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UKSSSC recruitment 2026: 12वीं पास के लिए 553 पदों पर सरकारी नौकरी का मौका

UKSSSC recruitment 2026: 12वीं पास के लिए 553 पदों पर सरकारी नौकरी का मौका

Delight News
📅 09 Sep2026

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने जूनियर असिस्टेंट और क्लर्क-रजिस्ट्रार सहित ग्रुप-सी के 553 पदों पर भर्ती निकाली है। 12वीं पास उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट ukssscrecruitment.in पर जाकर 7 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आयोग इस भर्ती के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन 15 नवंबर 2026 को करेगा।

UKSSSC recruitment 2026: 12वीं पास के लिए 553 पदों पर सरकारी नौकरी का मौका
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने जूनियर असिस्टेंट और क्लर्क-रजिस्ट्रार सहित ग्रुप-सी के 553 पदों पर भर्ती निकाली है। 12वीं पास उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट ukssscrecruitment.in पर जाकर 7 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आयोग इस भर्ती के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन 15 नवंबर 2026 को करेगा।
भर्ती विवरण और पद
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने राज्य के युवाओं के लिए सरकारी सेवा में शामिल होने का एक शानदार अवसर प्रदान किया है। आयोग ने समूह 'ग' (Group-C) के तहत कुल 553 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। इस भर्ती अभियान के माध्यम से जूनियर असिस्टेंट, क्लर्क-रजिस्ट्रार और अन्य समकक्ष पदों को भरा जाएगा। प्रशासनिक विभागों में अपनी सेवाएं देने के इच्छुक युवाओं के लिए यह एक बेहतरीन मौका है।
पात्रता और आयु सीमा
इस भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने के लिए उम्मीदवारों का किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं (इंटरमीडिएट) पास होना अनिवार्य है। पदों की प्रकृति के अनुसार उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु और शैक्षणिक योग्यता से संबंधित अन्य विस्तृत शर्तें तय की गई हैं। आवेदक अपनी पात्रता सुनिश्चित करने के बाद ही आवेदन प्रक्रिया पूरी करें, ताकि बाद में किसी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या न हो।
ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
योग्य और इच्छुक अभ्यर्थी आधिकारिक पोर्टल ukssscrecruitment.in पर जाकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। आवेदन पत्र भरने से पहले आयोग द्वारा जारी विस्तृत अधिसूचना ध्यानपूर्वक पढ़ना आवश्यक है। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते अपना आवेदन जमा करें, ताकि अंतिम समय में सर्वर पर व्यस्तता या अन्य किसी तकनीकी समस्या से बचा जा सके। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 7 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।
परीक्षा तिथि और चयन प्रक्रिया
आयोग ने आवेदन प्रक्रिया के साथ ही लिखित परीक्षा की संभावित तारीख की घोषणा कर दी है। इन 553 पदों के लिए लिखित परीक्षा 15 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। चयन प्रक्रिया पूर्णतः लिखित परीक्षा में उम्मीदवार के प्रदर्शन और मेधा सूची (Merit List) पर आधारित होगी। परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन (Document Verification) प्रक्रिया के लिए बुलाया जाएगा।
मुख्य तिथियां
आवेदन शुरू होने की तिथि: आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध
ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि: 7 अक्टूबर 2026
लिखित परीक्षा की तिथि: 15 नवंबर 2026
आधिकारिक वेबसाइट: ukssscrecruitment.in
शोर के विरोध पर दिल्ली में मणिपुर के म्यूज़िक टीचर की हत्या

शोर के विरोध पर दिल्ली में मणिपुर के म्यूज़िक टीचर की हत्या

Delight News
📅 08 Sep2026

देश की राजधानी दिल्ली के किलोकरी गांव में मणिपुर के 54 वर्षीय रिटायर्ड म्यूज़िक टीचर चोंगथम विक्रम सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घर के बाहर शराब पीने और हंगामा करने का विरोध करने पर दबंगों ने उन पर हमला कर दिया। पुलिस ने इस मामले में नाबालिगों समेत कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया है।

