
महिला एशिया कप 2026: हरमनप्रीत ने फातिमा से नहीं मिलाया हाथ
दुबई में आयोजित महिला एशिया कप 2026 के भारत-पाकिस्तान मुकाबले में एक बार फिर राजनीतिक तनाव का असर खेल के मैदान पर दिखा। टॉस के दौरान भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना से न तो हाथ मिलाया और न ही नज़रें मिलाईं। भारत अपनी नो-हैंडशेक नीति पर कायम रहा।
खबर का निचोड़
दुबई में आयोजित महिला एशिया कप 2026 के भारत-पाकिस्तान मुकाबले में एक बार फिर राजनीतिक तनाव का असर खेल के मैदान पर दिखा। टॉस के दौरान भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना से न तो हाथ मिलाया और न ही नज़रें मिलाईं। भारत अपनी नो-हैंडशेक नीति पर कायम रहा।
मैदान पर फिर दिखा तनाव: टॉस का वो लम्हा
दुबई के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में जब महिला एशिया कप 2026 के सबसे हाई-वोल्टेज मुकाबले के लिए भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने आईं, तो फैंस को सिर्फ रन और विकेट का ही रोमांच देखने को नहीं मिला। टॉस के वक्त मैदान पर एक ऐसा पल आया जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान माहौल में एक अलग ही तल्खी महसूस की गई।
टॉस जीतने के बाद पारंपरिक तौर पर दोनों टीमों के कप्तान एक-दूसरे से हाथ मिलाते हैं, लेकिन भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने इस परंपरा से साफ दूरी बनाए रखी। उन्होंने न केवल पाकिस्तानी कप्तान से हाथ मिलाने से परहेज किया, बल्कि उनसे नजरें तक नहीं मिलाईं।
भारत की 'नो-हैंडशेक' नीति पर कड़ा रुख
भारतीय टीम का यह रुख कोई पहला मौका नहीं है, बल्कि यह उस सख्त नीति का हिस्सा है जिसे भारत लंबे समय से लागू करता आ रहा है। सीमा पार से जारी तनाव और कूटनीतिक संबंधों में आई खटास के चलते भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबलों में 'नो-हैंडशेक' यानी हाथ न मिलाने की नीति अपना रखी है।
यह सिलसिला केवल महिला क्रिकेट तक सीमित नहीं है। पुरुष एशिया कप 2025 के दौरान भी भारत और पाकिस्तान के बीच हुए मैचों में भारतीय टीम ने इसी नीति का पालन किया था। भारतीय महिला टीम ने दुबई में उसी रुख को दोहराते हुए यह साफ संदेश दे दिया कि खेल के मैदान पर प्रतिद्वंद्विता अपनी जगह है, लेकिन देश की नीति और भावनाएं सर्वोपरि हैं।
खेल के साथ-साथ कूटनीतिक संदेश
भारत और पाकिस्तान के बीच का मुकाबला हमेशा से ही सिर्फ बैट और बॉल की जंग नहीं रहा है। इस हाई-प्रोफाइल मैच में हरमनप्रीत कौर का यह व्यवहार सोशल मीडिया पर तुरंत चर्चा का विषय बन गया। एक तरफ जहां भारतीय फैंस कप्तान के इस निडर और सख्त रवैये का समर्थन कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ खेल जगत में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
तनावपूर्ण माहौल के बीच शुरू हुए इस मुकाबले में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, लेकिन टॉस के इस एक वाकये ने पूरे मैच की सुर्खियों को अपनी तरफ मोड़ लिया। मैदान का यह कड़ा रवैया यह साबित करता है कि जब तक दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्तों में सुधार नहीं होता, तब तक क्रिकेट के मैदान पर भी यह दूरी साफ दिखाई देती रहेगी।

गणेशोत्सव पर मुंबई में धारा 144 लागू, लाउडस्पीकर पर रोक
मुंबई पुलिस ने आगामी गणेशोत्सव के दौरान शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए 9 से 23 सितंबर तक कड़े प्रतिबंध लागू किए हैं। इसके तहत 5 या अधिक लोगों के जुटने, लाउडस्पीकर, म्यूज़िकल बैंड और पटाखों के इस्तेमाल पर रोक रहेगी। इसका मुख्य उद्देश्य कानून-व्यवस्था को सुचारू रखना है।
खबर का निचोड़
मुंबई पुलिस ने आगामी गणेशोत्सव के दौरान शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए 9 से 23 सितंबर तक कड़े प्रतिबंध लागू किए हैं। इसके तहत 5 या अधिक लोगों के जुटने, लाउडस्पीकर, म्यूज़िकल बैंड और पटाखों के इस्तेमाल पर रोक रहेगी। इसका मुख्य उद्देश्य कानून-व्यवस्था को सुचारू रखना है।
