Delight News Logo
Latest सामान्य ख़बरें सरकारी नौकरी करेंट अफेयर्स परीक्षा ज्ञान
कौशांबी में अवैध पटाखा फैक्ट्री धमाका: 11 मजदूरों की मौत, मुख्य आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार

कौशांबी में अवैध पटाखा फैक्ट्री धमाका: 11 मजदूरों की मौत, मुख्य आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार

Delight News
📅 01 Sep2026

​कौशांबी के एक अवैध पटाखा कारखाने में हुए भीषण विस्फोट ने झकझोर कर रख दिया है। इस दिल दहला देने वाले हादसे में 11 मासूम मजदूरों की जान चली गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नौशाद को एनकाउंटर के बाद दबोच लिया, जबकि फैक्ट्री मालिक आदिल की तलाश जारी है। प्रशासनिक सख्ती के बीच लापरवाही बरतने वाले पांच पुलिसकर्मी भी सस्पेंड कर दिए गए हैं।

कौशांबी में अवैध पटाखा फैक्ट्री धमाका: 11 मजदूरों की मौत, मुख्य आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार
कौशांबी के एक अवैध पटाखा कारखाने में हुए भीषण विस्फोट ने झकझोर कर रख दिया है। इस दिल दहला देने वाले हादसे में 11 मासूम मजदूरों की जान चली गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नौशाद को एनकाउंटर के बाद दबोच लिया, जबकि फैक्ट्री मालिक आदिल की तलाश जारी है। प्रशासनिक सख्ती के बीच लापरवाही बरतने वाले पांच पुलिसकर्मी भी सस्पेंड कर दिए गए हैं।
मौत के सौदागरों की लापरवाही का खौफनाक मंजर
उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में बारूद के ढेर पर चल रही मौत की एक फैक्ट्री ने आखिरकार भयानक रूप ले लिया। अवैध रूप से संचालित इस पटाखा कारखाने में हुए भीषण विस्फोट की गूंज दूर-दूर तक सुनाई दी। इस शक्तिशाली धमाके की चपेट में आकर मौके पर ही 11 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि आसपास की हवा में सिर्फ बारूद की गंध और अपनों को खोने वाले परिवारों की चीखें गूंज रही थीं।
फैक्ट्री के भीतर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे और नियमों को ताक पर रखकर भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री का भंडारण किया गया था। इस अवैध कारोबार का मुख्य संचालक आदिल बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें दबिश दे रही हैं। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नौशाद के अवैध गोदाम को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया है।
मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी गिरफ्तार और पुलिस पर गिरी गाज
घटना के बाद फरार चल रहे मुख्य आरोपी नौशाद को पकड़ने के लिए पुलिस ने जाल बिछाया। गिरफ्तारी के दौरान नौशाद ने पुलिस दल पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में हुई मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी और वह दबोचा गया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उससे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।
इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक मशीनरी और स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि इस अवैध खेल की जानकारी स्थानीय पुलिस को भी थी, लेकिन मिलीभगत के चलते आंखें मूंद ली गईं। जैसे ही यह लापरवाही उजागर हुई, गाज गिरनी तय थी। प्रशासनिक अमले ने कड़ा रुख अपनाते हुए थाना प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
थम गईं पटरियों की रफ्तार और मुआवजे का ऐलान
हादसे की भीषणता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसका असर परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ा। पटाखा फैक्ट्री रेलवे ट्रैक के बेहद करीब स्थित थी, जिसके चलते हुए शक्तिशाली विस्फोट से पटरियों को भी नुकसान पहुंचा। इस तकनीकी और सुरक्षा कारणों के चलते वंदे भारत ट्रेन सहित कई अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनों का संचालन बाधित हुआ, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। रेलवे और प्रशासनिक टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पटरियों की मरम्मत का काम शुरू किया ताकि यातायात को जल्द से जल्द सुचारू किया जा सके। सरकार और स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है, लेकिन बारूद के इन अवैध कारखानों पर हमेशा के लिए लगाम कसने के लिए अब जनता और प्रशासन को और अधिक सतर्क होने की जरूरत है।
राष्ट्रपति के पूर्व एडीसी मेजर ऋषभ सिंह संब्याल ने छोड़ी सेना, फैंस हैरान

