Delight News Logo
Latest सामान्य ख़बरें सरकारी नौकरी करेंट अफेयर्स परीक्षा ज्ञान
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ा तोहफा: डीए में 3% की बढ़ोतरी

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ा तोहफा: डीए में 3% की बढ़ोतरी

Delight News
📅 29 Oct2026

केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत देते हुए महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से दरें बढ़ाकर 63% हो गई हैं, जिसका लाभ 1.17 करोड़ से अधिक कर्मचारियों व पेंशनभोगियों को मिलेगा।

त्योहारों के मौसम में केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के चेहरे पर खुशी बिखेर दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) और महंगाई राहत (Dearness Relief) में 3 प्रतिशत की वृद्धि को अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। 1 जुलाई 2026 से लागू होने वाली इस बढ़ोतरी के बाद अब डीए की दर मूल वेतन का 60% से बढ़कर 63% हो गई है। सरकार के इस कदम से लगभग 48.54 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68.71 लाख पेंशनभोगियों की जेब में सीधा इजाफा होगा।
क्या है महंगाई भत्ता और इसकी गणना
महंगाई भत्ता (DA) सरकारी कर्मचारियों, सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों और पेंशनधारियों को दिया जाने वाला एक महत्वपूर्ण भत्ता है। इसका मुख्य उद्देश्य बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत के प्रभाव को कम करना है, ताकि कर्मचारियों की क्रय शक्ति बनी रहे। यह राशि मूल वेतन या मूल पेंशन के एक निश्चित प्रतिशत के रूप में जोड़ी जाती है। सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए 'औद्योगिक महंगाई भत्ता' (IDA) की समीक्षा तिमाही आधार पर होती है, जबकि केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 'चर महंगाई भत्ता' (VDA) साल में दो बार—जनवरी और जुलाई में—संशोधित किया जाता है।
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की भूमिका
महंगाई भत्ते में वृद्धि का निर्धारण उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में होने वाले बदलावों के आधार पर किया जाता है। चूंकि सीपीआई के आंकड़े हर महीने अपडेट होते हैं, इसलिए इन्हीं आंकड़ों को ध्यान में रखकर श्रम ब्यूरो द्वारा तय फॉर्मूले के अनुसार डीए की दरें तय की जाती हैं। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि देश भर में आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं के दामों में होने वाली वृद्धि से कर्मचारियों का वित्तीय बजट प्रभावित न हो।
निजी क्षेत्र और कर नियम
महंगाई भत्ते का लाभ केवल सरकारी व सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों तक ही सीमित है। निजी क्षेत्र की कंपनियों में औपचारिक रूप से डीए देने का प्रावधान अनिवार्य नहीं होता; वे इसकी जगह स्पेशल अलाउंस या अन्य कंपोनेंट्स का सहारा लेती हैं। कर प्रणाली के मामले में, आयकर अधिनियम 1961 के तहत महंगाई भत्ता पूरी तरह से कर योग्य (fully taxable) होता है। इसलिए, कर्मचारियों को इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करते समय इसे अपनी कुल आय में अलग से दर्शाना अनिवार्य होता है।
ग्रामीण भारत को मजबूती: पीएम विकसित ग्राम स्वराज योजना को मंजूरी

ग्रामीण भारत को मजबूती: पीएम विकसित ग्राम स्वराज योजना को मंजूरी

Delight News
📅 29 Oct2026

केंद्रीय कैबिनेट ने देश में जमीनी स्तर पर शासन व्यवस्था और ग्रामीण विकास को सशक्त बनाने के लिए 'प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना' (PM VGSY) को मंजूरी दे दी है। ₹7,395.55 करोड़ के बजट वाली यह प्रायोजित योजना 2026-27 से 2030-31 तक लागू रहेगी।