त्योहारी सीजन में मुंबई पुलिस का बड़ा फैसला
देश भर में गणेशोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन इस बार मुंबई में त्योहार का उत्साह सख्त नियमों के साये में दिखाई देगा। मुंबई पुलिस ने शहर में शांति, सुरक्षा और सुचारू कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से 9 सितंबर से 23 सितंबर तक व्यापक पाबंदियों का ऐलान कर दिया है। यह आदेश पूरे महानगर क्षेत्र में एक साथ लागू रहेगा।
क्या हैं नए प्रतिबंध और नियम
पुलिस आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक, इस अवधि के दौरान बिना पूर्व अनुमति के पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एक जगह इकट्ठा होने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। किसी भी प्रकार के सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन, जुलूस और गैर-कानूनी सभाओं को इस दायरे में रखा गया है।
इसके साथ ही ध्वनि प्रदूषण और भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए लाउडस्पीकर, साउंड एम्पलीफायर, डीजे, म्यूज़िकल बैंड और पटाखों के उपयोग को लेकर भी सख्त दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। सार्वजनिक स्थानों पर बिना मंजूरी के इन साधनों का इस्तेमाल करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा प्राथमिक प्राथमिकता
मुंबई में गणेशोत्सव के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक सड़कों पर उतरते हैं। ऐसे में शहर के संवेदनशील इलाकों में यातायात प्रबंधन और जनसुरक्षा पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती होती है। अधिकारियों का मानना है कि इन पाबंदियों से न केवल असामाजिक तत्वों पर नकेल कसी जा सकेगी, बल्कि किसी भी तरह की अनहोनी या अवांछित घटना से निपटना भी आसान होगा।
आपातकालीन सेवाओं को मिलेगी छूट
हालांकि, पुलिस प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि ये पाबंदियां आम नागरिकों के दैनिक जीवन को प्रभावित करने के लिए नहीं हैं। शादी-विवाह के पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों, अंत्येष्टि और आवश्यक सेवाओं से जुड़े कार्यों को उचित अनुमतियों के आधार पर छूट दी जाएगी।
नियमों के उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई
मुंबई पुलिस ने नागरिकों, उत्सव समितियों और आयोजकों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। इन नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों या संस्थाओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। पूरे शहर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर निगरानी बढ़ा दी गई है।

स्मृति ईरानी हुईं भावुक: पीएम मोदी के लिए छलक आए आंसू
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। 'टाइम्स नाउ' के कार्यक्रम के दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए बेहद भावुक नजर आईं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि उनके पिता के गिरेबान तक किसी का हाथ पहुंचा, तो यह उनकी अपनी गलती होगी।
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। 'टाइम्स नाउ' के कार्यक्रम के दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए बेहद भावुक नजर आईं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि उनके पिता के गिरेबान तक किसी का हाथ पहुंचा, तो यह उनकी अपनी गलती होगी।
प्रधानमंत्री मोदी और स्मृति ईरानी का रिश्ता
