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UPPSC भर्ती 2026: आर्किटेक्चरल असिस्टेंट समेत 37 पदों पर आवेदन शुरू

UPPSC भर्ती 2026: आर्किटेक्चरल असिस्टेंट समेत 37 पदों पर आवेदन शुरू

Delight News
📅 02 Aug2026

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने विभिन्न विशेषज्ञ पदों के लिए भर्ती का ऐलान कर दिया है। इसमें आर्किटेक्चरल असिस्टेंट, एस्टेट मैनेजर और माइक्रोबायोलॉजिस्ट के कुल 37 पद शामिल हैं। इच्छुक उम्मीदवार 3 अगस्त से 3 सितंबर 2026 तक आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से अपना ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं।

UPPSC भर्ती 2026: आर्किटेक्चरल असिस्टेंट समेत 37 पदों पर आवेदन शुरू
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने विभिन्न विशेषज्ञ पदों के लिए भर्ती का ऐलान कर दिया है। इसमें आर्किटेक्चरल असिस्टेंट, एस्टेट मैनेजर और माइक्रोबायोलॉजिस्ट के कुल 37 पद शामिल हैं। इच्छुक उम्मीदवार 3 अगस्त से 3 सितंबर 2026 तक आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से अपना ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं।
पदों का विवरण और आवेदन प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा जारी इस नई अधिसूचना ने सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर पेश किया है। आयोग ने आर्किटेक्चरल असिस्टेंट, एस्टेट मैनेजर और माइक्रोबायोलॉजिस्ट के 37 रिक्त पदों को भरने के लिए योग्य उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन संचालित होगी, जिसके लिए आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत 3 अगस्त 2026 से हो रही है।
महत्वपूर्ण तिथियाँ और पात्रता
आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवार अपनी तैयारी पूरी रखें क्योंकि समय सीमा बहुत स्पष्ट है। ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 3 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। इस तिथि के बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम समय की तकनीकी समस्याओं से बचने के लिए समय रहते अपना पंजीकरण पूरा कर लें। शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध विस्तृत नोटिफिकेशन को ध्यानपूर्वक पढ़ना चाहिए, क्योंकि अलग-अलग पदों के लिए निर्धारित योग्यता मानदंड भिन्न हो सकते हैं।
चयन प्रक्रिया और आवेदन के चरण
इस भर्ती के लिए आवेदन करने हेतु उम्मीदवारों को UPPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर 'Apply Online' लिंक पर क्लिक करना होगा। फॉर्म भरते समय अपने शैक्षिक दस्तावेजों, फोटो और हस्ताक्षर की स्कैन कॉपी अपने साथ रखें। आवेदन शुल्क का भुगतान भी ऑनलाइन मोड के जरिए ही किया जाना है। चयन प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों की योग्यता और निर्धारित परीक्षाओं के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाएगी। प्रत्येक चरण की जानकारी आयोग द्वारा समय-समय पर वेबसाइट पर अपडेट की जाएगी।
तैयारी और आवश्यक दस्तावेज
चूंकि यह एक विशेषज्ञ भर्ती परीक्षा है, इसलिए उम्मीदवारों को अपने विषय से संबंधित ज्ञान पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। आवेदन पत्र जमा करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपके पास सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे कि शैक्षणिक प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) और पहचान पत्र की मूल प्रतियां तैयार हों। आयोग द्वारा दी गई आधिकारिक नियमावली का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। सभी दिशा-निर्देशों को समझने के बाद ही आवेदन फॉर्म अंतिम रूप से सबमिट करें।
पीएम मोदी की माफी और 'रुचिका विवाद': सियासत और उम्र का नया पेंच

पीएम मोदी की माफी और 'रुचिका विवाद': सियासत और उम्र का नया पेंच

Delight News
📅 01 Aug2026

प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वाली रुचिका सिंह के मामले ने तूल पकड़ लिया है। रुचिका का दावा है कि वह नाबालिग है, जबकि एफआईआर में उम्र 25 वर्ष दर्ज है। इस मुद्दे पर पीएम की माफी की अपील, सीजेपी का विरोध और विपक्षी नेताओं की तीखी प्रतिक्रियाओं से राजनीति गरमा गई है।

