
युवाओं के लिए बड़ा मौका: CSIR में ASO के पदों पर निकली बंपर वैकेंसी
वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) ने असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर (ASO) के 100 पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार 23 जून 2026 से 13 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह एक शानदार अवसर है।
वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) ने असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर (ASO) के 100 पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार 23 जून 2026 से 13 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह एक शानदार अवसर है।
सरकारी नौकरी का सपना होगा पूरा
देश के प्रतिष्ठित संस्थान वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) में प्रशासनिक करियर बनाने का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए बेहतरीन खबर है। CSIR ने असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर (ASO) परीक्षा 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है। इस भर्ती अभियान के जरिए कुल 100 खाली पदों को भरा जाएगा। प्रशासनिक क्षेत्र में प्रतिष्ठित सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह एक सुनहरा और बेहद महत्वपूर्ण अवसर है।
आवेदन की महत्वपूर्ण तारीखें
CSIR ASO भर्ती 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन की खिड़की खोल दी गई है। इच्छुक उम्मीदवार 23 जून 2026 से इस परीक्षा के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 13 जुलाई 2026 तय की गई है। अंतिम समय में वेबसाइट पर होने वाली संभावित तकनीकी दिक्कतों और भारी ट्रैफिक से बचने के लिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते अपनी आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।
योग्यता और चयन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी
इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को विभाग द्वारा निर्धारित निश्चित योग्यताओं को पूरा करना होगा। आधिकारिक अधिसूचना में आयु सीमा, शैक्षणिक योग्यता, विभाग अनुसार पदों का विवरण और वेतनमान (Pay Scale) से जुड़े सभी दिशा-निर्देश स्पष्ट रूप से जारी किए गए हैं। इसके साथ ही परीक्षा के लिए विस्तृत सिलेबस और चयन प्रक्रिया के चरणों की जानकारी भी नोटिफिकेशन में उपलब्ध कराई गई है, ताकि अभ्यर्थी अपनी तैयारी को सही दिशा दे सकें।
कैसे करें आवेदन
योग्य उम्मीदवारों को CSIR की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन माध्यम से आवेदन फॉर्म भरना होगा। आवेदन करते समय अभ्यर्थियों को अपने सभी जरूरी दस्तावेज, पासपोर्ट साइज फोटो और हस्ताक्षर तय फॉर्मेट में अपलोड करने होंगे। फॉर्म सबमिट करने से पहले सभी जानकारियों को ध्यानपूर्वक जांच लें, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की विसंगति से बचा जा सके। सफलता पूर्वक आवेदन के बाद परीक्षा से जुड़ी आगे की अपडेट्स के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखना जरूरी है।

लखनऊ अग्निकांड: सोनू सूद का छलका दर्द, बोले– 'शुरू होने से पहले ही खत्म हो गया सफर'
लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से 15 मासूम जिंदगियां असमय काल के गाल में समा गईं। इस दिल दहला देने वाले हादसे पर अभिनेता सोनू सूद ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने क्लासरूम को सपनों के पनपने की जगह बताते हुए कहा कि बच्चों को खोने वाले परिवारों का दर्द शब्दों से परे है।
खबर का निचोड़
लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से 15 मासूम जिंदगियां असमय काल के गाल में समा गईं। इस दिल दहला देने वाले हादसे पर अभिनेता सोनू सूद ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने क्लासरूम को सपनों के पनपने की जगह बताते हुए कहा कि बच्चों को खोने वाले परिवारों का दर्द शब्दों से परे है।
सपनों की असमय चिता: जब क्लासरूम बन गया काल
