
AIIMS नर्सिंग ऑफिसर भर्ती 2026: आवेदन शुरू, जानें आवेदन प्रक्रिया
देश भर के सरकारी अस्पतालों में सेवा देने का सपना देख रहे नर्सिंग उम्मीदवारों के लिए एक बड़ी खबर है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ने NORCET 11वें चरण के तहत नर्सिंग ऑफिसर के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।
देश भर के सरकारी अस्पतालों में सेवा देने का सपना देख रहे नर्सिंग उम्मीदवारों के लिए एक बड़ी खबर है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ने NORCET 11वें चरण के तहत नर्सिंग ऑफिसर के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।
भर्ती की महत्वपूर्ण तिथियां
AIIMS द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, नर्सिंग ऑफिसर के पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 24 जुलाई 2026 से शुरू हो चुकी है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 13 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। उम्मीदवार इस दिन शाम 5:00 बजे तक अपना फॉर्म ऑनलाइन सबमिट कर सकते हैं। समय सीमा का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है क्योंकि अंतिम समय में वेबसाइट पर लोड बढ़ने के कारण तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
पात्रता और चयन प्रक्रिया
इस भर्ती में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों का संबंधित क्षेत्र में नर्सिंग योग्यता होना अनिवार्य है। भर्ती प्रक्रिया NORCET (नर्सिंग ऑफिसर रिक्रूटमेंट कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट) के माध्यम से पूरी की जाएगी। चयन प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों का शैक्षणिक रिकॉर्ड, आयु सीमा और निर्धारित योग्यता मानदंडों की गहन जांच की जाएगी। इच्छुक उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि आवेदन करने से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध विस्तृत नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ें ताकि वे अपनी पात्रता सुनिश्चित कर सकें।
आवेदन कैसे करें
आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवार AIIMS की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर 'Apply Online' लिंक पर क्लिक करें। वहां अपना पंजीकरण पूरा करने के बाद मांगी गई समस्त जानकारी दर्ज करें और आवश्यक दस्तावेजों को अपलोड करें। आवेदन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करना होगा। ध्यान रहे कि फॉर्म भरते समय कोई भी त्रुटि न हो, क्योंकि गलत जानकारी देने पर आवेदन रद्द किया जा सकता है। अंतिम रूप से सबमिट करने के बाद आवेदन पत्र का एक प्रिंट आउट अपने पास भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित रख लें।
पद का विवरण और महत्व
AIIMS द्वारा आयोजित यह कंबाइंड रिक्रूटमेंट टेस्ट नर्सिंग क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है। यह परीक्षा केवल एक भर्ती प्रक्रिया नहीं है, बल्कि देश के शीर्ष स्वास्थ्य संस्थानों में योगदान देने का एक माध्यम है। चयनित उम्मीदवारों को न केवल बेहतर वेतनमान मिलेगा, बल्कि उन्हें आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के बीच काम करने का उत्कृष्ट अनुभव भी प्राप्त होगा। भर्ती से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी समय-समय पर आधिकारिक पोर्टल पर अपडेट की जा रही है, इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे लगातार अपनी नजरें आधिकारिक वेबसाइट पर बनाए रखें।

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: 'झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए'
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस कदम को छात्र शक्ति की जीत बताया। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। दीपके ने पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग उठाई है।
खबर का निचोड़:
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस कदम को छात्र शक्ति की जीत बताया। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। दीपके ने पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग उठाई है।
सियासी गलियारों में हलचल, छात्र आंदोलन का दिखा असर
देश की राजनीति और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस इस्तीफे के बाद राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। लंबे समय से चल रहे विरोध और छात्रों के दबाव के बीच इस फैसले को एक बेहद महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
शिक्षा मंत्रालय में जारी खींचतान और छात्रों के लगातार बढ़ते आक्रोश के बीच प्रधान के इस कदम ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सत्ता के गलियारों में जहां इसे एक रणनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, वहीं विपक्षी और सामाजिक संगठन इसे अपनी मांगों पर सरकार का झुकना करार दे रहे हैं।
अभिजीत दीपके का तीखा तंज: "झुकती है दुनिया..."
