
शिवसेना में 'ऑपरेशन टायगर' की आहट: बगावत की आशंका के बीच उद्धव गुट ने सांसदों को थमाया नोटिस
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आने के संकेत मिल रहे हैं। शिवसेना (यूबीटी) के छह लोकसभा सांसदों में से पांच को पार्टी की बैठक में शामिल न होने और कांग्रेस में विलय की आशंका के चलते मातोश्री द्वारा 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया गया है। उद्धव गुट की इस चाल को बागी सांसदों की एकजुटता तोड़ने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, सांसद ओमराजे निंबालकर ने अलग गुट बनाने की खबरों से इनकार किया है। शिवसेना के स्थापना दिवस पर दोनों गुटों में बालासाहेब की विरासत को लेकर जंग तेज हो गई है, जबकि सांसद राजाभाऊ वाजे ने करोड़ों का ऑफर ठुकराकर निष्ठा की मिसाल पेश की है।
राजनीतिक हलचल का निचोड़ (Summary)
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आने के संकेत मिल रहे हैं। शिवसेना (यूबीटी) के छह लोकसभा सांसदों में से पांच को पार्टी की बैठक में शामिल न होने और कांग्रेस में विलय की आशंका के चलते मातोश्री द्वारा 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया गया है। उद्धव गुट की इस चाल को बागी सांसदों की एकजुटता तोड़ने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, सांसद ओमराजे निंबालकर ने अलग गुट बनाने की खबरों से इनकार किया है। शिवसेना के स्थापना दिवस पर दोनों गुटों में बालासाहेब की विरासत को लेकर जंग तेज हो गई है, जबकि सांसद राजाभाऊ वाजे ने करोड़ों का ऑफर ठुकराकर निष्ठा की मिसाल पेश की है।
महाराष्ट्र की सियासत में 'ऑपरेशन टायगर' का बढ़ता सस्पेंस
महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों 'ऑपरेशन टायगर' शब्द की गूंज सबसे ज्यादा सुनाई दे रही है। खबर है कि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के कई लोकसभा सांसद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली मूल शिवसेना के संपर्क में हैं और वे जल्द ही बड़ा कदम उठा सकते हैं। इस संभावित टूट की भनक लगते ही मातोश्री यानी उद्धव ठाकरे के खेमे में हड़कंप मच गया है। पार्टी ने संसदीय बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक से नदारद रहने वाले अपने छह लोकसभा सांसदों में से पांच को 'कारण बताओ नोटिस' जारी कर सात दिनों के भीतर जवाब मांगा है। इसे उद्धव ठाकरे की ओर से बागी रुख अख्तियार कर रहे सांसदों के बीच फूट डालने और उन्हें कानूनी रूप से घेरने की एक सोची-समझी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
विरासत की जंग और सांसदों की वफादारी का इम्तिहान
शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस के मौके पर मुंबई की सड़कों से लेकर राजनीतिक मंचों तक दोनों गुटों के बीच अपनी ताकत दिखाने की होड़ मची रही। एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे, दोनों ही गुटों ने पोस्टर और बैनर लगाकर दिवंगत बालासाहेब ठाकरे की असली राजनीतिक विरासत पर अपना-अपना दावा पेश किया। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बीच सांसदों की वफादारी का इम्तिहान भी शुरू हो चुका है। नासिक से सांसद राजाभाऊ वाजे इस समय सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने पाला बदलने के लिए मिले 150 करोड़ रुपये के भारी-भरकम ऑफर और कर्जमुक्ति के प्रलोभन को पूरी तरह ठुकरा दिया और उद्धव ठाकरे के प्रति अपनी वफादारी का परिचय देकर राजनीति में एक नई मिसाल पेश की है।
स्वतंत्र गुट बनाने से इनकार और संजय राउत का तीखा हमला
