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महंगे तेल और AI सुस्ती से कंपनियों का मुनाफा खतरे में

महंगे तेल और AI सुस्ती से कंपनियों का मुनाफा खतरे में

Delight News
📅 06 Sep2026

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर हो रहे खर्च में सुस्ती ने भारतीय कॉर्पोरेट जगत की चिंता बढ़ा दी है। नुवामा रिसर्च के अनुसार, सप्लाई झटकों और इन्वेंटरी गेन खत्म होने से दूसरी तिमाही (Q2FY27) में खासकर स्मॉल-कैप, मिड-कैप और साइक्लिकल कंपनियों के मार्जिन पर गहरा असर पड़ सकता है।

महंगे तेल और AI सुस्ती से कंपनियों का मुनाफा खतरे में
खबर का निचोड़:
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर हो रहे खर्च में सुस्ती ने भारतीय कॉर्पोरेट जगत की चिंता बढ़ा दी है। नुवामा रिसर्च के अनुसार, सप्लाई झटकों और इन्वेंटरी गेन खत्म होने से दूसरी तिमाही (Q2FY27) में खासकर स्मॉल-कैप, मिड-कैप और साइक्लिकल कंपनियों के मार्जिन पर गहरा असर पड़ सकता है।
ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल के अचानक महंगे होने और AI से जुड़े खर्चों में आई सुस्ती ने भारतीय कंपनियों की कमाई पर अनिश्चितता के बादल मंडरा दिए हैं। सितंबर में समाप्त होने वाली चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (Q2FY27) के नतीजे कॉर्पोरेट सेक्टर के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इन दोहरे झटकों का सबसे बड़ा असर कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर देखने को मिलेगा।
कच्चे तेल का झटका और मार्जिन पर दबाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की सप्लाई में रुकावट के कारण कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। नुवामा रिसर्च का अनुमान है कि इस मूल्य वृद्धि का सीधा असर भारतीय कंपनियों के ऑपरेटिंग मार्जिन पर पड़ेगा। जो कंपनियां कच्चे तेल या उसके उप-उत्पादों (Derivatives) को कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल करती हैं, उनकी लागत अचानक बढ़ गई है। इसके अलावा, परिवहन लागत बढ़ने से सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियां भी गहरा गई हैं, जिससे कंपनियों के मुनाफे पर दोहरी मार पड़ रही है।
खत्म हुआ पहली तिमाही का 'इन्वेंटरी गेन'
पहली तिमाही (Q1) के दौरान कई कंपनियों को कम कीमत पर खरीदे गए कच्चे माल (इन्वेंटरी गेन) का फायदा मिला था, जिसने उनके वित्तीय नतीजों को मजबूती दी थी। हालांकि, सितंबर तिमाही में यह फायदा पूरी तरह समाप्त हो चुका है। अब कंपनियों को महंगे कच्चे माल के साथ उत्पादन करना पड़ रहा है। पुरानी सस्ती इन्वेंटरी का सहारा न मिलने की वजह से इस तिमाही में शुद्ध लाभ के आंकड़ों में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।
स्मॉल और मिड-कैप कंपनियों पर सबसे ज्यादा खतरा
महंगे तेल और बढ़ती परिचालन लागत का असर पूरी बाजार पूंजीकरण पर एक समान नहीं होगा। नुवामा की रिपोर्ट के मुताबिक, स्मॉल-कैप, मिड-कैप और साइक्लिकल (चक्रीय) क्षेत्र की कंपनियां इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होंगी। बड़ी लार्ज-कैप कंपनियों के पास लागत वृद्धि को झेलने या ग्राहकों पर पास-ऑन करने की क्षमता होती है, जबकि छोटी और मझोली कंपनियों के लिए सीमित बैलेंस शीट और कड़े प्रतिस्पर्धी बाजार के कारण मार्जिन को बचा पाना बेहद मुश्किल साबित हो रहा है।
AI खर्च में सुस्ती का आईटी सेक्टर पर असर
एक तरफ जहां मैन्युफैक्चरिंग और साइक्लिकल कंपनियां तेल की मार झेल रही हैं, वहीं आईटी और टेक सेक्टर को AI खर्च में आई सुस्ती से बड़ा झटका लगा है। वैश्विक स्तर पर बड़ी टेक कंपनियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोजेक्ट्स पर अपने पूंजीगत व्यय (Capex) की समीक्षा शुरू कर दी है। इसके चलते भारतीय आईटी कंपनियों को मिलने वाले नए ऑर्डर और कॉन्ट्रैक्ट्स में सुस्ती देखी जा रही है, जो इस तिमाही में उनके राजस्व वृद्धि को सीमित कर सकती है।
महंगे तेल और AI सुस्ती से कंपनियों का मुनाफा खतरे में