लखनऊ का वह इलाका, जो हर रोज सैकड़ों युवाओं की उम्मीदों और सपनों से गूंजता था, अचानक चीख-पुकार और मातम में डूब गया। एक कोचिंग सेंटर में भड़की भीषण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और वहां पढ़ रहे 15 छात्र-छात्राओं की जान ले ली। यह सिर्फ एक हादसा नहीं था, बल्कि उन दर्जनों परिवारों की उम्मीदों का खात्मा था, जिन्होंने अपने बच्चों को एक बेहतर भविष्य की चाह में वहां भेजा था। इस त्रासद घटना ने पूरी मानवता को झकझोर कर रख दिया है।
सोनू सूद का फूटा दर्द: 'वहां सपने पनपने चाहिए, अंत नहीं'
इस भयावह त्रासदी पर हमेशा असहायों की मदद के लिए आगे रहने वाले अभिनेता सोनू सूद का दर्द छलक उठा। सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंच पर अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्होंने इस घटना को बेहद दर्दनाक बताया। सोनू सूद ने कहा, "क्लासरूम में सपने पनपने चाहिए, वहां उनका अंत नहीं होना चाहिए।" उनकी इस बात ने हर उस माता-पिता के दिल को छू लिया, जो अपने बच्चों को बड़े अरमानों के साथ पढ़ने भेजते हैं।
भविष्य के अधिकारियों और कलाकारों का सफर खत्म
सोनू सूद ने आगे कहा कि इन नन्ही जिंदगियों में देश का भविष्य छिपा था। इनमें से कोई भविष्य का बड़ा अधिकारी बन सकता था, तो किसी में एक महान कलाकार या देश को नई दिशा देने वाला नेता बनने की क्षमता थी। लेकिन अफसोस, इन बच्चों की जीवन यात्रा शुरू होने से ठीक पहले ही हमेशा के लिए ठहर गई। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई घरों के इकलौते चिराग इस आग में बुझ गए।
माता-पिता का दर्द बयां करना नामुमकिन
कोचिंग सेंटर के भीतर मची इस तबाही ने जो जख्म दिए हैं, वे कभी नहीं भर सकते। जिन माता-पिता ने अपने बच्चों को हंसते-खेलते घर से विदा किया था, उन्हें उनके शव मिले। सोनू सूद ने दुख जताते हुए कहा कि जिन परिवारों ने इस हादसे में अपने बच्चों को खोया है, उनके दर्द को शब्दों में बयां करना नामुमकिन है। यह एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई दुनिया की कोई भी ताकत नहीं कर सकती। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और हर आंख नम है।

सलमान-संजय पर पूछा 'विवादास्पद' सवाल, रिपोर्टर पर भड़के रितेश देशमुख
रियलिटी शो 'लॉकअप सीज़न-2' के लॉन्च इवेंट में उस समय तनाव बढ़ गया जब एक रिपोर्टर ने रितेश देशमुख से उनके करीबी दोस्तों, सलमान खान और संजय दत्त के अतीत को लेकर एक तीखा सवाल पूछ लिया। रिपोर्टर के इस रवैए पर रितेश ने बेहद कड़ा रुख अपनाया और करारा जवाब देते हुए सवाल पर ही पूर्णविराम लगा दिया।
खबर का निचोड़
रियलिटी शो 'लॉकअप सीज़न-2' के लॉन्च इवेंट में उस समय तनाव बढ़ गया जब एक रिपोर्टर ने रितेश देशमुख से उनके करीबी दोस्तों, सलमान खान और संजय दत्त के अतीत को लेकर एक तीखा सवाल पूछ लिया। रिपोर्टर के इस रवैए पर रितेश ने बेहद कड़ा रुख अपनाया और करारा जवाब देते हुए सवाल पर ही पूर्णविराम लगा दिया।
लॉन्च इवेंट में अचानक बदला माहौल
मनोरंजन जगत में अपनी शालीनता और हाजिरजवाबी के लिए मशहूर अभिनेता रितेश देशमुख का एक अलग ही रूप देखने को मिला है। मौका था बहुचर्चित रियलिटी शो 'लॉकअप सीज़न-2' के ग्रैंड लॉन्च इवेंट का। शो को लेकर हर तरफ भारी उत्साह था और मीडिया के तमाम सवाल-जवाब का सिलसिला चल रहा था। इसी बीच एक रिपोर्टर ने कुछ ऐसा पूछ लिया जिसने वहां मौजूद हर शख्स को हैरान कर दिया।
अतीत के पन्नों को कुरेदने की कोशिश
इवेंट के दौरान एक रिपोर्टर ने रितेश देशमुख से सीधे उनके दोस्तों को लेकर सवाल दाग दिया। रिपोर्टर ने पूछा, "आपके सबसे करीबी दोस्त सलमान खान और संजय दत्त को लॉकअप का काफी अनुभव रहा है, तो क्या आप उन्हें अपने इस शो 'लॉकअप' में मेहमान के तौर पर बुलाएंगे?" यह सवाल बॉलीवुड के इन दो बड़े सितारों के अतीत में रहे कानूनी विवादों और जेल के दिनों की तरफ सीधा इशारा था।
रितेश देशमुख का तीखा और करारा पलटवार
