Delight News Logo
Latest सामान्य ख़बरें सरकारी नौकरी करेंट अफेयर्स परीक्षा ज्ञान
रेलवे में अप्रेंटिस बनने का सुनहरा मौका, 734 पदों पर निकली भर्ती

रेलवे में अप्रेंटिस बनने का सुनहरा मौका, 734 पदों पर निकली भर्ती

Delight News
📅 10 Aug2026

रेलवे कोच फैक्ट्री (RCF), कपूरथला ने युवाओं के लिए रोजगार का एक शानदार अवसर प्रदान किया है। विभिन्न ट्रेडों के लिए कुल 734 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती निकाली गई है। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार 05 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह युवाओं के लिए भारतीय रेलवे के साथ जुड़ने का बेहतरीन मंच है।

रेलवे में अप्रेंटिस बनने का सुनहरा मौका, 734 पदों पर निकली भर्ती
रेलवे कोच फैक्ट्री (RCF), कपूरथला ने युवाओं के लिए रोजगार का एक शानदार अवसर प्रदान किया है। विभिन्न ट्रेडों के लिए कुल 734 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती निकाली गई है। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार 05 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह युवाओं के लिए भारतीय रेलवे के साथ जुड़ने का बेहतरीन मंच है।
आवेदन प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियां
रेलवे कोच फैक्ट्री की इस भर्ती प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत 07 अगस्त 2026 से हो चुकी है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 05 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। जो उम्मीदवार रेलवे में अपने करियर की शुरुआत करना चाहते हैं, वे तय समय सीमा के भीतर आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं। समय पर आवेदन करने से अंतिम समय के सर्वर संबंधित तकनीकी संकट से बचा जा सकता है।
रिक्तियों का विवरण और पात्रता
इस भर्ती अभियान के अंतर्गत विभिन्न ट्रेडों के कुल 734 पदों को भरा जाएगा। आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास संबंधित ट्रेड में आईटीआई (ITI) प्रमाण पत्र और शैक्षणिक योग्यता का होना अनिवार्य है। रेलवे द्वारा निर्धारित आयु सीमा और अन्य पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाले युवा ही इस भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा ले सकते हैं। विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक अधिसूचना का अवलोकन करना आवश्यक है।
चयन प्रक्रिया और आवेदन का तरीका
इन पदों पर उम्मीदवारों का चयन पूरी तरह से मेरिट सूची के आधार पर किया जाएगा, जो शैक्षणिक योग्यता और आईटीआई के अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी। इसमें किसी प्रकार की लिखित परीक्षा का आयोजन नहीं किया जाता है। योग्य उम्मीदवारों को केवल ऑनलाइन माध्यम से ही अपना आवेदन भरना होगा। किसी भी अन्य माध्यम से भेजे गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
केतन हत्याकांड के बाद बदला ट्रेंड: शादी से पहले दूल्हों का बैकग्राउंड चेक करा रहे पेरेंट्स

केतन हत्याकांड के बाद बदला ट्रेंड: शादी से पहले दूल्हों का बैकग्राउंड चेक करा रहे पेरेंट्स

Delight News
📅 10 Aug2026

केतन अग्रवाल की हत्या के बाद मुंबई में शादी से पहले बैकग्राउंड वेरिफिकेशन का चलन तेजी से बढ़ा है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित माता-पिता, खासकर दूल्हे के परिजन, अब प्राइवेट जासूसों की मदद ले रहे हैं। नेता और अमीर परिवारों में भी यह मांग बढ़ी है, जिसका खर्च ₹25,000 से ₹3 लाख तक है।

