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सीजेपी प्रदर्शन पर चुप्पी: कैटरीना कैफ के फैन पेज ने दर्ज कराया विरोध

सीजेपी प्रदर्शन पर चुप्पी: कैटरीना कैफ के फैन पेज ने दर्ज कराया विरोध

Delight News
📅 23 Jul2026

नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों का गुस्सा चरम पर है। इस बीच बॉलीवुड एक्ट्रेस कैटरीना कैफ को भी फैंस की नाराजगी का सामना करना पड़ा है। छात्रों के समर्थन में आवाज न उठाने से नाराज एक फैन पेज एडमिन ने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट हमेशा के लिए बंद कर दिया है। 70 हजार से अधिक फॉलोअर्स वाले इस पेज के एडमिन का कहना है कि जो स्टार्स देश के मुद्दों पर चुप रहते हैं, वे फैंस का प्यार पाने के हकदार नहीं हैं।

सीजेपी प्रदर्शन पर चुप्पी: कैटरीना कैफ के फैन पेज ने दर्ज कराया विरोध
नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों का गुस्सा चरम पर है। इस बीच बॉलीवुड एक्ट्रेस कैटरीना कैफ को भी फैंस की नाराजगी का सामना करना पड़ा है। छात्रों के समर्थन में आवाज न उठाने से नाराज एक फैन पेज एडमिन ने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट हमेशा के लिए बंद कर दिया है। 70 हजार से अधिक फॉलोअर्स वाले इस पेज के एडमिन का कहना है कि जो स्टार्स देश के मुद्दों पर चुप रहते हैं, वे फैंस का प्यार पाने के हकदार नहीं हैं।
जब फैंस का प्यार बदला गुस्से में
बॉलीवुड स्टार्स और उनके फैंस के बीच का रिश्ता हमेशा से खास रहा है। फैंस अपने पसंदीदा कलाकारों को सिर-आंखों पर बिठाते हैं, उनकी एक झलक पाने के लिए घंटों इंतजार करते हैं और सोशल मीडिया पर उनके सपोर्ट में दिन-रात एक कर देते हैं। लेकिन जब देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य का सवाल हो, तो यही फैंस अपने चहेते सितारों से चुप्पी तोड़ने की उम्मीद भी रखते हैं।
हाल ही में नीट-यूजी पेपर लीक और उससे जुड़े विवादों को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) जैसे संगठनों के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। पूरे देश का युवा सड़कों पर है और अपने हक की लड़ाई लड़ रहा है। ऐसे में बॉलीवुड हस्तियों की चुप्पी ने फैंस को बेहद निराश किया है।
70,000 फॉलोअर्स वाले पेज ने उठाया कड़ा कदम
इस विवाद के बीच कैटरीना कैफ के एक बड़े फैन पेज ने अचानक सोशल मीडिया से हटने का फैसला लेकर सबको चौंका दिया। इंस्टाग्राम पर 70,000 से अधिक फॉलोअर्स वाले इस पॉपुलर फैन अकाउंट के एडमिन ने पेज बंद करने से पहले एक तीखा मैसेज शेयर किया।
पेज एडमिन ने लिखा, "आप भारतीयों और छात्रों के लिए एक शब्द नहीं बोल सकतीं... आपमें हिम्मत नहीं है।"
इस एक लाइन ने सोशल मीडिया पर बहस की नई लहर छेड़ दी है। एडमिन का साफ मानना था कि जब देश के लाखों छात्र अपने भविष्य को लेकर सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं, तब इतनी बड़ी फैन फॉलोइंग वाली एक्ट्रेस का मौन रहना बेहद दुखद है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी नई बहस
इस घटना के सामने आने के बाद इंटरनेट पर दो गुट बन गए हैं। एक तरफ वे लोग हैं जो फैन पेज के इस कदम का समर्थन कर रहे हैं। उनका कहना है कि सेलिब्रिटीज को सिर्फ अपनी फिल्मों के प्रमोशन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि देश के गंभीर सामाजिक और शैक्षणिक मुद्दों पर भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
वहीं दूसरी तरफ, कुछ लोगों का मानना है कि किसी भी कलाकार को किसी राजनीतिक या सामाजिक मुद्दे पर बोलने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। यह उनका व्यक्तिगत फैसला है कि वे किस मुद्दे पर अपनी राय रखना चाहते हैं और किस पर नहीं।
बहरहाल, इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि आज के दौर में फैंस केवल स्क्रीन पर दिखने वाले अभिनय से संतुष्ट नहीं हैं। वे अपने चहेते सितारों में एक सजग और जिम्मेदार नागरिक का रूप भी देखना चाहते हैं।
प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग: दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस से मांगा जवाब

