
NRI ग्राहकों को झटका: HDFC, ICICI और SBI ने घटाईं FCNR जमा दरें
आरबीआई द्वारा डॉलर-रुपया स्वैप विंडो को समय से पहले बंद करने के फैसले के बाद देश के बड़े बैंकों ने FCNR जमा दरों में भारी कटौती की है। एचडीएफसी, आईसीआईसीआई और एसबीआई द्वारा ब्याज दरें लगभग आधी करने से एनआरआई निवेशकों को मिलने वाले रिटर्न में बड़ा नुकसान तय माना जा रहा है।
खबर का निचोड़
आरबीआई द्वारा डॉलर-रुपया स्वैप विंडो को समय से पहले बंद करने के फैसले के बाद देश के बड़े बैंकों ने FCNR जमा दरों में भारी कटौती की है। एचडीएफसी, आईसीआईसीआई और एसबीआई द्वारा ब्याज दरें लगभग आधी करने से एनआरआई निवेशकों को मिलने वाले रिटर्न में बड़ा नुकसान तय माना जा रहा है।
FCNR दरों में भारी कटौती से NRI निवेशकों को झटका
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा विशेष डॉलर-रुपया स्वैप विंडो को समय से पहले बंद करने का असर अब बैंकिंग क्षेत्र पर स्पष्ट रूप से दिखने लगा है। देश के प्रमुख निजी और सरकारी बैंकों ने विदेशी मुद्रा गैर-निवासी (FCNR-B) जमा योजनाओं पर मिलने वाले ब्याज में सीधी और बड़ी कटौती कर दी है। इस फैसले का सीधा असर गैर-निवासी भारतीयों (NRIs) की कमाई पर पड़ेगा, जो सुरक्षित और बेहतर रिटर्न के लिए भारतीय बैंकों की FCNR योजनाओं में भारी निवेश करते हैं।
किस बैंक ने कितनी घटाई ब्याज दर
कटौती के इस आंकड़े ने बैंकिंग सेक्टर और निवेशकों, दोनों को चौंकाया है। देश के सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी (HDFC) बैंक ने अपनी 5-साल की FCNR (B) जमा दर को 6.25% से सीधे घटाकर 3.15% कर दिया है। वहीं आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक ने भी इसी अवधि की दरों को 6.00% से घटाकर 2.90% पर ला दिया है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में भी 5-वर्षीय रेगुलर FCNR (B) दर अब घटकर 3.05% रह गई है। ब्याज दरों में लगभग 50% तक की यह गिरावट एनआरआई जमाकर्ताओं के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है।
RBI के फैसले का बैंकों पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि बैंकों द्वारा उठाया गया यह कदम सीधे तौर पर आरबीआई की मौद्रिक नीतियों से जुड़ा हुआ है। जब रिज़र्व बैंक ने अपनी विशेष स्वैप सुविधा को तय समय से पहले समाप्त किया, तो बैंकों के पास विदेशी मुद्रा तरलता प्रबंधन के विकल्प सीमित हो गए। इस खिड़की के बंद होने से बैंकों के लिए FCNR जमा पर ऊंची ब्याज दरें देना अब वित्तीय रूप से व्यवहार्य नहीं रह गया था। यही वजह है कि बैंकों ने अपनी लागत को संतुलित करने के लिए FCNR दरों में त्वरित संशोधन किया।
विदेशी मुद्रा प्रवाह और एनआरआई पोर्टफोलियो
FCNR खातों की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि इसमें एनआरआई ग्राहकों को करेंसी जोखिम (Exchange Rate Risk) नहीं उठाना पड़ता। डॉलर या अन्य प्रमुख विदेशी मुद्राओं में जमा किए गए पैसे पर मिलने वाला निश्चित रिटर्न हमेशा से एनआरआई निवेशकों को आकर्षित करता रहा है। हालांकि, दरों में इतनी बड़ी कटौती के बाद अब भारतीय बैंकों में विदेशी मुद्रा का प्रवाह धीमा होने की आशंका जताई जा रही है। कई निवेशक अब उच्च रिटर्न वाले अन्य वैश्विक विकल्पों या डेट इंस्ट्रूमेंट्स की तरफ रुख कर सकते हैं।

BPSC TRE 4.0 Recruitment 2026: 32 हजार से अधिक पदों पर शिक्षक भर्ती का नोटिफिकेशन जारी
बिहार में शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक सुनहरा मौका सामने आ चुका है। बिहार लोक सेवा आयोग ने बहुप्रतीक्षित TRE 4.0 भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस अभियान के तहत राज्य के स्कूलों में 32 हजार से अधिक पदों पर योग्य शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी, जिससे शिक्षा जगत में रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