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आते ही सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने पुरानी बातों को याद दिलाते हुए तंज कसा और कहा, "क्या कहते थे ये - इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते? 'झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए'।"
दीपके के इस बयान ने साफ कर दिया कि यह इस्तीफा महज एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसके पीछे जनता और छात्रों का बड़ा दबाव रहा है। उनका मानना है कि लगातार उठाए गए आवाज़ और विरोध प्रदर्शनों का ही नतीजा है कि सरकार को यह कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा है।
इस्तीफा सिर्फ पहली जीत, लड़ाई अभी बाकी है
इस्तीफे को शुरुआती सफलता मानते हुए अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि मामला यहीं खत्म नहीं होता। उन्होंने कहा कि मंत्री पद से त्यागपत्र मिलना महज एक पड़ाव है, असली न्याय अभी बाकी है।
दीपके ने अपनी बात को मजबूती से रखते हुए दो प्रमुख मांगें जनता और प्रशासन के सामने रखीं:
पीड़ित परिवारों को मुआवजा: हाल के घटनाक्रमों और तनाव के कारण जिन मासूम बच्चों ने आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठाया, उनके परिवारों को तुरंत उचित आर्थिक सहायता और न्याय मिले।
दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई: प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ बर्बरता और असंवैधानिक बल प्रयोग करने वाले पुलिस अधिकारियों को चिन्हित कर उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
आगे क्या?
शिक्षा मंत्री के पद छोड़ने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस विभाग की कमान किसे सौंपी जाएगी। साथ ही, क्या सरकार प्रदर्शनकारियों की बाकी दो मांगों पर विचार करेगी? जिस तरह से अभिजीत दीपके और अन्य संगठनों ने अपना रुख कड़ा रखा है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है। छात्रों का न्याय के लिए यह संघर्ष किस दिशा में जाता है, इस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।

धर्मेंद्र प्रधान ने पीएम मोदी को सौंपी इस्तीफे की पेशकश: रिपोर्ट
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर पद से इस्तीफे की पेशकश की है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बीजेपी सूत्रों का दावा है कि उन्हें शुक्रवार को इस्तीफे की घोषणा करनी थी। हालांकि, जनभावनाओं का आकलन करने के लिए फिलहाल इस फैसले को टाल दिया गया है।
खबर का निचोड़
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर पद से इस्तीफे की पेशकश की है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बीजेपी सूत्रों का दावा है कि उन्हें शुक्रवार को इस्तीफे की घोषणा करनी थी। हालांकि, जनभावनाओं का आकलन करने के लिए फिलहाल इस फैसले को टाल दिया गया है।
शिक्षा मंत्रालय में हलचल, धर्मेंद्र प्रधान की इस्तीफे की पेशकश
देश के सियासी गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुद फोन करके अपने पद से इस्तीफे की पेशकश की है। भारतीय जनता पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों के हवाले से आई इस खबर ने राजनीतिक हलचलों को तेज कर दिया है।
शुक्रवार शाम को होनी थी आधिकारिक घोषणा
सूत्रों के मुताबिक, धर्मेंद्र प्रधान की इस पेशकश के बाद शुरुआती रणनीति यही बनी थी कि शुक्रवार शाम तक इस्तीफे की आधिकारिक घोषणा कर दी जाए। पूरा घटनाक्रम काफी तेजी से बदला और मंत्रालय से लेकर पार्टी संगठन तक इस फैसले को लेकर सरगर्मियां बढ़ गईं। हालांकि, अंतिम समय में इस योजना में थोड़ा बदलाव देखने को मिला।
जनभावना का आकलन करने के लिए टला फैसला
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इस्तीफे की सार्वजनिक घोषणा को फिलहाल एक खास रणनीति के तहत रोक दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक इंस्टाग्राम पोस्ट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आ रही जनता की प्रतिक्रियाओं के जरिए माहौल को समझने की कोशिश की जा रही है। नेतृत्व यह देखना चाहता है कि इस कदम का आम जनता और शिक्षा क्षेत्र पर क्या प्रभाव पड़ेगा। जनभावना का सटीक अंदाजा लगाने के बाद ही इस मामले पर कोई अंतिम फैसला सार्वजनिक किया जाएगा।