भारत के ग्रामीण शासन ढांचे को आधुनिक, पारदर्शी और सशक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना' (PM VGSY) को अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह एक केंद्र प्रायोजित योजना (CSS) है, जिसे वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि (16वें वित्त आयोग के कार्यकाल) के लिए लागू किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना का कुल बजट ₹7,395.55 करोड़ निर्धारित किया गया है, जिसमें केंद्र की हिस्सेदारी ₹4,869.48 करोड़ और राज्यों की हिस्सेदारी ₹2,526.07 करोड़ होगी।
योजना का व्यापक विस्तार और दायरा
यह योजना देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रभावी ढंग से लागू की जाएगी। इसका विस्तार उन गैर-भाग IX (non-Part IX) क्षेत्रों के पारंपरिक स्थानीय निकायों तक भी होगा जहाँ पंचायती राज व्यवस्था मौजूद नहीं है। योजना के माध्यम से 2.55 लाख से अधिक पंचायतों और पारंपरिक स्थानीय निकायों को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे ग्रामीण शासन में बड़ा प्रशासनिक सुधार देखने को मिलेगा।
डिजिटल नियोजन और क्षमता निर्माण
योजना के तहत eGramSwaraj पोर्टल के जरिए सालाना 2.55 लाख ग्राम पंचायत विकास योजनाएं (GPDP) तैयार करने में तकनीकी व रणनीतिक सहयोग दिया जाएगा। इसके अलावा, पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त करने के लिए हर साल लगभग 32 लाख निर्वाचित प्रतिनिधियों, पंचायत कर्मियों और अन्य हितधारकों को डिजिटल प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे स्थानीय प्रतिनिधि गांव की प्राथमिकताओं और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर प्रबंधन कर सकेंगे।
वित्तीय जवाबदेही और जनभागीदारी
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से AuditOnline के माध्यम से प्रतिवर्ष कम से कम 2.55 लाख ऑनलाइन ऑडिट योजनाओं को समर्थन दिया जाएगा। साथ ही, पंचायतों को अपने राजस्व के स्रोत बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। योजना में जनभागीदारी बढ़ाने के लिए 17 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध एआई-आधारित 'PANCHAM' प्लेटफॉर्म और ग्राम सभाओं का उपयोग किया जाएगा, जिससे प्रत्येक जागरूकता अभियान के जरिए कम से कम 1 करोड़ नागरिकों तक पहुंच बनाई जा सके।
क्रियान्वयन और प्रशासनिक संरचना
योजना के क्रियान्वयन के लिए राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपनी वार्षिक कार्य योजनाएं तैयार कर केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (Central Empowered Committee) के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। इस योजना के तहत कोई भी स्थायी पद सृजित नहीं किया जाएगा, हालांकि आवश्यकतानुसार राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर तकनीकी सहायता के लिए संविदात्मक (contractual) कर्मचारियों की सेवाएं ली जा सकेंगी। यह योजना 'विकसित भारत' के संकल्प को ग्रामीण क्षेत्रों की जरूरतों से जोड़कर एक नया आधार प्रदान करेगी।
असम के उमरांगसो में खोजी गई छिपकली की नई प्रजाति

असम के उमरांगसो में खोजी गई छिपकली की नई प्रजाति

Delight News
📅 29 Oct2026

शोधकर्ताओं ने असम के Dima Hasao जिले के उमरांगसो क्षेत्र में बेंट-टोएड (मुड़े हुए पंजों वाली) गेको की एक नई प्रजाति की खोज की है, जिसका नाम 'Cyrtodactylus dimensis' रखा गया है। इस खोज के साथ ही असम में इस जीनस की दर्ज प्रजातियों की कुल संख्या बढ़कर आठ हो गई है।

पूर्वोत्तर भारत की समृद्ध और अनछुए जैव विविधता वाले क्षेत्रों से एक बार फिर वन्यजीव अनुसंधान में बड़ी उपलब्धि सामने आई है। शोधकर्ताओं ने असम के Dima Hasao जिले के उमरांगसो क्षेत्र के पथरीले आवासों में छिपकली (गेको) की एक नई प्रजाति की खोज की है। इस नई प्रजाति का नाम 'Cyrtodactylus dimensis' रखा गया है, जो इस क्षेत्र के पारिस्थितिक महत्व को रेखांकित करता है।
जैव विविधता के हॉटस्पॉट में नई खोज
Dima Hasao जिला महत्वपूर्ण इंडो-बर्मा (या इंडो-म्यांमार) जैव विविधता हॉटस्पॉट का हिस्सा है। यह क्षेत्र अपने विविध प्रकार के पेड़-पौधों और दुर्लभ वन्यजीवों के लिए विश्वभर में जाना जाता है। यहाँ की पहाड़ियाँ, घाटियाँ और अलग-अलग ऊँचाई वाले वन क्षेत्रों ने विभिन्न अनोखी प्रजातियों के विकास के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ प्रदान की हैं।
बेंट-टोएड गेको समूह से है संबंध
यह नई खोजी गई प्रजाति 'Cyrtodactylus dimensis' प्रसिद्ध बेंट-टोएड गेको (bent-toed gecko) समूह से ताल्लुक रखती है। वैज्ञानिकों ने इसके शारीरिक लक्षणों, विशेष संरचनाओं और स्केल (शल्कों) की अनूठी व्यवस्था के आधार पर इसे एक नई प्रजाति के रूप में पहचाना है। आनुवंशिक और मॉर्फोलॉजिकल (शारीरिक बनावट) विश्लेषण से यह भी पता चला है कि यह प्रजाति इसी क्षेत्र में पहले खोजी गई 'Cyrtodactylus vanarakshaka' से निकटता रखती है, फिर भी अपने जेनेटिक मेकअप में उससे भिन्न है।
असम में बढ़ी प्रजातियों की संख्या
इस नवीनतम खोज के साथ ही असम राज्य में दर्ज किए गए Cyrtodactylus जीनस के कुल प्रजातियों की संख्या अब आठ हो गई है। शोधकर्ताओं का मानना है कि पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में अभी भी ऐसे कई जीव छिपे हुए हैं, जिनका औपचारिक दस्तावेजीकरण होना बाकी है। इस प्रकार के अध्ययन क्षेत्र की अनूठी प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण और भविष्य के वैज्ञानिक अनुसंधानों के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं।
यूएई में भारतीय पायलट का पराक्रम: मिला प्रतिष्ठित जायद II सम्मान