केतन हत्याकांड के बाद बदला ट्रेंड: शादी से पहले दूल्हों का बैकग्राउंड चेक करा रहे पेरेंट्स
खबर का निचोड़
केतन अग्रवाल की हत्या के बाद मुंबई में शादी से पहले बैकग्राउंड वेरिफिकेशन का चलन तेजी से बढ़ा है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित माता-पिता, खासकर दूल्हे के परिजन, अब प्राइवेट जासूसों की मदद ले रहे हैं। नेता और अमीर परिवारों में भी यह मांग बढ़ी है, जिसका खर्च ₹25,000 से ₹3 लाख तक है।
शादी के बाजार में जासूसी का नया दौर
मुंबई में केतन अग्रवाल की सनसनीखेज हत्या ने वैवाहिक रिश्तों की नीव और परिवारों के भरोसे पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से शहर के लोगों की सोच में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। शादी-ब्याह के पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच अब 'बैकग्राउंड चेक' सबसे महत्वपूर्ण कदम बन चुका है। रिश्ते तय करने से पहले केवल कुंडली मिलाना या आपसी जान-पहचान पर भरोसा करना अब गुजरे जमाने की बात होती जा रही है।
पेरेंट्स की बढ़ी चिंता और प्राइवेट डिटेक्टिव्स की मांग
हत्याकांड की खबर के बाद से मुंबई की प्राइवेट डिटेक्टिव एजेंसियों के पास फोन की घंटियां लगातार बज रही हैं। पूछताछ करने वालों में सबसे बड़ी संख्या उन माता-पिता की है जो अपने बेटों के लिए दुल्हन ढूंढ रहे हैं। बच्चों के सुरक्षित भविष्य को लेकर पेरेंट्स किसी भी तरह का जोखिम उठाने को तैयार नहीं हैं। वे होने वाले जीवनसाथी के अतीत, उसके सामाजिक व्यवहार, कार्यस्थल के माहौल और आपराधिक रिकॉर्ड की गहन जांच करवा रहे हैं।
वीआईपी और अमीर परिवारों का भी बदलता रुख
मशहूर प्राइवेट डिटेक्टिव रजनी पंडित के मुताबिक, बैकग्राउंड वेरिफिकेशन की यह मांग केवल आम मध्यमवर्गीय परिवारों तक सीमित नहीं है। बड़े-बड़े राजनेता, उद्योगपति और शहर के नामचीन अमीर परिवार भी अब अपनी संतानों के रिश्ते पक्के करने से पहले डिटेक्टिव एजेंसियों की सेवाएं ले रहे हैं। हाई-प्रोफाइल शादियों में गोपनीयता और सुरक्षा सर्वोपरि हो गई है, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना या धोखाधड़ी से बचा जा सके।
कितना आता है जांच का खर्च
मैरिज बैकग्राउंड चेक का यह काम अब एक संगठित उद्योग का रूप ले चुका है। जांच के स्तर और जटिलता के आधार पर इस सर्विस का खर्च ₹25,000 से शुरू होकर ₹3 लाख तक जाता है। बेसिक वेरिफिकेशन में व्यक्ति की नौकरी, पढ़ाई और सामान्य आदतों की पड़ताल की जाती है। वहीं, प्रीमियम पैकेज में सोशल मीडिया एक्टिविटी, पर्सनल लाइफ स्टाइल, वित्तीय स्थिति और गुप्त पुलिस रिकॉर्ड्स तक की विस्तृत जांच शामिल होती है।
बदलती सामाजिक मानसिकता का प्रतीक
केतन हत्याकांड के बाद उभरा यह ट्रेंड साफ दिखाता है कि आज के दौर में रिश्ते सिर्फ भावनाओं पर नहीं, बल्कि ठोस तथ्यों और सुरक्षा के आधार पर तय हो रहे हैं। वैवाहिक संबंधों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लोग पेशेवर मदद लेने में कोई हिचकिचाहट नहीं दिखा रहे हैं। मुंबई से शुरू हुआ यह नया ट्रेंड आने वाले समय में देश के अन्य बड़े शहरों में भी तेजी से पैर पसार सकता है।
NTA के ढुलमुल रवैये से भड़के छात्र, UGC NET की आंसर की ना आने पर 11 अगस्त को बड़े प्रदर्शन की चेतावनी

NTA के ढुलमुल रवैये से भड़के छात्र, UGC NET की आंसर की ना आने पर 11 अगस्त को बड़े प्रदर्शन की चेतावनी

Delight News
📅 10 Aug2026

UGC NET परीक्षा समाप्त हुए एक महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अब तक प्रोविज़नल आंसर की जारी नहीं की है। इससे नाराज अभ्यर्थियों ने अल्टीमेटम दिया है कि यदि 10 अगस्त तक आंसर की जारी नहीं हुई, तो वे 11 अगस्त को NTA दफ्तर का घेराव करेंगे।

