
एक भारतीय, एक पाकिस्तानी': जेडी वेंस के बयान से मचा तहलका
स्विट्ज़रलैंड में एक कूटनीतिक मुलाकात के दौरान अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक दिलचस्प टिप्पणी की। उन्होंने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ से कहा कि उनके जीवन में दो सबसे महत्वपूर्ण लोग हैं—एक भारतीय और एक पाकिस्तानी। वेंस ने भारत के संदर्भ में अपनी पत्नी उषा वेंस और पाकिस्तान के लिए आर्मी चीफ आसिम मुनीर का नाम लिया।
खबर का निचोड़:
स्विट्ज़रलैंड में एक कूटनीतिक मुलाकात के दौरान अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक दिलचस्प टिप्पणी की। उन्होंने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ से कहा कि उनके जीवन में दो सबसे महत्वपूर्ण लोग हैं—एक भारतीय और एक पाकिस्तानी। वेंस ने भारत के संदर्भ में अपनी पत्नी उषा वेंस और पाकिस्तान के लिए आर्मी चीफ आसिम मुनीर का नाम लिया।
कूटनीति के मंच पर हल्के-फुल्के पल
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अक्सर गंभीर और नपे-तुले बयान ही सुनने को मिलते हैं, लेकिन स्विट्ज़रलैंड में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान नजारा कुछ अलग था। अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ के बीच बातचीत चल रही थी। इसी दौरान जेडी वेंस ने बेहद मजाकिया और अनौपचारिक अंदाज में एक ऐसी बात कही, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों को मुस्कुराने पर मजबूर कर दिया। वेंस ने भारत और पाकिस्तान के बीच के चिर-प्रतिद्वंद्वी समीकरणों को अपने निजी और राजनीतिक जीवन से जोड़ते हुए एक दिलचस्प टिप्पणी की।
मेरी जिंदगी के दो सबसे खास लोग
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ के साथ द्विपक्षीय बातचीत के दौरान जेडी वेंस ने मुस्कुराते हुए कहा, "मेरी ज़िंदगी में दो बहुत-बहुत महत्वपूर्ण लोग हैं, जिनमें से एक भारतीय हैं और दूसरे पाकिस्तानी।" वेंस के इस सस्पेंस भरे वाक्य ने सामने बैठे पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल को हैरान भी किया और उत्सुक भी। इसके तुरंत बाद अमेरिकी उप-राष्ट्रपति ने सस्पेंस से पर्दा उठाते हुए कहा, "भारतीय हैं मेरी पत्नी और पाकिस्तानी हैं फील्ड मार्शल आसिम मुनीर।" जेडी वेंस का यह हाजिरजवाबी अंदाज देखकर प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ अपनी हंसी नहीं रोक पाए और माहौल पूरी तरह खुशनुमा हो गया।
पत्नी उषा वेंस और पाकिस्तान कनेक्शन
जेडी वेंस की पत्नी उषा चिलुकुरी वेंस भारतीय मूल की हैं, जो अमेरिका में एक सफल वकील रही हैं और अब वहां की सेकंड लेडी हैं। वेंस अक्सर सार्वजनिक मंचों पर अपनी सफलता का श्रेय अपनी पत्नी को देते रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ, पाकिस्तान के संदर्भ में उन्होंने वहां के शक्तिशाली सैन्य प्रमुख जनरल आसिम मुनीर का नाम लिया, जिन्हें उन्होंने मजाकिया लहजे में 'फील्ड मार्शल' कहकर संबोधित किया। वेंस का यह बयान दिखाता है कि वे दक्षिण एशियाई क्षेत्र की संवेदनशीलता और वहां के समीकरणों से न सिर्फ वाकिफ हैं, बल्कि कूटनीतिक बैठकों में बर्फ पिघलाने के लिए इसका इस्तेमाल करना भी जानते हैं।
कूटनीति में पर्सनल टच के मायने
वैश्विक राजनीति में इस तरह के हल्के-फुल्के बयानों का अपना एक अलग महत्व होता है। जेडी वेंस की इस टिप्पणी को एक कुशल कूटनीतिक रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है, जहां उन्होंने बिना किसी औपचारिक दबाव के पाकिस्तान के सामने यह साफ कर दिया कि अमेरिका के लिए भारत और पाकिस्तान दोनों ही देश अलग-अलग वजहों से कितने मायने रखते हैं। जहां भारत के साथ उनका एक गहरा पारिवारिक और भावनात्मक जुड़ाव है, वहीं पाकिस्तान के साथ उनके संबंध रणनीतिक और सुरक्षा मोर्चे पर आधारित हैं। वेंस के इस बयान की चर्चा अब अंतरराष्ट्रीय गलियारों में खूब हो रही है।

ट्रंप की ईरान को दोटूक: सुधर जाओ, वरना अंजाम भुगतने को तैयार रहो!
