
कुणाल कामरा का प्रणित मोरे पर तंज़: "5 चीज़ों की आड़ लेना बंद करें कॉमेडियंस"
कॉमेडियन प्रणित मोरे की '₹370 की बिरयानी' वाले विवादित बयान के बाद स्टैंड-अप कम्युनिटी में घमासान मच गया है। इस विवाद में कूदते हुए मशहूर कॉमेडियन कुणाल कामरा ने सोशल मीडिया पर प्रणित पर तीखा तंज़ कसा। कामरा ने कहा कि प्रणित ने हर्ष गुजराल को भी बराक ओबामा जैसा दिखा दिया है। साथ ही उन्होंने कॉमेडियंस को कहानी, क्राउड वर्क, कड़ी मेहनत, बैंक बैलेंस और माता-पिता के पीछे छिपना बंद करने की नसीहत दी।
खबर का निचोड़ (Summary)
कॉमेडियन प्रणित मोरे की '₹370 की बिरयानी' वाले विवादित बयान के बाद स्टैंड-अप कम्युनिटी में घमासान मच गया है। इस विवाद में कूदते हुए मशहूर कॉमेडियन कुणाल कामरा ने सोशल मीडिया पर प्रणित पर तीखा तंज़ कसा। कामरा ने कहा कि प्रणित ने हर्ष गुजराल को भी बराक ओबामा जैसा दिखा दिया है। साथ ही उन्होंने कॉमेडियंस को कहानी, क्राउड वर्क, कड़ी मेहनत, बैंक बैलेंस और माता-पिता के पीछे छिपना बंद करने की नसीहत दी।
पूरा आर्टिकल: बिरयानी विवाद में कुणाल कामरा की एंट्री, स्टैंड-अप कम्युनिटी में छिड़ी जुबानी जंग
भारतीय स्टैंड-अप कॉमेडी जगत में इन दिनों सिर्फ चुटकुले नहीं गूंज रहे, बल्कि सोशल मीडिया पर बयानों के तीखे तीर भी चल रहे हैं। पूरा मामला कॉमेडियन प्रणित मोरे के एक वीडियो से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने एक शो के दौरान '370 रुपये की बिरयानी' खरीदने वाले दर्शकों का मज़ाक उड़ाया था। इस बयान के बाद वह सोशल मीडिया पर बुरी तरह ट्रोल होने लगे। अब इस विवाद में जाने-माने और बेबाक कॉमेडियन कुणाल कामरा की एंट्री हो गई है। कुणाल कामरा ने अपने खास अंदाज़ में प्रणित मोरे को आड़े हाथों लिया है और उनके बहाने पूरी कॉमेडी इंडस्ट्री को एक कड़ा संदेश दे डाला है।
हर्ष गुजराल से कर दी तुलना
कुणाल कामरा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर एक के बाद एक कई पोस्ट किए, जो देखते ही देखते वायरल हो गए। अपने पहले ट्वीट में कामरा ने प्रणित मोरे की तुलना साथी कॉमेडियन हर्ष गुजराल से कर दी। उन्होंने लिखा, "प्रणित ने तो हर्ष गुजराल को भी बराक ओबामा जैसा बना दिया है।" कामरा का इशारा साफ था कि हर्ष गुजराल अक्सर अपने शोज़ में दर्शकों के साथ तीखा और आक्रामक क्राउड वर्क (दर्शकों से बातचीत) करने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन प्रणित मोरे ने इस बार शालीनता की सारी हदें पार करके हर्ष गुजराल को भी बेहद सभ्य और गंभीर राजनेता जैसा दिखा दिया है।
इन 5 चीज़ों के पीछे छिपना बंद करें
बात सिर्फ एक तंज़ तक नहीं रुकी। कुणाल कामरा ने एक और पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने उन बहानों और ढालों पर हमला किया जिनका इस्तेमाल अक्सर कॉमेडियंस अपनी गलतियों को छुपाने के लिए करते हैं। कामरा ने लिखा, "कॉमेडियंस को इन 5 चीज़ों के पीछे छिपना बंद कर देना चाहिए... कहानी सुनाना, क्राउड वर्क, कड़ी मेहनत, बैंक बैलेंस और माता-पिता।"
अक्सर देखा जाता है कि जब भी कोई कॉमेडियन अपने किसी बयान या जोक की वजह से विवादों में घिरता है, तो वह विक्टिम कार्ड खेलने लगता है। कोई अपनी कड़ी मेहनत की दुहाई देता है, तो कोई इसे 'सिर्फ एक कहानी' या 'क्राउड वर्क का हिस्सा' बताकर पल्ला झाड़ लेता है। कुछ लोग अपने बैंक बैलेंस या माता-पिता की दुहाई देकर सहानुभूति बटोरने की कोशिश करते हैं। कुणाल कामरा ने सीधे तौर पर इन हरकतों को आड़े हाथों लिया है।
क्या था '₹370 की बिरयानी' का पूरा मामला?
