
हरियाणा टीईटी 2026: ओएमआर शीट और स्कोरकार्ड जारी, ऐसे करें चेक
बोर्ड ऑफ स्कूल Education (BSEH) ने हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (HTET) 2026 के लिए OMR आंसर शीट और स्कोरकार्ड आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिए हैं। जिन उम्मीदवारों ने 4 से 5 जुलाई 2026 को आयोजित इस परीक्षा में भाग लिया था, वे अब अपने पंजीकरण नंबर और जन्म तिथि के जरिए पोर्टल पर लॉग इन करके अपने अंक देख सकते हैं।
बोर्ड ऑफ स्कूल Education (BSEH) ने हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (HTET) 2026 के लिए OMR आंसर शीट और स्कोरकार्ड आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिए हैं। जिन उम्मीदवारों ने 4 से 5 जुलाई 2026 को आयोजित इस परीक्षा में भाग लिया था, वे अब अपने पंजीकरण नंबर और जन्म तिथि के जरिए पोर्टल पर लॉग इन करके अपने अंक देख सकते हैं।
परीक्षा का पूरा सफर और महत्वपूर्ण तारीखें
हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (HTET) के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पिछले साल 24 दिसंबर 2025 को शुरू हुई थी और उम्मीदवारों को 5 जनवरी 2026 तक फॉर्म जमा करने का मौका मिला था। इस लंबी प्रक्रिया के बाद, बोर्ड ने 4 और 5 जुलाई 2026 को राज्य भर के विभिन्न केंद्रों पर पीआरटी (PRT), टीजीटी (TGT) और पीजीटी (PGT) पदों के लिए परीक्षा का सफलताપूर्वक आयोजन किया था। परीक्षा संपन्न होने के बाद से ही लाखों अभ्यर्थी अपनी ओएमआर शीट और स्कोरकार्ड का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, जो अब समाप्त हो चुका है।
स्कोरकार्ड और ओएमआर शीट ऐसे करें डाउनलोड
अपना स्कोरकार्ड और ओएमआर आंसर शीट देखने के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन, हरियाणा (BSEH) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। होमपेज पर उपलब्ध एचटेट 2026 ओएमआर शीट या स्कोरकार्ड से जुड़े लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद, पोर्टल पर अपना एनरोलमेंट नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्म तिथि दर्ज करें। विवरण सबमिट करने के बाद, आपकी ओएमआर शीट और स्कोरकार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा, जिसे उम्मीदवार भविष्य के संदर्भ के लिए डाउनलोड या प्रिंट कर सकते हैं।
उम्मीदवारों के लिए आगे की राह
टीचर बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए यह स्कोरकार्ड बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके आधार पर ही आगे की शिक्षक भर्ती प्रक्रियाओं का मार्ग प्रशस्त होगा। जिन अभ्यर्थियों ने इस पात्रता परीक्षा में सफलता हासिल कर ली है, वे अब हरियाणा के सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में शिक्षक पदों के लिए होने वाली आगामी भर्तियों में आवेदन करने के योग्य हो गए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परिणाम से जुड़ी किसी भी तकनीकी समस्या के समाधान के लिए उम्मीदवार आधिकारिक हेल्पडेस्क से संपर्क कर सकते हैं।

उत्तराखंड में सरकारी नौकरी का शानदार मौका, UKSSSC ने निकाली 553 पदों पर बंपर भर्ती
उत्तराखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ा मौका सामने आया है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने विभिन्न ग्रुप-सी पदों पर बंपर भर्तियों का ऐलान किया है, जिसके तहत कुल 553 पदों पर योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति की जाएगी। लंबे समय से सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह नोटिफिकेशन किसी बड़े तोहफ़े से कम नहीं है।
भर्ती का संक्षिप्त विवरण
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा जारी विज्ञापन संख्या 80/UKSSSC/2026 के अंतर्गत कुल 553 पदों पर आवेदन मांगे गए हैं। आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर इस संबंध में पूरी सूचना उपलब्ध करा दी गई है। इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया आगामी 08 सितंबर 2026 से शुरू होगी, जो 07 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। समय सीमा के भीतर आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे।
