Delight News Logo
Latest सामान्य ख़बरें सरकारी नौकरी करेंट अफेयर्स परीक्षा ज्ञान
उत्तराखंड में सरकारी नौकरी का शानदार मौका, UKSSSC ने निकाली 553 पदों पर बंपर भर्ती

उत्तराखंड में सरकारी नौकरी का शानदार मौका, UKSSSC ने निकाली 553 पदों पर बंपर भर्ती

Delight News
📅 01 Sep2026

उत्तराखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ा मौका सामने आया है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने विभिन्न ग्रुप-सी पदों पर बंपर भर्तियों का ऐलान किया है, जिसके तहत कुल 553 पदों पर योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति की जाएगी। लंबे समय से सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह नोटिफिकेशन किसी बड़े तोहफ़े से कम नहीं है।

उत्तराखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ा मौका सामने आया है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने विभिन्न ग्रुप-सी पदों पर बंपर भर्तियों का ऐलान किया है, जिसके तहत कुल 553 पदों पर योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति की जाएगी। लंबे समय से सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह नोटिफिकेशन किसी बड़े तोहफ़े से कम नहीं है।
भर्ती का संक्षिप्त विवरण
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा जारी विज्ञापन संख्या 80/UKSSSC/2026 के अंतर्गत कुल 553 पदों पर आवेदन मांगे गए हैं। आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर इस संबंध में पूरी सूचना उपलब्ध करा दी गई है। इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया आगामी 08 सितंबर 2026 से शुरू होगी, जो 07 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। समय सीमा के भीतर आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे।
पात्रता और आयु सीमा
इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु पद के अनुसार 18 से 21 वर्ष के बीच निर्धारित की गई है। वहीं, अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष तय की गई है। आयु की गणना 01 जुलाई 2026 को आधार मानकर की जाएगी। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को उत्तराखंड सरकार के नियमानुसार आयु सीमा में छूट का लाभ मिलेगा। शैक्षिक योग्यता से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक नोटिफिकेशन पढ़ने की सलाह दी जाती है।
आवेदन प्रक्रिया और चयन का आधार
इच्छुक और योग्य उम्मीदवार UKSSSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भर सकेंगे। आवेदन शुरू होने की तिथि 08 सितंबर 2026 है और अंतिम तिथि 07 अक्टूबर 2026 है। चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और अन्य निर्धारित चरण शामिल होंगे, जिसके आधार पर अंतिम मेधा सूची तैयार की जाएगी। तय समय पर आवेदन शुल्क का भुगतान करना अनिवार्य होगा।
SCO शिखर सम्मेलन: कूटनीतिक तकरार, पानी का मुद्दा और तस्वीरों की सियासत

SCO शिखर सम्मेलन: कूटनीतिक तकरार, पानी का मुद्दा और तस्वीरों की सियासत

Delight News
📅 01 Sep2026

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के मंच पर भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तकरार एक बार फिर खुलकर सामने आई। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पानी को हथियार बनाने का अप्रत्यक्ष आरोप लगाकर भारत पर निशाना साधा, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भरता और स्वदेशी अपनाने का संदेश दिया। इस सम्मेलन के दौरान कूटनीतिक चालबाजियों और तस्वीरों से जुड़े विवादों ने अंतरराष्ट्रीय गलियारों में खूब सुर्खियां बटोरीं।