इस पूरे विवाद की जड़ प्रणित मोरे का एक वायरल वीडियो है। एक लाइव शो के दौरान प्रणित मोरे फ्रंट रो में बैठे एक दर्शक से बात कर रहे थे। जब उन्हें पता चला कि उस दर्शक ने शो के वेन्यू पर 370 रुपये की बिरयानी खरीदी है, तो प्रणित ने उसका मज़ाक उड़ाना शुरू कर दिया। उन्होंने दर्शक की आर्थिक स्थिति और समझ पर बेहद निजी और अपमानजनक टिप्पणियां कीं। इंटरनेट यूज़र्स को प्रणित का यह अंदाज़ बिल्कुल पसंद नहीं आया। लोगों का कहना था कि पैसे देकर शो देखने आए दर्शकों का इस तरह सरेआम अपमान करना कॉमेडी नहीं, बल्कि सरासर बदतमीज़ी है।
कॉमेडी बनाम बदतमीज़ी की बहस
कुणाल कामरा के इस बयान के बाद सोशल मीडिया दो गुटों में बंट गया है। एक तरफ वो लोग हैं जो कामरा की बात से पूरी तरह सहमत हैं और उनका मानना है कि कॉमेडी के नाम पर दर्शकों को नीचा दिखाने का ट्रेंड अब बंद होना चाहिए। वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग इसे स्टैंड-अप कॉमेडी की आज़ादी से जोड़कर देख रहे हैं। बहरहाल, कुणाल कामरा के इस तीखे प्रहार ने इस विवाद की आग को और भड़का दिया है, और यह बहस छिड़ गई है कि आखिर कॉमेडी और बदतमीज़ी के बीच की महीन रेखा कहां खींची जानी चाहिए।

अदिति यादव AI पोस्ट विवाद: सियासत गरमाई, योगी का कड़ा एक्शन
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक AI-जनित (मॉर्फ्ड) पोस्ट साझा करने के मामले में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाते हुए तत्काल FIR और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने कुछ आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जिसमें से एक ने माफी भी मांगी है। इस मुद्दे पर सपा और भाजपा के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है, वहीं पुलिस मेटा (फेसबुक) से आरोपियों का डेटा जुटा रही है।
खबर का निचोड़ (Summary):
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक AI-जनित (मॉर्फ्ड) पोस्ट साझा करने के मामले में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाते हुए तत्काल FIR और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने कुछ आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जिसमें से एक ने माफी भी मांगी है। इस मुद्दे पर सपा और भाजपा के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है, वहीं पुलिस मेटा (फेसबुक) से आरोपियों का डेटा जुटा रही है।
डिजिटल दौर की गंदी सियासत: जब अखिलेश की बेटी अदिति यादव बनीं 'AI' साजिश का शिकार
लखनऊ:
उत्तर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप और बयानों के तीर चलना कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब राजनीति की यह लड़ाई किसी नेता के घर की दहलीज पार कर उसकी बेटी के सम्मान तक पहुंच जाए, तो मामला बेहद गंभीर और संवेदनशील हो जाता है। ताजा मामला समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव से जुड़ा है। सोशल मीडिया पर अदिति यादव के खिलाफ कुछ शरारती तत्वों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर बेहद आपत्तिजनक और भ्रामक पोस्ट शेयर की गई। इस घटना के सामने आते ही न सिर्फ राजनीतिक गलियारों में भूचाल आ गया, बल्कि डिजिटल सुरक्षा और महिला सम्मान को लेकर एक बार फिर बड़ी बहस छिड़ गई है।
सीएम योगी आदित्यनाथ का 'एक्शन मोड': दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
जैसे ही यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में आया, उन्होंने बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के तुरंत बेहद सख्त रुख अपनाया। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस और साइबर सेल को मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने और दोषियों को सलाखों के पीछे भेजने का कड़ा निर्देश दिया।
> मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों के अनुसार: "महिलाओं और बेटियों के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसकी राजनीतिक विचारधारा या पृष्ठभूमि कुछ भी हो। सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर किसी की छवि धूमिल करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।"
>
मुख्यमंत्री के इस सख्त आदेश के बाद यूपी पुलिस तुरंत हरकत में आई। साइबर क्राइम सेल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जाल बिछाया और त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ मुख्य आरोपियों को धर-दबोचा।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी, एक ने मांगी लिखित माफी
