
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में सरकारी नौकरी का सुनहरा मौका, 388 पदों पर भर्ती शुरू
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने विभिन्न पदों पर बंपर भर्ती का ऐलान किया है। कुल 388 रिक्त पदों के लिए योग्य उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी 10 अगस्त 2026 से 10 सितंबर 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से अपना आवेदन सफलतापूर्वक सबमिट कर सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने विभिन्न पदों पर बंपर भर्ती का ऐलान किया है। कुल 388 रिक्त पदों के लिए योग्य उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी 10 अगस्त 2026 से 10 सितंबर 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से अपना आवेदन सफलतापूर्वक सबमिट कर सकते हैं।
सरकारी नौकरी की तलाश खत्म, हाईकोर्ट में बंपर भर्तियां
न्यायपालिका में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए यह एक बेहतरीन अवसर है। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने विभिन्न श्रेणियों के कुल 388 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन आधिकारिक रूप से जारी कर दिया है। इस भर्ती के माध्यम से राज्य के युवाओं को अपनी योग्यता साबित करने और एक प्रतिष्ठित सरकारी पद पर सेवा देने का शानदार मौका मिल रहा है।
आवेदन प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियां
इस भर्ती प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत 10 अगस्त 2026 से होने जा रही है। जो उम्मीदवार इन पदों के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे अंतिम तिथि यानी 10 सितंबर 2026 से पहले अपना फॉर्म जरूर भर लें। तय की गई समय सीमा के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है, क्योंकि इसके बाद किसी भी परिस्थिति में आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
योग्यता, आयु सीमा और चयन प्रक्रिया
अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन करने से पहले आधिकारिक विज्ञापन का बारीकी से अध्ययन कर लें। इस विज्ञापन में आयु सीमा, शैक्षणिक योग्यता, विभागवार पदों का विवरण, सिलेबस और वेतनमान से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां विस्तार से दी गई हैं। चयन प्रक्रिया से जुड़ी पूरी जानकारी भी नोटिफिकेशन में उपलब्ध है, जिसे पढ़कर उम्मीदवार अपनी तैयारी को सही दिशा दे सकते हैं।

'मां होने की खूबसूरत सज़ा': स्मृति ईरानी ने मातृत्व के दर्द और सच्चाई पर कही बड़ी बात
नेत्री और अभिनेत्री स्मृति ईरानी ने मातृत्व को लेकर एक बेहद भावुक और गहरी बात कही है। उन्होंने कहा कि मां की ज़िम्मेदारी तभी पूरी मानी जाती है जब बच्चे को उसकी ज़रूरत न रहे। उन्होंने इसे 'मां होने की खूबसूरत सज़ा' बताया है, जहां आप ऐसे बच्चे को पालते-पोसते हैं जो एक दिन बड़ा होकर आपको भूल जाता है।
> खबर का सार:
> नेत्री और अभिनेत्री स्मृति ईरानी ने मातृत्व को लेकर एक बेहद भावुक और गहरी बात कही है। उन्होंने कहा कि मां की ज़िम्मेदारी तभी पूरी मानी जाती है जब बच्चे को उसकी ज़रूरत न रहे। उन्होंने इसे 'मां होने की खूबसूरत सज़ा' बताया है, जहां आप ऐसे बच्चे को पालते-पोसते हैं जो एक दिन बड़ा होकर आपको भूल जाता है।
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मातृत्व का सबसे कठिन और सच्चा सच
राजनीति और अभिनय की दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बनाने वाली स्मृति ईरानी ने हाल ही में मातृत्व के एक ऐसे पहलू पर खुलकर बात की, जिससे हर मां का दिल जुड़ा हुआ है। उन्होंने एक बातचीत के दौरान मां होने के अहसास को शब्दों में पिरोते हुए कहा कि मातृत्व में एक ऐसा पड़ाव आता है जब मां का सबसे बड़ा समर्पण यही साबित होता है कि अब बच्चे को उसकी कोई आवश्यकता नहीं है।
जब बच्चे को नहीं रहती मां की ज़रूरत
स्मृति ईरानी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए समझाया कि एक मां अपने बच्चे को बेहद लाड़-प्यार से बड़ा करती है, उसे हर मुश्किल से बचाती है और अपने पैरों पर खड़ा करती है। लेकिन जीवन का कड़वा सच यह है कि जब वह बच्चा अपने पैरों पर खड़ा हो जाता है, तो उसे अपनी स्वतंत्र दुनिया में मां की ज़रूरत कम या लगभग खत्म महसूस होने लगती है। उन्होंने इसे एक मां के लिए सबसे दर्दनाक लेकिन अनिवार्य एहसास करार दिया।