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने एक महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर करने के तुरंत बाद ईरान को चौकाने वाली चेतावनी दी है। ट्रंप ने लेबनान में सक्रिय ईरानी प्रॉक्सी समूहों की अराजकता पर सख्त नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर ईरान ने अपनी हरकतों को तुरंत नहीं रोका, तो अमेरिका उस पर अब तक का सबसे बड़ा हमला करने से पीछे नहीं हटेगा। इस बयान ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है।
खबर का निचोड़ (Summary)
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने एक महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर करने के तुरंत बाद ईरान को चौकाने वाली चेतावनी दी है। ट्रंप ने लेबनान में सक्रिय ईरानी प्रॉक्सी समूहों की अराजकता पर सख्त नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर ईरान ने अपनी हरकतों को तुरंत नहीं रोका, तो अमेरिका उस पर अब तक का सबसे बड़ा हमला करने से पीछे नहीं हटेगा। इस बयान ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है।
एमओयू के तुरंत बाद ट्रंप का कड़ा रुख
वैश्विक राजनीति के मंच पर एक बार फिर भारी तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने एक अहम समझौते (MoU) पर मुहर लगाने के ठीक बाद ईरान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। समझौते की स्याही अभी सूखी भी नहीं थी कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को सीधी और बेहद आक्रामक चेतावनी दे डाली। इस बयान ने साफ कर दिया है कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय समझौतों के बीच भी अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं और सुरक्षा चिंताओं से कोई समझौता नहीं करने वाला है।
'प्रॉक्सी वॉर' पर सीधी चेतावनी
राष्ट्रपति ट्रंप के निशाने पर इस बार लेबनान में सक्रिय ईरान के समर्थित लड़ाके और प्रॉक्सी समूह हैं। ट्रंप ने बिना किसी लाग-लपेट के ईरान को हिदायत दी है कि वह लेबनान में अस्थिरता और परेशानी पैदा कर रहे अपने इन समूहों को तुरंत नियंत्रित करे। वाशिंगटन से जारी इस बयान में ट्रंप ने साफ कहा कि लेबनान की धरती पर ईरान की शह पर जो कुछ भी हो रहा है, उसे अमेरिका अब और बर्दाश्त नहीं करेगा। ट्रंप का यह रुख दिखाता है कि अमेरिका मध्य पूर्व में ईरान के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
'बहुत बड़ा हमला करेंगे'—ट्रंप की खुली धमकी
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे हैरान करने वाली बात ट्रंप की भाषा का तीखापन है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "अगर ईरान ने हमारी इस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया और अपने प्रॉक्सी समूहों की हरकतों पर लगाम नहीं लगाई, तो हम ईरान पर फिर से बहुत बड़ा हमला करेंगे।" राष्ट्रपति की यह खुली धमकी सिर्फ एक कूटनीतिक बयान नहीं है, बल्कि इसे ईरान के खिलाफ एक सीधे सैन्य एक्शन के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। 'फिर से' शब्द का इस्तेमाल कर ट्रंप ने ईरान को अमेरिका की पुरानी सैन्य ताकत और पिछले हमलों की याद भी दिला दी है।
मध्य पूर्व में गहराया संकट
ट्रंप के इस तेवर के बाद मध्य पूर्व (Middle East) के समीकरण एक बार फिर से गर्मा गए हैं। एक तरफ जहां एमओयू साइन होने से अंतरराष्ट्रीय बिरादरी किसी तरह की शांति या कूटनीतिक सुधार की उम्मीद कर रही थी, वहीं ट्रंप के इस बयान ने साफ कर दिया है कि ईरान के प्रति अमेरिकी नीति में कोई नरमी नहीं आई है। लेबनान में जारी तनाव और उसमें ईरान की भूमिका को लेकर अमेरिका बेहद आक्रामक मोड में आ चुका है। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि ट्रंप की इस खुली चुनौती का ईरान क्या जवाब देता है।

IPL 2027: दिल्ली कैपिटल्स में युवराज-गांगुली की जोड़ी मचाएगी धमाल!