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जिन संदिग्धों को हिरासत में लिया है, उनसे बंद कमरे में गहन पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों में से एक ने पुलिसिया पूछताछ और कानून के शिकंजे के डर से अपनी गलती स्वीकार कर ली है और सार्वजनिक व लिखित रूप से माफी की मांग की है।
हालांकि, पुलिस इस मामले को सिर्फ एक सामान्य माफीनामे के साथ बंद करने के मूड में नहीं है। पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस तरह के गंभीर साइबर अपराधों में जब तक कठोर कानूनी सबक नहीं सिखाया जाएगा, तब तक सोशल मीडिया पर इस तरह की गंदगी फैलाने वालों के हौसले पस्त नहीं होंगे। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन आरोपियों के पीछे कोई बड़ा राजनीतिक हैंडलर या सुनियोजित आईटी सेल काम कर रही थी।
मेटा (Meta) से मांगा गया डेटा, बढ़ेगी आरोपियों की मुश्किलें
इस मामले की तह तक जाने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस की साइबर विंग ने तकनीकी और कानूनी मोर्चे पर भी घेराबंदी तेज कर दी है। चूंकि ये आपत्तिजनक पोस्ट फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किए गए थे, इसलिए पुलिस ने आधिकारिक तौर पर 'मेटा' (Meta) प्रबंधन से संपर्क साधा है।
पुलिस ने मेटा से उन सभी फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट्स की आईपी एड्रेस (IP Address), लॉग-इन हिस्ट्री और रजिस्ट्रेशन डिटेल्स की मांग की है, जिनके जरिए इस भ्रामक और AI-जनित सामग्री को सबसे पहले इंटरनेट पर अपलोड और सर्कुलेट किया गया था। साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि मेटा से रिपोर्ट मिलते ही उन लोगों के नाम भी सामने आ जाएंगे जो पर्दे के पीछे छिपकर इस घिनौने खेल को अंजाम दे रहे थे।
सपा बनाम भाजपा: यूपी में गहराया राजनीतिक घमासान
इस संवेदनशील मुद्दे ने उत्तर प्रदेश की सियासत के तापमान को अचानक बहुत बढ़ा दिया है। समाजवादी पार्टी ने इस घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके समर्थित सोशल मीडिया विंग पर सीधा और तीखा हमला बोला है।
समाजवादी पार्टी का रुख: सपा प्रवक्ताओं और नेताओं का आरोप है कि राजनीतिक मैदान में अखिलेश यादव का मुकाबला न कर पाने वाले लोग अब इस तरह के ओछे और स्तरहीन हथकंडों पर उतर आए हैं। सपा ने कहा कि विपक्षी नेताओं के परिवारों और विशेषकर बेटियों को निशाना बनाना यह दर्शाता है कि सूबे में कुछ राजनीतिक तत्वों का नैतिक स्तर कितना गिर चुका है।
भारतीय जनता पार्टी का पलटवार: विपक्ष के इन गंभीर आरोपों पर भाजपा ने भी फौरन और कड़ा रुख सामने रखा है। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने सपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा हमेशा से 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' और महिला सम्मान की पक्षधर रही है। पार्टी का स्पष्ट मानना है कि बेटी किसी की भी हो—चाहे वह आम नागरिक की हो या किसी बड़े राजनीतिक नेता की—उसका सम्मान सर्वोपरि है। यही वजह है कि सरकार ने बिना किसी देरी के अपराधियों के खिलाफ त्वरित और कठोरतम कार्रवाई शुरू की है।
डीपफेक और AI का दुरुपयोग: लोकतंत्र और समाज के लिए नया खतरा
अदिति यादव के साथ हुई यह घटना देश में पैर पसार रहे एक नए और बेहद खतरनाक डिजिटल खतरे की ओर इशारा करती है, जिसे 'डीपफेक' या 'एआई-जनित साइबर क्राइम' कहा जाता है। आज के दौर में एआई टूल्स का दुरुपयोग कर किसी भी व्यक्ति का चेहरा, आवाज या वीडियो इस तरह बदल दिया जाता है कि असली और नकली में फर्क करना नामुमकिन हो जाता है।
जब देश के रसूखदार और बड़े राजनीतिक परिवारों के सदस्य इस तकनीक का शिकार बन रहे हैं, तो आम नागरिकों और विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ना लाजिमी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित पुलिसिया कार्रवाई और सख्त कानूनी सजा ही एकमात्र ऐसा रास्ता है, जो इंटरनेट के इस काले साम्राज्य पर लगाम लगा सकता है। फिलहाल, उत्तर प्रदेश पुलिस की यह मुस्तैदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कड़ा रुख सोशल मीडिया के अपराधियों के लिए एक बड़ा और कड़ा संदेश है।

CBI Apprentice Recruitment 2026: बैंकिंग सेक्टर में 4500 पदों पर बंपर भर्ती, तुरंत करें अप्लाई!