महंगे तेल और AI सुस्ती से कंपनियों का मुनाफा खतरे में

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📅 06 Sep2026

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर हो रहे खर्च में सुस्ती ने भारतीय कॉर्पोरेट जगत की चिंता बढ़ा दी है। नुवामा रिसर्च के अनुसार, सप्लाई झटकों और इन्वेंटरी गेन खत्म होने से दूसरी तिमाही (Q2FY27) में खासकर स्मॉल-कैप, मिड-कैप और साइक्लिकल कंपनियों के मार्जिन पर गहरा असर पड़ सकता है।

महंगे तेल और AI सुस्ती से कंपनियों का मुनाफा खतरे में
खबर का निचोड़:
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर हो रहे खर्च में सुस्ती ने भारतीय कॉर्पोरेट जगत की चिंता बढ़ा दी है। नुवामा रिसर्च के अनुसार, सप्लाई झटकों और इन्वेंटरी गेन खत्म होने से दूसरी तिमाही (Q2FY27) में खासकर स्मॉल-कैप, मिड-कैप और साइक्लिकल कंपनियों के मार्जिन पर गहरा असर पड़ सकता है।
ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल के अचानक महंगे होने और AI से जुड़े खर्चों में आई सुस्ती ने भारतीय कंपनियों की कमाई पर अनिश्चितता के बादल मंडरा दिए हैं। सितंबर में समाप्त होने वाली चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (Q2FY27) के नतीजे कॉर्पोरेट सेक्टर के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इन दोहरे झटकों का सबसे बड़ा असर कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर देखने को मिलेगा।
कच्चे तेल का झटका और मार्जिन पर दबाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की सप्लाई में रुकावट के कारण कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। नुवामा रिसर्च का अनुमान है कि इस मूल्य वृद्धि का सीधा असर भारतीय कंपनियों के ऑपरेटिंग मार्जिन पर पड़ेगा। जो कंपनियां कच्चे तेल या उसके उप-उत्पादों (Derivatives) को कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल करती हैं, उनकी लागत अचानक बढ़ गई है। इसके अलावा, परिवहन लागत बढ़ने से सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियां भी गहरा गई हैं, जिससे कंपनियों के मुनाफे पर दोहरी मार पड़ रही है।
खत्म हुआ पहली तिमाही का 'इन्वेंटरी गेन'
पहली तिमाही (Q1) के दौरान कई कंपनियों को कम कीमत पर खरीदे गए कच्चे माल (इन्वेंटरी गेन) का फायदा मिला था, जिसने उनके वित्तीय नतीजों को मजबूती दी थी। हालांकि, सितंबर तिमाही में यह फायदा पूरी तरह समाप्त हो चुका है। अब कंपनियों को महंगे कच्चे माल के साथ उत्पादन करना पड़ रहा है। पुरानी सस्ती इन्वेंटरी का सहारा न मिलने की वजह से इस तिमाही में शुद्ध लाभ के आंकड़ों में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।
स्मॉल और मिड-कैप कंपनियों पर सबसे ज्यादा खतरा
महंगे तेल और बढ़ती परिचालन लागत का असर पूरी बाजार पूंजीकरण पर एक समान नहीं होगा। नुवामा की रिपोर्ट के मुताबिक, स्मॉल-कैप, मिड-कैप और साइक्लिकल (चक्रीय) क्षेत्र की कंपनियां इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होंगी। बड़ी लार्ज-कैप कंपनियों के पास लागत वृद्धि को झेलने या ग्राहकों पर पास-ऑन करने की क्षमता होती है, जबकि छोटी और मझोली कंपनियों के लिए सीमित बैलेंस शीट और कड़े प्रतिस्पर्धी बाजार के कारण मार्जिन को बचा पाना बेहद मुश्किल साबित हो रहा है।
AI खर्च में सुस्ती का आईटी सेक्टर पर असर
एक तरफ जहां मैन्युफैक्चरिंग और साइक्लिकल कंपनियां तेल की मार झेल रही हैं, वहीं आईटी और टेक सेक्टर को AI खर्च में आई सुस्ती से बड़ा झटका लगा है। वैश्विक स्तर पर बड़ी टेक कंपनियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोजेक्ट्स पर अपने पूंजीगत व्यय (Capex) की समीक्षा शुरू कर दी है। इसके चलते भारतीय आईटी कंपनियों को मिलने वाले नए ऑर्डर और कॉन्ट्रैक्ट्स में सुस्ती देखी जा रही है, जो इस तिमाही में उनके राजस्व वृद्धि को सीमित कर सकती है।
केतन केस में नया खुलासा, सिया-चेतन के तीसरे साथी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