राष्ट्रपति के पूर्व एडीसी मेजर ऋषभ सिंह संब्याल ने छोड़ी सेना, फैंस हैरान

Delight News
📅 01 Sep2026

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पूर्व एडीसी और देश के युवाओं के बीच सोशल मीडिया पर खासे लोकप्रिय रहे मेजर ऋषभ सिंह संब्याल ने भारतीय सेना से समय से पहले सेवानिवृत्ति ले ली है। लगभग 12 साल के गौरवशाली सैन्य करियर को विराम देने वाले मेजर संब्याल के इस फैसले ने उनके प्रशंसकों को चौंका दिया है। सोशल मीडिया पर 'नेशनल क्रश' के रूप में पहचान बना चुके मेजर ने अपनी विदाई के पीछे की वजहों का खुद खुलासा किया है।

राष्ट्रपति के पूर्व एडीसी मेजर ऋषभ सिंह संब्याल ने छोड़ी सेना, फैंस हैरान
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पूर्व एडीसी और देश के युवाओं के बीच सोशल मीडिया पर खासे लोकप्रिय रहे मेजर ऋषभ सिंह संब्याल ने भारतीय सेना से समय से पहले सेवानिवृत्ति ले ली है। लगभग 12 साल के गौरवशाली सैन्य करियर को विराम देने वाले मेजर संब्याल के इस फैसले ने उनके प्रशंसकों को चौंका दिया है। सोशल मीडिया पर 'नेशनल क्रश' के रूप में पहचान बना चुके मेजर ने अपनी विदाई के पीछे की वजहों का खुद खुलासा किया है।
निजी और पारिवारिक कारणों से लिया फैसला
मेजर ऋषभ सिंह संब्याल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपनी प्री-मैच्योर रिटायरमेंट की सच्चाई सामने रखी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका यह कदम पूरी तरह से निजी और पारिवारिक प्राथमिकताओं पर आधारित है। पिछले कुछ दिनों से इंटरनेट पर उनकी शादी को लेकर तमाम तरह की अफवाहें चल रही थीं, जिन्हें उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि नौकरी छोड़ने का कारण किसी विवाह से जुड़ा नहीं है, बल्कि कुछ व्यक्तिगत और घरेलू जिम्मेदारियां हैं जिन्हें पूरा करना उनके लिए इस समय सर्वोपरि है।
असाधारण सैन्य सफर और उपलब्धियां
सैनिक स्कूल कपूरथला के मेधावी छात्र रहे मेजर संब्याल का सैन्य करियर बेहद प्रेरणादायक और गौरवशाली रहा है। उन्होंने भारतीय सेना के सबसे खतरनाक और प्रतिष्ठित रेजिमेंट में शुमार 4 पैरा स्पेशल फोर्सेज (4 Para SF) का हिस्सा बनकर देश की रक्षा में अहम भूमिका निभाई। अपनी असाधारण नेतृत्व क्षमता और सैनिक अनुशासन के दम पर उन्होंने गणतंत्र दिवस परेड जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय परेड में अपनी टुकड़ी का शानदार नेतृत्व किया। इसके बाद उन्हें देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के एडीसी (Aide-de-Camp) जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई, जिसे उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ निभाया।
राष्ट्रपति से मुलाकात और भविष्य की राह
सेना की वर्दी को अलविदा कहने से पहले मेजर संब्याल ने राष्ट्रपति भवन जाकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने देश की प्रथम नागरिक से आशीर्वाद लिया और अपने कार्यकाल के दौरान मिले मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। सोशल मीडिया पर उनके इस फैसले के बाद समर्थकों की प्रतिक्रियाओं का तांता लगा हुआ है। भले ही उन्होंने सक्रिय सैन्य सेवा से नाता तोड़ लिया है, लेकिन देश के प्रति उनके समर्पण और उनके विशिष्ट व्यक्तित्व की चर्चाएं लगातार बनी हुई हैं।
सोना मत खरीदिए, विदेश में शादी बंद कीजिए: पीएम मोदी की अपील

सोना मत खरीदिए, विदेश में शादी बंद कीजिए: पीएम मोदी की अपील

Delight News
📅 01 Sep2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से स्वदेशी अपनाने और विदेश में शादियों जैसी खर्चीली परंपराओं से बचने की जोरदार अपील की है। भारत की शानदार 7.8 प्रतिशत की जीडीपी ग्रोथ के बीच यह बयान देश की आर्थिकी को मजबूत करने और धन के देश के भीतर प्रवाह को बनाए रखने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है।