BPSC TRE 4.0 Recruitment 2026: 32 हजार से अधिक पदों पर शिक्षक भर्ती का नोटिफिकेशन जारी
बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने की इच्छा रखने वाले उम्मीदवारों के लिए यह साल बेहद खास साबित होने वाला है। बिहार लोक सेवा आयोग ने स्कूल शिक्षक प्रतियोगिता परीक्षा (TRE 4.0) के लिए आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस महत्वपूर्ण भर्ती प्रक्रिया के जरिए कुल 32,388 पदों को भरा जाएगा। सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह अपनी योग्यता साबित करने का एक बेहतरीन अवसर है।
महत्वपूर्ण तिथियां और आवेदन प्रक्रिया
इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया आगामी 21 सितंबर 2026 से शुरू होगी। जो उम्मीदवार इन पदों के लिए पात्रता रखते हैं, वे 21 अक्टूबर 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से अपना आवेदन ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। तय की गई समयसीमा के भीतर आवेदन करना अनिवार्य होगा, क्योंकि अंतिम तिथि के बाद किसी भी परिस्थिति में फॉर्म स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम दिनों की भीड़ से बचने के लिए समय रहते अपना पंजीकरण पूरा कर लें।
आयु सीमा और पात्रता के मानदंड
आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, इस भर्ती के लिए न्यूनतम आयु सीमा 18 से 21 वर्ष के बीच तय की गई है, जो पद के अनुसार भिन्न हो सकती है। वहीं, आवेदकों के लिए अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष निर्धारित की गई है। आयु की गणना 01 अगस्त 2026 के आधार पर की जाएगी। इसके अलावा, विभिन्न श्रेणियों के उम्मीदवारों को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट का प्रावधान भी मिलेगा। पात्रता से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए अभ्यर्थियों को आधिकारिक नोटिफिकेशन का अध्ययन करना चाहिए।
चयन प्रक्रिया और परीक्षा का स्वरूप
BPSC हमेशा से अपनी पारदर्शी और सख्त चयन प्रक्रिया के लिए जाना जाता है। TRE 4.0 के तहत योग्य उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा के आधार पर किया जाएगा। परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को ही दस्तावेज सत्यापन और अंतिम नियुक्ति के लिए बुलाया जाएगा। इस बार प्रतिस्पर्धा कड़ी होने की पूरी उम्मीद है, इसलिए परीक्षédियों को अपनी तैयारी को अभी से और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है। परीक्षा पैटर्न और पाठ्यक्रम से जुड़ी हर एक बारीक जानकारी आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी गई है।

IBPS RRB Recruitment 2026: 13,441 पदों पर बंपर भर्ती, 21 सितंबर तक करें आवेदन
बैंकिंग सेक्टर में सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए शानदार मौका आ गया है। इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन (IBPS) ने रीजनल रूरल बैंक्स (RRBs) में विभिन्न पदों पर बंपर भर्तियों का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। योग्य उम्मीदवार अंतिम तिथि से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
बैंकिंग सेक्टर में सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए शानदार मौका आ गया है। इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन (IBPS) ने रीजनल रूरल बैंक्स (RRBs) में विभिन्न पदों पर बंपर भर्तियों का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। योग्य उम्मीदवार अंतिम तिथि से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन प्रक्रिया और अंतिम तिथि