सियासी मायनों की तलाश
शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय के शीर्ष नेतृत्व में बदलाव की यह खबर राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील मानी जा रही है। धर्मेंद्र प्रधान केंद्र सरकार के प्रमुख और प्रभावशाली मंत्रियों में गिने जाते हैं। ऐसे में उनके द्वारा पद छोड़ने की इच्छा जताने के पीछे क्या वजहें हैं, इसे लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। फिलहाल हर किसी की नजरें प्रधानमंत्री कार्यालय और पार्टी के अगले आधिकारिक कदम पर टिकी हुई हैं।

इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया': धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राहुल गांधी का बड़ा हमला
छात्रों के भारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों के संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि लड़ाई अभी अधूरी है। उन्होंने प्रधानमंत्री से माफी और हिंसक कार्रवाई के दोषियों पर सजा की मांग की है।
खबर का निचोड़
छात्रों के भारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों के संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि लड़ाई अभी अधूरी है। उन्होंने प्रधानमंत्री से माफी और हिंसक कार्रवाई के दोषियों पर सजा की मांग की है।
छात्रों के आंदोलन के आगे झुकी सरकार, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा
देश भर में छात्रों के उग्र प्रदर्शनों और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच आखिरकार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा है। इस बड़े घटनाक्रम के तुरंत बाद देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। लंबे समय से सड़कों पर डटे छात्रों के लिए इसे एक बड़ी नैतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है। शिक्षा व्यवस्था में जारी अनियमितताओं और छात्रों के आक्रोश को देखते हुए यह फैसला सरकार के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
"शाबाश देश के युवाओं!" – राहुल गांधी ने थपथपाई छात्रों की पीठ
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर सामने आते ही लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के जरिए छात्रों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने देश भर के युवाओं और आंदोलनकारी छात्रों को बधाई देते हुए कहा, "शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।" राहुल गांधी ने साफ किया कि युवाओं की एकजुटता और संघर्ष ने सत्ता को झुकने पर मजबूर कर दिया है, लेकिन यह लड़ाई केवल एक मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं है।
दो प्रमुख मांगें अभी भी बाकी: 'केवल एक इस्तीफा काफी नहीं'
राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि विपक्षी दल और छात्र सिर्फ एक इस्तीफे से संतुष्ट होने वाले नहीं हैं। उन्होंने आंदोलन को आगे ले जाते हुए दो मुख्य मांगें जनता के सामने रखीं:
प्रधानमंत्री की माफी: देश के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ और उनकी समस्याओं को नजरअंदाज करने के लिए प्रधानमंत्री को खुद देश के सामने आकर माफी मांगनी चाहिए।
हिंसा के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई: विरोध-प्रदर्शनों के दौरान छात्रों पर हुई बर्बरता और हिंसा के लिए जिम्मेदार अधिकारियों व लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं।
"अब इस सरकार को उखाड़ फेंकने का समय है"