प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग: दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस से मांगा जवाब

Delight News
📅 22 Jul2026

दिल्ली हाईकोर्ट ने CJP मार्च के दौरान पुलिस द्वारा बल प्रयोग किए जाने के मामले को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही, साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ रोकने के लिए सभी सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग: दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस से मांगा जवाब
खबर का निचोड़
दिल्ली हाईकोर्ट ने CJP मार्च के दौरान पुलिस द्वारा बल प्रयोग किए जाने के मामले को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही, साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ रोकने के लिए सभी सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
प्रदर्शन और पुलिसिया कार्रवाई पर उठते सवाल
हाल ही में हुए CJP मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प ने तूल पकड़ लिया है। सड़कों पर जो कुछ भी हुआ, उसकी गूंज अब दिल्ली हाईकोर्ट की चौखट तक पहुंच चुकी है। पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर किए गए बल प्रयोग के मामले को लेकर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। यह मामला नागरिक अधिकारों और कानून-व्यवस्था के बीच के संतुलन को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ रहा है।
साक्ष्यों की सुरक्षा का कड़ा निर्देश
मामले की गंभीरता को समझते हुए, कोर्ट ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस घटना से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज, वीडियोग्राफी और पुलिस कार्रवाई से संबंधित हर प्रकार के रिकॉर्ड को तत्काल प्रभाव से सुरक्षित किया जाए। कोर्ट का यह आदेश इस बात का संकेत है कि वह मामले की तह तक जाना चाहता है और यह सुनिश्चित करना चाहता है कि जांच प्रक्रिया के दौरान कोई भी सबूत गायब न हो या उसके साथ छेड़छाड़ न की जाए।
केंद्र और दिल्ली पुलिस को नोटिस
अदालत ने केवल निर्देश ही नहीं दिए हैं, बल्कि केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर इस पूरे घटनाक्रम पर स्पष्टीकरण भी मांगा है। सवाल यह है कि प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग की आवश्यकता क्यों पड़ी और क्या पुलिस ने अपनी कार्रवाई के दौरान निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन किया था? अब सभी की निगाहें सरकारी एजेंसियों के जवाब पर टिकी हैं कि वे इस संवेदनशील मामले पर अपना क्या पक्ष रखती हैं।
अगली सुनवाई और उम्मीदें
पूरे देश की नजरें अब 11 सितंबर पर टिकी हैं। इस दिन मामले की अगली सुनवाई होनी है, जिसमें कोर्ट के सामने पेश किए गए जवाबों और सबूतों के आधार पर आगे की दिशा तय की जाएगी। यह सुनवाई न केवल इस विशिष्ट घटना के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भविष्य में प्रदर्शनों के दौरान पुलिस के व्यवहार और जवाबदेही तय करने के नजरिए से भी एक नजीर साबित हो सकती है। कानून के गलियारों में इस मामले को लेकर चर्चा तेज है कि कोर्ट इस पर क्या रुख अपनाता है।
NEET विवाद: कॉकरोच जनता पार्टी का आर-पार का संग्राम, दिल्ली पुलिस पर सवाल

NEET विवाद: कॉकरोच जनता पार्टी का आर-पार का संग्राम, दिल्ली पुलिस पर सवाल

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📅 22 Jul2026

NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देश भर में आक्रोश व्याप्त है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद मामला तूल पकड़ चुका है। कोर्ट के हस्तक्षेप और पुलिस की नई गाइडलाइंस के बीच छात्रों का संघर्ष तेज होता जा रहा है।

