
अधिक बच्चे पैदा करने वालों को मिले इनाम': बदरुद्दीन अजमल का बड़ा बयान
असम में विधायक (MLA) पद की शपथ लेते ही AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने एक नया विवाद छेड़ दिया है। घटती प्रजनन दर पर चिंता जताते हुए उन्होंने मांग की है कि सरकार को अधिक बच्चे पैदा करने वाले परिवारों को विशेष सुविधाएं और इनाम देना चाहिए। अजमल ने सरकार को इस निजी मामले से दूर रहने की नसीहत भी दी है।
असम में विधायक (MLA) पद की शपथ लेते ही AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने एक नया विवाद छेड़ दिया है। घटती प्रजनन दर पर चिंता जताते हुए उन्होंने मांग की है कि सरकार को अधिक बच्चे पैदा करने वाले परिवारों को विशेष सुविधाएं और इनाम देना चाहिए। अजमल ने सरकार को इस निजी मामले से दूर रहने की नसीहत भी दी है।
शपथ ग्रहण के तुरंत बाद सियासी धमाका
असम विधानसभा में नए सदस्य के रूप में शपथ लेने के तुरंत बाद ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के मुखिया बदरुद्दीन अजमल ने एक ऐसा बयान दे दिया है, जिसने राज्य से लेकर देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। हमेशा अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले अजमल ने इस बार जनसंख्या और प्रजनन दर के संवेदनशील मुद्दे को छुआ है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने साफ कहा कि देश में गिरती प्रजनन दर एक गंभीर विषय है और सरकार को इस पर नियंत्रण लगाने के बजाय आबादी बढ़ाने वालों को प्रोत्साहित करना चाहिए।
'सरकार इस मामले में न पड़े'
अजमल ने अपने बयान में जनसंख्या नियंत्रण नीतियों पर सीधे तौर पर असहमति जताई। उन्होंने कहा कि जो लोग अधिक बच्चे पैदा कर रहे हैं, उन्हें हतोत्साहित करने के बजाय सरकार की तरफ से इनाम और सुविधाएं मिलनी चाहिए। AIUDF प्रमुख ने तर्क दिया कि बच्चे पैदा करना और परिवार का आकार तय करना किसी भी नागरिक का बेहद निजी फैसला है। उन्होंने कड़े लहजे में सरकार से कहा कि वह लोगों के इस व्यक्तिगत मामले में दखल देना बंद करे।
घटती प्रजनन दर पर जताई चिंता
अजमल का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश के कई हिस्सों में कुल प्रजनन दर (TFR) में गिरावट दर्ज की जा रही है। इसी का हवाला देते हुए उन्होंने दलील दी कि आबादी का असंतुलन भविष्य के लिए ठीक नहीं है। हालांकि, जहां एक तरफ सरकारें और नीति निर्माता सीमित परिवार और जनसंख्या नियंत्रण के फायदों पर जोर देते हैं, वहीं अजमल का यह नजरिया इसके बिल्कुल उलट है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आने वाले समय की जरूरतों को देखते हुए आबादी को बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जाने चाहिए।
असम की राजनीति में गर्माया माहौल
बदरुद्दीन अजमल के इस रुख के बाद असम की सियासत में बयानबाजियों का दौर शुरू होना तय माना जा रहा है। असम में पहले से ही जनसंख्या नीति और दो बच्चों के नियम को लेकर काफी बहस होती रही है। ऐसे में एक प्रमुख राजनीतिक दल के नेता द्वारा 'अधिक बच्चे, अधिक इनाम' की वकालत करना नए राजनीतिक समीकरणों और तीखी बहसों को जन्म दे रहा है। विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच इस बयान को लेकर आने वाले दिनों में टकराव और बढ़ सकता है।

मैदान पर उतरने से पहले विराट कोहली सुनते हैं यह खास गाना, खुद किया खुलासा
