Delight News Logo
Latest सामान्य ख़बरें सरकारी नौकरी करेंट अफेयर्स परीक्षा ज्ञान
जेपीएससी-जेएसएससी छात्र आंदोलन तेज, सरकार से वार्ता बंद

जेपीएससी-जेएसएससी छात्र आंदोलन तेज, सरकार से वार्ता बंद

Delight News
📅 11 Aug2026

झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा चरम पर पहुंच गया है। तीन दौर की बैठकों के बेनतीजा रहने के बाद छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने सरकार से हर तरह की बातचीत बंद करने का ऐलान किया है। विधानसभा घेराव के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रदर्शन अब मांगों की मंजूरी तक लगातार जारी रहेगा।

जेपीएससी-जेएसएससी छात्र आंदोलन तेज, सरकार से वार्ता बंद
झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा चरम पर पहुंच गया है। तीन दौर की बैठकों के बेनतीजा रहने के बाद छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने सरकार से हर तरह की बातचीत बंद करने का ऐलान किया है। विधानसभा घेराव के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रदर्शन अब मांगों की मंजूरी तक लगातार जारी रहेगा।
बेनतीजा वार्ताओं के बाद सड़क पर उतरे छात्र
रांची की सड़कों पर हजारों अभ्यर्थियों का हुजूम अपनी मांगों को लेकर मुखर है। विधानसभा घेराव कार्यक्रम के दौरान माहौल उस वक्त और गरमा गया जब छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने आंदोलन को नए सिरे से आगे बढ़ाने का ऐलान किया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि प्रशासन और सरकार के साथ अब तक तीन दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन हर बार छात्रों को सिर्फ आश्वासन ही मिला है। मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण अब वार्ता का रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
जन-आंदोलन में बदला अभ्यर्थियों का गुस्सा
महतो ने अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षाओं में पारदर्शिता, समय पर परिणाम और धांधली के खिलाफ शुरू हुआ यह विरोध अब सिर्फ छात्रों तक सीमित नहीं रहा। यह आम जनता के समर्थन से एक बड़ा जन-आंदोलन रूप ले चुका है। रोजगार और पारदर्शी व्यवस्था की मांग को लेकर युवाओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से तैयारी कर रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक ढुलमुल रवैये के कारण उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है।
मांगों की पूर्ति तक जारी रहेगा संघर्ष
आंदोलनकारियों का रुख बेहद कड़ा नजर आ रहा है। छात्र नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी तरह से मान नहीं ली जातीं, तब तक यह आंदोलन किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेगा। विधानसभा घेराव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, लेकिन अभ्यर्थियों का उत्साह और आक्रोश सरकार पर सीधा दबाव बनाता दिख रहा है। अब देखना यह होगा कि बातचीत के रास्ते बंद होने के बाद प्रशासन इस गतिरोध को सुलझाने के लिए क्या कदम उठाता है।
बीएसआईपी में साइंटिस्ट बी के पदों पर बंपर भर्तियां शुरू

बीएसआईपी में साइंटिस्ट बी के पदों पर बंपर भर्तियां शुरू

Delight News
📅 10 Aug2026

बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट ऑफ पालयोसाइंसेज (BSIP) ने साइंटिस्ट बी के पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार 10 अगस्त 2026 से 4 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह वैज्ञानिक क्षेत्र में करियर बनाने का सुनहरा अवसर है।

