Delight News Logo
Latest सामान्य ख़बरें सरकारी नौकरी करेंट अफेयर्स परीक्षा ज्ञान
15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का तूफान, ध्वस्त किया सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड

15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का तूफान, ध्वस्त किया सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड

Delight News
📅 27 Jul2026

भारत के 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 मैच में 81 रनों की आक्रामक पारी खेलकर इतिहास रच दिया है। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर वह पुरुष अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 'प्लेयर ऑफ द मैच' और 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' का खिताब जीतने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का वर्षों पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का तूफान, ध्वस्त किया सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड
खबर का निचोड़
भारत के 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 मैच में 81 रनों की आक्रामक पारी खेलकर इतिहास रच दिया है। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर वह पुरुष अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 'प्लेयर ऑफ द मैच' और 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' का खिताब जीतने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का वर्षों पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
वैभव का ऐतिहासिक धमाका
भारतीय क्रिकेट को एक नया सितारा मिल गया है। महज 15 वर्ष की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने मैदान पर ऐसा तूफान उठाया कि विरोधी गेंदबाज बेबस नजर आए। जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए तीसरे और निर्णायक टी20 मुकाबले में वैभव ने अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से हर किसी को हैरान कर दिया। उन्होंने केवल 81 रनों की पारी नहीं खेली, बल्कि अपनी इस मैच जिताऊ परफॉर्मेंस से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी धमक भी कायम कर दी।
सचिन का सालों पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त
क्रिकेट जगत में महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड्स को तोड़ना किसी भी खिलाड़ी के लिए सपने जैसा होता है। वैभव सूर्यवंशी ने यह कारनामा बेहद छोटी उम्र में कर दिखाया है। जिम्बाब्वे के खिलाफ 81 रनों की विस्फोटक पारी के बाद उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। इसके साथ ही पूरी सीरीज में बेहतरीन और निरंतर प्रदर्शन के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' के अवॉर्ड से भी नवाजा गया। इसके साथ ही वैभव अब पुरुष अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ये दोनों व्यक्तिगत अवॉर्ड जीतने वाले भारत के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का दशकों पुराना रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
मैदान पर आक्रामक और बेखौफ अंदाज
मैदान पर उतरते ही वैभव के तेवर साफ नजर आ रहे थे। जिम्बाब्वे के गेंदबाजों के पास उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का कोई तोड़ नहीं था। उन्होंने मैदान के हर कोने में चौके और छक्के जड़े। 15 साल की उम्र में जहां खिलाड़ी अपनी तकनीक को निखारने में लगे होते हैं, वहीं वैभव ने अपनी परिपक्वता, टाइमिंग और शॉट सेलेक्शन से सभी को चौंका दिया। उनके खेल में दबाव का नामो-निशान तक नहीं दिखा और उन्होंने पूरी पारी के दौरान मैच का रुख भारत के पक्ष में बनाए रखा।
भारतीय क्रिकेट के नए युग की शुरुआत
वैभव सूर्यवंशी की यह उपलब्धि केवल एक रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय क्रिकेट के सुनहरे भविष्य की एक झलक है। इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसा निर्भीक प्रदर्शन यह साबित करता है कि भारत की युवा प्रतिभाएं अब बड़े मंचों पर किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। वैभव की इस ऐतिहासिक सफलता ने क्रिकेट फैंस के बीच एक नया उत्साह भर दिया है।
2 दिनों में 2 देशों के शिक्षा मंत्रियों का इस्तीफा: राजनीतिक गलियारों में हलचल

2 दिनों में 2 देशों के शिक्षा मंत्रियों का इस्तीफा: राजनीतिक गलियारों में हलचल

Delight News
📅 27 Jul2026

NEET पेपर लीक मामले पर महीनों से जारी भारी जनाक्रोश और चौतरफा दबाव के बाद आखिरकार बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। विवादों से घिरे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस फैसले ने न केवल देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।