Central Bank of India (CBI) ने साल 2026 के लिए अप्रेंटिस के 4500 पदों पर बंपर वैकेंसी निकाली है। योग्य व इच्छुक उम्मीदवार 12 जून 2026 से 22 जून 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। बैंकिंग क्षेत्र में करियर बनाने और बेहतरीन स्टाइपेंड के साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पाने का यह एक सुनहरा मौका है।
Central Bank of India (CBI) ने साल 2026 के लिए अप्रेंटिस के 4500 पदों पर बंपर वैकेंसी निकाली है। योग्य व इच्छुक उम्मीदवार 12 जून 2026 से 22 जून 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। बैंकिंग क्षेत्र में करियर बनाने और बेहतरीन स्टाइपेंड के साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पाने का यह एक सुनहरा मौका है।
Central Bank of India Apprentice Recruitment 2026: विस्तृत लेख
बैंकिंग क्षेत्र में अपना शानदार करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक बेहद बड़ी और खुशखबरी वाली खबर सामने आई है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (CBI) ने अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग के लिए एक नया आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती अभियान के तहत देश भर में कुल 4500 खाली पदों को भरा जाएगा। अगर आप भी किसी प्रतिष्ठित सरकारी बैंक के साथ जुड़कर काम करने का अनुभव हासिल करना चाहते हैं, तो यह मौका आपके हाथ से छूटना नहीं चाहिए।
इस भर्ती की सबसे खास बात यह है कि इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन उम्मीदवारों को ध्यान रखना होगा कि आवेदन करने के लिए समय बहुत ही सीमित दिया गया है। आइए इस भर्ती से जुड़ी हर छोटी-बड़ी और महत्वपूर्ण जानकारी को विस्तार से जानते हैं, ताकि आप बिना किसी गलती के अपना आवेदन समय पर पूरा कर सकें।
महत्वपूर्ण तिथियां (Important Dates)
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया अप्रेंटिस भर्ती 2026 के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को समय सीमा का विशेष ध्यान रखना होगा। बैंक द्वारा जारी किए गए शेड्यूल के अनुसार महत्वपूर्ण तारीखें निम्नलिखित हैं:
आवेदन शुरू होने की तिथि: 12 जून 2026
ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि: 22 जून 2026
आवेदन शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि: 22 जून 2026
परीक्षा की तिथि: नोटिफिकेशन के अनुसार जल्द ही घोषित की जाएगी।
> विशेष नोट: आवेदन करने के लिए केवल 10 दिनों का समय दिया गया है। अंतिम समय में वेबसाइट पर आने वाले हैवी ट्रैफिक और तकनीकी समस्याओं से बचने के लिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आखिरी तारीख का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द अपना फॉर्म भर लें।
>
रिक्तियों का विवरण और पद (Vacancy Details)
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने इस बार बड़े पैमाने पर नियुक्तियां निकालने का फैसला किया है। इस भर्ती के माध्यम से कुल 4500 अप्रेंटिस पदों को भरा जाएगा। इन पदों को देश के विभिन्न राज्यों, क्षेत्रों और शाखाओं के अनुसार विभाजित किया गया है। स्थानीय भाषा की समझ रखने वाले उम्मीदवारों को उनके गृह राज्य में काम करने का बेहतरीन अवसर मिल सकता है।
पात्रता मापदंड (Eligibility Criteria)
इस बंपर भर्ती का हिस्सा बनने के लिए उम्मीदवारों को बैंक द्वारा निर्धारित कुछ शैक्षणिक और आयु संबंधी योग्यताओं को पूरा करना होगा, जो इस प्रकार हैं:
1. शैक्षणिक योग्यता (Educational Qualification)
उम्मीदवार के पास भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त किसी भी विश्वविद्यालय या संस्थान से किसी भी विषय (Stream) में स्नातक की डिग्री (Graduate Degree) होना अनिवार्य है। इसके अलावा, उम्मीदवार को उस राज्य की स्थानीय भाषा (Local Language) का अच्छा ज्ञान (पढ़ना, लिखना और बोलना) होना चाहिए, जहां से वह आवेदन कर रहा है।
2. आयु सीमा (Age Limit)
