
CBI Apprentice Recruitment 2026: बैंकिंग सेक्टर में 4500 पदों पर बंपर भर्ती, तुरंत करें अप्लाई!
Central Bank of India (CBI) ने साल 2026 के लिए अप्रेंटिस के 4500 पदों पर बंपर वैकेंसी निकाली है। योग्य व इच्छुक उम्मीदवार 12 जून 2026 से 22 जून 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। बैंकिंग क्षेत्र में करियर बनाने और बेहतरीन स्टाइपेंड के साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पाने का यह एक सुनहरा मौका है।
Central Bank of India (CBI) ने साल 2026 के लिए अप्रेंटिस के 4500 पदों पर बंपर वैकेंसी निकाली है। योग्य व इच्छुक उम्मीदवार 12 जून 2026 से 22 जून 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। बैंकिंग क्षेत्र में करियर बनाने और बेहतरीन स्टाइपेंड के साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पाने का यह एक सुनहरा मौका है।
Central Bank of India Apprentice Recruitment 2026: विस्तृत लेख
बैंकिंग क्षेत्र में अपना शानदार करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक बेहद बड़ी और खुशखबरी वाली खबर सामने आई है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (CBI) ने अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग के लिए एक नया आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती अभियान के तहत देश भर में कुल 4500 खाली पदों को भरा जाएगा। अगर आप भी किसी प्रतिष्ठित सरकारी बैंक के साथ जुड़कर काम करने का अनुभव हासिल करना चाहते हैं, तो यह मौका आपके हाथ से छूटना नहीं चाहिए।
इस भर्ती की सबसे खास बात यह है कि इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन उम्मीदवारों को ध्यान रखना होगा कि आवेदन करने के लिए समय बहुत ही सीमित दिया गया है। आइए इस भर्ती से जुड़ी हर छोटी-बड़ी और महत्वपूर्ण जानकारी को विस्तार से जानते हैं, ताकि आप बिना किसी गलती के अपना आवेदन समय पर पूरा कर सकें।
महत्वपूर्ण तिथियां (Important Dates)
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया अप्रेंटिस भर्ती 2026 के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को समय सीमा का विशेष ध्यान रखना होगा। बैंक द्वारा जारी किए गए शेड्यूल के अनुसार महत्वपूर्ण तारीखें निम्नलिखित हैं:
आवेदन शुरू होने की तिथि: 12 जून 2026
ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि: 22 जून 2026
आवेदन शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि: 22 जून 2026
परीक्षा की तिथि: नोटिफिकेशन के अनुसार जल्द ही घोषित की जाएगी।
> विशेष नोट: आवेदन करने के लिए केवल 10 दिनों का समय दिया गया है। अंतिम समय में वेबसाइट पर आने वाले हैवी ट्रैफिक और तकनीकी समस्याओं से बचने के लिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आखिरी तारीख का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द अपना फॉर्म भर लें।
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रिक्तियों का विवरण और पद (Vacancy Details)
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने इस बार बड़े पैमाने पर नियुक्तियां निकालने का फैसला किया है। इस भर्ती के माध्यम से कुल 4500 अप्रेंटिस पदों को भरा जाएगा। इन पदों को देश के विभिन्न राज्यों, क्षेत्रों और शाखाओं के अनुसार विभाजित किया गया है। स्थानीय भाषा की समझ रखने वाले उम्मीदवारों को उनके गृह राज्य में काम करने का बेहतरीन अवसर मिल सकता है।
पात्रता मापदंड (Eligibility Criteria)
इस बंपर भर्ती का हिस्सा बनने के लिए उम्मीदवारों को बैंक द्वारा निर्धारित कुछ शैक्षणिक और आयु संबंधी योग्यताओं को पूरा करना होगा, जो इस प्रकार हैं:
1. शैक्षणिक योग्यता (Educational Qualification)
उम्मीदवार के पास भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त किसी भी विश्वविद्यालय या संस्थान से किसी भी विषय (Stream) में स्नातक की डिग्री (Graduate Degree) होना अनिवार्य है। इसके अलावा, उम्मीदवार को उस राज्य की स्थानीय भाषा (Local Language) का अच्छा ज्ञान (पढ़ना, लिखना और बोलना) होना चाहिए, जहां से वह आवेदन कर रहा है।
2. आयु सीमा (Age Limit)