2 दिनों में 2 देशों के शिक्षा मंत्रियों का इस्तीफा: राजनीतिक गलियारों में हलचल
NEET पेपर लीक मामले पर महीनों से जारी भारी जनाक्रोश और चौतरफा दबाव के बाद आखिरकार बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। विवादों से घिरे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस फैसले ने न केवल देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।
भारत में NEET विवाद और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
देशभर के लाखों छात्रों और अभिभावकों के हफ्तों चले उग्र विरोध-प्रदर्शनों के बाद आखिरकार केंद्र सरकार को बड़ा कदम उठाना पड़ा। NEET UG परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के आरोपों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान लगातार विपक्ष और जनता के निशाने पर थे।
परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर उठ रहे गंभीर सवालों के बीच उनका यह इस्तीफा प्रशासनिक चूक की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करने के रूप में देखा जा रहा है। इस फैसले से साफ है कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही को लेकर जनदबाव अब चरम पर पहुंच चुका है।
ऑस्ट्रेलिया में भी हुआ बड़ा सियासी उलटफेर
भारत में हुए इस घटनाक्रम से ठीक दो दिन पहले, सुदूर ऑस्ट्रेलिया में भी ऐसा ही एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। ऑस्ट्रेलियन कैपिटल टेरिटरी (ACT) की शिक्षा मंत्री यवेट बेरी ने अचानक अपने कैबिनेट पद से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया।
यवेट बेरी का इस्तीफा एक जांच कमीशन की उस रिपोर्ट के बाद आया, जिसने दो वरिष्ठ लोक सेवकों के खिलाफ 'गंभीर भ्रष्ट आचरण' की पुष्टि की थी। हालांकि बेरी सीधे तौर पर इसमें शामिल नहीं थीं, लेकिन अपने विभाग के तहत हुए इस भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलता की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने पद छोड़ना ही उचित समझा।
वैश्विक स्तर पर जवाबदेही का नया दौर
महज 48 घंटों के भीतर दो अलग-अलग देशों में शिक्षा मंत्रियों का इस तरह पद छोड़ना यह दर्शाता है कि लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में जन-जवाबदेही सर्वोपरि है। चाहे मामला लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ी राष्ट्रीय परीक्षाओं में धांधली का हो या फिर उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों के भ्रष्टाचार का, सरकारों पर अब नैतिक मानकों को बनाए रखने का अप्रत्याशित दबाव है।
ये दोनों घटनाएं साबित करती हैं कि जब सार्वजनिक संस्थानों की साख दांव पर लगती है, तो शीर्ष पदों पर बैठे नेतृत्व को जिम्मेदारी स्वीकार करनी ही पड़ती है।
अकेले यात्रा से बदलती सोच: युवाओं को पीएम मोदी का बड़ा संदेश

अकेले यात्रा से बदलती सोच: युवाओं को पीएम मोदी का बड़ा संदेश

Delight News
📅 27 Jul2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2026' में युवाओं को अकेले यात्रा करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सोलो ट्रैवल न केवल दुनिया को समझने, बल्कि खुद को पहचानने का बेहतरीन माध्यम है। पीएम ने युवाओं से हिमाचल, उत्तराखंड और लद्दाख के सीमावर्ती गांवों की जीवनशैली को करीब से जानने का आह्वान किया।