इस तरह के निजी और संवेदनशील सवाल को सुनते ही रितेश देशमुख का पारा चढ़ गया। हालांकि, उन्होंने अपना आपा नहीं खोया बल्कि बेहद कड़े और गंभीर शब्दों में रिपोर्टर को उसकी सीमा याद दिलाई। रितेश ने दो टूक शब्दों में कहा, "मुझे नहीं लगता कि मैं आपके इस सवाल का जवाब देकर इसकी गरिमा बढ़ाऊंगा... मुझे इसका जवाब बिल्कुल नहीं देना है।" रितेश का यह रुख साफ करता है कि वे दोस्ती के बीच में इस तरह की पत्रकारिता को बर्दाश्त करने के मूड में बिल्कुल नहीं थे।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
इस घटना का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोग दो गुटों में बंट गए हैं। फैंस का एक बड़ा वर्ग रितेश देशमुख के इस कदम की जमकर तारीफ कर रहा है। लोगों का कहना है कि किसी शो के प्रमोशन के दौरान सितारों के निजी जीवन या उनके दोस्तों के पुराने कानूनी मामलों को घसीटना पूरी तरह से गलत है। वहीं, कुछ लोग इसे रिपोर्टर का काम मान रहे हैं। बहरहाल, रितेश के इस बेबाक अंदाज ने यह साफ कर दिया है कि वे अपने दोस्तों के सम्मान से समझौता कभी नहीं करेंगे।

केतन हत्याकांड: वो 5 ब्लंडर, जिससे सलाखों के पीछे पहुंचे सिया और चेतन
एक खौफनाक साजिश, शातिर दिमाग और कत्ल की पूरी प्लानिंग... लेकिन जुर्म चाहे कितना भी शातिराना हो, अपराधी कोई न कोई सुराग छोड़ ही जाता है। केतन अग्रवाल हत्याकांड में भी कुछ ऐसा ही हुआ। खुद को बेकसूर साबित करने की कोशिश में जुटे आरोपी सिया और चेतन ने पांच ऐसी बड़ी गलतियां (ब्लंडर्स) कर दीं, जिन्होंने पुलिस के सामने उनकी पूरी साजिश की पोल खोलकर रख दी।
एक खौफनाक साजिश, शातिर दिमाग और कत्ल की पूरी प्लानिंग... लेकिन जुर्म चाहे कितना भी शातिराना हो, अपराधी कोई न कोई सुराग छोड़ ही जाता है। केतन अग्रवाल हत्याकांड में भी कुछ ऐसा ही हुआ। खुद को बेकसूर साबित करने की कोशिश में जुटे आरोपी सिया और चेतन ने पांच ऐसी बड़ी गलतियां (ब्लंडर्स) कर दीं, जिन्होंने पुलिस के सामने उनकी पूरी साजिश की पोल खोलकर रख दी।
गर्मी में हुडी: पहली बड़ी भूल
कत्ल की वारदात को अंजाम देने के लिए लोहागढ़ किले को चुना गया था। लेकिन वारदात के वक्त चेतन ने एक ऐसी बचकानी गलती की, जो सीधे पुलिस की नजर में आ गई। तपती गर्मी के मौसम में चेतन लोहागढ़ किले के आसपास हुडी पहने हुए देखा गया। इस असामान्य पहनावे ने न सिर्फ वहां मौजूद लोगों का ध्यान खींचा, बल्कि सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस के लिए भी यह सबसे बड़ा सुराग बन गया। मौसम के मिजाज से उलट यह हुडी ही उसकी पहचान का जरिया बनी।
लोहागढ़ किले का अजीब री-विजिट
साजिश के तहत केतन को लोहागढ़ किले तक ले जाना सबसे अहम कड़ी थी। इसके लिए सिया ने एक अजीब और संदिग्ध पैटर्न अपनाया। वह महज 15 दिनों के भीतर बार-बार केतन को लोहागढ़ ले जाने की जिद करने लगी। एक ही ऐतिहासिक जगह पर इतनी जल्दी-जल्दी जाने की यह बेचैनी किसी के भी गले नहीं उतर रही थी। सिया की यही हड़बड़ाहट बाद में जांच एजेंसियों के रडार पर आ गई और उसकी भूमिका संदिग्ध हो गई।
बाली ट्रिप और रहस्यमयी ढंग से गायब पासपोर्ट
हत्याकांड से ठीक पहले की एक और घटना ने इस पूरी साजिश की टाइमलाइन को साफ कर दिया। केतन और सिया का बाली जाने का प्लान था। लेकिन इस ट्रिप से ठीक पहले केतन का पासपोर्ट अचानक और रहस्यमयी ढंग से गायब हो गया। इस वजह से वह विदेश नहीं जा सका। पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि यह कोई इत्तेफाक नहीं था, बल्कि केतन को देश में ही रोककर उसकी हत्या की साजिश का एक हिस्सा था।
अंतिम संस्कार के बाद बदला बर्ताव
कहते हैं कि अपराधी कत्ल करने के बाद कितना भी सामान्य दिखने का नाटक करे, उसका व्यवहार सच बयां कर देता है। केतन की मौत के बाद जब उसका अंतिम संस्कार किया जा रहा था, तब सिया का बर्ताव पूरी तरह बदल चुका था। उसके हाव-भाव और बयानों में भारी विरोधाभास साफ नजर आ रहा था। कभी दुख का दिखावा तो कभी बातों को घुमाना—सिया की इस बदली हुई बॉडी लैंग्वेज ने परिवार और पुलिस के शक को यकीन में बदल दिया।
दूसरे के मोबाइल का इस्तेमाल
तकनीक के इस दौर में चेतन ने खुद को चालाक समझते हुए अपने फोन के बजाय किसी दूसरे व्यक्ति का मोबाइल इस्तेमाल करने का फैसला किया। वह किसी और का मोबाइल लेकर लोहागढ़ किला पहुंचा था, ताकि उसकी खुद की लोकेशन ट्रेस न हो सके। लेकिन डिजिटल फुटप्रिंट्स के इस दौर में पुलिस ने उस अनजान मोबाइल नंबर की लोकेशन और टावर डंप डेटा के जरिए चेतन के लोकेशन पैटर्न को क्रैक कर लिया, जिससे उसका सारा खेल बिगड़ गया।