यूएई में भारतीय पायलट का पराक्रम: मिला प्रतिष्ठित जायद II सम्मान

Delight News
📅 29 Oct2026

फ्लाइदुबई विमान के 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छर को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने अपने प्रतिष्ठित 'फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद II' नागरिक सम्मान से नवाजा है। कॉकपिट में ओमानी सह-पायलट के हमले के बावजूद स्मित ने सूझबूझ और अदम्य साहस का परिचय देकर बड़ा हादसा टाल दिया था।

आसमान में हजारों फीट की ऊंचाई पर जब सैकड़ों जिंदगियां खतरे में थीं, तब एक भारतीय पायलट ने अपने अदम्य साहस और ठंडे दिमाग से इतिहास रच दिया। फ्लाइदुबई फ्लाइट के दौरान कॉकपिट में ओमानी सह-पायलट द्वारा किए गए अप्रत्याशित हमले के बावजूद, भारतीय पायलट स्मित मच्छर ने न केवल स्थिति पर काबू पाया, बल्कि विमान में सवार सभी 174 यात्रियों को सुरक्षित जमीन पर उतार लिया। उनकी इस असाधारण वीरता को सलाम करते हुए संयुक्त अरब अमीरात सरकार ने उन्हें देश के प्रतिष्ठित 'फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद II' नागरिक सम्मान से सम्मानित किया है।
जान जोखिम में डालकर बचाई 174 जिंदगियां
उड़ान के दौरान कॉकपिट में अचानक बने तनावपूर्ण माहौल और सह-पायलट के आक्रामक रुख के बावजूद स्मित मच्छर ने अपना आपा नहीं खोया। आपातकालीन स्थिति में उन्होंने जिस तत्परता और पेशेवर क्षमता का प्रदर्शन किया, उसी का नतीजा था कि एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन जगत में भारतीय पायलटों की पेशेवर दक्षता और असाधारण फैसले लेने की क्षमता की एक नई मिसाल कायम की है।
क्या है 'ऑर्डर ऑफ जायद II' सम्मान
यूएई का 'फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद II' देश के सबसे प्रतिष्ठित नागरिक अलंकरणों में से एक है। इसका नाम यूएई के संस्थापक राष्ट्रपति शेख जायद बिन सुल्तान अल नहयान की याद में रखा गया है। आमतौर पर यह सम्मान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट योगदान देने वाली हस्तियों, वरिष्ठ राजनयिकों और विदेशी गणमान्य व्यक्तियों को दिया जाता है। स्मित मच्छर का इस सूची में शामिल होना उनकी अद्वितीय वीरता को दर्शाता है।
इस सूची में शामिल अन्य भारतीय
यह सम्मान पाने वाले स्मित मच्छर अकेले भारतीय नहीं हैं। इससे पहले यूएई में भारत के पूर्व राजदूत नवदीप सिंह सूरी और संजय सुधीर को दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए इस पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। हालांकि, किसी पायलट को वीरता और सूझबूझ के लिए यह सम्मान मिलना अपने आप में एक अनूठी और ऐतिहासिक घटना है।
ऑर्डर ऑफ जायद से कितना अलग है यह पुरस्कार
अक्सर लोग इसे 'ऑर्डर ऑफ जायद' समझ लेते हैं, जबकि दोनों में अंतर है। 'ऑर्डर ऑफ जायद' यूएई का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो केवल राष्ट्र प्रमुखों और वैश्विक नेताओं को दिया जाता है। वर्ष 2019 में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया था। वहीं 'ऑर्डर ऑफ जायद II' विशिष्ट योगदान और असाधारण सेवाओं के लिए दिया जाने वाला एक अन्य प्रमुख श्रेणी का नागरिक पुरस्कार है। स्मित मच्छर की इस उपलब्धि ने न केवल भारतीय विमानन क्षेत्र का मान बढ़ाया है, बल्कि वैश्विक मंच पर देश का सिर गर्व से ऊंचा किया है।
यूएई में भारतीय पायलट का पराक्रम: मिला प्रतिष्ठित जायद II सम्मान