अकेले यात्रा से बदलती सोच: युवाओं को पीएम मोदी का बड़ा संदेश
खबर का निचोड़
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2026' में युवाओं को अकेले यात्रा करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सोलो ट्रैवल न केवल दुनिया को समझने, बल्कि खुद को पहचानने का बेहतरीन माध्यम है। पीएम ने युवाओं से हिमाचल, उत्तराखंड और लद्दाख के सीमावर्ती गांवों की जीवनशैली को करीब से जानने का आह्वान किया।
सफर जो सिर्फ रास्तों का नहीं, खुद की तलाश का है
यात्राएं सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने का ज़रिया नहीं होतीं, बल्कि ये हमारे भीतर एक नया नज़रिया गढ़ती हैं। जब कोई युवा अकेले किसी अनजान रास्ते पर निकलता है, तो वह केवल नई राहें नहीं नापता, बल्कि अपने भीतर छुपे आत्मविश्वास और क्षमता को भी खोजता है।
इसी सोच को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2026' के तहत युवाओं के साथ एक विशेष संवाद में अकेले यात्रा (Solo Travel) करने के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि अकेले सफर करना दुनिया को गहराई से जानने के साथ-साथ खुद के अस्तित्व और विचारों को समझने का एक सबसे सशक्त माध्यम है।
सरहद के गांवों में छिपी है देश की असली जीवनशैली
प्रधानमंत्री ने युवाओं को देश के सुदूर और पहाड़ी इलाकों का रुख करने की सलाह दी। उन्होंने विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और लद्दाख के सीमावर्ती गांवों का जिक्र किया। पीएम मोदी का मानना है कि इन दुर्गम और खूबसूरत इलाकों में बिताया गया समय शहर की भागदौड़ भरी ज़िंदगी से बिल्कुल अलग एक नया अनुभव देता है।
युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग ज़िलों के नवयुवकों को इन गांवों की यात्रा करनी चाहिए। वहां रहकर वहां के लोगों की सादगी, संघर्ष और अनोखी जीवनशैली को करीब से देखना और समझना चाहिए। यह अनुभव युवाओं में न केवल संवेदनशीलता बढ़ाएगा, बल्कि उन्हें देश की विविधता और सांस्कृतिक गहराई से भी जोड़ेगा।
वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम: सीमांत क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने की पहल
'विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2026' का उद्देश्य देश के सीमावर्ती गांवों का समग्र विकास करना और उन्हें पर्यटन व स्वरोजगार के नक्शे पर उभारना है। जब देश के विभिन्न हिस्सों से युवा इन क्षेत्रों का दौरा करेंगे, तो इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और वहां के पर्यटन को एक नई दिशा प्राप्त होगी।
प्रधानमंत्री का यह संदेश युवाओं को अपनी 'कंफर्ट ज़ोन' से बाहर निकलकर नए अनुभवों को अपनाने के लिए प्रेरित करता है। पहाड़ों की वादियों और शांत गांवों की यह यात्रा युवाओं के सोचने के नज़रिए में सकारात्मक बदलाव लाने का काम करेगी।
कोहली से हैंडशेक विवाद पर बोले ट्रैविस हेड, कहा- 'हमारे बीच कोई झगड़ा नहीं'

कोहली से हैंडशेक विवाद पर बोले ट्रैविस हेड, कहा- 'हमारे बीच कोई झगड़ा नहीं'

Delight News
📅 26 Jul2026

आईपीएल-2026 में विराट कोहली से हाथ न मिलाने के विवाद पर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ट्रैविस हेड ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। हेड ने स्पष्ट किया कि उनके और कोहली के बीच कोई मनमुटाव या झगड़ा नहीं है। हालांकि, इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर हेड की पत्नी को ट्रोलिंग और अभद्रता का सामना करना पड़ा था।