NTA के ढुलमुल रवैये से भड़के छात्र, UGC NET की आंसर की ना आने पर 11 अगस्त को बड़े प्रदर्शन की चेतावनी
खबर का निचोड़
UGC NET परीक्षा समाप्त हुए एक महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अब तक प्रोविज़नल आंसर की जारी नहीं की है। इससे नाराज अभ्यर्थियों ने अल्टीमेटम दिया है कि यदि 10 अगस्त तक आंसर की जारी नहीं हुई, तो वे 11 अगस्त को NTA दफ्तर का घेराव करेंगे।
लेट-लतीफी से अभ्यर्थियों का सब्र टूटा
UGC NET-2026 परीक्षा में शामिल लाखों अभ्यर्थियों के इंतजार की सीमा अब पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। परीक्षा 22 जून से 5 जुलाई के बीच विभिन्न चरणों में आयोजित की गई थी। आमतौर पर परीक्षा समाप्त होने के कुछ ही दिनों बाद उत्तर कुंजी (आंसर की) जारी कर दी जाती है, लेकिन इस बार एक महीने से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक अपडेट सामने नहीं आया है। इस अप्रत्याशित देरी से नाराज उम्मीदवारों ने अब विरोध का रास्ता चुनने का मन बना लिया है।
10 अगस्त की डेडलाइन और NTA ऑफिस का घेराव
अभ्यर्थियों ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को स्पष्ट शब्दों में अल्टीमेटम दिया है। छात्रों के प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि 10 अगस्त तक आधिकारिक वेबसाइट पर आंसर की अपलोड नहीं की जाती है, तो देशभर से आए छात्र 11 अगस्त को दिल्ली स्थित NTA मुख्यालय के बाहर एकत्र होकर जोरदार प्रदर्शन करेंगे। सोशल मीडिया पर भी इस बाबत अभियान चलाया जा रहा है, जहां अभ्यर्थी अपनी निराशा और आक्रोश जाहिर कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि एजेंसी की इस सुस्ती का सीधा असर उनके भविष्य और आगे की शैक्षणिक योजनाओं पर पड़ रहा है।
NTA के पिछले रिकॉर्ड पर उठे सवाल
छात्रों के बढ़ते गुस्से की एक बड़ी वजह NTA का पिछला रिकॉर्ड भी है। आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछली चार परीक्षाओं में एजेंसी ने परीक्षा खत्म होने के महज 10 दिनों के भीतर आंसर की जारी कर दी थी। ऐसे में इस बार एक महीने से अधिक का विलंब छात्रों की समझ से परे है। समय पर उत्तर कुंजी जारी न होने के कारण न तो अभ्यर्थी अपने अंकों का सही आकलन कर पा रहे हैं और न ही रिजल्ट को लेकर कोई स्पष्टता बन पा रही है।
अधर में लटका लाखों छात्रों का भविष्य
UGC NET की परीक्षा देश के विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर की पात्रता और जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। परीक्षा परिणाम में देरी के कारण अगली प्रक्रियाएं जैसे कि पीएचडी एडमिशन और इंटरव्यू पूरी तरह से ठप्प पड़े हैं। अभ्यर्थियों का तर्क है कि पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया किसी भी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा की पहली शर्त होती है। अब सबकी निगाहें 10 अगस्त की तारीख पर टिकी हैं कि NTA कोई कदम उठाता है या 11 अगस्त को बड़ा विरोध-प्रदर्शन देखने को मिलता है।
आमिर खान फिर निशाने पर: KBC 18 प्रोमो के बाद उठी ट्रोलिंग की आंधी

आमिर खान फिर निशाने पर: KBC 18 प्रोमो के बाद उठी ट्रोलिंग की आंधी

Delight News
📅 10 Aug2026

कौन बनेगा करोड़पति 18 के नए प्रोमो में अमिताभ बच्चन के साथ 'सोचना पड़ेगा' थीम पर चर्चा करते आमिर खान सोशल मीडिया पर बुरी तरह ट्रोल हो रहे हैं। गौरी स्प्राट के साथ उनकी तीसरी शादी की चर्चाओं के बीच यूज़र्स उनकी चौथी शादी को लेकर तीखे तंज कस रहे हैं।