NEET विवाद: कॉकरोच जनता पार्टी का आर-पार का संग्राम, दिल्ली पुलिस पर सवाल
NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देश भर में आक्रोश व्याप्त है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद मामला तूल पकड़ चुका है। कोर्ट के हस्तक्षेप और पुलिस की नई गाइडलाइंस के बीच छात्रों का संघर्ष तेज होता जा रहा है।
NEET का महासंग्राम और CJP की जिद
NEET परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन अब एक निर्णायक मोड़ पर है। पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि वे किसी भी बंद कमरे की बातचीत या नेताओं के घरों पर जाकर मिलने के बजाय सीधे जनसमर्थन के साथ मैदान में डटे रहेंगे। CJP ने मांग रखी है कि सरकार यदि वाकई छात्रों की समस्याओं को लेकर गंभीर है, तो उसे जंतर-मंतर या किसी तटस्थ सार्वजनिक स्थान पर आकर बात करनी होगी। पार्टी का मानना है कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले मुद्दों पर कोई भी समझौता पर्दे के पीछे नहीं किया जाएगा।
पुलिस की लाठी और कोर्ट की सख्ती
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद माहौल गर्मा गया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस घटना पर की गई टिप्पणी ने सरकार और प्रशासन के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर विस्तृत जवाब तलब किया है। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि घटना से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग्स को सुरक्षित रखा जाए, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने भी इस पुलिसिया दमन की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
बदलती कार्यशैली और नई गाइडलाइंस
विवादों के घेरे में आई दिल्ली पुलिस ने अपनी साख बचाने की कवायद शुरू कर दी है। बढ़ते दबाव और आलोचनाओं के बीच पुलिस विभाग ने अब एक नई गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत सभी पुलिसकर्मियों को अब ड्यूटी के दौरान अनिवार्य रूप से वर्दी पहनना आवश्यक होगा। प्रशासन का यह कदम प्रदर्शनों के दौरान भीड़ में सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी पर उठ रहे सवालों के जवाब के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, छात्र और CJP के नेता इन सुधारों को नाकाफी बता रहे हैं और अपनी मुख्य मांगों पर अड़े हुए हैं। फिलहाल, राजधानी की सड़कों पर तनाव बरकरार है और सबकी निगाहें कोर्ट के आगामी फैसलों पर टिकी हैं।
सीजेपी प्रदर्शन पर पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ पीएम आवास पहुंचे राहुल-प्रियंका, मांगा इस्तीफा

सीजेपी प्रदर्शन पर पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ पीएम आवास पहुंचे राहुल-प्रियंका, मांगा इस्तीफा

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📅 22 Jul2026

सीजेपी (CJP) प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस पार्टी का शीर्ष नेतृत्व सड़कों पर उतर आया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और केसी वेणुगोपाल समेत वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और पीएम नरेंद्र मोदी व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

सीजेपी प्रदर्शन पर पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ पीएम आवास पहुंचे राहुल-प्रियंका, मांगा इस्तीफा
खबर का निचोड़
सीजेपी (CJP) प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस पार्टी का शीर्ष नेतृत्व सड़कों पर उतर आया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और केसी वेणुगोपाल समेत वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और पीएम नरेंद्र मोदी व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
दिल्ली की सड़कों पर सियासी तपिश: पीएम आवास के बाहर गूंजे नारे
राजधानी दिल्ली में मंगलवार को राजनीतिक हलचल अचानक बढ़ गई, जब कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता प्रधानमंत्री आवास का घेराव करने पहुंच गए। सीजेपी (CJP) प्रोटेस्ट के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई से आक्रोशित कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सड़क पर बैठकर नेताओं ने कड़ा विरोध जताया और केंद्र सरकार की नीतियों तथा पुलिस प्रशासन के रवैये की तीखी आलोचना की।
कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व एक साथ सड़क पर
इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल जैसे कद्दावर नेताओं ने की। नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक प्रदर्शनकारियों के अधिकारों की रक्षा नहीं होती और पुलिसिया कार्रवाई के जिम्मेदार लोगों पर एक्शन नहीं लिया जाता, तब तक वे चुप बैठने वाले नहीं हैं।
वरिष्ठ नेताओं के एक साथ सड़क पर उतरने से पुलिस प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के हाथ-पांव फूल गए। पीएम आवास के आसपास सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया गया और इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया।
'मोदी तेरी गुंडागर्दी नहीं चलेगी'—नारेबाजी से गूंजा परिसर
प्रदर्शन के दौरान माहौल पूरी तरह से गर्मा गया। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत तमाम नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां थीं और उनके नारों में तीखा आक्रोश झलक रहा था।
विरोध के दौरान 'नरेंद्र मोदी इस्तीफा दो', 'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो' और 'मोदी तेरी गुंडागर्दी नहीं चलेगी' जैसे तीखे नारे गूंजते रहे। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह से असंवैधानिक है और सरकार जनता की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
पुलिसिया कार्रवाई पर तीखे सवाल
कांग्रेस नेताओं ने इस मामले पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। सीजेपी प्रदर्शनकारियों पर जिस तरह से बल प्रयोग किया गया, उसने सरकार के तानाशाही रवैये को उजागर कर दिया है।
पार्टी का कहना है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए और प्रधानमंत्री को भी इस पूरी कार्रवाई पर जवाब देना होगा।
NEET पेपर लीक महापाप: पीएम मोदी का दोषियों पर सख्त एक्शन का ऐलान