सोना मत खरीदिए, विदेश में शादी बंद कीजिए: पीएम मोदी की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से स्वदेशी अपनाने और विदेश में शादियों जैसी खर्चीली परंपराओं से बचने की जोरदार अपील की है। भारत की शानदार 7.8 प्रतिशत की जीडीपी ग्रोथ के बीच यह बयान देश की आर्थिकी को मजबूत करने और धन के देश के भीतर प्रवाह को बनाए रखने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है।
स्वदेशी अपनाओ और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर देशवासियों से पूरी ताकत के साथ 'स्वदेशी' अपनाने की जोरदार अपील की है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक खास सेल्फी-स्टील रील शेयर करते हुए देश के नाम यह संदेश दिया है। इस संदेश के केंद्र में भारत की आर्थिक तरक्की और नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है। पीएम मोदी ने भारत की 7.8 प्रतिशत की शानदार जीडीपी यानी आर्थिक विकास दर हासिल करने पर देशवासियों को बधाई दी है और इसे एक ऐतिहासिक सफलता बताया है। उनका मानना है कि इस विकास रथ को और आगे ले जाने के लिए हर नागरिक को अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव करने होंगे।
विदेश में शादियों और सोने की खरीद पर रोक की सलाह
इस वीडियो संदेश के दौरान प्रधानमंत्री ने कुछ ऐसी बातों पर सीधा प्रहार किया है जो देश के धन को बाहर ले जाती हैं। उन्होंने जनता से साफ शब्दों में कहा है कि सोना खरीदने की अंधी दौड़ से बचा जाए और विदेशों में जाकर डेस्टिनेशन वेडिंग करने के चलन को पूरी तरह बंद किया जाए। जब देश का पैसा विदेशों में शादियों के नाम पर पानी की तरह बहाया जाता है, तो उसका सीधा नुकसान भारतीय अर्थव्यवस्था को होता है। पीएम का यह तर्क बेहद सीधा है कि यदि यही पैसा भारत के भीतर खर्च किया जाए, तो यहाँ के स्थानीय कारोबारियों, कारीगरों और छोटे उद्योगों को सीधा लाभ पहुंचेगा।
7.8% जीडीपी और स्वदेशी का गहरा कनेक्शन
वर्तमान में भारत की जीडीपी दर 7.8 प्रतिशत के मजबूत स्तर पर पहुंच चुकी है, जो वैश्विक मंच पर देश की आर्थिक मजबूती का डंका बजा रही है। इसी सफलता के संदर्भ में पीएम मोदी की यह अपील और अधिक प्रासंगिक हो जाती है। यदि देश का हर नागरिक विदेशी उत्पादों के बजाय स्वदेशी विकल्पों को चुनेगा और देश के भीतर ही उत्सव मनाएगा, तो धन का यह प्रवाह देश की आंतरिक बाजारों को नई ऊर्जा देगा। प्रधानमंत्री का यह आह्वान केवल एक सलाह नहीं, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने का एक ठोस मंत्र है, जो भारत को वैश्विक महाशक्ति बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
रिकॉर्ड तोड़ धमाका: महिला क्रिकेट में स्मृति मांधना ने रचा नया इतिहास

रिकॉर्ड तोड़ धमाका: महिला क्रिकेट में स्मृति मांधना ने रचा नया इतिहास

Delight News
📅 01 Sep2026

भारतीय उप-कप्तान स्मृति मांधना महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दूसरी सबसे ज़्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी बन गई हैं। दुबई में थाईलैंड के खिलाफ महिला एशिया कप-2026 के ग्रुप-A मैच के दौरान उन्होंने न्यूजीलैंड की दिग्गज सूज़ी बेट्स को पीछे छोड़ा। मांधना के नाम अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 10,756 रन दर्ज हो चुके हैं।

