सबसे तेज 6000 रन पूरे करने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करने के क्रम में उन्होंने वेस्टइंडीज के दिग्गज ऑलराउंडर आंद्रे रसेल के रिकॉर्ड को भी ध्वस्त कर दिया। अभिषेक की इस तेज तर्रार बल्लेबाजी ने टी20 में रनों की गति का नया पैमाना तय किया है।
22 गेंदों में पचासा और ईशान के साथ रिकॉर्ड साझेदारी
अभिषेक की इस आक्रामक पारी की शुरुआत बेहद तेज रही। उन्होंने मैदान पर उतरते ही अफगान गेंदबाजों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया और महज 22 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। क्रीज पर उनका आत्मविश्वास देखने लायक था, जहां हर एक शॉट टाइमिंग और ताकत का बेहतरीन नमूना पेश कर रहा था।
दूसरे छोर पर मौजूद ईशान किशन ने भी अभिषेक का पूरा साथ निभाया। दोनों युवा बल्लेबाजों ने मिलकर दूसरे विकेट के लिए 121 रनों की विशाल और रिकॉर्डतोड़ साझेदारी की। इस शतकीय साझेदारी ने न सिर्फ अफगानिस्तान के गेंदबाजों के हौसले पस्त किए, बल्कि भारतीय टीम की जीत को पूरी तरह से पक्का कर दिया। ईशान किशन की समझदारी और अभिषेक के आक्रामक रुख के तालमेल ने मैदान पर रनों की बारिश कर दी।
श्रेयस अय्यर की कप्तानी में मजबूत शुरुआत
श्रेयस अय्यर की कप्तानी में खेल रही भारतीय टीम ने इस मुकाबले में हर मोर्चे पर अपना दबदबा बनाए रखा। टॉस से लेकर मैच के अंतिम क्षणों तक भारतीय टीम रणनीति के मामले में प्रतिद्वंद्वी टीम से काफी आगे नजर आई। गेंदबाजों के संतुलित प्रदर्शन के बाद बल्लेबाजों के धमाकेदार खेल ने मैच को पूरी तरह से एकतरफा बना दिया।
इस 7 विकेट की बड़ी जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की इस टी20 सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। सीरीज का आगाज इतने शानदार अंदाज में करने से भारतीय खेमे में भारी उत्साह का माहौल है। अब टीम इंडिया की नजरें अगले मुकाबले को जीतकर सीरीज पर कब्जा जमाने पर होंगी।

दिशा सालियान केस: CBI FIR दर्ज, महाराष्ट्र में हड़कंप
दिशा सालियान की संदिग्ध मौत के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने औपचारिक एफआईआर दर्ज कर ली है। इस जांच में आपराधिक साजिश, सामूहिक दुष्कर्म, हत्या और सबूत मिटाने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। मालवणी पुलिस से सभी दस्तावेज मांगे गए हैं। कई दिग्गज हस्तियों के नाम आने से राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है।
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दिशा सालियान की संदिग्ध मौत के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने औपचारिक एफआईआर दर्ज कर ली है। इस जांच में आपराधिक साजिश, सामूहिक दुष्कर्म, हत्या और सबूत मिटाने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। मालवणी पुलिस से सभी दस्तावेज मांगे गए हैं। कई दिग्गज हस्तियों के नाम आने से राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है।
सीबीआई का बड़ा कदम और गंभीर आरोप
दिशा सालियान मौत मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की कार्रवाई ने इस बहुचर्चित केस को एक नया और निर्णायक मोड़ दे दिया है। बॉम्बे हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बाद सीबीआई ने इस मामले में औपचारिक रूप से प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर ली है। जांच एजेंसी अब इस पूरे घटनाक्रम की तह तक जाने के लिए आपराधिक साजिश, सामूहिक दुष्कर्म, हत्या और साक्ष्य मिटाने जैसे बेहद संगीन आरोपों की गहनता से पड़ताल करने की तैयारी में है।
मालवणी पुलिस से दस्तावेज किए गए तलब
सीबीआई की टीम ने कमान संभालते ही अपनी कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी है। केंद्रीय एजेंसी ने मुंबई की मालवणी पुलिस से इस केस से संबंधित सभी मूल फाइलें, केस डायरी, फॉरेंसिक रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तुरंत सौंपने के निर्देश दिए हैं। करीब छह साल पुराने इस उलझे हुए मामले में मालवणी पुलिस द्वारा की गई शुरुआती कार्रवाई और जुटाए गए साक्ष्यों का अब सीबीआई नए सिरे से वैज्ञानिक और तकनीकी मूल्यांकन करेगी, ताकि किसी भी छूटे हुए सुराग को पकड़ा जा सके।