आईबीपीएस आरआरबी भर्ती 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों के पास आवेदन करने के लिए 21 सितंबर 2026 तक का समय है। निर्धारित अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद किसी भी उम्मीदवार का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा, इसलिए समय रहते अपनी प्रक्रिया पूरी कर लें।
कुल पद और रिक्तियों का विवरण
इस भर्ती अभियान के माध्यम से कुल 13,441 रिक्त पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इसमें ऑफिस असिस्टेंट के 7,993 पद, ऑफिसर स्केल 1 के 4,256 पद, ऑफिसर स्केल 2 (जनरल बैंकिंग) के 666 पद, आईटी के 79 पद, सीए के 99 पद, लॉ के 46 पद, ट्रेजरी मैनेजर के 18 पद, मार्केटिंग एवं एग्रीकल्चर के 48 पद और ऑफिसर स्केल 3 के 220 पद शामिल हैं।
पात्रता और आवेदन शुल्क
विभिन्न पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा अलग-अलग निर्धारित की गई है, जिसकी विस्तृत जानकारी आधिकारिक नोटिफिकेशन में दी गई है। आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को निर्धारित परीक्षा शुल्क का भुगतान भी ऑनलाइन माध्यम से ही करना होगा। शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि भी 21 सितंबर 2026 ही निर्धारित की गई है।

SaaS जगत को बड़ा झटका: Whatfix के सह-संस्थापक खादिम बट्टी का निधन
भारतीय एंटरप्राइज़ सॉफ्टवेयर और SaaS उद्योग ने अपना एक दिग्गज चेहरा खो दिया है। Whatfix के सह-संस्थापक और सीईओ खादिम बट्टी का अचानक निधन हो गया। 2014 में स्थापित उनकी कंपनी ने वैश्विक स्तर पर डिजिटल एडॉप्शन प्लैटफॉर्म क्षेत्र में क्रांति ला दी थी। भारतीय टेक कम्युनिटी उनके विजनरी नेतृत्व को याद कर शोक व्यक्त कर रही है।
खबर का निचोड़
भारतीय एंटरप्राइज़ सॉफ्टवेयर और SaaS उद्योग ने अपना एक दिग्गज चेहरा खो दिया है। Whatfix के सह-संस्थापक और सीईओ खादिम बट्टी का अचानक निधन हो गया। 2014 में स्थापित उनकी कंपनी ने वैश्विक स्तर पर डिजिटल एडॉप्शन प्लैटफॉर्म क्षेत्र में क्रांति ला दी थी। भारतीय टेक कम्युनिटी उनके विजनरी नेतृत्व को याद कर शोक व्यक्त कर रही है।
टेक जगत में शोक की लहर: एक विजनरी लीडर को खोया
भारतीय स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। एंटरप्राइज़ सॉफ्टवेयर क्षेत्र की जानी-मानी कंपनी Whatfix के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) खादिम बट्टी का निधन हो गया है। उनके असमय चले जाने से संपूर्ण भारतीय SaaS (सॉफ्टवेयर-ऐज-अ-सर्विस) और AI फाउंडर कम्युनिटी में शोक की लहर दौड़ गई है। उन्होंने न केवल एक सफल टेक कंपनी खड़ी की, बल्कि भारत से वैश्विक स्तर के सॉफ्टवेयर उत्पाद बनाने का रास्ता भी दिखाया।
शून्य से शिखर तक: Whatfix की सफलता का सफर
खादिम बट्टी ने साल 2014 में अपने साथी वाड़ा कुमार नांबुरु के साथ मिलकर Whatfix की नींव रखी थी। उस समय कंपनियों को अपने कर्मचारियों और ग्राहकों को नए सॉफ्टवेयर अपनाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। खादिम ने इस समस्या को समझा और एक ऐसा 'डिजिटल एडॉप्शन प्लैटफॉर्म' तैयार किया, जिसने एंटरप्राइज़ सॉफ्टवेयर के उपयोग को बेहद सरल और सुलभ बना दिया। देखते ही देखते Whatfix दुनिया भर की दिग्गज कंपनियों की पहली पसंद बन गया और इसने वैश्विक टेक मानचित्र पर अपनी मजबूत जगह बना ली।
मजबूत तकनीकी पृष्ठभूमि और दूरदर्शी सोच
Whatfix की शुरुआत करने से पहले खादिम बट्टी का करियर बेहद शानदार और उपलब्धियों से भरा रहा। उन्होंने हुआवेई टेक्नोलॉजीज़ (Huawei Technologies) में डिलीवरी हेड के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं, जहां उन्होंने बड़े पैमाने पर तकनीकी प्रोजेक्ट्स को संभाला। इसके अलावा वह 'SearchEnabler' के सह-संस्थापक और सीईओ भी रहे। उनके पास एंटरप्राइज़ टेक्नोलॉजी, उत्पाद विकास और बाजार की ज़रूरतों को समझने की अद्भुत क्षमता थी। उनकी यही दूरदर्शी सोच उनके हर कदम में साफ झलकती थी।