इस पूरे सियासी बवंडर के बीच धाराशिव से सांसद ओमराजे निंबालकर के रुख पर भी सबकी नजरें टिकी हुई हैं। उन्होंने अफवाहों पर विराम लगाते हुए किसी भी तरह का स्वतंत्र गुट स्थापित करने की बात से साफ इनकार किया है, जिससे बागी खेमे की योजना को थोड़ा झटका लगा है। दूसरी तरफ, उद्धव गुट के मुख्य प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इस पूरी स्थिति के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिंदे गुट पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों और पैसों के दम पर उनके सांसदों को डराने-धमकाने का खेल खेला जा रहा है। राउत ने चेतावनी दी है कि वे इस लड़ाई को संसद से लेकर सड़क और अदालत तक लड़ेंगे और गद्दारी करने वालों को जनता कभी माफ नहीं करेगी।

आरजेडी नेता तेज प्रताप यादव पर कोर्ट के आदेश के बाद FIR दर्ज, छात्र नेता ने लगाए गंभीर आरोप
बिहार की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब छात्र नेता आकाश यादव के आरोपों के बाद राजद नेता तेज प्रताप यादव के खिलाफ पटना के पाटलिपुत्र थाने में FIR दर्ज की गई। यह कार्रवाई अदालत के निर्देश पर घर में जबरन घुसने और धमकी देने के मामले में हुई है। जहां आकाश यादव ने अपनी जान को खतरा बताते हुए बिहार सरकार से सुरक्षा की गुहार लगाई है और लालू परिवार पर रंगदारी व पिता के अपहरण के आरोप भी लगाए हैं, वहीं तेज प्रताप ने इसे एक बड़ी राजनीतिक साजिश करार देते हुए न्यायपालिका पर पूरा भरोसा जताया है।
मामले का निचोड़ (Summary)
बिहार की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब छात्र नेता आकाश यादव के आरोपों के बाद राजद नेता तेज प्रताप यादव के खिलाफ पटना के पाटलिपुत्र थाने में FIR दर्ज की गई। यह कार्रवाई अदालत के निर्देश पर घर में जबरन घुसने और धमकी देने के मामले में हुई है। जहां आकाश यादव ने अपनी जान को खतरा बताते हुए बिहार सरकार से सुरक्षा की गुहार लगाई है और लालू परिवार पर रंगदारी व पिता के अपहरण के आरोप भी लगाए हैं, वहीं तेज प्रताप ने इसे एक बड़ी राजनीतिक साजिश करार देते हुए न्यायपालिका पर पूरा भरोसा जताया है।
अदालत के हस्तक्षेप के बाद तेज प्रताप पर बड़ी कानूनी कार्रवाई
बिहार के सियासी गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेता और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। पटना के पाटलिपुत्र थाने में तेज प्रताप यादव के खिलाफ एक एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है। हैरान करने वाली बात यह है कि यह एफआईआर पुलिस ने सीधे तौर पर नहीं, बल्कि माननीय अदालत के कड़े निर्देश के बाद दर्ज की है। छात्र नेता आकाश यादव द्वारा लगाए गए संगीन आरोपों को संज्ञान में लेते हुए अदालत ने पुलिस को तत्काल मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू करने का आदेश दिया था, जिसके बाद पुलिस महकमे में भी खलबली मची हुई है।
जबरन घर में घुसने, धमकी देने और अपहरण का सनसनीखेज आरोप
यह पूरा मामला छात्र नेता आकाश यादव की शिकायत से जुड़ा हुआ है। आकाश यादव ने तेज प्रताप यादव पर बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। शिकायत के मुताबिक, तेज प्रताप यादव ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर जबरन उनके घर में घुसपैठ की और उन्हें तथा उनके परिवार को जान से मारने की गंभीर धमकी दी। इतना ही नहीं, आकाश यादव ने इस विवाद में पूरे लालू परिवार को घसीटते हुए उन पर रंगदारी मांगने और अपने पिता के अपहरण की साजिश रचने का भी सनसनीखेज आरोप मढ़ दिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आकाश ने बिहार सरकार और स्थानीय प्रशासन से अपने और अपने परिवार के लिए तत्काल सुरक्षा की गुहार लगाई है।
तेज प्रताप यादव का पलटवार: 'यह एक सोची-समझी साजिश है'