पीएम मोदी की माफी और 'रुचिका विवाद': सियासत और उम्र का नया पेंच
खबर का निचोड़
प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वाली रुचिका सिंह के मामले ने तूल पकड़ लिया है। रुचिका का दावा है कि वह नाबालिग है, जबकि एफआईआर में उम्र 25 वर्ष दर्ज है। इस मुद्दे पर पीएम की माफी की अपील, सीजेपी का विरोध और विपक्षी नेताओं की तीखी प्रतिक्रियाओं से राजनीति गरमा गई है।
विवाद की जड़ और उम्र का अंतर्विरोध
सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई एक कथित अभद्र टिप्पणी ने पूरे देश में एक नई बहस छेड़ दी है। रुचिका सिंह नामक युवती ने माफी मांगते हुए यह दावा किया है कि उसकी उम्र मात्र 15 साल है। हालांकि, दर्ज एफआईआर में उसकी उम्र 25 साल बताई गई है, जिससे विवाद और गहरा गया है। क्या यह महज एक टाइपो एरर है या अपनी कानूनी जवाबदेही से बचने की कोई सोची-समझी चाल? यह सवाल अब चर्चा का मुख्य केंद्र बन गया है।
पीएम का रुख और सीजेपी की आपत्ति
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने 'गुमराह बच्चों' को माफ करने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस तरह के विवादों में उलझने के बजाय देश के भविष्य पर ध्यान केंद्रित करना पसंद करते हैं। वहीं दूसरी ओर, सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) ने इस एफआईआर को युवाओं का उत्पीड़न करार दिया है। संगठन का तर्क है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर युवाओं को कानूनी शिकंजे में फंसाना दमनकारी नीति का हिस्सा है और तत्काल एफआईआर वापस ली जानी चाहिए।
राजनीतिक और वैचारिक द्वंद्व
इस मुद्दे पर राजनीति दो ध्रुवों में बंट गई है। रोहिणी आचार्य, नेहा बोरा और सनातन पांडे जैसे विपक्षी नेताओं ने पीएम के बयान को 'घड़ियाली आंसू' बताया है। उनका आरोप है कि सरकार अपने आलोचकों को डराने के लिए ऐसी कार्रवाई करती है और माफी का बयान केवल एक राजनीतिक मुखौटा है।
इसके उलट, अभिनेत्री कंगना रनौत ने इस पूरे प्रकरण को एक गहरी साजिश का हिस्सा बताया है। कंगना ने सोशल मीडिया पर अपनी राय रखते हुए कहा कि वामपंथी विचारधारा युवाओं को गुमराह कर रही है। उन्होंने अपील की है कि बच्चों को ऐसी जहरीली विचारधाराओं के प्रभाव से बचाने के लिए सख्त कदम उठाए जाने चाहिए ताकि वे देश के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपना सकें।
वर्तमान में, यह मामला केवल एक कमेंट तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह कानूनी उम्र के विवाद और वैचारिक युद्ध में तब्दील हो चुका है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या जांच में रुचिका की असल उम्र सामने आने के बाद कानूनी कार्रवाई का स्वरूप बदलता है या यह मामला इसी तरह राजनीतिक गलियारों की गहमागहमी का हिस्सा बना रहेगा।
कबड्डी खिलाड़ी शीलू बल्हारा की पत्नी मुस्कान का निधन, सदमे में खेल जगत

कबड्डी खिलाड़ी शीलू बल्हारा की पत्नी मुस्कान का निधन, सदमे में खेल जगत

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📅 01 Aug2026

मशहूर कबड्डी खिलाड़ी शीलू बल्हारा के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनकी पत्नी मुस्कान बल्हारा ने शुक्रवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दिसंबर 2023 में परिणय सूत्र में बंधे इस दंपत्ति का नौ महीने का एक बेटा भी है। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है।