कोहली से हैंडशेक विवाद पर बोले ट्रैविस हेड, कहा- 'हमारे बीच कोई झगड़ा नहीं'
खबर का निचोड़ (Summary)
आईपीएल-2026 में विराट कोहली से हाथ न मिलाने के विवाद पर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ट्रैविस हेड ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। हेड ने स्पष्ट किया कि उनके और कोहली के बीच कोई मनमुटाव या झगड़ा नहीं है। हालांकि, इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर हेड की पत्नी को ट्रोलिंग और अभद्रता का सामना करना पड़ा था।
मैदान की गरमाहट या गलतफहमी?
क्रिकेट के मैदान पर आक्रामकता और तीखी बहस कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब बात भारत के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली और ऑस्ट्रेलिया के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज ट्रैविस हेड की हो, तो हर छोटी घटना सुर्खियां बन जाती है। हाल ही में आईपीएल के एक मैच के बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच 'हैंडशेक' (हाथ न मिलाने) को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया था। सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियो वायरल होने के बाद तरह-तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं।
'चीजें ठीक करने जैसा कुछ नहीं है'
विवाद के तूल पकड़ने के बाद अब ट्रैविस हेड ने पूरे मामले पर अपनी बात रखी है। हेड ने इन तमाम अफवाहों और विवादों को सिरे से खारिज करते हुए स्थिति साफ की है। उनका कहना है कि विराट कोहली के साथ उनके संबंध बिल्कुल सामान्य हैं और मीडिया में दिखाई जा रही बातें हकीकत से परे हैं।
हेड ने स्पष्ट लहजे में कहा कि उनके और कोहली के बीच ऐसा कुछ हुआ ही नहीं है जिसे 'ठीक' करने की जरूरत पड़े। दोनों खिलाड़ियों के बीच किसी भी तरह की कोई कड़वाहट या झगड़ा नहीं है। मैदान के अंदर प्रतिस्पर्धा अपनी जगह है, लेकिन मैदान के बाहर एक-दूसरे के प्रति सम्मान बरकरार है।
सोशल मीडिया का कड़वा सच: खिलाड़ी की पत्नी को बनाया गया निशाना
भले ही मैदान पर बात सिर्फ एक गलतफहमी या मामूली घटना तक सीमित थी, लेकिन इसका असर मैदान के बाहर काफी कड़वा देखने को मिला। हैंडशेक विवाद के बाद सोशल मीडिया पर ट्रैविस हेड की पत्नी को कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा ऑनलाइन अभद्रता और ट्रोल्स का सामना करना पड़ा।
खेल के दौरान होने वाले किसी विवाद का प्रभाव खिलाड़ी के निजी जीवन और उसके परिवार तक पहुंचना एक चिंताजनक ट्रेंड को दर्शाता है। क्रिकेट फैंस के एक वर्ग द्वारा इस तरह का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, जो खेल की भावना को ठेस पहुंचाता है।
खेल भावना और खिलाड़ियों की परिपक्वता
ट्रैविस हेड के इस बयान से यह बात साफ हो गई है कि मैदान पर दिखने वाला तनाव अक्सर सिर्फ खेल का एक हिस्सा होता है। दोनों ही विश्व स्तरीय खिलाड़ी हैं और वे जानते हैं कि ऐसी स्थितियों से कैसे निपटना है। हेड के इस बयान ने अब इस पूरे विवाद पर पूर्णविराम लगा दिया है।
NEET में नेगेटिव स्कोर पर बवाल: अभ्यर्थी ने पूछा- 'कौन कराएगा -40 वाले डॉक्टर से इलाज?'

NEET में नेगेटिव स्कोर पर बवाल: अभ्यर्थी ने पूछा- 'कौन कराएगा -40 वाले डॉक्टर से इलाज?'

Delight News
📅 26 Jul2026

NEET अभ्यर्थी हर्ष दुबे ने मौजूदा आरक्षण प्रणाली पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे समाप्त करने की मांग की है। उन्होंने बेहद कम और माइनस अंकों पर दाखिले पर सवाल उठाते हुए कहा कि डॉक्टर बनने के लिए योग्यता ही मुख्य मापदंड होना चाहिए। हर्ष ने SC/ST वर्ग के लिए मुफ्त स्कूली शिक्षा का विकल्प भी सुझाया है।