बीएसआईपी में साइंटिस्ट बी के पदों पर बंपर भर्तियां शुरू
बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट ऑफ पालयोसाइंसेज (BSIP) ने साइंटिस्ट बी के पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार 10 अगस्त 2026 से 4 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह वैज्ञानिक क्षेत्र में करियर बनाने का सुनहरा अवसर है।
भर्ती प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियां
बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट ऑफ पालयोसाइंसेज (BSIP) ने वैज्ञानिक बनने का सपना देख रहे योग्य युवाओं के लिए एक शानदार और सुनहरा अवसर पेश किया है। संस्थान द्वारा साइंटिस्ट बी के पदों पर सीधी भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया आज यानी 10 अगस्त 2026 से आधिकारिक तौर पर शुरू हो चुकी है। जो उम्मीदवार इस प्रतिष्ठित पद के लिए अपनी दावेदारी पेश करना चाहते हैं, वे 4 सितंबर 2026 तक अपना ऑनलाइन आवेदन सुरक्षित रूप से जमा कर सकते हैं। निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य है।
शैक्षणिक योग्यता और पात्रता के मानदंड
इस भर्ती अभियान के तहत आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास संबंधित क्षेत्र में उच्च शिक्षा और विशेषज्ञता होनी चाहिए। बीएसआईपी के निर्धारित मानकों के अनुसार विभिन्न विभागों के अंतर्गत पदों के लिए अलग-अलग शैक्षणिक और शोध योग्यताएं तय की गई हैं। उम्मीदवारों को पूरी तरह आश्वस्त हो जाना चाहिए कि वे सभी पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं। आयु सीमा, शैक्षणिक योग्यता और अन्य श्रेणियों में दी जाने वाली छूट से जुड़ी तमाम जरूरी जानकारियां संस्थान द्वारा जारी विस्तृत विज्ञापन में उपलब्ध कराई गई हैं।
ऑनलाइन आवेदन करने की सरल प्रक्रिया
इच्छुक और योग्य उम्मीदवार बीएसआईपी की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आसानी से अपना ऑनलाइन आवेदन पत्र भर सकते हैं। यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित की जा रही है। अंतिम तिथि यानी 4 सितंबर 2026 के करीब आने पर वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक और सर्वर संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कर लें। आवेदन फॉर्म भरते समय अपने सभी जरूरी दस्तावेज, प्रमाण पत्र और फोटोग्राफ एकदम सही तरीके से अपलोड करें।
चयन प्रक्रिया और मिलने वाला वेतनमान
बीएसआईपी साइंटिस्ट बी पदों के लिए योग्य उम्मीदवारों का चयन पारदर्शी और उच्च स्तरीय मानदंडों के आधार पर किया जाएगा। इसमें शैक्षणिक रिकॉर्ड की स्क्रीनिंग और साक्षात्कार प्रक्रिया मुख्य रूप से शामिल होगी। इस पद पर चयनित होने वाले उम्मीदवारों को शानदार वेतनमान के साथ-साथ सरकार द्वारा निर्धारित अन्य बेहतरीन भत्ते भी प्राप्त होंगे। पालयोसाइंसेज और वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में करियर संवारने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए यह एक बेहतरीन और ऐतिहासिक अवसर है।
निजी क्षेत्र का पहला एफएफएससी 'ईवेरेस्ट' रॉकेट इंजन लॉन्च

निजी क्षेत्र का पहला एफएफएससी 'ईवेरेस्ट' रॉकेट इंजन लॉन्च

Delight News
📅 10 Aug2026

बेंगलुरु स्थित अंतरिक्ष स्टार्टअप एस्ट्रोब्रेस स्पेस टेक्नोलॉजीज ने भारत के पहले निजी रूप से निर्मित 800 किलोन्यूटन 'फुल-फ्लो स्टेज्ड कम्बशन' (FFSC) एलओएक्स-मीथेन रॉकेट इंजन 'ईवेरेस्ट' का अनावरण किया है। यह उन्नत इंजन देश के पुनर्चक्रण योग्य मध्यम-भार प्रक्षेपण वाहनों को सशक्त बनाने और वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में भारत की स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

शीर्षक: निजी क्षेत्र का पहला एफएफएससी 'ईवेरेस्ट' रॉकेट इंजन लॉन्च
सारांश:
बेंगलुरु स्थित अंतरिक्ष स्टार्टअप एस्ट्रोब्रेस स्पेस टेक्नोलॉजीज ने भारत के पहले निजी रूप से निर्मित 800 किलोन्यूटन 'फुल-फ्लो स्टेज्ड कम्बशन' (FFSC) एलओएक्स-मीथेन रॉकेट इंजन 'ईवेरेस्ट' का अनावरण किया है। यह उन्नत इंजन देश के पुनर्चक्रण योग्य मध्यम-भार प्रक्षेपण वाहनों को सशक्त बनाने और वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में भारत की स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
विस्तृत विश्लेषण:
'ईवेरेस्ट' इंजन की तकनीकी विशेषताएँ और संरचना
एस्ट्रोब्रेस स्पेस टेक्नोलॉजीज द्वारा विकसित 'ईवेरेस्ट' एक 80-टन वर्ग का उच्च-थ्रस्ट (800 किलोन्यूटन) तरल-प्रोपेलेंट रॉकेट इंजन है। यह लिक्विड ऑक्सीजन (LOX) और लिक्विड मीथेन के संयोजन (मेथालॉक्स) का उपयोग करता है। यह इंजन दुनिया की सबसे उन्नत और जटिल 'फुल-फ्लो स्टेज्ड कम्बशन' (FFSC) आर्किटेक्चर पर आधारित है, जिसमें ईंधन और ऑक्सीडाइज़र दोनों को मुख्य दहन कक्ष में प्रवेश करने से पहले पूरी तरह से गैसीकृत किया जाता है। इससे इंजन की दक्षता, चेंबर का दबाव और विशिष्ट आवेग (लगभग 340 सेकंड) अत्यधिक बढ़ जाता है।
वैश्विक परिप्रेक्ष्य और भारत की स्थिति
एफएफएससी (FFSC) तकनीक अपनी अत्यधिक जटिल टर्बोमैचरी और थर्मल स्थितियों के कारण वैश्विक स्तर पर बेहद दुर्लभ है। इस तकनीक के विकास के साथ भारत, अमेरिका, रूस और चीन के बाद इस विशिष्ट तकनीक को हासिल करने वाला चौथा देश बन गया है, जबकि एस्ट्रोब्रेस वैश्विक स्तर पर ऐसी उच्च-थ्रस्ट इंजन विकसित करने वाली चुनिंदा वाणिज्यिक कंपनियों में शामिल हो गई है। यह उपलब्धि पारंपरिक अंतरिक्ष शक्तियों के समकक्ष भारतीय निजी अंतरिक्ष क्षेत्र की तकनीकी परिपक्वता को दर्शाती है।
औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र और भविष्य के अनुप्रयोग
यह इंजन विशेष रूप से अगली पीढ़ी के पुनर्चक्रण योग्य (reusable) मध्यम-भार वाले लॉन्च वाहनों के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) में 30 टन तक के पेलोड को ले जाने में सक्षम हैं। कंपनी का उद्देश्य उन्नत धातु 3D-प्रिंटिंग तकनीकों का उपयोग करके वार्षिक आधार पर 50 इंजनों के निर्माण की क्षमता विकसित करना है। अंतरिक्ष मिशनों में तीव्र प्रतिक्रिया और लॉन्च-ऑन-डिमांड क्षमताओं को बढ़ावा देने के लिए यह पहल भारत के बढ़ते अंतरिक्ष उद्योग में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
भारत के समुद्री प्रशासन के डिजिटल आधुनिकीकरण हेतु ई-समुद्र पोर्टल