कबड्डी खिलाड़ी शीलू बल्हारा की पत्नी मुस्कान का निधन, सदमे में खेल जगत
खबर का सार
मशहूर कबड्डी खिलाड़ी शीलू बल्हारा के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनकी पत्नी मुस्कान बल्हारा ने शुक्रवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दिसंबर 2023 में परिणय सूत्र में बंधे इस दंपत्ति का नौ महीने का एक बेटा भी है। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है।
एक हसता-खेलता परिवार हुआ बिखर
खेल जगत से एक बेहद दुखद और स्तब्ध कर देने वाली खबर सामने आई है। कबड्डी के चर्चित खिलाड़ी शीलू बल्हारा के घर में मातम पसर गया है। उनकी पत्नी मुस्कान बल्हारा ने अपने जीवन का अंत कर लिया। शुक्रवार को सामने आई इस घटना ने न केवल उनके परिवार को तोड़कर रख दिया है, बल्कि उनके जानने वालों और प्रशंसकों को भी गहरे सदमे में डाल दिया है।
शादी के कुछ महीने बाद ही उठा बड़ा कदम
शीलू और मुस्कान का विवाह दिसंबर 2023 में बड़ी धूमधाम से हुआ था। दोनों ने अपने वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत की थी और घर में खुशियों का माहौल था। हाल ही में वे एक नौ महीने के बेटे के माता-पिता भी बने थे, जिससे घर की खुशियां और बढ़ गई थीं। हालांकि, किसी को भी यह अंदाजा नहीं था कि शादी के कुछ ही महीनों के भीतर घर में ऐसी हृदयविदारक स्थिति पैदा हो जाएगी।
पुलिस जांच और फॉरेंसिक पड़ताल
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने तत्काल प्रभाव से घर को सील कर दिया ताकि घटनास्थल के साक्ष्यों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया। पुलिस अधिकारी इस दुखद घटना के पीछे की ठोस वजह तलाशने में लगे हैं ताकि आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सके।
खेल जगत में शोक की लहर
जैसे ही मुस्कान के निधन की खबर सार्वजनिक हुई, खेल प्रेमियों और शीलू के सहयोगियों के बीच सन्नाटा पसर गया। सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर लोग अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं। कबड्डी जैसे संघर्षपूर्ण खेल के मैदान में मजबूती से डटे रहने वाले शीलू बल्हारा के लिए यह एक ऐसा निजी नुकसान है, जिसकी भरपाई नामुमकिन है। फिलहाल हर कोई पुलिस की रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है ताकि यह पता चल सके कि आखिर ऐसी क्या परिस्थितियां थीं, जिसने एक नई मां को इतना बड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया।
केतन अग्रवाल हत्याकांड: रो-रोकर छलका बहन का दर्द, यादों में सिमटी भाई की मुस्कान

केतन अग्रवाल हत्याकांड: रो-रोकर छलका बहन का दर्द, यादों में सिमटी भाई की मुस्कान

Delight News
📅 31 Jul2026

केतन अग्रवाल की दर्दनाक हत्या के बाद परिवार में मातम का माहौल है। भाई को खोने के गम में बिलखती बहन का दर्द छलक पड़ा। नम आंखों और रुंधे गले से बहन ने अपने भाई केतन के साथ बिताए लम्हों को याद किया। इस जघन्य वारदात से पूरे इलाके में आक्रोश और शोक की लहर दौड़ गई है।

केतन अग्रवाल हत्याकांड: रो-रोकर छलका बहन का दर्द, यादों में सिमटी भाई की मुस्कान
केतन अग्रवाल की दर्दनाक हत्या के बाद परिवार में मातम का माहौल है। भाई को खोने के गम में बिलखती बहन का दर्द छलक पड़ा। नम आंखों और रुंधे गले से बहन ने अपने भाई केतन के साथ बिताए लम्हों को याद किया। इस जघन्य वारदात से पूरे इलाके में आक्रोश और शोक की लहर दौड़ गई है।
सिसकियों में गूंजती यादें: 'लौट आओ मेरे भाई'
घर के आंगन में पसरा सन्नाटा और हर कोने से उठती सिसकियां इस बात की गवाही दे रही हैं कि इस परिवार पर दुखों का कितना बड़ा पहाड़ टूटा है। केतन अग्रवाल की असामयिक और दर्दनाक मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। सबसे बुरा हाल केतन की बहन का है, जिसका रो-रोकर बुरा हाल हो चुका है।
भाई की तस्वीर को सीने से लगाए बहन बार-बार बस यही पुकार रही है कि काश यह कोई बुरा सपना होता। बचपन की शरारतों से लेकर हर सुख-दुख में साथ निभाने वाले भाई का यूं अचानक चले जाना एक ऐसा घाव दे गया है, जो शायद कभी भर नहीं पाएगा।
एक हंसता-खेलता परिवार और खुशियों पर लगा ग्रहण
केतन अग्रवाल अपने मिलनसार स्वभाव और मददगार रवैये के लिए जाने जाते थे। आसपास के लोगों और दोस्तों के बीच उनकी एक अलग पहचान थी। घर में खुशियों का माहौल रहता था, लेकिन हत्या की इस सनसनीखेज वारदात ने हंसते-खेलते परिवार की सारी खुशियां पल भर में तबाह कर दीं।
बहन ने रोते हुए बताया कि केतन सिर्फ एक भाई नहीं, बल्कि परिवार का सबसे बड़ा सहारा था। हर मुश्किल घड़ी में वह मजबूती से खड़ा रहता था। उसके जाने से घर का चिराग बुझ गया है और हर चेहरा बेनूर हो चुका है।
इंसाफ की गुहार और इलाके में गहराता आक्रोश
इस नृशंस हत्याकांड के बाद से ही स्थानीय निवासियों और परिजनों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। लोग आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी और सख्त से सख्त सजा की मांग कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि जब तक दोषियों को उनके किए की सजा नहीं मिल जाती, तब तक केतन की आत्मा को शांति नहीं मिलेगी।
पुलिस प्रशासन पर भी इस मामले को लेकर त्वरित कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। घटना स्थल पर मौजूद हर आंख नम है और हर जुबां पर बस एक ही सवाल है कि आखिर इस हंसमुख युवा की किसी से क्या दुश्मनी हो सकती थी।
आंसुओं में सिमटी अधूरी ख्वाहिशें
त्योहारों और पारिवारिक कार्यक्रमों में अब केतन की मौजूदगी कभी दर्ज नहीं होगी। बहन का कहना है कि आने वाले हर दिन के साथ यह दर्द और गहरा होता जाएगा। भाई-बहन का पवित्र रिश्ता, जो कभी हंसी-ठिठोली से गूंजता था, अब केवल आंसुओं और सिसकियों में सिमटकर रह गया है।
केतन के जाने से हुआ यह नुकसान कभी पूरा नहीं किया जा सकता। पूरा इलाका इस वक्त पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है और प्रशासन से केवल और केवल न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है।
Gen-Z को गटर बोलोगे तो युवा सरकार गटर में डाल देगा