किंग कोहली यानी विराट कोहली जब मैदान पर बल्ला थामकर उतरते हैं, तो दुनिया भर के गेंदबाजों के पसीने छूट जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मैदान पर चौके-छक्कों की बरसात करने से पहले विराट खुद को कैसे रीचार्ज करते हैं? पूर्व भारतीय कप्तान ने हाल ही में अपने पसंदीदा गाने का खुलासा किया है, जिसे वह हर मैच से पहले सुनना पसंद करते हैं। यह गाना कोई और नहीं बल्कि मशहूर पंजाबी सिंगर करण औजला का 'विनिंग स्पीच' है। कोहली का मानना है कि इस गाने में उन्हें अपने जीवन के सफर की झलक दिखाई देती है।
किंग कोहली यानी विराट कोहली जब मैदान पर बल्ला थामकर उतरते हैं, तो दुनिया भर के गेंदबाजों के पसीने छूट जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मैदान पर चौके-छक्कों की बरसात करने से पहले विराट खुद को कैसे रीचार्ज करते हैं? पूर्व भारतीय कप्तान ने हाल ही में अपने पसंदीदा गाने का खुलासा किया है, जिसे वह हर मैच से पहले सुनना पसंद करते हैं। यह गाना कोई और नहीं बल्कि मशहूर पंजाबी सिंगर करण औजला का 'विनिंग स्पीच' है। कोहली का मानना है कि इस गाने में उन्हें अपने जीवन के सफर की झलक दिखाई देती है।
करण औजला के मुरीद हुए किंग कोहली
क्रिकेट की दुनिया में अपनी आक्रामकता और अनुशासन के लिए मशहूर विराट कोहली संगीत के भी बड़े शौकीन हैं। संगीत से उनका यह लगाव एक बार फिर खुलकर सामने आया है, जब उन्होंने पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के सुपरस्टार करण औजला की जमकर तारीफ की। विराट ने करण औजला के लेखन और उनके गानों की गहराई को सराहते हुए उन्हें एक बेहतरीन कलाकार बताया है।
विराट कोहली ने करण औजला से बात करते हुए कहा, "आप दिल से गाने लिखते हैं।" विराट का यह बयान साफ करता है कि वह केवल मनोरंजन के लिए गाने नहीं सुनते, बल्कि गानों के शब्दों और उनके पीछे की भावना को भी गहराई से महसूस करते हैं। करण औजला के लिखे गाने सीधे सुनने वालों के दिलों को छूते हैं और यही वजह है कि क्रिकेट का यह दिग्गज उनका मुरीद हो गया है।
'विनिंग स्पीच' से है गहरा नाता
गानों की अपनी लंबी प्लेलिस्ट में से विराट ने उस एक खास ट्रैक का नाम भी साझा किया जो उनके दिल के सबसे करीब है। कोहली ने बताया कि जिन गानों से वह सबसे ज्यादा जुड़ाव महसूस करते हैं, उनमें करण औजला का 'विनिंग स्पीच' (Winning Speech) सबसे ऊपर है। यह गाना उनके लिए सिर्फ एक ट्रैक नहीं, बल्कि एक प्रेरणा का जरिया बन चुका है।
विराट ने इस गाने से अपने जुड़ाव का कारण बताते हुए कहा, "मुझे इस गाने में अपने जीवन के सफर की भी झलक दिखाई देती है।" एक आम लड़के से लेकर विश्व क्रिकेट के शिखर तक पहुंचने का विराट का सफर उतार-चढ़ाव और कड़े संघर्षों से भरा रहा है। ऐसे में 'विनिंग स्पीच' के बोल उनके जीवन की कहानी, उनकी असफलताओं और फिर उनसे उबरकर मिली जीतों को बयां करते हैं।
मैच से पहले का विनर माइंडसेट
एक खिलाड़ी के लिए मैच से ठीक पहले का समय मानसिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होता है। खुद को शांत रखना और साथ ही एक विनर माइंडसेट (जीतने की मानसिकता) तैयार करना सबसे बड़ी चुनौती होती है। विराट कोहली ने खुलासा किया कि वह अक्सर मैच खेलने के लिए मैदान पर जाने से पहले इसी 'विनिंग स्पीच' गाने को सुनते हैं।
यह गाना मैदान पर उतरने से पहले उनके भीतर एक नई ऊर्जा और जोश भर देता है। खेल के प्रति उनका समर्पण और हर परिस्थिति में जीतने का जज्बा, इस गाने को सुनने के बाद और मजबूत हो जाता है। यही कारण है कि यह गाना अब उनके प्री-मैच रूटीन का एक अहम हिस्सा बन चुका है, जो उन्हें हर मुकाबले के लिए मानसिक रूप से तैयार करता है।

जब 10 साल के शाहरुख खान कलाकारों को परोसते थे समोसे: पंकज कपूर का दिलचस्प खुलासा