रिकॉर्ड तोड़ धमाका: महिला क्रिकेट में स्मृति मांधना ने रचा नया इतिहास
खबर का निचोड़
भारतीय उप-कप्तान स्मृति मांधना महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दूसरी सबसे ज़्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी बन गई हैं। दुबई में थाईलैंड के खिलाफ महिला एशिया कप-2026 के ग्रुप-A मैच के दौरान उन्होंने न्यूजीलैंड की दिग्गज सूज़ी बेट्स को पीछे छोड़ा। मांधना के नाम अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 10,756 रन दर्ज हो चुके हैं।
ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ स्मृति मांधना का नया कीर्तिमान
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार सलामी बल्लेबाज और उप-कप्तान स्मृति मांधना ने अपने करियर में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। अपनी कलात्मक बल्लेबाजी और मैदान पर सहज क्लास के लिए जानी जाने वाली मांधना अब महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दूसरी सबसे ज़्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं। उन्होंने यह ऐतिहासिक पड़ाव दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में थाईलैंड के खिलाफ खेले गए महिला एशिया कप-2026 के ग्रुप-A मुकाबले में हासिल किया।
मांधना ने अपनी इस बेहतरीन पारी के दौरान न्यूजीलैंड की पूर्व महान ऑल-राउंडर सूज़ी बेट्स को पीछे छोड़ दिया, जो लंबे समय से इस सूची में दूसरे स्थान पर काबिज थीं। अब स्मृति के खाते में महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों प्रारूपों को मिलाकर कुल 10,756 रन दर्ज हो चुके हैं। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत कौशल को साबित करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि विश्व क्रिकेट में भारतीय महिला टीम का दबदबा किस तेज़ी से बढ़ रहा है।
निरंतरता और शानदार टाइमिंग का बेजोड़ संगम
अपनी आक्रामक शुरुआत और निरंतर प्रदर्शन के दम पर स्मृति मांधना पिछले कुछ वर्षों में भारतीय बल्लेबाजी की सबसे मजबूत रीढ़ बनकर उभरी हैं। टेस्ट, वनडे और टी20—तीनों ही फॉर्मेट में उन्होंने अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया है। थाईलैंड के खिलाफ मैच में जैसे ही उन्होंने आवश्यक रन पूरे किए, क्रिकेट जगत में उनके इस कीर्तिमान की गूंज सुनाई देने लगी।
शीर्ष क्रम में मांधना की मौजूदगी भारतीय टीम को हमेशा एक मनोवैज्ञानिक बढ़त देती है। जिस सहजता से वे गेंदबाजों पर दबाव बनाती हैं, उसने उन्हें आधुनिक क्रिकेट के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में शामिल कर दिया है।
विश्व क्रिकेट के दिग्गज क्लब में एंट्री
महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का सर्वकालिक रिकॉर्ड भारत की ही पूर्व कप्तान मिताली राज के नाम दर्ज है। मिताली के शीर्ष पर रहते हुए अब दूसरे स्थान पर स्मृति मांधना का कब्ज़ा होना भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए दोहरे गर्व का क्षण है।
2026 के एशिया कप में मांधना की यह ऐतिहासिक पारी उनकी बेहतरीन फॉर्म और मैच जिताऊ क्षमता का प्रमाण है। महज कुछ ही वर्षों के अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में इतने बड़े मील के पत्थर तक पहुंचना यह साफ संकेत देता है कि मांधना आने वाले समय में बल्लेबाजी के कई और बड़े रिकॉर्ड्स को ध्वस्त करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
HDFC Bank के नए CEO की रेस तेज: 3 सबसे बड़ी चुनौतियां जो तय करेंगी बैंक का भविष्य

HDFC Bank के नए CEO की रेस तेज: 3 सबसे बड़ी चुनौतियां जो तय करेंगी बैंक का भविष्य

Delight News
📅 01 Sep2026

HDFC बैंक का बोर्ड 26 अक्टूबर तक नए MD-CEO की घोषणा कर सकता है। शशिधर जगदीशन के पद छोड़ने के बाद आने वाले नए प्रमुख को बैंक के गिरते शेयर, कॉरपोरेट गवर्नेंस की चिंताओं और HDFC Ltd मर्जर के बाद पैदा हुए लिक्विडिटी-मार्जिन दबाव जैसी तीन बड़ी चुनौतियों का सामना करना होगा।