राजनीतिक गलियारों में अक्सर नेताओं के बीच की तल्खियां देखने को मिलती हैं, लेकिन कुछ रिश्ते इन सबसे परे होते हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबंध भी कुछ ऐसा ही है, जो समय-समय पर अपनी मजबूती और आत्मीयता के लिए चर्चा में रहता है। हाल ही में सामने आया स्मृति ईरानी का यह बयान इसी आत्मीयता और गहरे सम्मान की एक बानगी पेश करता है, जिसने हर सुनने वाले को झकझोर कर रख दिया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
वायरल हो रहे इस वीडियो में स्मृति ईरानी मीडिया मंच पर बातचीत के दौरान पूरी तरह भावुक नजर आ रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली और उनके व्यक्तिगत त्याग का जिक्र करते हुए ऐसा बयान दिया, जो अब इंटरनेट पर बहस का मुख्य विषय बन चुका है। उनके शब्दों में प्रधानमंत्री के प्रति एक अजीब सी सुरक्षा की भावना और आदर साफ तौर पर झलक रहा था।
प्रधानमंत्री के संघर्ष पर छलके आंसू
कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री ने बेहद मार्मिक अंदाज में प्रधानमंत्री मोदी के जीवन और उनके समर्पण को याद किया। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति की मां का निधन हो चुका हो, वह गम के तुरंत बाद देश के लिए वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाने निकल पड़ता है। इस वाकये को याद करते हुए उनकी आंखें नम हो गईं और उनका गला रुंध गया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उनके पिता की उम्र के हैं और उनके लिए यह सम्मान सर्वोपरि है।
मेरे पिता के गिरेबान तक बात
इस बातचीत का सबसे तीखा और प्रभावशाली हिस्सा वह था जब स्मृति ईरानी ने चेतावनी भरे लहजे में अपनी बात रखी। उन्होंने दो टूक अंदाज में कहा कि यदि किसी ने उनके पिता के गिरेबान तक हाथ पहुंचाने की कोशिश की, तो उसे उनकी अपनी गलती माना जाएगा। यह बयान राजनीतिक विरोधियों को एक कड़ा संदेश देने के साथ-साथ उनके व्यक्तिगत रिश्तों की गहराई को भी खुलकर बयान करता है।

दिल्ली हाईकोर्ट में सरकारी नौकरी का शानदार मौका, 150 पदों पर भर्ती का ऐलान
दिल्ली हाईकोर्ट ने सीनियर पर्सनल असिस्टेंट और पर्सनल असिस्टेंट के 150 पदों पर नई भर्तियों का ऐलान किया है। योग्य युवा 15 सितंबर 2026 से 5 अक्टूबर 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह उन युवाओं के लिए बेहतरीन अवसर है जो न्यायपालिका में अपना करियर बनाना चाहते हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट ने सीनियर पर्सनल असिस्टेंट और पर्सनल असिस्टेंट के 150 पदों पर नई भर्तियों का ऐलान किया है। योग्य युवा 15 सितंबर 2026 से 5 अक्टूबर 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह उन युवाओं के लिए बेहतरीन अवसर है जो न्यायपालिका में अपना करियर बनाना चाहते हैं।
भर्ती प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियां
दिल्ली हाईकोर्ट की इस बहुप्रतीक्षित भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 150 रिक्त पदों को भरा जाएगा। ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत 15 सितंबर 2026 से होने जा रही है, और उम्मीदवार 5 अक्टूबर 2026 तक अपने फॉर्म सबमिट कर सकेंगे। समय सीमा समाप्त होने के बाद किसी भी स्थिति में आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे, इसलिए इच्छुक उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय पर अपनी प्रक्रिया पूरी कर लें।
आयु सीमा और पात्रता के नियम
इस भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 32 वर्ष निर्धारित की गई है। आयु की गणना 1 जनवरी 2026 को आधार मानकर की जाएगी। इसके अलावा, उम्मीदवारों के पास इस पद के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता और शॉर्टहैंड तथा टाइपिंग में दक्षता होनी चाहिए, जो कि हाईकोर्ट के मानदंडों के अनुसार तय की गई है।
चयन प्रक्रिया और परीक्षा का स्वरूप