इस भर्ती के लिए न्यूनतम और अधिकतम आयु सीमा का निर्धारण बैंक के नियमों और अप्रेंटिसशिप एक्ट के तहत किया गया है। सामान्य वर्ग के युवाओं के लिए आयु सीमा का विस्तृत विवरण मुख्य विज्ञापन में देखा जा सकता है। इसके साथ ही, आरक्षित वर्गों (जैसे OBC, SC, ST और PwBD) के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में नियमानुसार छूट प्रदान की जाएगी।
चयन प्रक्रिया (Selection Procedure)
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में अप्रेंटिस के पद पर चयन पूरी तरह से पारदर्शी और योग्यता के आधार पर किया जाएगा। इसकी चयन प्रक्रिया मुख्य रूप से निम्नलिखित चरणों पर आधारित होगी:
ऑनलाइन लिखित परीक्षा: उम्मीदवारों को सबसे पहले एक ऑनलाइन वस्तुनिष्ठ (Objective) परीक्षा से गुजरना होगा, जिसमें सामान्य जागरूकता, बैंकिंग ज्ञान, अंग्रेजी, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड और रीजनिंग से जुड़े सवाल पूछे जा सकते हैं।
स्थानीय भाषा परीक्षा (Local Language Test): लिखित परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों के स्थानीय भाषा के ज्ञान का परीक्षण किया जाएगा।
दस्तावेज सत्यापन (Document Verification): सभी चरणों को सफलतापूर्वक पार करने वाले उम्मीदवारों के मूल दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
चिकित्सीय परीक्षण (Medical Examination): अंतिम चयन से पहले उम्मीदवारों का मेडिकल फिट होना अनिवार्य है।
आवेदन शुल्क (Application Fee)
आवेदन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए उम्मीदवारों को अपनी श्रेणी के अनुसार निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम (Net Banking, Credit/Debit Card, UPI) से करना होगा। शुल्क का विवरण इस प्रकार है:
| श्रेणी (Category) | आवेदन शुल्क (Application Fee) |
|---|---|
| सामान्य / ओबीसी / ईडब्ल्यूएस (Gen / OBC / EWS) | नियमानुसार (आधिकारिक अधिसूचना देखें) |
| अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति (SC / ST) | नियमानुसार (आधिकारिक अधिसूचना देखें) |
| दिव्यांग / महिला उम्मीदवार (PwBD / Female) | नियमानुसार (आधिकारिक अधिसूचना देखें) |
स्टाइपेंड और ट्रेनिंग की अवधि (Stipend & Training Period)
इस भर्ती के तहत चुने गए उम्मीदवारों को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की विभिन्न शाखाओं में अप्रेंटिसशिप एक्ट के तहत प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी।
ट्रेनिंग की अवधि: यह ट्रेनिंग आमतौर पर 1 वर्ष की अवधि के लिए होगी।
स्टाइपेंड (Stipend): ट्रेनिंग के दौरान उम्मीदवारों को हर महीने एक निश्चित आकर्षक स्टाइपेंड (मानदेय) दिया जाएगा, जो उनके दैनिक खर्चों और सीखने की प्रक्रिया को सुगम बनाने में मदद करेगा। यह राशि ग्रामीण, अर्ध-शहरी और शहरी शाखाओं के आधार पर भिन्न हो सकती है।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (How to Apply Online)
यदि आप इस भर्ती के लिए सभी योग्यताओं को पूरा करते हैं, तो आप नीचे दिए गए चरणों का पालन करके अपना ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं:
1. सबसे पहले सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट या अप्रेंटिसशिप पोर्टल (NATS/MAPS) पर जाएं।
2. वेबसाइट के होमपेज पर दिए गए "Careers" या "Recruitment of Apprentices 2026" के लिंक पर क्लिक करें।
3. इसके बाद, "Apply Online" के विकल्प को चुनें और अपना नया रजिस्ट्रेशन करें।
4. रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड की मदद से लॉगिन करें और आवेदन फॉर्म में पूछी गई सभी व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारियों को ध्यानपूर्वक भरें।
5. अपने आवश्यक दस्तावेज जैसे- फोटो, सिग्नेचर, और मार्कशीट को निर्धारित साइज और फॉर्मेट में स्कैन करके अपलोड करें।
6. अपनी श्रेणी के अनुसार आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें।
7. फॉर्म को फाइनल सबमिट करने से पहले एक बार सभी जानकारियों को अच्छी तरह रीचेक कर लें।
8. सफलतापूर्वक सबमिट होने के बाद, भविष्य के संदर्भ के लिए अपने भरे हुए आवेदन फॉर्म और फीस रसीद का प्रिंटआउट निकालकर अपने पास सुरक्षित रख लें।

AIIMS CRE 2026: ग्रुप B और C पदों पर बंपर भर्ती, तुरंत करें अप्लाई!