भारत के समुद्री प्रशासन के डिजिटल आधुनिकीकरण हेतु ई-समुद्र पोर्टल

Delight News
📅 10 Aug2026

केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा लॉन्च किया गया 'ई-समुद्र' पोर्टल भारत के समुद्री प्रशासन में डिजिटल क्रांति लाने की एक एकीकृत पहल है। यह मंच समुद्री क्षेत्र से जुड़े प्रशासनिक कार्यों, लाइसेंसिंग और विनियामक प्रक्रियाओं को सुगम, पारदर्शी और पेपरलेस बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

शीर्षक: भारत के समुद्री प्रशासन के डिजिटल आधुनिकीकरण हेतु ई-समुद्र पोर्टल
सारांश:
केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा लॉन्च किया गया 'ई-समुद्र' पोर्टल भारत के समुद्री प्रशासन में डिजिटल क्रांति लाने की एक एकीकृत पहल है। यह मंच समुद्री क्षेत्र से जुड़े प्रशासनिक कार्यों, लाइसेंसिंग और विनियामक प्रक्रियाओं को सुगम, पारदर्शी और पेपरलेस बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
विस्तृत विश्लेषण:
ई-समुद्र पोर्टल की पृष्ठभूमि और उद्देश्य
केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया ई-समुद्र पोर्टल भारत के समुद्री क्षेत्र (मैरिटाइम सेक्टर) में तकनीकी एकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य देश के शिपिंग प्रशासन को पूरी तरह से डिजिटल बनाना और 'ई-गवर्नेंस' के दायरे को और अधिक व्यापक करना है। यह पोर्टल पारंपरिक कागजी प्रक्रियाओं को समाप्त कर वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करता है, जिससे प्रशासनिक जटिलताएं कम होती हैं।
पोर्टल की प्रमुख विशेषताएं और कार्यप्रणाली
यह एकीकृत पोर्टल जहाजों के पंजीकरण, नाविकों (सीफेयरर्स) के प्रमाणन, और विभिन्न विनियामक सेवाओं को एक ही मंच पर उपलब्ध कराता है। इसके माध्यम से उद्योग से जुड़े हितधारक बिना किसी भौतिक हस्तक्षेप के ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और अपनी फाइलों की वास्तविक समय (रियल-टाइम) ट्रैकिंग कर सकते हैं। इससे प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ती है और सेवाओं के वितरण में लगने वाले समय में भारी कमी आती है।
समुद्री क्षेत्र पर प्रभाव और प्रशासनिक लाभ
ई-समुद्र पोर्टल के लागू होने से भारत के समुद्री प्रशासन की कार्यकुशलता में उल्लेखनीय सुधार होगा। यह पहल देश में 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' (व्यापार सुगमता) को बढ़ावा देती है और वैश्विक मानकों के अनुरूप भारतीय शिपिंग सेक्टर को मजबूत करती है। इसके अलावा, सटीक और केंद्रीयकृत डेटा प्रबंधन से नीति निर्माण तथा रणनीतिक निर्णयों में तेजी आएगी, जिससे भारत को एक अग्रणी वैश्विक समुद्री राष्ट्र के रूप में स्थापित करने के विजन को बल मिलेगा।
नकली आईएएस और डोभाल का 'जासूस': खगड़िया में 100 करोड़ की ठगी का पर्दाफाश