दिग्गज अभिनेता पंकज कपूर ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) के दिनों को याद करते हुए सुपरस्टार शाहरुख खान से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि महज 10 साल की उम्र में शाहरुख खान एनएसडी की कैंटीन से कलाकारों को समोसे सप्लाई किया करते थे, जिसे शायद उनके परिवार का कोई सदस्य चलाता था।
खबर का निचोड़
दिग्गज अभिनेता पंकज कपूर ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) के दिनों को याद करते हुए सुपरस्टार शाहरुख खान से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि महज 10 साल की उम्र में शाहरुख खान एनएसडी की कैंटीन से कलाकारों को समोसे सप्लाई किया करते थे, जिसे शायद उनके परिवार का कोई सदस्य चलाता था।
संघर्ष के दिनों की वो अनसुनी कहानी
बॉलीवुड के 'किंग खान' यानी शाहरुख खान आज जिस मुकाम पर हैं, वहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने एक लंबा और प्रेरणादायक सफर तय किया है। दिल्ली की गलियों से निकलकर मायानगरी मुंबई के बेताज बादशाह बनने की उनकी कहानी में कई ऐसे पन्ने हैं, जो आज भी लोगों के सामने नहीं आए हैं। ऐसा ही एक बेहद दिलचस्प और भावुक कर देने वाला किस्सा सिनेमा जगत के दिग्गज अभिनेता पंकज कपूर ने साझा किया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है।
नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के वो दिन
यह किस्सा उस दौर का है जब पंकज कपूर दिल्ली के मशहूर 'नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा' (NSD) में अभिनय के गुर सीख रहे थे और थिएटर की दुनिया में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। थियेटर के कलाकारों के लिए रिहर्सल के बीच कैंटीन ही एक ऐसी जगह होती थी, जहां चाय और स्नैक्स के साथ कला पर लंबी चर्चाएं चलती थीं। इसी कैंटीन की यादों को ताजा करते हुए पंकज कपूर ने शाहरुख खान के बचपन का एक ऐसा रूप सामने रखा है, जिसके बारे में शायद ही कोई जानता हो।
'जब 10 साल के शाहरुख लेकर आते थे समोसे'
पंकज कपूर ने बताया कि जब वे एनएसडी में थे, तब वहां एक 10 साल का छोटा बच्चा अक्सर कलाकारों के इर्द-गिर्द घूमता दिखाई देता था। वह बच्चा कोई और नहीं बल्कि आज के सुपरस्टार शाहरुख खान थे। पंकज कपूर के मुताबिक, उस समय शाहरुख खान कई बार थियेटर के कलाकारों को कैंटीन से समोसे और चाय लाकर दिया करते थे। वह इतनी कम उम्र में भी बेहद फुर्तीले और मिलनसार थे।
कैंटीन से था शाहरुख का खास कनेक्शन
इस पुराने और यादगार वाकये को याद करते हुए पंकज कपूर ने शाहरुख के परिवार के इस संस्थान से जुड़ाव का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उस दौर में शायद शाहरुख खान के पिता या उनके चाचा एनएसडी की उस मशहूर कैंटीन को संचालित करते थे। यही वजह थी कि बचपन में शाहरुख का ज्यादातर समय एनएसडी के माहौल और वहां के कलाकारों के बीच बीतता था। कलाकारों को करीब से देखने और इस माहौल में सांस लेने ने शायद कहीं न कहीं अनजाने में ही सही, उनके भीतर के अभिनेता को भी तराशने का काम किया।
आज जब शाहरुख खान सफलता के शिखर पर हैं, तब अतीत की ये छोटी-छोटी बातें यह साबित करती हैं कि उनका जमीन से जुड़ाव और मेहनत करने का जज्बा बचपन से ही उनके व्यक्तित्व का हिस्सा रहा है। पंकज कपूर द्वारा साझा किया गया यह किस्सा न सिर्फ दोनों कलाकारों के पुराने जुड़ाव को दिखाता है, बल्कि यह भी बयां करता है कि वक्त का पहिया कैसे घूमता है।

ओम पुरी के अफेयर से टूटा था सीमा कपूर का घर, बयां किया दर्दनाक सच