HDFC Bank के नए CEO की रेस तेज: 3 सबसे बड़ी चुनौतियां जो तय करेंगी बैंक का भविष्य
खबर का निचोड़
HDFC बैंक का बोर्ड 26 अक्टूबर तक नए MD-CEO की घोषणा कर सकता है। शशिधर जगदीशन के पद छोड़ने के बाद आने वाले नए प्रमुख को बैंक के गिरते शेयर, कॉरपोरेट गवर्नेंस की चिंताओं और HDFC Ltd मर्जर के बाद पैदा हुए लिक्विडिटी-मार्जिन दबाव जैसी तीन बड़ी चुनौतियों का सामना करना होगा।
HDFC Bank के नए CEO के सामने क्या-क्या होंगी चुनौतियां?
देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक, HDFC Bank में एक बड़ा नेतृत्व परिवर्तन होने जा रहा है। बोर्ड 26 अक्टूबर तक बैंक के नए MD और CEO के नाम पर मुहर लगा सकता है। मौजूदा प्रमुख शशिधर जगदीशन का कार्यकाल समाप्त हो रहा है और उनके पद छोड़ने के बाद बैंक की कमान किसके हाथों में होगी, इस पर पूरे वित्तीय बाजार की निगाहें टिकी हैं। नए CEO के सामने एक मजबूत विरासत को आगे बढ़ाने के साथ-साथ कई मोर्चों पर तुरंत बड़े फैसले लेने की गंभीर जिम्मेदारी होगी।
गिरते शेयर और निवेशकों के भरोसे को संभालना
नए नेतृत्व के सामने सबसे पहली और तत्काल चुनौती शेयर बाजार में बैंक के प्रदर्शन को सुधारना होगी। पिछले कुछ समय में HDFC Bank के शेयरों में लगातार सुस्ती और गिरावट देखी गई है। संस्थागत और खुदरा निवेशकों का भरोसा वापस जीतना नए CEO की प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर रहेगा। शेयर मूल्य में स्थिरता लाना और निवेशकों को टिकाऊ रिटर्न का भरोसा देना नए प्रमुख के लिए एक कठिन परीक्षा साबित होगी।
कॉरपोरेट गवर्नेंस और प्रशासनिक पारदर्शिता
बैंकिंग सेक्टर में कॉरपोरेट गवर्नेंस को लेकर केंद्रीय बैंक और बाजार नियामकों की सख्ती लगातार बढ़ रही है। हाल के दिनों में उभरी प्रशासनिक चिंताओं को दूर करना और बैंक के आंतरिक नियंत्रण ढांचे को और मजबूत बनाना बेहद जरूरी हो गया है। नए CEO को यह सुनिश्चित करना होगा कि बैंक का परिचालन पूरी तरह पारदर्शी रहे और नियामक मानकों का सख्ती से पालन हो, ताकि बैंक की साख पर कोई आंच न आए।
HDFC Ltd मर्जर के बाद लिक्विडिटी और मार्जिन का दबाव
HDFC Ltd और HDFC Bank का मेगा-मर्जर भारत के वित्तीय इतिहास की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक था। हालांकि, इस मर्जर के बाद लिक्विडिटी और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) को लेकर दबाव स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। नए नेतृत्व को बैंक के डिपॉजिट बेस को तेजी से बढ़ाना होगा ताकि क्रेडिट-टू-डिपॉजिट (CD) रेशियो को संतुलित किया जा सके। इसके साथ ही, लाभप्रदता बनाए रखते हुए मार्जिन में सुधार करना और विलय के सभी परिचालन पहलुओं को सुचारू रूप से आगे बढ़ाना नए CEO के लिए सबसे बड़ी परिचालन चुनौती होगी।

Delight News

निष्पक्ष पत्रकारिता, सटीक विश्लेषण

Delight News एक प्रमुख डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म है जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और जनता तक बिल्कुल सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय हिंदी खबरें पहुंचाना है। हम बिना किसी पक्षपात के राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राजनीति, खेल, शिक्षा, सरकारी नौकरी और करंट अफेयर्स से जुड़ी हर छोटी-बड़ी ताजा खबरें आप तक सबसे पहले पहुंचाते हैं।
📬 हमसे संपर्क करें
delightnews.in@gmail.com Official YouTube Channel Official Instagram Profile

📍 अपनी लोकेशन Set करें



Privacy Policy & Terms

Delight News परिवार से जुड़ें

📱 और भी बेहतर अनुभव के लिए!

ताजा खबरों के सबसे तेज नोटिफिकेशन और शानदार यूज़र इंटरफेस के साथ देश-दुनिया के लाइव अपडेट्स सीधे अपने mobile पर पाने के लिए हमारा Delight News Android App डाउनलोड करें।

📥 Download Android App