नकली आईएएस और डोभाल का 'जासूस': खगड़िया में 100 करोड़ की ठगी का पर्दाफाश

Delight News
📅 10 Aug2026

बिहार के खगड़िया में पुलिस ने मनीष गुप्ता नामक एक बड़े ठग को गिरफ्तार किया है। खुद को आईएएस और एनएसए अजीत डोभाल का अंडरकवर एजेंट बताकर उसने करीब 100 करोड़ रुपये की संपत्ति जुटाई। उसके पास से ड्राइवरलेस टेस्ला कार, लग्जरी गाड़ियां और बारहसिंगा के सींग बरामद हुए हैं।

नकली आईएएस और डोभाल का 'जासूस': खगड़िया में 100 करोड़ की ठगी का पर्दाफाश
> न्यूज़ समरी
> बिहार के खगड़िया में पुलिस ने मनीष गुप्ता नामक एक बड़े ठग को गिरफ्तार किया है। खुद को आईएएस और एनएसए अजीत डोभाल का अंडरकवर एजेंट बताकर उसने करीब 100 करोड़ रुपये की संपत्ति जुटाई। उसके पास से ड्राइवरलेस टेस्ला कार, लग्जरी गाड़ियां और बारहसिंगा के सींग बरामद हुए हैं।
>
शातिर ठग का मायाजाल
बिहार के खगड़िया जिले में पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को दबोचा है, जिसके कारनामों ने हर किसी को हैरान कर दिया है। मनीष गुप्ता नाम का यह शख्स खुद को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) का अधिकारी और देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल का बेहद खास 'अंडरकवर एजेंट' बताता था। अपनी इस झूठी और हाई-प्रोफाइल पहचान की आड़ में वह भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाता और उनसे करोड़ों रुपये की ठगी करता था। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद इस शातिर के कई चौंकाने वाले राज खुले हैं।
करोड़ों की संपत्ति और शाही ठाट-बाट
पड़ताल के दौरान पुलिस को मनीष गुप्ता के ठिकाने से अकूत संपत्ति का पता चला है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस फर्जीवाड़े के जरिए उसने करीब 100 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति खड़ी कर ली थी। उसके पास से एक ड्राइवरलेस टेस्ला कार और कई अन्य लग्जरी गाड़ियां बरामद हुई हैं, जो उसके शाही और रसूखदार जीवनशैली की गवाही देती हैं। इसके अलावा, उसके पास से 23 क्रेडिट कार्ड, 8 डेबिट कार्ड, भारी मात्रा में विदेशी शराब और वन्यजीव संरक्षण कानून के दायरे में आने वाले बारहसिंगा के सींग भी मिले हैं।
आर्थिक अपराध इकाई संभालेगी कमान
मामले की गंभीरता को देखते हुए खगड़िया पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। इतने बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा और करोड़ों की अवैध संपत्ति अर्जित करने के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसका पता लगाने के लिए अब आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की विशेष टीम को मैदान में उतारा जाएगा। पुलिस यह खंगालने में जुटी है कि इस ठग ने किन-किन विभागों और बड़े लोगों को अपने झांसे में लिया था। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और ठगी के शिकार अन्य लोग भी अब खुलकर सामने आने लगे हैं।

Delight News

निष्पक्ष पत्रकारिता, सटीक विश्लेषण

Delight News एक प्रमुख डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म है जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और जनता तक बिल्कुल सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय हिंदी खबरें पहुंचाना है। हम बिना किसी पक्षपात के राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राजनीति, खेल, शिक्षा, सरकारी नौकरी और करंट अफेयर्स से जुड़ी हर छोटी-बड़ी ताजा खबरें आप तक सबसे पहले पहुंचाते हैं। पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना and अफवाहों से दूर सिर्फ सत्यापित तथ्य परोसना ही हमारा मुख्य संकल्प है।
📬 हमसे संपर्क करें
delightnews.in@gmail.com Official YouTube Channel Official Instagram Profile
<

📍 अपनी लोकेशन Set करें



Privacy Policy & Terms

Delight News परिवार से जुड़ें

📱 और भी बेहतर अनुभव के लिए!

ताजा खबरों के सबसे तेज नोटिफिकेशन, निर्बाध वीडियो स्ट्रीमिंग और शानदार यूज़र इंटरफेस के साथ देश-दुनिया के लाइव अपडेट्स सीधे अपने mobile पर पाने के लिए हमारा Delight News Android App डाउनलोड करें।

📥 Download Android App

हमारा आधिकारिक एंड्रॉइड एप्लिकेशन Google Play Store पर लाइव हो चुका है। दिए गए बटन पर क्लिक करके अभी डाउनलोड करें!