अपने कड़े रुख को दोहराते हुए नेता विपक्ष ने सत्ता पक्ष पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश का युवा अब जाग चुका है और नीतियों में सुधार की आड़ में हो रही अनदेखी को बर्दाश्त नहीं करेगा। राहुल गांधी के अनुसार, वर्तमान सरकार युवाओं का विश्वास पूरी तरह खो चुकी है और अब इस शासन को बदलने का समय आ गया है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि केंद्र सरकार राहुल गांधी की इन दो नई मांगों पर क्या रुख अपनाती है और आंदोलित छात्रों को शांत करने के लिए क्या कदम उठाती है।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बॉलीवुड सितारों का आया रिएक्शन
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के अचानक इस्तीफे की घोषणा ने देश भर में हलचल मचा दी है। इस फैसले पर आम जनता के साथ-साथ बॉलीवुड हस्तियों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। अभिनेता विजय वर्मा, सनी हिंदुजा और शिबानी दांडेकर ने सोशल मीडिया के जरिए इस राजनीतिक घटनाक्रम पर अपनी राय व्यक्त की है।
सार: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के अचानक इस्तीफे की घोषणा ने देश भर में हलचल मचा दी है। इस फैसले पर आम जनता के साथ-साथ बॉलीवुड हस्तियों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। अभिनेता विजय वर्मा, सनी हिंदुजा और शिबानी दांडेकर ने सोशल मीडिया के जरिए इस राजनीतिक घटनाक्रम पर अपनी राय व्यक्त की है।
धर्मेंद्र प्रधान का अचानक इस्तीफा और सियासी हलचल
देश के राजनीतिक गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफे की घोषणा कर दी है। इस अचानक आए फैसले ने हर किसी को हैरान कर दिया है। शिक्षा क्षेत्र में लंबे समय से नीतिगत बदलावों और प्रशासनिक फैसलों की अगुवाई कर रहे धर्मेंद्र प्रधान का यह कदम राजनीतिक हलकों में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है। इस घोषणा के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई, जिसमें फिल्म उद्योग से जुड़ी हस्तियों के बयान सबसे ज्यादा ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।
"अच्छा चलता हूं..." — विजय वर्मा की अनोखी पोस्ट
बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता विजय वर्मा अपनी बेहतरीन अदाकारी के साथ-साथ सोशल मीडिया पर अपने खास अंदाज के लिए भी पहचाने जाते हैं। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर आते ही विजय वर्मा ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर पूर्व शिक्षा मंत्री की एक तस्वीर साझा की। इस तस्वीर के साथ उन्होंने बॉलीवुड के प्रसिद्ध गाने की पंक्ति लिखी, "अच्छा चलता हूं, दुआओं में याद रखना।" विजय वर्मा की यह पोस्ट देखते ही देखते इंटरनेट पर वायरल हो गई और यूजर्स इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
सिनेमा जगत से आईं अन्य प्रमुख प्रतिक्रियाएं
शिक्षा मंत्री के पद छोड़ने के इस घटनाक्रम पर केवल विजय वर्मा ही नहीं, बल्कि कई अन्य कलाकारों ने भी अपने विचार साझा किए हैं।
सनी हिंदुजा का बयान: लोकप्रिय अभिनेता सनी हिंदुजा ने इंस्टाग्राम पर अपनी बात रखते हुए इस कदम को बेहद सकारात्मक बताया। उन्होंने लिखा, "यह वास्तव में एक अच्छा बदलाव है... यह दिन इतिहास में लिखा जाएगा।" उनका यह बयान दर्शाता है कि वे इस प्रशासनिक फेरबदल को एक ऐतिहासिक मोड़ के रूप में देख रहे हैं।
शिबानी दांडेकर का रिएक्शन: वहीं अभिनेत्री और मॉडल शिबानी दांडेकर ने भी इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराई। युवाओं और नई पीढ़ी के दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए उन्होंने लिखा, "यह जेनरेशन (जेनZ) प्यार है।"
सोशल मीडिया पर बना चर्चा का माहौल
एक केंद्रीय मंत्री के पद छोड़ने के बाद बॉलीवुड हस्तियों की यह बेबाक बयानबाजी सोशल मीडिया पर जमकर ट्रेंड कर रही है। देश के शिक्षा ढांचे में संभावित बदलावों और भावी रणनीतियों को लेकर अब तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। सार्वजनिक हस्तियों द्वारा इस मुद्दे पर दी गई त्वरित प्रतिक्रियाओं ने इस खबर को राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ मनोरंजन जगत में भी दिन की सबसे बड़ी सुर्खियों में शामिल कर दिया है।
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