आईपीएल 2027 से पहले दिल्ली कैपिटल्स (DC) के खेमे से बड़ी खबर आ रही है। पूर्व दिग्गज ऑल-राउंडर युवराज सिंह टीम के कोचिंग स्टाफ में शामिल हो सकते हैं। वहीं, पूर्व कप्तान सौरव गांगुली की भी फ्रेंचाइज़ी के सपोर्ट स्टाफ में वापसी तय मानी जा रही है, जो युवराज को टीम के साथ जोड़ना चाहते हैं।
खबर का निचोड़ (Summary)
आईपीएल 2027 से पहले दिल्ली कैपिटल्स (DC) के खेमे से बड़ी खबर आ रही है। पूर्व दिग्गज ऑल-राउंडर युवराज सिंह टीम के कोचिंग स्टाफ में शामिल हो सकते हैं। वहीं, पूर्व कप्तान सौरव गांगुली की भी फ्रेंचाइज़ी के सपोर्ट स्टाफ में वापसी तय मानी जा रही है, जो युवराज को टीम के साथ जोड़ना चाहते हैं।
दिल्ली कैपिटल्स के डगआउट में बड़े बदलाव की तैयारी
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2027 के सीजन से पहले दिल्ली कैपिटल्स के खेमे में भारी हलचल देखने को मिल रही है। टीम प्रबंधन अपने कोचिंग स्टाफ को नया और आक्रामक रूप देने की बड़ी योजना बना रहा है। इस कड़ी में सबसे बड़ा नाम भारत के पूर्व स्टार ऑल-राउंडर युवराज सिंह का सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, युवराज सिंह आगामी सीजन में दिल्ली कैपिटल्स के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा बन सकते हैं। अगर दोनों पक्षों के बीच बातचीत सफल रहती है, तो क्रिकेट फैंस को एक बार फिर युवराज का जलवा मैदान पर रणनीतियां बनाते हुए देखने को मिलेगा।
सौरव गांगुली की वापसी और मास्टर प्लान
इस पूरे घटनाक्रम के पीछे भारतीय क्रिकेट के 'दादा' यानी सौरव गांगुली की अहम भूमिका मानी जा रही है। पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली का दिल्ली कैपिटल्स के सपोर्ट स्टाफ में लौटना लगभग तय हो चुका है। फ्रेंचाइज़ी के साथ अपने पुराने और मजबूत रिश्तों को आगे बढ़ाते हुए गांगुली इस बार टीम का खिताबी सूखा खत्म कराने के इरादे से मैदान में उतरेंगे। गांगुली की इस वापसी के साथ ही यह रणनीतिक प्लान भी तैयार किया गया है कि युवराज सिंह को डगआउट में उनके साथ जोड़ा जाए ताकि टीम को एक नया विजन मिल सके।
क्यों खास है गांगुली और युवराज की जुगलबंदी?
क्रिकेट के गलियारों में सौरव गांगुली और युवराज सिंह की जुगलबंदी जगजाहिर है। युवराज सिंह ने अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू सौरव गांगुली की कप्तानी में ही किया था और गांगुली हमेशा से युवराज की खेल समझ और उनके जुझारू रवैये के बड़े प्रशंसक रहे हैं। अब गांगुली चाहते हैं कि दिल्ली कैपिटल्स के युवा खिलाड़ियों को तराशने और टीम को एक चैंपियन माइंडसेट देने के लिए युवराज सिंह उनके साथ कोच की भूमिका में आएं। इन दोनों दिग्गजों की एक साथ मौजूदगी दिल्ली कैपिटल्स के ड्रेसिंग रूम का माहौल पूरी तरह बदलने की ताकत रखती है।
दिल्ली कैपिटल्स को नए मार्गदर्शक की तलाश
दिल्ली कैपिटल्स का प्रदर्शन पिछले कुछ आईपीएल सीजनों में उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। टीम लगातार एक ऐसे कॉम्बिनेशन की तलाश में है जो उसे उसका पहला आईपीएल खिताब दिला सके। युवराज सिंह के पास दो-दो विश्व कप (2007 टी20 विश्व कप और 2011 वनडे विश्व कप) जीतने का अपार अनुभव है। दबाव की परिस्थितियों में कैसे निखरना है, यह युवराज से बेहतर कोई नहीं जानता। उनके आने से टीम के मध्यक्रम और आक्रामक बल्लेबाजी सोच को जबरदस्त मजबूती मिलने की उम्मीद है। आईपीएल 2027 के मेगा ऑक्शन से पहले यह कदम दिल्ली कैपिटल्स के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
फैंस और फ्रेंचाइज़ी को आधिकारिक एलान का इंतजार