इस भर्ती के लिए न्यूनतम और अधिकतम आयु सीमा का निर्धारण बैंक के नियमों और अप्रेंटिसशिप एक्ट के तहत किया गया है। सामान्य वर्ग के युवाओं के लिए आयु सीमा का विस्तृत विवरण मुख्य विज्ञापन में देखा जा सकता है। इसके साथ ही, आरक्षित वर्गों (जैसे OBC, SC, ST और PwBD) के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में नियमानुसार छूट प्रदान की जाएगी।
चयन प्रक्रिया (Selection Procedure)
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में अप्रेंटिस के पद पर चयन पूरी तरह से पारदर्शी और योग्यता के आधार पर किया जाएगा। इसकी चयन प्रक्रिया मुख्य रूप से निम्नलिखित चरणों पर आधारित होगी:
ऑनलाइन लिखित परीक्षा: उम्मीदवारों को सबसे पहले एक ऑनलाइन वस्तुनिष्ठ (Objective) परीक्षा से गुजरना होगा, जिसमें सामान्य जागरूकता, बैंकिंग ज्ञान, अंग्रेजी, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड और रीजनिंग से जुड़े सवाल पूछे जा सकते हैं।
स्थानीय भाषा परीक्षा (Local Language Test): लिखित परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों के स्थानीय भाषा के ज्ञान का परीक्षण किया जाएगा।
दस्तावेज सत्यापन (Document Verification): सभी चरणों को सफलतापूर्वक पार करने वाले उम्मीदवारों के मूल दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
चिकित्सीय परीक्षण (Medical Examination): अंतिम चयन से पहले उम्मीदवारों का मेडिकल फिट होना अनिवार्य है।
आवेदन शुल्क (Application Fee)
आवेदन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए उम्मीदवारों को अपनी श्रेणी के अनुसार निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम (Net Banking, Credit/Debit Card, UPI) से करना होगा। शुल्क का विवरण इस प्रकार है:
| श्रेणी (Category) | आवेदन शुल्क (Application Fee) |
|---|---|
| सामान्य / ओबीसी / ईडब्ल्यूएस (Gen / OBC / EWS) | नियमानुसार (आधिकारिक अधिसूचना देखें) |
| अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति (SC / ST) | नियमानुसार (आधिकारिक अधिसूचना देखें) |
| दिव्यांग / महिला उम्मीदवार (PwBD / Female) | नियमानुसार (आधिकारिक अधिसूचना देखें) |
स्टाइपेंड और ट्रेनिंग की अवधि (Stipend & Training Period)
इस भर्ती के तहत चुने गए उम्मीदवारों को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की विभिन्न शाखाओं में अप्रेंटिसशिप एक्ट के तहत प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी।
ट्रेनिंग की अवधि: यह ट्रेनिंग आमतौर पर 1 वर्ष की अवधि के लिए होगी।
स्टाइपेंड (Stipend): ट्रेनिंग के दौरान उम्मीदवारों को हर महीने एक निश्चित आकर्षक स्टाइपेंड (मानदेय) दिया जाएगा, जो उनके दैनिक खर्चों और सीखने की प्रक्रिया को सुगम बनाने में मदद करेगा। यह राशि ग्रामीण, अर्ध-शहरी और शहरी शाखाओं के आधार पर भिन्न हो सकती है।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (How to Apply Online)
यदि आप इस भर्ती के लिए सभी योग्यताओं को पूरा करते हैं, तो आप नीचे दिए गए चरणों का पालन करके अपना ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं:
1. सबसे पहले सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट या अप्रेंटिसशिप पोर्टल (NATS/MAPS) पर जाएं।
2. वेबसाइट के होमपेज पर दिए गए "Careers" या "Recruitment of Apprentices 2026" के लिंक पर क्लिक करें।
3. इसके बाद, "Apply Online" के विकल्प को चुनें और अपना नया रजिस्ट्रेशन करें।
4. रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड की मदद से लॉगिन करें और आवेदन फॉर्म में पूछी गई सभी व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारियों को ध्यानपूर्वक भरें।
5. अपने आवश्यक दस्तावेज जैसे- फोटो, सिग्नेचर, और मार्कशीट को निर्धारित साइज और फॉर्मेट में स्कैन करके अपलोड करें।
6. अपनी श्रेणी के अनुसार आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें।
7. फॉर्म को फाइनल सबमिट करने से पहले एक बार सभी जानकारियों को अच्छी तरह रीचेक कर लें।
8. सफलतापूर्वक सबमिट होने के बाद, भविष्य के संदर्भ के लिए अपने भरे हुए आवेदन फॉर्म और फीस रसीद का प्रिंटआउट निकालकर अपने पास सुरक्षित रख लें।

AIIMS CRE 2026: ग्रुप B और C पदों पर बंपर भर्ती, तुरंत करें अप्लाई!