अपने ऊपर लगे इन तमाम संगीन आरोपों और दर्ज हुई एफआईआर पर तेज प्रताप यादव ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी है और कड़ा रुख अख्तियार किया है। तेज प्रताप ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अपने खिलाफ एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि उनके राजनीतिक ग्राफ और छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए विरोधियों के इशारे पर यह मनगढ़ंत कहानी रची गई है। आरजेडी नेता ने साफ किया है कि उन्हें देश की न्यायपालिका और कानून व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और वह किसी भी तरह की जांच या आरोपों का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
लीगल नोटिस और सत्य की जीत का दावा
इस कानूनी लड़ाई को आगे बढ़ाते हुए तेज प्रताप यादव ने शिकायतकर्ता आकाश यादव को एक कड़ा लीगल नोटिस भी भेजा है। इस नोटिस के जरिए उन्होंने चेतावनी दी है कि झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि धूमिल करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और वह कोर्ट में इसका करारा जवाब देंगे। तेज प्रताप ने सोशल मीडिया और मीडिया बयानों के जरिए अपने समर्थकों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि अंत में जीत हमेशा सत्य की ही होती है और इस मामले में भी सच बहुत जल्द सबके सामने आ जाएगा। फिलहाल, इस हाई-प्रोफाइल मामले के दर्ज होने के बाद बिहार की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर बेहद तेज हो गया है।

'थप्पड़कांड' पर फिर मचेगा बवाल: श्रीसंत ने हरभजन को दी बॉक्सिंग रिंग में भिड़ने की खुली चुनौती
साल 2008 का मशहूर हरभजन-श्रीसंत 'थप्पड़कांड' एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। हाल ही में हरभजन सिंह के एक विज्ञापन में 'स्लैपगेट' घटना का जिक्र होने से श्रीसंत बेहद आहत हुए हैं। उन्होंने इसे अपने जख्मों को हरा करने वाला बताया है। गुस्से में आए श्रीसंत ने अब हरभजन को कागज पर साइन करके सीधे बॉक्सिंग रिंग में आकर मुकाबला करने की खुली चुनौती दे दी है। श्रीसंत का कहना है कि इस विज्ञापन ने उनके सुधरते हुए रिश्तों को फिर से पूरी तरह खराब कर दिया है।
विवाद का निचोड़ (Summary)
साल 2008 का मशहूर हरभजन-श्रीसंत 'थप्पड़कांड' एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। हाल ही में हरभजन सिंह के एक विज्ञापन में 'स्लैपगेट' घटना का जिक्र होने से श्रीसंत बेहद आहत हुए हैं। उन्होंने इसे अपने जख्मों को हरा करने वाला बताया है। गुस्से में आए श्रीसंत ने अब हरभजन को कागज पर साइन करके सीधे बॉक्सिंग रिंग में आकर मुकाबला करने की खुली चुनौती दे दी है। श्रीसंत का कहना है कि इस विज्ञापन ने उनके सुधरते हुए रिश्तों को फिर से पूरी तरह खराब कर दिया है।
क्रिकेट इतिहास का वो काला पन्ना जो फिर खुल गया
भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े और विवादित घटनाक्रमों में से एक 'थप्पड़कांड' को लगभग 18 साल बीत चुके हैं, लेकिन इसकी आग आज भी ठंडी नहीं हुई है। आईपीएल के पहले सीजन यानी साल 2008 में मुंबई इंडियंस और किंग्स इलेवन पंजाब के मैच के बाद जो कुछ भी हुआ था, उसने पूरे खेल जगत को हिलाकर रख दिया था। मैदान पर हरभजन सिंह द्वारा श्रीसंत को थप्पड़ मारने की उस घटना ने दोनों खिलाड़ियों के करियर और निजी जीवन पर गहरा असर डाला था। समय के साथ ऐसा लगा कि दोनों खिलाड़ी इस कड़वाहट को भूलकर आगे बढ़ चुके हैं, लेकिन हाल ही में हुए एक वाकये ने इस पुराने विवाद की राख में फिर से घी डालने का काम कर दिया है।
एक विज्ञापन ने बिगाड़ा सालों का सुधरता रिश्ता