केतन केस में नया खुलासा, सिया-चेतन के तीसरे साथी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

Delight News
📅 06 Sep2026

लोहगढ़ किले से कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी की गिरफ्तारी के बाद अब तीसरे आरोपी रितेश हिंगे को दबोच लिया गया है। रितेश पर हत्या की इस खौफनाक साजिश में शामिल होने का गंभीर आरोप है।

मंगेतर और प्रेमी के खूनी खेल में तीसरा आरोपी भी गिरफ्तार
खबर का निचोड़:
लोहगढ़ किले से कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी की गिरफ्तारी के बाद अब तीसरे आरोपी रितेश हिंगे को दबोच लिया गया है। रितेश पर हत्या की इस खौफनाक साजिश में शामिल होने का गंभीर आरोप है।
लोहगढ़ किले की ऊंचाई से बुना गया खूनी जाल
पुणे के मशहूर लोहगढ़ किले की वादियों में घूमी इस खौफनाक वारदात ने हर किसी को सन्न कर दिया है। युवा कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत को शुरुआत में एक हादसा माना जा रहा था, लेकिन पुलिस की तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ी, परत-दर-परत साजिश की कड़ियां खुलती चली गईं। केतन की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसकी अपनी मंगेतर सिया गोयल ने अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर रची थी। अब इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में पुलिस के हाथ एक और बड़ी कामयाबी लगी है।
तीसरे किरदार की एंट्री और साजिश का पर्दाफाश
मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चेतन चौधरी के करीबी दोस्त रितेश हिंगे को गिरफ्तार किया है। जांच अधिकारियों का कहना है कि रितेश केवल एक मूकदर्शक नहीं था, बल्कि वह केतन को रास्ते से हटाने की इस पूरी प्लानिंग का अहम हिस्सा था। वारदात वाले दिन किले की पहाड़ियों पर केतन को अकेला पाकर उसे नीचे धक्का देने की योजना में रितेश ने आरोपियों की सीधी मदद की थी। टेक्निकल सर्विलांस और कॉल डिटेल्स के आधार पर रितेश की लोकेशन और भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद पुलिस ने उसे शिकंजे में ले लिया।
प्यार, धोखा और खौफनाक अंत
केतन अग्रवाल और सिया गोयल की सगाई हो चुकी थी और जल्द ही दोनों शादी के बंधन में बंधने वाले थे। लेकिन सिया के दिल में अपने पुराने साथी चेतन चौधरी के लिए जगह बनी हुई थी। केतन को अपनी जिंदगी और शादी से हमेशा के लिए हटाने के लिए सिया और चेतन ने खौफनाक रास्ता चुना। लोहगढ़ किले का ट्रिप महज एक बहाना था, असली मकसद केतन की जान लेना था। ऊंचाई से धक्का देकर हत्या करने के बाद इसे एक दर्दनाक हादसा साबित करने की पूरी कोशिश की गई थी, लेकिन सच ज्यादा देर तक छुप न सका।
सलाखों के पीछे पहुंचे तीनों गुनहगार
रितेश हिंगे की गिरफ्तारी के बाद अब इस मामले के तीनों मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं। पुलिस टीम अब तीनों को एक साथ आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करने की तैयारी में है ताकि हत्या में इस्तेमाल किए गए सबूतों और घटनाक्रम के हर मिनट का सही ब्योरा जुटाया जा सके। फॉरेंसिक टीम और पुलिस आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर सीन री-क्रिएट करने की योजना भी बना रही है, जिससे अदालत में इस संगीन जुर्म के खिलाफ मजबूत केस पेश किया जा सके।
महिला एशिया कप 2026: हरमनप्रीत ने फातिमा से नहीं मिलाया हाथ