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ने कॉमन रिक्रूटमेंट एग्जाम (CRE-AIIMS 2026) के तहत विभिन्न ग्रुप B और C पदों पर भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। योग्य व इच्छुक उम्मीदवार 13 जून 2026 से 3 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। देश के प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थान में सरकारी नौकरी पाने का यह एक सुनहरा अवसर है।
खबर का निचोड़ (Summary)
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ने कॉमन रिक्रूटमेंट एग्जाम (CRE-AIIMS 2026) के तहत विभिन्न ग्रुप B और C पदों पर भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। योग्य व इच्छुक उम्मीदवार 13 जून 2026 से 3 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। देश के प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थान में सरकारी नौकरी पाने का यह एक सुनहरा अवसर है।
AIIMS CRE Recruitment 2026: देश के सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थान में सरकारी नौकरी का सुनहरा मौका
अगर आपका सपना स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बेहतरीन और सुरक्षित सरकारी नौकरी पाने का है, तो आपके लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी आ चुकी है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ने विभिन्न ग्रुप B (Group B) और ग्रुप C (Group C) पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना (Notification) जारी कर दी है। यह भर्ती कॉमन रिक्रूटमेंट एग्जाम फॉर एम्स (CRE-AIIMS 2026) के माध्यम से की जा रही है, जिसका मतलब है कि एक ही परीक्षा के जरिए आपको एम्स के विभिन्न संस्थानों में काम करने का मौका मिल सकता है।
इस भर्ती प्रक्रिया के शुरू होते ही देश भर के युवाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। अगर आप भी इस बेहतरीन अवसर का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आवेदन करने से पहले इस भर्ती से जुड़ी हर छोटी-बड़ी और महत्वपूर्ण जानकारी को ध्यान से समझ लें।
महत्वपूर्ण तिथियां (Important Dates)
इस वैकेंसी के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम समय की तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए समय रहते अपना फॉर्म भर लें।
आवेदन शुरू होने की तिथि: 13 जून 2026
आवेदन करने की अंतिम तिथि: 03 जुलाई 2026
परीक्षा की तिथि: नोटिफिकेशन के अनुसार बाद में घोषित की जाएगी।
पद और श्रेणी का विवरण (Post & Category Details)
CRE-AIIMS 2026 के तहत ग्रुप 'B' और ग्रुप 'C' के प्रशासनिक, तकनीकी और पैरामेडिकल स्टाफ सहित कई अलग-अलग श्रेणियों के पदों को भरा जाना है। इसमें निम्नलिखित लोकप्रिय पद शामिल हो सकते हैं:
1. प्रशासनिक पद: जैसे असिस्टेंट एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर, जूनियर प्रशासनिक सहायक आदि।
2. तकनीकी और लैब पद: लैब तकनीशियन, ओटी तकनीशियन, और फार्मासिस्ट।
3. अन्य पद: स्टोर कीपर, क्लर्क, और विभिन्न सहायक पद।
> नोट: प्रत्येक पद के लिए रिक्तियों की सटीक संख्या और विस्तृत श्रेणी-वार (General, OBC, SC, ST, EWS) विवरण आधिकारिक एम्स पोर्टल पर उपलब्ध विस्तृत नोटिफिकेशन में देखा जा सकता है।
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शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा (Eligibility & Age Limit)
चूंकि इस भर्ती में दर्जनों अलग-अलग प्रकार के पद शामिल हैं, इसलिए शैक्षणिक योग्यता भी पदों के अनुसार अलग-अलग निर्धारित की गई है:
शैक्षणिक योग्यता: कुछ पदों के लिए न्यूनतम योग्यता 10वीं/12वीं पास है, जबकि तकनीकी और प्रशासनिक पदों के लिए संबंधित विषय में डिग्री, डिप्लोमा या ग्रेजुएशन होना अनिवार्य है।
आयु सीमा: आमतौर पर न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 27 से 30 वर्ष (पदों के अनुसार) तय की गई है।
आयु सीमा में छूट: सरकारी नियमों के मुताबिक ओबीसी (OBC), एससी/एसटी (SC/ST) और पीडब्ल्यूबीडी (PwBD) उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में उचित छूट दी जाएगी।
चयन प्रक्रिया (Selection Procedure)
AIIMS CRE 2026 में चयन पूरी तरह से पारदर्शिता और योग्यता के आधार पर किया जाएगा। इसकी चयन प्रक्रिया मुख्य रूप से निम्नलिखित चरणों पर आधारित होगी:
कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT): सभी आवेदकों को सबसे पहले एक ऑनलाइन लिखित परीक्षा से गुजरना होगा। इसमें सामान्य ज्ञान, रीजनिंग, गणित और संबंधित पद के विषय से जुड़े सवाल पूछे जा सकते हैं।
कौशल परीक्षण (Skill Test): कुछ विशिष्ट पदों (जैसे डेटा एंट्री ऑपरेटर, क्लर्क या स्टेनो) के लिए टाइपिंग या स्किल टेस्ट का आयोजन किया जाएगा।
दस्तावेज सत्यापन (Document Verification): लिखित परीक्षा और स्किल टेस्ट में सफल होने वाले उम्मीदवारों को अपने ओरिजिनल डाक्यूमेंट्स की जांच के लिए बुलाया जाएगा।