इस पूरे विवाद के दोबारा गरमाने की मुख्य वजह हरभजन सिंह का एक नया विज्ञापन बना है। इस कमर्शियल विज्ञापन में साल 2008 की उसी 'स्लैपगेट' यानी थप्पड़ वाली घटना का मजाकअंदाज में जिक्र किया गया है। श्रीसंत को यह बात बिल्कुल रास नहीं आई कि इतने सालों बाद भी उनके करियर के सबसे दर्दनाक और विवादित पल का इस्तेमाल पब्लिसिटी या ब्रांड प्रमोशन के लिए किया जाए। श्रीसंत ने साफ तौर पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि उन्होंने हरभजन सिंह को बड़े दिल से माफ कर दिया था और दोनों के बीच रिश्ते सामान्य हो रहे थे, लेकिन इस एक विज्ञापन ने उनके बीच की बची-कुची दोस्ती और सम्मान को हमेशा के लिए खत्म कर दिया है।
श्रीसंत का गुस्सा और बॉक्सिंग रिंग का खुला चैलेंज
विज्ञापन से आहत और गुस्से से लाल श्रीसंत ने अब सीधे तौर पर हरभजन सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने भज्जी को सोशल मीडिया और बयानों के जरिए एक अनोखी और बेहद आक्रामक चुनौती दी है। श्रीसंत ने कहा है कि अगर हरभजन सिंह में वाकई हिम्मत है, तो वे कानूनी कागजात पर साइन करें और उनके साथ बॉक्सिंग रिंग में आकर दो-दो हाथ करें। श्रीसंत का मानना है कि मैदान पर जो कुछ भी हुआ था, उसका फैसला अब रिंग के अंदर ही होना चाहिए। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि वह इस चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार हैं और देखना चाहते हैं कि हरभजन में इस मुकाबले का सामना करने का दम है या नहीं।
फैंस और खेल जगत में मची खलबली
श्रीसंत की इस खुली चुनौती के बाद क्रिकेट प्रेमियों और सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है। फैंस दो गुटों में बंट गए हैं; कुछ लोग श्रीसंत के इस गुस्से को जायज ठहरा रहे हैं क्योंकि किसी के पुराने विवाद का इस तरह कमर्शियल इस्तेमाल करना सही नहीं माना जा सकता, वहीं कुछ लोग इसे पब्लिसिटी स्टंट मान रहे हैं। अब हर किसी की नजरें हरभजन सिंह पर टिकी हुई हैं कि क्या वो इस बेहद आक्रामक और हैरान करने वाले चैलेंज पर अपनी कोई प्रतिक्रिया देते हैं या फिर इस मामले पर चुप्पी साधे रखना ही बेहतर समझते हैं। इतना तो साफ है कि 18 साल पुराना यह जिन्न अब आसानी से बोतल में बंद नहीं होने वाला।

कॉकटेल 2: प्यार और दोस्ती का नया और मॉडर्न तड़का
लंबे इंतजार के बाद फिल्म 'कॉकटेल 2' आखिरकार 19 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। मॉडर्न रिलेशनशिप, प्यार और दोस्ती के ताने-बाने पर बुनी इस फिल्म को दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिल रही है। हालांकि, कृति सेनन की एक्टिंग और फिल्म के शानदार म्यूजिक की हर तरफ तारीफ हो रही है। मशहूर क्रिटिक तरण आदर्श ने इसे 4 स्टार देते हुए एक मस्ट-वॉच फिल्म बताया है। 'A' सर्टिफिकेट वाली इस फिल्म की एडवांस बुकिंग काफी मजबूत रही और पहले दिन यह बॉक्स ऑफिस पर 12-15 करोड़ रुपये की बंपर ओपनिंग कर सकती है।
फिल्म का निचोड़ (Summary)
लंबे इंतजार के बाद फिल्म 'कॉकटेल 2' आखिरकार 19 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। मॉडर्न रिलेशनशिप, प्यार और दोस्ती के ताने-बाने पर बुनी इस फिल्म को दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिल रही है। हालांकि, कृति सेनन की एक्टिंग और फिल्म के शानदार म्यूजिक की हर तरफ तारीफ हो रही है। मशहूर क्रिटिक तरण आदर्श ने इसे 4 स्टार देते हुए एक मस्ट-वॉच फिल्म बताया है। 'A' सर्टिफिकेट वाली इस फिल्म की एडवांस बुकिंग काफी मजबूत रही और पहले दिन यह बॉक्स ऑफिस पर 12-15 करोड़ रुपये की बंपर ओपनिंग कर सकती है।
बॉक्स ऑफिस पर 'कॉकटेल 2' का धमाकेदार आगाज़