यूएई में भारतीय पायलट का पराक्रम: मिला प्रतिष्ठित जायद II सम्मान

Delight News
📅 29 Oct2026

फ्लाइदुबई विमान के 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छर को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने अपने प्रतिष्ठित 'फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद II' नागरिक सम्मान से नवाजा है। कॉकपिट में ओमानी सह-पायलट के हमले के बावजूद स्मित ने सूझबूझ और अदम्य साहस का परिचय देकर बड़ा हादसा टाल दिया था।

आसमान में हजारों फीट की ऊंचाई पर जब सैकड़ों जिंदगियां खतरे में थीं, तब एक भारतीय पायलट ने अपने अदम्य साहस और ठंडे दिमाग से इतिहास रच दिया। फ्लाइदुबई फ्लाइट के दौरान कॉकपिट में ओमानी सह-पायलट द्वारा किए गए अप्रत्याशित हमले के बावजूद, भारतीय पायलट स्मित मच्छर ने न केवल स्थिति पर काबू पाया, बल्कि विमान में सवार सभी 174 यात्रियों को सुरक्षित जमीन पर उतार लिया। उनकी इस असाधारण वीरता को सलाम करते हुए संयुक्त अरब अमीरात सरकार ने उन्हें देश के प्रतिष्ठित 'फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद II' नागरिक सम्मान से सम्मानित किया है।
जान जोखिम में डालकर बचाई 174 जिंदगियां
उड़ान के दौरान कॉकपिट में अचानक बने तनावपूर्ण माहौल और सह-पायलट के आक्रामक रुख के बावजूद स्मित मच्छर ने अपना आपा नहीं खोया। आपातकालीन स्थिति में उन्होंने जिस तत्परता और पेशेवर क्षमता का प्रदर्शन किया, उसी का नतीजा था कि एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन जगत में भारतीय पायलटों की पेशेवर दक्षता और असाधारण फैसले लेने की क्षमता की एक नई मिसाल कायम की है।
क्या है 'ऑर्डर ऑफ जायद II' सम्मान
यूएई का 'फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद II' देश के सबसे प्रतिष्ठित नागरिक अलंकरणों में से एक है। इसका नाम यूएई के संस्थापक राष्ट्रपति शेख जायद बिन सुल्तान अल नहयान की याद में रखा गया है। आमतौर पर यह सम्मान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट योगदान देने वाली हस्तियों, वरिष्ठ राजनयिकों और विदेशी गणमान्य व्यक्तियों को दिया जाता है। स्मित मच्छर का इस सूची में शामिल होना उनकी अद्वितीय वीरता को दर्शाता है।
इस सूची में शामिल अन्य भारतीय
यह सम्मान पाने वाले स्मित मच्छर अकेले भारतीय नहीं हैं। इससे पहले यूएई में भारत के पूर्व राजदूत नवदीप सिंह सूरी और संजय सुधीर को दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए इस पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। हालांकि, किसी पायलट को वीरता और सूझबूझ के लिए यह सम्मान मिलना अपने आप में एक अनूठी और ऐतिहासिक घटना है।
ऑर्डर ऑफ जायद से कितना अलग है यह पुरस्कार
अक्सर लोग इसे 'ऑर्डर ऑफ जायद' समझ लेते हैं, जबकि दोनों में अंतर है। 'ऑर्डर ऑफ जायद' यूएई का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो केवल राष्ट्र प्रमुखों और वैश्विक नेताओं को दिया जाता है। वर्ष 2019 में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया था। वहीं 'ऑर्डर ऑफ जायद II' विशिष्ट योगदान और असाधारण सेवाओं के लिए दिया जाने वाला एक अन्य प्रमुख श्रेणी का नागरिक पुरस्कार है। स्मित मच्छर की इस उपलब्धि ने न केवल भारतीय विमानन क्षेत्र का मान बढ़ाया है, बल्कि वैश्विक मंच पर देश का सिर गर्व से ऊंचा किया है।

Delight News

निष्पक्ष पत्रकारिता, सटीक विश्लेषण

Delight News एक प्रमुख डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म है जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और जनता तक बिल्कुल सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय हिंदी खबरें पहुंचाना है। हम बिना किसी पक्षपात के राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राजनीति, खेल, शिक्षा, सरकारी नौकरी और करंट अफेयर्स से जुड़ी हर छोटी-बड़ी ताजा खबरें आप तक सबसे पहले पहुंचाते हैं।
📬 हमसे संपर्क करें
delightnews.in@gmail.com Official YouTube Channel Official Instagram Profile

📍 अपनी लोकेशन Set करें



Privacy Policy & Terms

Delight News परिवार से जुड़ें

📱 और भी बेहतर अनुभव के लिए!

ताजा खबरों के सबसे तेज नोटिफिकेशन और शानदार यूज़र इंटरफेस के साथ देश-दुनिया के लाइव अपडेट्स सीधे अपने mobile पर पाने के लिए हमारा Delight News Android App डाउनलोड करें।

📥 Download Android App