चिकित्सीय परीक्षण (Medical Examination): अंतिम रूप से चयनित होने के लिए उम्मीदवार का शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना अनिवार्य है।
आवेदन शुल्क (Application Fee)
आवेदन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए उम्मीदवारों को अपनी श्रेणी के अनुसार निर्धारित शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम (नेट बैंकिंग, क्रेडिट/डेबिट कार्ड या यूपीआई) से करना होगा:
| श्रेणी (Category) | अनुमानित आवेदन शुल्क (Application Fee) |
|---|---|
| सामान्य / ओबीसी (General / OBC) | आधिकारिक पोर्टल के अनुसार देय |
| एससी / एसटी / ईडब्ल्यूएस (SC / ST / EWS) | नियमानुसार छूट के साथ देय |
| दिव्यांगजन (PwBD) | निःशुल्क / छूट प्राप्त |
वेतनमान और भत्ते (Pay Scale & Perks)
एम्स में नौकरी करने का सबसे बड़ा आकर्षण वहां मिलने वाली बेहतरीन सैलरी और भत्ते हैं। ग्रुप B और C के पदों के लिए 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के तहत शानदार पे-मैट्रिक्स तय किया गया है:
ग्रुप B पद: इन पदों के लिए शुरुआती मूल वेतन काफी आकर्षक होता है, जिसमें ग्रेड पे के साथ-साथ महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और मेडिकल सुविधाएं शामिल होती हैं।
ग्रुप C पद: इन पदों पर भी सम्मानजनक वेतनमान के साथ केंद्र सरकार के कर्मचारियों को मिलने वाले सभी बुनियादी लाभ दिए जाते हैं।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (How to Apply Online)
यदि आप इन पदों के लिए सभी पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं, तो आप नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके अपना आवेदन फॉर्म भर सकते हैं:
1. सबसे पहले AIIMS की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या CRE-AIIMS के आधिकारिक रिक्रूटमेंट पोर्टल को ओपन करें।
2. होमपेज पर उपलब्ध "CRE-AIIMS 2026 Online Application" लिंक पर क्लिक करें।
3. अपना बेसिक विवरण (नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी) दर्ज करके नया रजिस्ट्रेशन (New Registration) करें।
4. रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड की मदद से लॉग इन करें।
5. एप्लिकेशन फॉर्म में अपनी शैक्षणिक योग्यता, व्यक्तिगत जानकारी और पद का विकल्प ध्यानपूर्वक भरें।
6. अपने जरूरी दस्तावेज जैसे - पासपोर्ट साइज फोटो, सिग्नेचर और बाएं हाथ के अंगूठे का निशान स्कैन करके अपलोड करें।
7. अपनी कैटेगरी के अनुसार आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें।
8. फॉर्म को फाइनल सबमिट करने से पहले एक बार पूरी तरह रीचेक कर लें और भविष्य के संदर्भ के लिए फाइनल प्रिंटआउट निकालकर अपने पास सुरक्षित रख लें।

जोरहाट में IAF का AN-32 क्रैश: 5 जवान शहीद, को-पायलट सुरक्षित
असम के जोरहाट में भारतीय वायुसेना का एक AN-32 मालवाहक विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दर्दनाक हादसे में वायुसेना के 5 जांबाज जवानों की मौत हो गई, जबकि को-पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया है। आपूर्ति सामग्री ले जा रहे इस विमान में क्रैश के बाद भीषण आग लग गई थी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस त्रासदी पर गहरा शोक व्यक्त किया है। हादसे के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए 'कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी' के आदेश दे दिए गए हैं।
खबर का निचोड़ (Summary)
असम के जोरहाट में भारतीय वायुसेना का एक AN-32 मालवाहक विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दर्दनाक हादसे में वायुसेना के 5 जांबाज जवानों की मौत हो गई, जबकि को-पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया है। आपूर्ति सामग्री ले जा रहे इस विमान में क्रैश के बाद भीषण आग लग गई थी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस त्रासदी पर गहरा शोक व्यक्त किया है। हादसे के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए 'कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी' के आदेश दे दिए गए हैं।
मुख्य लेख: आसमान का वो 'सिकंदर' जो असम की वादियों में खाक हो गया
आसमान में उड़ते लोहे के विशाल परिंदे जब अपनों को खोकर जमीन पर गिरते हैं, तो पूरे देश का दिल दहल जाता है। असम के जोरहाट से आई एक दिल दहला देने वाली खबर ने आज फिर पूरे देश को गमगीन कर दिया है। भारतीय वायुसेना (IAF) का रीढ़ माना जाने वाला AN-32 परिवहन विमान लैंडिंग के वक्त एक भीषण हादसे का शिकार हो गया। इस दुखद दुर्घटना में हमने अपने 5 जांबाज योद्धाओं को खो दिया, जो आखिरी सांस तक देश की सेवा में मुस्तैद थे। हालांकि, इस घने अंधेरे के बीच एक राहत भरी खबर यह रही कि विमान के को-पायलट को चमत्कारिक रूप से सुरक्षित बचा लिया गया है।