आमिर खान फिर निशाने पर: KBC 18 प्रोमो के बाद उठी ट्रोलिंग की आंधी
खबर का निचोड़
कौन बनेगा करोड़पति 18 के नए प्रोमो में अमिताभ बच्चन के साथ 'सोचना पड़ेगा' थीम पर चर्चा करते आमिर खान सोशल मीडिया पर बुरी तरह ट्रोल हो रहे हैं। गौरी स्प्राट के साथ उनकी तीसरी शादी की चर्चाओं के बीच यूज़र्स उनकी चौथी शादी को लेकर तीखे तंज कस रहे हैं।
KBC 18 के मंच पर आमिर खान और 'सोचना पड़ेगा' थीम
टेलीविज़न के सबसे लोकप्रिय क्विज़ शो 'कौन बनेगा करोड़पति' का 18वां सीज़न शुरू होने से पहले ही सुर्खियों में आ गया है। मेकर्स द्वारा जारी किए गए नए प्रोमो में बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के साथ हॉट सीट पर नज़र आ रहे हैं। इस सीज़न की टैगलाइन 'सोचना पड़ेगा' के इर्द-गिर्द दोनों दिग्गजों के बीच दिलचस्प बातचीत देखने को मिलती है। हालांकि, प्रोमो रिलीज़ होते ही दर्शकों का ध्यान आमिर की निजी ज़िंदगी की तरफ चला गया और सोशल मीडिया पर एक नया विवाद खड़ा हो गया।
गौरी स्प्राट और तीसरी शादी का जिन्न फिर बाहर
दरअसल, कुछ समय से आमिर खान और गौरी स्प्राट की तीसरी शादी को लेकर इंटरनेट पर तरह-तरह की अफवाहें और चर्चाएं गर्म हैं। भले ही अभिनेता ने अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई बड़ा बयान न दिया हो, लेकिन इस प्रोमो ने लोगों को एक बार फिर कमेंट करने का मौका दे दिया। जैसे ही प्रोमो इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर सामने आया, दर्शकों ने शो के फॉर्मेट को छोड़कर आमिर की मैरिड लाइफ को निशाना बनाना शुरू कर दिया।
सोशल मीडिया यूज़र्स के तीखे तंज
प्रोमो के कमेंट सेक्शन में यूज़र्स ने आमिर खान की पर्सनल लाइफ पर जमकर चुटकियां लीं। एक इंस्टाग्राम यूज़र ने लिखा, "अमिताभ जी को उनसे यह पूछना चाहिए कि वह चौथी बार शादी कब कर रहे हैं।" वहीं अन्य यूज़र्स भी पीछे नहीं रहे और उनके पुराने रिश्तों को लेकर तरह-तरह के मीम्स शेयर करने लगे। लोगों का कहना है कि केबीसी के मंच पर 'सोचना पड़ेगा' थीम आमिर की निजी ज़िंदगी के फैसलों पर सटीक बैठती है।
मीम्स और ट्रोल्स के बीच बढ़ा प्रोमो का बज
सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग के बावजूद इस विवाद ने केबीसी 18 के नए सीज़न के लिए जबरदस्त बज क्रिएट कर दिया है। जहां एक तरफ आमिर के फैंस इस तरह के कमेंट्स को अनुचित बताकर उनका बचाव कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ट्रोल्स प्रोमो के हर एक डायलॉग को मीम्स में तब्दील कर रहे हैं। अमिताभ बच्चन और आमिर खान की जुगलबंदी ने शो को लेकर उत्सुकता तो बढ़ाई ही है, साथ ही इस कंट्रोवर्सी ने प्रोमो की रीच को कई गुना बढ़ा दिया है।
राहुल गांधी पर दिए बयान पर शशि थरूर की सफाई *

राहुल गांधी पर दिए बयान पर शशि थरूर की सफाई *

Delight News
📅 10 Aug2026

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' अभियान पर दिए अपने बयान पर सफाई दी है। थरूर का कहना है कि उनकी बात को तोड़-मरोड़कर पार्टी और शीर्ष नेतृत्व पर हमले के रूप में पेश किया जा रहा है, जो बुरी नीयत का नतीजा है।