RSSB CET 10+2 Notification 2026: राजस्थान में सरकारी नौकरी पाने का बड़ा मौका
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) ने सीनियर सेकेंडरी (10+2) स्तर के लिए कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) 2026 का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। योग्य उम्मीदवार 24 जून 2026 से 23 July 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा अवसर है।
खबर का निचोड़:
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) ने सीनियर सेकेंडरी (10+2) स्तर के लिए कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) 2026 का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। योग्य उम्मीदवार 24 जून 2026 से 23 July 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा अवसर है।
युवाओं के लिए सुनहरा अवसर: राजस्थान CET 10+2 का शंखनाद
राजस्थान में सरकारी सेवा में शामिल होने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक बड़ी और बेहद महत्वपूर्ण खबर है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) ने सीनियर सेकेंडरी (10+2) स्तर के लिए कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) 2026 की घोषणा कर दी है। इस परीक्षा के जरिए राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में निकलने वाली विभिन्न भर्तियों के लिए उम्मीदवारों की पात्रता तय की जाएगी। जो अभ्यर्थी लंबे समय से इस नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहे थे, उनके लिए अब तैयारी में जुटने का सही समय आ गया है।
आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियां और समय
बोर्ड द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, इस परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 24 जून 2026 से आधिकारिक रूप से शुरू हो चुकी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों के पास फॉर्म भरने के लिए लगभग एक महीने का समय होगा। ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 23 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। आखिरी समय में वेबसाइट पर होने वाली संभावित तकनीकी दिक्कतों और भारी ट्रैफिक से बचने के लिए अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते अपना पंजीकरण और आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।
योग्यता, आयु सीमा और आवेदन प्रक्रिया
इस परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों का किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से सीनियर सेकेंडरी यानी 10+2 या इसके समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। इसके साथ ही, विभिन्न पदों के अनुसार आयु सीमा और शैक्षणिक योग्यताओं के विस्तृत विवरण को भी बोर्ड ने साझा किया है। उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क, चयन प्रक्रिया, परीक्षा के प्रारूप और आयु सीमा में मिलने वाली छूट से जुड़ी सभी बारीकियों को समझने के लिए आवेदन पोर्टल पर उपलब्ध विस्तृत दिशा-निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ लेना चाहिए।
क्यों खास है यह परीक्षा?
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित की जाने वाली यह कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) एक तरह की मुख्य प्रवेश परीक्षा है। सीनियर सेकेंडरी स्तर की कई प्रतिष्ठित सरकारी नौकरियों की मुख्य परीक्षा में बैठने के लिए इस पात्रता परीक्षा को पास करना अनिवार्य होता है। इसमें प्राप्त अंकों के आधार पर ही आगामी भर्तियों की मुख्य परीक्षाओं के लिए शॉर्टलिस्टिंग की जाएगी। यही वजह है कि प्रदेश के लाखों प्रतियोगी छात्र इस परीक्षा को लेकर बेहद गंभीर रहते हैं। बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन माध्यम से इस फॉर्म को भरा जा सकता है।
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