आग का गोला बना विमान, रोंगटे खड़े कर देने वाला मंजर
चश्मदीदों और शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, यह विमान रूटीन सप्लाई (आपूर्ति सामग्री) लेकर जा रहा था। जैसे ही विमान ने जोरहाट एयरबेस पर लैंड करने की कोशिश की, कुछ ऐसा हुआ जिसने पल भर में सब कुछ बदल कर रख दिया। लैंडिंग के दौरान विमान असंतुलित होकर क्रैश हो गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि देखते ही देखते विमान मलबे में तब्दील हो गया और उसमें भीषण आग लग गई। आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया। राहत और बचाव दल ने तुरंत मोर्चा संभाला, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि 5 जवानों को बचाया नहीं जा सका। को-पायलट को गंभीर हालत में मलबे से बाहर निकाला गया और तुरंत मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
रक्षा मंत्री सहित पूरे देश ने जताया शोक
इस राष्ट्रीय क्षति पर देश के नेताओं और सैन्य अधिकारियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शहीद जवानों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा:
> "जोरहाट में वायुसेना के विमान हादसे में हमारे बहादुर जवानों की जान जाने से मैं बेहद स्तब्ध और दुखी हूँ। देश इन शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को कभी नहीं भूलेगा। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। घायल को-पायलट के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूँ।"
>
इसके साथ ही वायुसेना प्रमुख और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस घटना पर शोक जताया है और शहीदों के परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
जोरहाट: जहां मौसम और भूगोल बनते हैं 'काल'
पूर्वोत्तर भारत, खासकर असम का जोरहाट इलाका विमानन (Aviation) के लिए दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में से एक माना जाता है। यहाँ का भूगोल बेहद दुर्गम है—चारों तरफ घने जंगल, ऊंची पहाड़ियां और अप्रत्याशित रूप से बदलने वाला मौसम। यहाँ मिनटों में धूप गायब हो जाती है और घना कोहरा या भारी बारिश शुरू हो जाती है, जिससे विजिबिलिटी (दृश्यता) अचानक शून्य के करीब पहुंच जाती है। पायलटों के लिए ऐसे माहौल में विमान को संभालना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होता। क्या इस बार भी मौसम ने धोखा दिया? या फिर कोई तकनीकी खराबी थी? यह अब सबसे बड़ा सवाल है।
AN-32 का सुरक्षा रिकॉर्ड: एक चिंताजनक इतिहास
इस हादसे ने एक बार फिर भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल AN-32 विमानों के सुरक्षा रिकॉर्ड पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। एंटोनोव-32 (AN-32) सोवियत मूल का एक ट्विन-इंजन टैक्टिकल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट है, जिसे वायुसेना पिछले कई दशकों से दुर्गम इलाकों में रसद और जवान पहुंचाने के लिए इस्तेमाल कर रही है। इसे 'वायुसेना का वर्कहॉर्स' कहा जाता है। लेकिन बीते वर्षों में इसके क्रैश होने के कई मामले सामने आ चुके हैं:
साल 2009: अरुणाचल प्रदेश में एक AN-32 क्रैश हुआ था, जिसमें 13 रक्षा कर्मियों की जान गई थी।
साल 2016: चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर जा रहा एक AN-32 विमान बंगाल की खाड़ी के ऊपर लापता हो गया था, जिसमें 29 लोग सवार थे। उसका मलबा सालों बाद मिला।
साल 2019: अरुणाचल के घने जंगलों में एक और AN-32 दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें 13 जवानों ने अपनी जान गंवाई थी।
बार-बार हो रहे इन हादसों के कारण अब इन विमानों के अपग्रेडेशन और इनके विकल्प को लेकर रक्षा गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
जांच के घेरे में हादसा: 'कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी' के आदेश
वायुसेना मुख्यालय ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। हादसे की असल वजह क्या थी—क्या यह कोई मानवीय भूल थी, अचानक आई तकनीकी खराबी थी, या फिर जोरहाट के खतरनाक मौसम का कोई क्रूर खेल था? इन तमाम पहलुओं की बारीकी से जांच करने के लिए 'कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी' (Court of Inquiry) के आदेश दे दिए गए हैं। विमान के 'ब्लैक बॉक्स' (फ़्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर) को तलाशने की कोशिश की जा रही है, ताकि क्रैश के आखिरी पलों की पूरी कहानी साफ हो सके।
यह हादसा हमें याद दिलाता है कि हमारे सैनिक न सिर्फ सीमाओं पर दुश्मनों से लड़ते हैं, बल्कि देश की संप्रभुता को बनाए रखने के लिए हर दिन प्रकृति के सबसे क्रूर रूपों और तकनीकी चुनौतियों से भी दो-दो हाथ करते हैं। देश के इन 5 शहीदों को शत-शत नमन।

बंगाल में महासंग्राम: 19 TMC सांसदों की बगावत, अभिषेक के घर छापा!