NEET में नेगेटिव स्कोर पर बवाल: अभ्यर्थी ने पूछा- 'कौन कराएगा -40 वाले डॉक्टर से इलाज?'
खबर का निचोड़
NEET अभ्यर्थी हर्ष दुबे ने मौजूदा आरक्षण प्रणाली पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे समाप्त करने की मांग की है। उन्होंने बेहद कम और माइनस अंकों पर दाखिले पर सवाल उठाते हुए कहा कि डॉक्टर बनने के लिए योग्यता ही मुख्य मापदंड होना चाहिए। हर्ष ने SC/ST वर्ग के लिए मुफ्त स्कूली शिक्षा का विकल्प भी सुझाया है।
NEET परीक्षा को लेकर देश भर में जारी बहसों के बीच एक बार फिर आरक्षण का मुद्दा गरमा गया है। परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी हर्ष दुबे ने मौजूदा आरक्षण व्यवस्था को हटाने की मांग करते हुए सीधे तौर पर चिकित्सा प्रणाली और देश के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है कि डॉक्टर बनने की प्रक्रिया में प्रतिभा और अंक ही एकमात्र मापदंड होने चाहिए, न कि किसी प्रकार की छूट।
'-40 अंक वाले से कौन इलाज कराएगा?'
हर्ष दुबे ने कट-ऑफ और न्यूनतम अंकों के मापदंडों पर सवाल उठाते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "अगर माइनस में अंक लाने वाला छात्र आरक्षण के दम पर डॉक्टर बनेगा, तो क्या कोई सामान्य नागरिक उससे अपना इलाज कराना चाहेगा?" हर्ष का मानना है कि मेडिकल जैसी संवेदनशील फील्ड में योग्यता से समझौता करना सीधे तौर पर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने जैसा है।
स्कूली शिक्षा मुफ्त करने का दिया सुझाव
आरक्षण की व्यवस्था में बदलाव की वकालत करते हुए हर्ष ने सरकार को एक वैकल्पिक सुझाव भी दिया। उनका कहना है कि सरकार को आरक्षण के तहत सीटें और अंक घटाने की छूट देने के बजाय SC/ST वर्ग के छात्रों को शुरुआती स्तर पर ही मजबूत बनाना चाहिए। इसके लिए उनकी स्कूली शिक्षा पूरी तरह से मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण की जानी चाहिए, ताकि वे प्रतियोगिता में खुद को सक्षम बना सकें।
जनरल और OBC वर्ग की अनदेखी का आरोप
हर्ष ने सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्रों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, "क्या जनरल और OBC कैटेगरी के अभ्यर्थी छात्र नहीं हैं? उनकी मेहनत और योग्यता का कोई मोल क्यों नहीं समझा जाता?" उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था के कारण प्रतिभाशाली और उच्च अंक पाने वाले छात्र भी मेडिकल सीटों से वंचित रह जाते हैं, जिससे उनमें भारी निराशा पनप रही है।

Delight News

निष्पक्ष पत्रकारिता, सटीक विश्लेषण

Delight News एक प्रमुख डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म है जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और जनता तक बिल्कुल सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय हिंदी खबरें पहुंचाना है। हम बिना किसी पक्षपात के राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राजनीति, खेल, शिक्षा, सरकारी नौकरी और करंट अफेयर्स से जुड़ी हर छोटी-बड़ी ताजा खबरें आप तक सबसे पहले पहुंचाते हैं। पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना and अफवाहों से दूर सिर्फ सत्यापित तथ्य परोसना ही हमारा मुख्य संकल्प है।
📬 हमसे संपर्क करें
delightnews.in@gmail.com Official YouTube Channel Official Instagram Profile

Delight News परिवार से जुड़ें

📱 और भी बेहतर अनुभव के लिए!

ताजा खबरों के सबसे तेज नोटिफिकेशन, निर्बाध वीडियो स्ट्रीमिंग और शानदार यूज़र इंटरफेस के साथ देश-दुनिया के लाइव अपडेट्स सीधे अपने mobile पर पाने के लिए हमारा Delight News Android App डाउनलोड करें।

🚀 COMING SOON...

हमारा आधिकारिक एंड्रॉइड एप्लिकेशन Google Play Store पर बहुत जल्द लाइव होने जा रहा है। अपडेट मिलते ही डाउनलोड लिंक यहाँ उपलब्ध करा दी जाएगी।

📍 अपनी लोकेशन Set करें



Privacy Policy & Terms