हाई-प्रोफाइल हस्तियों के नाम से बढ़ा विवाद
इस एफआईआर के सार्वजनिक होते ही राजनीतिक और सिनेमा जगत के गलियारों में सनसनी फैल गई है। मामले से जुड़े घटनाक्रमों में पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे, अभिनेता डीनो मोरिया और अभिनेता सूरज पंचोली जैसे रसूखदार चेहरों के नाम सामने आ रहे हैं। सीबीआई की एफआईआर में इन नामों की मौजूदगी के बाद अब हर किसी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच एजेंसी इन लोगों से पूछताछ का दौर कब शुरू करती है और इसमें क्या नए तथ्य सामने आते हैं।
महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में खलबली
दिशा सालियान की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मुद्दा शुरुआत से ही महाराष्ट्र की राजनीति का सबसे गर्माया हुआ विषय रहा है। अब केंद्रीय जांच एजेंसी की सीधी एंट्री और दिग्गज राजनीतिक हस्तियों के नाम जांच की आंच में आने से राज्य का सियासी पारा पूरी तरह चढ़ गया है। राज्य की विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के बीच बयानबाजी और जुबानी जंग तेज हो चुकी है, जिससे आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है।

खगड़िया SP भानुप्रताप पर पत्नी के गंभीर आरोप, गहराया विवाद
खगड़िया के एसपी भानुप्रताप सिंह और उनकी पत्नी पूजा के बीच का पारिवारिक विवाद अब कानूनी लड़ाई में बदल चुका है। पत्नी ने मानसिक प्रताड़ना और बेटी को दूर करने का आरोप लगाते हुए राजस्थान के भरतपुर में शिकायत दर्ज कराई है। दोनों के बीच तलाक की नौबत है और कस्टडी को लेकर खींचतान जारी है।
खगड़िया SP भानुप्रताप पर पत्नी के गंभीर आरोप, गहराया विवाद
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खगड़िया के एसपी भानुप्रताप सिंह और उनकी पत्नी पूजा के बीच का पारिवारिक विवाद अब कानूनी लड़ाई में बदल चुका है। पत्नी ने मानसिक प्रताड़ना और बेटी को दूर करने का आरोप लगाते हुए राजस्थान के भरतपुर में शिकायत दर्ज कराई है। दोनों के बीच तलाक की नौबत है और कस्टडी को लेकर खींचतान जारी है।
पारिवारिक कलह और गंभीर आरोप
बिहार के खगड़िया जिले के एसपी भानुप्रताप सिंह की निजी जिंदगी में उथल-पुथल मच गई है। उनकी पत्नी पूजा और उनके बीच लंबे समय से चला आ रहा कलह अब खुलकर सामने आ गया है। पत्नी ने आईपीएस अधिकारी और उनके परिवार के सदस्यों पर बेहद गंभीर आरोप मढ़े हैं। स्थिति इस हद तक बिगड़ चुकी है कि मामला अब वैवाहिक संबंध टूटने और तलाक की कगार पर पहुंच गया है।
भरतपुर में दर्ज हुई पुलिस शिकायत
यह विवाद अब केवल बिहार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका दायरा राजस्थान के भरतपुर तक फैल गया है। एसपी की पत्नी ने भरतपुर स्थित पुलिस स्टेशन में ससुराल पक्ष और पति के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल मामले के दर्ज होते ही पुलिस-प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया है।
मासूम बेटी की कस्टडी को लेकर तनातनी
इस पूरे मामले का सबसे चिंताजनक पहलू मासूम बेटी से जुड़ा है। पत्नी पूजा ने आरोप लगाया है कि उन्हें जानबूझकर उनकी बच्ची से अलग रखा जा रहा है और मिलने तक नहीं दिया जा रहा। इस वजह से वे गहरे मानसिक तनाव से गुजर रही हैं। फिलहाल दोनों ही पक्ष बेटी की कस्टडी अपने पास रखने के लिए आमने-सामने हैं, जिससे यह कानूनी लड़ाई और अधिक जटिल हो गई है।
आईपीएस अधिकारी ने आरोपों को नकारा