स्टार्टअप इकोसिस्टम के मार्गदर्शक
खादिम सिर्फ एक सफल उद्यमी ही नहीं थे, बल्कि भारतीय टेक और AI इकोसिस्टम के एक बेहद सक्रिय और मददगार सदस्य थे। वह नए संस्थापकों और उभरते हुए युवाओं को मेंटर करने के लिए हमेशा तत्पर रहते थे। भारतीय SaaS कम्युनिटी को वैश्विक पहचान दिलाने में उनका योगदान हमेशा अविस्मरणीय रहेगा। टेक जगत उन्हें एक शांत, विनम्र और बेहद तेजतर्रार लीडर के रूप में हमेशा याद रखेगा, जिन्होंने भारतीय स्टार्टअप्स को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।

बैंक खाते से कटे गलत पैसे? परेशान न हों, RBI के इस नियम से तुरंत वापस मिलेगा फंड
डिजिटल बैंकिंग के दौर में गलत ट्रांजैक्शन या खाते से अतिरिक्त पैसे कट जाना आम बात हो गई है। अगर बैंक आपकी शिकायत के बाद भी रकम वापस करने में आनाकानी करता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का बैंकिंग ओंबुड्समैन नियम आपको पूरा पैसा वापस दिलाने की कानूनी गारंटी देता है।
खबर का निचोड़
डिजिटल बैंकिंग के दौर में गलत ट्रांजैक्शन या खाते से अतिरिक्त पैसे कट जाना आम बात हो गई है। अगर बैंक आपकी शिकायत के बाद भी रकम वापस करने में आनाकानी करता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का बैंकिंग ओंबुड्समैन नियम आपको पूरा पैसा वापस दिलाने की कानूनी गारंटी देता है।
डिजिटल दौर में खाते से सेंध या सिस्टम की चूक
आजकल ज्यादातर लोग यूपीआई, नेट बैंकिंग या डेबिट कार्ड से लेनदेन करते हैं। अक्सर सर्वर डाउन होने या किसी तकनीकी गड़बड़ी के कारण खाते से पैसे तो कट जाते हैं, लेकिन सामने वाले व्यक्ति तक नहीं पहुंचते। कई बार बैंक बिना किसी पूर्व सूचना या गलती के एक्स्ट्रा चार्ज भी काट लेते हैं। ऐसी स्थिति में ग्राहक खुद को ठगा हुआ महसूस करते हैं, जबकि RBI के स्पष्ट निर्देश हैं कि ऐसी चूकों पर ग्राहकों के अधिकारों की रक्षा हर हाल में की जाएगी।
शिकायत की पहली सीढ़ी: सबूत के साथ दर्ज कराएं आपत्ति
खाते से गलत पैसे कटते ही सबसे पहला कदम बैंक को सूचित करने का होना चाहिए। अपने बैंक के कस्टमर केयर पर कॉल करें और घटना की तुरंत जानकारी दें। इसके बाद बैंक के ऑफिशियल ऐप, वेबसाइट या ब्रांच में जाकर लिखित शिकायत दर्ज कराएं। ट्रांजैक्शन का मैसेज, बैंक स्टेटमेंट और रेफरेंस नंबर जैसी तमाम जानकारियों को संभालकर रखें। शिकायत दर्ज होते ही बैंक से एक यूनीक कंप्लेंट नंबर जरूर लें, क्योंकि आगे की पूरी कार्रवाई इसी नंबर पर आधारित होगी।
30 दिनों की समय सीमा और RBI का दखल
नियमानुसार बैंक को आपकी शिकायत पर 30 दिनों के भीतर समाधान निकालना अनिवार्य है। यदि बैंक एक महीने के भीतर आपकी समस्या का हल नहीं निकालता या बैंक का जवाब संतोषजनक नहीं होता, तो मामला रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया के पाले में चला जाता है। RBI का 'बैंकिंग ओंबुड्समैन' (बैंकिंग लोकपाल) ग्राहकों के अधिकारों की रक्षा के लिए ही बनाया गया है। यहां शिकायत करना बेहद आसान और पूरी तरह से मुफ्त है।
बैंकिंग ओंबुड्समैन के पास ऐसे करें शिकायत
RBI के पोर्टल (cms.rbi.org.in) पर जाकर कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकता है। इसके अलावा toll-free नंबर 14448 पर कॉल करके या लिखित रूप में RBI के लोकपाल कार्यालय को आवेदन भेजा जा सकता है। शिकायत दर्ज करते समय अपनी पुरानी बैंक कंप्लेंट का ब्योरा और ट्रांजैक्शन के सबूत अपलोड करने होते हैं। रिज़र्व बैंक मामले की निष्पक्ष जांच करता है और बैंक की लापरवाही साबित होने पर न केवल पूरा पैसा वापस दिलाता है, बल्कि मानसिक प्रताड़ना के लिए हर्जाना लगाने का भी प्रावधान रखता है।
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