पात्रता और आयु सीमा
इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु पद के अनुसार 18 से 21 वर्ष के बीच निर्धारित की गई है। वहीं, अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष तय की गई है। आयु की गणना 01 जुलाई 2026 को आधार मानकर की जाएगी। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को उत्तराखंड सरकार के नियमानुसार आयु सीमा में छूट का लाभ मिलेगा। शैक्षिक योग्यता से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक नोटिफिकेशन पढ़ने की सलाह दी जाती है।
आवेदन प्रक्रिया और चयन का आधार
इच्छुक और योग्य उम्मीदवार UKSSSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भर सकेंगे। आवेदन शुरू होने की तिथि 08 सितंबर 2026 है और अंतिम तिथि 07 अक्टूबर 2026 है। चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और अन्य निर्धारित चरण शामिल होंगे, जिसके आधार पर अंतिम मेधा सूची तैयार की जाएगी। तय समय पर आवेदन शुल्क का भुगतान करना अनिवार्य होगा।

SCO शिखर सम्मेलन: कूटनीतिक तकरार, पानी का मुद्दा और तस्वीरों की सियासत
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के मंच पर भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तकरार एक बार फिर खुलकर सामने आई। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पानी को हथियार बनाने का अप्रत्यक्ष आरोप लगाकर भारत पर निशाना साधा, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भरता और स्वदेशी अपनाने का संदेश दिया। इस सम्मेलन के दौरान कूटनीतिक चालबाजियों और तस्वीरों से जुड़े विवादों ने अंतरराष्ट्रीय गलियारों में खूब सुर्खियां बटोरीं।
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के मंच पर भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तकरार एक बार फिर खुलकर सामने आई। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पानी को हथियार बनाने का अप्रत्यक्ष आरोप लगाकर भारत पर निशाना साधा, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भरता और स्वदेशी अपनाने का संदेश दिया। इस सम्मेलन के दौरान कूटनीतिक चालबाजियों और तस्वीरों से जुड़े विवादों ने अंतरराष्ट्रीय गलियारों में खूब सुर्खियां बटोरीं।
पानी पर तंज और मोदी का स्वदेशी मंत्र
शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बिना नाम लिए भारत पर पानी को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने क्षेत्रीय सहयोग की बात तो की, लेकिन उनका निशाना स्पष्ट रूप से सिंधु जल समझौते और भारत की जल नीतियों पर था। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में वैश्विक दक्षिण (Global South) के विकास, आपसी विश्वास और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने पर जोर दिया। पीएम मोदी का यह रुख स्पष्ट संदेश था कि भारत आंतरिक आत्मनिर्भरता और क्षेत्रीय शांति के एजेंडे पर अडिग है।
फोटोशॉप सियासत और पाकिस्तान की फजीहत
सम्मेलन के दौरान की एक ग्रुप फोटो ने सोशल मीडिया पर भारी विवाद खड़ा कर दिया। पाकिस्तान के आधिकारिक हैंडल से जारी की गई इस तस्वीर में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को फ्रेम के बिल्कुल केंद्र में दिखाया गया, जबकि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस तस्वीर से क्रॉप करके किनारे कर दिया गया या फ्रेम से बाहर कर दिया गया। इस बचकानी हरकत और फोटो-एडिटिंग के खुलासे के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की जमकर आलोचना हुई। जानकारों का मानना है कि कूटनीतिक मंचों पर इस तरह की ओछी हरकतें पाकिस्तान की कुंठा को दर्शाती हैं।
आतंकवाद पर कड़ा रुख और पुतिन से मुलाकात की कोशिश