महिला एशिया कप 2026: हरमनप्रीत ने फातिमा से नहीं मिलाया हाथ

Delight News
📅 06 Sep2026

दुबई में आयोजित महिला एशिया कप 2026 के भारत-पाकिस्तान मुकाबले में एक बार फिर राजनीतिक तनाव का असर खेल के मैदान पर दिखा। टॉस के दौरान भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना से न तो हाथ मिलाया और न ही नज़रें मिलाईं। भारत अपनी नो-हैंडशेक नीति पर कायम रहा।

महिला एशिया कप 2026: हरमनप्रीत ने फातिमा से नहीं मिलाया हाथ
खबर का निचोड़
दुबई में आयोजित महिला एशिया कप 2026 के भारत-पाकिस्तान मुकाबले में एक बार फिर राजनीतिक तनाव का असर खेल के मैदान पर दिखा। टॉस के दौरान भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना से न तो हाथ मिलाया और न ही नज़रें मिलाईं। भारत अपनी नो-हैंडशेक नीति पर कायम रहा।
मैदान पर फिर दिखा तनाव: टॉस का वो लम्हा
दुबई के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में जब महिला एशिया कप 2026 के सबसे हाई-वोल्टेज मुकाबले के लिए भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने आईं, तो फैंस को सिर्फ रन और विकेट का ही रोमांच देखने को नहीं मिला। टॉस के वक्त मैदान पर एक ऐसा पल आया जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान माहौल में एक अलग ही तल्खी महसूस की गई।
टॉस जीतने के बाद पारंपरिक तौर पर दोनों टीमों के कप्तान एक-दूसरे से हाथ मिलाते हैं, लेकिन भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने इस परंपरा से साफ दूरी बनाए रखी। उन्होंने न केवल पाकिस्तानी कप्तान से हाथ मिलाने से परहेज किया, बल्कि उनसे नजरें तक नहीं मिलाईं।
भारत की 'नो-हैंडशेक' नीति पर कड़ा रुख
भारतीय टीम का यह रुख कोई पहला मौका नहीं है, बल्कि यह उस सख्त नीति का हिस्सा है जिसे भारत लंबे समय से लागू करता आ रहा है। सीमा पार से जारी तनाव और कूटनीतिक संबंधों में आई खटास के चलते भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबलों में 'नो-हैंडशेक' यानी हाथ न मिलाने की नीति अपना रखी है।
यह सिलसिला केवल महिला क्रिकेट तक सीमित नहीं है। पुरुष एशिया कप 2025 के दौरान भी भारत और पाकिस्तान के बीच हुए मैचों में भारतीय टीम ने इसी नीति का पालन किया था। भारतीय महिला टीम ने दुबई में उसी रुख को दोहराते हुए यह साफ संदेश दे दिया कि खेल के मैदान पर प्रतिद्वंद्विता अपनी जगह है, लेकिन देश की नीति और भावनाएं सर्वोपरि हैं।
खेल के साथ-साथ कूटनीतिक संदेश
भारत और पाकिस्तान के बीच का मुकाबला हमेशा से ही सिर्फ बैट और बॉल की जंग नहीं रहा है। इस हाई-प्रोफाइल मैच में हरमनप्रीत कौर का यह व्यवहार सोशल मीडिया पर तुरंत चर्चा का विषय बन गया। एक तरफ जहां भारतीय फैंस कप्तान के इस निडर और सख्त रवैये का समर्थन कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ खेल जगत में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
तनावपूर्ण माहौल के बीच शुरू हुए इस मुकाबले में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, लेकिन टॉस के इस एक वाकये ने पूरे मैच की सुर्खियों को अपनी तरफ मोड़ लिया। मैदान का यह कड़ा रवैया यह साबित करता है कि जब तक दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्तों में सुधार नहीं होता, तब तक क्रिकेट के मैदान पर भी यह दूरी साफ दिखाई देती रहेगी।
गणेशोत्सव पर मुंबई में धारा 144 लागू, लाउडस्पीकर पर रोक