दिवंगत अभिनेता ओम पुरी की पहली पत्नी सीमा कपूर ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपनी शादीशुदा जिंदगी के सबसे काले अध्याय को उजागर किया है। सीमा ने बताया कि ओम पुरी के विवाहेतर संबंध (एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर) का पता चलने और उस सदमे के कारण उन्होंने अपना अजन्मा बच्चा खो दिया था।
दिवंगत अभिनेता ओम पुरी की पहली पत्नी सीमा कपूर ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपनी शादीशुदा जिंदगी के सबसे काले अध्याय को उजागर किया है। सीमा ने बताया कि ओम पुरी के विवाहेतर संबंध (एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर) का पता चलने और उस सदमे के कारण उन्होंने अपना अजन्मा बच्चा खो दिया था।
जब एक झटके में उजड़ गई हंसती-खेलती दुनिया
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता ओम पुरी अपनी बेमिसाल अदाकारी के लिए जाने जाते थे, लेकिन पर्दे के पीछे उनकी निजी जिंदगी काफी उथल-पुथल भरी रही। उनकी पहली पत्नी और मशहूर अभिनेता अन्नू कपूर की बहन सीमा कपूर ने सालों बाद उस गहरे दर्द को बयां किया है, जिसने उनकी पूरी जिंदगी बदल कर रख दी। सीमा ने खुलासा किया कि जब वे गर्भवती थीं, तब उन्हें पता चला कि ओम पुरी की जिंदगी में कोई और आ चुका है। इस खबर ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया था।
सदमे में खोया अजन्मा बच्चा, राजस्थान में काटी रातें
अफेयर की बात सामने आने के बाद सीमा कपूर पूरी तरह टूट चुकी थीं। उस तनावपूर्ण माहौल से दूर जाने के लिए वे गर्भवती होने के बावजूद मुंबई छोड़कर राजस्थान अपनी मां के पास चली गईं। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। इस गहरे मानसिक और भावनात्मक सदमे का असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ा और उन्होंने अपना होने वाला बच्चा हमेशा के लिए खो दिया। एक तरफ शादी टूटने का गम और दूसरी तरफ अजन्मे बच्चे को खोने का दर्द, सीमा के लिए यह वक्त किसी दुःस्वप्न से कम नहीं था।
भाई अन्नू कपूर चाहते थे कानूनी लड़ाई
जब सीमा कपूर के भाई और अभिनेता अन्नू कपूर को इस पूरी स्थिति का पता चला, तो वे अपनी बहन के साथ खड़े हुए। अन्नू कपूर चाहते थे कि इस धोखे के खिलाफ कानूनी रास्ता अपनाया जाए और ओम पुरी के खिलाफ कोर्ट में लड़ाई लड़ी जाए। हालांकि, सीमा उस समय इस कदर टूट चुकी थीं कि उनमें किसी भी तरह की कानूनी जंग लड़ने की हिम्मत नहीं बची थी। उन्होंने अन्नू कपूर को कानूनी कार्रवाई करने से साफ मना कर दिया और शांति से इस रिश्ते से अलग होना बेहतर समझा।
अकेलेपन को चुना, नहीं की दूसरी शादी
ओम पुरी से अलग होने और अपनी जिंदगी के सबसे बड़े सदमे से उबरने के बाद सीमा कपूर ने एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने अपनी जिंदगी में फिर कभी किसी और को शामिल न करने की कसम खाई। सीमा ने बताया कि इस कड़वे अनुभव के बाद उनका दूसरी शादी करने का कोई इरादा नहीं था और उन्होंने ताउम्र अकेले रहने का फैसला किया। ओम पुरी ने बाद में नंदिता पुरी से शादी कर ली थी, लेकिन सीमा कपूर के जीवन पर लगा यह जख्म कभी नहीं भर पाया।

अमोनिया गैस रिसाव: औद्योगिक उपयोग, पर्यावरणीय प्रभाव और सुरक्षा चुनौतियां
हाल ही में तमिलनाडु के तिरुवल्लुर जिले में एक निजी सीफूड प्रसंस्करण इकाई में अमोनिया गैस (NH_3) के रिसाव के कारण कई श्रमिक बीमार हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों, अमोनिया के रासायनिक गुणों और इसके मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों को चर्चा में ला दिया है।