बैठक के अंत में 'बिश्केक घोषणा' पर सभी सदस्य देशों ने हस्ताक्षर किए। इस घोषणा पत्र में आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने और क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया। इसके अलावा, सम्मेलन के इतर पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ द्वारा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करने के तमाम प्रयास राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने रहे। विश्लेषकों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अलग-थलग पड़ चुका पाकिस्तान अपने वजूद और समर्थन के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है।

कौशांबी में अवैध पटाखा फैक्ट्री धमाका: 11 मजदूरों की मौत, मुख्य आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार
कौशांबी के एक अवैध पटाखा कारखाने में हुए भीषण विस्फोट ने झकझोर कर रख दिया है। इस दिल दहला देने वाले हादसे में 11 मासूम मजदूरों की जान चली गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नौशाद को एनकाउंटर के बाद दबोच लिया, जबकि फैक्ट्री मालिक आदिल की तलाश जारी है। प्रशासनिक सख्ती के बीच लापरवाही बरतने वाले पांच पुलिसकर्मी भी सस्पेंड कर दिए गए हैं।
कौशांबी के एक अवैध पटाखा कारखाने में हुए भीषण विस्फोट ने झकझोर कर रख दिया है। इस दिल दहला देने वाले हादसे में 11 मासूम मजदूरों की जान चली गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नौशाद को एनकाउंटर के बाद दबोच लिया, जबकि फैक्ट्री मालिक आदिल की तलाश जारी है। प्रशासनिक सख्ती के बीच लापरवाही बरतने वाले पांच पुलिसकर्मी भी सस्पेंड कर दिए गए हैं।
मौत के सौदागरों की लापरवाही का खौफनाक मंजर
उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में बारूद के ढेर पर चल रही मौत की एक फैक्ट्री ने आखिरकार भयानक रूप ले लिया। अवैध रूप से संचालित इस पटाखा कारखाने में हुए भीषण विस्फोट की गूंज दूर-दूर तक सुनाई दी। इस शक्तिशाली धमाके की चपेट में आकर मौके पर ही 11 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि आसपास की हवा में सिर्फ बारूद की गंध और अपनों को खोने वाले परिवारों की चीखें गूंज रही थीं।
फैक्ट्री के भीतर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे और नियमों को ताक पर रखकर भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री का भंडारण किया गया था। इस अवैध कारोबार का मुख्य संचालक आदिल बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें दबिश दे रही हैं। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नौशाद के अवैध गोदाम को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया है।
मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी गिरफ्तार और पुलिस पर गिरी गाज
घटना के बाद फरार चल रहे मुख्य आरोपी नौशाद को पकड़ने के लिए पुलिस ने जाल बिछाया। गिरफ्तारी के दौरान नौशाद ने पुलिस दल पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में हुई मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी और वह दबोचा गया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उससे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।
इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक मशीनरी और स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि इस अवैध खेल की जानकारी स्थानीय पुलिस को भी थी, लेकिन मिलीभगत के चलते आंखें मूंद ली गईं। जैसे ही यह लापरवाही उजागर हुई, गाज गिरनी तय थी। प्रशासनिक अमले ने कड़ा रुख अपनाते हुए थाना प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
थम गईं पटरियों की रफ्तार और मुआवजे का ऐलान