सिनेमाप्रेमियों के लिए आज का दिन बेहद खास है क्योंकि मोस्ट अवेटेड फिल्म 'कॉकटेल 2' थिएटर्स में दस्तक दे चुकी है। इस फिल्म को लेकर पिछले कई महीनों से सोशल मीडिया पर जबरदस्त बज बना हुआ था। रिलीज के पहले ही दिन सिनेमाघरों में दर्शकों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। एडवांस बुकिंग के शानदार आंकड़ों ने पहले ही साफ कर दिया था कि फिल्म को लेकर दीवानगी किस कदर है। ट्रेड एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि फिल्म अपने ओपनिंग डे पर 12 से 15 करोड़ रुपये का शानदार कलेक्शन कर सकती है, जो कि एक मैच्योर ड्रामा फिल्म के लिए बेहतरीन शुरुआत मानी जाएगी।
रिश्तों की उलझी हुई दिलचस्प कहानी
यह फिल्म आज के दौर के युवाओं, उनकी लाइफस्टाइल और उनके बीच के उलझे हुए रिश्तों को बेहद करीब से दिखाती है। प्यार, गहरी दोस्ती और आधुनिक रिश्तों में आने वाली जटिलताएं इस कहानी का मुख्य आधार हैं। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे आज की जनरेशन कमिटमेंट, करियर और अपनी पर्सनल लाइफ के बीच संतुलन बनाने के लिए संघर्ष करती है। कहानी में कई ऐसे मोड़ आते हैं जो दर्शकों को पूरी तरह से बांधे रखते हैं। बोल्ड और मैच्योर कंटेंट होने की वजह से सेंसर बोर्ड ने फिल्म को 'A' सर्टिफिकेट दिया है, जो इसके कथानक की गंभीरता को दर्शाता है।
कृति सेनन का जलवा और क्रिटिक्स की राय
अभिनय की बात करें तो इस फिल्म में कृति सेनन ने अपने करियर की सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस दी है। उनके किरदार के कई शेड्स हैं, जिन्हें उन्होंने पर्दे पर बेहद खूबसूरती और मैच्योरिटी के साथ उतारा है। फिल्म समीक्षक और ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने फिल्म को 4 स्टार देते हुए इसकी जमकर तारीफ की है। उन्होंने फिल्म के डायरेक्शन, कलाकारों की एक्टिंग और दिल छू लेने वाली कहानी को इस साल की सबसे बड़ी यूएसपी बताया है। फिल्म का म्यूजिक भी बेहद कमाल का है, जो कहानी के उतार-चढ़ाव के साथ दर्शकों को बांधे रखता है।
दर्शकों से मिल रहा है मिला-जुला रिस्पॉन्स
थिएटर्स से बाहर आ रहे दर्शकों की तरफ से फिल्म को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहां युवा वर्ग इस फिल्म की कहानी और किरदारों से खुद को पूरी तरह कनेक्ट कर पा रहा है, वहीं कुछ लोगों का मानना है कि कहानी को थोड़ा और क्रिस्प किया जा सकता था। इसके बावजूद, फिल्म का स्क्रीनप्ले और गानों का बैकग्राउंड स्कोर इतना दमदार है कि यह आपको बोर नहीं होने देता। अगर आप भी वीकेंड पर एक बेहतरीन, बोल्ड और इमोशनल ड्रामा फिल्म देखना चाहते हैं, तो 'कॉकटेल 2' आपके लिए एक अच्छा विकल्प साबित हो सकती है।

सारा अर्जुन ने ईशा योग केंद्र में मनाई महाशिवरात्रि, पुरानी यादें कीं ताजा
धुरंधर' और 'पोन्नियिन सेल्वन' जैसी फिल्मों से पहचान बनाने वाली बाल कलाकार सारा अर्जुन 18 जून को 21 वर्ष की हो गईं। इस खास मौके पर उन्होंने कोयंबटूर स्थित ईशा योग केंद्र में बिताए अपने पलों को याद किया। ईशा होम स्कूल की पूर्व छात्रा रहीं सारा ने महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर अपनी पुरानी यादों को ताजा करते हुए बताया कि स्कूल के दिनों के बाद जैसे ही उन्हें मौका मिला, वह दोबारा इस आध्यात्मिक और सकारात्मक माहौल का हिस्सा बनने के लिए दौड़कर वहां पहुंच गईं।
खबर का निचोड़ (Summary)
'धुरंधर' और 'पोन्नियिन सेल्वन' जैसी फिल्मों से पहचान बनाने वाली बाल कलाकार सारा अर्जुन 18 जून को 21 वर्ष की हो गईं। इस खास मौके पर उन्होंने कोयंबटूर स्थित ईशा योग केंद्र में बिताए अपने पलों को याद किया। ईशा होम स्कूल की पूर्व छात्रा रहीं सारा ने महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर अपनी पुरानी यादों को ताजा करते हुए बताया कि स्कूल के दिनों के बाद जैसे ही उन्हें मौका मिला, वह दोबारा इस आध्यात्मिक और सकारात्मक माहौल का हिस्सा बनने के लिए दौड़कर वहां पहुंच गईं।