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ने कॉमन रिक्रूटमेंट एग्जाम (CRE-AIIMS 2026) के तहत विभिन्न ग्रुप B और C पदों पर भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। योग्य व इच्छुक उम्मीदवार 13 जून 2026 से 3 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। देश के प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थान में सरकारी नौकरी पाने का यह एक सुनहरा अवसर है।
खबर का निचोड़ (Summary)
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ने कॉमन रिक्रूटमेंट एग्जाम (CRE-AIIMS 2026) के तहत विभिन्न ग्रुप B और C पदों पर भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। योग्य व इच्छुक उम्मीदवार 13 जून 2026 से 3 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। देश के प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थान में सरकारी नौकरी पाने का यह एक सुनहरा अवसर है।
AIIMS CRE Recruitment 2026: देश के सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थान में सरकारी नौकरी का सुनहरा मौका
अगर आपका सपना स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बेहतरीन और सुरक्षित सरकारी नौकरी पाने का है, तो आपके लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी आ चुकी है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ने विभिन्न ग्रुप B (Group B) और ग्रुप C (Group C) पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना (Notification) जारी कर दी है। यह भर्ती कॉमन रिक्रूटमेंट एग्जाम फॉर एम्स (CRE-AIIMS 2026) के माध्यम से की जा रही है, जिसका मतलब है कि एक ही परीक्षा के जरिए आपको एम्स के विभिन्न संस्थानों में काम करने का मौका मिल सकता है।
इस भर्ती प्रक्रिया के शुरू होते ही देश भर के युवाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। अगर आप भी इस बेहतरीन अवसर का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आवेदन करने से पहले इस भर्ती से जुड़ी हर छोटी-बड़ी और महत्वपूर्ण जानकारी को ध्यान से समझ लें।
महत्वपूर्ण तिथियां (Important Dates)
इस वैकेंसी के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम समय की तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए समय रहते अपना फॉर्म भर लें।
आवेदन शुरू होने की तिथि: 13 जून 2026
आवेदन करने की अंतिम तिथि: 03 जुलाई 2026
परीक्षा की तिथि: नोटिफिकेशन के अनुसार बाद में घोषित की जाएगी।
पद और श्रेणी का विवरण (Post & Category Details)
CRE-AIIMS 2026 के तहत ग्रुप 'B' और ग्रुप 'C' के प्रशासनिक, तकनीकी और पैरामेडिकल स्टाफ सहित कई अलग-अलग श्रेणियों के पदों को भरा जाना है। इसमें निम्नलिखित लोकप्रिय पद शामिल हो सकते हैं:
1. प्रशासनिक पद: जैसे असिस्टेंट एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर, जूनियर प्रशासनिक सहायक आदि।
2. तकनीकी और लैब पद: लैब तकनीशियन, ओटी तकनीशियन, और फार्मासिस्ट।
3. अन्य पद: स्टोर कीपर, क्लर्क, और विभिन्न सहायक पद।
> नोट: प्रत्येक पद के लिए रिक्तियों की सटीक संख्या और विस्तृत श्रेणी-वार (General, OBC, SC, ST, EWS) विवरण आधिकारिक एम्स पोर्टल पर उपलब्ध विस्तृत नोटिफिकेशन में देखा जा सकता है।
>
शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा (Eligibility & Age Limit)
चूंकि इस भर्ती में दर्जनों अलग-अलग प्रकार के पद शामिल हैं, इसलिए शैक्षणिक योग्यता भी पदों के अनुसार अलग-अलग निर्धारित की गई है:
शैक्षणिक योग्यता: कुछ पदों के लिए न्यूनतम योग्यता 10वीं/12वीं पास है, जबकि तकनीकी और प्रशासनिक पदों के लिए संबंधित विषय में डिग्री, डिप्लोमा या ग्रेजुएशन होना अनिवार्य है।
आयु सीमा: आमतौर पर न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 27 से 30 वर्ष (पदों के अनुसार) तय की गई है।
आयु सीमा में छूट: सरकारी नियमों के मुताबिक ओबीसी (OBC), एससी/एसटी (SC/ST) और पीडब्ल्यूबीडी (PwBD) उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में उचित छूट दी जाएगी।
चयन प्रक्रिया (Selection Procedure)
AIIMS CRE 2026 में चयन पूरी तरह से पारदर्शिता और योग्यता के आधार पर किया जाएगा। इसकी चयन प्रक्रिया मुख्य रूप से निम्नलिखित चरणों पर आधारित होगी:
कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT): सभी आवेदकों को सबसे पहले एक ऑनलाइन लिखित परीक्षा से गुजरना होगा। इसमें सामान्य ज्ञान, रीजनिंग, गणित और संबंधित पद के विषय से जुड़े सवाल पूछे जा सकते हैं।
कौशल परीक्षण (Skill Test): कुछ विशिष्ट पदों (जैसे डेटा एंट्री ऑपरेटर, क्लर्क या स्टेनो) के लिए टाइपिंग या स्किल टेस्ट का आयोजन किया जाएगा।
दस्तावेज सत्यापन (Document Verification): लिखित परीक्षा और स्किल टेस्ट में सफल होने वाले उम्मीदवारों को अपने ओरिजिनल डाक्यूमेंट्स की जांच के लिए बुलाया जाएगा।