शोर के विरोध पर दिल्ली में मणिपुर के म्यूज़िक टीचर की हत्या
खबर का निचोड़
देश की राजधानी दिल्ली के किलोकरी गांव में मणिपुर के 54 वर्षीय रिटायर्ड म्यूज़िक टीचर चोंगथम विक्रम सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घर के बाहर शराब पीने और हंगामा करने का विरोध करने पर दबंगों ने उन पर हमला कर दिया। पुलिस ने इस मामले में नाबालिगों समेत कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया है।
दिल्ली में इंसानियत शर्मसार, शोर का विरोध करने पर शिक्षक की हत्या
राजधानी दिल्ली के सनलाइट कॉलोनी इलाके में स्थित किलोकरी गांव से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। मणिपुर के रहने वाले 54 वर्षीय पूर्व संगीत शिक्षक चोंगथम विक्रम सिंह की महज इसलिए बेरहमी से हत्या कर दी गई क्योंकि उन्होंने अपने घर के बाहर हो रहे हुड़दंग का विरोध किया था। यह घटना शहर में कानून-व्यवस्था और घटती सहनशीलता पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है।
शराब का विरोध बना मौत की वजह
प्राप्त ब्यौरे के अनुसार, विक्रम सिंह अपने घर में आराम कर रहे थे, तभी बाहर डिलीवरी बॉय और एक स्थानीय ढाबे के कर्मचारी तेज आवाज में शोर मचा रहे थे और शराब पी रहे थे। देर रात होते-होते जब शोर असहनीय हो गया, तो विक्रम सिंह ने बाहर निकलकर उन्हें वहां से जाने और शांति बनाए रखने को कहा। इस बात से आपा खो चुके आरोपियों ने बहस शुरू कर दी और देखते ही देखते उन पर जानलेवा हमला कर दिया।
बेदर्दी से पिटाई, अस्पताल में तोड़ा दम
हमलावरों ने संगीत शिक्षक को लात-घूंसों और डंडों से बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। जब तक आसपास के लोग कुछ समझ पाते या बचाव के लिए आगे आते, तब तक विक्रम सिंह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। स्थानीय निवासियों की मदद से उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई और संदिग्ध हिरासत में
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने मामला दर्ज कर आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। शुरुआती कार्रवाई के तहत पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनमें नाबालिग भी शामिल बताए जा रहे हैं। उनसे पूछताछ की जा रही है ताकि हत्या में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द कानून के शिकंजे में लाया जा सके।
पीसीबी का बड़ा कदम: रिज़वान और इमाम के फोन जब्त, डेटा खंगाला

पीसीबी का बड़ा कदम: रिज़वान और इमाम के फोन जब्त, डेटा खंगाला

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📅 08 Sep2026

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने अनुशासनात्मक जांच के तहत स्टार बल्लेबाज मोहम्मद रिज़वान और इमाम-उल-हक के मोबाइल फोन ज़ब्त कर उनका डेटा खंगाला है। इंग्लैंड दौरे के दौरान खिलाड़ियों की संदिग्ध गतिविधियों और संपर्कों की पड़ताल के लिए यह कदम उठाया गया। डेटा ट्रांसफर करने के बाद फोन वापस लौटा दिए गए।