सारा अर्जुन का 21वां जन्मदिन और ईशा योग केंद्र से उनका गहरा नाता
सिनेमाई पर्दे पर अपनी मासूमियत और बेहतरीन अभिनय से दर्शकों के दिलों को जीतने वाली अभिनेत्री सारा अर्जुन ने जीवन के एक नए पड़ाव में कदम रख दिया है। 18 जून को वह 21 साल की हो गईं। बाल कलाकार के रूप में अपने करियर की शुरुआत करने वाली सारा ने बहुत कम उम्र में फिल्म इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। जन्मदिन के इस बेहद खास मौके पर उनकी जिंदगी से जुड़ा एक बेहद खूबसूरत और आध्यात्मिक पहलू चर्चा में आया है, जिसका सीधा संबंध तमिलनाडु के कोयंबटूर में स्थित प्रसिद्ध ईशा योग केंद्र से है।
ईशा होम स्कूल की पूर्व छात्रा के रूप में बिताए सुनहरे दिन
बहुत कम लोग जानते हैं कि फिल्मों की चकाचौंध से दूर सारा अर्जुन का एक गहरा जुड़ाव अध्यात्म और प्रकृति से भी रहा है। वह सद्गुरु के जगप्रसिद्ध 'ईशा होम स्कूल' की पूर्व छात्रा (Alumna) रह चुकी हैं। इस स्कूल में बिताए गए दिन सारा के दिल के बेहद करीब हैं। यहां की शिक्षा, माहौल और जीवन जीने के तरीके ने उनके व्यक्तित्व को संवारने में एक बड़ी भूमिका निभाई है। यही वजह है कि जब भी उन्हें अपने व्यस्त शेड्यूल से वक्त मिलता है, वह अपनी जड़ों की तरफ लौटने से खुद को रोक नहीं पाती हैं।
महाशिवरात्रि पर जब दौड़कर पहुंचीं कोयंबटूर
हाल ही में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर सारा अर्जुन एक बार फिर कोयंबटूर के ईशा योग केंद्र पहुंचीं। इस उत्सव का हिस्सा बनना उनके लिए किसी भावुक पल से कम नहीं था। एक साक्षात्कार में अपनी खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने बताया कि जब वह इस स्कूल की छात्रा थीं, तब उन्होंने लगातार हर साल बेहद उत्साह के साथ महाशिवरात्रि का त्योहार यहीं मनाया था। स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह इस माहौल को बहुत मिस कर रही थीं। यही कारण था कि जैसे ही उन्हें इस बार महाशिवरात्रि पर दोबारा वहां जाने का अवसर मिला, वह सब कुछ छोड़कर सीधे ईशा योग केंद्र की ओर दौड़ पड़ीं।
आध्यात्मिक माहौल में खो जाने का अनुभव
ईशा योग केंद्र की महाशिवरात्रि पूरी दुनिया में अपनी भव्यता, संगीत, ध्यान और सकारात्मक ऊर्जा के लिए जानी जाती है। सारा के लिए यह अनुभव बेहद खास रहा। उन्होंने साझा किया कि इस जगह से उन्हें जो शांति और सकारात्मकता मिलती है, वह अद्भुत है। अपनी पुरानी यादों को ताजा करते हुए और वहां के दिव्य वातावरण में समय बिताकर उन्हें जो खुशी मिली, उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। उनका कहना है कि वह यहां वापस आकर बेहद खुश और खुद को सौभाग्यशाली महसूस कर रही हैं।
अभिनय के सफर में बिखेरा है जलवा
सारा अर्जुन ने बेहद छोटी उम्र से ही एक्टिंग की दुनिया में कदम रख दिया था। उन्होंने कई बड़े विज्ञापनों के अलावा हिंदी, तमिल, तेलुगु और मलयालम फिल्मों में काम किया है। ऐश्वर्या राय बच्चन स्टारर ब्लॉकबस्टर फिल्म 'पोन्नियिन सेल्वन' (PS-1 और PS-2) में युवा नंदिनी का किरदार निभाकर उन्होंने दर्शकों और समीक्षकों की खूब वाहवाही लूटी थी। इसके अलावा फिल्म 'धुरंधर' में भी उनके काम को काफी सराहा गया। 21 साल की उम्र में कदम रख चुकीं सारा आज के समय में युवाओं के लिए एक प्रेरणा हैं, जो ग्लैमर की दुनिया में रहने के बावजूद अपनी संस्कृति, सादगी और आध्यात्मिक मूल्यों से गहराई से जुड़ी हुई हैं।
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