चिकित्सीय परीक्षण (Medical Examination): अंतिम रूप से चयनित होने के लिए उम्मीदवार का शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना अनिवार्य है।
आवेदन शुल्क (Application Fee)
आवेदन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए उम्मीदवारों को अपनी श्रेणी के अनुसार निर्धारित शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम (नेट बैंकिंग, क्रेडिट/डेबिट कार्ड या यूपीआई) से करना होगा:
| श्रेणी (Category) | अनुमानित आवेदन शुल्क (Application Fee) |
|---|---|
| सामान्य / ओबीसी (General / OBC) | आधिकारिक पोर्टल के अनुसार देय |
| एससी / एसटी / ईडब्ल्यूएस (SC / ST / EWS) | नियमानुसार छूट के साथ देय |
| दिव्यांगजन (PwBD) | निःशुल्क / छूट प्राप्त |
वेतनमान और भत्ते (Pay Scale & Perks)
एम्स में नौकरी करने का सबसे बड़ा आकर्षण वहां मिलने वाली बेहतरीन सैलरी और भत्ते हैं। ग्रुप B और C के पदों के लिए 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के तहत शानदार पे-मैट्रिक्स तय किया गया है:
ग्रुप B पद: इन पदों के लिए शुरुआती मूल वेतन काफी आकर्षक होता है, जिसमें ग्रेड पे के साथ-साथ महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और मेडिकल सुविधाएं शामिल होती हैं।
ग्रुप C पद: इन पदों पर भी सम्मानजनक वेतनमान के साथ केंद्र सरकार के कर्मचारियों को मिलने वाले सभी बुनियादी लाभ दिए जाते हैं।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (How to Apply Online)
यदि आप इन पदों के लिए सभी पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं, तो आप नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके अपना आवेदन फॉर्म भर सकते हैं:
1. सबसे पहले AIIMS की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या CRE-AIIMS के आधिकारिक रिक्रूटमेंट पोर्टल को ओपन करें।
2. होमपेज पर उपलब्ध "CRE-AIIMS 2026 Online Application" लिंक पर क्लिक करें।
3. अपना बेसिक विवरण (नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी) दर्ज करके नया रजिस्ट्रेशन (New Registration) करें।
4. रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड की मदद से लॉग इन करें।
5. एप्लिकेशन फॉर्म में अपनी शैक्षणिक योग्यता, व्यक्तिगत जानकारी और पद का विकल्प ध्यानपूर्वक भरें।
6. अपने जरूरी दस्तावेज जैसे - पासपोर्ट साइज फोटो, सिग्नेचर और बाएं हाथ के अंगूठे का निशान स्कैन करके अपलोड करें।
7. अपनी कैटेगरी के अनुसार आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें।
8. फॉर्म को फाइनल सबमिट करने से पहले एक बार पूरी तरह रीचेक कर लें और भविष्य के संदर्भ के लिए फाइनल प्रिंटआउट निकालकर अपने पास सुरक्षित रख लें।

जोरहाट में IAF का AN-32 क्रैश: 5 जवान शहीद, को-पायलट सुरक्षित
असम के जोरहाट में भारतीय वायुसेना का एक AN-32 मालवाहक विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दर्दनाक हादसे में वायुसेना के 5 जांबाज जवानों की मौत हो गई, जबकि को-पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया है। आपूर्ति सामग्री ले जा रहे इस विमान में क्रैश के बाद भीषण आग लग गई थी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस त्रासदी पर गहरा शोक व्यक्त किया है। हादसे के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए 'कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी' के आदेश दे दिए गए हैं।
खबर का निचोड़ (Summary)
असम के जोरहाट में भारतीय वायुसेना का एक AN-32 मालवाहक विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दर्दनाक हादसे में वायुसेना के 5 जांबाज जवानों की मौत हो गई, जबकि को-पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया है। आपूर्ति सामग्री ले जा रहे इस विमान में क्रैश के बाद भीषण आग लग गई थी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस त्रासदी पर गहरा शोक व्यक्त किया है। हादसे के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए 'कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी' के आदेश दे दिए गए हैं।
मुख्य लेख: आसमान का वो 'सिकंदर' जो असम की वादियों में खाक हो गया
आसमान में उड़ते लोहे के विशाल परिंदे जब अपनों को खोकर जमीन पर गिरते हैं, तो पूरे देश का दिल दहल जाता है। असम के जोरहाट से आई एक दिल दहला देने वाली खबर ने आज फिर पूरे देश को गमगीन कर दिया है। भारतीय वायुसेना (IAF) का रीढ़ माना जाने वाला AN-32 परिवहन विमान लैंडिंग के वक्त एक भीषण हादसे का शिकार हो गया। इस दुखद दुर्घटना में हमने अपने 5 जांबाज योद्धाओं को खो दिया, जो आखिरी सांस तक देश की सेवा में मुस्तैद थे। हालांकि, इस घने अंधेरे के बीच एक राहत भरी खबर यह रही कि विमान के को-पायलट को चमत्कारिक रूप से सुरक्षित बचा लिया गया है।