एसोसिएशन ऑफ साउथईस्ट एशियन नेशंस शिखर सम्मेलन या एससीओ? (ध्यान दें: संदर्भ शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO का है)। एससीओ शिखर सम्मेलन के मंच से कूटनीति के नए दांव, पानी पर तल्खी और तस्वीरों की सियासत ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है।
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के मंच पर भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तकरार एक बार फिर खुलकर सामने आई। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पानी को हथियार बनाने का अप्रत्यक्ष आरोप लगाकर भारत पर निशाना साधा, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भरता और स्वदेशी अपनाने का संदेश दिया। इस सम्मेलन के दौरान कूटनीतिक चालबाजियों और तस्वीरों से जुड़े विवादों ने अंतरराष्ट्रीय गलियारों में खूब सुर्खियां बटोरीं।
पानी पर तंज और मोदी का स्वदेशी मंत्र
शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बिना नाम लिए भारत पर पानी को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने क्षेत्रीय सहयोग की बात तो की, लेकिन उनका निशाना स्पष्ट रूप से सिंधु जल समझौते और भारत की जल नीतियों पर था। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में वैश्विक दक्षिण (Global South) के विकास, आपसी विश्वास और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने पर जोर दिया। पीएम मोदी का यह रुख स्पष्ट संदेश था कि भारत आंतरिक आत्मनिर्भरता और क्षेत्रीय शांति के एजेंडे पर अडिग है।
फोटोशॉप सियासत और पाकिस्तान की फजीहत
सम्मेलन के दौरान की एक ग्रुप फोटो ने सोशल मीडिया पर भारी विवाद खड़ा कर दिया। पाकिस्तान के आधिकारिक हैंडल से जारी की गई इस तस्वीर में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को फ्रेम के बिल्कुल केंद्र में दिखाया गया, जबकि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस तस्वीर से क्रॉप करके किनारे कर दिया गया या फ्रेम से बाहर कर दिया गया। इस बचकानी हरकत और फोटो-एडिटिंग के खुलासे के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की जमकर आलोचना हुई। जानकारों का मानना है कि कूटनीतिक मंचों पर इस तरह की ओछी हरकतें पाकिस्तान की कुंठा को दर्शाती हैं।
आतंकवाद पर कड़ा रुख और पुतिन से मुलाकात की कोशिश
बैठक के अंत में 'बिश्केक घोषणा' पर सभी सदस्य देशों ने हस्ताक्षर किए। इस घोषणा पत्र में आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने और क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया। इसके अलावा, सम्मेलन के इतर पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ द्वारा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करने के तमाम प्रयास राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने रहे। विश्लेषकों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अलग-थलग पड़ चुका पाकिस्तान अपने वजूद और समर्थन के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है।
कौशांबी में अवैध पटाखा फैक्ट्री धमाका: 11 मजदूरों की मौत, मुख्य आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार

कौशांबी में अवैध पटाखा फैक्ट्री धमाका: 11 मजदूरों की मौत, मुख्य आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार

Delight News
📅 01 Sep2026

​कौशांबी के एक अवैध पटाखा कारखाने में हुए भीषण विस्फोट ने झकझोर कर रख दिया है। इस दिल दहला देने वाले हादसे में 11 मासूम मजदूरों की जान चली गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नौशाद को एनकाउंटर के बाद दबोच लिया, जबकि फैक्ट्री मालिक आदिल की तलाश जारी है। प्रशासनिक सख्ती के बीच लापरवाही बरतने वाले पांच पुलिसकर्मी भी सस्पेंड कर दिए गए हैं।

कौशांबी में अवैध पटाखा फैक्ट्री धमाका: 11 मजदूरों की मौत, मुख्य आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार
कौशांबी के एक अवैध पटाखा कारखाने में हुए भीषण विस्फोट ने झकझोर कर रख दिया है। इस दिल दहला देने वाले हादसे में 11 मासूम मजदूरों की जान चली गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नौशाद को एनकाउंटर के बाद दबोच लिया, जबकि फैक्ट्री मालिक आदिल की तलाश जारी है। प्रशासनिक सख्ती के बीच लापरवाही बरतने वाले पांच पुलिसकर्मी भी सस्पेंड कर दिए गए हैं।
मौत के सौदागरों की लापरवाही का खौफनाक मंजर
उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में बारूद के ढेर पर चल रही मौत की एक फैक्ट्री ने आखिरकार भयानक रूप ले लिया। अवैध रूप से संचालित इस पटाखा कारखाने में हुए भीषण विस्फोट की गूंज दूर-दूर तक सुनाई दी। इस शक्तिशाली धमाके की चपेट में आकर मौके पर ही 11 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि आसपास की हवा में सिर्फ बारूद की गंध और अपनों को खोने वाले परिवारों की चीखें गूंज रही थीं।
फैक्ट्री के भीतर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे और नियमों को ताक पर रखकर भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री का भंडारण किया गया था। इस अवैध कारोबार का मुख्य संचालक आदिल बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें दबिश दे रही हैं। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नौशाद के अवैध गोदाम को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया है।
मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी गिरफ्तार और पुलिस पर गिरी गाज
घटना के बाद फरार चल रहे मुख्य आरोपी नौशाद को पकड़ने के लिए पुलिस ने जाल बिछाया। गिरफ्तारी के दौरान नौशाद ने पुलिस दल पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में हुई मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी और वह दबोचा गया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उससे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।
इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक मशीनरी और स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि इस अवैध खेल की जानकारी स्थानीय पुलिस को भी थी, लेकिन मिलीभगत के चलते आंखें मूंद ली गईं। जैसे ही यह लापरवाही उजागर हुई, गाज गिरनी तय थी। प्रशासनिक अमले ने कड़ा रुख अपनाते हुए थाना प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
थम गईं पटरियों की रफ्तार और मुआवजे का ऐलान
हादसे की भीषणता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसका असर परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ा। पटाखा फैक्ट्री रेलवे ट्रैक के बेहद करीब स्थित थी, जिसके चलते हुए शक्तिशाली विस्फोट से पटरियों को भी नुकसान पहुंचा। इस तकनीकी और सुरक्षा कारणों के चलते वंदे भारत ट्रेन सहित कई अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनों का संचालन बाधित हुआ, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। रेलवे और प्रशासनिक टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पटरियों की मरम्मत का काम शुरू किया ताकि यातायात को जल्द से जल्द सुचारू किया जा सके। सरकार और स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है, लेकिन बारूद के इन अवैध कारखानों पर हमेशा के लिए लगाम कसने के लिए अब जनता और प्रशासन को और अधिक सतर्क होने की जरूरत है।
राष्ट्रपति के पूर्व एडीसी मेजर ऋषभ सिंह संब्याल ने छोड़ी सेना, फैंस हैरान