'खूबसूरत सज़ा' है बच्चे का स्वतंत्र हो जाना
इस पूरी प्रक्रिया को उन्होंने 'मां होने की खूबसूरत सज़ा' की संज्ञा दी। उनका कहना था कि एक तरफ जहां बच्चे का आत्मनिर्भर होना और अपने जीवन में आगे बढ़ना मां की सबसे बड़ी जीत और सफलता होती है, वहीं दूसरी तरफ उसे अपने बच्चों से मिलने वाली वह दूरी और खालीपन जीवन का सबसे बड़ा दर्द भी देता है। स्मृति ईरानी के इस विचार ने सोशल मीडिया पर मातृत्व के इस अनूठे और मार्मिक पहलू को एक नई बहस और गहराई दे दी है।

राहुल गांधी के बयान पर कैप्टन अमरिंदर सिंह की प्रतिक्रिया, कहा- 'बचपन से जानता हूं उन्हें'
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा कैप्टन अमरिंदर सिंह को अपना पसंदीदा बीजेपी नेता बताए जाने पर पंजाब के पूर्व सीएम ने प्रतिक्रिया दी है। कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि वह राहुल और प्रियंका को तब से जानते हैं जब वे छोटे बच्चे थे। उन्होंने राजीव गांधी के साथ अपनी पुरानी दोस्ती और सहपाठी होने के दिनों को भी याद किया।
> खबर का सार:
> कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा कैप्टन अमरिंदर सिंह को अपना पसंदीदा बीजेपी नेता बताए जाने पर पंजाब के पूर्व सीएम ने प्रतिक्रिया दी है। कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि वह राहुल और प्रियंका को तब से जानते हैं जब वे छोटे बच्चे थे। उन्होंने राजीव गांधी के साथ अपनी पुरानी दोस्ती और सहपाठी होने के दिनों को भी याद किया।
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राहुल गांधी के बयान पर कैप्टन अमरिंदर का पलटवार
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की उस टिप्पणी पर अपनी बात रखी है, जिसमें राहुल ने उन्हें अपना पसंदीदा बीजेपी नेता बताया था। इस बयान के सामने आने के बाद सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं, जिस पर अब खुद कैप्टन अमरिंदर सिंह की प्रतिक्रिया सामने आई है।
गांधी परिवार से पुराने और गहरे रिश्ते
मीडिया से बातचीत के दौरान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गांधी परिवार के साथ अपने दशकों पुराने संबंधों का जिक्र किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को आज से नहीं, बल्कि तब से जानते हैं जब वे बहुत छोटे बच्चे थे। पारिवारिक और पुराने राजनीतिक रिश्तों का हवाला देते हुए उन्होंने इन बंधनों की गहराई को बयां किया।
राजीव गांधी के साथ दोस्ती और स्कूल के दिन
अपने और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के रिश्तों को याद करते हुए कैप्टन अमरिंदर ने बताया कि वे दोनों एक समय में स्कूल के दिनों में सहपाठी (Classmate) और अच्छे दोस्त हुआ करते थे। उन्होंने कहा कि उनके और राजीव गांधी के बीच का रिश्ता काफी पुराना और मजबूत रहा है, जो राजनीति में आने से बहुत पहले का था। कैप्टन के इस बयान से साफ होता है कि वैचारिक मतभेदों और पार्टी बदलने के बावजूद उनके मन में पुराने पारिवारिक और व्यक्तिगत संबंध आज भी जीवंत हैं।

पीएम मोदी की तस्वीर पर चप्पल मारने वाली बच्ची के वीडियो पर भड़कीं रुपाली गांगुली, बोलीं- 'काश वह तानाशाह होते'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर पर चप्पल मारने वाले एक वायरल वीडियो पर अभिनेत्री रुपाली गांगुली ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री का इस तरह का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए और इसके गंभीर परिणाम होने चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि 'काश वह तानाशाह होते'।
> खबर का सार:
> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर पर चप्पल मारने वाले एक वायरल वीडियो पर अभिनेत्री रुपाली गांगुली ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री का इस तरह का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए और इसके गंभीर परिणाम होने चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि 'काश वह तानाशाह होते'।