चयन प्रक्रिया में आमतौर पर टाइपिंग टेस्ट, शॉर्टहैंड टेस्ट और लिखित परीक्षा शामिल होती है, जिसके बाद अंतिम साक्षात्कार लिया जाता है। परीक्षा का स्तर उच्च न्यायालय के मानकों के अनुरूप होता है, जिसमें अंग्रेजी भाषा पर मजबूत पकड़ और गति अत्यंत आवश्यक है। जो उम्मीदवार इन सभी चरणों को सफलतापूर्वक पार कर लेंगे, उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट में प्रतिष्ठित पद पर नियुक्त किया जाएगा।
आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया
आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को दिल्ली हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। वहां दिए गए रिक्रूटमेंट पोर्टल पर जाकर पहले पंजीकरण करना होगा और फिर अपने दस्तावेजों के साथ फॉर्म भरना होगा। आवेदन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किया जाएगा। फॉर्म भरने से पहले सभी दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढ़ लें ताकि किसी प्रकार की त्रुटि न हो।

अडानी डिफेंस ने एके-203 असॉल्ट राइफल गोला-बारूद अनुबंध पर हस्ताक्षर किए
अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने भारत-रूस राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ पांच साल के समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत सशस्त्र बलों के लिए स्वदेशी 7.62×39 मिलीमीटर कैलिबर के छोटे हथियारों के गोला-बारूद की आपूर्ति की जाएगी, जो 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को गति देता है।
सारांश
अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने भारत-रूस राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ पांच साल के समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत सशस्त्र बलों के लिए स्वदेशी 7.62×39 मिलीमीटर कैलिबर के छोटे हथियारों के गोला-बारूद की आपूर्ति की जाएगी, जो 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को गति देता है।
परिचय एवं रणनीतिक महत्व
अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने भारत-रूस राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड (IRRPL) के साथ एक महत्वपूर्ण पांच वर्षीय समझौते को अंतिम रूप दिया है। इस अनुबंध का मुख्य उद्देश्य भारतीय सशस्त्र बलों को स्वदेशी रूप से निर्मित 7.62×39 मिमी छोटे कैलिबर के गोला-बारूद की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना है। यह समझौता भारत की रक्षा विनिर्माण क्षमताओं को सुदृढ़ करने और रक्षा क्षेत्र में विदेशी साजो-सामान पर निर्भरता को कम करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है।
संयुक्त उद्यम और विनिर्माण अवसंरचना
भारत-रूस राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड भारत की ओर से उन्नत भारत डिफेंस सिस्टम्स और एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड तथा रूस की ओर से रोसोबोरोनएक्सपोर्ट और कलाश्निकोव कंसर्न का एक संयुक्त उद्यम है। इस उपक्रम के तहत उत्तर प्रदेश के अमेठी स्थित कोरवा ऑर्डनेंस फैक्ट्री में आधुनिक तकनीक के माध्यम से हथियारों और गोला-बारूद का उत्पादन किया जा रहा है। निजी क्षेत्र की भागीदारी से इस विनिर्माण इकाई की उत्पादन क्षमता और दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।
आत्मनिर्भर भारत और रक्षा आधुनिकीकरण
यह समझौता केंद्र सरकार की 'आत्मनिर्भर भारत' पहल और रक्षा उत्पादन में स्वदेशीकरण के दीर्घकालिक लक्ष्यों के पूरी तरह अनुकूल है। छोटे हथियारों के लिए घरेलू स्तर पर गोला-बारूद का उत्पादन होने से न केवल आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षित होगी, बल्कि युद्ध की स्थिति में रणनीतिक स्वायत्तता भी सुनिश्चित होगी। इसके अलावा, इस परियोजना से देश में रक्षा विनिर्माण के एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र का विकास होगा और उच्च तकनीक वाले रोजगार के अवसरों का सृजन होगा।
Delight News
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