पश्चिम बंगाल की राजनीति में भारी भूचाल आ गया है। टीएमसी के 19 बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से खुद को असली गुट घोषित करने और पार्टी चुनाव चिन्ह देने की मांग की है। भाजपा सांसद सीएम रमेश ने इस बगावत में अपनी भूमिका स्वीकारते हुए सांसदों को विकास और जांच एजेंसियों से राहत का भरोसा दिया है। इसी बीच, ईडी ने टीएमसी विधायक मदन मित्रा पर शिकंजा कसा है, जबकि बंगाल पुलिस ने अभिषेक बनर्जी के आवास का ताला तोड़कर छापेमारी की, जिससे राजनीतिक पारा चरम पर पहुंच गया है।
खबर का निचोड़ (Summary)
पश्चिम बंगाल की राजनीति में भारी भूचाल आ गया है। टीएमसी के 19 बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से खुद को असली गुट घोषित करने और पार्टी चुनाव चिन्ह देने की मांग की है। भाजपा सांसद सीएम रमेश ने इस बगावत में अपनी भूमिका स्वीकारते हुए सांसदों को विकास और जांच एजेंसियों से राहत का भरोसा दिया है। इसी बीच, ईडी ने टीएमसी विधायक मदन मित्रा पर शिकंजा कसा है, जबकि बंगाल पुलिस ने अभिषेक बनर्जी के आवास का ताला तोड़कर छापेमारी की, जिससे राजनीतिक पारा चरम पर पहुंच गया है।
मुख्य समाचार: बंगाल राजनीति का सबसे बड़ा तख्तापलट!
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सियासत में इस समय एक ऐसा चक्रवात आया है जिसने दिल्ली से लेकर कोलकाता तक के राजनीतिक गलियारों को हिलाकर रख दिया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर एक बहुत बड़ी बगावत खड़ी हो गई है, जिसने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सत्ता और संगठन की जड़ों को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ जहां पार्टी के भीतर टूट की पटकथा लिखी जा चुकी है, वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय जांच एजेंसियों और राज्य पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई ने इस सियासी ड्रामे को एक थ्रिलर फिल्म में बदल दिया है।
19 सांसदों का विद्रोह: 'हम ही असली टीएमसी'
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब टीएमसी के 19 बागी सांसदों ने एक साथ बगावत का बिगुल फूंक दिया। इन सांसदों ने सीधे लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) का दरवाजा खटखटाया है। बागी गुट ने अध्यक्ष के सामने आधिकारिक तौर पर यह दावा पेश किया है कि सदन में वे ही 'असली' तृणमूल कांग्रेस हैं।
इतना ही नहीं, इस गुट ने पार्टी के आधिकारिक चुनाव चिन्ह (ट्विन फ्लावर्स) पर भी अपना दावा ठोक दिया है। यदि यह दावा कानूनी और तकनीकी रूप से सही साबित होता है, तो यह ममता बनर्जी के लिए अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक झटका होगा। संसद के भीतर टीएमसी का यह विभाजन राष्ट्रीय राजनीति के समीकरणों को पूरी तरह बदल कर रख देगा।
परदे के पीछे 'ऑपरेशन लोटस': सीएम रमेश का बड़ा कुबूलनामा
इस पूरी बगावत की स्क्रिप्ट के पीछे किसका हाथ है, इसको लेकर चल रही अटकलों पर अब पूरी तरह विराम लग चुका है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सांसद सीएम रमेश ने खुलकर सामने आते हुए इस पूरे घटनाक्रम में अपनी सक्रिय भूमिका को स्वीकार कर लिया है।
> "हां, मैं इन सांसदों के संपर्क में हूं और इस पूरे घटनाक्रम में मेरी भूमिका है। सांसदों को उनके क्षेत्रों के विकास और केंद्रीय जांच एजेंसियों से राहत का पूरा आश्वासन दिया जा रहा है।"
> — सीएम रमेश, भाजपा सांसद
>
सीएम रमेश के इस बयान ने साफ कर दिया है कि भाजपा इस मौके का पूरा फायदा उठाने की तैयारी में है। लोकसभा में अपनी सीटों की संख्या (Numbers) को बढ़ाने और मजबूत करने के लिए भाजपा इस रणनीतिक उथल-पुथल का इस्तेमाल कर रही है। सांसदों को यह भरोसा दिलाया जा रहा है कि पाला बदलने के बाद न सिर्फ उनके संसदीय क्षेत्रों को विकास फंड मिलेगा, बल्कि केंद्रीय एजेंसियों के शिकंजे से भी उन्हें राहत मिल सकेगी।
ED की एंट्री: मदन मित्रा के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी
एक तरफ जहां दिल्ली में सांसदों की गोटियां सेट की जा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ बंगाल की धरती पर जांच एजेंसियों का एक्शन मोड शुरू हो चुका है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित 'नगर पालिका भर्ती घोटाले' (Municipality Recruitment Scam) के सिलसिले में टीएमसी के कद्दावर नेता और विधायक मदन मित्रा को अपने निशाने पर ले लिया है।
ईडी की टीमों ने मदन मित्रा के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। अधिकारियों के मुताबिक, इस भर्ती घोटाले में करोड़ों रुपये के लेन-देन और कई प्रभावशाली लोगों के शामिल होने के पुख्ता सबूत मिले हैं। मदन मित्रा, जो पहले भी शारदा चिटफंड घोटाले में जेल जा चुके हैं, के ठिकानों पर हुई इस छापेमारी से टीएमसी खेमे में हड़कंप मच गया है।
अभिषेक बनर्जी के घर का टूटा ताला, मौके पर पहुंचीं ममता