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सोशल मीडिया पर वायरल हुआ विवादित वीडियो
टीवी इंडस्ट्री की मशहूर अभिनेत्री और 'अनुपमा' फेम रुपाली गांगुली अपने बेबाक बयानों के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एक छोटी बच्ची प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर पर चप्पल मारती हुई नजर आ रही है। इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स में भारी आक्रोश देखने को मिला। कई लोगों ने इस तरह की परवरिश पर सवाल उठाए और बच्ची के माता-पिता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
रुपाली गांगुली की तीखी प्रतिक्रिया
इस वायरल वीडियो पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए अभिनेत्री रुपाली गांगुली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि देश के प्रधानमंत्री का इस तरह से अपमान करने के बेहद गंभीर परिणाम होने चाहिए। अपने गुस्से को बयां करते हुए उन्होंने आगे लिखा कि 'काश वह तानाशाह होते', जिससे इस प्रकार की ओछी मानसिकता और हरकतों पर लगाम लगाई जा सके। उनका यह बयान इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गया है।
यूजर्स ने की माता-पिता पर कार्रवाई की मांग
इस घटना के बाद से नेटिजन्स लगातार अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। एक अन्य एक्स (X) यूजर ने इस वीडियो पर कड़ा ऐक्शन लेते हुए बच्ची के माता-पिता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि मासूम बच्चों को इस तरह की राजनीतिक नफरत और अपमानजनक कृत्यों में शामिल करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और खतरनाक है, जिस पर तुरंत रोक लगनी चाहिए।

IIT दिल्ली दीक्षांत समारोह: पीएम मोदी बोले- मेडल विजेताओं में बेटियां होतीं तो और बेहतर होता
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने मेडल जीतने वाले छात्रों को बधाई दी, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि अगर पदक विजेताओं में कुछ बेटियां भी शामिल होतीं, तो यह और भी अधिक खुशी की बात होती।
> खबर का सार:
> भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने मेडल जीतने वाले छात्रों को बधाई दी, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि अगर पदक विजेताओं में कुछ बेटियां भी शामिल होतीं, तो यह और भी अधिक खुशी की बात होती।
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आईआईटी दिल्ली के दीक्षांत समारोह में पीएम मोदी का संबोधन
देश के प्रमुख तकनीकी संस्थान आईआईटी दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह का आयोजन भव्य तरीके से किया गया। इस विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने संस्थान से डिग्री और पदक प्राप्त करने वाले सभी युवाओं का हौसला बढ़ाया और उन्हें उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री का संबोधन युवाओं को प्रेरित करने वाला रहा।
बेटियों की उपस्थिति पर प्रधानमंत्री की खास टिपण्णी
समारोह के दौरान जब मेडल पाने वाले छात्रों के आंकड़े सामने आए, तो प्रधानमंत्री मोदी ने एक महत्वपूर्ण और विचारणीय बात रखी। उन्होंने मंच से कहा कि आज जिन मेडल विजेताओं को सम्मानित किया गया है, अगर उनमें एक-दो बेटियां भी होतीं, तो यह और भी ज्यादा अच्छा होता। देश के तकनीकी संस्थानों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के बीच प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी शिक्षा के क्षेत्र में लैंगिक समानता और बेटियों की और अधिक सफलता की जरूरत को रेखांकित करती है।
छात्रों को देश के नाम संदेश
डिग्री लेकर संस्थान से विदा हो रहे युवाओं से संवाद करते हुए प्रधानमंत्री ने उन्हें देशहित में काम करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे अपने दिलों में देश के लिए बड़े सपने लेकर यहां से बाहर जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने युवाओं का आह्वान किया कि वे अपनी तकनीकी शिक्षा और प्रतिभा का उपयोग राष्ट्र निर्माण और समाज के कल्याण के लिए करें, क्योंकि देश को उनकी क्षमताओं से बहुत अधिक उम्मीदें हैं।
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