राष्ट्रपति के पूर्व एडीसी मेजर ऋषभ सिंह संब्याल ने छोड़ी सेना, फैंस हैरान

Delight News
📅 01 Sep2026

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पूर्व एडीसी और देश के युवाओं के बीच सोशल मीडिया पर खासे लोकप्रिय रहे मेजर ऋषभ सिंह संब्याल ने भारतीय सेना से समय से पहले सेवानिवृत्ति ले ली है। लगभग 12 साल के गौरवशाली सैन्य करियर को विराम देने वाले मेजर संब्याल के इस फैसले ने उनके प्रशंसकों को चौंका दिया है। सोशल मीडिया पर 'नेशनल क्रश' के रूप में पहचान बना चुके मेजर ने अपनी विदाई के पीछे की वजहों का खुद खुलासा किया है।

राष्ट्रपति के पूर्व एडीसी मेजर ऋषभ सिंह संब्याल ने छोड़ी सेना, फैंस हैरान
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पूर्व एडीसी और देश के युवाओं के बीच सोशल मीडिया पर खासे लोकप्रिय रहे मेजर ऋषभ सिंह संब्याल ने भारतीय सेना से समय से पहले सेवानिवृत्ति ले ली है। लगभग 12 साल के गौरवशाली सैन्य करियर को विराम देने वाले मेजर संब्याल के इस फैसले ने उनके प्रशंसकों को चौंका दिया है। सोशल मीडिया पर 'नेशनल क्रश' के रूप में पहचान बना चुके मेजर ने अपनी विदाई के पीछे की वजहों का खुद खुलासा किया है।
निजी और पारिवारिक कारणों से लिया फैसला
मेजर ऋषभ सिंह संब्याल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपनी प्री-मैच्योर रिटायरमेंट की सच्चाई सामने रखी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका यह कदम पूरी तरह से निजी और पारिवारिक प्राथमिकताओं पर आधारित है। पिछले कुछ दिनों से इंटरनेट पर उनकी शादी को लेकर तमाम तरह की अफवाहें चल रही थीं, जिन्हें उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि नौकरी छोड़ने का कारण किसी विवाह से जुड़ा नहीं है, बल्कि कुछ व्यक्तिगत और घरेलू जिम्मेदारियां हैं जिन्हें पूरा करना उनके लिए इस समय सर्वोपरि है।
असाधारण सैन्य सफर और उपलब्धियां
सैनिक स्कूल कपूरथला के मेधावी छात्र रहे मेजर संब्याल का सैन्य करियर बेहद प्रेरणादायक और गौरवशाली रहा है। उन्होंने भारतीय सेना के सबसे खतरनाक और प्रतिष्ठित रेजिमेंट में शुमार 4 पैरा स्पेशल फोर्सेज (4 Para SF) का हिस्सा बनकर देश की रक्षा में अहम भूमिका निभाई। अपनी असाधारण नेतृत्व क्षमता और सैनिक अनुशासन के दम पर उन्होंने गणतंत्र दिवस परेड जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय परेड में अपनी टुकड़ी का शानदार नेतृत्व किया। इसके बाद उन्हें देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के एडीसी (Aide-de-Camp) जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई, जिसे उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ निभाया।
राष्ट्रपति से मुलाकात और भविष्य की राह
सेना की वर्दी को अलविदा कहने से पहले मेजर संब्याल ने राष्ट्रपति भवन जाकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने देश की प्रथम नागरिक से आशीर्वाद लिया और अपने कार्यकाल के दौरान मिले मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। सोशल मीडिया पर उनके इस फैसले के बाद समर्थकों की प्रतिक्रियाओं का तांता लगा हुआ है। भले ही उन्होंने सक्रिय सैन्य सेवा से नाता तोड़ लिया है, लेकिन देश के प्रति उनके समर्पण और उनके विशिष्ट व्यक्तित्व की चर्चाएं लगातार बनी हुई हैं।
सोना मत खरीदिए, विदेश में शादी बंद कीजिए: पीएम मोदी की अपील