Gen-Z को गटर बोलोगे तो युवा सरकार गटर में डाल देगा

Delight News
📅 31 Jul2026

राज्यसभा में 'आप' सांसद संजय सिंह ने बीजेपी सांसद कंगना रनौत के 'गटर जनरेशन' वाले बयान पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने बीजेपी को नसीहत देते हुए कहा कि देश के युवाओं और Gen-Z का अपमान भारी पड़ सकता है, नौजवान इस सरकार को उखाड़ फेंकने का माद्दा रखते हैं।

'Gen-Z को गटर बोलोगे तो युवा सरकार गटर में डाल देगा'
संक्षेप: राज्यसभा में 'आप' सांसद संजय सिंह ने बीजेपी सांसद कंगना रनौत के 'गटर जनरेशन' वाले बयान पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने बीजेपी को नसीहत देते हुए कहा कि देश के युवाओं और Gen-Z का अपमान भारी पड़ सकता है, नौजवान इस सरकार को उखाड़ फेंकने का माद्दा रखते हैं।
संसद में गूंजा कंगना का विवादित बयान
संसद का सत्र हो और राजनीतिक वार-पलटवार न देखने को मिले, ऐसा होना मुश्किल है। राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय सिंह ने बीजेपी पर जोरदार हमला बोला। उनके निशाने पर थीं बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत। संजय सिंह ने कंगना द्वारा सीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान Gen-Z और युवाओं के लिए इस्तेमाल की गई 'गटर जनरेशन' वाली टिप्पणी का मुद्दा सदन में जोर-शोर से उठाया।
"अपनी सांसद को समझाओ..."
संजय सिंह ने सत्ता पक्ष की तरफ इशारा करते हुए तीखे शब्दों में कहा कि अपनी सांसद को मर्यादा में रहने की सलाह दें। युवाओं का इस तरह अपमान करना देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने जैसा है। उन्होंने साफ चेतावनी भरे लहजे में कहा, "अपनी सांसद को समझाओ... Gen-Z को गटर कहोगे तो तुम्हारी सरकार को इस देश का नौजवान और Gen-Z पकड़कर गटर में डाल देगा। नौजवानों को गटर Gen-Z बोलना तुरंत बंद करो।"
युवाओं के गुस्से से सावधान रहने की नसीहत
'आप' सांसद ने जोर देकर कहा कि किसी भी देश की असली ताकत उसका युवा वर्ग होता है। Gen-Z आज हर क्षेत्र में अपनी आवाज मुखर कर रहा है। जब युवा सड़कों पर उतरते हैं या अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराते हैं, तो उन्हें गटर या आपत्तिजनक शब्दों से संबोधित करना उनके स्वाभिमान पर चोट करने जैसा है। संजय सिंह ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध का हक सबको है, लेकिन सत्ता के अहंकार में देश की युवा पीढ़ी का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राजनीतिक गलियारों में तेज हुई बहस
कंगना रनौत के बयान और उस पर संजय सिंह के इस पलटवार के बाद राजनीतिक तापमान काफी बढ़ गया है। एक तरफ जहां बीजेपी अपने नेताओं के बयानों को लेकर लगातार बचाव की मुद्रा में नजर आती है, वहीं विपक्ष को संसद के पटल पर सरकार को घेरने का एक और बड़ा मुद्दा मिल गया है। Gen-Z और युवाओं से जुड़े इस मुद्दे पर अब सोशल मीडिया से लेकर देश के राजनीतिक गलियारों तक बहस छिड़ गई है।

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