पीसीबी का बड़ा कदम: रिज़वान और इमाम के फोन जब्त, डेटा खंगाला
खबर का निचोड़ (Summary)
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने अनुशासनात्मक जांच के तहत स्टार बल्लेबाज मोहम्मद रिज़वान और इमाम-उल-हक के मोबाइल फोन ज़ब्त कर उनका डेटा खंगाला है। इंग्लैंड दौरे के दौरान खिलाड़ियों की संदिग्ध गतिविधियों और संपर्कों की पड़ताल के लिए यह कदम उठाया गया। डेटा ट्रांसफर करने के बाद फोन वापस लौटा दिए गए।
मैच फिक्सिंग और अनुशासनहीनता के साये में पाक क्रिकेट
पाकिस्तान क्रिकेट और विवादों का चोली-दामन का साथ रहा है। एक बार फिर पाकिस्तानी क्रिकेट टीम अनुशासनात्मक कार्रवाई और आंतरिक जांच की आंच झेल रही है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने टीम के दो प्रमुख खिलाड़ियों, मोहम्मद रिज़वान और इमाम-उल-हक के मोबाइल फोन ज़ब्त करके पूरी खेल दुनिया में हलचल मचा दी है। यह सख्त कदम इंग्लैंड दौरे के दौरान सामने आई कुछ संदिग्ध गतिविधियों के बाद उठाया गया है, जिसने पीसीबी के आला अधिकारियों के कान खड़े कर दिए थे।
फोन का डेटा किया गया ट्रांसफर, संपर्कों पर गहरी नज़र
सामने आई जानकारी के मुताबिक, बोर्ड ने जांच के सिलसिले में दोनों खिलाड़ियों के फोन अपने कब्जे में लिए और उनमें मौजूद डेटा व कॉन्टैक्ट लिस्ट की बारीकी से जांच की। सूत्रों का कहना है कि खिलाड़ियों को मोबाइल लौटाने से पहले उनके फोन का पूरा डेटा किसी अन्य सुरक्षित जगह ट्रांसफर किया गया, ताकि उसकी फॉरेंसिक और तकनीकी जांच जारी रखी जा सके। पीसीबी यह सुनिश्चित करना चाहता है कि दौरे के दौरान किसी भी तरह की अनुशासनहीनता या अनधिकृत व्यक्तियों के साथ संपर्क की गुंजाइश न रहे।
इंग्लैंड दौरे के दौरान गहराया शक
इंग्लैंड का दौरा पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए मैदान पर जितना चुनौतीपूर्ण रहा, मैदान के बाहर भी बोर्ड के लिए उतनी ही सिरदर्दी लेकर आया। पीसीबी को दौरे के बीच ही ऐसी रिपोर्ट मिली थीं कि कुछ खिलाड़ी अपनी सीमाएं लांघ रहे हैं और बोर्ड के नियमों के विपरीत जाकर गतिविधियों में शामिल हैं। इसी शक के आधार पर इमाम-उल-हक और मोहम्मद रिज़वान के खिलाफ त्वरित और सख्त रुख अपनाते हुए उनके डिजिटल डिवाइस की जांच का फैसला किया गया।
खिलाड़ियों में असंतोष और बोर्ड का सख्त रुख
इस पूरी कार्रवाई के बाद पाकिस्तानी ड्रेसिंग रूम का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है। मोबाइल फोन से पर्सनल डेटा निकाले जाने और जांच के इस तरीके से खिलाड़ियों में अनकहा असंतोष देखने को मिल रहा है। हालांकि, पीसीबी इस मामले में कोई ढील देने के मूड में नजर नहीं आ रहा है। बोर्ड का साफ संदेश है कि खेल की साख और टीम के अनुशासन से समझौता करने वाले किसी भी खिलाड़ी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसका नाम कितना भी बड़ा क्यों न हो। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर बड़े फैसलों की उम्मीद की जा रही है।
स्वतंत्र भारद्वाज को कोर्ट से झटका, गिरफ्तारी और हिरासत याचिका खारिज

स्वतंत्र भारद्वाज को कोर्ट से झटका, गिरफ्तारी और हिरासत याचिका खारिज

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📅 08 Sep2026

जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट के मामले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज की मुश्किलें बढ़ गई हैं. दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी और हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है, जिससे उन्हें कोई राहत नहीं मिली है.

स्वतंत्र भारद्वाज को कोर्ट से झटका, गिरफ्तारी और हिरासत याचिका खारिज
जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट के मामले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज की मुश्किलें बढ़ गई हैं. दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी और हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है, जिससे उन्हें कोई राहत नहीं मिली है.
जंतर-मंतर का विवाद और कानूनी शिकंजा
राजधानी के चर्चित जंतर-मंतर इलाके में हुए एक प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट की घटना ने तूल पकड़ लिया था. इस मामले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज का नाम सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की थी. पुलिस ने अपनी विधिवत कार्रवाई के तहत उन्हें हिरासत में लिया और गिरफ्तार किया. इस कानूनी कार्रवाई के खिलाफ स्वतंत्र भारद्वाज की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया था.
हाईकोर्ट में याचिका खारिज होने की मुख्य वजह
दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान गिरफ्तारी और हिरासत की वैधता को चुनौती दी गई थी. अदालत के समक्ष दोनों पक्षों की दलीलें रखी गईं, जिसके बाद न्यायालय ने पुलिस की कार्रवाई को सही ठहराया. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस मामले में पुलिस के कदमों में कोई अवैधानिक या त्रुटिपूर्ण पहलू नहीं पाया गया है. नतीजतन, अदालत ने स्वतंत्र भारद्वाज की राहत की मांग वाली याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया.
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की बढ़ी मुश्किलें
इस बड़े झटके के बाद स्वतंत्र भारद्वाज के लिए कानूनी संकट और अधिक गहरा गया है. सोशल मीडिया पर अपनी मुखर शैली के लिए पहचाने जाने वाले इन्फ्लुएंसर को अब इस गंभीर मामले में न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना होगा. अदालत के इस सख्त रुख से साफ हो गया है कि सार्वजनिक प्रदर्शनों के दौरान कानून हाथ में लेने या हिंसा फैलाने वालों को कानूनी मोर्चे पर कोई ढील नहीं मिलने वाली है.
ग्रामीण LPG उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, अब 25 दिन में बुक होगा सिलिंडर