आग का गोला बना विमान, रोंगटे खड़े कर देने वाला मंजर
चश्मदीदों और शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, यह विमान रूटीन सप्लाई (आपूर्ति सामग्री) लेकर जा रहा था। जैसे ही विमान ने जोरहाट एयरबेस पर लैंड करने की कोशिश की, कुछ ऐसा हुआ जिसने पल भर में सब कुछ बदल कर रख दिया। लैंडिंग के दौरान विमान असंतुलित होकर क्रैश हो गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि देखते ही देखते विमान मलबे में तब्दील हो गया और उसमें भीषण आग लग गई। आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया। राहत और बचाव दल ने तुरंत मोर्चा संभाला, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि 5 जवानों को बचाया नहीं जा सका। को-पायलट को गंभीर हालत में मलबे से बाहर निकाला गया और तुरंत मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
रक्षा मंत्री सहित पूरे देश ने जताया शोक
इस राष्ट्रीय क्षति पर देश के नेताओं और सैन्य अधिकारियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शहीद जवानों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा:
> "जोरहाट में वायुसेना के विमान हादसे में हमारे बहादुर जवानों की जान जाने से मैं बेहद स्तब्ध और दुखी हूँ। देश इन शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को कभी नहीं भूलेगा। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। घायल को-पायलट के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूँ।"
>
इसके साथ ही वायुसेना प्रमुख और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस घटना पर शोक जताया है और शहीदों के परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
जोरहाट: जहां मौसम और भूगोल बनते हैं 'काल'
पूर्वोत्तर भारत, खासकर असम का जोरहाट इलाका विमानन (Aviation) के लिए दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में से एक माना जाता है। यहाँ का भूगोल बेहद दुर्गम है—चारों तरफ घने जंगल, ऊंची पहाड़ियां और अप्रत्याशित रूप से बदलने वाला मौसम। यहाँ मिनटों में धूप गायब हो जाती है और घना कोहरा या भारी बारिश शुरू हो जाती है, जिससे विजिबिलिटी (दृश्यता) अचानक शून्य के करीब पहुंच जाती है। पायलटों के लिए ऐसे माहौल में विमान को संभालना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होता। क्या इस बार भी मौसम ने धोखा दिया? या फिर कोई तकनीकी खराबी थी? यह अब सबसे बड़ा सवाल है।
AN-32 का सुरक्षा रिकॉर्ड: एक चिंताजनक इतिहास
इस हादसे ने एक बार फिर भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल AN-32 विमानों के सुरक्षा रिकॉर्ड पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। एंटोनोव-32 (AN-32) सोवियत मूल का एक ट्विन-इंजन टैक्टिकल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट है, जिसे वायुसेना पिछले कई दशकों से दुर्गम इलाकों में रसद और जवान पहुंचाने के लिए इस्तेमाल कर रही है। इसे 'वायुसेना का वर्कहॉर्स' कहा जाता है। लेकिन बीते वर्षों में इसके क्रैश होने के कई मामले सामने आ चुके हैं:
साल 2009: अरुणाचल प्रदेश में एक AN-32 क्रैश हुआ था, जिसमें 13 रक्षा कर्मियों की जान गई थी।
साल 2016: चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर जा रहा एक AN-32 विमान बंगाल की खाड़ी के ऊपर लापता हो गया था, जिसमें 29 लोग सवार थे। उसका मलबा सालों बाद मिला।
साल 2019: अरुणाचल के घने जंगलों में एक और AN-32 दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें 13 जवानों ने अपनी जान गंवाई थी।
बार-बार हो रहे इन हादसों के कारण अब इन विमानों के अपग्रेडेशन और इनके विकल्प को लेकर रक्षा गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
जांच के घेरे में हादसा: 'कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी' के आदेश
वायुसेना मुख्यालय ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। हादसे की असल वजह क्या थी—क्या यह कोई मानवीय भूल थी, अचानक आई तकनीकी खराबी थी, या फिर जोरहाट के खतरनाक मौसम का कोई क्रूर खेल था? इन तमाम पहलुओं की बारीकी से जांच करने के लिए 'कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी' (Court of Inquiry) के आदेश दे दिए गए हैं। विमान के 'ब्लैक बॉक्स' (फ़्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर) को तलाशने की कोशिश की जा रही है, ताकि क्रैश के आखिरी पलों की पूरी कहानी साफ हो सके।
यह हादसा हमें याद दिलाता है कि हमारे सैनिक न सिर्फ सीमाओं पर दुश्मनों से लड़ते हैं, बल्कि देश की संप्रभुता को बनाए रखने के लिए हर दिन प्रकृति के सबसे क्रूर रूपों और तकनीकी चुनौतियों से भी दो-दो हाथ करते हैं। देश के इन 5 शहीदों को शत-शत नमन।
PAWAN PANGHAL
Founder & Editor-in-Chief
B.sc , M.A ( Hindi Literature ) , PGDT