हाल ही में तमिलनाडु के तिरुवल्लुर जिले में एक निजी सीफूड प्रसंस्करण इकाई में अमोनिया गैस (NH_3) के रिसाव के कारण कई श्रमिक बीमार हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों, अमोनिया के रासायनिक गुणों और इसके मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों को चर्चा में ला दिया है।
अमोनिया का रासायनिक परिचय और उत्पादन
अमोनिया (NH_3) एक तीखी, दम घोंटने वाली गंध वाली रंगहीन गैस है। यह नाइट्रोजन और हाइड्रोजन से बना एक सरल अकार्बनिक यौगिक है। प्राकृतिक रूप से यह कार्बनिक पदार्थों के अपघटन के दौरान सूक्ष्म मात्रा में उत्पन्न होती है। औद्योगिक स्तर पर, इसे 'हैबर-बॉश प्रक्रिया' (Haber-Bosch Process) द्वारा निर्मित किया जाता है, जिसमें उच्च तापमान और दबाव पर आयरन उत्प्रेरक (Iron Catalyst) की उपस्थिति में वायुमंडलीय नाइट्रोजन की प्रतिक्रिया हाइड्रोजन से कराई जाती है।
प्रमुख औद्योगिक और कृषि अनुप्रयोग
वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर पर अमोनिया का सबसे बड़ा उपयोग उर्वरक उद्योग में होता है। उत्पादित होने वाली लगभग 80% से अधिक अमोनिया का उपयोग यूरिया, अमोनियम नाइट्रेट और अमोनियम फॉस्फेट जैसे नाइट्रोजन युक्त उर्वरकों को बनाने में किया जाता है। इसके अतिरिक्त, अपनी उच्च शीतलन दक्षता (Cooling Efficiency) के कारण, इसका उपयोग खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) उद्योगों, कोल्ड स्टोरेज और सीफूड एक्सपोर्ट इकाइयों में रेफ्रिजरेंट (प्रशीतक) के रूप में बड़े पैमाने पर किया जाता है।
मानव स्वास्थ्य पर अमोनिया का प्रभाव
अमोनिया गैस पानी में अत्यधिक घुलनशील होती है। मानव शरीर के संपर्क में आने पर, यह त्वचा, आंखों और श्वसन तंत्र में मौजूद नमी के साथ प्रतिक्रिया करके अत्यधिक संक्षारक अमोनियम हाइड्रॉक्साइड बनाती है। इसके प्रभाव से आंखों में तेज जलन, अंधापन, गले में सूजन और सांस लेने में गंभीर रुकावट आ सकती है। उच्च सांद्रता में इसके संपर्क में आने से फेफड़ों में पानी भर सकता है (पल्मोनरी एडिमा) और दम घुटने से मृत्यु भी हो सकती है।
सुरक्षा मानक और विनियामक ढांचा
भारत में अमोनिया जैसी खतरनाक गैसों के भंडारण, निर्माण और आयात को 'खतरनाक रसायन निर्माण, भंडारण और आयात नियम, 1989' के तहत विनियमित किया जाता है। कारखानों में रासायनिक दुर्घटनाओं को रोकने के लिए 'कारखाना अधिनियम, 1948' के तहत सख्त गाइडलाइंस तय की गई हैं। औद्योगिक इकाइयों के लिए नियमित सुरक्षा ऑडिट, रिसाव डिटेक्शन सिस्टम और श्रमिकों के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) की उपलब्धता अनिवार्य है।
> परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Facts for Exam):
> रासायनिक सूत्र: NH_3 (हवा से हल्की गैस)।
> उत्पादन विधि: हैबर-बॉश प्रक्रिया (Haber-Bosch Process)।
> प्रकृति: अत्यधिक क्षारीय और पानी में अत्यधिक घुलनशील।
> संबंधित नोडल मंत्रालय: पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) तथा रसायन और उर्वरक मंत्रालय।
>
Delight News
निष्पक्ष पत्रकारिता, सटीक विश्लेषण
Delight News परिवार से जुड़ें
ताजा खबरों के सबसे तेज नोटिफिकेशन, निर्बाध वीडियो स्ट्रीमिंग और शानदार यूज़र इंटरफेस के साथ देश-दुनिया के लाइव अपडेट्स सीधे अपने mobile पर पाने के लिए हमारा Delight News Android App डाउनलोड करें।
हमारा आधिकारिक एंड्रॉइड एप्लिकेशन Google Play Store पर बहुत जल्द लाइव होने जा रहा है। अपडेट मिलते ही डाउनलोड लिंक यहाँ उपलब्ध करा दी जाएगी।