फिलहाल दिल्ली कैपिटल्स और युवराज सिंह के बीच बातचीत के दौर की खबरें आ रही हैं और माना जा रहा है कि जल्द ही इस पर अंतिम मुहर लग सकती है। क्रिकेट प्रशंसक इस बात को लेकर बेहद उत्साहित हैं कि भारतीय क्रिकेट इतिहास के दो सबसे बड़े मैच विनर एक बार फिर एक ही रणनीतिक खेमे में दिखाई देंगे। दिल्ली कैपिटल्स के फैंस को पूरी उम्मीद है कि गांगुली की कप्तानी जैसी दूरदर्शिता और युवराज का चैंपियन रवैया मिलकर टीम की किस्मत को बदलने में पूरी तरह कामयाब रहेगा।

कॉकटेल 2 का बॉक्स ऑफिस पर धमाका: बनी इस दशक की सबसे बड़ी रोमांटिक-कॉमेडी ओपनर
बॉलीवुड फिल्म 'कॉकटेल 2' ने रिलीज के पहले दिन दुनियाभर में ₹24 करोड़ की शानदार कमाई कर एक नया इतिहास रच दिया है। इस धमाकेदार शुरुआत के साथ ही यह इस दशक की सबसे बड़ी रोमांटिक-कॉमेडी ओपनिंग फिल्म बन गई है। फिल्म ने 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' समेत कई बड़ी फिल्मों के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया है।
खबर का निचोड़
बॉलीवुड फिल्म 'कॉकटेल 2' ने रिलीज के पहले दिन दुनियाभर में ₹24 करोड़ की शानदार कमाई कर एक नया इतिहास रच दिया है। इस धमाकेदार शुरुआत के साथ ही यह इस दशक की सबसे बड़ी रोमांटिक-कॉमेडी ओपनिंग फिल्म बन गई है। फिल्म ने 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' समेत कई बड़ी फिल्मों के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया है।
बॉक्स ऑफिस पर 'कॉकटेल 2' का ऐतिहासिक आगाज़
सिनेमाघरों में इस हफ्ते रिलीज हुई फिल्म 'कॉकटेल 2' ने बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद से कहीं बढ़कर प्रदर्शन किया है। दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर जो बज बना हुआ था, वह अब आंकड़ों में तब्दील होता नजर आ रहा है। रिलीज के पहले ही दिन इस फिल्म ने वर्ल्डवाइड मार्केट में ₹24 करोड़ का कलेक्शन कर हर किसी को हैरान कर दिया है। इस शानदार ओपनिंग के साथ ही 'कॉकटेल 2' ने इस दशक (2020s) में पहले दिन सबसे ज्यादा कमाई करने वाली बॉलीवुड रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म का तमगा अपने नाम कर लिया है।
'रॉकी और रानी' का पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त
इससे पहले इस दशक में सबसे बड़ी रोमांटिक-कॉमेडी ओपनिंग का रिकॉर्ड करण जौहर के निर्देशन में बनी फिल्म 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' के नाम था। उस फिल्म ने अपने ओपनिंग डे पर दुनिया भर में ₹23.32 करोड़ की कमाई की थी। 'कॉकटेल 2' ने इस आंकड़े को पार करते हुए न सिर्फ नया कीर्तिमान स्थापित किया है, बल्कि बॉक्स ऑफिस पर अपनी मजबूत पकड़ का अहसास भी करा दिया है।
कई बड़ी फिल्मों को पछाड़ा
'कॉकटेल 2' की इस आंधी में सिर्फ 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' ही पीछे नहीं छूटी, बल्कि इसने पिछले कुछ सालों में आई कई अन्य बड़ी रोमांटिक-कॉमेडी फिल्मों को भी पछाड़ दिया है। फिल्म ने शाहरुख खान स्टारर 'जब हैरी मेट सेजल' और रणबीर कपूर-श्रद्धा कपूर की 'तू झूठी मैं मक्कार' के ओपनिंग डे कलेक्शन के रिकॉर्ड को भी आसानी से पीछे छोड़ दिया। इन स्थापित और चर्चित फिल्मों के मुकाबले 'कॉकटेल 2' का यह प्रदर्शन सिनेमा बिजनेस के विशेषज्ञों के लिए भी काफी चौंकाने वाला और सकारात्मक है।
दर्शकों का मिला भरपूर प्यार
फिल्म को मिल रही इस जबरदस्त ओपनिंग के पीछे इसका यूथ-सेंट्रिक कंटेंट और शानदार म्यूजिक को माना जा रहा है। पहले दिन के कलेक्शन से साफ है कि वीकेंड पर भी फिल्म की कमाई में एक बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। देश के साथ-साथ विदेशों में भी फिल्म को लेकर दर्शकों का क्रेज साफ देखा जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में इसके कई और बड़े रिकॉर्ड तोड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

मेलोनी पर ट्रंप के बयान से भड़के जावेद अख्तर, कहा- 'यह अशोभनीय व्यवहार'