सोना मत खरीदिए, विदेश में शादी बंद कीजिए: पीएम मोदी की अपील

Delight News
📅 01 Sep2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से स्वदेशी अपनाने और विदेश में शादियों जैसी खर्चीली परंपराओं से बचने की जोरदार अपील की है। भारत की शानदार 7.8 प्रतिशत की जीडीपी ग्रोथ के बीच यह बयान देश की आर्थिकी को मजबूत करने और धन के देश के भीतर प्रवाह को बनाए रखने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है।

सोना मत खरीदिए, विदेश में शादी बंद कीजिए: पीएम मोदी की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से स्वदेशी अपनाने और विदेश में शादियों जैसी खर्चीली परंपराओं से बचने की जोरदार अपील की है। भारत की शानदार 7.8 प्रतिशत की जीडीपी ग्रोथ के बीच यह बयान देश की आर्थिकी को मजबूत करने और धन के देश के भीतर प्रवाह को बनाए रखने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है।
स्वदेशी अपनाओ और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर देशवासियों से पूरी ताकत के साथ 'स्वदेशी' अपनाने की जोरदार अपील की है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक खास सेल्फी-स्टील रील शेयर करते हुए देश के नाम यह संदेश दिया है। इस संदेश के केंद्र में भारत की आर्थिक तरक्की और नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है। पीएम मोदी ने भारत की 7.8 प्रतिशत की शानदार जीडीपी यानी आर्थिक विकास दर हासिल करने पर देशवासियों को बधाई दी है और इसे एक ऐतिहासिक सफलता बताया है। उनका मानना है कि इस विकास रथ को और आगे ले जाने के लिए हर नागरिक को अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव करने होंगे।
विदेश में शादियों और सोने की खरीद पर रोक की सलाह
इस वीडियो संदेश के दौरान प्रधानमंत्री ने कुछ ऐसी बातों पर सीधा प्रहार किया है जो देश के धन को बाहर ले जाती हैं। उन्होंने जनता से साफ शब्दों में कहा है कि सोना खरीदने की अंधी दौड़ से बचा जाए और विदेशों में जाकर डेस्टिनेशन वेडिंग करने के चलन को पूरी तरह बंद किया जाए। जब देश का पैसा विदेशों में शादियों के नाम पर पानी की तरह बहाया जाता है, तो उसका सीधा नुकसान भारतीय अर्थव्यवस्था को होता है। पीएम का यह तर्क बेहद सीधा है कि यदि यही पैसा भारत के भीतर खर्च किया जाए, तो यहाँ के स्थानीय कारोबारियों, कारीगरों और छोटे उद्योगों को सीधा लाभ पहुंचेगा।
7.8% जीडीपी और स्वदेशी का गहरा कनेक्शन
वर्तमान में भारत की जीडीपी दर 7.8 प्रतिशत के मजबूत स्तर पर पहुंच चुकी है, जो वैश्विक मंच पर देश की आर्थिक मजबूती का डंका बजा रही है। इसी सफलता के संदर्भ में पीएम मोदी की यह अपील और अधिक प्रासंगिक हो जाती है। यदि देश का हर नागरिक विदेशी उत्पादों के बजाय स्वदेशी विकल्पों को चुनेगा और देश के भीतर ही उत्सव मनाएगा, तो धन का यह प्रवाह देश की आंतरिक बाजारों को नई ऊर्जा देगा। प्रधानमंत्री का यह आह्वान केवल एक सलाह नहीं, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने का एक ठोस मंत्र है, जो भारत को वैश्विक महाशक्ति बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

Delight News

निष्पक्ष पत्रकारिता, सटीक विश्लेषण

Delight News एक प्रमुख डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म है जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और जनता तक बिल्कुल सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय हिंदी खबरें पहुंचाना है। हम बिना किसी पक्षपात के राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राजनीति, खेल, शिक्षा, सरकारी नौकरी और करंट अफेयर्स से जुड़ी हर छोटी-बड़ी ताजा खबरें आप तक सबसे पहले पहुंचाते हैं।
📬 हमसे संपर्क करें
delightnews.in@gmail.com Official YouTube Channel Official Instagram Profile

📍 अपनी लोकेशन Set करें



Privacy Policy & Terms

Delight News परिवार से जुड़ें

📱 और भी बेहतर अनुभव के लिए!

ताजा खबरों के सबसे तेज नोटिफिकेशन और शानदार यूज़र इंटरफेस के साथ देश-दुनिया के लाइव अपडेट्स सीधे अपने mobile पर पाने के लिए हमारा Delight News Android App डाउनलोड करें।

📥 Download Android App