इस पूरे सियासी ड्रामे का सबसे हाई-वोल्टेज और हैरान कर देने वाला नजारा तब देखने को मिला जब पश्चिम बंगाल पुलिस की एक टीम अचानक टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के आवास पर पहुंच गई।
मामला तब और गंभीर हो गया जब पुलिस ने अभिषेक बनर्जी के आवास का ताला तोड़कर भीतर प्रवेश किया और सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया। राज्य पुलिस की अपनी ही पार्टी के शीर्ष नेता के खिलाफ इस तरह की औचक और सख्त कार्रवाई ने हर किसी को हैरान कर दिया है।
जैसे ही यह खबर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तक पहुंची, वह तुरंत सचिवालय छोड़कर खुद मौके पर पहुंच गईं। ममता बनर्जी का इस तरह सीधे घटनाक्रम वाली जगह पर पहुंचना यह दिखाता है कि पानी अब सिर से ऊपर जा चुका है। अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर इस समय भारी तनाव का माहौल है और बड़ी संख्या में टीएमसी कार्यकर्ता वहां जमा होने शुरू हो गए हैं।
आगे क्या? दिल्ली से कोलकाता तक टिकी नजरें
पश्चिम बंगाल की यह राजनीतिक जंग अब एक बेहद निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। एक तरफ भाजपा लोकसभा में अपनी ताकत बढ़ाने के लिए टीएमसी के किले में सेंध लगाने में कामयाब दिख रही है, तो दूसरी तरफ ममता बनर्जी अपने इस सबसे मुश्किल दौर में अपनी पार्टी और परिवार दोनों को बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक रही हैं।
कानूनी लड़ाई, जांच एजेंसियों का दबाव और पार्टी के भीतर अपनों का ही विद्रोह— इन तीनों मोर्चों पर ममता बनर्जी घिर चुकी हैं। अब देखना यह होगा कि लोकसभा अध्यक्ष बागी सांसदों के दावे पर क्या फैसला लेते हैं और आने वाले दिनों में बंगाल की सत्ता का ऊँट किस करवट बैठता है।

एस. जयशंकर का दो टूक: पश्चिमी दोहरेपन पर भारत का कड़ा प्रहार
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने फिनलैंड में पश्चिमी देशों के 'दोहरे रवैये' की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के खिलाफ यूरोपीय हथियारों का इस्तेमाल होने के बावजूद, भारत को रूस से ऊर्जा खरीदने पर नसीहत देना अनुचित है। जयशंकर ने जोर देकर कहा कि रूस से तेल की खरीद भारत की ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय हित में है, न कि किसी देश के खिलाफ। भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति का पालन करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
खबर का निचोड़
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने फिनलैंड में पश्चिमी देशों के 'दोहरे रवैये' की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के खिलाफ यूरोपीय हथियारों का इस्तेमाल होने के बावजूद, भारत को रूस से ऊर्जा खरीदने पर नसीहत देना अनुचित है। जयशंकर ने जोर देकर कहा कि रूस से तेल की खरीद भारत की ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय हित में है, न कि किसी देश के खिलाफ। भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति का पालन करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
जब जयशंकर ने वैश्विक मंच पर खोला 'दोहरे रवैये' का राज: भारत की स्वतंत्र विदेश नीति की हुंकार
अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में जब भी भारत की स्वतंत्र विदेश नीति और उसके फैसलों पर सवाल उठाए जाते हैं, तो विदेश मंत्री एस. जयशंकर का जवाब हमेशा सटीक, तीखा और तर्कपूर्ण होता है। हाल ही में फिनलैंड की अपनी यात्रा के दौरान, उन्होंने एक बार फिर पश्चिमी देशों को आईना दिखाते हुए भारत के स्टैंड को मजबूती से दुनिया के सामने रखा है। यह केवल एक कूटनीतिक बयान नहीं था, बल्कि भारत की उस बदलती वैश्विक छवि का प्रतिबिंब था, जो अब दबाव में नहीं, बल्कि अपने राष्ट्रीय हितों के अनुसार निर्णय लेती है।
पश्चिमी देशों का 'डबल स्टैंडर्ड'
जयशंकर ने अपने संबोधन में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा पश्चिमी देशों के 'दोहरे रवैये' का उठाया। उन्होंने उन ऐतिहासिक तथ्यों को याद दिलाया जिन्हें अक्सर वैश्विक मंचों पर नजरअंदाज कर दिया जाता है। विदेश मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिन यूरोपीय देशों द्वारा बेचे गए हथियारों का इस्तेमाल अतीत में भारत के खिलाफ हमलों के लिए किया गया, वे देश आज भारत को अपनी विदेश नीति सिखा रहे हैं।
यह एक गहरा कूटनीतिक प्रहार है। भारत ने कभी किसी यूरोपीय देश के लिए सुरक्षा खतरा पैदा नहीं किया, लेकिन भारत को बार-बार अपनी सुरक्षा आवश्यकताओं के लिए संघर्ष करना पड़ा है। जब यूरोप अपने हितों के लिए भारत पर दबाव बनाता है, तो वह यह भूल जाता है कि भारत एक संप्रभु राष्ट्र है, जिसके पास अपने पड़ोसी और सीमाओं को सुरक्षित रखने के लिए स्वतंत्र निर्णय लेने का पूर्ण अधिकार है।
रूस से तेल: ऊर्जा सुरक्षा या कूटनीतिक चाल?