ग्रामीण LPG उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, अब 25 दिन में बुक होगा सिलिंडर

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📅 08 Sep2026

केंद्र सरकार ने ग्रामीण इलाकों के घरेलू LPG ग्राहकों के लिए रिफिल बुकिंग की समय-सीमा 45 दिन से घटाकर 25 दिन कर दी है। केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी के अनुसार, मिडल ईस्ट संकट के दौरान बढ़ाए गए इस अंतर को अब खत्म कर दिया गया है। अब ग्रामीण और शहरी उपभोक्ता समान नियमों के तहत बुकिंग करा सकेंगे।

ग्रामीण LPG उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, अब 25 दिन में बुक होगा सिलिंडर
खबर का निचोड़
केंद्र सरकार ने ग्रामीण इलाकों के घरेलू LPG ग्राहकों के लिए रिफिल बुकिंग की समय-सीमा 45 दिन से घटाकर 25 दिन कर दी है। केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी के अनुसार, मिडल ईस्ट संकट के दौरान बढ़ाए गए इस अंतर को अब खत्म कर दिया गया है। अब ग्रामीण और शहरी उपभोक्ता समान नियमों के तहत बुकिंग करा सकेंगे।
नियम में बड़ा बदलाव: अब नहीं करना होगा लंबा इंतजार
देश के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले घरेलू LPG उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर आई है। सरकार ने गैस सिलिंडर की रीफिल बुकिंग से जुड़ा एक अहम नियम बदल दिया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ता भी मात्र 25 दिनों के अंतराल पर अपना अगला एलपीजी सिलिंडर बुक करा सकेंगे। इससे पहले उन्हें दो रीफिल के बीच पूरे 45 दिनों का लंबा इंतजार करना पड़ता था।
सरकार के इस फैसले से गांव-देहात में रहने वाले करोड़ों परिवारों को सीधी राहत मिलेगी। अक्सर देखा गया है कि बड़े परिवारों या पर्व-त्योहारों के दौरान 45 दिन का अंतर बहुत अधिक साबित होता था, जिससे लोगों को ईंधन की किल्लत का सामना करना पड़ता था। अब इस अवधि को घटाकर 25 दिन कर देने से आपूर्ति चक्र सुगम और तेज हो जाएगा।
मिडल ईस्ट संकट और बदला नियम
रीफिल बुकिंग की अवधि बढ़ाने के पीछे वैश्विक परिस्थितियां जिम्मेदार थीं। मिडल ईस्ट में जारी युद्ध और उथल-पुथल के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई थी। एलपीजी की उपलब्धता और निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए सरकार को एहतियातन ग्रामीण क्षेत्रों में रीफिल का अंतर बढ़ाना पड़ा था।
इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि उपलब्ध स्टॉक का वितरण समान रूप से हो और किसी भी तरह की कालाबाज़ारी या कृत्रिम किल्लत की स्थिति न बने। हालांकि, अब हालात में सुधार और आपूर्ति स्थिति सामान्य होने के बाद सरकार ने इस पाबंदी को हटाने का फैसला किया है।
गांव और शहर के लिए अब एक समान व्यवस्था
केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने इस फैसले की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि अब ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में एक ही व्यवस्था लागू होगी। शहरों में पहले से ही 25 दिनों के अंतर पर सिलिंडर बुक करने की सुविधा थी, लेकिन ग्रामीण इलाकों को 45 दिन के दायरे में रखा गया था।
इस नए फैसले के साथ ही अब देश में एलपीजी रीफिल बुकिंग को लेकर बना शहरी और ग्रामीण अंतर पूरी तरह खत्म हो गया है। सरकार के इस कदम से न केवल ग्रामीण रसोई का बजट और प्रबंधन बेहतर होगा, बल्कि उपभोक्ताओं को आपात स्थिति में ईंधन के बिना परेशान भी नहीं होना पड़ेगा।

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