प्रसिद्ध गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के उस दावे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें ट्रंप ने कहा था कि G7 शिखर सम्मेलन के दौरान इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए 'गिड़गिड़ाया' था। अख्तर ने ट्रंप के इस बयान को बेहद अशोभनीय बताते हुए मेलोनी जैसी सशक्त वैश्विक नेता का गरिमापूर्ण पक्ष लिया है।
खबर का निचोड़
प्रसिद्ध गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के उस दावे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें ट्रंप ने कहा था कि G7 शिखर सम्मेलन के दौरान इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए 'गिड़गिड़ाया' था। अख्तर ने ट्रंप के इस बयान को बेहद अशोभनीय बताते हुए मेलोनी जैसी सशक्त वैश्विक नेता का गरिमापूर्ण पक्ष लिया है।
ट्रंप का दावा और जावेद अख्तर का पलटवार
वैश्विक राजनीति के मंच से लेकर सोशल मीडिया के गलियारों तक, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। लेकिन इस बार उनके एक दावे ने भारत के मशहूर दिग्गज लेखक और विचारकों को भी सोचने और बोलने पर मजबूर कर दिया है। मामला हाल ही में संपन्न हुए G7 शिखर सम्मेलन से जुड़ा है, जहाँ ट्रंप ने दावा किया था कि इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी उनके साथ एक तस्वीर खिंचवाने के लिए 'गिड़गिड़ा' रही थीं।
इस बयान पर अपनी बेबाक राय के लिए जाने जाने वाले जावेद अख्तर ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने ट्रंप की इस मानसिकता और शब्दावली को आड़े हाथों लेते हुए इसे एक शीर्ष वैश्विक नेता के पद की गरिमा के खिलाफ बताया है।
एक सशक्त महिला और आत्मसम्मान का सवाल
जावेद अख्तर ने इस पूरे घटनाक्रम पर गहराई से सवाल उठाते हुए जॉर्जिया मेलोनी के व्यक्तित्व और उनके पद का सम्मान किया। उन्होंने तर्क दिया कि मेलोनी जैसी आत्मविश्वासी, आत्मनिर्भर और बेहद सशक्त महिला, जो एक देश का नेतृत्व कर रही हैं, उन्हें किसी भी अन्य नेता के सामने एक अदद फोटो के लिए इस तरह गिड़गिड़ाने की कोई आवश्यकता नहीं है। अख्तर के अनुसार, इस तरह की बातें न केवल तर्कहीन हैं, बल्कि एक महिला प्रधानमंत्री के आत्मसम्मान को ठेस पहुँचाने वाली भी हैं।
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में हर नेता अपनी संप्रभुता और गरिमा के साथ आगे बढ़ता है। ऐसे में मेलोनी के कद को इस तरह के हल्के बयानों से आंकना पूरी तरह से गलत है।
'ढिंढोरा पीटना अशोभनीय व्यक्ति की निशानी'
बात सिर्फ दावे तक ही सीमित नहीं रही, जावेद अख्तर ने ट्रंप की इस आदत पर भी गहरी चोट की जहाँ वे अपनी मुलाकातों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मान लेते हैं कि अगर कूटनीतिक शिष्टाचार या किसी सामान्य बातचीत के दौरान ऐसा कुछ हुआ भी हो, तो भी सार्वजानिक मंच पर आकर उसका इस तरह ढिंढोरा पीटना किसी भी सभ्य व्यक्ति को शोभा नहीं देता।
अख्तर का मानना है कि इस तरह का व्यवहार एक बेहद अशोभनीय और अहंकार से भरे व्यक्ति की निशानी है। एक सच्चे और बड़े नेता में शालीनता और दूसरों के प्रति सम्मान का भाव होना अनिवार्य है, जिसकी कमी यहाँ साफ दिखाई देती है।
वैश्विक मंच पर शिष्टाचार की बहस
इस तीखी टिप्पणी ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नेताओं के आपसी शिष्टाचार और भाषा की मर्यादा पर बहस छेड़ दी है। ट्रंप का यह अंदाज भले ही उनके समर्थकों को लुभाता हो, लेकिन दुनिया भर के बुद्धिजीवी इसे वैश्विक मंचों की गरिमा के पतन के रूप में देख रहे हैं। जावेद अख्तर का यह बयान इसी सोच को दर्शाता है कि सत्ता और पद चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, भाषा और व्यवहार में शालीनता का होना सबसे महत्वपूर्ण है।
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