रूस-यूक्रेन संघर्ष के बाद से ही वैश्विक स्तर पर रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर भारत की आलोचना की जाती रही है। अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों ने इस पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं। हालांकि, एस. जयशंकर ने इस मामले पर किसी भी प्रकार के 'बचाव' की मुद्रा में आने के बजाय इसे एक तार्किक वास्तविकता के रूप में प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि रूस से तेल खरीदने का फैसला पूरी तरह से भारत की 'ऊर्जा सुरक्षा' और 'राष्ट्रीय हित' पर आधारित है। भारत जैसी विशाल अर्थव्यवस्था के लिए, जहाँ लाखों लोग मध्यम और निम्न आय वर्ग से आते हैं, तेल की कीमतें सीधे महंगाई पर असर डालती हैं। जयशंकर ने बहुत ही रोचक तरीके से पश्चिमी देशों की नीतियों को 'ऑन-ऑफ' (On-Off) खेल बताया।
उनका तर्क है कि पश्चिमी देश अपनी सुविधा के अनुसार प्रतिबंध लगाते हैं और अपनी सुविधा के अनुसार उनमें छूट देते हैं। यदि भारत को कम कीमत पर कच्चा तेल उपलब्ध हो रहा है, तो देश के नागरिक हितों को दांव पर लगाकर किसी और की राजनीतिक लड़ाई का हिस्सा बनना भारत के लिए समझदारी नहीं है।
'भारत का नजरिया' - अब हम किसी के दबाव में नहीं
जयशंकर का यह भाषण उस 'नए भारत' को परिभाषित करता है जो अब 'वैश्विक दक्षिण' (Global South) की आवाज बन रहा है। भारत की विदेश नीति का यह नया स्वरूप 'गुटनिरपेक्षता' से आगे निकलकर 'बहुगुटवादी' (Multi-alignment) हो गया है। आज भारत अमेरिका, रूस, फ्रांस, इजराइल और अन्य देशों के साथ अपने संबंधों को एक-दूसरे के चश्मे से नहीं, बल्कि अपनी विकास यात्रा के चश्मे से देखता है।
भविष्य की दिशा और चुनौतियां
यह स्पष्ट है कि जैसे-जैसे भारत की आर्थिक ताकत बढ़ेगी, अंतरराष्ट्रीय मंच पर दबाव भी बढ़ेंगे। लेकिन एस. जयशंकर का यह कड़ा रुख संदेश देता है कि भारत अब अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के खेल में सिर्फ प्यादा नहीं, बल्कि एक बड़ा खिलाड़ी बन चुका है। फिनलैंड में दिया गया उनका यह भाषण न केवल रूस-यूक्रेन मुद्दे पर था, बल्कि यह उन सभी देशों के लिए एक स्पष्ट संकेत था जो भारत को एक 'अधीनस्थ' के रूप में देखना चाहते हैं।
भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का मूल मंत्र है: 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय'। जब तक देश की ऊर्जा सुरक्षा सुरक्षित है, जब तक नागरिकों का हित सर्वोपरि है, भारत किसी भी देश के 'ऑन-ऑफ' खेल का हिस्सा बनने के बजाय, अपने राष्ट्रीय हित के पथ पर मजबूती से आगे बढ़ता रहेगा।
यह संवाद न केवल कूटनीतिक परिपक्वता को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि भारत अब वैश्विक मुद्दों पर अपनी राय रखने में संकोच नहीं करता। चाहे वह आतंकवाद का मुद्दा हो, जलवायु परिवर्तन हो या फिर ऊर्जा सुरक्षा, भारत ने अपनी भूमिका को वैश्विक कल्याण और अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता के संतुलन पर टिकाया है।
PAWAN PANGHAL
Founder & Editor-in-Chief
B.sc , M.A ( Hindi Literature ) , PGDT