गणेशोत्सव पर मुंबई में धारा 144 लागू, लाउडस्पीकर पर रोक

Delight News
📅 06 Sep2026

मुंबई पुलिस ने आगामी गणेशोत्सव के दौरान शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए 9 से 23 सितंबर तक कड़े प्रतिबंध लागू किए हैं। इसके तहत 5 या अधिक लोगों के जुटने, लाउडस्पीकर, म्यूज़िकल बैंड और पटाखों के इस्तेमाल पर रोक रहेगी। इसका मुख्य उद्देश्य कानून-व्यवस्था को सुचारू रखना है।

गणेशोत्सव पर मुंबई में धारा 144 लागू, लाउडस्पीकर पर रोक
खबर का निचोड़
मुंबई पुलिस ने आगामी गणेशोत्सव के दौरान शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए 9 से 23 सितंबर तक कड़े प्रतिबंध लागू किए हैं। इसके तहत 5 या अधिक लोगों के जुटने, लाउडस्पीकर, म्यूज़िकल बैंड और पटाखों के इस्तेमाल पर रोक रहेगी। इसका मुख्य उद्देश्य कानून-व्यवस्था को सुचारू रखना है।
त्योहारी सीजन में मुंबई पुलिस का बड़ा फैसला
देश भर में गणेशोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन इस बार मुंबई में त्योहार का उत्साह सख्त नियमों के साये में दिखाई देगा। मुंबई पुलिस ने शहर में शांति, सुरक्षा और सुचारू कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से 9 सितंबर से 23 सितंबर तक व्यापक पाबंदियों का ऐलान कर दिया है। यह आदेश पूरे महानगर क्षेत्र में एक साथ लागू रहेगा।
क्या हैं नए प्रतिबंध और नियम
पुलिस आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक, इस अवधि के दौरान बिना पूर्व अनुमति के पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एक जगह इकट्ठा होने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। किसी भी प्रकार के सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन, जुलूस और गैर-कानूनी सभाओं को इस दायरे में रखा गया है।
इसके साथ ही ध्वनि प्रदूषण और भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए लाउडस्पीकर, साउंड एम्पलीफायर, डीजे, म्यूज़िकल बैंड और पटाखों के उपयोग को लेकर भी सख्त दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। सार्वजनिक स्थानों पर बिना मंजूरी के इन साधनों का इस्तेमाल करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा प्राथमिक प्राथमिकता
मुंबई में गणेशोत्सव के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक सड़कों पर उतरते हैं। ऐसे में शहर के संवेदनशील इलाकों में यातायात प्रबंधन और जनसुरक्षा पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती होती है। अधिकारियों का मानना है कि इन पाबंदियों से न केवल असामाजिक तत्वों पर नकेल कसी जा सकेगी, बल्कि किसी भी तरह की अनहोनी या अवांछित घटना से निपटना भी आसान होगा।
आपातकालीन सेवाओं को मिलेगी छूट
हालांकि, पुलिस प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि ये पाबंदियां आम नागरिकों के दैनिक जीवन को प्रभावित करने के लिए नहीं हैं। शादी-विवाह के पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों, अंत्येष्टि और आवश्यक सेवाओं से जुड़े कार्यों को उचित अनुमतियों के आधार पर छूट दी जाएगी।
नियमों के उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई
मुंबई पुलिस ने नागरिकों, उत्सव समितियों और आयोजकों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। इन नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों या संस्थाओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। पूरे शहर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर निगरानी बढ़ा दी गई है।

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