हादसे की भीषणता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसका असर परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ा। पटाखा फैक्ट्री रेलवे ट्रैक के बेहद करीब स्थित थी, जिसके चलते हुए शक्तिशाली विस्फोट से पटरियों को भी नुकसान पहुंचा। इस तकनीकी और सुरक्षा कारणों के चलते वंदे भारत ट्रेन सहित कई अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनों का संचालन बाधित हुआ, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। रेलवे और प्रशासनिक टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पटरियों की मरम्मत का काम शुरू किया ताकि यातायात को जल्द से जल्द सुचारू किया जा सके। सरकार और स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है, लेकिन बारूद के इन अवैध कारखानों पर हमेशा के लिए लगाम कसने के लिए अब जनता और प्रशासन को और अधिक सतर्क होने की जरूरत है।

राष्ट्रपति के पूर्व एडीसी मेजर ऋषभ सिंह संब्याल ने छोड़ी सेना, फैंस हैरान
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पूर्व एडीसी और देश के युवाओं के बीच सोशल मीडिया पर खासे लोकप्रिय रहे मेजर ऋषभ सिंह संब्याल ने भारतीय सेना से समय से पहले सेवानिवृत्ति ले ली है। लगभग 12 साल के गौरवशाली सैन्य करियर को विराम देने वाले मेजर संब्याल के इस फैसले ने उनके प्रशंसकों को चौंका दिया है। सोशल मीडिया पर 'नेशनल क्रश' के रूप में पहचान बना चुके मेजर ने अपनी विदाई के पीछे की वजहों का खुद खुलासा किया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पूर्व एडीसी और देश के युवाओं के बीच सोशल मीडिया पर खासे लोकप्रिय रहे मेजर ऋषभ सिंह संब्याल ने भारतीय सेना से समय से पहले सेवानिवृत्ति ले ली है। लगभग 12 साल के गौरवशाली सैन्य करियर को विराम देने वाले मेजर संब्याल के इस फैसले ने उनके प्रशंसकों को चौंका दिया है। सोशल मीडिया पर 'नेशनल क्रश' के रूप में पहचान बना चुके मेजर ने अपनी विदाई के पीछे की वजहों का खुद खुलासा किया है।
निजी और पारिवारिक कारणों से लिया फैसला
मेजर ऋषभ सिंह संब्याल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपनी प्री-मैच्योर रिटायरमेंट की सच्चाई सामने रखी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका यह कदम पूरी तरह से निजी और पारिवारिक प्राथमिकताओं पर आधारित है। पिछले कुछ दिनों से इंटरनेट पर उनकी शादी को लेकर तमाम तरह की अफवाहें चल रही थीं, जिन्हें उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि नौकरी छोड़ने का कारण किसी विवाह से जुड़ा नहीं है, बल्कि कुछ व्यक्तिगत और घरेलू जिम्मेदारियां हैं जिन्हें पूरा करना उनके लिए इस समय सर्वोपरि है।
असाधारण सैन्य सफर और उपलब्धियां
सैनिक स्कूल कपूरथला के मेधावी छात्र रहे मेजर संब्याल का सैन्य करियर बेहद प्रेरणादायक और गौरवशाली रहा है। उन्होंने भारतीय सेना के सबसे खतरनाक और प्रतिष्ठित रेजिमेंट में शुमार 4 पैरा स्पेशल फोर्सेज (4 Para SF) का हिस्सा बनकर देश की रक्षा में अहम भूमिका निभाई। अपनी असाधारण नेतृत्व क्षमता और सैनिक अनुशासन के दम पर उन्होंने गणतंत्र दिवस परेड जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय परेड में अपनी टुकड़ी का शानदार नेतृत्व किया। इसके बाद उन्हें देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के एडीसी (Aide-de-Camp) जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई, जिसे उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ निभाया।
राष्ट्रपति से मुलाकात और भविष्य की राह
सेना की वर्दी को अलविदा कहने से पहले मेजर संब्याल ने राष्ट्रपति भवन जाकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने देश की प्रथम नागरिक से आशीर्वाद लिया और अपने कार्यकाल के दौरान मिले मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। सोशल मीडिया पर उनके इस फैसले के बाद समर्थकों की प्रतिक्रियाओं का तांता लगा हुआ है। भले ही उन्होंने सक्रिय सैन्य सेवा से नाता तोड़ लिया है, लेकिन देश के प्रति उनके समर्पण और उनके विशिष्ट व्यक्तित्व की चर्चाएं लगातार बनी हुई हैं।
Delight News
निष्पक्ष पत्रकारिता, सटीक विश्लेषण
Delight News परिवार से जुड़ें
ताजा खबरों के सबसे तेज नोटिफिकेशन और शानदार यूज़र इंटरफेस के साथ देश-दुनिया के लाइव अपडेट्स सीधे अपने mobile पर पाने के लिए हमारा Delight News Android App डाउनलोड करें।
📥 Download Android App