राहुल गांधी पर दिए बयान पर शशि थरूर की सफाई
खबर का निचोड़
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' अभियान पर दिए अपने बयान पर सफाई दी है। थरूर का कहना है कि उनकी बात को तोड़-मरोड़कर पार्टी और शीर्ष नेतृत्व पर हमले के रूप में पेश किया जा रहा है, जो बुरी नीयत का नतीजा है।
बयानों का बवंडर और थरूर की खरी-खरी
राजनीतिक गलियारों में बयानों के तीर चलना आम बात है, लेकिन जब तीर अपनी ही पार्टी की तरफ उठता दिखे, तो सियासी पारा चढ़ना तय है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर हाल ही में अपने एक बयान को लेकर फिर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कैंपेन की Gen Z के बीच पहुंच को लेकर दिए गए अपने बयान पर अब थरूर ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनके शब्दों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और यह उनकी ही पार्टी या नेतृत्व पर किसी भी तरह का हमला नहीं है।
क्या था विवाद का मुख्य जरिया
विवाद की शुरुआत तब हुई जब शशि थरूर ने स्वीकार किया था कि राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कैंपेन युवाओं और खासकर Gen Z को उस हद तक आकर्षित नहीं कर पाया, जितना प्रभाव प्रतिद्वंद्वी 'CJP' के कैंपेन ने छोड़ा। इस बयान के सामने आते ही राजनीतिक विरोधी सक्रिय हो गए और इसे कांग्रेस के भीतर जारी अंदरूनी कलह और राहुल गांधी के नेतृत्व पर थरूर के सवाल के रूप में प्रचारित किया जाने लगा।
'नाकामी और बुरी नीयत का नतीजा'
बढ़ते विवाद के बीच शशि थरूर ने अपनी स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि किसी सामान्य बातचीत या विश्लेषणात्मक टिप्पणी को अपनी ही पार्टी के खिलाफ बगावत का नाम देना बेबुनियाद है। थरूर के मुताबिक, उनके बयान को इस तरह पेश करना विरोधियों की नाकामी और बुरी नीयत के मिले-जुले इरादों का परिणाम है। उनका मकसद पार्टी को कमजोर करना नहीं, बल्कि रणनीतिक बातचीत का एक हिस्सा था।
निष्पक्ष विश्लेषण या पार्टी से दूरी
शशि थरूर अपनी बेबाक शैली और स्पष्ट विचारों के लिए जाने जाते हैं। राजनीति विश्लेषकों का मानना है कि थरूर अक्सर अभियानों का निष्पक्ष आकलन करते हैं, जिसे अक्सर राजनीतिक रंग दे दिया जाता है। इस बार भी उन्होंने युवाओं के रुझान को लेकर एक व्यवहारिक बात रखी थी, जिसे पार्टी के खिलाफ बयानबाजी मान लिया गया। थरूर के इस ताजा स्पष्टीकरण ने फिलहाल विरोधियों की बयानबाजी पर विराम लगाने की कोशिश की है, लेकिन यह घटना दिखाती है कि चुनाव और युवाओं को साधने की होड़ में हर एक बयान कितना मायने रखता है।

Delight News

निष्पक्ष पत्रकारिता, सटीक विश्लेषण

Delight News एक प्रमुख डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म है जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और जनता तक बिल्कुल सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय हिंदी खबरें पहुंचाना है। हम बिना किसी पक्षपात के राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राजनीति, खेल, शिक्षा, सरकारी नौकरी और करंट अफेयर्स से जुड़ी हर छोटी-बड़ी ताजा खबरें आप तक सबसे पहले पहुंचाते हैं। पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना and अफवाहों से दूर सिर्फ सत्यापित तथ्य परोसना ही हमारा मुख्य संकल्प है।
📬 हमसे संपर्क करें
delightnews.in@gmail.com Official YouTube Channel Official Instagram Profile

Delight News परिवार से जुड़ें

📱 और भी बेहतर अनुभव के लिए!

ताजा खबरों के सबसे तेज नोटिफिकेशन, निर्बाध वीडियो स्ट्रीमिंग और शानदार यूज़र इंटरफेस के साथ देश-दुनिया के लाइव अपडेट्स सीधे अपने mobile पर पाने के लिए हमारा Delight News Android App डाउनलोड करें।

🚀 COMING SOON...

हमारा आधिकारिक एंड्रॉइड एप्लिकेशन Google Play Store पर बहुत जल्द लाइव होने जा रहा है। अपडेट मिलते ही डाउनलोड लिंक यहाँ उपलब्ध करा दी जाएगी।

📍 अपनी लोकेशन Set करें



Privacy Policy & Terms