दूसरी ओर, खगड़िया एसपी भानुप्रताप सिंह ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अपना पक्ष रखा है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि लगाए गए तमाम आरोप सच्चाई से परे और बेबुनियाद हैं। अधिकारी का कहना है कि वे कानून की प्रक्रिया में पूरा विश्वास रखते हैं और मामले की सही जांच के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने इस पूरे विवाद को एक निजी और पारिवारिक मसला करार दिया है।
प्रशासनिक महकमे की टिकी नजरें
एक जिले के पुलिस कप्तान पर उनकी ही पत्नी द्वारा प्रताड़ना के आरोप लगाए जाने से प्रशासनिक हलकों में सरगर्मी तेज है। दोनों राज्यों के पुलिस विभाग इस मामले के कानूनी पहलुओं का बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि जांच एजेंसियां और अदालत इस मामले में क्या रुख अपनाती हैं।

खुद को बिश्नोई की पत्नी बताने वाली महिला गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के शामली में जाट नेता को धमकी देने वाली महिला को पुलिस ने राजस्थान के जयपुर से गिरफ्तार कर लिया है। महिला खुद को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की पत्नी बताती थी और उसने हाथ पर टैटू भी बनवा रखा था। हालांकि, जांच में बिश्नोई से उसकी मुलाकात का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
खुद को बिश्नोई की पत्नी बताने वाली महिला गिरफ्तार
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उत्तर प्रदेश के शामली में जाट नेता को धमकी देने वाली महिला को पुलिस ने राजस्थान के जयपुर से गिरफ्तार कर लिया है। महिला खुद को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की पत्नी बताती थी और उसने हाथ पर टैटू भी बनवा रखा था। हालांकि, जांच में बिश्नोई से उसकी मुलाकात का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
मुख्य समाचार:
धमकी का मामला और पुलिस कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के शामली जिले में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक महिला ने खुद को कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की पत्नी बताते हुए एक स्थानीय जाट नेता को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। महिला के इस सनसनीखेज दावे और धमकी के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पीड़ित नेता ने बिना देर किए मामले की शिकायत शामली पुलिस से की, जिसके बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए शामली पुलिस ने तुरंत केस दर्ज कर तफ्तीश शुरू की। पुलिस की सर्विलांस टीम ने महिला के फोन नंबर और लोकेशन को ट्रैक किया। लोकेशन मिलते ही शामली पुलिस की एक टीम ने राजस्थान की राजधानी जयपुर में छापेमारी की और आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया।
8 साल से मानती थी पति, हाथ पर बनवाया टैटू
पुलिस कस्टडी में आने के बाद जब महिला से सख्ती से पूछताछ की गई, तो बेहद अजीबोगरीब बातें सामने आईं। महिला ने दावा किया कि वह पिछले 8 वर्षों से लॉरेंस बिश्नोई को अपना पति मानती आ रही है। इस एकतरफा दीवानगी में उसने अपने हाथ पर लॉरेंस बिश्नोई के नाम का टैटू भी बनवा रखा है।
पूछताछ के दौरान यह सामने आया कि महिला गैंगस्टर के नाम का सहारा लेकर अपना दबदबा बनाना चाहती थी। इसी सिरफिरेपन में उसने शामली के जाट नेता को फोन लगाया और खुद को बिश्नोई की पत्नी बताकर धमका दिया।
जांच में निकला झूठा दावा, नहीं हुई कभी मुलाकात
पुलिस अधिकारियों ने महिला के दावों का सच जानने के लिए गहन पड़ताल की। कॉल रिकॉर्ड्स और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद पुलिस ने स्पष्ट किया कि महिला का लॉरेंस बिश्नोई या उसके नेटवर्क से कोई संबंध नहीं है।
जांच में इस बात की भी पुष्टि हुई है कि महिला की आज तक लॉरेंस बिश्नोई से कभी मुलाकात भी नहीं हुई है। महिला केवल बिश्नोई के खौफ का फायदा उठाकर लोगों पर अपना रोब जमाना चाहती थी। पुलिस महिला को जयपुर से शामली ले आई है, जहां उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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