NEET पेपर लीक महापाप: पीएम मोदी का दोषियों पर सख्त एक्शन का ऐलान

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📅 22 Jul2026

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। एनडीए संसदीय दल की बैठक में उन्होंने इसे 'घोर पाप' करार देते हुए 13 आरोपियों के गैंग को सख्त सजा दिलाने की बात कही। पीएम ने सभी हितधारकों के साथ मिलकर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने का भी संकल्प लिया।

NEET पेपर लीक महापाप: पीएम मोदी का दोषियों पर सख्त एक्शन का ऐलान
खबर का निचोड़:
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। एनडीए संसदीय दल की बैठक में उन्होंने इसे 'घोर पाप' करार देते हुए 13 आरोपियों के गैंग को सख्त सजा दिलाने की बात कही। पीएम ने सभी हितधारकों के साथ मिलकर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने का भी संकल्प लिया।
एनडीए बैठक में गरमाया पेपर लीक का मुद्दा
देशभर के लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़े NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले ने अब देश के शीर्ष राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। मंगलवार को आयोजित एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी बात रखी। पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि छात्रों की मेहनत से खिलवाड़ करने वाली यह हरकत किसी महापाप से कम नहीं है।
13 आरोपियों के गैंग पर गिरेगी गाज
प्रधानमंत्री ने इस धांधली में शामिल 13 आरोपियों के गिरोह का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने साफ किया कि जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की परतें खोल रही हैं और कानून के तहत इन दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। पीएम का संदेश स्पष्ट था कि देश की परीक्षा प्रणाली की साख और युवाओं के भरोसे को तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सीजेपी के संसद मार्च के बाद बढ़ा राजनीतिक तापमान
NEET परीक्षा में हुई अनियमितताओं को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। सीजेपी (CJP) द्वारा किए गए संसद मार्च के तुरंत बाद प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी सामने आई है। संसद से लेकर सड़कों तक इस मुद्दे पर जारी घमासान के बीच पीएम मोदी के इस बयान को सरकार के कड़े और स्पष्ट रुख के रूप में देखा जा रहा है।
भविष्य के लिए मजबूत और पारदर्शी सिस्टम की तैयारी
केवल दोषियों को सजा देना ही इस समस्या का अंतिम समाधान नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया कि भविष्य में किसी भी प्रतिस्पर्धी परीक्षा का पेपर लीक न हो, इसके लिए एक मजबूत और अभेद्य व्यवस्था तैयार करनी होगी। उन्होंने सभी हितधारकों (स्टेकहोल्डर्स), शिक्षाविदों और प्रशासनिक अधिकारियों को एकजुट होकर एक ऐसा फुलप्रूफ तंत्र बनाने का आह्वान किया, जिससे परीक्षाओं की पारदर्शिता और पवित्रता पूरी तरह सुरक्षित रहे।
> NEET-UG परीक्षा की तैयारी में छात्र सालों की कड़ी मेहनत और समर्पण लगाते हैं। इस तरह की धांधली न केवल उनके सपनों पर पानी फेरती है, बल्कि पूरी प्रशासनिक प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। सरकार अब इस पूरे ढांचे को पारदर्शी बनाने के लिए निर्णायक कदम उठा रही है।
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